राजधानी रांची में सहेली राइड सर्विस की शुरुआत टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची में सहेली राइड सर्विस की शुरुआत सहेली राइड के फाउंडर चितरंजन कुमार और उनकी धर्मपत्नी ने किया। मौके पर उन्होंने हरी झंडी दिखाकर महिला चालक को रवाना किया। अब महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रांची में सहेली राइड (स्कूटी पिक एंड ड्रॉप सर्विस) की शुरुआत हो चुकी है, जिसका दायरा रांची में करीब 25 किलोमीटर तक होगा। महिलाएं स्कूल कॉलेज आॅफिस जाने वाली लड़कियां सभी कम किफायती दर में राइड सर्विस की सेवा ले सकेंगी। सहेली राइड के फाउंडर चितरंजन कुमार ने कहा कि हमारा मकसद महिलाओं को एक स्थान से दूसरे स्थान सुरक्षित पहुंचाना तो है ही, साथ ही महिलाओं को रोजगार प्रदान भी करना है और आने वाले समय में रांची का दायरा बढ़ाया जायेगा। झारखंड के अलावा विभिन्न राज्यों में भी यह सेवाएं शुरू करने की प्लानिंग हो चुकी है। सहेली राइड में नौकरी पाने वाली महिलाओं ने कहा कि यह महिलाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है और यह हम सबों को रोजगार प्रदान कर रहा है उन्होंने कहा कि कस्टमर के साथ-साथ जो राइडर्स है। हम सबों की भी सुरक्षा की काफी व्यवस्था की गई है। महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का एक बहुत अच्छा प्रयास है और हम लोग इसमें नौकरी करके अच्छा महसूस कर रहे हैं। कोरोना काल के बाद जहां एक तरफ बड़ी-बड़ी कंपनियों में लोगों को नौकरी से निकाला गया वहीं आज महिलाओं को सहेली राइड के द्वारा रोजगार प्रदान किया जा रहा है। साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा कि महिलाएं जो हमारे कस्टमर है। उन्हें भी इनसे काफी फायदा होने जा रहा है। वह बिल्कुल सुरक्षित महसूस करेंगे और उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में कोई भी परेशानी नहीं होगी काफी सारी सुरक्षा के भी इंतजाम किए गए हैं। रैपीडो बाइक सर्विस ओला बाइक सर्विस के बारे में आप सभी जानते होंगे यह दोनों सर्विस पिक एंड ड्रॉप की सुविधा प्रदान करते हैं। लेकिन दोनों ऐप में कैप्टन या ड्राइवर लड़के होते हैं सहेली राइड में कैप्टन महिला लड़की होगी वह हमारे सहेली सारथी हैं। सहेली राइड महिलाओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं। यदि कोई भी लड़की अपने सहेली राइड मोबाइल ऐप से स्कूटी बुक करती है तो कुछ ही मिनटों में उसके पास स्कूटी सहेली सारथी पहुंच जाएगी वह बुकिंग करने वाली लड़की को उसके गंतव्य तक पहुंचाने का काम करेगी। यह ऐप सिर्फ महिलाओं के लिए है। चितरंजन कुमार ने बताया कि झारखंड के राजधानी रांची में महिलाओं के लिए शुरू हुआ साक्षी राइड रोजगार योजना। जो कहते हैं वह कर के दिखाते हैं। महिलाओं के लिए रोजगार देने का योजना हम लोग हम लोग रांची के धरती पे अमलीजामा पहनाते हुए और महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अभी हम लोग हरी झंडी दिखाकर बुकिंग शुरू करेंगे आज से यह एप्प शहर में काम करना चालू कर देगे। 58 महिला अभी फिलहाल गाड़ी लेकर सड़क पर उतरेगी। कल हम लोगों ने शहरी साक्षी का आयोजन किए थे। इसके तहत कस्टमर के कॉल आने के बाद बुकिंग किस तरह करना है और होने के बाद किस तरह कस्टमर को रिसीव करना है किस तरह से पिक अप करना है उसको कैसे ड्राप करना है उसकी जानकारी पूरी दी गई है। जैसे की यह ऐप में डाला गया था की 15 जनवरी को या ऐप काम करना चालू हो जाएगा, जो आज मेरे और मेरी पत्नी के द्वारा हरी झंडी दिखाकर इस ऐप का शुभारंभ किया गया।
17-18 को जेहादी उन्माद के विरुद्ध बजरंग दल का देशव्यापी प्रदर्शनएबीएन सेंट्रल डेस्क। विश्व हिन्दू परिषद ने आज कहा है कि कोरोना का प्रकोप कम होने के बाद जहां पूरा देश प्रगति की राह पर चलने का प्रयास कर रहा है। वहीं, जेहादी तत्व पूरी उग्रता के साथ हिंदू संगठनों व हिंदू समाज को एक नयी रणनीति के तहत अपना निशाना बनाकर आतंक का माहौल बनाना चाहते हैं। विहिप के केन्द्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेन्द्र जैन ने आज कहा कि शायद वे 1946 के समय की प्रत्यक्ष कार्यवाही की स्थिति को निर्माण करना चाहते हैं। उन्हें समझ लेना चाहिए अब यह 1946 का हिंदू समाज नहीं है। यदि कहीं हिंदू युवा प्रतिक्रिया में खड़े होने को विवश हो गये तो उनके लिए बहुत भारी पड़ेगा।उन्होंने कहा कि सबसे ताजा घटना असम के करीमगंज जिले की है। 8 जनवरी, 2023 को करीमगंज के लोविरपुआ में बजरंग दल के एक 16 वर्षीय कार्यकर्ता की एक जेहादी दरिंदे ने चाकुओं से गोद कर निर्मम हत्या कर दी। उसका दोष सिर्फ यही था कि वह बजरंग दल का कार्यकर्ता था और उस समय वह बजरंग दल के एक शिविर से वापस लौट रहा था। यह इकलौती घटना नहीं है। पिछले 2 वर्षों में जिहादियों ने बजरंग दल के 9 कार्यकर्ताओं की हत्या की और 32 कार्यकर्ताओं पर हमले किये गये। हिंदुओं के सबसे प्रखर युवा संगठन माने जाने वाले बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करते हुए केवल स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन करके व ज्ञापन देकर अपना आक्रोश व्यक्त किया है। लगता है जेहादी तत्वों ने लोकतांत्रिक मर्यादाओं में रहने को बजरंग दल की कमजोरी मान लिया है। यदि कहीं हिंदू युवा प्रतिक्रिया में खड़े होने को विवश हो गए तो उसकी पूर्ण रूप से जिम्मेदारी उन मुल्ला मौलवियों और ओवैसी जैसे कट्टरपंथी नेताओं की ही होगी जिनके जहरीले भड़काऊ बयानों और तकरीरों की वजह से यह बर्बर और आत्मघाती उन्माद बढ़ रहा है।डॉ जैन ने कहा कि अब जिहादी उन्माद हिंदू समाज के लिए एक राष्ट्रव्यापी चुनौती बन गया है। इसलिए बजरंग दल 17 व 18 जनवरी, 2023 को संपूर्ण देश में जिला केंद्रों पर धरना प्रदर्शन करेगा व जिलाधीश के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन देगा जिसमें जेहादी उन्माद को कुचलने के लिए राष्ट्रव्यापी योजना बनाने का प्रतिवेदन किया जायेगा। हमलावरों और उनको भड़काने वाले नेताओं पर ऐसी सख्त कार्यवाही होनी चाहिए जिससे कोई और इस मार्ग पर चलने से पहले 10 बार सोचने के लिए मजबूर हो।जिहादियों का आतंक किसी नाम का मोहताज नहीं है। सिम्मी को प्रतिबंधित करने के बाद उसके कार्यकर्ता पीएफआई के नाम से काम कर रहे थे। अब पीएफआई पर प्रतिबंध के बाद कहीं सिटीजन फोरम या कहीं कुछ और नामों का प्रयोग कर वे अपनी आतंकी गतिविधियों के प्रसार में लगे हैं। उन्माद का प्रेरक नाम नहीं जेहादी विचारधारा है। इस पर रोक लगाने के लिए राष्ट्रव्यापी जनमत निर्माण करने और कठोर प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।जिहादियों ने हिंदू नेताओं पर हमला करने के लिए एक नयी रणनीति अपनायी है। हमला करने के लिए वे अवयस्कों को चुनते हैं जिनमें मदरसों की शिक्षा व बकरों की कुर्बानी के अभ्यास के कारण क्रूरता व नफरत पहले से ही कूट-कूट कर भरी होती है। इसलिए इन हमलों में शामिल नाबालिगों को बालिग मानकर सजा देने का स्थाई प्रावधान बनाने की आवश्यकता है।विहिप हिंदू समाज को सजग करता है कि अब जिहादियों ने हिंदू और देश के विरुद्ध एक प्रकार का युद्ध छेड़ ही दिया है। अपने जान माल, बहन बेटी और देश की रक्षा के लिए सबको उनसे सतर्क रहकर उनका मुकाबला करने के लिए तत्पर होना पड़ेगा। विहिप मुस्लिम नेताओं और मौलवियों को परामर्श देता है कि जेहाद का मार्ग आत्मघाती मार्ग है। वह विकास नहीं विनाश की ओर ले जाता है। उनको अपने नेताओ व व्यवस्थाओं में वह परिवर्तन करना चाहिए जो उन्हें शांतिपूर्ण जीने का मार्ग दिखा सके।पड़ोसी देशों के अनुभव से उन्हें सीखना चाहिए। शांतिप्रिय हिंदू समाज की संभावित प्रतिक्रिया को आमंत्रित नहीं करना चाहिए। हम सबको मिलकर शांतिपूर्ण सह अस्तित्व का मार्ग तलाशना चाहिए, यही उनके हित में होगा। उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
टीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद, रांची महानगर के विश्वकर्मा प्रखंड के तत्वावधान में आज दिनांक 15 जनवरी 2023 को को पूर्वाह्न 11:30 बजे रातू रोड स्थित चटकपुर-सुंदर नगर में समरसता दिवस के रूप में हर्षोल्लास के साथ मकर संक्रांति मनाया गया।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय प्रवक्ता माननीय विनोद बंसल ने कहा मकर संक्रांति का पर्व भौगोलिक, आध्यात्मिक, सामाजिक व धार्मिक रूप से बहुत बड़ा पर्व है। यह पर्व संपूर्ण सृष्टि के मानव जगत को एक करने का संदेश देती है। उन्होंने कहा मकर संक्रांति का दिवस स्नान, ध्यान, ज्ञान तथा दान के रूप में मनाने का परंपरा है। सनातन परंपरा के सारे जन अपने सामर्थ्य के अनुसार पवित्र नदियों में स्नान, आराध्य देव का ध्यान करते हुए समाज में दान देकर अपने जीवन को कृतार्थ मानते हैं। उन्होंने कहा यह पर्व सामाजिक जीवन का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिस प्रकार बिखरा हुआ चंचल तिल को गुड़ की चाशनी अपने मिठास में समेट कर एक बना देते हैं। ठीक उसी प्रकार यह पर्व जगत के सभी प्राणियों को एक साथ मिठास पूर्वक जीवन जीने का संकल्प कराती है। आज घर, समाज व राष्ट्र के उन्नति के लिए मिलकर कदम बढ़ाने का संकल्प लेने का भी दिवस है। उन्होंने कहा समाज में अनेक निशाचर रूपी बहुरूपिये घूमते रहते हैं, जो हमारे सनातन परंपरा के लोगों को भ्रमित करते हुए हमारी पुरातन संस्कृति को समाप्त करने की कोशिश करता रहता है, ऐसे लोगों से सचेत रहने की आवश्यकता है।विश्व हिंदू परिषद सामाजिक समरसता के प्रांत प्रमुख मिथिलेश्वर मिश्र ने कहा हिंदू समाज समस्त जीवों में भगवान का रूप को देखता है। इसी दृष्टि के कारण ही हम जगत के समस्त जीवो को पूजन-अर्चन कर उसके समृद्धि का कामना करते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने चूड़ा, गुड़, तिलकुट,दही आदि मिश्रित खाद्य पदार्थों को प्रसाद के रूप में एक साथ मिलकर ग्रहण किये।मौके पर विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू, रांची महानगर के कोषाध्यक्ष नागेंद्र शुक्ला, विश्वकर्मा प्रखंड के अध्यक्ष व उपमुखिया सुनीता सिंह, उपाध्यक्ष धनंजय सिंह, मंत्री समीर उरांव, बजरंग दल संयोजक करण तुरी, सहसंयोजक संतोष बरनवाल, जितेंद्र सिंह, अरविंद राव, रीना चौधरी, सुनीता कुमारी, मुन्नी शर्मा, पूनम कुमारी, प्रकाश साव, पूजा शर्मा सहित कई गणमान्य कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित थे। उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद, झारखंड सामाजिक समरसता सही प्रांत प्रमुख मिथिलेश्वर मिश्र ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
दूल्हा बने भगवान रंगनाथ और दुल्हनिया गोदाम्माजीटीम एबीएन, रांची। राजधानी के प्रसिद्ध श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में धनुर्मास महोत्सव के अन्तर्गत 14 जनवरी 2023 शुक्रवार को भगवान रंगनाथ और जगद्धात्री गोदाम्मा का विवाहोत्सव वैदिक परम्परानुसार और दक्षिण भारतीय पद्धति से आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रातः भगवान दम्पति का दूध, दही, हल्दी, चंदन, शहद, गंगाजल और डाभयुक्त जल से महाभिषेक हुआ। फिर वस्त्राभूषण से अलंकार और सुवासित पुष्पों से भव्य श्रृंगार किया गया। इसके उपरान्त नक्षत्र, कुंभ और कर्पूर से महाआरती हुई। फिर पोंगल, चटनी, खीर, फल व मेवा का भोग लगा। शातुमोड़ा, तिरुप्पावै एवं श्रीगोदा दिव्य प्रबन्ध का पाठ हुआ और अनेकानेक महामंत्रों एवं स्तोत्रों से स्तुति हुई।धनुर्मास के अंतिम दिन श्रीगोदा देवी और श्रीरंगनाथ स्वामी का औपचारिक विवाह कराया गया । रंग - बिरंगे वस्त्रों और पुष्पों से सुसज्जित गोदाम्मा को सुवासित केश तेल, चंदन और पुष्पों से विन्यास किया गया। जयजयकार ध्वनि और मंत्रों से गोदा- रंगमन्नार भगवान की माला बदली का मनोहारी दृश्य देखकर भक्तवृंद आह्लादित हुए। मांगल्य सूत्र धारण कराया और मंगल गीत व मंत्रों से विवाह हुआ।मान्यता है कि देवी गोदा भूमि देवी की अवतार थी, वे श्रीविष्णुचित्त (पेरियालवार) जी को तुलसी वन में भूमि खोदते समय मिली। वह गोदा भगवान विष्णु की अनुयायी और रहस्यवादी कवियित्री के रूप मे बड़ी हुई। वे तिरूप्पावै श्लोका आदि अनेकों प्रबंधों की रचना की। गोदा देवी भक्ति मार्ग से परमानन्द तक पहुंची और प्रबल इच्छा तथा अडिग संकल्प से भगवान रंगनाथ की पत्नी बनी। कहा जाता है कि श्रीगोदाम्मा जी का परिणय फेरी पूरी होते के साथ ही भगवान् के विग्रह में विलीन हो गयी थी।अर्थात् भगवान् में एकाकार हो गयी।आज के इस महानुष्ठान के अवसर पर महाभिषेक के यजमान : श्री निहार- पायल तुलस्यान, खिचड़ी महाप्रसाद सेवा : राजकुमार- गायत्री साहू जबकि दिनभर का भोग निवेदन किया श्री राजू- मोना चौधरी तीनों ही यजमान रांची निवासी हैं।अर्चक : श्री सत्यनारायण गौतम गोपेश आचार्य और नारायण दास ने मिलकर पूजन- अनुष्ठान संपन्न कराया।इनकी रही सहभागिता : सर्वश्री रामअवतार नारसरिया, रमेश धरनीधरका, अनूप अग्रवाल गौरीशंकर साबू, प्रदीप नारसरिया, रंजन सिंह सहित सैकड़ों भक्त शामिल हुए।
एबीएन सोशल डेस्क। सब तीरथ बार-बार, गंगासागर एक बार! यह नारा सदियों से यूं ही नहीं चला आ रहा है। मान्यता है कि गंगासागर में मकर संक्रांति पर पुण्य स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है, तभी तो जीवन-मरण के फेर से मुक्ति पाने की कामना लेकर हर साल देश- दुनिया से लाखों की संख्या में तीर्थयात्री तमाम तकलीफें झेलकर यहां पहुंचते हैं। मोक्ष धाम के रूप में परिचित गंगासागर मकर संक्रांति की पावन बेला में फिर पुण्य स्नान कराने के लिए तैयार है। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में गंगा सागर मेला लगा हुआ है।यहां हर साल मकर संक्रांति पर दूर-दूर से श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं। गंगा सागर वो जगह है, जहां से गंगा नदी बंगाल की खाड़ी के जरिये समंदर में मिलती है। मेला क्षेत्र को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। गंगासागर को लेकर लोगों में भारी उत्साह है। धीरे-धीरे देश और दुनिया के साधु-संत और श्रद्धालु गंगासागर मेले में पहुंचने शुरू हो गये हैं। मकर संक्रांति से पहले ही श्रद्धालुओं ने गंगा नदी में डुबकी लगाना शुरू कर दिया है। मेला मकर संक्रांति के बाद 17 जनवरी तक चलेगा। इस बार न तो कुंभ मेले का आयोजन हो रहा है और न ही देश में कोरोना का बहुत ज्यादा असर है। इसलिए पिछले दो साल की तुलना में इस बार कहीं ज्यादा संख्या में तीर्थयात्रियों के आने की उम्मीद की जा रही है। इस बार मेले में 30 लाख से अधिक लोगों के आने की उम्मीद है। मेले को लेकर राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद इसकी सारी व्यवस्थाओं को देख रही हैं।इसके साथ ही उन्होंने मंत्रिमंडल के दस से अधिक मंत्रियों की अलग-अलग जगह ड्यूटी भी लगाई है। बता दें कि हर साल जनवरी महीने में मकर संक्रांति के आसपास गंगासागर मेले का आयोजन किया जाता है। यह पश्चिम बंगाल राज्य में सागर द्वीप या सागरद्वीप में होता है। मकर संक्रांति मकर संक्रांति के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा नदी में पवित्र डुबकी लगाने के लिए सागर द्वीप जाते हैं।
31 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने किया स्नानएबीएन सोशल डेस्क। पवित्र मकर संक्रांति के शुभ मुहूर्त में शनिवार को 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा सागर डुबकी लगायी। शनिवार सुबह 6:53 से पुण्य स्नान का शुभ मुहूर्त शुरू हुआ है, जो रविवार शाम 6:53 तक जारी रहेगा। कपिल मुनि आश्रम के महंत ज्ञानदास ने बताया कि शनिवार सुबह 6 बजे से ही बड़ी संख्या में तीर्थ यात्रियों ने गंगासागर में डुबकी लगाने शुरू कर दी थी। देश दुनिया से पहुंचे लाखों महिला पुरुष युवाओं समेत अनगिनत की संख्या में नागा, नाथ और अन्य संप्रदाय के साधुओं ने इस सागर तट पर मोक्ष मिलने की आस में डुबकी लगाई है। पुण्य स्नान की अवधि 48 घंटे निर्धारित की गई है। इस बीच, दो तीर्थ यात्रियों की सेहत गंभीर होने पर उनको एयरलिफ्ट करके कोलकाता के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से एक तीर्थ यात्री नेपाल के तो दूसरे बंगाल के निवासी हैं। अगले दो दिनों में और संख्या और बढ़ेगी। नतीजतन प्रशासन का मानना है कि रविवार शाम तक श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर 50 लाख हो सकती है। इस बार पुण्य स्नान का लग्न रात्रि के समय भी है, इसीलिए जिला प्रशासन द्वारा अतिरिक्त तौर पर 33 हाई मास्ट लाइट और 90 लैंप पोस्ट लगाये गये हैं। उन्होंने बताया कि गंगासागर में इस बार ई-दर्शन और ई-बाथ की भी सुविधा है जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर राज्य के लोक स्वास्थ्य और तकनीकी मंत्री पुलक रॉय ने भी दावा किया कि 30 से 40 लाख लोग स्नान कर चुके हैं। अग्निशमन मंत्री सुजीत बोस समेत जिला प्रशासन के आला अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह होंगे मुख्य अतिथि टीम एबीएन, रांची। विद्या भारती झारखंड का दो दिवसीय समिति पदाधिकारी एवं सस्वावलंबी पूर्व छात्रों का सम्मेलन होना तय हुआ है। सा विद्या या विमुक्तये... अर्थात वह ही विद्या है जो नितांत मुक्ति दिलाए को अपना आधार मानते हुए विद्या भारती निरंतर अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रही है। इसको गति देने में समाज के प्रबुद्ध व्यक्तियों, विद्यालय प्रबंध कारिणी के माननीय पदाधिकारी एवं सदस्यों तथा पूर्व छात्रों की अहम भूमिका है। विद्या विकास समिति झारखंड के प्रदेश सचिव अजय कुमार तिवारी ने बताया कि राष्ट्रीय चेतना के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति, सामाजिक समरसता शिक्षा का मूल भाव है उसे हम मजबूती प्रदान कर सकें। इस दृष्टि से 18 और 19 जनवरी 2023 को आदित्य प्रकाश जालान टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज कुदलुम, रांची में दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ कृष्ण गोपाल जी सह सरकार्यवाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ होंगे। इसमें पूरे झारखंड के ए और बी श्रेणी के सरस्वती शिशु विद्या मंदिरों के समिति के पदाधिकारियों एवं स्वावलंबी पूर्व छात्रों तथा प्रधानाचार्यों का सम्मेलन आहूत किया गया है। इस सम्मेलन के मध्यम से समाज में शिक्षा, संस्कृति तथा सामाजिक समरसता के दृष्टि से हम क्या कार्य कर रहे हैं और क्या करना बाकी है, विचार मंथन कर विद्या भारती आपने कार्य के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना समाज में समाहित करने प्रयास करेगी। श्री तिवारी ने बताया कि इस सम्मेलन में समिति पदाधिकारियों, प्रधानाचार्य की संख्या लगभग 700 होगी तथा पूर्व छात्रों की संख्या 1000 से अधिक जिसका पंजीयन प्रारंभ कर दिया गया है इस को सफल बनाने में स्थानीय महाविद्यालय विद्यालय के सभी कार्यकर्ता तथा पूर्णकालिकों के बीच संच का बंटवारा कर कार्य किया जा रहा है।
पीएम मोदी आज करेंगे उद्घाटनएबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय युवा महोत्सव के उद्घाटन समारोह में देशभर से तीस हजार से अधिक युवा शामिल होंगे। स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर हर साल 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा उत्सव आयोजित किया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर्नाटक के हुबली में 12 जनवरी से शुरू होने वाले राष्ट्रीय युवा उत्सव का उद्घाटन करेंगे। महोत्सव 16 जनवरी तक चलेगा। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि इस दौरान कई प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जायेंगी। उन्होंने कहा कि देश स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव मना रहा है। हमें उम्मीद है कि सशक्त होने के साथ ही युवा देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे। ठाकुर ने कहा कि भारत के पांच पारंपरिक खेल जैसे, मलखम, योगासन, कलारेपट्टू, थंगटा और गटका को महोत्सव में शामिल किया जायेगा, ताकि लोगों को उनके बारे में पता चल सके और वे भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल बन सकें।
एबीएन सोशल डेस्क। मानवता के हित के लिए लोककल्याणार्थ स्वामी निरंजनानन्द सरस्वती 11जनवरी 1964 को अपने गुरु परमहंस सत्यानन्द सरस्वती से दीक्षा ले संन्यास धारण किये थे।विश्व का कीर्तिमान योग संस्थान बिहार योग विद्यालय मुंगेर को दुनिया का प्रथम योग विश्वविद्यालय के रूप में प्रतिष्ठित किये, जहां अनेक राष्ट्र से विद्यार्थी योग अध्ययन करने, योग शिक्षक की उपाधि लेने के लिए मुंगेर आते हैं। योग विद्यालय को इतनी ऊंचाई तक ले जाने श्रेय स्वामी जी को जाता है। स्वामी जी के संन्यास दिवस पर आज रांची में स्वामी मुक्तरथ जी ने आठ केंद्रों पर पांच हजार बच्चों को सूर्यमस्कार और प्राणायाम सिखलाये।
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