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सबसे ज्यादा होंगे हिंदुस्तानी...
Published / 2023-04-20 23:07:47
सबसे ज्यादा होंगे हिंदुस्तानी...

यूएन रिपोर्ट के मुताबिक जून अंत तक चीन से ज्यादा होगी भारत की आबादीएबीएन सेंट्रल डेस्क। अनुमान है कि भारत जून अंत तक दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश चीन को पार कर देगा। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) की विश्व जनसंख्या स्थिति 2023 रिपोर्ट बुधवार को लॉन्च की गयी। इसमें भारत की जनसंख्या 142.86 करोड़ (1.428 बिलियन) होने का अनुमान लगाया गया है, जबकि चीन की 142.57 करोड़ (1.425 बिलियन)। ये अनुमान फरवरी तक संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के पास उपलब्ध विभिन्न डेटा स्रोतों पर आधारित हैं। गौरतलब हो कि वर्ष 2021 में भारत की जो जनगणना होनी थी वह कोविड महामारी के चलते रुक गयी। अपेक्षित भारतीय जनगणना में कोविड 19 के बाद भी देरी हो रही है।यूएनएफपीए की नवीनतम रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि जून के अंत तक वैश्विक जनसंख्या 8.045 अरब तक पहुंच जाएगी, जिसमें भारत और चीन में ही पूरी दुनिया की लगभग एक तिहाई आबादी निवास करेगी। रिपोर्ट के मुताबिक जून अंत तक भारत के अनुमानित 1.428 बिलियन लोगों में से 26 प्रतिशत 10 से 24 आयु वर्ग के होंगे, चीन के लिए यह अनुपात 18 प्रतिशत होगा। इसी तरह भारत में 65 वर्ष से अधिक की आबादी 7 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, चीन के लिए यह अनुमान दोगुना यानी 14 प्रतिशत है। गौर हो कि चीन दशकों से एक बच्चे की नीति का पालन करता रहा है।अब वह अतिरिक्त बच्चे के जन्म के लिए लोगों को प्रोत्साहित कर रहा है। इस बीच, नयी दिल्ली में, सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि जनसंख्या के मुद्दे पर बुधवार को आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा नहीं हुई।हमारे पास अधिक कार्यकुशल मानव संसाधन : चीनबीजिंग। चीन ने इस रिपोर्ट को तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि उसके पास अब भी 90 करोड़ से अधिक लोगों का गुणवत्ता वाला मानव संसाधन है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि मैं आपको बताना चाहता हूं कि जनसंख्या लाभांश संख्या पर नहीं, गुणवत्ता पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन के लिए जनसंख्या महत्वपूर्ण है और प्रतिभा भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या महत्वपूर्ण है लेकिन समान रूप से प्रतिभा भी महत्वपूर्ण है। हमारी जनसंख्या में हमारी लाभांश वाली प्रतिभा है। इसीलिए हमारी विकास की गति मजबूत है और प्रतिभाएं फलफूल रही हैं।पंजाब-केरल में बुजुर्ग, यूपी बिहार में युवा अधिकरिपोर्ट में विशेषज्ञों के हवाले से बताया गया, भारत की जनसांख्यिकी एक राज्य से दूसरे राज्य में भिन्न है। केरल और पंजाब में बुजुर्ग आबादी अधिक है, जबकि बिहार और उत्तर प्रदेश में युवा आबादी अधिक है।यूएनएफपीए की भारत की प्रतिनिधि और भूटान की कंट्री डायरेक्ट एंड्रिया वोज्नार ने कहा कि भारत के 1.4 अरब लोगों को 1.4 अरब अवसरों के रूप में देखा जाना चाहिए।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कोरोना संक्रमित
Published / 2023-04-20 19:50:12
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कोरोना संक्रमित

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की कोविड जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने से उनके कोरोना से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। रक्षा मंत्री को गुरुवार को यहां वायु सेना के कमांडरों के एक सम्मेलन में भाग लेना था, लेकिन कोविड की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अब वह इस कार्यक्रम में नहीं जा सके। रक्षा मंत्री को फिलहाल हल्के लक्षण हैं और वह घर पर क्वारंटीन हैं। चिकित्सकों की टीम ने उनकी जांच की है और उन्हें आराम करने की सलाह दी गयी है। श्री सिंह ने बुधवार को सेना के कमांडरों के सम्मेलन को संबोधित किया था।

अक्षय तृतीया और ईद के मद्देनजर कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन तथा देशभर के गैरसरकारी संगठनों की भारत सरकार से अपील
Published / 2023-04-20 15:04:12
अक्षय तृतीया और ईद के मद्देनजर कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन तथा देशभर के गैरसरकारी संगठनों की भारत सरकार से अपील

बाल विवाह के खिलाफ बने मजबूत कानून और 18 साल तक के बच्चों को मिले मुफ्त शिक्षाएबीएन सोशल डेस्क। इस वर्ष आगामी 22 अप्रैल को अक्षय तृतीया एवं ईद के अवसर को ध्यान में रखते हुए कैलाश सत्यार्त्थी चिल्ड्रेन फाउंडेशन (केएससीएफ) द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत पर राष्ट्रीय परिचर्चा एवं विमर्श का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देशभर से जुटे गैरसरकारी संगठनों ने सरकार से एक सुर में बाल विवाह के खिलाफ मजबूत कानून बनाने और मौजूदा कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की अपील की। साथ ही सरकार से बाल विवाह निषेध कोष बनाने और 18 साल तक के बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा का प्रावधान करने की भी मांग की गई। यह राष्ट्रीय परिचर्चा इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि भारत में बालविवाह का आयोजन ज्यादातर अक्षय तृतीया तथा ईद के अवसरों पर ही होता है।कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन बाल विवाह उन्मूलन को लेकर अभियान चला रहा है। फाउंडेशन ने पिछले साल 16 अक्टूबर को बाल विवाह के खिलाफ दुनिया के सबसे बड़े जमानी आंदोलन की शुरुआत की है। यह परिचर्चा इसी अभियान का एक कदम है। कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउडेशन के बैनरतले जुटे गैरसरकारी संगठन इस बात पर सहमत हैं कि देश में भले ही बाल विवाह कराने वाले लोगों को दंडित करने के लिए विशेष कानून अर्थात बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 (प्रोहिबिजन ऑफ चाइल्ड मैरिज एक्ट, 2006, [पीसीएमए]) है, फिर भी बाल विवाह को समूल नष्ट करने के लिए वर्तमान क़ानून को संशोधित कर मजबूत बनाने की जरूरत है।साथ ही मौजूदा कानून का कड़ाई से पालन सुनिश्चत करने की जरूरत है। वर्ष 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत बनाने के लिए गैरसरकारी संस्थाओं ने कई प्रकार के उपायों पर बात की। कानून के संबंध में कई अनुशंसाओं पर बात की गयी, जिनमें वर्तमान कानूनों का कड़ाई से क्रियान्वयन, कड़े दंड के साथ कानून में संशोधन, आवश्यक रिपोर्टिंग और अधिकारियों के उत्तरदायित्व सम्मिलित हैं।यह इस परिचर्चा में निर्णय लिया गया कि सरकार एवं राजनीतिक दलों से यह अपील की जाये कि वह मुफ्त शिक्षा की आयु सीमा को 18 वर्ष तक कर दें। इससे बाल विवाह रोकने में बहुत मदद होगी। सुझाव में यह भी निकलकर आया कि बाल विवाह को रोकने वाले संस्थानों को मजबूत किया जाये एवं अधिकारियों के ज्ञान एवं क्षमता निर्माण पर कार्य किया जाये। साथ ही बालविवाह के विषय पर धार्मिक नेताओं को अभियान से जोड़ने पर सहमति बनी। वह अपने समुदाय के लोगों को यह समझा सकेंगे कि वे बच्चों का कम उम्र में विवाह न करें।साथ ही सरकार से एक विशेष बाल विवाह निषेध कोष बनाने की भी मांग की गयी। सरकारी स्कूलों में पढ़ रही बच्चियों को प्रतिमाह 500 रुपये की छात्रवृत्ति दी जा सकती है, जिससे वह अपनी शिक्षा जारी रख सकें। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली उन लड़कियों के लिए प्रधानमंत्री शगुन कोष का भी गठन किया जा सकता है, जिनका विवाह कानूनी उम्र में होने पर उन्हें सरकार द्वारा 11,000 रुपये का उपहार दिया सकता है। बाल विवाह के विषय को बच्चों की उम्र के अनुसार पाठ्यक्रम में शामिल किया जाये, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चे इसके दुष्प्रभावों एवं इसके कानूनी प्रावधानों के बारे में परिचित हो सकें। जो लड़कियां 18 वर्ष से कम उम्र की हैं, उन्हें इस विषय में अवगत कराया जाना चाहिए कि कैसे वह विवाह में यौन उत्पीडन को लेकर शिकायत कर सकती हैं। कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बाल विवाह निषेध अधिकारियों (सीएमपीओ) के माध्यम से संस्थानों मसलन आंगनवाड़ी, बाल कल्याण समितियां, पंचायती राज संस्थान, स्कूल आदि को मजबूत किया जाना चाहिए। उन लड़कियों के लिए आवासीय एवं आर्थिकी व्यवस्था होनी चाहिए, जो अभिभावकों या समाज के दबाव के चलते विवाह नहीं करना चाहती हैं और पढ़ाई या नौकरी करना चाहती हैं। साथ ही बाल विवाह रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों को समय-समय पर कानूनों की जानकारी और उसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।  बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई के विषय में अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर रियर एडमिरल राहुल कुमार श्रावत, एवीएसएम (सेवानिवृत्त) ने कहा कि कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन पूरे देश में अन्य गैरसरकारी संस्थानों एवं कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर इस सामाजिक बुराई को रोकने के लिए जागरूकता अभियान के साथ-साथ हरसंभव कदम उठा रहा है। बाल विवाह मानव स्वतंत्रता, सम्मान, सामाजिक नैतिकता, समानता एवं समावेशीकरण पर एक बहुत बड़ा हमला है। हम सरकार एवं अन्य राजनीतिक दलों से अनुरोध करते हैं कि वह अनिवार्य निशुल्क शिक्षा के लिए उम्र सीमा को 18 वर्ष करके बच्चों और विशेषकर लड़कियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करें। हम यह मानते हैं कि बाल विवाह एक बड़ी सामाजिक बुराई तथा कानूनी अपराध है। हमारा लक्ष्य है कि हम वर्ष 2025 तक बाल विवाह की बुराई को 23% से घटाकर 10% तक कर दें तथा वर्ष 2030 तक इसे पूर्णतया समाप्त कर दें। अर्थात भारत को बाल विवाह मुक्त देश बना दें!बीते वर्ष 16 अक्टूबर 2022 को कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन ने बाल विवाह के विरुद्ध जमीनी स्तर पर युद्ध का शंखनाद करते हुए विश्व का सबसे बड़ा अभियान आरम्भ किया था। यह अभियान नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित बाल अधिकार कार्यकर्ता श्री कैलाश सत्यार्थी द्वारा देश से बाल विवाह को जड़ से मिटाने की भावुक अपील के परिणामस्वरुप आरम्भ किया गया था। बालविवाह मुक्त भारत अभियान की विशेष बात यह है कि इस अभियान का नेतृत्व देश के 26 राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हुए 7588 गांवों में 76,377 जमीन पर काम करने वाली महिलाओं ने दीया जला कर किया था। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए जितेन्द्र परमार (8595950825) संपर्क किया जा सकता है।

समस्याओं से समाधान की यात्रा ही बुद्ध की यात्रा : मोदी
Published / 2023-04-20 12:57:16
समस्याओं से समाधान की यात्रा ही बुद्ध की यात्रा : मोदी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को प्रथम वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन में दुनिया के सामने खड़ी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उसके समाधान के लिए बौद्ध दर्शन को प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि विश्व को सुखी बनाने के लिए "स्व" से ऊपर उठकर काम करना होगा।समस्याओं से समाधान की यात्रा ही बुद्ध की यात्रा है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को राजधानी स्थित अशोक होटल में वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में शामिल हुए। इस दौरान दुनियाभर से आए बौद्ध धर्मावलंबियों का स्वागत करते हुए कहा कि हमने भगवान बुद्ध के मूल्यों का निरंतर प्रसार किया है। भारत विश्व के हर मानव के दुख को अपना दुख समझता है।सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बुद्ध व्यक्ति से आगे बढ़कर एक बोध हैं। बुद्ध स्वरूप से आगे बढ़कर एक सोच हैं। बुद्ध चित्रण से आगे बढ़कर एक चेतना हैं। उन्होंने कहा कि बुद्ध की चेतना चिरंतर और निरंतर है।अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) 20-21 अप्रैल को दिल्ली में प्रथम वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। इस सम्मेलन का उद्देश्य वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में मानवता के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों पर विचार करना और इसी परिप्रेक्ष्य में उसका समाधान है।शिखर सम्मेलन का विषय रिस्पांस टू कांटेंपरी चैलेंजेस फ्राम फिलॉसफी टू प्रैक्सिस है। इसमें दुनियाभर के प्रख्यात विद्वान, संघ नेता और धर्म के अनुयायी वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे और बुद्ध धर्म के दृष्टिकोण से सार्वभौमिक मूल्यों को बढ़ावा देने का प्रयास करेंगे।इसमें बुद्ध धर्म और शांति, पर्यावरणीय संकट, स्वास्थ्य और स्थिरता, नालंदा बौद्ध परंपरा का संरक्षण तथा बुद्ध धर्म तीर्थयात्रा, जीवित विरासत और बुद्ध अवशेष जैसे विषयों पर विचार किया जायेगा।सम्मेलन में लगभग 30 देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। करीब 173 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं, जिनमें 84 संघ सदस्य हैं।

अब सीएम योगी के परिवार को जान का खतरा
Published / 2023-04-20 12:54:43
अब सीएम योगी के परिवार को जान का खतरा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के परिवार की सुरक्षा को लेकर उत्तराखंड पुलिस सतर्कएबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री व मंत्रिमंडल सदस्यों की सुरक्षा बढ़ाने के बाद उत्तराखंड के जनपद पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर प्रखंड स्थित मुख्यमंत्री के पैतृक गांव पंचूर में रह रहे स्वजनों की सुरक्षा को लेकर भी प्रदेश पुलिस प्रशासन सतर्क है। पूर्व में राजस्व क्षेत्र में शामिल रहे इस गांव और प्रखंड को अब रेगुलर पुलिस के अधिकार क्षेत्र में शामिल कर लिया गया है। यमकेश्वर को थाना बना दिया गया था। यहां पहले से तैनात गारद को सतर्क रहने को कहा गया है।प्रयागराज में बीते दिनों माफिया अतीक अहमद और उसके भाई की पुलिस सुरक्षा के बीच गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। उत्तर प्रदेश में इस घटना के बाद सरकार की ओर से सुरक्षा संबंधी सभी कदम उठाये गये।उत्तर प्रदेश में उपजे हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के परिवार को लेकर उत्तराखंड पुलिस गंभीर है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी गढ़वाल श्वेता चौबे ने बताया कि प्रयागराज की घटना के बाद प्रदेश स्तर पर पुलिस प्रशासन सभी जगह सतर्क है।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का पैतृक गांव और उनका परिवार पहले से ही पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था के अंतर्गत है। संबंधित गांव अब थाना क्षेत्र में शामिल हो गया है। वहां के थानाध्यक्ष को मुख्यमंत्री के आवास और परिवार की सुरक्षा को लेकर नियमित रूप से सक्रिय रहने को कहा गया है। उन्होंने इसे रूटीन की प्रक्रिया बताया।

देश में कोरोना : 24 घण्टे में मिले 12591 नये संक्रमित
Published / 2023-04-20 11:08:58
देश में कोरोना : 24 घण्टे में मिले 12591 नये संक्रमित

एक दिन में बढ़ा 20 फीसदी संक्रमणएबीएन सेंट्रल डेस्क। कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा है। लगातार मामले में इजाफा हो रहा है। इसके अलावा मौत के मामले भी बढ़ रहे हैं। इस बीच देश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस के 12591 नये मामले दर्ज किये गये हैं, जोकि इस साल के सबसे अधिक केस हैं। वहीं, 29 मरीजों की मौत हुई है। हैरान करने वाली बात ये है कि बीते दिन के मुकाबले संक्रमण 20 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गया है।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस समय डेली पॉजिटिविटी रेट 5.46 फीसदी है, जबकि साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट 5.32 फीसदी है। देश में इस समय सक्रिय मामले 65,286 है और सक्रिय दर 0.15 फीसदी है। वहीं, ठीक होने की दर मौजूदा समय में 98.67 फीसदी है और पिछले 24 घंटों में 10,827 लोग ठीक हुए हैं। कुल ठीक होने वालों की संख्या बढ़कर 4,42,61,476 हो गयी है। कोरोना के केस बढ़ने के साथ टेस्टिंग की गति भी बढ़ गयी है। पिछले 24 घंटों में 2,30,419 लोगों ने टेस्ट करवाया है। अब तक कुल 92.48 करोड़ कोरोना सैंपल टेस्ट किये गये हैं। इसके अलावा वैक्सीनेशन अभियान के तहत पिछले 24 घंटों में सिर्फ 574 लोगों को वैक्सीन लगायी गयी है। अबतक वैक्सीन की कुल 220.66 करोड़ डोज लगायी जा चुकी हैं।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी कोरोना से हालात खराब होते जा रहे हैं। लोगों में दहशत बढ़ने लग गयी है क्योंकि मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। बीते दिन दिल्ली में कोविड से 6 लोगों की जान चली गयी है, जबिक 1,767 नए मामले दर्ज किये गये हैं। मंगलवार की तुलना में केस 15 फीसदी ज्यादा रिपोर्ट किये गये। फिलहास पॉजिटिविटी रेट 28.63 फीसदी है। महामारी के प्रकोप के बाद पहली बार 16 जनवरी को दिल्ली में कोरोना के मामलों की संख्या जीरो हो गयी थी।

अब पूरे भारत में एपल के मिलने जा रास्ता साफ
Published / 2023-04-19 23:30:39
अब पूरे भारत में एपल के मिलने जा रास्ता साफ

पीएम मोदी से मिले टिम कुक, बोले- सिर्फ दिल्ली-मुंबई नहीं, पूरे इंडिया में मिलेगा एपलएबीएन सेंट्रल डेस्क। एपल के सीईओ टिम कुक कल यानी 20 अप्रैल को साकेत में एपल के दूसरे स्टोर की ग्रैंड ओपनिंग के लिए दिल्ली में हैं। बता दें कि टिम कुक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आज यानी 19 अप्रैल को मुलाकात की है। मुलाकात के बाद टिम कुक ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है और पीएम मोदी के साथ तस्वीर को शेयर किया। टिम कुक ने ट्वीट करते हुए लिखा कि हम भारत में निवेश और ग्रोथ करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। टिम कुक के ट्वीट पर ही जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आपसे मिलकर बेहद खुशी हुई। कई विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान करके अच्छा लगा। इसके साथ ही भारत में टेक्नोलॉजी से हो रहे परिवर्तनों को हाइलाइट किया। स्वागत के लिए कुक ने पीएम मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि हम आपके विजन को शेयर करते हैं। मुंबई में एपल के पहले रिटेल स्टोर को लॉन्च करने के बाद अब कुक दिल्ली में खुलने वाले रिटेल स्टोर की ग्रैंड ओपनिंग के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं। टिम कुक कल दिल्ली में खुलने वाले एपल स्टोर के गेट को लोगों के लिए खोलेंगे। बता दें कि टिम कुक दिल्ली पहुंचने के बाद अलग-अलग जगहों को एक्स्प्लोर करते नजर आ रहे हैं।एपल के सीईओ ने लोधी आर्ट डिस्ट्रिक्ट पहुंचे और वहां की क्रिएटिव वॉल को देखकर टिम कुक काफी इंप्रेस हुए हैं। जिसके बाद उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि लोधी आर्ट डिस्ट्रिक्ट एक शानदार पब्लिक प्लेस है। यही नहीं, टिम कुक ने इंडियन लाइफ को बहुत ही खूबसूरती से दिखाने के लिए स्ट+आर्ट इंडिया फाउंडेशन और कलाकारों को बधाई दी है।इसके अलावा उन्होंने दत्तराज नायक का भी धन्यवाद किया है जिन्होंने टिम कुक को आईपैड पर दिखाया कि कैसे म्यूरल को डिजाइन किया जाता है।

सितंबर से विशाखापत्तनम में आंध्र प्रदेश प्रशासन चलेगा : जगन मोहन रेड्डी
Published / 2023-04-19 23:21:06
सितंबर से विशाखापत्तनम में आंध्र प्रदेश प्रशासन चलेगा : जगन मोहन रेड्डी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने बुधवार को कहा कि सरकार इस साल सितंबर से विशाखापत्तनम से काम करना शुरू कर देगी। उन्होंने कहा कि वो विशाखापत्तनम में शिफ्ट होंगे और वहीं रहेंगे। उन्होंने श्रीकाकुलम जिले के नौपाड़ा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए यह घोषणा की।मुख्यमंत्री ने कहा कि वह सत्ता के विकेंद्रीकरण के तहत अमरावती से विशाखापत्तनम जा रहे हैं। यह पहली बार है कि जगन मोहन रेड्डी ने प्रशासनिक राजधानी को बंदरगाह शहर में स्थानांतरित करने के लिए एक समय सीमा तय की है। पिछले महीने विशाखापत्तनम में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 के दौरान उन्होंने घोषणा की थी कि वह जल्द ही शहर में रहने आयेंगे।31 जनवरी को दिल्ली में एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि विशाखापत्तनम जल्द ही आंध्र प्रदेश की राजधानी बनेगा। इसके बाद वित्त मंत्री बी। राजेंद्रनाथ रेड्डी ने बेंगलुरु में एक और कार्यक्रम में कहा था कि राज्य सरकार ने विशाखापत्तनम को आंध्र प्रदेश की अगली राजधानी के रूप में तय किया है। उन्होंने कथित तौर पर टिप्पणी की थी कि राज्य में तीन राजधानियां नहीं होंगी।इसने राजनीतिक हलकों में अटकलें लगाईं कि जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार ने तीन राज्यों की राजधानियों की योजना छोड़ दी है। 17 दिसंबर, 2019 को जगन मोहन रेड्डी ने राज्य विधानसभा में घोषणा की थी कि राज्य के तीन कैपिटल होंगे। उन्होंने अमरावती को राज्य की राजधानी के रूप में विकसित करने के पिछली टीडीपी सरकार के फैसले को पलट दिया था। वाईएस आरसीपी सरकार ने विशाखापत्तनम को प्रशासनिक राजधानी, कुरनूल को न्यायिक राजधानी और अमरावती को विधायी राजधानी के रूप में रखा था।

चीन को पछाड़ भारत बना सबसे अधिक आबादी वाला देश
Published / 2023-04-19 20:25:04
चीन को पछाड़ भारत बना सबसे अधिक आबादी वाला देश

यूएन की रिपोर्ट का दावा... भारत दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाला देश बन गया है, यह अब चीन से आगे निकल गया है एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाला देश बन गया है। यह अब चीन से आगे निकल गया है। बुधवार को जारी संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) की एक नई रिपोर्ट के आंकड़ों से ये जानकारी सामने आई है। यूएनएफपीए की द स्टेट आफ वर्ल्ड पॉपुलेशन रिपोर्ट 2023 के अनुसार, भारत की जनसंख्या 1,428.6 मिलियन (142.86 करोड़) तक पहुंच गयी है, जबकि चीन की 1,425.7 मिलियन (142.57 करोड़) है, यानि कि 2.9 मिलियन यानि 29 लाख का अंतर है। संयुक्त राष्ट्र ने 2022 में ही भारत के सबसे अधिक आबादी वाले देश बनने का अनुमान लगाया था। इसके अलावा, यूएनएफपीए की नवीनतम रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में 25 प्रतिशत जनसंख्या 0-14 आयु वर्ग की है, 18 प्रतिशत 10-19 वर्ष की आयु की, 26 प्रतिशत 10-24 आयु वर्ग की। लगभग 68 प्रतिशत जनसंख्या 15-64 आयु वर्ग में हैं, जबकि 65 से ऊपर के लोग सिर्फ 7 प्रतिशत हैं। चीन जीवन प्रत्याशा के मामले में भारत से बेहतर कर रहा है, जो महिलाओं के मामले में 82 और पुरुषों के मामले में 76 साल है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के लिए यह आंकड़ा 74 और 71 है। यूएनएफपीए इंडिया के प्रतिनिधि एंड्रिया वोजनार ने एक बयान में कहा, भारतीय सर्वेक्षण के निष्कर्ष बताते हैं कि जनसंख्या की चिंता आम जनता के बड़े हिस्से में फैल गयी है। उन्होंने कहा, फिर भी इससे कोई अलार्म पैदा नहीं होना चाहिए। इसके बजाय इसे प्रगति, विकास और आकांक्षाओं के प्रतीक के रूप में देखा जाना चाहिए। रिपोर्ट में महिलाओं के शारीरिक स्वायत्तता के अधिकार में कमी पर भी प्रकाश डाला गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि 68 देशों की सूची में 44 प्रतिशत महिलाओं और लड़कियों को सेक्स, गर्भनिरोधक और स्वास्थ्य देखभाल के मामलों में खुद फैसला लेने का अधिकार नहीं है। दुनिया भर में करीब 257 मिलियन महिलाओं को सुरक्षित, विश्वसनीय गर्भनिरोधक की आवश्यकता पूरी नहीं होती है। पॉपुलेशन फाउंडेशन आफ इंडिया की कार्यकारी निदेशक पूनम मुत्तरेजा ने एक बयान में कहा कि इतनी सारी महिलाओं का अपने शरीर पर नियंत्रण नहीं है, जिसमें बच्चे पैदा करने का अधिकार भी शामिल है।यह तय करने के लिए कि उन्हें कब और कितने बच्चे चाहिए। इसके अलावा, कम उम्र में शादियां होती रहती हैं। भारत में हर चार में से एक महिला की शादी 18 साल से पहले हो जाती है। मुत्तरेजा ने कहा, भले ही भारत दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाला देश बन गया है।यह सुनिश्चित होना चाहिए कि लोगों के लिए व्यापक और न्यायसंगत सेवाएं उपलब्ध हों, चाहे वे कहीं भी रहते हों या समाज के किसी भी वर्ग से हों। साथ ही, हमें जरूरत है यह सुनिश्चित करने के लिए कि लड़कियों और महिलाओं को जल्दी विवाह और गर्भधारण के लिए नहीं धकेला जाये।

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