साथ रहने के वचन लेकर हुए एक दूजे के लिए श्री श्री पंचदेव मंदिर प्रांगण बड़ागांई में आज 5 मई को हुआ सामूहिक विवाह कार्यक्रम। एबीएन सोशल डेस्क। हनुमान क्लब बड़ागांई रांची के तत्वावधान में उपाध्यक्ष व समाजसेवी अशोक कुमार साहू अपने स्मृतिशेष पिता आनंद राम साहू एवं स्मृतिशेष माता सोहदरा देवी के स्मृति में आज दिनांक 5 मई, 2025 को श्री श्री पंचदेव मंदिर बड़ागांई के प्रांगण में 13 जोड़ों क्रमश: प्रभात माली - रानी मुंडा, अमित लिंडा - निकिता कीरो, मुकेश करमाली - पूजा कुमारी, विशाल लोहारा- सिमरन कुजूर, प्रमेन्द्र तुरी- गुड़िया कुमारी, रितिका नायक-स्वाति कुमारी, सुरेंद्र उरांव-मुनिता कुमारी, पवन राम-संध्या कुमारी, सोनू कच्छप-रानी उराव, छोटू उरांव-सुमन उरांव, अमित उरांव-पूनम बिन्हा, संदीप उरांव-प्रियंका उरांव, अनुज मुंडा ममता कुमारी के सामूहिक विवाह का कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।सभी 13 वर की ओर से 10 बजे मंदिर प्रांगण से निकलकर ग्राम भ्रमण करते हुए बड़ागांई चौक तक पहुंच कर पुण: मंदिर प्रांगण वापस पहुंची। मंदिर प्रांगण पहुंचने पर वर-वधु पक्षों ने एक दूसरे को पुष्प माला पहनाकर स्वागत किये। 12 बजे वरमाला एवं 1- 3 से वैदिक मंत्रों के साथ विवाह कार्यक्रम संपन्न हुए। सिंदूर दान कर सभी वर-वधू सात जन्मों तक साथ-साथ रहने का वचन खाये। 5:30 बजे सभी को आवश्यक घरेलू सामान व आभूषण देकर व सुरुचि भोज कराकर विदाई दी गयी। मौके पर विश्व हिंदू परिषद के झारखंड बिहार के सहमंत्री डॉ बिरेन्द्र साहु ने कहा सामूहिक विवाह आयोजन करता अशोक कुमार साहू को साधुवाद व वर-वधुओं को आशीर्वाद देते हुए देते हुए कहा वैवाहिक कार्यक्रम हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। जो सिर्फ दो आत्माओं को ही नहीं अपितु दो परिवार को जोड़ते वह जगत को आगे बढ़ाने की कामना रखता है। कार्यक्रम आयोजक अशोक साहू ने संबोधित करते हुए कहा आर्थिक रूप से तंगी व गरीब परिवार जो विवाह करने में असमर्थ हुआ करते हैं जिसके कारण वे बाध्य होकर अविवाहित ही साथ-साथ रहने में विवश हो जाते हैं, ऐसे ही जोड़ों को उनका सामाजिक मान्यता दिलाने के लिए विवाह कार्यक्रम आयोजन करते हैं। उन्होंने कहा यह मेरा तीसरा आयोजन है जिसमें 36 जोड़ों का विवाह हो चुके हैं। कार्यक्रम में रमेश तिर्की, बालसाय महतो, डॉ जीवाधन प्रसाद, राजकुमार साहू, रणधीर सिंह, फागु साहु सहित वर-वधुओं के परिवार के साथ-साथ कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। उक्त जानकारी हनुमान क्लब बड़ागांई, रांची के प्रचार प्रसार प्रमुख मनीष साहु ने दी।
प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने मुख्य अतिथि को साफा पहना कर और फरसा भेंट किये विप्र फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष ने भी बुके एवं अंग वस्त्र देकर स्वागत किया टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 4/05/2025 दिन रविवार को विश्व ब्राह्मण संघ व विप्र फाउंडेशन झारखंड के तत्वावधान में गुरुनानक आडिटोरियम रामगढ़ में श्री गुरुनानक पब्लिक स्कूल रामगढ़ में सर्व ब्राह्मणों की उपस्थिति मे हर्षोल्लास के साथ परशुराम जन्मोत्सव बड़े ही भव्य रुप से हजारों की संख्या में मनाया गया। इस कार्यक्रम में सर्वप्रथम मुख्य अतिथि सतीश चंद्र दूबे कोयला मंत्री एवं खनन राज्य मंत्री भारत सरकार एवं प्रदेश अध्यक्ष को अनेक ब्राह्मणों ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत सम्मान किया। उसके बाद भगवान परशुराम जी के चित्र पर माल्यार्पण किया। भगवान परशुराम जी की वैदिक मंत्रोच्चारण रीतिनुसार पूजन किया गया। सभा मे ब्राह्मण समाज के गणमान्य विद्वानों ने अपने अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार शर्मा ने की, मंच संचालन अमित मणि शर्मा एवं प्रहलाद पाण्डेय ने किया। स्वागत भाषण प्रदीप कुमार शर्मा ने दिया, जिसमें उन्होंने संगठन के द्वारा ब्राह्मण समाज के उत्थान में किये जा रहे सामाजिक कार्यों पर अपने विचार रखे। मुख्य अतिथि ने ब्राह्मण समाज के पौराणिक महत्व के बारे में प्रकाश डाला।परशुराम भगवान शास्त्र और शस्त्र के विद्वान थे। ब्राह्मणों का जीवन त्याग और बलिदान का जीवन हैं। भारत के संपूर्ण ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक उत्थान में ब्राह्मणों का अतुलनीय योगदान रहा है। वर्तमान समय में दयनीय परिस्थितियों में हमें एक दूसरे का सदैव सहयोग करना चाहिए। प्रकाश मिश्रा ने भी सभा को संबोधित करते भारत में ब्राह्मणों के वर्तमान स्थिति पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि आज ज्यादातर ब्राह्मण आर्थिक पिछड़ेपन के कारण समाज में बेरोजगारी और गरीबी के शिकार हो रहे जिसे सरकार को इस विषय पर चिंता करने की आवश्यकता है। विक्रम पाण्डेय पूर्व प्रत्याशी भाजपा टुंडी विधानसभा ने ब्राह्मणों में आपसी एकजुटता और संगठित होने पर बल दिया। ज्ञान ब्रह्म पाठक ने भारत मे ब्राह्मण के त्याग और बलिदान पर अपने विचार रखे। इस कार्यक्रम में प्रदीप कुमार मिश्रा, जय प्रकाश शर्मा, प्रदीप मिश्रा, प्रकाश मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन पाठक, महेश मिश्रा प्रहलाद पाण्डेय, ईलारानी पाठक, कृष्णा उपाध्याय, रमाशंकर पांडेय, विनोद मिश्रा, अशोक कुमार पांडेय, श्याम शर्मा, गोकुल शर्मा,सरिता पाण्डेय, संगीता दूबे,नंदु शर्मा, प्रकाश चंद्र व्यास, मुना मिश्रा, अनुज तिवारी, अंकित पाठक, सुरेंद्र पांडेय, नवीन पांडेय आदि हजारों लोग उपस्थित थे।
सीता नवमी धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण पर्व : संजय सर्राफ एबीएन सोशल डेस्क। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट एवं विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि सीता नवमी जिसे जानकी नवमी भी कहा जाता है, हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है जो वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन को देवी सीता के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को सीता नवमी मनायी जाती है। इस दिन को सीता जयंती और जानकी जयंती के नाम से भी जाना जाता है। बता दें कि मां सीता मिथिला नरेश राजा जनक की पुत्री थीं, इसलिए उन्हें जानकी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वैशाख शुक्ल की नवमी तिथि के दिन माता सीता धरती पर प्रकट हुई थीं। सीता नवमी का शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार, वैशाख शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि का आरंभ 5 मई को सुबह 7 बजकर 35 मिनट पर होगा। नवमी तिथि का समापन 6 मई को सुबह 8 बजकर 38 मिनट पर होगा। सीता नवमी के दिन व्रत करने का भी विधान है। इस दिन व्रत कर भगवान राम और मां सीता की विधिपूर्वक की जाती है। कहते हैं कि सीता नवमी के दिन जो कोई भी व्रत करता है, उसे सोलह महादानों और सभी तीर्थों के दर्शन का फल मिलता है। साथ ही माता सीता और श्री राम के मंत्र का 11 बार जप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है- श्री सीतायै नम:। श्री रामाय नम: इस प्रकार मंत्र जप करके माता सीता और श्री राम,दोनों को पुष्पांजलि चढ़ाकर उनका आशीर्वाद लें। इससे आपके सारे मनोरथ सिद्ध होंगे और आपकी सारी इच्छाएं पूरी होंगे। पौराणिक कथाओं के अनुसार, राजा जनक संतान प्राप्ति के लिए यज्ञ कर रहे थे। यज्ञ भूमि की जोताई करते समय हल से एक कन्या प्रकट हुई, जिसे राजा जनक ने अपनी पुत्री के रूप में अपनाया और उसका नाम सीता रखा। सीता शब्द का अर्थ है जोती हुई भूमि, जो इस घटना से जुड़ा है। सीता नवमी का पर्व विशेष रूप से विवाहित महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है। इस दिन व्रत रखने से दांपत्य जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। माता सीता को आदर्श पत्नी और नारीत्व की प्रतीक माना जाता है।सीता नवमी के दिन प्रात:काल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें। फिर पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें और भगवान राम तथा माता सीता की मूर्तियों का पूजन करें। पूजा में रोली, चावल, पुष्प, फल, मिठाई, दीपक आदि अर्पित करें। रामायण का पाठ करें और माता सीता की आरती उतारें।इस दिन विशेष रूप से 16 श्रंगार की वस्तुएं जैसे सिंदूर, बिंदी, चूड़ी आदि माता सीता को अर्पित करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इसके अलावा, खीर का भोग लगाकर सात कन्याओं को प्रसाद देने से धन-संपत्ति में वृद्धि होती है। दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और पापों का नाश होता है। सीता नवमी न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व हमें माता सीता के आदर्शों का पालन करने की प्रेरणा देता है और हमारे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करता है। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि सीता नवमी के अवसर पर 6 मई को पुंदाग स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर में विशेष पूजा- अर्चना, भोग एवं भजन- कीर्तन का आयोजन किया गया है।
एबीएन सोशल डेस्क। सर्दियों में 6 माह बंद रहने के बाद केदारनाथ धाम के कपाट शुक्रवार सुबह श्रद्धालुओं के लिए फिर से खोल दिए जाएंगे। इस मौके पर हिमालय स्थित इस मंदिर को देश-विदेश से मंगाए गए विभिन्न प्रकार के 108 क्विंटल फूलों से सजाया गया है। सजावट के लिए गुलाब और गेंदा समेत 54 प्रकार के फूलों का इस्तेमाल किया गया है।
*प्रेस वक्तव्य:**नागरिकता रजिस्टर का काम शीघ्र प्रारंभ हो तथा पाकी नागरिकों व उनके स्लीपर सेलों को बाहर खदेड़ा जाए : विहिप* नई दिल्ली। मई 2, 2025। विश्व हिन्दू परिषद ने आज मांग की है कि भारत में नागरिकता रजिस्टर बनाने की प्रक्रिया तुरंत प्रारंभ कर पाकिस्तानी नागरिकों के साथ उनके स्लीपर सेलों को सीमा पार खदेड़ा जाए। विहिप के केन्द्रीय संयुक्त महा मंत्री डॉ सुरेन्द्र जैन ने आज कहा कि पहलगाम में जिहादी आतंकवादियों द्वारा हिंदुओं के निर्मम नरसंहार के बाद केंद्र सरकार ने जो कठोर कदम उठाए हैं, उनके कारण कई राष्ट्र विरोधी षड्यंत्र उजागर भी हो रहे हैं, जो दशकों से देश की जड़ों को खोखला कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसी लाखों महिलाएं सामने आई हैं जिनके शौहर पाकिस्तानी मुसलमान हैं व वहीं के पासपोर्ट धारी भी हैं। लेकिन वे महिलाएं और उनके बच्चे भारत के नागरिक हैं। ऐसे हजारों और भी मामले हैं जिसमें भारतीय मुस्लिम महिला ने किसी पाकिस्तानी से शादी की और खुद भी पाकिस्तान की नागरिकता ली लेकिन बच्चों को भारत की ही नागरिकता दिला रखी है। ये सब लोग भारत में मिल रही सुविधाओं का तो लाभ ले ही रहे हैं, ये भारत के पैसे पर पलकर भारत की ही जड़ों पर आघात कर रहे हैं। ये पाकिस्तान से सहानुभूति रखते है और ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ जैसे नारों पर भड़ककर हिंसक हो जाते हैं। ये पाकिस्तानी स्लीपर सेल हैं जिन्हें अबिलंब सीमा पार खदेड़ा जाना बहुत जरूरी है।विहिप की मांग है कि अब भारतीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) शीघ्र बनना चाहिए। जो भी भारत के अधिकृत नागरिक नहीं है, उनके राशन कार्ड, आधार कार्ड या वोटर कार्ड की गहन जांच होनी चाहिए और उनको रद्द करके इन लोगों को भारत से निष्कासित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आगामी जनगणना के साथ-साथ एनआरसी भी बन जाए और भारत के दुश्मनों व उनके स्लीपर सेल को तत्काल प्रभाव से भारत से बाहर निकाल दिया जाए, यह जरूरी है। अब समय आ गया है कि जो भी भारत विरोधी गतिविधियों में संलिप्त हैं, उन्हें भारत में ना रहने दिया जाए।डॉ जैन ने यह भी कहा कि दुर्भाग्य से कुछ लोग ऐसे षड्यंत्र करने वालों को रोते-धोते दिखाकर उनके प्रति संवेदना निर्माण करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हें ध्यान रखना चाहिए कि इन राष्ट्र विरोधियों के ये षड्यंत्र कई दशकों से चल रहे हैं और लाखों महिलाएं भी इसमें संलिप्त हैं। जिहादी-सेकुलर ताकतों के अपवित्र गठजोड़ भी उनकी सहायता करते रहे हैं। अब, जबकि इनका पर्दाफाश हो गया है, ये संवेदना के नहीं, भारत से निष्कासन के पात्र हैं। उक्त जानकारी विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल
टीम एबीएन, रांची। श्री सर्वेश्वरी समूह शाखा रांची (औघड़ भगवान राम आश्रम, अघोर पथ, लेक रोड पश्चिम, रांची) ने आज अक्षय तृतीया के शुभ मौके पर पिस्का मोड़, रांची पर गुरु कृपा बिल्डिंग में स्थित स्थायी प्याऊ की उन्नीसवीं वर्षगांठ मनाकर लोगों के सेवा हेतु सुपुर्द किया गया। श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा रांची द्वारा संचालित यह नि:शुल्क प्याऊ सेवा 2006 में अक्षय तृतीया के शुभ दिन पर शुरू किया गया था। तब से यह प्याऊ प्रत्येक वर्ष लोगों की सेवा में समर्पित है। प्याऊ के उन्नीसवीं वर्षगांठ को मनाने के लिए शाखा के लोग प्रात: 7 बजे प्याऊ स्थल पर एकत्रित हुए एवं विधिवत आरती पूजन के साथ कार्यक्रम को सम्पन्न किया। इसके उपरांत बजरा चौक स्थित गौरी मेडिकल हॉल पर एक नि:शुल्क प्याऊ सेवा का शुभारम्भ किया गया। प्रात: 8 बजे शाखा के सदस्य स्थल पर एकत्रित हुए एवं विधिवत आरती पूजन कर प्याऊ की शुरुआत की गयी। ज्ञात हो कि श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा रांची द्वारा इन दो नि:शुल्क प्याऊ के अलावा और दो प्याऊ अभी तक लगाया जा चुका है जो कि किशोर गंज चौक (प्रीति स्वीट्स के बगल में) एवं अशोक नगर (आईडीबीआई बैंक के पास) में स्थित है। इन नि:शुल्क प्याऊ के माध्यम से इस भीषण गर्मी में लोगों को पीने के लिए स्वछ एवं शीतल जल की व्यवस्था की गई। प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी इन नि:शुल्क प्याऊ सेवा को ग्रीष्म ऋतु के समाप्ति तक रोजाना चलाया जायेगा। आज के कार्यक्रम के कुशल आयोजन में राधेश्याम सिंह, शशिभूषण मिश्रा, सुनील साहू, प्रमोद कुमार सोनी का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में आशुतोष कुमार, विक्रांत सिंह, गणेश प्रसाद गुप्ता, आकाश सोनी, उमाशंकर नन्द, गंगाधर नाथ शाहदेव, गिरेन्द्र नाथ शाहदेव, अर्जुन भगत, यदुनाथ शाहदेव इत्यादि शामिल हुए।
एबीएन सोशल डेस्क। गायत्री युगतीर्थ शांतिकुंज, हरिद्वार, उतराखंड के तत्वावधान तथा गायत्री शक्तिपीठ रांची के मार्गदर्शन व सानिध्य में गायत्री रूपी सद्ज्ञान, महाविज्ञान और यज्ञ रूपी सत्कर्म व तत्वदर्शन को समस्त कोयलांचल एवं आसपास के सभी गांवों के परिजनों एवं जनमानस में अवतरण और सर्वत्र सुख-शांति, स्वास्थ्य-समृद्धि एवं पर्यावरण में स्वच्छ वातावरण संवर्धन के लिए 09 कुंडीय राष्ट्र जागरण गायत्री महायज्ञ का भव्य आयोजन ग्राम हेसालौंग, पोस्ट- मैक्लुस्कीगंज, जिला- रांची (झारखंड) में 02 से 04 मई 2025 तक त्रि दिवसीय आयोजन होना सुनिश्चित हुआ है। इस महायज्ञ आयोजन में नवगठित खलारी प्रखंड समन्वय समिति सदस्यगण, गायत्री शक्तिपीठ, डकरा ट्रस्टीगण, खलारी शक्तिपीठ और मैक्लुस्कीगंज चरणपीठ - गायत्री परिवार के परिजनों द्वारा आसपास के समस्त परिजनों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। खलारी प्रखंड समन्वयक ने बताया कि इस महायज्ञ को सफल संपन्न करने में सभी सदस्यगण, साधक-शिष्य व भाई-बहन यज्ञीय प्रयाज की प्रचारात्मक प्रक्रिया और तैयारी में जुटे हुए हैं। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के जय नारायण प्रसाद ने दी।
टीम एबीएन, रांची। अग्रसेन पथ स्थित श्री श्याम मंदिर में दिनांक 24 अप्रैल 2025 को वरुथिनी एकादशी पर्व अत्यंत श्रद्धा भाव व भक्तिमय वातावरण में आयोजित किया गया। सनातन धर्म में एकादशी का अत्यन्त महत्व होने के कारण प्रात: से ही श्री श्याम प्रभु के दर्शन के लिए भक्तगण आतुर थे। प्रात: श्री श्याम प्रभु को नवीन वस्त्र (बागा) पहनाकर स्वर्ण आभूषणों से अलंकृत कर लाल गुलाब - जूही - बेला - रजनीगंधा के ताजे और खुशबूदार फूलों से मनमोहक श्रृंगार किया गया। साथ ही मंदिर में विराजमान शिव परिवार एवं हनुमान जी का भी इस अवसर पर विशेष श्रृंगार किया गया। रात्रि 9 बजे श्री श्याम प्रभु के जयकारों के बीच श्री श्याम नाम की दिव्य ज्योति प्रज्वलित की गई । मनोवांछित मनोकामना के साथ भक्तगण कटारब्रध होकर दिव्य ज्योत में आहुति प्रदान कर रहे थे । खूब सज्यो दरबार खाटू वाले को हम आज सभी मिलकर तेरी रात जगाएंगे हमें तो जो भी दिया श्याम बाबा ने दिया श्याम बाबा को श्रृंगार मन भाव बस इतनी तमन्ना है हे श्याम तुम्हें देखूं इत्यादि भजनों की लय पर भक्तगण भावविभोर हो श्याम नाम की मस्ती लूट रहे थे। इस अवसर पर श्री श्याम प्रभु को विभिन्न प्रकार के मिष्ठान - फल - मेवा व केसरिया दूध का भोग अर्पित किया गया। रात्रि 1 बजे महाआरती व प्रसाद वितरण के साथ आज का कार्यक्रम का समापन किया गया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में रमेश सारस्वत, ओम जोशी, गोपी किशन ढांढनिया, चन्द्र प्रकाश बगला, नितेश केजरीवाल, मनोज ढांढनिया, प्रियांश पोद्दार, केशव सारस्वत, प्रदीप अग्रवाल, मधुसूदन सारस्वत का विशेष योगदान रहा। उक्त जानकारी श्री श्याम मंदिर, अग्रसेन पथ रांची के श्री श्याम मंडल मीडिया प्रभारी सुमित पोद्दार (9835331112) ने दी।
सदगुरू कृपा अपना घर आश्रम (सत्य-प्रेम सभागार) में रह रहे एक निराश्रित को उनके परिवार से मिलाया गया टीम एबीएन, रांची। एमआरएस श्री कृष्ण प्रणामी सेवाधाम ट्रस्ट के अन्तर्गत काम कर रही समाजिक संस्था श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवाधाम पुंदाग में चल रहे सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम ( सत्य-प्रेम सभागार) में रह रहे मंदबुद्धि दिव्यांग प्रभु जी लोगो की नि:शुल्क सेवा संस्था के द्वारा 6 जनवरी 2024 से लगातार जारी है। अपना घर आश्रम के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि आश्रम में रह रहे 1 निराश्रित जिसका नाम राजेश यादव है वह 16 जुन 2024 को सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में लाये गये थे।वह अपनी याददाश्त खो चुके थे उन्हे कुछ भी याद नही था उनका समुचित इलाज शहर के जाने माने न्यूरो सर्जन डॉ एच.पी. नारायण की देखरेख में चल रहा था। उनके प्रयास से राजेश यादव की याददाश्त 24 मार्च 2025 को वापस आ गई और वह अपने घर जाने की जिद करने लगा उसने अपने घर का पता संस्था के पदाधिकारीयों एव उनकी देखभाल करने वाले सेवादार साथीयों को दी उसके बाद आश्रम के सेवादार साथियों ने उसके बताये पते पर खोजबीन कर उसके परिवार के लोगो का पता किया। उसके बाद राजेश यादव को पटना सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम भेजा गया। वहा के सेवादार साथी रंजीत कुमार उसको बुधवार 23 अप्रैल 2025 को उसके घर सिवान गांव शेखपुरा थाना बड़हरिया ले जाकर उसको उसके परिवार से मिलाया। प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि अभी सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में 37 दिव्यांग व निराश्रितों दीनबंधुओं का समुचित देखभाल एवं बेहतर सेवा की जा रही है।
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