एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि डिजिटल पहचान और भुगतान से लोगों का जीवन आसान हुआ है। हमने दुनिया की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) सिस्टम का निर्माण करके सरकारी सेवा वितरण को बदलने में सक्षम बनाया है। सीतारमण ने यह बात अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के कार्यक्रम में कही।सीतारमण ने वाशिंगटन डीसी में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के फायदे भी गिनाये। उन्होंने कहा कि डीपीआई के कारण लोन प्रोसेसिंग की लागत में 75 फीसदी की गिरावट आयी है। डीपीआई से कोरोना के दौरान 4.5 अरब डॉलर 16 करोड़ बैंक खाताधारकों के अकाउंट में ट्रांसफर हुए। डीपीआई ने 650 मिलियन लोगों को सहायता प्रदान की है। इससे भारत सरकार की योजनाओं और सेवाओं में 27 अरब डॉलर से ज्यादा की बचत हुई है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। हनुमान जन्मोत्सव पर आयोजित शोभायात्रा के दौरान मोटर साइकिल जुलूस पर हुए हमले के बाद भड़की हिंसा के शुक्रवार शाम को और फैल जाने के बाद शनिवार को पूरे संबलपुर में कर्फ्यू लगा दिया गया है। इसके साथ ही धारा 144 को कड़ाई से लागू कर इंटरनेट सेवा बंद कर दी गयी है। संबलपुर जिला प्रशासन के मुताबिक कर्फ्यू अगले आदेश तक लागू रहेगा। कर्फ्यू की अवधि के दौरान किसी भी व्यक्ति या लोगों के समूह को अपने घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। प्रशासन ने किसी भी चिकित्सकीय आपात स्थिति के लिए जिला मुख्यालय अस्पताल में हेल्पलाइन (7655800760) भी जारी की है। कर्फ्यू के आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी चेतावनी दी। जुलूस पर पथराव, वाहनों समेत कुछ दुकानें भी फूंकी गयी।प्राप्त जानकारी के मुताबिक संबलपुर जिला प्रशासन ने भारी पुलिस बल के बीच हनुमान जन्मोत्सव जुलूस निकालने की अनुमति दी थी। इसी जलूस के दौरान उपद्रवियों ने कई दुकानों में आग लगा दी। जुलूस मार्ग के अलावा शहर के अन्य हिस्सों में भी आगजनी की खबरें हैं।हनुमान जन्मोत्सव मनाने वाले कुल 35 जत्थों ने जुलूस में हिस्सा लिया, जो शुक्रवार शाम को ब्रक्सपाल हनुमान मंदिर से शुरू होकर संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरा। इसी दौरान नये सिरे से हिंसा हुई। गौरतलब है कि संबलपुर में हनुमान जयंती के उपलक्ष्य में बुधवार को बाइक रैली के दौरान दो समुदायों के बीच झड़प हो गयी थी। देखते ही देखते वह संघर्ष शहर के अन्य हिस्सों में फैल गया। बलवे में कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गये, तो कुछ दुकानों में आग लगा दी गयी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपना तुगलक लेन वाला बंगला खाली कर दिया है। लोकसभा सांसद के रूप में अयोग्य ठहराए जाने के बाद उन्हें बंगला खाली करने का नोटिस मिला था, जिसके बाद उन्होंने तय समय में अपना बंगला खाली कर दिया है। इस बंगले में वो पहली बार सांसद बनने के बाद से करीब दो दशक से रह रहे थे। लेकिन अब वो अपनी मां सोनिया गांधी के घर में शिफ्ट हो गये हैं। अब से राहुल गांधी भी 10 जनपथ में ही रहेंगे। अभी तक इस बंगले की पहचान सिर्फ सोनिया गांधी के घर के रूप में थी। कभी सुपर पीएमओ हुआ करता था 10 जनपथ बता दें कि यूपीए के शासनकाल में सोनिया गांधी को सुपर पीएम कहा जाता था। और उनके घर को सुपर पीएमओ। क्योंकि वो यूपीए की सलाहकार समिति की अध्यक्ष भी थी। हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उस पद को खत्म करना पड़ा था। सोनिया गांधी को बतौर सांसद वो घर मिला हुआ है और अब भी वो उसी में रहती हैं। सोनिया गांधी के घर को ही अब राहुल गांधी अपने घर के तौर पर इस्तेमाल करेंगे। शुक्रवार को दोपहर के बाद राहुल गांधी के घर का सामान ट्रकों में लदकर 12 तुगलक लेन से 10 जनपथ के पते पर पहुंचाया गया। राहुल गांधी ने कहा था कि उनसे 50 बार सरकार उनका घर छीन ले, लेकिन वो सरकार की गलत नीतियों का विरोध जारी रखेंगे। बता दें कि मानहानि मामले में सूरत की कोर्ट ने उन्हें दोषी पाया था और दो साल की सजा सुनाई थी। जिसके बाद उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द हो गई थी। इसी के बाद उन्हें अपने बंगले को खाली करने का नोटिस मिला था।
टीम एबीएन, खूंटी। कर्रा प्रखंड का समेकित आजीविका फार्म किसानों के लिए काफी लाभदायक साबित हो रहा है। नि सिर्फ खूंटी जिला, बल्कि दूसरे जिलों के किसान भी यहां आकर कृषि, बागवानी, पशुपालन, बत्तख पालन, पॉल्ट्री सहित कई जानकारियां प्राप्त करा रहे हैं। फार्म स्थित किसान पाठशाला तो किसानों के लिए सही में वरदान साबित हो रही है। उन्नत कृषि प्रणाली से अवगत कराने के लिए विभिन्न प्रखंडों और जिलों के किसानों को एक्सपोजर विजिट कराया जा रहा है। एक्सपोजर विजिट के माध्यम से यह मनरेगा पार्क अन्य राज्यों में भी प्रसिद्धि प्राप्त कर रहा है। इसी क्रम में लातेहार जिले के किसानों ने भी समेकित आजीविका कृषि प्रणाली का भ्रमण कर समेकित आजीविका के संसाधनों के विषय में जानकारियां प्राप्त की है। साथ ही महिला किसानों (आजीविका कृषक सखियों) को भी समेकित आजीविका फॉर्म का भ्रमण कराया गया। इसमें हॉर्टिकल्चर (उद्यान कृषि), फ्लोरीकल्चर (फूलों की बागवानी), मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, उन्नत एवं वैज्ञानिक कृषि और सिंचाई गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही हॉर्टिकल्चर के तहत फलदार वृक्ष (पॉमीलॉजी), विभिन्न तरह की सब्जियों (ओलोरीकल्चर) से सम्बंधित कार्यों का अवलोकन कर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। यहां स्ट्रॉबेरी और ड्रैगन फ्रूट की खेती की जा रही है। साथ ही गौ पालन के लिए शेड तैयार किया जा रहा है। किसानों के लिए कृषि संबंधी कार्य को सरल और सुगम बनाने के लिए उन्हें उचित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एक्सपोजर विजिट के दौरान किसानों ने मत्स्य पालन, मुगीर्पालन, बकरीपालन, कड़कनाथ मुर्गे, बतख पालन के लिए शेड निर्माण एवं अन्य निमार्णाधीन कार्यों का अवलोकन लिया। मधुमक्खी पालन के सम्बंध में भी लातेहार जिले के किसानों ने जानकारियां प्राप्त की। सोलर लिफ्ट सिंचाई इकाइयों के माध्यम से समेकित पार्क के सभी कोनों तक सिंचाई की सुविधा सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा नए किस्म के अनाज और औषधीय पौधों की खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। समेकित आजीविका फॉर्म के माध्यम से डेयरी से संबंधित उत्पादों को बढ़ावा देने की पहल भी की जा रही है। सखी मंडलों के माध्यम से निर्मित-उत्पादित सामग्रियों की सोर्टिंग एवं ग्रेडिंग, मूल्यवर्धन, पैकेजिंग, विपणन आदि के लिए एक विशेष प्रोसेसिंग प्लांट अधिष्ठापन करने की भी योजना जिला प्रशासन ने बनाई है। साथ ही पलाश प्रसंस्करण केंद्र का अधिष्ठापन कर उत्पादित सामानों के मूल्य वर्धन की योजना भी बनाई जा रही है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि देशवासियों के सपने और आकांक्षाएं पूरी करने में सरकार के अन्य अंगों के साथ न्यायपालिका की भी भूमिका महत्वपूर्ण है और सरकार इस दिशा में न्यायपालिका के साथ मिलकर काम कर रही है। उन्होंने न्याय व्यवस्था में डिजिटल टेक्नोलॉजी के समावेशी पर विशेष बल दिया। श्री मोदी ने यहां गुवाहाटी उच्च न्यायालय के प्लेटिनम जुबली समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज 21वीं सदी में हर भारतवासी के सपने और आकांक्षाएं असीम हैं। इनकी पूर्ति में लोकतंत्र के स्तंभ के तौर पर हमारी सशक्त और संवेदनशील न्यायपालिका की भूमिका भी उतनी ही अहम है। उन्होंने कहा कि जनाकांक्षाओं को पूरा करना विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका तीनों ही अंगों का दायित्व है कि हम इस काम को कैसे कर रहे हैं? इसका एक उदाहरण पुराने कामों को खत्म करना है। हमने अंग्रेजी शासन के समय से चले आ रहे, तमाम अप्रासंगिक कानूनों की पहचान की है और करीब दो हजार ऐसे कानून खत्म किए जा चुके हैं। हमने कारोबारियों की सुविधा के लिए कालवाह्य हो चुके 40 हजार कम्प्लायन्स (औपचारिकताएं) खत्म किये हैं, व्यवसाय से संबंधित नियमों की चूक को संज्ञेय अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया है, ताकि जीवन और कारोबार करना आसान हो सके। श्री मोदी ने कहा कि सरकार और न्यायपालिका सहित व्यवस्था के सभी अंगों का दायित्व है कि जनता की जिदंगी आसान हो। इस काम में तकनीक का बड़ा महत्व है। उन्होंने इस संदर्भ में आधार, डिजिटल इंडिया मिशन, लाभ के प्रत्यक्ष हस्तांतरण जैसी पहल का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने पीएम स्वामित्व योजना का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया के विकसित देश भी अचल संपत्ति के अधिकार की समस्या से जूझ रहे हैं। संपत्ति के स्पष्ट अधिकार के बिना व्यक्ति का विकास प्रभावित होता है। मुकदमेबाजी बढ़ती है। पीएम स्वामित्व के तहत अब तक देश में एक लाख से अधिक ड्रोन मैपिंग पूरी की जा चुकी है और लोगों को संपत्ति कार्ड वितरित किए जा रहे हैं। इससे विवाद कम होंगे और न्यायपालिका पर लंबित मुकदमें का बोझ भी कम होगा। प्रधानमंत्री ने न्यायपालिका में प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के प्रयोग को बढ़ाने की जरूरत पर बल देते हुए, इस दिशा में उच्चतम न्यायालय की विशेष समिति के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ई-कोर्ट (आनलाइन न्यायालय) मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों तक न्यायिक सेवाएं पहुंचाने में डिजिटल टेक्नोलॉजी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। श्री मोदी ने न्यायपालिका से न्याय में जनता की सहूलियत के लिए एआई को शामिल करने पर ध्यान देने का भी आग्रह किया और कहा कि कई देशों में इसकी शुरूआत हो चुकी है। श्री मोदी कानून को सरल भाषा में लिखे जाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे व्यवस्था के प्रति आम लोगों का विश्वास मजबूत होता है। उन्होंने बताया कि सरकार ने अब नए कानूनों के मसौदे का एक सहज संस्करण भी लाने की शुरुआत की है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा शुरू किये गये बहुभाषी प्लेटफॉर्म भाषिनी का उपयोग किए जाने का भी आवाह्न किया। प्रधानमंत्री ने परंपरागत स्थानीय न्याय प्रणालियों की समृद्ध परंपराओं का विधि पाठ्यक्रमों में समावेश करने का भी सुझाव दिया और गुवाहाटी विश्वविद्यालय के विधि-विभाग द्वारा असम में स्थानीय न्याय व्यवस्था की परंपरा पर छह पुस्तकों के हाल में प्रकाशन की सराहना की। श्री मोदी ने जेलों में बंद ऐसे कैदियों की समस्या को एकबार फिर न्यायपालिका के सामने उठाते हुए कहा कि बहुत से कैदी जमानत या जुमार्ने का पैसा न होने के कारण जेल से बाहर नहीं आ पाते और कई बार इसकी व्यवस्था हो भी जाती है तो उन्हें उनके घर से लेने वाले नहीं आते हैं। इनमें से अधिकतर कैदी गरीब पृष्ठभूमि के होते हैं और उनके अपराध भी छोटे होते हैं। ऐसे कैदियों के प्रति सरकार और न्यायपालिका दोनों को संवेदनशील होना चाहिए। सरकार ने इस बार के बजट में ऐसे बंदियों की मदद के लिए अलग से बजट का धन प्रावधान किया है या केंद्र इस बजट से राज्यों को पैसा देगा ताकि वह ऐसे कैदियों की मदद कर सकें। श्री मोदी ने धर्मो रक्षति, रक्षित: मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि देश हित को सर्वोपरि रखकर काम करना, हमारा धर्म है, हम इस धर्म की रक्षा करें, इसी में हमारी रक्षा है।
मौसम विभाग का पूर्वानूमानएबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने गुरुवार को पूर्वानुमान लगाया है कि अगले तीन से चार दिनों में चार राज्यों- पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और बिहार में हीटवेव चलेंगी। बताया जा रहा है कि 17 अप्रैल तक गंगीय पश्चिम बंगाल, उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में 15 अप्रैल तक और बिहार में 15 से 17 अप्रैल तक लू चलने की संभावना है। आईएमडी के अनुसार, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के कई भागों और पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और केरल में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री अधिक रहने वाला है।हीटवेव की आशंका तब होती है, जब किसी जगह का अधिकतम तापमान मैदानी क्षेत्रों में कम से कम 40 डिग्री सेल्सियस, वहीं तटीय क्षेत्रों में कम से कम 37 डिग्री और पहाड़ी क्षेत्रों में कम से कम 30 डिग्री तक पहुंच जाता है तो इस मामले में हीटवेव जारी किया जाता है।आईएमडी के वैज्ञानिक नरेश कुमार के अनुसार अब तापमान सामान्य के करीब है। मगर चूंकि शुष्क स्थिति रहने की उम्मीद है, ऐसे में गर्मी बढ़ेगी और एक सप्ताह के बाद उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत के अलग-अलग भागों में लू चल सकती है।
कई दिनों की मशक्कत के बाद मिली बड़ी कामयाबी एबीएन सेंट्रल डेस्क। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस कार्रवाई के लिए पुलिस विभाग की तारीफ की है। विशेष अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि क्राइम के खिलाफ उत्तर प्रदेश में जीरो टॉलरेंस है। माफिया डॉन अतीक अहमद के बेटे असद अहमद के एनकाउंटर में उत्तर प्रदेश पुलिस के 12 जाबांज जवान शामिल थे। गुरुवार (13 अप्रैल, 2023) को यूपी पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने असद और उसके एक सहयोगी गुलाम को झांसी में एनकाउंटर में ढेर कर दिया। उमेश पाल हत्याकांड के बाद से ये दोनों फरार थे और पुलिस इनकी तलाश में जुटी थी। एनकाउंटर में ये 12 पुलिसकर्मी शामिल थे- पुलिस उपाधीक्षक नवेंदु कुमार पुलिस उपाधीक्षक विमल कुमार सिंह निरीक्षक अनिल कुमार सिंह निरीक्षक ज्ञानेंद्र कुमार राय उ.नि. विनय तिवारी मु.आ. सोनू यादव मु.आ. पंकज तिवारी मु.आ. सुशील कुमार मु.आ. सुनील कुमार मु.आ. भूपेंद्र सिंह कमांडो अरविंद कुमार कमांडो दिलीप कुमार यादव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस कार्रवाई के लिए पुलिस विभाग की तारीफ की है। वहीं, विशेष अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि क्राइम के खिलाफ उत्तर प्रदेश में जीरो टॉलरेंस है। श्री कुमार ने बताया कि मुठभेड़ में शामिल उत्तर प्रदेश एसटीएफ की टीम का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक नवेंदु और विमल ने किया। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में मारे गये आरोपियों के पास से अत्याधुनिक विदेशी हथियार बरामद किए गए हैं।यह मुठभेड़ उसी दिन हुई, जिस दिन गुजरात की साबरमती जेल से सड़क मार्ग से प्रयागराज ले जाये गये अतीक और उसके भाई अशरफ को उमेश पाल हत्याकांड के सिलसिले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में पेश किया गया। एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, उमेश पाल की हत्या के बाद असद और गुलाम फरार थे। दोनों को पकड़ने के लिए एसटीएफ की कई टीमों को लगाया गया था। अधिकारियों के अनुसार, झांसी में गुरुवार को एसटीएफ की एक टीम ने जब मोटरसाइकिल से भागने की कोशिश कर रहे असद और गुलाम को रोका, तो दोनों ने एसटीएफ टीम पर गोलियां चलायी। उन्होंने बताया कि एसटीएफ की जवाबी कार्रवाई में असद और गुलाम मारे गये। घटना की तस्वीरों और वीडियो में कथित मुठभेड़ वाले स्थान पर जमीन पर दो शव और उनके पास एक मोटरसाइकिल नजर आ रही है। बाद में एक एंबुलेंस से दोनों शवों को अस्पताल ले जाया गया। टॉप स्कूल से पढ़ाई करने वाले अहमद असद की कैसे हुई थी जुर्म की दुनिया में एंट्री 2005 में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक राजू पाल की हत्या के मामले के मुख्य गवाह उमेश पाल और उसके दो सुरक्षा गार्ड की इस साल 24 फरवरी को प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। उमेश पाल की पत्नी जया पाल की तहरीर पर 25 फरवरी को अतीक, उसके भाई अशरफ, पत्नी शाइस्ता परवीन, असद सहित दो बेटों, शूटर गुड्डू मुस्लिम व गुलाम तथा नौ अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
एनकाउंटर करने वाली एसटीएफ टीम में कुल 12 सदस्य थे शामिल एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर प्रदेश में माफिया अतीक अहमद के बेटे असद अहमद और गुलाम का एनकाउंटर करने वाली एसटीएफ की टीम में कुल 12 सदस्य शामिल थे। जिनमें दो डिप्टी एसपी, दो कमांडो, दो इंस्पेक्टर, एक एसआई और पांच हेड कॉन्स्टेबल शामिल थे। बता दें कि, अतीक अहमद के बड़े बेटे असद के और उसके साथ शूटर गुलाम पुत्र मकसूदन भी ढेर कर दिया है। दोनों प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड में वांछित थे और प्रत्येक पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम था। एनकाउंटर की खबर सुनते ही माफिया फूट-फूटकर रोने लगा। झांसी के डीएसपी नवेंदु और डीएसपी विमल के नेतृत्व में यूपी एसटीएफ टीम ने मुठभेड़ में आरोपी को मार गिराया गया है। आरोपियों के पास से विदेशी निर्मित अत्याधुनिक हथियार बरामद किया गया है। वहीं असद की मरने की खबर सुनते ही कोर्ट में आदित्यनाथ योगी के जिंदाबाद के नारे लोग लगाने लगे। इस एनकाउंटर के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुशी जताई है। उन्होंने एककाउंटर करने वाले अधिकारियों की तारीफ की है।इन दोनों बदमाशों की मौत के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था को लेकर लखनऊ में बड़ी बैठक की। यूपी सीएमओ की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि सीएम योगी ने यूपी एसटीएफ के साथ ही डीजीपी, स्पेशल डीजी लॉ एंड आर्डर और पूरी टीम की तारीफ की। प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद ने मुठभेड़ की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। इस पूरे मामले पर सीएम के सामने रिपोर्ट रखी गई। वहीं, यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रळऋ टीम को बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा है कि, हत्यारों को सजा मिलना तय था। आरोपियों का यही हाल होना था। उन्होंने कहा कि अपराध करने वालों को डरना चाहिए। यूपी में आरोपी बच नहीं सकते।
एबीएन नॉलेज डेस्क। देश की सबसे पुरानी कोलकाता मेट्रो ने बुधवार को उस समय इतिहास रच दिया जब उसके द्वारा संचालित एक ट्रेन ने देश में पहली बार एक नदी में बनी सुरंग में दौड़ लगायी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यहां यह जानकारी दी। मेट्रो की इस ट्रेन में केवल अधिकारी और इंजीनियर सवार थे। यह हुगली के नीचे से होती हुई कोलकाता से हावड़ा पहुंची। अधिकारी ने कहा कि कोलकाता और इसके उपनगरों के लोगों को आधुनिक परिवहन सुविधा मुहैया कराने की दिशा में यह एक क्रांतिकारी कदम है। मेट्रो रेलवे के महाप्रबंधक पी उदय कुमार रेड्डी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने कोलकाता के महाकरण स्टेशन से हावड़ा मैदान स्टेशन तक ट्रेन में यात्रा की। बाद में इसी मार्ग से एक और ट्रेन भी हावड़ा मैदान स्टेशन पहुंची। मेट्रो के महाप्रबंधक ने इसे ऐतिहासिक घटना करार देते हुए कहा कि अगले सात महीनों के लिए हावड़ा मैदान और एस्प्लेनेड स्टेशन के बीच परीक्षण किया जायेगा, जिसके बाद इस खंड पर नियमित सेवाएं शुरू हो जायेंगी। अधिकारी ने कहा कि भूमिगत खंड के 4.8 किलोमीटर हिस्से पर परीक्षण जल्द ही शुरू होगा। इस खंड के चालू हो जाने के बाद, हावड़ा मैदान देश का सबसे गहरा मेट्रो स्टेशन बन जायेगा। इसकी गहराई सतह से 33 मीटर नीचे होगी। उन्होंने कहा कि मेट्रो से हुगली नदी के नीचे 520 मीटर के हिस्से को 45 सेकंड में पार किए जाने की उम्मीद है। अधिकारी ने कहा कि नदी के अंदर स्थित सुरंग पानी की सतह के स्तर से 32 मीटर नीचे है।
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