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श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा राँची द्वारा 237 पौधौं का वितरण तथा रोपण
Published / 2026-08-23 21:26:48
श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा राँची द्वारा 237 पौधौं का वितरण तथा रोपण

श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा राँची द्वारा 237 पौधौं का वितरण तथा रोपणटीम एबीएन, रांची। आज दि. 23.08.2026 (दिन - रविवार) को *श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा राँची* द्वारा "सर्वेश्वरी वृक्षारोपण अभियान" वर्ष - 2026 के चौथे चरण का आयोजन  ग्राम - सुवारी जलटनडा,  पंचायत - लरता, ब्लॉक एवं थाना - कर्रा, जिला - खूंटी में किया गया। कार्यक्रम में आम, अमरूद, कटहल, सीसम, सागवान, अर्जुन, आँवला, जामुन इत्यादि के 237 पौधों का वितरण तथा रोपण किया गया। कार्यक्रम की शुरुवात में राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय - सुवारी जलटनडा परिसर एवं सुभाष सिंह के बाड़ी में 16 पौधों का रोपण किया गया।उसके उपरान्त हनुमान मंदिर आरती-पूजन के साथ दीपदान किया गया। उसके बाद मन्दिर परिसर के पास ग्रामीण बंधुओं के बीच एक लघु गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें श्री सर्वेश्वरी समूह का संक्षिप्त परिचय देते हुए समूह द्वारा किये जा रहे जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के बारे में भी ग्रामीण बंधुओं को अवगत कराया गया। साथ ही वृक्षों के कमी से हो रहे दुष्परिणामों के बारे में अवगत करते हुए वृक्षों के बचाव के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया। गोष्ठी के बाद ग्रामीण बंधुओं के बीच लगभग 221 पौधों का वितरण किया गया।कार्यक्रम में कर्रा छेत्र से ग्राम सुवारी जलटनडा, ग्राम - लुद्रू, ग्राम - बुड़का इत्यादि से ग्रामीण बंधु सम्मलित हुए। समस्त कार्यक्रम के सफल आयोजन में मानन्द सिंह, सुभाष सिंह, कुमारी मुनि सिंह, बड़ाई प्रधान, अजय सिंह, चंदा प्रधान, भुनेश्वर सिंह एवं महेंद्र सिंह का विशेष सहयोग रहा।कार्यक्रम में श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा राँची से राधेश्याम सिंह, हेमन्त नाथ शाहदेव, आनन्द सिंह, सुनील साहू, पवन कुमार, आदित्य नाथ शाहदेव, श्री सुनील सिंह, रोहित सिंह, बद्रीनाथ शाहदेव के साथ लगभग 25 श्रद्धालु-सदस्यगण शामिल हुए।

स्वावलंबी ग्राम नेरो में वृहद स्तर पर किया पौधरोपण
Published / 2026-08-23 20:58:52
स्वावलंबी ग्राम नेरो में वृहद स्तर पर किया पौधरोपण

स्वावलंबी ग्राम नेरो में वृहद स्तर पर किया पौधरोपणग्रामीणों ने लिया प्रकृति संरक्षण का संकल्पटीम एबीएन, रांची। एक पौधा– एक संकल्प –एक बेहतर भविष्य के ध्येय के साथ तोपचांची प्रखंड का स्वावलंबी ग्राम नेरो रविवार को वृहद पौधारोपण अभियान का गवाह बना। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन ने स्वयं पौधा लगाकर इस हरित अभियान की शुरुआत की और ग्रामीणों को पर्यावरण संतुलन, गांव को स्वच्छ-सुंदर बनाने का संकल्प दिलाया तथा उनको प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक किया।पौधारोपण करने के बाद उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, हरियाली संवर्धन, प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए पौधरोपण अति आवश्यक है। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को एक पौधा – एक संकल्प – एक बेहतर भविष्य के ध्येय के साथ प्रकृति संरक्षण और स्वच्छ-सुंदर गांव के निर्माण का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम के दौरान सैंकड़ों फलदार, औषधीय गुण वाले पौधों का रोपण किया गया।उपायुक्त ने कहा कि प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए पौधरोपण अति आवश्यक है। झारखंड प्राकृतिक रूप से समृद्ध राज्य है। पर्याप्त वर्षा का लाभ उठाकर अधिक से अधिक पौधारोपण करना समय की आवश्यकता है। कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों की आजीविका सुदृढ़ करने के उद्देश्य से फलदार पौधों को प्राथमिकता दी गई है, ताकि लोग पौधों के संरक्षण के लिए भी प्रेरित हों।उपायुक्त ने कहा कि नई पीढ़ी ही पर्यावरण की वास्तविक संरक्षक है। प्रत्येक व्यक्ति को पेड़ों के महत्व को समझते हुए अपने जीवन में कम से कम 20 से 30 पौधे अवश्य लगाने चाहिए। उन्होंने वन रक्षाबंधन एवं वन देवी जैसी पारंपरिक अवधारणाओं की सराहना की।उपायुक्त के नेरो पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका पारंपरिक रीति रिवाज से स्वागत किया। महिलाओं ने उपायुक्त की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर आगामी रक्षाबंधन त्यौहार की शुभकामनाएं दी। वहीं पौधारोपण करने के बाद उपायुक्त ने गांव की सबसे छोटी बच्ची को अपने साथ बैठाकर सभी को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया। मौके पर विधायक टुंडी के प्रतिनिधि, तोपचांची की अंचल अधिकारी, प्रखंड प्रमुख सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा रांची ने किया 255 पौधौं का वितरण और रोपण
Published / 2026-08-16 21:47:34
श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा रांची ने किया 255 पौधौं का वितरण और रोपण

एबीएन सोशल डेस्क। रविवार को श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा रांची द्वारा सर्वेश्वरी वृक्षारोपण अभियान वर्ष - 2026 के तीसरे चरण का आयोजन  ग्राम - हुटरी,  पंचायत - ताला, ब्लॉक एवं थाना - चान्हो, जिला - रांची में किया गया। कार्यक्रम में आम, अमरूद, कटहल, मोहगनी, आंवला, जामुन इत्यादि के 255 पौधों का वितरण एवं रोपण किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में स्थानीय ग्राम देवी में आरती-पूजन कर दीप दान किया गया। उसके बाद स्थानीय निवासी राम सेवक साहु के बाड़ी में 5 फलदार पौधों का रोपण किया गया। उसके उपरांत ग्रामीण बंधुओं के बीच एक लघु गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें श्री सर्वेश्वरी समूह का संक्षिप्त परिचय देते हुए समूह द्वारा किये जा रहे जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के बारे में भी ग्रामीण बंधुओं को अवगत कराया गया। साथ ही वृक्षों के कमी से हो रहे दुष्परिणामों के बारे में अवगत करते हुए वृक्षों के बचाव के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया। गोष्ठी के बाद ग्रामीण बंधुओं के बीच लगभग 250 पौधों का वितरण किया गया। कार्यक्रम के कुशल आयोजन में हुटरी से राम सेवक साहु एवं ओम प्रकाश साहु का सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में श्री सर्वेश्वरी समूह- शाखा रांची से राधेश्याम सिंह, हेमंत नाथ शाहदेव, आनंद सिंह, आशुतोष कुमार, रंजीत सिंह, पवन कुमार, समरेन्द्र सिंह, सुनील सिंह, द्वेद नाथ शाहदेव के साथ लगभग 25 श्रद्धालु-सदस्यगण शामिल हुए।

श्री सर्वेश्वरी समूह की रांची शाखा ने बांटे 250 पौधे
Published / 2026-08-10 21:35:23
श्री सर्वेश्वरी समूह की रांची शाखा ने बांटे 250 पौधे

टीम एबीएन, रांची। रविवार को श्री सर्वेश्वरी समूह  शाखा रांची ने सर्वेश्वरी वृक्षारोपण अभियान वर्ष- 2026 के दूसरे चरण का आयोजन  ग्राम - कोइन्जारा,  पंचायत- ढिड़ौली, जिला- गुमला में किया। कार्यक्रम में आम, अमरूद, मोहगनी, आंवला, जामुन इत्यादि के 250 पौधों का वितरण किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में स्थानीय ग्राम देवी एवं हनुमान मन्दिर में आरती-पूजन कर दीप दान किया गया। साथ ही मन्दिर परिसर की साफ-सफाई के लिए झाड़ू भी दिया गया। उसके उपरान्त ग्रामीण बंधुओं के बीच एक लघु गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें श्री सर्वेश्वरी समूह का संक्षिप्त परिचय देते हुए समूह द्वारा किये जा रहे जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के बारे में भी ग्रामीण बंधुओं को अवगत कराया गया। साथ ही वृक्षों के कमी से हो रहे दुष्परिणामों के बारे में अवगत करते हुए वृक्षों के बचाव के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।गोष्ठी के बाद ग्रामीण बंधुओं के बीच लगभग 250 पौधों का वितरण किया गया। कार्यक्रम के कुशल आयोजन में श्री विभूति शंकर सहाय जी का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा राँची से श्री राधेश्याम सिंह, श्री आनन्द सिंह, श्री अरुण सिंह, श्री राधा मोहन मिश्रा, श्री नवल किशोर सिंह के साथ लगभग 30 श्रद्धालु-सदस्यगण शामिल हुए।

झारखंड में अगले तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट
Published / 2026-07-27 23:28:42
झारखंड में अगले तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट

झारखंड में तीन दिन बारिश का अलर्टटीम एबीएन, रांची। झारखंड में सोमवार 27 जुलाई को मौसम पूरी तरह मानसूनी बना रहेगा। मौसम केंद्र, रांची के पूवार्नुमान के मुताबिक राज्य के अधिकांश हिस्सों में दिनभर बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। दक्षिणी और मध्य झारखंड के कुछ इलाकों में बारिश का असर अधिक रहने की संभावना है। सूबे के रांची, खूंटी, गुमला और लोहरदगा जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही कई जिलों में मेघ गर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है। 28 जुलाई को भी राज्य में मानसून का प्रभाव बना रहेगा। पूरे झारखंड में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। लेकिन पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, गुमला, खूंटी और लोहरदगा जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में जलभराव, छोटी नदियों और नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर भी सतर्क रहने की अपील की है। 29 जुलाई को भी झारखंड के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।इस दौरान राज्य के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में मौसम का प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है। गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं की आशंका बनी रहेगी। हालांकि भारी बारिश का दायरा पहले दो दिनों की तुलना में कुछ सीमित रह सकता है। लेकिन संवेदनशील इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होगी।

झारखंड में पहली बार होगा सखुआ महोत्सव
Published / 2026-07-27 23:17:21
झारखंड में पहली बार होगा सखुआ महोत्सव

रांची में पहली बार होगा सखुआ महोत्सव-2026, लाखों पौधों से हरित शहर बनाने की तैयारीटीम एबीएन, रांची। पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रांची नगर निगम पहली बार सखुआ महोत्सव-2026 आयोजित करेगा। अगस्त माह से शुरू होने वाला यह विशेष अभियान अगले कुछ महीनों तक चलेगा। इसके तहत नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों, स्कूल-कॉलेजों, पार्कों, सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों, धार्मिक स्थलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बड़े पैमाने पर सखुआ के पौधे लगाए जाएंगे।महोत्सव की तैयारियों पर हुई अहम बैठकमहोत्सव की तैयारियों को लेकर सोमवार को रांची नगर निगम सभागार में महापौर रोशनी खलखो की अध्यक्षता में सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में वृक्षारोपण स्थलों के चयन, पौधों की सुरक्षा, जनजागरूकता अभियान और नागरिकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की गई।सिर्फ पौधारोपण नहीं, संरक्षण भी होगा प्राथमिकतामहापौर रोशनी खलखो ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन को भी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सखुआ झारखंड की संस्कृति, परंपरा, प्रकृति और आदिवासी समाज की आस्था का प्रतीक है। इसलिए इसके संरक्षण को जनभागीदारी के माध्यम से जनआंदोलन बनाया जाएगा।ऐतिहासिक इक्कीसो महादेव मंदिर से होगी शुरुआतमहापौर ने बताया कि सखुआ महोत्सव का शुभारंभ अगस्त में चुटिया स्थित ऐतिहासिक इक्कीसो महादेव मंदिर परिसर से किया जाएगा। इसके बाद शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा। प्रत्येक पौधे की सुरक्षा के लिए गेबियन लगाए जाएंगे, ताकि पशुओं और अन्य बाहरी नुकसान से पौधों की रक्षा की जा सके। नगर निगम नियमित रूप से पौधों की निगरानी और देखभाल भी करेगा।

झारखंड में पहली बार होगा सखुआ महोत्सव
Published / 2026-07-27 23:13:56
झारखंड में पहली बार होगा सखुआ महोत्सव

रांची में पहली बार होगा सखुआ महोत्सव-2026, लाखों पौधों से हरित शहर बनाने की तैयारीटीम एबीएन, रांची। पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रांची नगर निगम पहली बार सखुआ महोत्सव-2026 आयोजित करेगा। अगस्त माह से शुरू होने वाला यह विशेष अभियान अगले कुछ महीनों तक चलेगा। इसके तहत नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों, स्कूल-कॉलेजों, पार्कों, सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों, धार्मिक स्थलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बड़े पैमाने पर सखुआ के पौधे लगाए जाएंगे।महोत्सव की तैयारियों पर हुई अहम बैठकमहोत्सव की तैयारियों को लेकर सोमवार को रांची नगर निगम सभागार में महापौर रोशनी खलखो की अध्यक्षता में सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में वृक्षारोपण स्थलों के चयन, पौधों की सुरक्षा, जनजागरूकता अभियान और नागरिकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की गई।सिर्फ पौधारोपण नहीं, संरक्षण भी होगा प्राथमिकतामहापौर रोशनी खलखो ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन को भी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सखुआ झारखंड की संस्कृति, परंपरा, प्रकृति और आदिवासी समाज की आस्था का प्रतीक है। इसलिए इसके संरक्षण को जनभागीदारी के माध्यम से जनआंदोलन बनाया जाएगा।ऐतिहासिक इक्कीसो महादेव मंदिर से होगी शुरुआतमहापौर ने बताया कि सखुआ महोत्सव का शुभारंभ अगस्त में चुटिया स्थित ऐतिहासिक इक्कीसो महादेव मंदिर परिसर से किया जाएगा। इसके बाद शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा। प्रत्येक पौधे की सुरक्षा के लिए गेबियन लगाए जाएंगे, ताकि पशुओं और अन्य बाहरी नुकसान से पौधों की रक्षा की जा सके। नगर निगम नियमित रूप से पौधों की निगरानी और देखभाल भी करेगा।

विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस प्रकृति की रक्षा का संकल्प लेने का अवसर
Published / 2026-07-26 20:46:36
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस प्रकृति की रक्षा का संकल्प लेने का अवसर

विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस प्रकृति की रक्षा का संकल्प लेने का अवसरप्रकृति केवल हमारी आवश्यकता नहीं, बल्कि हमारी अमूल्य है धरोहर : संजय सर्राफएबीएन सेंट्रल डेस्क। हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष सह झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि प्रत्येक वर्ष 28 जुलाई को विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस मनाया जाता है।इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को प्रकृति, जैव विविधता, वन, जल, भूमि, वन्यजीव तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। यह दिन हमें यह संदेश देता है कि यदि प्रकृति सुरक्षित रहेगी, तभी मानव जीवन, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा। वर्तमान समय में बढ़ता प्रदूषण, अंधाधुंध वनों की कटाई, जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग, जल संकट और जैव विविधता का लगातार हो रहा ह्रास पूरी दुनिया के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। ऐसे समय में विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस का महत्व और भी बढ़ जाता है। यह दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का स्मरण कराने वाला वैश्विक अभियान है।प्रकृति मानव जीवन का आधार है। शुद्ध वायु, स्वच्छ जल, उपजाऊ भूमि, औषधीय पौधे, वन्यजीव और खनिज संसाधन हमें प्रकृति से ही प्राप्त होते हैं। यदि इन प्राकृतिक संपदाओं का संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग नहीं किया गया तो भविष्य में मानव जीवन अनेक संकटों का सामना करेगा। इसलिए प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और उनका सतत उपयोग समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।इस दिवस का प्रमुख उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को प्रोत्साहित करना, जैव विविधता की रक्षा करना, जल एवं ऊर्जा की बचत के लिए प्रेरित करना तथा लोगों को अधिक से अधिक वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करना है। साथ ही यह दिवस पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने,प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, जल स्रोतों को स्वच्छ रखने तथा वन्यजीवों के संरक्षण का संदेश भी देता है।विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस की विशेषता यह है कि इस अवसर पर विद्यालयों, महाविद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं एवं सरकारी संगठनों द्वारा वृक्षारोपण अभियान, पर्यावरण रैली, संगोष्ठी, स्वच्छता अभियान, तथा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग को प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाता है। आज आवश्यकता इस बात की है कि प्रत्येक व्यक्ति अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण संरक्षण को अपनाए। जल की बचत, वृक्षारोपण, ऊर्जा का संयमित उपयोग, प्लास्टिक से परहेज तथा प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग जैसे छोटे-छोटे प्रयास भी प्रकृति संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस हमें यह प्रेरणा देता है कि प्रकृति केवल हमारी आवश्यकता नहीं, बल्कि हमारी अमूल्य धरोहर है। यदि हम आज प्रकृति की रक्षा करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित और सुरक्षित पर्यावरण प्रदान कर सकेंगे। यही इस दिवस का मूल संदेश और मानवता के प्रति हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

झारखंड : अब तक सामान्य से 27% कम हुई बारिश
Published / 2026-07-25 19:48:45
झारखंड : अब तक सामान्य से 27% कम हुई बारिश

झारखंड में अब तक सामान्य से 27% कम हुई मानसूनी बारिशटीम एबीएन, रांची। झारखंड में इस वर्ष मानसून के कमजोर पड़ जाने का असर राज्य की खेती बाड़ी पर पड़ा है। राज्य के कुल 24 जिलों में से महज 07 जिले ही ऐसे हैं, जहां का वर्षापात सामान्य हुआ है। जबकि 17 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है, उसमें भी गढ़वा, चतरा, पाकुड़, देवघर और कोडरमा ऐसे पांच जिले हैं, जहां मानसून की बारिश अब तक सामान्य से आधी भी नहीं हुई है। राज्य के कई जिलों में कम हुई मानसूनी बारिश का असर खेतीबाड़ी पर पड़ा है। राज्य में इस वर्ष धान की खेती के लिए निर्धारित लक्ष्य 18 लाख 01 हजार 400 में से सिर्फ 04 लाख 11 हजार 972 हेक्टेयर में ही धनरोपनी हो सकी है, जो लक्ष्य का 22.87% है। रांची में धनरोपनी सिर्फ 28.57% हुई है।कृषि पदाधिकारी, रांची रामशंकर प्रसाद सिंह ने बताया कि हाल ही में हुई अच्छी बारिश से धान समेत दूसरी खरीफ फसलों का आच्छादन की स्थिति में सुधार हुआ है और आने वाले दिनों में इसमें और तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि धान की बुआई की रफ़्तार को देखते हुए रांची में पूरी रिपोर्ट 50% तक पहुंच जाएगी।राज्य कृषि निदेशालय की 24 जुलाई, 2026 तक की जिलेवार कवरेज रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादातर जिलों में धान की रोपाई तेजी से हो रही है। इसके साथ ही, मक्का, रागी, अरहर, उड़द, मूंग और तिलहल में मूंगफली, तिल फसलों की बुवाई भी लगातार बढ़ रही है। 

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