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विद्यापति परिवार का मिलन समारोह संपन्न
Published / 2023-01-07 19:51:54
विद्यापति परिवार का मिलन समारोह संपन्न

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 7/1//2023 को अपराह्न 1 बजे से विद्यापति स्मारक समिति के कार्यालय में लेखानंद झा की अध्यक्ष्ता में विद्यापति परिवार मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में साहित्यकार सियाराम झा सरस, दिवाकर झा, डॉ कृष्ण मोहन झा, डॉ चेतना झा, डॉ आकांक्षा चौधरी आदि उपस्थित थे। संस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकार हर्ष, गायिका सोनम झा और अभिराज झा ने अपने गीत से सभी दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। सभी साहित्यकारों ने अपनी रचना से मैथिल भाषी को रोशनी दी। इस कार्यक्रम में साहित्यकार एवं सभी लोगों ने विद्यापति जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया एवं जय जय भैरवी गीत से कार्यक्रम की शुरूआत की। स्वागत गान सोनम झा के द्वारा गया गया। कार्यक्रम के अंत में मछली भात और शाकाहारी भोजन सभी को कराया गया।  इस कार्यक्रम में श्रेष्ठ नारायण झा, बच्चा राम झा, उदित नारायण ठाकुर, बी के झा, अमरेंद्र मोहन झा, विद्याकांत झा, दिलीप झा, संजीव कुमार, संजीव मिश्रा, संतोष झा, श्रीराम मिश्र, कृतेश झा, अशोक मिश्रा आदि मोजूद थे।

सम्मेद शिखरजी को यथावत तीर्थ स्थल रखने के निर्णय का स्वागत : विहिप
Published / 2023-01-06 20:56:47
सम्मेद शिखरजी को यथावत तीर्थ स्थल रखने के निर्णय का स्वागत : विहिप

एबीएन सोशल डेस्क। विश्व हिंदू परिषद, झारखंड प्रांत मंत्री डॉ०बिरेन्द्र साहु ने कहा झारखंड का हिमालय माने जाने वाला पारसनाथ पर्वत जैनियों का पवित्र तीर्थ शिखरजी है। यहां जैन धर्मावलंबियों के 24 में से 20 तीर्थंकरों ने मोक्ष की प्राप्ति की है। 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ ने भी इस पुण्य भूमि पर निर्वाण प्राप्त किया था। ऐसे पावन सम्मेद शिखरजी को केंद्र सरकार के द्वारा अधिसूचना में बदलाव करके समाज में व्याप्त श्रद्धा, विश्वास एवं तीर्थ की महत्ता को सम्मान दिया है। इस निर्णय का विश्व हिंदू परिषद, झारखंड प्रांत स्वागत करता है।  डॉ साहू ने कहा सम्मेद शिखरजी पर्वत संपूर्ण विश्व के जैन समुदायों के लिए पूजनीय एवं पवित्र स्थल है। भारत सरकार ने जैन समुदाय के साथ-साथ पूरे सनातन समाज के लिए तीर्थ स्थल की पवित्रता एवं महत्व को स्वीकार कर विश्व पटल में अपनी प्रतिबद्धता का एक नया अध्याय लिखा है। डॉ साहू ने झारखंड सरकार से कहा कि पारसनाथ पर्वत क्षेत्र सहित झारखंड के सभी तीर्थ स्थलों पर शराब / नशा की वस्तुएं  एवं मांसाहारी खाद्य वस्तुओं के विक्रय एवं उपयोग पर प्रतिबंध को कड़ाई से लागू कर तीर्थ स्थल की मर्यादा को बनाए रखें। तीर्थ स्थल को पर्यटन स्थल बनाना सनातन हिंदू समाज को स्वीकार नहीं।

सम्मेद शिखर और पारसनाथ पहाड़ी हमारा धार्मिक स्थल : आदिवासी संगठन
Published / 2023-01-06 20:17:38
सम्मेद शिखर और पारसनाथ पहाड़ी हमारा धार्मिक स्थल : आदिवासी संगठन

शिखरजी विवाद में आदिवासियों की एंट्री से मामला फिर गरम टीम एबीएन, गिरिडीह/ रांची। सम्मेद शिखरजी को लेकर कई दिनों से जारी जैन समुदाय के विरोध के बाद केंद्र सरकार गुरुवार को बैकफुट पर आई और पारसनाथ पहाड़ी पर सभी पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगा दी। केंद्र की ओर से अभी झारखंड सरकार को इसकी शुचिता बनाए रखने के लिए निर्देश दिये ही थे कि इसके बाद एक और नया विवाद उठ खड़ा हुआ है। यह विवाद झारखंड के आदिवासी समुदाय का है, जिन्होंने पारसनाथ पहाड़ी के अपने धार्मिक स्थल होने का दावा किया है, और इलाके को मुक्त करने की मांग की है। जानकारी के मुताबिक, संथाल जनजाति के नेतृत्व वाले राज्य के आदिवासी समुदाय ने पारसनाथ पहाड़ी को मरांग बुरु (पहाड़ी देवता या शक्ति का सर्वोच्च स्रोत) बताया है। उन्होंने यह भी कहा है कि उनकी मांगों पर ध्यान न देने पर विद्रोह किया जाएगा। देश भर के जैन समुदाय के लोग पारसनाथ पहाड़ी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के प्रयास में लगी झारखंड सरकार का विरोध कर रहे हैं और 2019 में जारी की गई अधिसूचना को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। जैन समुदाय का कहना है कि पर्यटन स्थल बनने से यह स्थान मांस-मदिरा का सेवन करने वाले लोगों के लिए एक टूर पॉइंट बन जाएगा। अंतरराष्ट्रीय संथाल परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष नरेश कुमार मुर्मू ने दावा किया कि अगर सरकार मरांग बुरु को जैनियों के चंगुल से मुक्त करने में विफल रही तो पांच राज्यों में विद्रोह होगा। नरेश कुमार मुर्मू ने कहा कि हम चाहते हैं कि सरकार दस्तावेजीकरण के आधार पर कदम उठाये। (वर्ष) 1956 के राजपत्र में इसे मरांग बुरु के रूप में उल्लेख किया गया है। जैन समुदाय अतीत में पारसनाथ के लिए कानूनी लड़ाई हार गया था।

मकर संक्रांति से पहले ही श्रद्धालु गंगासागर में लगा रहे आस्था की डुबकी
Published / 2023-01-06 13:18:24
मकर संक्रांति से पहले ही श्रद्धालु गंगासागर में लगा रहे आस्था की डुबकी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में आयोजित होने वाले गंगासागर मेले में अभी से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मकर संक्रांति से पहले यहां पहुंचे श्रद्धालुओं ने गंगा नदी में डुबकी लगाई। मकर संक्रांति उत्सव के अवसर पर गंगासागर मेला आठ जनवरी से 17 जनवरी तक आयोजित किया जायेगा। तीर्थयात्री पहले ही त्योहार के लिए आना शुरू हो गये हैं, क्योंकि कोविड महामारी के दो साल बाद गंगासागर मेले का आयोजन हो रहा है। देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। मध्य प्रदेश से आये एक श्रद्धालु ने कहा कि वह गंगासागर मेले के लिए बहुत अच्छे इंतजाम किये गये हैं। यहां हमें कोई दिक्कत नहीं हुई। एक अन्य श्रद्धालु ने कहा, मैं यहां पहली बार आया हूं। स्थानीय लोग हमारी मदद कर रहे हैं। हमें अच्छी तरह से मार्गदर्शन कर रहे हैं। यहां की गई व्यवस्था से हम बहुत खुश हैं।कोविड महामारी के दौरान गंगासागर द्वीप में मकर संक्रांति के अवसर पर लगने वाले मेले को कई पाबंदियों का सामना करना पड़ा था, जिसके कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्सव में शामिल नहीं हो पाये थे। दो साल बाद श्रद्धालुओं को उत्सव में शामिल होने का मौका मिल रहा है। गंगासागर मेले में 14 से 15 जनवरी को पवित्र स्नान होगा।

चतुराई मनुष्य को भगवान से दूर कर देती है : रामानुजाचार्य
Published / 2023-01-04 22:38:11
चतुराई मनुष्य को भगवान से दूर कर देती है : रामानुजाचार्य

टीम एबीएन, रांची। जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्रीस्वामी अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने अपने प्रवचन के पांचवें दिन भगवान की अहैतुकी कृपा का वर्णन किया।रांची के रातू रोड स्थित राणीसती मंदिर लेन के श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मन्दिर (तिरूपति बालाजी) में आयोजित कथा प्रवचन के पांचवें दिन की कथा में श्रीस्वामी अनिरुद्धाचार्यजी ने कहा कि भगवान के जैसा दयालु कोई पुरुष नहीं है। भगवान जिसपर विशेष कृपा करते हैं, उसके धन का हरण कर लेते हैं और प्राणि कि श्रद्धा, समर्पण और संकल्प की परीक्षा लेते हैं।श्री स्वामी जी ने कहा कि हमारे गुरुदेव गोलोकवासी परमहंस श्रीस्वामी भगवादासाचार्यजी महाराज की कृपा और संकल्प का ही प्रसाद है कि भक्तों के अभीष्ट फलदाता भगवान श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर जगतजननी महालक्ष्मी और भूदेवी के साथ दिव्य-देश में विराजमान हैं और भक्तों का नित्य कल्याण कर रहे हैं। श्रीस्वामीजी ने जोर देकर कहा कि भगवान को भक्तों की चतुराई पसन्द नहीं है। चतुराई मनुष्य को भगवान से दूर कर देती है। भगवान को सरल और सहज भक्त ही पसन्द है।श्रीगोविन्द दास जी महाराज और पद्मनाभजी के अलावा मंदिर के अर्चक: श्री सत्यनारायण गौतम गोपेश आचार्य और नारायण दास भी स्वामीश्री के प्रवचनामृत का पान किया। मौके पर सर्वश्री रामअवतार नारसरिया, सुशील नारसरिया, अनूप अग्रवाल, गौरीशंकर साबू, रंजन सिंह, नीरू फोगला, पंडित श्यामानंद झा के अतिरिक्त सैकड़ों भक्तों नेकथा श्रवण किया।

जनजातीय समाज पर हमले निंदनीय; छत्तीसगढ़ में भी हो धर्मांतरण विरोधी कठोर कानून : मिलिंद परांडे
Published / 2023-01-04 14:55:11
जनजातीय समाज पर हमले निंदनीय; छत्तीसगढ़ में भी हो धर्मांतरण विरोधी कठोर कानून : मिलिंद परांडे

एबीएन सोशल डेस्क। अवैध धर्मांतरण व चंगाई सभाओं से देश में, विशेषकर अनुसूचित समाज में, तनाव बढ़ रहा है इसलिए, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि देश में लालच, धोखे या भय से धर्मांतरण ना हो। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महामंत्री श्री मिलिंद परांडे ने आज एक प्रेस वक्तव्य जारी कर छत्तीसगढ़ में बढ़ती ईसाई मिशनरियों द्वारा अवैध धर्मांतरण की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि जिन प्रदेशों में अवैध धर्मांतरण के विरुद्ध कठोर कानून हैं और उनका पालन हो रहा है, वहां की स्थितियां थोड़ी संभली हैं। छत्तीसगढ़ की घटनाओं से अवैध धर्मांतरण रोकने हेतु राज्य में एक कठोर कानून की आवश्यकता फिर से रेखांकित हुई है।छत्तीसगढ़ के लोगों ने इन गतिविधियों को रोकने में संकल्प पूर्वक काम किया है, विश्व हिंदू परिषद उनके साथ खड़ी है। हमारा यह भी मानना है कि अवैध धर्मांतरण को रोकने के सभी प्रयत्न संविधान व कानून के दायरे में ही किये जाने चाहिए। राज्य में यदि ईसाई मिशनरियों की धर्मांतरणकारी व जनजाति विरोधी मानसिकता पर समय रहते अंकुश लगा दिया गया होता तो नारायणपुर के भोले-भाले समाज को सड़कों पर नहीं आना पड़ता। जनजाति समाज के हितों की रक्षा करना राज्य सरकार का परम कर्तव्य है।विश्व हिंदू परिषद ने यह भी मांग की है कि सरकार और स्थानीय प्रशासन को मिशनरियों की बजाय, अपने जनजाति समाज के साथ खड़ा होना चाहिए। जिस प्रकार जनजाति समाज की रीति-रिवाजों, परंपराओं, मान्यताओं व देवी देवताओं का अपमान व उपहास इन ईसाई मिशनरियों के द्वारा उड़ाया जा रहा है तथा जनजाति के अस्तित्व को समाप्त करने के कुत्सित प्रयास किये जा रहे हैं, उसे अब और नहीं सहा जायेगा। राज्य सरकार को इस विषय में गंभीरता से त्वरित कदम उठाये जाने की आवश्यकता है। उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

बहानेबाजी छोड़ पार्श्वनाथ और सम्मेद शिखर को अविलंब तीर्थ क्षेत्र घोषित करे झारखंड सरकार
Published / 2023-01-03 23:31:01
बहानेबाजी छोड़ पार्श्वनाथ और सम्मेद शिखर को अविलंब तीर्थ क्षेत्र घोषित करे झारखंड सरकार

एबीएन सोशल डेस्क। जैसे बौद्धों को बहकाकर हिन्दू समाज को तोड़ा गया है, जैसे चर्च अनुसूचित जनजातियाें को समझा रहा, कि वे हिन्दू नहीं। वैसे ही झारखंड सरकार अब जैनियों को अलग करने की कोशिश कर रही है। कुछ टुकड़े - टुकड़े गिरोह और अर्बन नक्सली इस बहाने पुनः सक्रिय हो गये हैं। इसीलिये वे आंदोलन का केन्द्र दिल्ली बनाकर केन्द्र सरकार पर दोषारोपण कर रहे हैं। इस आंदोलन में कुछ मुस्लिम नेता भी देखे जा रहे हैं। प्रयास यह है, कि अल्पसंख्यक के नाम पर सबको हिन्दुओं से अलग किया जाये।अनुसूचित जाति और जनजाति को जय भीम - जय मीम और आदिवासी - मूलवासी के नाम पर पहले से ही तोड़ने की कोशिश चल रही है। अंग्रेजों द्वारा प्रारंभ आर्य - द्रविड़, सवर्ण - पिछड़ा, आदि विभेदों को तथा सेक्यूलिरिज्म के नाम पर ईसाई - मुस्लिम तुष्टिकरण को अनेक दशकों तक केन्द्रीय- प्रान्तीय सरकारों ने सत्तालोलुपता के कारण बढ़ावा दिया है। आज झामुमो वही कर रहा है। विपक्षी सरकारें हताशा में देश को अशान्त करने हेतु किसान आन्दोलन से लेकर अनेक प्रयोग कर रही हैं। सम्मेद शिखर का विषय उसी कि नवीनतम कड़ी है। पर निश्चित रूप से झारखंड सरकार को अपना निर्णय वापस लेना पड़ेगा और पार्श्वनाथ क्षेत्र की पवित्रता की पुनर्स्थापना करनी होगी। झारखंड सरकार के सहयोगी दल इस विषय की संवेदनशीलता को नहीं समझेंगे, तो उन्हें भी इसकी बड़ी राजनैतिक कीमत चुकानी होगी। आज यह विषय केवल जैन समाज का नहीं, वरन् देश के सौ करोड़ हिन्दू समाज का हो गया है। विश्व हिन्दू परिषद् पूरी तरह पर्यटन क्षेत्र के बदले तीर्थ क्षेत्र की मांग के समर्थन में खड़ी है। उक्त जानकारी विश्व हिन्दू परिषद्, बिहार-झारखंड के क्षेत्र मंत्री वीरेन्द्र विमल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

आठ को 151 जोड़ों के आदर्श सामूहिक विवाह का गवाह बनेगा पुंदाग मन्दिर
Published / 2023-01-03 22:52:10
आठ को 151 जोड़ों के आदर्श सामूहिक विवाह का गवाह बनेगा पुंदाग मन्दिर

टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा समिति की ओर से हरमू रोड के शिवगंज सत्संग भवन में छह से नौ जनवरी तक श्रीमद्भागवत कृष्ण कथा होगी। कथा दिन के दोपहर तीन से शाम छह बजे तक होगी और कथा स्वामी सदानंद महाराज सुनायेंगे। इसी दौरान संगठन की ओर से 8 जनवरी को पुंदाग में निर्माणाधीन मंदिर परिसर में 151 जोड़े का आदर्श सामूहिक विवाह कराया जायेगा। विवाह संस्कार आचार्य शंकर लाल शास्त्री, गौरव कुमार शास्त्री करायेंगे। संस्था के सह-संरक्षक बसंत कुमार गौतम, अध्यक्ष डुंगरमल अग्रवाल सचिव मनोज कुमार चौधरी, उपाध्यक्ष निर्मल जालान, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, शिव भगवान अग्रवाल ने अग्रसेन भवन में पत्रकारों को यह जानकारी दी। बताया गया कि हर वर्ष 500-700 कन्याओं का विवाह संस्था करा रही है। उन्होंने बताया कि सदानंद महाराज के सान्निध्य में अब तक करीब 9500 से अधिक कन्याओं का विवाह कराया जा चुका है। यह कार्यक्रम 2005 से चल रहा है। निर्धन कन्याओं का विवाह भारत के अलावा नेपाल, भूटान में भी कराये जा रहे हैं।

लोहरदगा : डीएवी के छोटे बच्चों ने नव वर्ष में पर लिया नया संकल्प
Published / 2023-01-03 21:26:53
लोहरदगा : डीएवी के छोटे बच्चों ने नव वर्ष में पर लिया नया संकल्प

टीम एबीएन, लोहरदगा। एमबी डीएवी विद्यालय  में प्राचार्य जी पी झा के नेतृत्व व निर्देशन में सीसीए प्रभारी शिक्षक अश्विन पात्रो द्वारा नव वर्ष के शुभारंभ में विशेष प्रतियोगिता का आॅनलाइन आयोजन करवाया गया। समय न ही कभी किसी की प्रतीक्षा करता है और ना ही सदैव एक समान होता है। समय बदलाव को स्वीकारते हुए निरंतर गतिमान रहता है। हमारे जीवन में भी सुख और दुख आते जाते रहते हैं। आवश्यकता है हमें स्वयं में सकारात्मक बदलाव लाते हुए बच्चों को सकारात्मकता की ओर ले चले। नव वर्ष के पावन अवसर पर हमें अपने जीवन में नई अच्छाइयों को शामिल करने तथा बुराइयों और कमजोरियों का त्याग करने हेतु संकल्प करना चाहिए। बच्चों में इसकी शुरूआत करने के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कक्षा एलकेजी से कक्षा द्वितीय तक के बच्चों के मध्य एक विशेष प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसका शीर्षक था नव वर्ष में मेरा नव संकल्प। प्रतियोगिता में बच्चों के साथ-साथ उनके माता-पिता को भी नव वर्ष में ऐसे नव संकल्प लेने हेतु प्रेरित किया गया जो बच्चों के सकारात्मक विकास के लिए आवश्यक हो, क्योंकि नन्हे बच्चे  बड़ों का अनुकरण करते हैं। बच्चों ने इस प्रतियोगिता में नए वर्ष में अपनी दिनचर्या, खानपान व अपने आदर्शों में नए बदलाव का संकल्प लेते हुए नव वर्ष ग्रीटिंग कार्ड बनाया तथा उसमें अपने संकल्पों को लिखा। इस प्रतियोगिता में कक्षा एलकेजी में प्रथम स्थान  ईशान्वी राज, काव्या तरूशी, एसके सुहान, अथर्व कृत, प्रतिष्ठा गोराई, कक्षा यूकेजी में प्रथम स्थान अनोखी उरांव, ब्रीष्टी गोस्वामी, अनन्या गर्ग व ईजान अख्तर ने कक्षा प्रथम में प्रथम स्थान शिवम कुमार वर्मा, रीत कुमार, प्रनीत भगत, नव्या तारुषि, जीविषा बोचीवाल व विशेष प्रकाश ने तथा कक्षा द्वितीय में प्रथम स्थान उत्कर्ष गुप्ता, मान्या गुप्ता, सनाया श्री, प्राची कुमारी, अर्पिता राज, जुनेद अंसारी, तानिया श्री, नारायणी,अहन इकबाल, अहंत्य दुबे, आराध्या झा व संजना सोनी ने अर्जित किया। इस प्रतियोगिता में शिक्षक अश्विन पात्रों, संगीता मित्तल, सोमिता दास व रजनी प्रसाद ने निर्णायक की भूमिका निभाई।

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