एबीएन सोशल डेस्क। नया साल 2023 जल्द ही शुरू होने वाला है और आने वाले साल को लेकर लोग काफी उत्साहित हैं। साथ ही नए साल को बेहतर बनाने के लिए नए-नए संकल्प ले रहे हैं। कहा जाता है कि नए साल की शुरुआत देवी-देवताओं की पूजा के साथ की जाए तो पूरा साल अच्छा होता है।भगवान का आशीर्वाद लेकर नए साल की शुरुआत करने से आने वाली सभी समस्याएं साल भर दूर रहती हैं। इस बार नया साल रविवार के दिन से शुरू हो रहा है। रविवार का दिन ग्रहों के देवता सूर्य देव को समर्पित है। इसलिए साल 2023 में भी सूर्य का प्रभाव रहेगा। सूर्य देव के प्रभाव से व्यक्ति को समाज में मान सम्मान की प्राप्ति होती है। ऐसे में सूर्य देव को प्रसन्न करने के नए साल के पहले दिन आपको कुछ उपाय करने चाहिए। नए साल के पहले दिन ये उपाय करके आप साल भर सूर्य की कृपा पा सकते हैं। आइए जानते हैं उन उपायों के बारे में... वैसे तो रोजाना सूर्य देव की उपासना करनी चाहिए, लेकिन यदि आप रोजाना नहीं कर सकते तो नए साल के पहले दिन जरूर करें। ऐसा करने से साल भर आपके मान सम्मान में वृद्धि होती है। नए साल के पहले दिन यानी 1 जनवरी 2023, रविवार को स्नान के बाद उगते सूरज को जल दें। सूर्य देव को जल देने के बाद धन की देवी मां लक्ष्मी की भी पूजा भी करें। ऐसा करने से सूर्य देव के साथ-साथ माता लक्ष्मी का भी पूरे साल आशीर्वाद मिलता रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि आपकी कुंडली में सूर्य कमजोर हो तो आपको 1 जनवरी 2023 दिन रविवार के दिन मछलियों को आटे की गोलियां बनाकर खिलाएं। ऐसा करने से कुंडली में सूर्य की स्थिति अच्छी होती है। साथ ही सूर्य देव की कृपा से व्यक्ति के जीवन में आ रही तमाम तरह की परेशानियां दूर हो जाती हैं।
जमशेदपुर में आयोजित विहिप की बैठक में समाज की मजबूती पर जोरएबीएन सोशल डेस्क। विश्व हिंदू परिषद के युवा शाखा बजरंग दल जमशेदपुर महानगर के तत्वावधान में आज दिनांक 14 दिसंबर 2022 को संध्या 3:30 बजे जमशेदपुर के गोविंदपुर में एक बैठक की गयी। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में झारखंड में तीन दिवसीय प्रवास के क्रम में आये विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मिलिंद परांडे जी ने कहा भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को कुरुक्षेत्र में कर्तव्य का बोध कराते हुए गीता जी का उपदेश दिया था। श्री कृष्ण ने कहे हैं कि कर्तव्य कितना भी कठिन हो, पर उसे पूर्ण करना ही चाहिए। उन्होंने कहा सदियों धर्म के रास्तों पर चलने वाले को विजय प्राप्त होता है। हमारा हिंदू समाज सदैव से पराक्रमी रहा है। परंतु अंग्रेज इतिहासकारों ने भारतीय योद्धाओं को कमजोर बताकर हमें हीनता का भाव प्रकट कराया है।उन्होंने कहा कि श्री राम जन्मभूमि आंदोलन से समाज में जाति, पंथ, संप्रदाय जैसे समाज विध्वंसक विचारधारा में परिवर्तन आया है जिससे समरस समाज बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने कहा, आज भी समाज विध्वंसक विचारधारा वाले समाज के द्वारा हिंदू को हिंदू से लड़ा कर समाज में दरार डालने का कार्य कर रही है, ऐसे तत्वों से सचेत रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा वर्तमान परिपेक्ष्य में हिंदुत्व एवं हिंदुत्व चिंतन अब समाज के बीच केंद्र बिंदु बन गया है, यह दृश्य आज के राजनीतिक पटल पर भी स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने कहा झारखंड में ईसाइयों का मतांतरण, इस्लाम की जिहादी गतिविधि एवं कम्युनिस्ट विचारधारा के नक्सलवाद के कारण हिंदू एवं हिंदुत्व को काफी क्षति पहुंच रही है। मयांमार के रोहिंग्या एवं बांग्लादेशी मुस्लिमों का घुसपैठ के कारण झारखंड सहित देश के अनेक राज्य के जिलों में आंतरिक सुरक्षा में खतरा बढ़ा है तथा जनसंख्या असंतुलन की स्थिति बनता जा रहा है। उन्होंने कहा देश, राष्ट्र, धर्म और संस्कृति के रक्षार्थ समस्त हिंदू जनमानस को हिंदू संस्कार में दृढ़ीकरण तथा सामाजिक जीवन में प्रमाणिकता के साथ व्यवहार में लाना आवश्यक है। उन्होंने कहा लगभग 500 साल तक का संघर्ष का परिणाम है भगवान पुरुषोत्तम श्री रामजी का भव्य मंदिर। उन्होंने कहा गौ माता, गंगा माता, भारत माता हमारी सनातन परंपरा की आत्मा है परंतु आज झारखंड में बैठे शीर्ष नेता के द्वारा गौतस्करी को नहीं रोकने का वक्तव्य देकर सनातन संस्कृति अवधारणा को अपमानित करने का काम किया है। उन्होंने कहा आज के जागृत हिंदू को अब हिंसा के बल पर दबाया अथवा सताया नहीं जा सकता।कार्यक्रम का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चरण करके किया गया। साथ ही बजरंग दल के कार्यकतार्ओं के द्वारा शौर्य यात्रा करते हुए गोविंदपुर नगर का भ्रमण गगनभेदी नारों के बीच कियेग। कार्यक्रम में क्षेत्र मंत्री वीरेंद्र विमल क्षेत्र संगठन मंत्री आनंद कुमार प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, पूज्य महंत प्रचार प्रसार प्रांत प्रमुख संजय कुमार, विभाग मंत्री संजय चौरसिया, जिला अध्यक्ष अजय गुप्ता, मंत्री दीपक वर्मा, विभाग संयोजक जनार्दन पांडेय, सा मंत्री चंद्रिका भगत बजरंग दल संयोजक डॉ भोला लोहरा, महानगर कार्यवाह रविंद्र कुमार, अरुण सिंह, संजय सिंह सहित सैकड़ों कार्यकर्ता थे। उक्त जानकारी झारखंड विहिप के प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
एबीएन सोशल डेस्क। विश्व हिंदू परिषद रांची महानगर के तत्वावधान में आज दिनांक 13 दिसंबर, 2022 को संध्या 5:30 बजे रांची के बड़ा तालाब स्थित शिव-दुर्गा परिसर में विशिष्टजनों का गोष्ठी की गई। गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में झारखंड में तीन दिवसीय प्रवास के क्रम में आए विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे जी विशेष रूप से उपस्थित थे।गोष्ठी को संबोधित करते हुए मिलिंद परांडे जी ने कहा श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से समाज में जाति, पंथ, संप्रदाय जैसे समाज विध्वंसक विचारधारा में परिवर्तन आया एवं समाज समरस बनने की ओर अग्रसर हुआ। उन्होंने कहा आज भी समाज विध्वंसक व्यक्ति हिंदू को हिंदू से ही टकराने की कुचक्र चलाकर समाज में दरार डालने का कार्य कर रही है, ऐसे तत्वों से सचेत रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा वर्तमान परिपेक्ष्य में हिंदुत्व एवं हिंदुत्व चिंतन समाज के बीच केंद्र बिंदु बन गया है, यह दृश्य आज के राजनीतिक पटल पर भी स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने कहा झारखंड में ईसाइयों का धर्मांतरण, इस्लाम की जिहादी गतिविधि एवं कम्युनिस्ट विचारधारा के नक्सलवाद के कारण हिंदू एवं हिंदुत्व को काफी क्षति पहुंची है। जिहादी घुसपैठ के कारण झारखंड सहित देश के अनेक भागों में आंतरिक खतरा बढ़ा है तथा जनसंख्या असंतुलन की स्थिति बनता जा रहा है। उन्होंने कहा देश, राष्ट्र, धर्म और संस्कृति के रक्षार्थ समस्त हिंदू जनमानस को हिंदू संस्कार में दृढ़ीकरण तथा सामाजिक जीवन में प्रमाणिकता के साथ व्यवहार में लाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा सहित अनेक जनजातीय धर्म योद्धाओं ने सनातन धर्म और संस्कृति के रक्षार्थ संघर्ष करते हुए अपने को बलिदान भी किए हैं, जो हमारे प्रेरणा का स्रोत है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों को श्री महावीर मंडल रांची के पूर्व अध्यक्ष राजीव रंजन मिश्रा ने शॉल उड़ाकर सम्मानित किए। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के पटना क्षेत्र अध्यक्ष रामस्वरूप रुंगटा, क्षेत्र मंत्री वीरेंद्र विमल, क्षेत्र संगठन मंत्री आनंद कुमार, प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू, प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, एकल के केंद्रीय टोली सदस्य ओ पी लाल, प्रांत उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव, चंद्रकांत राजपत, सुनील गुप्ता, महानगर अध्यक्ष कैलाश केसरी, मंत्री चंद्रदीप दुबे, विभाग मंत्री किशुन झा, विभाग सहमंत्री विकास सिंह, उपेंद्र रजक, राहुल सिन्हा चंकी, महानगर उपाध्यक्ष गोपाल पारीक, अरुण बुधिया, प्रदीप राजगढ़िया, दयाशंकर ओझा, अर्जुन राम, पार्षद नकुल तिर्की, रंजीत चौरसिया सहित शहर के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। उक्त जानकारी विहिप के झारखंड प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
टीम एबीएन, देवघर/रांची। बाबा भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए कोई डाक बम बनकर तो कोई सोमवारी बम बनकर तो कोई सामान्य बम बनकर सुल्तानगंज के पवित्र उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर देवघर स्थित बाबा धाम आते हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश बलिया जिला के नाथनगर रसड़ा गांव के संन्यासी अशोक गिरी हाथ के बल पर 108 दिन में बाबा भोलेनाथ को जलाभिषेक करने का संकल्प लेकर बिच्छू बम बनकर देवघर पहुंचे।मंगलवार के दिन हाथ के बल पर बिच्छू बम बनकर देवघर पहुंचे सन्यासी अशोक गिरी को देखने के लिए जगह जगह लोगों की भीड़ लगी रही। देवघर पहुंचने के बाद गोमुख गंगोत्री समाज के बैनर तले बाबा बैजनाथ का रुद्राक्ष और शाल देकर उन्हें सम्मानित किया गया।
रांची में 9 जगहों पर चलाए जा रहे शेल्टर होम, नि:शुल्क है ठहरने की व्यवस्थाटीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजधानी रांची में इन दिनों शाम ढलने के बाद ठंड बढ़ जाती है। लोग अपने-अपने घरों में दुबक जा रहे हैं। अंधेरा शुरू होते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। मगर फिर भी शहर के कुछ इलाकों में बेघर व जरूरतमंद लोग सड़कों पर खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजूबर हैं। ऐसे बेसहारा लोगों के लिए नगर निगम नौ जगहों पर आश्रयगृह का संचालन कर रहा है। जहां वो निशुल्क विश्राम कर सकते हैं। रांची नगर निगम की ओर से खादगढ़ा बस स्टैंड, खादगढ़ा बस, रिम्स के पास, एजी मोड़, जगरनाथपुर, धुर्वा बस स्टैंड, बकरी बाजार, आईटीआई बस स्टैंड व मधुकम में आश्रयगृह का संचालन किया जा रहा है। खादगढ़ा बस स्टैंड के पास एक महिला व एक पुरुष आश्रयगृह बनाया गया है। शेष अन्य सभी आश्रयगृह केवल पुरुषों के लिए हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। विश्व प्रसिद्ध राम कृष्ण शारदा मिशन की अध्यक्षा प्रव्याजिका भक्तिप्राणा का निधन हो गया है। रविवार रात 11:24 पर उन्होंने आखिरी सांस ली है। उनकी उम्र 102 साल थी। सोमवार सुबह 10 बजे उनका पार्थिव शरीर शारदा मठ लाया गया जहां मिशन समेत अन्य गणमान्य लोगों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी है। उम्र जनित कई बीमारियों से उक्त सन्यासिनी पीड़ित थीं। गत सात दिसंबर को उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था। अस्पताल सूत्रों ने बताया है कि सेहत लगातार गिरने की वजह से उन्हें आईसीयू में रखा गया था। उनके फेफड़े में संक्रमण हो गया था और तेज बुखार कम ही नहीं हो रहा था। रविवार दोपहर बाद उनकी हालत गंभीर हो गई थी जिसके बाद उन्हें शाम के समय वेंटीलेशन पर रखा गया था लेकिन आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया।प्रव्याजिका भक्तिप्राणा शारदा मठ और रामकृष्ण मिशन की चौथी अध्यक्ष थीं। 2009 के अप्रैल महीने में उन्हें यह जिम्मेवारी दी गई थी। इसके पहले वह मातृ भवन अस्पताल में थीं। उन्हीं की कोशिशों की वजह से अस्पताल में प्रसूति विभाग के 10 बेड वाले अस्पताल को 100 बेड वाले अत्याधुनिक अस्पताल में तब्दील किया गया था। वहां अस्पताल में उन्हें बड़ी मां के नाम से जाना जाता था।सन 1920 के अक्टूबर महीने में कोलकाता में जन्मी प्रव्याजिका की बचपन से ही ईश्वर के प्रति अगाध श्रद्धा थी। रामकृष्ण मठ और मिशन से भी जुड़ाव था। 1950 में टॉलीगंज मातृ अस्पताल में नर्स के तौर पर उन्होंने काम शुरू किया था। 1953 में उन्हें स्वामी रामकृष्ण परमहंस के प्रत्यक्ष शिष्य तथा रामकृष्ण मठ और मिशन के चतुर्थ अध्यक्ष स्वामी विज्ञानानंद ने उन्हें ब्रह्मचर्य की दीक्षा दी थी। उसके बाद से वह लगातार मिशन के विकास और सेवा कार्यों को आगे बढ़ा रही थीं।
एबीएन सोशल डेस्क। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि भारत के हर गांव में आरएसएस की शाखा होनी चाहिए और उसके हर सदस्य को देश की प्रगति के लिए प्रयास करना चाहिए। यहां संघ की असम इकाई के कार्यकर्ता शिविर के समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि मतभेदों के बावजूद सभी लोगों के लिए राष्ट्र प्राथमिकता है।आरएसएस के एक बयान के अनुसार, उन्होंने (भागवत) ने कहा कि भारत के हर गांव में एक शाखा होनी चाहिए, क्योंकि समाज ने संपूर्ण तौर पर उसकी खातिर उसे (शाखा को) काम करने का अवसर दिया है। इसलिए स्वयंसेवकों को आगे बढ़कर समाज का नेतृत्व करना चाहिए। भागवत जिस कार्यक्रम (तीन दिवसीय शिविर) में बोल रहे थे वहां केवल आरएसएस कार्यकर्ताओं को शामिल होने की अनुमति थी। उन्होंने कहा कि भारत के गौरव और विरासत के प्रति पूर्ण निष्ठा के साथ स्वयंसेवकों को देश की तरक्की के लिए काम करना चाहिए। भागवत ने कहा कि हम देश के लिए सब कुछ करने के लिए तैयार रहना होगा। डॉ केशव बलिराम हेडगेवार ने मानव संसाधन विकसित करने के उद्देश्य से 1925 में आरएसएस की स्थापना की थी। हमारे विचारों में भले ही भिन्नता हो, लेकिन हमारे मस्तिष्क में भिन्नता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक कमजोर समाज राजनीतिक आजादी के फल का आनंद नहीं ले सकता।
टीम एबीएन, रांची। रविवार को झारखंड हिन्दी साहित्य संस्कृति मंच के तत्वावधान में गीता चौबे गूंज की तीन कृतियों ख्वाहिशें (कथासंग्रह), कल-कल निनाद (काव्य संग्रह) और मौसम की अंगड़ाई (प्रबंध काव्य) का विमोचन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ अशोक प्रियदर्शी ने की। मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ हरे राम त्रिपाठी चेतन तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ माया प्रसाद उपस्थित थे। डाॅ जंग बहादुर पाण्डेय ने मौसम की अंगड़ाई, डाॅ राजश्री जयंती ने कल-कल निनाद तथा अनिता रश्मि ने ख्वाहिशें नामक पुस्तकों की कीर्ति चर्चा प्रस्तुत की। डाॅ प्रियदर्शी ने अपने वक्तव्य में साहित्य लेखन में नारी समाज की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नारियों को लेखन में कई सामाजिक, पारिवारिक एवं व्यक्तिगत समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जब वे लेखन में उतरती हैं तो उनकी भीतर की आकुलता हृदय को चीर कर बाहर निकल जाती है। वहीं डाॅ चेतन ने लघु कथा के तत्त्वों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लघु कथा सूत्र रूप वाली होती है। उन्होंने कविता में रागात्मक पक्ष की महत्ता को काव्य साधना का मूल कारण मानते कहा कि रागात्मक शक्ति के बिना कोई कवि नहीं बन सकता। प्रेम की अन्विति कवि एवं कविता के उत्कर्ष के लिए आवश्यक है l वहीं डाॅ माया प्रसाद ने कहा कि बिना अनुभूति और आत्ममंथन रचनाएं नहीं लिखी जा सकती। वहीं मंच के संरक्षक विनय सरावगी ने झारखंड में साहित्य के उन्नयन के लिए प्रयास करने वाले साहित्यकारों एवं उनकी कृतियों के विमोचन आदि के लिए सहायता की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मंच के उपाध्यक्ष निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव ने कहा कि इस मंच से जुड़े 13 सदस्यों को बिहार साहित्य अकादमी ने सम्मानित किया है। कार्यक्रम का संचालन बिनोद सिंह और मुनमुन ढाली ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डाॅ वैद्यनाथ मिश्र ने किया। मौके पर असित कुमार, कृष्णा विश्वकर्मा, घटा गिरि, डाॅ पंपा सेन, सीमा स्निग्धा, विभा वर्मा, प्रतिभा त्रिपाठी, निर्मला कर्ण, अनिल बिहारी, प्रणव प्रियदर्शी, पुष्पा पांडेय, सीमा सिन्हा नीरज नयन शिप्रा शालिनी, खुशबू वर्णवाल, पूनम वर्मा, राजश्री राज, कविता रानी, सुनीता कुमारी, सुरेंद्र कुमार, संतोष सुधाकर, रंजना वर्मा, सूरज श्रीवास्तव, अभिषेक अभि आदि उपस्थित थे l
टीम एबीएन, बरही (हजारीबाग)। विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय कार्य योजना के तहत बरही विश्व हिंदू परिषद इकाई की शौर्य यात्रा संपन्न हुई। जिसमें जिला सह मंत्री गुरुदेव गुप्ता, प्रखंड अध्यक्ष नंद किशोर कुमार, प्रखंड मंत्री कैलाश ठाकुर और बजरंग दल प्रखंड संयोजक अरविंद कुमार, प्रखंड सह मंत्री प्रदीप चंद्रवंशी, सामाजिक समरसता प्रमुख चंदन केशरी, मिलन प्रमुख मुन्ना सोनी के नेतृत्व में राम भक्तों ने बरही नगर का भ्रमण किया। यह शौर्य यात्रा प्रखंड परिसर बरही से निकलकर हजारीबाग रोड, गया रोड, तिलैया रोड, धनबाद रोड होते हुए बरही चौक में सभा की गई, तत्पश्चात प्रखंड परिसर में सभा की समाप्ति की गई। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बजरंग दल विभाग संयोजक प्रवीण चंद्रा का सशरीर उपस्थित हुए। सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय पदाधिकारी त्रिवेणी साहू ने कहा कि 492 साल की गुलामी के प्रतीक को सन 1992 ईस्वी में कारसेवकों ने अपने मुफ्ती प्रहार से चूर चूर कर दिया और बाबरी मस्जिद के ढांचे की 118 को कारसेवक अपने साथ अपने घर ले गए। उस समय से हम सभी सनातनी 6 दिसंबर को शौर्य दिवस के रूप में मनाते हैं। विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय कार्य योजना के तहत 3 दिसंबर गीता जयंती के दिन से लेकर 15 दिसंबर तक शौर्य दिवस का कार्यक्रम करना है, इसी निमित्त यह कार्यक्रम आज यहां संपन्न हुआ। आज सनातन संस्कृति कई प्रकार की आपदाओं से ग्रसित है, इन आपदाओं से निदान दिलाने के लिए आम सनातनी को विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल से जुड़ने की आवश्यकता है। ईसाई मशीनरियों से बचाव के लिए हम सभी सनातन परिवारों को विश्व हिंदू परिषद के बैनर तले एकजुट होना होगा और अपने मानबिन्दु और पहचान चिन्ह दोनों को संरक्षित करने के लिए शस्त्र और शास्त्र शिक्षा का ज्ञान हासिल करना होगा। हमें आने वाले पिड़ियों को संस्कृत शिक्षा कूट-कूट कर भरनी होगी और उन्हें अपने धर्म और संस्कृति के प्रति पूर्णरूपेण जागरूक करना होगा, तभी हमारा समाज संरक्षित रह सकता है अन्यथा बहुसंख्यक कहे जाने वाला यह सनातन समाज अपने ही देश में कई राज्यों में अल्पसंख्यक हो गया है और इतिहास इस बात का साक्षी है कि जहां जहां हिंदू घटा है, वह क्षेत्र भारत से कटा। अब पूर्वोत्तर में भी अलग राज्य की मांग होनी शुरू हो गई है। ऐसी स्थिति में भी यदि हम राजनीतिक दूरी पर चक्कर काटते रहे तो न तो हमारा समाज बचेगा और ना ही हमारा धर्म और न ही हमारा देश। इसलिए उन्होंने इस शौर्य यात्रा दिवस के अवसर पर सभी साथियों से अपील की है कि आप सभी विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल से जुड़कर अपना अपने समाज राज्य और देश को संरक्षित करने में सहयोग करें। इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक मनोज कुमार यादव, भाजपा जिला उपाध्यक्ष रमेश ठाकुर, जिला परिषद सदस्य प्रीति कुमारी, बेबी केसरी, त्रिवेणी साहू, सांसद प्रतिनिधि अर्जुन साहू, धर्मेंद्र कुमार, नितेश कुमार, शंकर कुमार, उदय कुमार, नौरंगी कुमार, प्रदीप चंद्रवंशी, रवि केसरी, रोहित केसरी, कृष्णा यादव, सुरेश यादव, मनोज सिंह, प्रदीप कुशवाहा, संतोष केसरी, सोनू पांडे लल्लन चंद्रवंशी, संतोष चंद्रवंशी, सुधांशु कुमार सिंह, सरवन कुमार सिंह, संतोष सिंह, बजरंगी केसरी और तमाम सनातनी उपस्थित हुए।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.