योगगुरु बोले- पाकिस्तान के 4 टुकड़े होंगे, पंजाब, पीओके और बलूचिस्तान अलग राष्ट्र बनेंगेएबीएन सेंट्रल डेस्क। योग गुरू बाब रामदेव ने पाकिस्तान को लेकर एक बड़ा बयान दिया। सनातन धर्म को लेकर बाबा रामदेव ने कहा कि देश में सनातन धर्म को नीचे दिखाया जा रहा है। भारत विरोधी लोग सनातन धर्म पर लांछन लगाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही बाबा रामदेव ने पाकिस्तान के बारे में कहा कि बहुत जल्दी पाकिस्तान के 4 टुकड़े होंगे। पंजाब, पीओके और बलूचिस्तान अलग राष्ट्र बनेंगे। इन सबका भारत में विलय होगा। ये आने वाले समय की पुकार है। रामदेव ने कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर भारत में मिलेगा। पाकिस्तान एक छोटा सा देश बच जाएगा। बाकी 3 हिस्से भारत में मिल जाएंगे और अखंड भारत का सपना साकार होगा। तालिबानियों से भी अफगानिस्तान संभलने वाला नहीं है। बता दें कि पाकिस्तान इस समय गंभीर आर्थिक समस्या से जूझ रहा है। पाकिस्तान में सब्सिडी वाला आटा लेने के लिए आम जनता की लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं। लोग खान पीने की चीज़ों के लिए आपस में झगड़ रहे हैं और तो और सरकारी खजाना भी खाली हो चुका है। वहीं अब देश को बचाए रखने के लिए पाकिस्तान आईएमएफ से मदद की गुहार लगा रहा है।
राजकुमारी पाण्डेयएबीएन सोशल डेस्क। बसंत पंचमी के मौके पर मां सरस्वती की पूजा के साथ ही वसंत ऋतु का प्रारंभ हो जाता है। इस अवसर पर श्रद्धालु पीले या अपने मनचाहे वस्त्र पहनकर मां सरस्वती की पूजा करते हैं। वसंत पंचमी इस साल 26 जनवरी को मनाया जायेगा। वसंत पंचमी को श्री पंचमी भी कहा जाता है। मान्यता है कि यदि आप कला या शिक्षा से जुड़ा कोई भी नया कार्य आरंभ करना चाहते हैं, तो यह दिन सबसे शुभ है। इस दिन कामदेव और रति की पूजा की जाती है और साथ में भगवान कृष्ण और राधा रानी की उपासना भी होती है।मान्यता है कि इस दिन रात के वक्त कामदेव अपनी पत्नी रति के साथ धरती पर भ्रमण करने आते हैं। इसलिए जो पति पत्नी इस दिन कामदेव और रति की पूजा करते हैं। उनके वैवाहिक जीवन में कोई अड़चन नहीं आती है और जीवन सुख के साथ बीतता है।इस दिन क्यों की जाती है मुख्य रूप से मां सरस्वती की पूजा : पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन ज्ञान की देवी सरस्वती माघ का मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को अपने पिता ब्रह्माजी के मुख से प्रकट हुई थी। यही बजय है कि वसंत पंचमी पर मुख्य रूप से मां सरस्वती की पूजा की जाती है। कहते हैं कि इस दिन पूरे विधि विधान के साथ मां सरस्वती की पूजा करने वालों बुद्धि सदैव योग्य रहती है और उनको अपने जीवन के सही फैसले लेने में मदद मिलती है। आज के परिप्रेक्ष्य में सभी लोगों के लिये मां सरस्वती की पूजा करना अनिवार्य माना गया है। सभी लोगों को अपने जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिये ज्ञान और बुद्धि विवेक की आवश्यकता होती है। ऐसे में मां सरस्वती की पूजा करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है और सभी कार्यो में शुभ परिणाम प्राप्त होते है। मान्यता है कि ज्ञान प्राप्ति के लिए इस दिन देवी मां सरस्वती की विधि विधान से पूजा करने का बहुत महत्व है। ज्ञान के उपासक बसंत पंचमी की माता सरस्वती की पूजा विधि विधान से करते हैं। इस दिन पीले वस्त्र धारण करने के भी मान्यता है। पंचमी की शुभ मुहूर्त 26 जनवरी को है। वैसे तो पंचमी 25 जनवरी को भी है लेकिन कोई भी पूजन सूर्योदय के समय करनी चाहिए जो कि 26 जनवरी को सूर्योदय के समय पंचमी है।
झारखंड के इन जगहों को शामिल करें अपनी ट्रैवल लिस्ट मेंटीम एबीएन, रांची। गणतंत्र दिवस आने वाला है और इस दिन पूरे देश में की छुट्टी होती है। इस बार गणतंत्र दिवस गुरूवार के दिन पड़ रहा है और उसके अगले दिन वैसा तो छुट्टी नहीं है, लेकिन अपने काम से अगर आप एक दिन की एक्स्ट्रा छुट्टी लेते हैं तो शनिवार और रविवार के साथ चार दिन की लंबी छुट्टी का मजा ले सकते हैं। ऐसे में इन चार दिनों को आप घर पर बैठकर बर्बाद नहीं करना चाहते हैं और अपनी पत्नी और बच्चों संग ट्रैवल प्लानिंग करके अपना बेस्ट रिपब्लिक डे मनाना चाहते हैं तो आप अपने परिवार के साथ कहीं भी घूमने जा सकते हैं। अगर आप इन चार दिन की छुट्टियों में कहां जायें इस बात को लेकर कंफ्यूज हैं कि तो चलिए हम आपको झारखंड के उन जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां आप अपना घूमने जा सकते हैं।नेतरहाट : झारखंड की धरती पर नेतरहाट प्रकृति की सबसे खूबसूरत भेंट है। नेतरहाट को छोटानागपुर की रानी के नाम से भी जाना जाता है। यहां की सूर्योदय एवं सूर्यास्त का नजारा इस हिल स्टेशन की खूबसूरती को और बढ़ा देती है। यहां नेतरहाट डैम, चीड़ के वन, कोयल नदी का दृश्य, नाशपाती और नख के बागान सहित कई झरनों की प्राकृतिक सुंदरता देखने योग्य है।नेतरहाट के मुख्य पर्यटन स्थल : कोयल व्यू प्वाइंट (सनराइज प्वाइंट), मैग्नोलिया प्वाइंट (सनसेट प्वाइंट), लोअर घघरी जलप्रपात, अप्पर घघरी जलप्रपात, नेतरहाट के सुहाने डगर, लोध जलप्रपात।रांची : झारखंड की राजधानी रांची अपने में कई प्राकृतिक विरासत को समेटे हुए है। यहां देखने के लिए मंदिर, झरने, कई सुंदर दृश्य हैं। आप यदि घूमने के शौकीन हैं तो इस गणतंत्र दिवस पर आपको रांची जरूर घूमना चाहिए। इसके अलावा आप मोरहाबादी मैदान में होने वाले गणतंत्र दिवस के भव्य परेड के देखने भी रांची जा सकते हैं।रांची में घूमने के मुख्य पर्यटन स्थल : जगन्नाथ मंदिर, टैगोर हिल, जोन्हा जलप्रपात, पतरातू घाटी, हुंडरू जलप्रपात, बिरसा जूलॉजिकल पार्क, पंचघाघ झरना।देवघर : देवघर की गिनती भारत के सबसे प्रतिष्ठित तीर्थ स्थल में होती है। देवघर बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए के लिए प्रसिद्ध है। हर साल यहां लाखों की संख्या में बाबा के भक्त उनके दर्शन करने के लिए आते हैं। इसके साथ ही देवघर अपना प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर है।देवघर में घूमने के मुख्य पर्यटन स्थल : बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर, बासुकीनाथ मंदिर, त्रिकुट पहाड़, नंदन पहाड़, नौलखा मंदिर।
1992 में हिंदू समाज के पौरूष का हुआ पुनः प्रकटीकरण : अंबरीश सिंहसंघर्ष के कारण ही भारतीय संस्कृति एवं मान बिंदुओं का हुआ रक्षा : जगन्नाथ शाहीटीम एबीएन, बोकारो/रांची। विश्व हिंदू परिषद झारखंड प्रांत के तीन दिवसीय कार्यसमिति बैठक आज दिनांक 22 जनवरी 2023 को बोकारो सेक्टर 3 स्थित सरस्वती विद्या मंदिर मैं संपन्न हुई।समापन सत्र के मुख्य वक्ता विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय सहमंत्री व विशेष संपर्क के केंद्रीय प्रमुख अंबरीश सिंह जी ने कहा विश्व हिंदू परिषद की 60 वर्षों की ध्येय यात्रा गौरवशाली रही है। भगवान श्री कृष्ण के प्राकट्य के काल की स्थिति के समान ही विश्व हिंदू परिषद की स्थापना की काल में भी समाज की कड़ी कमजोर थी। उन्होंने कहा कि हम अपने पूर्वजों के अपनी सामाजिक एवं सांस्कृतिक आस्था के प्रति अटूट श्रद्धा के कारण ही कालखंड में अनेक मत, पंथ एवं धाराएं चलने के बावजूद सनातन संस्कृति विद्यमान है। उन्होंने कहा दुनिया में एकल मानसिकता वाले पंथ सदैव विध्वंसक रहा है, वही हमारी सनातनी संस्कृति सर्वे भवंतु सुखिनः, सर्वे संतु निरामया... को आत्मसात करते दुनिया को शांति का संदेश दिया है। उन्होंने कहा इस देश में हे राम कहकर देश त्यागने की आकांक्षा रखने वाले श्रीराम तत्व रूपी विराट आदर्श का भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है। जिन 350 लाख गांव तक की गयी शीला पूजन के ईट, जो देश के समस्त समाज एवं क्षेत्र का प्रतिनिधि के रूप में श्री राम जन्मभूमि के न्यू में लग रहा है, हम वर्तमान हिंदू समाज को यह सौभाग्य रहेगा। उन्होंने कहा कि जिस दिन 464 वर्षों से चली आ रही कलंक रुपी ढांचा को हिंदू जनमानस ने 1992 में मिटा दिया, उस दिन से हिंदू समाज के पौरुष का पुनः प्रकटीकरण हुआ। उन्होंने कहा कि पराधीनता के बाद भी हिंदू समाज अपने तीर्थ, तीर्थयात्रा, पर्व त्यौहार, अर्चक पुरोहित, संत महात्मा, गंगा, गीता, गाय, संस्कृत इत्यादि पर आस्था के कारण आज भी अडिग खड़ा है।उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता केंद्रीय प्रन्यासी मंडल के माननीय सदस्य जगन्नाथ शाही ने कहा हिंदुस्तान में सैकड़ों वर्ष से अपने भारतीय संस्कृति एवं मान बिंदुओं के रक्षार्थ निरंतर संघर्ष चल रहा है इस संघर्ष में करोड़ों हिंदू जनमानस ने अपने को बलिदान किया। माता बहनों ने जौहर करके अपने स्वाभिमान को बचाया उन्होंने कहा देश के बच्चों को दासता जीवन जीने के लिए विवश होना पड़ा।बड़े संघर्ष में अपने संस्कृति के रक्षार्थ ही गुरु गोविंद सिंह के चारों बच्चों ने स्वयं को दीवारों पर चुनवा लिये। ऐसे वीर बलिदानी बच्चों का यह देश मैं आज भी बगुला के समान सामने से सन्यासी दिखाई देने वाले बहु रूपों के द्वारा हिंदू समाज के संस्कृति एवं परंपरा को नष्ट करने के लिए बैठा हुआ है। उन्होंने कहा ईसाई कभी जनजाति अथवा आदिवासी नहीं हो सकता जो प्रकृति पूजक है वही आदिवासी अथवा जनजाति है। विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू ने बताया तीन दिवसीय प्रांत कार्यसमिति बैठक में आगामी 6 महीना के कार्यक्रमों का योजना बनायी गयी। इसके अंतर्गत 5 फरवरी को गुरु रविदास जयंती, 12 फरवरी से 26 फरवरी के बीच धर्मरक्षा निधि समर्पण कार्यक्रम, 19 मार्च से 2 अप्रैल तक श्री रामोत्सव, 5 अप्रैल को श्री हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर महाआरती, 14 अप्रैल भीमराव अंबेडकर जयंती 21 मई से 31 मई तक परिषद शिक्षा वर्ग 4 जून से 11 जून तक दुर्गा वाहिनी मातृशक्ति प्रशिक्षण वर्ग करने की योजना बनायी गयी। बैठक में सभी जिलों से 147 कार्यकर्ताओं को नवीन दायित्व का घोषणा की गयी। बैठक में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय प्रन्यासी मंडल सदस्य जगन्नाथ शाही, क्षेत्र संगठन मंत्री आनंद कुमार, प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू, प्रांत उपाध्यक्ष सुभाष नेत्रगांवकर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यवाह संजय कुमार, बोकारो महानगर संघचालक एस बरनवाल, पूज्य स्वामी कृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी, क्षेत्र गोरक्षा प्रमुख त्रिलोकीनाथ बागी, बजरंग दल क्षेत्र संयोजक जन्मेजय कुमार, धर्म प्रसार क्षेत्र प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा, सहमंत्री रंगनाथ महतो, सहमंत्री रामनरेश सिंह, सहमंत्री वीरेंद्र यादव, जिला अध्यक्ष संतोष कुमार, प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, प्रांत संयोजक दीपक ठाकुर, विभाग मंत्री विनय कुमार, विभाग सहमंत्री राजेश दुबे, अजीत पांडे, मनोज चंद्रवंशी, संजय चौरसिया, संजय वर्मा, किशुन झा, कालीचरण मंडल, अरविंद सिंह, गणेश शंकर विद्यार्थी, जगदीश मंडल, विजय यादव, कुलेश्वर टूडू, मिथिलेश महतो विकास कुमार, प्रभावती नेत्रगांवकर, अरुणा सारंगी, शशि शर्मा, काजल सोनी सहित 229 कार्यकर्ता एवं दर्जनों स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। इनर व्हील क्लब ऑफ़ क्षितिज की ओर से रविवार को बड़गाई स्थित नेत्रहीन विद्यालय में गर्म कपड़े बांटे गये। 25 से अधिक जरूरतमंदों ने इसका लाभ लिया। वहीं दो बच्चियों की आगे की पढ़ाई में मदद के लिए भी संस्था ने सहयोग किया और रजिस्ट्रेशन फीस की व्यवस्था की ताकि उनकी आगे की पढ़ाई चलती रहे। इस कार्यक्रम का संचालन क्लब की अध्यक्षा डॉ कविता तिवारी ने किया। वहीं, क्लब की सेक्रेटरी पिंकी पॉल, रानी सिंह, रेणु चौधरी, लवी राय आदि ने भी इस कार्यक्रम में अपना सहयोग दिया।
कॉर्पोरेट जगत की नौकरी छोड़कर खेती करने का लिया निश्चय राजगढ़ की नीलू सिंह अन्य महिलाओं के लिए बन रही प्रेरणा स्रोत एबीएन सेंट्रल डेस्क। कहते हैं कि जहां चाह, वहां राह...। राजगढ़ की एमबीए पास नीलू सिंह पर यह कहावत सटीक बैठती है। नीलू सिंह एमबीए उत्तीर्ण करने के बाद कॉरपोरेट सेक्टर की नौकरी को छोड़कर खेती बाड़ी कर रही हैं। उद्यान विभाग की योजना से उनकी मेहनत और सफलता को नया आयाम मिल रहा है। नीलू की सफलता का आलम यह है कि उनको देखकर वर्तमान में कई महिलाएं और लड़कियां भी पारंपरिक तरीके की खेती को छोड़ मुनाफा देने वाली ड्रैगन फ्रूट की खेती करना आरंभ कर दिया है। कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. श्रीराम सिंह और उप निदेशक उद्यान विंध्याचल मंडल मेवाराम ने भ्रमण कर महिला किसान का उत्साहवर्धन किया। जनपद के विकास खंड राजगढ़ की नीलू सिंह ने वर्ष 1998 में बरेली विश्वविद्यालय से एमबीए उत्तीर्ण किया। उन्होंने कॉरपोरेट जगत की कई अलग-अलग कंपनियों में नौकरी की, लेकिन उनका मन नहीं लगा। अंत में कॉपोर्रेट की नौकरी छोड़कर खेती करने का निर्णय लिया। वर्तमान में वह राजगढ़ के गढ़वा गांव में चार बीघे के एक प्लाट में ड्रैगन फ्रूट और स्ट्राबेरी की खेती कर रही हैं। नीलू सिंह ने बताया कि 1998 में बरेली विश्वविद्यालय से एमबीए किया था। उसके बाद कई कंपनियों में नौकरियां भी की, लेकिन आज सबकुछ छोड़कर बागवानी कर रही हैं। बचपन से था बागवानी का शौक नीलू सिंह ने अभी तक विवाह नहीं किया है। बताया कि बचपन से ही बागवानी करने का बहुत शौक था। उनके दादा केले की खेती करते थे। एमबीए करने के बाद कई अच्छी मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी की। आज वह अपने बचपन के सपने को साकार करने में जुटी हैं। राजगढ़ ब्लॉक की वंदना सिंह भी ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रही हैं। चार साल पहले आरंभ की ड्रैगन फ्रूट की खेती ड्रैगन फ्रूट की खेती लगभग चार पहले आरंभ हुई थी। राजगढ़ और शक्तेशगढ़ चुनार इलाके के किसानों ने उद्यान अधिकारी मेवाराम की पहल पर इसकी खेती की आरंभ की। बताया कि एक बीघे की खेती में प्रति वर्ष लगभग तीन लाख रुपये का लाभ होता है। पहले वर्ष की खेती पर तीन लाख रुपये का लगभग खर्च आता है। लाभ लागत से कहीं अधिक होता है। कम मेहनत में ज्यादा लाभ को देखकर खेती करने के लिए प्रति वर्ष किसान बढ़ रहे हैं। किसानों की आय हो रही दोगुनी जिले के किसानों की आय दोगुनी करने के साथ ही इसका सेवन कई रोगों के लिए रामबाण है। ड्रैगन फ्रूट पोषण से भरपूर तथा एंटी एलर्जी सहित कई गुणों से युक्त है। बड़े शहरों में इसकी सबसे ज्यादा मांग होती है। जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम ने बताया कि एक फल का वजन भी आधा किलों के आसपास या उससे ज्यादा होता है। ड्रैगन फ्रूट मीरजापुर का हब बन गया है। किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में लगभग 125 किसान ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं। इसमें से लगभग 30 लड़कियां और महिलाएं हैं।
संदीप पांडेय टीम एबीएन, टाटीझरिया। धर्मपुर गांव के शिव मंदिर परिसर में साप्ताहिक शनिवार बाजार लगाने का उद्धाटन टाटीझरिया बीडीओ साइनी तिग्गा, जिप सदस्य रामप्रसाद प्रमुख संतोष मंडल,धर्मपुर पंचायत की मुखिया कांति देवी, डूमर मुखिया ममता देवी टाटीझरिया मुखिया सुरेश यादव, डहरभंगा पंचायत मुखिया प्रतिनिधि रविन्द्र यादव, झरपो मुखिया शिबुप्रसाद सोनी, भराजो मुखिया प्रतिनिधि उपेंद्र पांडेय, डूमर मुखिया ममता देवी कैलाश पति सिंह संग कई सांसद प्रतिनिधि, विधायक प्रतिनिधि, समाज सेवीयो के हाथों सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुरुआत की गयी। मंच संचालन राजू यादव ने किया। पुरोहित सुखदेव पांडेय, सोनू पांडेय के वैदिक मंत्रोच्चारण से पूजा अर्चना नारियल तोड़ रिबन काट कर शनिवार बाजार का उद्धाटन किया गया। बाद में उपस्थित मंचासीन अतिथियों ने बारी बारी से अपने संबोधन में कहा शनिवार बाजार लगने से अब जेरुआ डीह, डूमर, मुक्तिदुधमनिया, डुंगो, खरिका, बेरहो, मंडपा हरदिया, पनिमाको,बांडीह,खम्भवा,अमनारी, कोल्हू, मायापुर, बेडम, सिझु, चुरचू समेत अन्य पड़ोसी गांव के लोगों को अब साग सब्जी, बकरा बकरी मुर्गा मुर्गी राशन श्रृंगार सामग्री की खरीद बिक्री के लिये मुश्किलों सामना नहीं करना पड़ेगा। प्रमुख ने बाजार समिति के सदस्यों को इस अनोखा पहल के लिये धन्यवाद दिया। वहीं बीडीओ ने समिति सदस्यों और ग्रामीणों को शनिवार बाजार परिसर में शेड देने का आश्वासन दिया। मौके पर जोधी यादव, धर्मपुर मुखिया प्रतिनिधि अशोक यादव, छक्कन यादव, लक्ष्मण प्रसाद, सुनील साहू, संतोष कुमार, बब्लू कुमार, हरिनाथ यादव, सरजू प्रसाद, मनोज कुमार सिंह समेत अन्य लोग उपस्थित थे।
संदीप पांडेय टीम एबीएन, टाटीझरिया। प्रखंड क्षेत्र के सुभाष राणा पिता कामेश्वर राणा झरपो निवासी के 5 वर्षीय पुत्र की तबीयत अचानक खराब हो गयी। बेहतर इलाज के लिए श्री राणा ने उसे वेल्लोर ले गये। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद ब्लड कैंसर बताया है। घटना की जानकारी पीड़ित परिवार के परिजन झरपो के उमाशंकर राणा ने दी और कहा कि वे गरीबी के कारण अपने बच्चे का इलाज करवाने में असमर्थ हैं।विवश होकर उन्होंने विधायक, नेता मंत्रियों, आम जनता से मदद की गुहार लगाते हुए एसबीआइ बैंक खाता संख्या - 20216569531 आइएफएससी - एसबीआइएन0006233 फोन पे नम्बर-7981205150, यूपीआइ-79815150@वाइबीएल साझा किया है। उन्हें यथाशक्ति सहयोग राशि देकर बच्चे की बेहतर इलाज के लिए सहायता किया जा सकता है।
हरमू मैदान में श्री राम कथा का द्वितीय दिवससेवक का आचरण ही समाज में चरित्र को दर्शाता है : राजन जी महाराजटीम एबीएन, रांची। रांची के हरमू मैदान में आयोजित रामकथा के दूसरे दिन की कथा के मुख्य यजमान प्रेमचंद श्रीवास्तव, पत्नी उर्मिला श्रीवास्तव श्री अशोक श्रीवास्तब व यजमान सुशील गुप्ता, राजेश शर्मा ने पूरे परिवार के संग व्यास पूजन, गुरु पूजन भजन व माल्यार्पण कर श्री राजन महाराज जी का अभिनंदन और स्वागत किया। सायं आरती मुख्य यजमान के साथ श्री मनीष साहू व उनके परिवार के सदस्यों ने की।व्यास पीठ पर विराजमान परम पूज्य श्री राजन जी महाराज जी ने कथा स्थल में उपस्थित सभी श्रोताओं का अभिवादन किया।भजन से प्रारंभ हुआ कार्यक्रम : शंकर तेरी जटा से बहती है गंग धारा... शिव नाम जो उतारे सब पाप दोष तारे...। उन्होंने कहा कि जीवन में अपनी और किसी को भी आकर्षित करना है, तो राम बनो या काम से उसे अपनी ओर आकर्षित करो। भगवान के प्रेम की बात को उन्होंने इस तरह समझाया की लकड़ी के घर्षण से जब अग्नि प्रकट हो जाती है तो समझ लो प्रेम के घर्षण से भगवान प्रगट हो जाते हैं। भगवान केवल और केवल अपने भक्तों के कारण आते हैं। अधर्मी जब अत्याचार करने लगते हैं तब प्रभु अवतार लेकर उनका विनाश करते हैं। जो संतों पर, भगवान के भक्तों पर, गौ माता पर, ब्राह्मणों पर अत्याचार करते हैं उनका विनाश होना सुनिश्चित है। भगवान की महिमा बताते हुए उन्होंने कहा भगवान के पांच प्रकार के अवतार है। उन्होंने कहा बुद्धिमान व्यक्ति कभी नकारात्मक चर्चा नहीं कर सकता समाज में हमेशा सकारात्मक विचार दौड़े, इस पर हम लोगों को विचार करना चाहिए।प्रसंग पर चर्चा कर कहा कि आप किसी को यह ना बोले कि आप झूठ बोल रहे है बल्कि आप उन्हें यह बोले कि आप सत्य नहीं बोल रहे है। उन्होंने ज्ञान की परिभाषा को समझाते हुए बताया भगवान ज्ञान से नहीं मिलते बल्कि प्रेम से अवश्य मिलते है। शिव के विवाह की चर्चा करने के क्रम में उन्होंने बताया।दहेज विवाह की प्रथा है उसका विरोध नहीं करना चाहिए। लेकिन दहेज मांगने की प्रथा जो है उसका विरोध होना चाहिए। भगवान के विषय में बताते हुए कहा कि भगवान का कोई आकार नहीं भगवान निराकार है। भगवान भक्त के अनुरूप ही उन्हें दर्शन देते हैं।उन्होंने शंकर पार्वती के विवाह पर चर्चा की। श्री राजन जी महाराज जी ने कहा कि किसी के सालगिरह पर जन्मदिवस पर बुके लेकर ना जाए बल्कि हमारे 18 पुराण है। एक ग्रंथ को लेकर आप उपहार के रूप में उनके यहां जाएं इस ग्रंथ को उन्हें दें अगर उस ग्रंथ के एक अध्याय को भी वह पढ़ेंगे तो जीवन उनका सफल होगा। जो भी व्यक्ति अयोध्या नहीं गया है भगवान की नगरी जाकर देखे। भगवान श्री राम के जन्मोत्सव के प्रसंगों पर चर्चा किए भगवान विराट रूप में प्रकट हुए भगवान का उत्सव मनाया गया लोगों ने भगवान के दर्शन किये। भजन अवध में आनंद भयो, जय रघुवर लाल की जय कन्हैया लाल की... के साथ पूरा पंडाल राम के जन्म पर झूम उठा। फूलों की वर्षा हुई, लोगों के बीच खिलौने और टॉफियों का वितरण किया गया। आज पूरा पंडाल बैलून से और फूलों से सजाया गया था। पूरा पंडाल भगवान राम के जन्म उत्सव पर नृत्य कर उठा और तालियों से भगवान के स्वागत आगमन का स्वागत किया इस अवसर पर भगवान की झांकी भी रखी गयी थी। मुख्य यजमान के द्वारा पूजन किया गया। इसके पूर्व मंच पर मदन लखोटिया, दीपक सरावगी, संजीव विजयवर्गीय, साजन पडिया, सूरजभान सिंह सहित कई लोगों ने महाराज श्री से आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा स्थल महाराज श्री कुछ देर रुके लोगों ने महराज श्री से मिलकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन समिति के प्रवक्ता प्रमोद सारस्वत ने बताया की कल की कथा में भगवान के बाल लीला के प्रसंग का सुंदर वर्णन सुनेंगे। श्री सारस्वत ने सभी लोगों से आग्रह किया भगवान की लीला को अवश्य सुने। श्री सारस्वत ने रांची की सभी धार्मिक और सामाजिक संस्था व धर्म प्रेमियों से आग्रह किया है कि 2:00 बजे से प्रारंभ होने वाली कथा में आप समय से पूर्व आवे और आकर अपना स्थान ग्रहण कर श्री राजन जी महाराज के मुखारविंद से श्री राम कथा की अमृत वर्षा का हरमू मैदान में आकर अवश्य आनंद लेवे और पूण्य अर्जित करें। कथा स्थल में मुख्य संयोजक प्रकाश धेलिया, संयोजक मनीष साहू, बसंत शर्मा, नेमी अग्रवाल, मुकेश काबरा, प्रमोद सारस्वत सजन पडिया, दीपक पाठक, दीपक सराओगी, बनवारी राजू पोद्दार, जितेंद्र सिंह, राजू यादव आशुतोष दिवेदी सहित काफी संख्या में सदस्य अपनी सेवा दे रहे है। उक्त जानकारी आयोजन समिति के प्रवक्ता प्रमोद सारस्वत ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
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