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भारत के यूपीआई का कई देशों में जलवा
Published / 2023-07-28 15:17:00
भारत के यूपीआई का कई देशों में जलवा

फ्रांस, दुबई, सिंगापुर समेत 17 देशों में भारत के यूपीआई का जलवाइंडियन इकोनॉमी को ऐसे होगा फायदाएबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय यूपीआई का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है। यूबीआई से लेन-देन न सिर्फ भारत में बढ़ रहा है बल्कि विदेश में भी भारतीय यूपीआई का जलवा बरकरार है। हाल ही में आरबीआई ने यूपीआई से पेमेंट के आंकड़े जारी किये हैं। डाटा के मुतबिक, यूपीआई इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। आरबीआई के इंडेक्स के मुताबिक डिजिटल पेमेंट में मार्च में 13.24 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। फ्रांस, दुबई सिंगापुर समेत 17 देशों में भी अब भारतीय यूपीआई के इस्तेमाल को मंजूरी मिल गयी है। रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले 5 साल में अकेले भारत में यूपीआई से होने वाली पेमेंट 90 फीसदी का आंकड़ा भी क्रॉस कर जायेंगी। इससे न सिर्फ डिजिटल पेमेंट का ट्रेंड बढ़ेगा, बल्कि इंडियन इकोनॉमी को भी काफी फायदा होगा। आईये जानते हैं कैसे…विदेशों में यूपीआई शुरू होने से उन लोगों को फायदा होगा जो भारत से बाहर घूमने जायेंगे। वो वहां पर बिना किसी झंझट के और बिना कोई करेंसी एक्सचेंज के आसानी से यूपीआई के जरिये भारतीय रुपये में पेमेंट कर सकेंगे।इससे देश में डिजिटल ट्रांजक्शन का क्रेज और बढ़ेगा साथ ही देश की इकोनॉमी को भी फायदा होगा। यूपीआई के जरिये भारतीय रुपये से विदेश में पेमेंट करने से भारतीय रूपया और मजबूत होगा।बता दें, देश में लोग कैश का इस्तेमाल कम से कम कर रहे हैं। ऐसे में यूपीआई के देश विदेश में शुरू होने से यूपीआई ट्रांजेक्शन बढ़ेगा। विदेश में यूपीआई शुरू होने से इंडियन करंसी और यूपीआई और मजबूत होगी। साथ भारत का और इसके यूपीआई पेमेंट मेथड का डंका भी विदेश में बजेगा।इन देशों में शुरू हुआ यूपीआईफ्रांसभूटाननेपालओमानसंयुक्त अरब अमीरातमलेशियाथाईलैंडफिलिपींसवियतनामसिंगापुरकंबोडियाहांगकांगताइवानदक्षिण कोरियाजापानयूनाइटेड किंगडमयूरोपविदेश में ऐसे इस्तेमाल करें यूपीआईविदेश में यूपीआई के जरिये पेमेंट करना एकदम आसान है। सबसे पहले जो भी प्लेटफार्म आप यूपीआई के लिए इस्तेमाल करते हैं डाउनलोड कर लें। इसके बाद अपने बैंक अकाउंट को इससे लिंक करें।बैंक अकाउंट लिंक करने के बाद आपको रिसीवर की डिटेल्स ऐप में डालनी होगी जैसे बैंक अकाउंट नंबर, आईबीएन और आईबीसी अब सारी फॉर्मेलिटी करने के बाद आप पेमेंट कर सकेंगे। बता दें, ऊपर दिये देशों में से कुछ देशों में फिलहाल यूपीआई शुरू नहीं हुआ है। अभी ये शुरुआती स्टेज में है इसलिए, इसे धीरे-धीरे बढ़ाया जा रहा है।

लोकसभा में लगातार सातवें दिन नहीं चला प्रश्नकाल
Published / 2023-07-28 13:45:48
लोकसभा में लगातार सातवें दिन नहीं चला प्रश्नकाल

एबीएन सेंट्रल डेस्क। लोकसभा में शुक्रवार को भी प्रश्नकाल नहीं चला और विपक्षी दलों के सदस्यों की भारी हंगामे के कारण अध्यक्ष ओम बिरला को सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। बिरला ने जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू की विपक्ष के सदस्य आसन के सामने आकर के हंगामा करने लगे।अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि पिछले बार 2019 में जाओ अविश्वास प्रस्ताव लाया था तो उस पर उसी दिन चर्चा हुई थी इस बार ऐसा क्यों हुआ कि अब तक चर्चा शुरू नहीं हुई। अध्यक्ष ने हंगामा कर रही सदस्यों से सवाल किया, आप प्रश्नकाल नहीं चलाना चाहते। प्रश्नकाल चलाइये। मैंने सर्वदलीय बैठक में भी सबसे सदन चलाने में सहयोग करने का आग्रह किया था। सदन नियम कानून से चलता है, हंगामे से नहीं चलता।सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि 2019 में भी विपक्षी दल अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे और तब प्रस्ताव पर उसी दिन चर्चा शुरू कर दी गयी थी। इस बार ऐसा क्यों हुआ कि प्रस्ताव पर चर्चा नहीं करायी जा रही है।इस बीच संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सरकार के पास बहुमत के लिए पूरी संख्या है। वह लगातार बोलते रहे लेकिन हंगामे के कारण कुछ सुनाई नहीं दिया तो अध्यक्ष ने सदन शुरू होने के महज कुछ ही मिनट के भीतर सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी।

भारत होगा तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश
Published / 2023-07-27 21:19:36
भारत होगा तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश

आरबीआई अर्थशास्त्री के अनुमान से देशवासी गदगद एबीएन सेंट्रल डेस्क। अर्थशास्त्रियों ने लिखा है कि वैश्विक जीडीपी में भारत की हिस्सेदारी 2027 तक चार प्रतिशत होगी और इस दौरान अर्थव्यवस्था का आकार हर दो साल में 750 अरब डॉलर बढ़ेगा। देश के सबसे बड़े बैंक आरबीआई के अर्थशास्त्रियों ने वर्ष 2027 तक भारतीय अर्थव्यवस्था के दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हो जाने का अनुमान जताया है जो पहले जताये गये अनुमान से दो साल कम है। यह रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संबोधन के एक दिन बाद आई है जिसमें उन्होंने भरोसा जताया कि भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली राजग सरकार के तीसरे कार्यकाल में देश दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जायेगा। 2014 में भारतीय अर्थव्यवस्था 10वें स्थान पर थी आरबीआइ के अर्थशास्त्रियों ने कहा कि भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर (स्थिर मूल्य पर) 2023-24 में 6.5 प्रतिशत रहेगी। अर्थशास्त्रियों ने अपनी रिपोर्ट में कहा- देश ने 2014 के बाद से जिस रास्ते को चुना है।उससे पता चलता है कि भारत मार्च 2023 के वास्तविक जीडीपी आंकड़े के आधार पर 2027 (वित्त वर्ष 2027-28) तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा। वर्ष 2014 से तुलना की जाये तो उस समय भारतीय अर्थव्यवस्था 10वें स्थान पर थी। इस लिहाज से इसमें सात स्थानों का सुधार होगा। दो साल पहले ही तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जायेगा भारतरिपोर्ट के मुताबिक भारत को यह मुकाम पिछले अनुमान के मुकाबले दो साल पहले ही प्राप्त होने की संभावना है। पिछले अनुमान में भारत के 2029 में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की संभावना जतायी गयी थी। फिलहाल, भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए 6.5 से 7.0 प्रतिशत वृद्धि दर हासिल करना अब नया चलन रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 8.1 प्रतिशत रहेगी। इससे कुल मिलाकर वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत से ऊपर जा सकती है। देश के लिये 6.5 से 7.0 प्रतिशत वृद्धि दर हासिल करना अब नया चलन बन गया है। भारतीय रिजर्व बैंक का अनुमान है कि वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहेगी। आरबीआइ अर्थशास्त्रियों ने कहा कि अर्थव्यवस्था सतत रूप से एक आदर्श स्थिति में है और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना भारत के लिये किसी भी मानदंड से एक उल्लेखनीय उपलब्धि होगी। अर्थव्यवस्था का आकार हर दो साल में 750 अरब डॉलर बढ़ेगा रिपोर्ट के अनुसार 2022-27 के दौरान अर्थव्यवस्था के आकार में 1,800 अरब डॉलर की वृद्धि आस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था के मौजूदा आकार से ज्यादा की होगी। अर्थशास्त्रियों ने लिखा है कि वैश्विक जीडीपी में भारत की हिस्सेदारी 2027 तक चार प्रतिशत होगी और इस दौरान अर्थव्यवस्था का आकार हर दो साल में 750 अरब डॉलर बढ़ेगा। महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश का जीएसडीपी 2027 तक 500 अरब डॉलर के पार होगारिपोर्ट के अनुसार इस रफ्तार से जीडीपी में वृद्धि से भारत 2047 में जब अपनी आजादी के सौ साल मना रहा होगा, तब अर्थव्यवस्था 20,000 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगी। मौजूदा मूल्य पर जीडीपी वृद्धि दर 11-11.5 प्रतिशत तथा वास्तविक हीडीपी वृद्धि दर 6.5 से 7 प्रतिशत सालाना रहने से भारत की संचयी वृद्धि दर 8.4 प्रतिशत होगी और वृद्धि की यह रफ्तार संभव है। रिपोर्ट कहती है कि राज्यों में महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश का जीएसडीपी (सकल राज्य घरेलू उत्पाद) वर्ष 2027 तक 500 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर जाएगा।

तीसरे टर्म में दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था होगा भारत
Published / 2023-07-26 22:55:06
तीसरे टर्म में दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था होगा भारत

मोदी की गारंटी : तेजी से बढ़ेगी देश की विकास दरएबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को प्रगति मैदान में आईईसीसी का उद्घाटन करते हुए कहा कि भारत हमारे तीसरे टर्म में दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था होगी। उन्होंने कहा कि साल 2014 में देश की अर्थव्यवस्था 10वें नंबर पर थी।मोदी ने कहा कि हमारे दूसरे टर्म में देश की अर्थव्यवस्था 10वें नंबर से पांचवें स्थान पर पहुंच गई है और उन्होंने गारंटी देते हुए कहा कि अगले लोकसभा चुनाव में जब एनडीए की सरकार बनेगी तब उनके तीसरे टर्म में देश की अर्थव्यवस्था तीसरे नंबर पर पहुंच जायेगी। उन्होंने कहा कि देश की विकास रफ्तार और तेजी से बढ़ेगी। लोगों के सपने और तेजी से पूरे होंगे।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली के प्रगति मैदान में भारत मंडपम सम्मेलन केंद्र के उद्घाटन समारोह में कहा कि दुनिया इस बात को स्वीकार कर रही है कि भारत लोकतंत्र की जननी है। उन्होंने कहा कि दुनिया भारत का बढ़ता हुआ कद देखेगी जब नई दिल्ली में नवनिर्मित भारत मंडपम... जी-20 सम्मेलन की मेजबानी करेगा। भारत मंडपम से सम्मेलन-केंद्रित पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।पीएम मोदी विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने नकारात्मक सोच वाले लोगों की आलोचना करते हुए कहा कि ये लोग विकास से जुड़ी परियोजनाओं को रोकने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह कर्तव्य पथ के वैभव को निजी तौर पर स्वीकार करते हैं, उसी तरह नकारात्मक सोच वाले लोगों की टोली एक दिन भारत मंडपम की भी अहमियत स्वीकार करेगी। उन्होंने कहा कि सा कोई भारतीय नहीं होगा, जिसे नए संसद भवन पर गर्व का अनुभव ना हो। हमें न सिर्फ काम करने की संस्कृति बल्कि काम करने का माहौल भी बदलने की जरूरत है।मोदी ने कहा कि बड़ा सोचो, बड़ा सपना देखो और बड़े काम करो। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में जल्द ही दुनिया का सबसे बड़ा संग्रहालय युगे युगीन भारत... होगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली हवाईअड्डे की क्षमता को बढ़ाकर 7.5 करोड़ यात्री किया जा चुका है जबकि 2014 में यह संख्या करीब पांच करोड़ यात्री थी। उन्होंने कहा कि पिछले नौ साल में ढांचागत विकास परियोजनाओं पर करीब 34 लाख करोड़ रुपये खर्च किये गये।

धार्मिक मान्यताओं और सामाजिक लक्ष्यों के साथ दृश्य चित्रण के मिश्रण का उदाहरण है जनजातीय दर्पण
Published / 2023-07-26 16:12:42
धार्मिक मान्यताओं और सामाजिक लक्ष्यों के साथ दृश्य चित्रण के मिश्रण का उदाहरण है जनजातीय दर्पण

महामहिम द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में जनजातीय दर्पण गैलरी का किया उद्घाटनएबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति के रूप में एक वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के उपलक्ष्य में मंगलवार को राष्ट्रपति भवन के मार्बल हॉल में जनजातीय दर्पण गैलरी का उद्घाटन किया। इस गैलरी की स्थापना राष्ट्रपति भवन द्वारा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के सहयोग से की गयी है।जनजातीय दर्पण गैलरी को आईजीएनसीए के जनपद सम्पदा प्रभाग ने क्यूरेट और क्रियान्वित किया है। मौके पर आईजीएनसीए के सदस्य सचिव डॉ सच्चिदानंद जोशी सहित जनपद सम्पदा के विभागाध्यक्ष प्रो के अनिल कुमार और उनकी टीम भी उपस्थित थी। जनजातीय लोगों की कला दुनिया की सबसे विविध विरासतों में से एक है। यह मानवता की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक : धार्मिक मान्यताओं और सामाजिक लक्ष्यों के साथ दृश्य चित्रण के मिश्रण का उदाहरण है। इसकी बारीकियां और कलात्मक कौशल इसके रचनाकारों की नवीन सोच को दर्शाता है। यह महाद्वीप लोगों, समाजों और सभ्यताओं से परिपूर्ण है।राष्ट्रपति की ओर से उद्घाटित जनजातीय दर्पण गैलरी का उद्देश्य समृद्ध कला, संस्कृति और इस राष्ट्र के निर्माण में जनजातीय समुदायों के योगदान की एक झलक प्रदान करना है। गैलरी में अलग-अलग विषय शामिल हैं।जैसे कि गुमनाम जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों, पारंपरिक संसाधन प्रबंधन प्रथाओं- जैसे हलमा, टोकरा कला, संगीत वाद्य यंत्र, गुनजला गोंडी स्क्रिप्ट, कृषि और घरेलू उपकरण, बांस की बास्केट, वस्त्र, वॉली, गोंडी और कीचड़, स्क्रॉल, मैच, मास्क और गहने, धातु कर्म, हथियार, टैटू को प्रदर्शित करने वाले समकालीन चित्र, एक पारिस्थितिक परिवेश और राजदंड को प्रदर्शित करने वाली चित्रावली लगायी गयी है।

कारगिल शहीदों को नमन कर भावुक हुए रक्षा मंत्री
Published / 2023-07-26 14:30:05
कारगिल शहीदों को नमन कर भावुक हुए रक्षा मंत्री

यह क्षण कभी नहीं भूल सकता : राजनाथ सिंहएबीएन सेंट्रल डेस्क। आज देशभर में कारगिल दिवस मनाया जा रहा है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित अन्य मंत्रियों व नेताओं ने कारगिल में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि कारगिल विजय दिवस भारत के उन अद्भुत पराक्रमियों की शौर्यगाथा को सामने लाता है। जो देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणाशक्ति बने रहेंगे। इस विशेष दिवस पर मैं उनका ह्रदय से नमन और वंदन करता हूं। जय हिंद...!वहीं केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सेना के जवानों के बीच लद्दाख के द्रास में पहुंचकर कारगिल के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कारगिल युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और 1999 के कारगिल युद्ध में अपनी जान गंवाने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। वहीं चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने द्रास में कारगिल युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और 1999 के कारगिल युद्ध में अपनी जान गंवाने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।

28 को ट्रांसफर होगी पीएम किसान योजना की 14वीं किस्त
Published / 2023-07-25 23:52:50
28 को ट्रांसफर होगी पीएम किसान योजना की 14वीं किस्त

देशभर के किसानों के लिए खुशखबरीसरकार ने जारी की पीएम किसान योजना की 14वीं किस्त की तारीखएबीएन सेंट्रल डेस्क। देशभर के किसानों के लिए खुशखबरी है। सरकार ने पीएम किसान योजना की 14वीं किस्त की तारीख जारी कर दी है। पीएम किसान योजना का लाभ लेने वाले किसानों की लिए एक खुशखबरी हैं। पीएम किसान योजना की अभी 14वीं किस्त जारी होना बाकी हैं, जिसका सभी किसानों को बेसवरी से इंतजार हैं। देशभर के करोड़ों किसानों का इंतजार अब खत्म होने वाला हैं। सरकार द्वारा सभी किसानों के खातों में इसी महीने के आखिरी सप्ताह तक पीएम किसान योजना की 14 वीं किस्त ट्रांसफर कर दी जायेगी। फिलहाल सरकार ने पीएम किसान योजना की 14 वीं किस्त की तारीख को तय कर दिया है। सरकारी बेवसाइट के अनुसार 14वीं किस्त के 2 हजार रुपये किसानों के खातों में 28 जुलाई ट्रांसफर कर दी जायेगी। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 जुलाई को देश के 8.5 करोड़ किसानों को एक साथ पीएम किसान योजना की 14 वीं किस्त जारी करेंगे। श्री मोदी डीवटी यानि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से 18 हजार करोड़ रुपए ट्रांसफर करेंगे। इससे पहले किसानो के खातों में पीएम किसान योजना की 13वीं किस्त 27 फरवरी को कर्नाटक से जारी की गयी थी।

अनाज की कमी से बढ़ रही महंगाई
Published / 2023-07-25 23:36:12
अनाज की कमी से बढ़ रही महंगाई

एबीएन सेंट्रल डेस्क। एचएसबीसी ने अनुमान लगाया है कि मार्च 2024 तक मुद्रास्फीति 5% पर रहेगी। हालांकि, अगर अनाज की कीमतों में तेज वृद्धि होती है, तो महंगाई बढ़ सकती है। एचएसबीसी होल्डिंग्स पीएलसी के अनुसार, भारत में अनाज की कमी है, जिससे कीमतें बढ़ सकती हैं और देश में महंगाई बढ़ सकती है। हालांकि, आने वाले महीनों में सब्जियों की कीमतों की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।अर्थशास्त्रियों ने एक रिपोर्ट में बताया है कि जहां लोग खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों से चिंतित हैं, वहीं मुख्य समस्या सिर्फ टमाटर से नहीं बल्कि अन्य चीजों से भी है। वे विशेष रूप से चावल और गेहूं जैसे अनाजों को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि इनकी कमी के कारण कीमतें बढ़ सकती हैं।अनुमान लगाया है कि मार्च 2024 तक मुद्रास्फीति 5% पर रहेगी। हालांकि, अगर अनाज की कीमतों में तेज वृद्धि होती है, तो महंगाई बढ़ सकती है। स्थिति को बेहतर ढंग से समझने के लिए अर्थशास्त्री आने वाले हफ्तों में बारिश और चावल रोपण के आंकड़ों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।अर्थशास्त्री चिंतित हैं क्योंकि उत्तर पश्चिम भारत में चावल की फसल अच्छी तरह से नहीं लगायी गयी है और देश के दक्षिण और पूर्व में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। इससे भारत के चावल निर्यात में समस्याएं पैदा हो सकती हैं, क्योंकि भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक है। इसके अलावा, अगर चावल का उत्पादन प्रभावित होता है, तो इससे गेहूं की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिसका उपयोग कुछ मामलों में चावल के विकल्प के रूप में किया जाता है। इसका ग्लोबल लेवल पर फूड की कीमतों पर प्रभाव पड़ सकता है।भारत में अनाज की कीमतें कुछ कारणों से और भी बढ़ सकती हैं। रूस ने चेतावनी जारी की कि ब्लैक सी में यूक्रेन के बंदरगाहों पर जाने वाले जहाज हथियार ले जा रहे हैं और इसके कारण पिछले सप्ताह गेहूं की कीमतें बढ़ गयीं। इसके अतिरिक्त, अल नीनो अनाज की कीमतों को भी प्रभावित कर सकता है और उन्हें बढ़ा सकता है।अनाज भारत में लोगों के जीवनयापन के खर्च को महत्वपूर्ण तरीके से तय करता है। गेहूं भारतीय आहार का एक बुनियादी और आवश्यक हिस्सा है। गेहूं सहित खाद्य पदार्थों की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के कारण जून में खुदरा महंगाई तीन महीने के उच्चतम स्तर 4.81% पर पहुंच गयी है। इससे अर्थशास्त्रियों को यह अनुमान लगाना पड़ा है कि बाकी साल के दौरान कीमतों में बढ़ोतरी जारी रहेगी। परिणामस्वरूप, केंद्रीय बैंक हालातों को कंट्रोल में करने के लिए लंबे समय के लिए ब्याज दरों में बदलाव न रखने का फैसला ले सकता है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बढ़ती कीमतों को कंट्रोल करना जरूरी है क्योंकि उन्हें अगले साल राष्ट्रीय चुनाव लड़ने हैं। महंगाई से निपटने के लिए सरकार ने हाल ही में देश से सस्ते गैर-बासमती सफेद चावल का निर्यात बंद कर दिया है।भारत के कुछ हिस्सों में मानसून की बारिश पर्याप्त तेज नहीं थी, और अन्य क्षेत्रों में बाढ़ आ गयी। इससे सब्जियों और दालों की कीमतें काफी बढ़ गयीं। साल की शुरूआत से टमाटर की कीमत में 400% से ज्यादा की वृद्धि हुई, और प्याज और आलू की कीमतें भी अस्थिर हो गयीं। इन कारकों ने महंगाई के बढ़ने में योगदान दिया है।अर्थशास्त्रियों ने बताया कि टमाटर की कीमतों में बढ़ोतरी ज्यादा दिन के लिए नहीं है और दो महीने में इसमें कमी आ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि दालों, चीनी और तिलहनों की कीमतों में बढ़ोतरी को कंट्रोल और मैनेज किया जा सकता है।

चोरी हुए मोबाइल की बरामदगी में अहम भूमिका निभा रहा सीइआइआर
Published / 2023-07-24 23:51:19
चोरी हुए मोबाइल की बरामदगी में अहम भूमिका निभा रहा सीइआइआर

सीइआइआर ने चोरी हुए 2.58 लाख मोबाइल का पता लगाया, बरामद हुए सिर्फ 20,771सरकारी अनुमान के मुताबिक देश में हर महीने 50,000 मोबाइल फोन चोरी होते हैंशुभायन चक्रवर्तीएबीएन सेंट्रल डेस्क। दूरसंचार विभाग के केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (सीइआइआर) ने 2.85 लाख खोये या चोरी हुए मोबाइल फोन का पता लगाया है और 6.8 लाख उपकरणों को ब्लॉक कर दिया है। लेकिन 20,771 मोबाइल फोन ही बरामद हो पाये हैं। सरकारी अनुमान के मुताबिक देश में हर महीने 50,000 मोबाइल फोन चोरी होते हैं।दूरसंचार विभाग के संचार साथी पोर्टल के हिस्से रूप में सीइआइआर की शुरुआत हुई थी। सरकार का इस प्लेटफॉर्म को शुरू करने का बुनियादी मकसद यहा था कि मोबाइल फोन इस्तेमालकर्ताओं को विभिन्न तरह की धोखाधड़ियों से बचाया जाये। इन धोखाधड़ियों में पहचान चुराना, फर्जी केवाईसी, मोबाइल फोन की चोरी और बैंकिंग धोखाधड़ी शामिल थीं। इस प्लेटफॉर्म की मदद से नागरिक अपने नाम से जारी मोबाइल इस्तेमालकर्ता का नाम पता कर सकते हैं। अवांछित कनेक्शन को रोक सकते हैं, खोये हुए मोबाइल को ब्लॉक कर सकते हैं या उसकी जगह का पता लगा सकते हैं, नये व पुराने मोबाइल को खरीदते वक्त उपकरण की असलियत का पता लगा सकते हैं।सीईआईआर प्रणाली दूरसंचार आपरेटरों को डिवाइस के आईएमईआई नंबर और संबंधित मोबाइल नंबर तक पहुंच प्रदान करती है। इसका उपयोग खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन का पता लगाने के प्रायोगिक कार्यक्रम के तहत दादर और नगर हवेली, महाराष्ट्र के हिस्सों और दिल्ली में 2019 से किया जा रहा है। हालांकि अपराधी आमतौर पर चोरी किये गये मोबाइल फोन का ईएमआईई नंबर बदलते हैं जिस पर नजर रखने के लिए सीईआईआर को बनाया गया है। पुलिस की कार्रवाई से आता है परिवर्तनपता लगाने (ट्रैकिंग) का अनुरोध बड़े पैमाने पर इस्तेमालकर्ता करते हैं जबकि देश भर में बरामदगी करने के कार्य को अंजाम पुलिस विभाग करता है। अधिकारी ने बताया कि पोर्टल आधुनिकतम तकनीक मुहैया करवाता है। इससे चोरी हुआ मोबाइल किस स्थान पर है, उसकी जानकारी मिल जाती है और उसे ब्लॉक किया जा सकता है। जमीनी स्तर पर बरामदगी करने का कार्य पुलिस ही कर सकती है।दूरसंचार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बरामद होने वाले मोबाइल फोनों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन जितने मोबाइल फोन की स्थिति का सटीक ढंग से पता लगाया जाता है, उसे देखते हुए बरामदगी कम है। हम इस मामले को जोरदार ढंग से राज्यों के गृह विभागों के समक्ष उठा रहे हैं।बरामदगी में तेलगांना सर्कल का रिकार्ड अच्छा है। तेलंगाना सर्कल में मोबाइल की स्थिति का पता लगाए जाने के बाद बरामदगी 61 फीसदी है। हालांकि दिल्ली सर्कल में मोबाइल की स्थिति ज्ञात होने के बाद बरामदगी केवल 0.6 फीसदी है।

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