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अनगड़ा में पांच दिवसीय योग शिविर की शुरुआत
Published / 2022-12-26 22:37:25
अनगड़ा में पांच दिवसीय योग शिविर की शुरुआत

टीम एबीएन, रांची। आज उषा मार्टिन द्वारा चलाया जा रहा योग अभियान में सत्यानंद योग मिशन और आरोग्य भारती अपने पांच दिनों का मधुमेह प्रबंधन योग शिविर अनगड़ा प्रखंड के सामुदायिक भवन में  प्रारंभ किया गया। योग प्रमुख स्वामी मुक्तरथ जो आरोग्य भारती के प्रान्त मधुमेह प्रबंधन प्रमुख हैं।उन्होंने अपने टीम के साथ सैकड़ों ग्रामीण को बढ़ते मधुमेह के प्रति जागरूक किये और योग के जरिये मधुमेह को रोकने तथा रोगमुक्त होने के उपाय बताये। उन्होंने योग द्वारा आंतरिक आमाशय, पेट और आंतों की सफाई की विधि, प्राणायाम द्वारा श्वसन मार्ग और मानसिक सुद्धिकरन की विधि तथा ध्यान के द्वारा तनावमुक्ति की विधि को बताये। अनगड़ा पंचायत के मुखिया मधुसूदन मुंडा, इस कार्यक्रम के सहयोगी शालिनी हॉस्पिटल के राणा विकाश, शिशिर भगत एवं उपमुखिया ने मुक्तरथ जी का स्वागत किया और योग महत्वों को समझते हुए योगाभ्यास कक्षा में शामिल हुए।मुखिया मधुसूदन मुंडा ने कहा कि योग बहुत शक्तिशाली विद्या है जो शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को काफी बढ़ा देता है। स्वामी मुक्तरथ ने कहा कि अब गांव में भी मधुमेह का आगमन हो चुका है इसे सही दिनचर्या, नियमित योगाभ्यास, स्वच्छ प्रयावरण व्यवस्था पर ईमानदारी पूर्वक आगे बढ़ने से रोका जाना बिल्कुल संभव है।

मथुरा न्यायालय के सर्वे के निर्णय से सामने आयेगा सच : आलोक कुमार
Published / 2022-12-26 20:38:09
मथुरा न्यायालय के सर्वे के निर्णय से सामने आयेगा सच : आलोक कुमार

एबीएन सेंट्रल डेस्क। मथुरा के न्यायालय ने यह आदेश दिया है कि कृष्ण जन्म-स्थान का सर्वे कराया जाये, नक्शा बनाया जाये और अगली तारीख पर उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाये। ऐसा ही आदेश वाराणसी में हुआ था। उसको इंतजामिया कमेटी ने चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय में, चुनौती निरस्त हुई। इंतजामिया कमेटी सर्वोच्च न्यायालय गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने सर्वे को रोका नहीं और सर्वे हो गया। हमें आशा है कि यहां पर भी यह सर्वे अब संपन्न हो जायेगा।  उन्होंने कहा कि जिस किसी भी व्यक्ति को सत्य का सामना करने की हिम्मत है और उसके पास छुपाने को कुछ नहीं है, वह सर्वे का विरोध नहीं कर सकता क्योंकि, सर्वे से तो केवल जो वर्तमान परिस्थिति है, उस परिस्थिति का जो सत्य है वही तो सामने आयेगा। हम उत्सुकता से इस आदेश के पूरा होने की प्रतीक्षा करेंगे। हमें विश्वास है कि इस सर्वे से न्यायालय को सत्य संधान कर उचित निर्णय करना शक्य हो पायेगा। उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद के राष्‍ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने दी।

देशभर में धूमधाम से मनाया गया तुलसी दिवस
Published / 2022-12-25 23:13:11
देशभर में धूमधाम से मनाया गया तुलसी दिवस

एबीएन सोशल डेस्क। 25दिसम्बर को तुलसी दिवस पूरे देश में बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इसे सनातनी बड़े ही विधि विधान से मनाते हैं। मान्यता है कि जो कोई भी तुलसी पूजा करते हैं उसे अपार सुख और पुण्य की प्राप्ति होती है। वहीं दूसरी ओर यह भी कहा जाता है कि तुलसी अत्यंत प्रिय है। हिंदू परंपराओं में तुलसी की पूजन करना बेहद शुभ माना जाता है। कई लोग अपने दिन की शुरुआत तुलसी में जल चढ़ा कर और आशीर्वाद लेकर करते हैं। इस वर्ष तुलसी पूजन 25 दिसंबर आज के ही दिन मनाया जा रहा है। कहा जाता है कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार तुलसी में देवी लक्ष्मी का वास होता है। अतः जो कोई भी तुलसी की पूजा करते हैं उसे अपार सुख और पुण्य प्राप्ति होती है।वहीं दूसरी ओर तुलसी भगवान विष्णु को अधिक प्रिय है। हर हिन्दू के घर के आंगन मे तुलसी का पौधा लगाया जाता है। तुलसी का महत्व हमारे हिन्दू परम्परा me सबसे ज्यादा है।

दारू : यूपीएससी में छठा रैंक लाने वाले अंकित का भव्य स्वागत
Published / 2022-12-25 18:43:27
दारू : यूपीएससी में छठा रैंक लाने वाले अंकित का भव्य स्वागत

टीम एबीएन, दारू (हजारीबाग)। दारू प्रखंड के पाण्डेयटोला जबरा निवासी अंकित कुमार पिता प्रदीप शर्मा का दारू में रविवार को भव्य स्वागत किया गया। अंकित ने यूपीएससी इंजीनयरिंग की परीक्षा को क्वालीफाई कर देश मे छठा रैंक लाये हैं, जिससे पूरे प्रखंड क्षेत्र के लोगों में काफी खुशी है। रविवार को अंकित के मुम्बई से दारू आगमन होने पर पेटो चौक से जबरा पाण्डेयटोला तक गाजे बाजे के साथ ले जाया गया। इसके लिए एक खुली वाहन को फूलों से सजाकर अंकित को फूलमाला से लाद दिया गया और अतिशबाजी और पुष्पवर्षा के साथ उन्हें उनके घर तक ले जाया गया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर लोग खड़े होकर अंकित को आशीर्वाद और बधाई दी। इस दौरान अंकित ने रास्ते मे आने वाले मंदिरों में मत्था टेका और भगवान का आशीर्वाद लिया। अंकित ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता, गुरुजन और कठोर परिश्रम को दिया उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत से हर लक्ष्य को पाया जा सकता है, बशर्ते ईमानदारी से प्रयास किया जाये। घर में माता पिता भाई बहन का साथ मिला, जहां भी शिक्षा ग्रहण किया हमेशा अपने गुरुओं से कुछ सीखने की कोशिश की। उनकी सफलता पर उनके घर के परिजनों के साथ-साथ पूरे प्रखंड की जनता काफी खुश है।

मरियम के घर जन्मोत्सव का त्योहार है क्रिसमस
Published / 2022-12-24 22:44:10
मरियम के घर जन्मोत्सव का त्योहार है क्रिसमस

एबीएन सोशल डेस्क। क्रिसमस डे 25 दिसंबर को मनाया जाता है। क्रिसमस डे क्यों मनाया जाता है? प्रभु यीशु मसीह का जन्म 25 दिसम्बर को हुआ था। जिसकी वजह से इस दिन को क्रिसमस के तोर पर मनाया जाता है। मान्यता है कि यीशु मसीह ने इसी दिन मरियम के घर जन्म लिया था। क्रिसमस ईसाई धर्म का प्रमुख त्यौहार है। हर साल 25 दिसम्बर को मनाया जाता है। क्रिसमस का पर्व इसाई धर्म के संस्थापक यीशु मसीह के जन्म दिवस के रूप मे मनाया जाता है। दिसंबर महीना शुरू होते ही लोग क्रिसमस के लिए तैयारियों में जुट जाते हैं। लोग अपने अपने घरों को सुंदर तरीके से सजाते हैं। इस दिन इसाई धर्म के लोग चर्च में जाकर प्रार्थना करते हैं, मोमबत्ती जलाते हैं, घर में क्रिसमस ट्री सजाकर प्रार्थना करते हैं और केक काटते हैं। इसके अलावा तमाम तरह के पकवान बनाकर हैं और पार्टी करके इस त्योहार को मनाते हैं। साथ ही इस दिन छोटे बच्चों को सांता क्लॉज इंतजार रहता है।यीशु मसीह ने ईसाई धर्म के लोगों के लिए बहुत से कार्य किए थे। यीशु मसीह को लोग सूर्यदेव की तरह मानते थे। उन्हें लोग भगवान मानते थे, जिस कारण से यीशु मसीह के जन्मदिन के ही अवसर पर क्रिसमस डे मनाया जाता है। साईं धर्म के सबसे प्रमुख त्योहार क्रिसमस डे है।

विश्वंभर फाउंडेशन का पंचांग विमोचन कल
Published / 2022-12-24 18:43:08
विश्वंभर फाउंडेशन का पंचांग विमोचन कल

टीम एबीएन, रांची। रविवार को विश्वंभर फाउंडेशन, ट्रस्ट रांची हरमू स्थित स्वागतम बैंक्वेट हॉल में स्व अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती दिवस पर ‘पंचांग विमोचन सह स्नेहिल मिलन’ कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। यह कार्यक्रम प्रात: 11:30 बजे होना तय है। जैसा कि ज्ञात है विश्वंभर फाउंडेशन मैथिली भाषा के साथ अन्य झारखंड की स्थानीय भाषा के संवर्धन के क्षेत्र एवं अन्य सामाजिक कार्य में अपनी अहम भूमिका निभा रही है। वर्ष 2023 के पंचांग सह कैलेंडर में झारखंड की प्रख्यात सोहराय पेंटिंग एवं मिथिला पेंटिंग के माध्यम से संस्कृति एवं परिधान को चित्रकला की प्रख्यात कलाकार श्रीमती अभिलाषा चौधरी के पेंटिंग के माध्यम से दर्शाया गया है। इस पंचांग में मिथिला के पाबिन तिहार, विवाह - द्विरागम- जनेऊ- मुंडन- भदवा- गृहप्रवेश आदि तिथियों को दर्शाया गया है। पंचांग का निर्माण मिथिला के प्रकांड विद्वान पंडित कपिलदेव मिश्र ने किया है। पंचांग विमोचन पद्मश्री अशोक भगत, रांची विधायक श्रीमान सीपी सिंह, सांसद संजय सेठ संग कई गणमान्य अथिति करेंगे। कार्यक्रम की शोभा सुंदर बनाने के लिए रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन मिथिला के स्थानीय कलाकार अश्वनी आनंद, रूपा चौधरी, ज्योति मिश्रा, निभा झा प्रस्तुत करेंगे। इस कार्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा लोगों की उपस्थिति हो, इसके लिए मिथिलावासियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से हकार रूपी निमंत्रण दिया जा रहा है। उक्त जानकारी विश्वंभर फाउंडेशन के सचिव नवीन कुमार झा ने दी।

क्रिसमस : झारखंड के सबसे पुराने चर्च में करें प्रेयर
Published / 2022-12-24 18:24:23
क्रिसमस : झारखंड के सबसे पुराने चर्च में करें प्रेयर

टीम एबीएन, रांची। पूरा झारखंड इस समय क्रिसमस की तैयारियों में लगा हुआ है। क्रिसमस के दिन राजधानी रांची के गिरजाघरों में खासा रौनक देखने को मिलती है। ऐसे में आज हम आपको झारखंड के सबसे पुराने चर्च के में बताने जा रहे हैं, जहां इस क्रिसमस के मौके पर जाकर आप प्रेयर कर सकते हैं। झारखंड का पहला चर्च राजधानी रांची के मेन रोड में स्थित  जीईएल चर्च  है।  बनावट की दृष्टि से ये चर्च श्रेष्ठ गिरजाघरों में शुमार है। गोथिक शैली में बनाए गए इस चर्च की भव्य इमारत देखने लायक है। इस विशाल गिरजाघर की स्थापना फादर गोस्सनर ने 1851 की थी। बताया जाता है कि उन्होंने चर्च के निर्माण के लिए उस वक्त 13 हजार रुपये दान में दिए थे। झारखंड में नवंबर 1845 में गोस्सनर मिशन की स्थापना हुई थी। नींव जर्मनी से रांची पहुंचे कुछ पादरियों ने 18 नवंबर 1851 को इस चर्च की डाली थी, इसके बाद 1855 में इस चर्च का संस्कार हुआ। मिली जानकारी के अनुसार मसीहियों ने 24 दिसंबर की रात को रांची में पहली बार यहां प्रार्थना की थी। 25 जून 1846 को यहां पहला बपतिस्मा मारथा नाम की बालिका का हुआ था। यहां की वो पहली मसीही है। जीईएल चर्च का इतिहास काफी पुराना और रोचक है। बताया जाता है कि मिशनरियां म्यांमार के मेरगुई शहर में कारेन जाति के लोगों के बीच जर्मनी से फादर गोस्सनर से आदेश पाकर धर्म का प्रचार करने के लिए निकले थे। मगर किसी कारण से कोलकाता में ही उन्हें रुकना पड़ गया, कोलकाता में वो बाइबल सोसाइटी के अहाते में रहने लगे। इस दौरान कुछ कुली मजदूरों से उनकी मुलाकात हुई। जो छोटा नागपुर से कोलकाता मजदूरी करने गये थे। उनसे मुलाकात होने के बाद वो म्यांमार नहीं जाकर छोटानागपुर के लिए रवाना हो गये, इसके बाद इस धर्म के अनुयायी छोटानागपुर के इस हिस्से में बढ़ने लगे। 1857 में जब पूरे देश में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह आरंभ हुआ तब गोस्सनर कलीसिया में मिशनरियों पर घोर विपत्ति आ गयी। लोगों में मिशन और विदेशी लोगों के खिलाफ बड़ा गुस्सा था, जीईएल गिरजाघर पर उस वक्त चार गोले दागे गए। लोगों इस गिरजाघर को तोड़ना चाहते थे। गिरजाघर के पश्चिमी द्वार पर गोलों के निशान आज भी देखी जा सकती है। बताया जाता है कि चार गोलों के बाद भी गिरजाघर को बहुत नुकसान नहीं हुआ था।

रांची : 151 कन्याओं का सामूहिक विवाह आठ को
Published / 2022-12-23 22:52:49
रांची : 151 कन्याओं का सामूहिक विवाह आठ को

टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा समिति की बैठक हरमू रोड शिवगंज स्थित विद्या देवी अग्रवाल के आवास में शुक्रवार को हुई। बैठक की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष डुंगरमल अग्रवाल ने की। बैठक में श्रीमद्भागवत कृष्ण कथा और 151 निर्धन कन्याओं के आदर्श सामूहिक विवाह के आयोजन को लेकर चर्चा की गयी।बैठक में सदस्यों ने कहा कि चार दिवसीय छह जनवरी से नौ जनवरी तक भागवत सदानंद महाराज श्रीमद् भागवत कृष्ण कथा का रसपान करायेंगे। साथ ही 151 निर्धन जोड़ों का आदर्श सामूहिक विवाह आठ जनवरी को संस्था के निर्माणाधीन श्री कृष्णा प्रणामी मंदिर के प्रांगण में प्रात आठ बजे से दो बजे तक होगा।बैठक में संस्था के सह संरक्षक बसंत कुमार गौतम, उपाध्यक्ष निर्मल जालान, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, सचिव मनोज कुमार चौधरी, सज्जन पाडिया, प्रमोद सारस्वत, विशाल जालान, विष्णु सोनी, सुरेश चौधरी सहित अन्य उपस्थित थे।

रांची : श्री पहाड़ी बाबा की 26वां वार्षिक उत्सव 25 को
Published / 2022-12-22 11:16:09
रांची : श्री पहाड़ी बाबा की 26वां वार्षिक उत्सव 25 को

एबीएन सोशल डेस्क। श्री शिव मंडल की ओर से श्री पहाड़ी बाबा का 26 वां भव्य वार्षिक उत्सव 25 दिसंबर को मुख्य मंदिर में सुबह सात बजे आयोजित की जायेगी। श्री हनुमान जी की ध्वज पूजा के साथ और नौ बजे से आचार्य श्री श्याम भारद्वाज अपने 11 विद्वान पंडितों के साथ मुख्य यजमान प्रेमशंकर चौधरी के साथ पूजन शुरू करेंगे।साथ ही 51 किलो दूध, 11 किलो दही, मधु, गन्ने का रस एवं अन्य पूजन सामग्री के साथ महारुद्राभिषेक संम्पन करायेंगे। दोपहर एक बजे से बाबा का भव्य श्रृंगार के साथ 56 भोग से दरबार सजाया जायेगा। इसके बाद मंडल की ओर से मधुर भजनों की प्रस्तुति होगी। शाम सात बजे महाआरती के साथ प्रसाद वितरण कर उत्सव संम्पन होगा। उत्सव में मुख्य रुप से मंडल के संयोजक प्रेमशंकर चौधरी के दिशा-निर्देश पर जोर-शोर से तैयारी की जा रही है।

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