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पलामू : नीलांबर पीतांबरपुर के कुंदरी में 9 मई को होगा पर्यावरणविदों का महाकुंभ
Published / 2021-03-22 11:33:10
पलामू : नीलांबर पीतांबरपुर के कुंदरी में 9 मई को होगा पर्यावरणविदों का महाकुंभ

नीलांबर पीतांबरपुर। प्रखंड के कुंदरी में उद्घोष फाउंडेशन के अध्यक्ष कमलेश सिंह कुंदरी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा है कि 09 मई को राष्ट्रीय पर्यावरण अधिवेशन कुंदरी में होना सुनिश्चित किया गया। जिसमें देश के कई क्षेत्रों से पर्यावरण पर्यावरणविदों वआगमन होगा। राष्ट्रीय पर्यावरण अधिवेशन 2021 के मुख्य विषय : पलाश संरक्षण और स्वरोजगार,गौरेया संरक्षण में आम आदमी की भूमिका, वन्य जीव संरक्षण और मानव जीवन का अस्तित्व, देव स्थानों में देववृक्ष की स्थापना, संरक्षण और आध्यात्मिक लाभ और ज्योतिषीय लाभ, तालाब संरक्षण से जल संकट का समाधान, औद्योगिक विकास और पर्यावरण में संतुलन की आवश्यकता, प्लास्टिक की चुनौतियां और समाधान-झारखंड मॉडल, गंगा नदी साफ हो सबका साथ हो, प्रवासी पक्षियों का संरक्षण-भागलपुर मॉडल, वनों में आग-समस्या और समाधान, वाटर हार्वेस्टिंग में योद्धाओं का अनुभव समेत भारत की पर्यावरण नीति और स्वरोजगार नीति कैसी हो। जिसमें जल संरक्षण, वायु संरक्षण, मृदा संरक्षण, पशु-पक्षी संरक्षण, स्वरोजगार के क्षेत्रो में कार्य के पर्यावरण योद्धाओं को सम्मानित भी किया जायेगा। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मुख्य अतिथि सरयू राय, विधायक पूर्वी जमशेदपुर सह पर्यावरणविद, मुख्य वक्ता सह विशेष आमंत्रित अतिथि राजेंद्र सिंह (जल पुरुष), राम लखन सिंह, कुलपति नीलांबर-पीतांबर विवि पलामू, ब्रिजेशकांत कांत द्विवेदी, निदेशक बायोवेद विश्वविद्यालय प्रयागराज, राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्राप्त ईहा दीक्षित मेरठ, डॉ धर्मेंद्र कुमार, पीपल नीम तुलसी अभियान के प्रणेता, बिहार, नीतीश कुमार, देववृक्ष महायज्ञ, विजय पाल बाघेल, दिल्ली सहित सैकड़ों पर्यावरण प्रेमियों का आगमन होगा। उन्होंने बताया कि इस कोरोना संकट को देखते हुए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। मौके पर अर्जुन महतो, विनोद राम, लभल पाल, राजेश पाल ,दिगनु देवी, मंजू देवी, सरिता देवी मुख्य रूप से उपस्थित थे।

पलामू : नीलांबर पीतांबरपुर के कुंदरी में 9 मई को होगा पर्यावरणविदों का महाकुंभ
Published / 2021-03-22 11:32:31
पलामू : नीलांबर पीतांबरपुर के कुंदरी में 9 मई को होगा पर्यावरणविदों का महाकुंभ

नीलांबर पीतांबरपुर। प्रखंड के कुंदरी में उद्घोष फाउंडेशन के अध्यक्ष कमलेश सिंह कुंदरी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा है कि 09 मई को राष्ट्रीय पर्यावरण अधिवेशन कुंदरी में होना सुनिश्चित किया गया। जिसमें देश के कई क्षेत्रों से पर्यावरण पर्यावरणविदों वआगमन होगा। राष्ट्रीय पर्यावरण अधिवेशन 2021 के मुख्य विषय : पलाश संरक्षण और स्वरोजगार,गौरेया संरक्षण में आम आदमी की भूमिका, वन्य जीव संरक्षण और मानव जीवन का अस्तित्व, देव स्थानों में देववृक्ष की स्थापना, संरक्षण और आध्यात्मिक लाभ और ज्योतिषीय लाभ, तालाब संरक्षण से जल संकट का समाधान, औद्योगिक विकास और पर्यावरण में संतुलन की आवश्यकता, प्लास्टिक की चुनौतियां और समाधान-झारखंड मॉडल, गंगा नदी साफ हो सबका साथ हो, प्रवासी पक्षियों का संरक्षण-भागलपुर मॉडल, वनों में आग-समस्या और समाधान, वाटर हार्वेस्टिंग में योद्धाओं का अनुभव समेत भारत की पर्यावरण नीति और स्वरोजगार नीति कैसी हो। जिसमें जल संरक्षण, वायु संरक्षण, मृदा संरक्षण, पशु-पक्षी संरक्षण, स्वरोजगार के क्षेत्रो में कार्य के पर्यावरण योद्धाओं को सम्मानित भी किया जायेगा। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मुख्य अतिथि सरयू राय, विधायक पूर्वी जमशेदपुर सह पर्यावरणविद, मुख्य वक्ता सह विशेष आमंत्रित अतिथि राजेंद्र सिंह (जल पुरुष), राम लखन सिंह, कुलपति नीलांबर-पीतांबर विवि पलामू, ब्रिजेशकांत कांत द्विवेदी, निदेशक बायोवेद विश्वविद्यालय प्रयागराज, राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्राप्त ईहा दीक्षित मेरठ, डॉ धर्मेंद्र कुमार, पीपल नीम तुलसी अभियान के प्रणेता, बिहार, नीतीश कुमार, देववृक्ष महायज्ञ, विजय पाल बाघेल, दिल्ली सहित सैकड़ों पर्यावरण प्रेमियों का आगमन होगा। उन्होंने बताया कि इस कोरोना संकट को देखते हुए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। मौके पर अर्जुन महतो, विनोद राम, लभल पाल, राजेश पाल ,दिगनु देवी, मंजू देवी, सरिता देवी मुख्य रूप से उपस्थित थे।

नमामि गंगे : दामोदर हिंदुस्तान पुल के निकट हुई भव्य गंगा आरती
Published / 2021-03-20 14:48:55
नमामि गंगे : दामोदर हिंदुस्तान पुल के निकट हुई भव्य गंगा आरती

बेरमो /करगली। नगर परिषद फुसरो क्षेत्र अंतर्गत नमामि गंगे योजना के तहत गंगा स्वच्छता पखवाड़ा 2021 कार्यक्रम के तहत दामोदर हिन्दुस्तान पुल के निकट भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया।जिसमें पंडित बरमदेव पांडेय ने विधिवध पूजा कर कार्यक्रम की शुभारंभ किया।मुख्य यजमान नप कार्यपालक पदाधिकारी अरुण कुमार भारती सह धर्मपत्नी रही। कार्यक्रम में मुख्य रुप से नप अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह, उपाध्यक्ष छेदी नोनिया, गिरिजा शंकर पाण्डेय, आर उनेश शामिल रहे। नप अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने कहा कि नमामि गंगे योजना के तहत सभी नगरवासियों को बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए। इस योजना को सफल बनाकर ही दामोदर नदी को स्वच्छ रखा जा सकता है। नदियों को प्रदूषित होने से बचायें। वहीं इससे पूर्व आरडीपीएस की छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम को सफल व दामोदर नदी को स्वच्छ रखने के लिए नप कार्यालय से प्रभातफेरी निकल कर लोगों को जागरूक किया गया। महेंद्र चौधरी, नीरज पाठक, नीतू सिंह, सुनीता सिंह, मुन्ना सिंह, कुमुद नोनिया, कैलाश ठाकुर, नीरज पाठक, दिनेश सिंह, परवेज अख्तर, शिवनंदन चौहान, उत्तम सिंह, कृष्ण चांडक, अरविंद वर्मा, रेहाना खातून, जितेंद्र सिंह, राकेश मालाकार, सुरेश बंसल, सुशांत राईका, पम्मी सिंह, सिकंदर ठाकुर, रमेश स्वर्णकार, भोला दिगार आदि मौजूद थे।

पर्यावरणविद ने पोती के जन्मदिन पर लगाया चंदन का पौधा
Published / 2021-03-19 13:13:41
पर्यावरणविद ने पोती के जन्मदिन पर लगाया चंदन का पौधा

मेदिनीनगर। शहर के बाईपास रोड स्थित पर्यावरण भवन के ऊपरी तल पर पर्यावरणविद कौशल किशोर जायसवाल ने अपनी पोती अद्रिका जायसवाल के तीसरे जन्मदिन पर आकाश बाग में चंदन का पौधा लगाकर परिवार के सभी सदस्यों के साथ जन्म दिन मनाया। मौके पर जायसवाल ने पर्यावरण धर्म के प्रार्थना के साथ पौधरोपण करवाने के बाद सभी सदस्यों को पर्यावरण धर्म के आठ मूल मंत्रों की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि पर्यावरण धर्म का अर्थ है कि लोग अपने जन्मदिन या जीवन के किसी भी शुभ अवसर या पूर्वजों की याद में पौधा लगाकर उसे बच्चों की तरह बचायें। संस्था के प्रधान सचिव पूनम जायसवाल, डाली बाजार के मुखिया अमित कुमार जायसवाल ने कहा कि बचपन से ही बच्चों को घर से लेकर स्कूल तक पौधा लगाने की शिक्षा देना चाहिए। जिससे आने वाले पीढ़ी को लाभ मिलेगा। मौके पर सूरज कुमार, सुमित कुमार, विकास कुमार, अमन कुमार, दीदी आराध्या, आशिका अनुषा भाई आकस समेत घर के सभी सदस्य और नाना नानी ने जन्मदिन पर बधाई दी।

झारखंड में तालाबों की घटती संख्या पर हाई कोर्ट गंभीर
Published / 2021-03-19 13:08:41
झारखंड में तालाबों की घटती संख्या पर हाई कोर्ट गंभीर

रांची। राजधानी में तालाबों की घटती संख्या पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. अदालत ने मामले में सभी पक्षों को सुनने के उपरांत राज्य सरकार को मामले में विस्तृत जवाब पेश करने को कहा है। जवाब में उन्हें यह बताने को कहा है कि राजधानी में वर्ष 1929 के सर्वे के अनुसार कितने तालाब और डैम का जल क्षेत्र था? वर्तमान में कितना जल क्षेत्र बचा हुआ है? कितने पर अतिक्रमण किया गया? कितने तालाब बचे हुए हैं? अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के पेयजल स्वच्छता सचिव, नगर विकास सचिव और आरएमसी के आयुक्त को हाजिर होकर जवाब पेश करने को कहा है। झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन और न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में राज्य के जल क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त करने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान रांची नगर निगम की ओर से जवाब पेश किया गया। अदालत ने राज्य सरकार और नगर निगम के जवाब पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए फिर से जवाब पेश करने को कहा है। इसके साथ ही अगली सुनवाई में नगर विकास सचिव, पेयजल स्वच्छता सचिव और रांची नगर निगम के आयुक्त को भी हाजिर रहने को कहा है. ताकि अदालत की ओर से पूछे जाने वाले प्रश्नों का जवाब मिल सके। हाई कोर्ट ने पूर्व में राज्य सरकार और रांची नगर निगम को मामले में जवाब पेश करने को कहा था। उसी आदेश के आलोक में राज्य सरकार और नगर निगम की ओर से जवाब पेश किया गया था। सरकार और नगर निगम के जवाब पर अदालत ने असंतुष्टि जताते हुए फिर से जवाब पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च को होगी।

उद्यान विभाग से मिले 4000 फूलों के पौधों से बदली महतो परिवार की किस्मत
Published / 2021-03-17 15:08:24
उद्यान विभाग से मिले 4000 फूलों के पौधों से बदली महतो परिवार की किस्मत

30 डिसमिल जमीन पर झारबेड़ा फूलों की खेती कर मालामाल हो रहे किसान राजेश महतो घाटशिला प्रखंड में हलुदबनी के रहने वाले हैं प्रगतिशील किसान राजेश महतो घाटशिला। घाटशिला प्रखंड के हेंदलजोड़ी पंचायत के हलुदबनी गांव के निवासी राजेश महतो (पिता कृष्ण चंद्र महतो) द्वारा उद्यान विभाग से दिए गए चार हजार झारबेड़ा फूलों की खेती चर्चा का विषय बन चुकी है। राजेश महतो द्वारा बताया गया कि उद्यान विभाग घाटशिला द्वारा उन्हें झारबेड़ा फूलों का पौधा उपलब्ध कराया गया,जिसका खेती लगभग 30 डिसमिल जमीन पर उनके द्वारा किया जा रहा हैं ,वे बताते है की फूलों की खेती में वैज्ञानिक तरीके का प्रयोग कर काफी सकारात्मक प्रगति देखने को मिला है। श्री महतो द्वारा पालीहाउस बनाकर झारबेड़ा के फूलों के पौधों की खेती की गई है। जिससे एक निश्चित सामान्य ताप पौधों को प्राप्त होता है, इसके अलावा ड्रिप इरिगेशन अर्थात टपक पद्घति से सिंचाई की व्यवस्था की गई है, जिससे पानी की समुचित मात्रा पौधों की जड़ों में पहुंचेगा और पानी की खपत भी कम होगी। समय-समय पर उद्यान एवं कृषि विभाग द्वारा महत्वपूर्ण जानकारियां यथा दवाइयां एवं खाद् के प्रयोग को लेकर उन्हें प्राप्त होती है। वे बताते है की झारबेरा का एक फूल 10 से 20 में बिकता है और लगभग सालों भर बिक्री होता है। खासकर शादी ब्याह के मौसम में तो इसकी बहुत मांग होती है ,घाटशिला के बगल में टाटानगर होने के कारण अच्छा बाजार भी उपलब्ध हो गया है। बिक्री के लिए। सबसे खास बात यह है कि उनको झारबेड़ा के फूलों की खेती में ज्यादा परिश्रम और देखरेख की भी जरूरत नहीं करनी पड़ती है। आगे उनका कहना है कि उनके पास पड़ती जमीन और भी उपलब्ध है यदि उद्यान विभाग द्वारा उन्हें गेंदा ,गुलाब के फूलों की खेती के लिए भी पौधा उपलब्ध कराया जाता है तो उनके आमदनी में गुणोत्तर वृद्घि होगी और इस फूलों की खेती और इसके आयस्रोत को देखते हुए गांव के बाकी लोग भी फूलों की खेती करने का विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि विभाग और भी कृषकों को यह अवसर प्रदान करें तो हमारा प्रखंड फूलों की मंडी के रूप में विकसित होगा और यहां के लोगों को बंगाल और झाड़ग्राम का रुख नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय तौर पर आय के स्रोत भी बढ़ेगी और कम दाम पर फूलों की खरीदारी स्थानीय लोग कर सकेंगे।

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