बजट सत्र के तीसरे दिन हंगामा टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्रवाई प्रारंभ होने से पहले सदन के बाहर सत्ता पक्ष और विपक्ष ने हजारीबाग की घटना को लेकर एक दूसरे पर हमले किये। मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि जानबूझकर हमारे समाज को नीचा दिखाया जा रहा है। राज्य में अल्पसंख्यक होना पाप नहीं है। हमारा समाज मेहनत का समाज है जो मेहनत और मजदूरी करता है। हमलोग सभी धर्म का सम्मान करते हैं, लेकिन हजारीबाग की जो घटना घटती है। इसकी जानकारी मुझे है राज्य में इस तरह की प्रवृत्ति नहीं होगी। कानून जो भी हाथ में लेगा उस पर कठोरता पूर्वक हम लोग कार्रवाई करेंगे। वहीं भाजपा के माफी मांगने की मांग पर पूछे गये सवाल पर अंसारी ने कहा कि यह देश संविधान से चलता है, प्यार और मोहब्बत से चलता है, भाजपा और आरएसएस की जो विचारधारा है वह समाज को तोड़ने वाली विचारधारा है। उन्होंने कहा कि मैं समाज को जोड़व वाला व्यक्ति हूं। वहीं पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक सीपी सिंह ने कहा कि मंत्री हो जाने से क्या होता है, एक भी हिंदू पर पत्थर चलेगा तो मुंह तोड़ जवाब मिलेगा। जब पूछा गया कि मंत्री इरफान अंसारी का कहना है कि इस घटना के पीछे आरएसएस और संघ का हाथ है तो सीपी सिंह ने कहा कि आरएसएस बाप लगता है इनका। वहीं स्थानीय भाजपा विधायक अमित यादव का कहना है कि यह बिल्कुल दुर्भाग्यपूर्ण विषय है मैं वहां पर लोगों की पहले से मंशा थी कि आज उपद्रव फैलाना है चूंकि शिवरात्रि का दिन था और वहां लाउडस्पीकर लगाए जाना था। झंडा पताका लग रहे थे। इस बीच में कुछ लोगों ने वहां पर पथराव प्रारंभ कर दिया। अमित यादव ने कहा कि जब भी हिंदुओं का त्यौहार आता है तब वहां पर आप पत्थर चलाते हैं। माननीय मंत्री इरफान अंसारी जी से कहना चाहता हूं जब घटना की पूरी जानकारी नहीं हो तो उटपटांग जवाब नहीं देना चाहिए। आप किसी जाति समुदाय के मंत्री तो है नहीं आप पूरे झारखंड के मंत्री हैं ऐसे में किसी को पार्टी बनाना और किसी खास विशेष को प्रोटेक्शन देना निश्चित रूप से गलत है और इनका सार्वजनिक रूप से सामने आकर के माफी मांगनी चाहिए हिंदुओं से। उन्होंने कहा कि यह इरफान अंसारी जी वहां पर सर्टिफिकेट बांट रहे हैं कि आरएसएस और बीजेपी वाले लोग ऐसा कर रहे हैं और एक विशेष समुदाय को संरक्षण दे रहे हैं। वहां पर एक विशेष समुदाय द्वारा यह दंगा भड़काया गया है और बिल्कुल यह मामला सदन में उठेगा और इस पर कमेटी बनाने की मांग भी उठेगी ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।
झारखंड के सरकारी शिक्षकों के लिए खुशखबरी, सीएम हेमंत सोरेन 28 फरवरी को देने वाले हैं बड़ी सौगातटीम एबीएन, रांची। झारखंड में सभी सरकारी स्कूलों के शिक्षकों मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 28 फरवरी टैबलेट देंगे। हालांकि ये टैब उन्हीं शिक्षकों को दिया जाएगा जिन स्कूलों में 30 से ज्यादा बच्चे होंगे। इसके लिए 28,945 स्कूलों का चयन किया गया है। दरअसल सरकार की ओर से ये पहल इसलिए की गयी है ताकि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को डिजिटल लिट्रेसी से जोड़ा जा सके।हेमंत सरकार स्कूलों में अटेंडेंस से लेकर हर प्रकार के रिपोर्टिंग को आनलाइन करने लगी है। ताकि एक क्लिक पर सारी जानकारी उपलब्ध हो सके। इसके लिए सरकार पहली से लेकर पांचवी तक के ऐसे स्कूलों के शिक्षकों को टैबलेट देगी जहां कम से कम 30 बच्चे अध्ययनरत है। जानकारी के अनुसार पूर्वी सिंहभूम के 1191 शिक्षकों को टैबलेट दिया जाएगा। हालांकि इससे पहले राज्य स्तर पर बनायी गयी सूची के मुताबिक 1994 शिक्षकों को टैब दिया जाना था। लेकिन जब इसे संशोधित किया गया तो यह आंकड़ा बदल गया। उसी तरह पश्चिमी सिंहभूम के 2108 लोगों को टैबलेट दी जानी थी। अभी संख्या घटाकर 1772 कर दी गयी है।सरायकेला खरसावां में 1039, बोकारो के 1190 , चतरा के 1354 , देवघर के 1712, दुमका के 1797, गढ़वा के 1265, गिरिडीह 2776 , गोड्डा 1303, गुमला के 897, हजारीबाग के 1201, जामताड़ा 850, खूंटी 491, कोडरमा के 603, लातेहार के 917, लोहरदगा के 417, पाकुड़ के 905, पलामू के 2323, रामगढ़ के 485, साहिबगंज के 1039, सिमडेगा के 468, रांची के 1456 , धनबाद के 1371 शिक्षकों को टैबलेट दिया जाना है।
झारखंड में आज महाशिवरात्रि की धूम, सीएम हेमंत ने राज्यवासियों को दी बधाई टीम एबीएन, रांची। आज देश भर में महाशिवरात्रि की धूम है। शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। वहीं, 12 ज्योतिर्लिंग में से एक देवघर के बैद्यनाथ धाम में भी महाशिवरात्रि पर देश के कोने-कोने से भक्त पूजा करने पहुंच रहे हैं। मंदिर हर-हर महादेव और बोल बम के नारे गूंज रहा है। सीएम हेमंत ने महाशिवरात्रि के अवसर पर राज्यवासियों को दी बधाई महाशिवरात्रि के अवसर पर सीएम हेमंत सोरेन ने राज्यवासियों को बधाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा- महाशिवरात्रि के पावन अवसर सभी को हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार। भगवान शिव सभी का कल्याण करें। ॐ नम: पार्वती पतये। हर-हर-हर महादेव। बता दें कि बैद्यनाथ धाम सुबह 3 बजे ही खोल दिया गया। इसके बाद कांचा जल का अर्पण किया गया फिर 4 बजे से आम श्रद्धालुओं के लिए भी कपाट खोले गये। बैद्यनाथ धाम मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। बताया जा रहा है कि बाबा बैद्यनाथ के पूजन के लिए रात के 12 बजे से ही श्रद्धालुओं की कतार लगनी शुरू हो गयी थी। मंदिर का पट 4 बजे आम श्रद्धालुओं के लिए खोला गया। वहीं, शाम 6 बजे से चार प्रहर की पूजा शुरू हो जायेगी। आज भगवान भोलेनाथ की चार प्रहर में षोडशोपचार विधि से पूजा की जायेगी। साथ ही भगवान भोलेनाथ को मोर मुकुट भी अर्पण किया जायेगा। वहीं, रात्रि पूजन में भगवान भोलेनाथ को दूध, दही, घी, फल-मूल, जनेऊ, इत्र, अरवा चावल, अबीर, सिंदूर, फलहारी, मिठाई, पेड़ा, मेवा, चंदन, धूप, गंगाजल, फूल, बेलपत्र, भांग आदि भोले बाबा को अर्पित करेंगे। साथ ही माता पार्वती का भी श्रृंगार अर्पण किया जायेगा।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, देवघर/ रांची। बुधवार यानी 26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर द्वादश ज्योतिर्लिंगों में एक बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में भव्य शिव बारात निकाली जायेगी। शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। पहली बार झारखंड सरकार के पर्यटन विभाग शिवरात्रि महोत्सव का आयोजन कर रहा है। महोत्सव का उद्घाटन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन केकेएन स्टेडियम में करेंगे। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री शिव बारात को रवाना करेंगे। मुख्यमंत्री के साथ उनकी पत्नी विधायक कल्पना सोरेन और 4 विभागों के सचिव भी मौजूद रहेंगे। देवघर जिला प्रशासन ने शिव रात्रि महोत्सव की तैयारी पूरी कर ली है। महाशिवरात्रि के अवसर पर बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण करने के लिए एक लाख से अधिक श्रद्धालु देवघर पहुंच गये हैं। बाबाधाम में फाल्गुन चतुर्दशी तिथि यानी शिवरात्रि के दिन बाबा भोलेनाथ की चतुष्ग्रहर पूजा होती है। विग्रह पर माता को सिंदूर अर्पित करने की खास परंपरा के साथ बाबा भोलेनाथ का विवाह संपन्न होगा। इस पूजा में बाबा भोलेनाथ को दूल्हे की तरह सजाया जाता है। बेलपत्र से सरदार पंडा विग्रह पर माता को सिंदूर अर्पित करते हैं। विशेष पूजा के लिए मंदिर प्रबंधन की ओर से तैयारी कर ली गयी है।
रांची में महाशिवरात्रि को लेकर पुलिस अलर्ट, ट्रैफिक रूट में भी बदलाव टीम एबीएन, रांची। रांची में महाशिवरात्रि को लेकर सुरक्षा के साथ-साथ सुगम ट्रैफिक व्यवस्था के भी विशेष इंतजाम किये गये हैं। राजधानी रांची में सभी शिवालयों के बाहर सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किये गये हैं। वहीं राजधानी के ट्रैफिक रूट में भी 26 फरवरी को कई बदलाव किये गये हैं। 26 फरवरी को राजधानी रांची में महाशिवरात्रि धूमधाम के साथ मनायी जायेगी। इसके लिए रांची पुलिस की ओर से एक दर्जन प्रमुख शिवालयों में सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किये गये हैं। साथ ही संभावित भीड़ को लेकर जगह-जगह जवानों की तैनाती की गयी है। रांची के सिटी एसपी राजकुमार मेहता ने बताया कि 500 से ज्यादा अतिरिक्त बलों की रांची में तैनाती की गयी है। शहर के प्रमुख शिवालय पहाड़ी मंदिर की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किये गये हैं। सिटी एसपी ने बताया कि रांची में बेहद भव्य तरीके से शिवरात्रि मनायी जाती है। इस दौरान शिव बारात भी निकाली जाती है। ऐसे में सभी थानों को सतर्क रहने के निर्देश दिये गये हैं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के थानेदारों को संवेदनशीन इलाकों पर विशेष फोकस रखने को कहा गया है। साथ ही थानेदारों को खुद अपने-अपने क्षेत्र में गश्ती लगाने का निर्देश दिया गया है। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी प्रकार की सूचना मिलने के बाद अपने आसपास से सटे थाना प्रभारी और डीएसपी से संपर्क स्थापित कर सुरक्षा सुनिश्चित करें। इसके अलावा सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने पीसीआर, टाइगर पुलिस और बीट पुलिस से भी लगातार संपर्क स्थापित करते रहने का निर्देश दिया गया है। शिव बारात के दौरान सुरक्षा के लिए मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस बल प्रदान किया गया है, जिनकी तैनाती की जायेगी। शिव बारात के दौरान उस रूट पर सभी तरह के वाहनों के प्रवेश पर रोक लगायी गयी है। पूरे मार्ग की घेराबंदी की जायेगी। शिव बारात को लेकर शनि मंदिर से पहाड़ी मंदिर जाने वाले मार्ग पर, दुर्गा मंदिर से पहाड़ी मंदिर जाने वाले मार्ग पर, मीनाक्षी गली से पहाड़ी मंदिर जाने वाले मार्ग पर, सुखदेवनगर जाने वाले मार्ग पर, बालाजी मंदिर के पास सुलभ शौचालय से पहाड़ी मंदिर जाने वाले मार्ग पर और गोशाला कटिंग से पहाड़ी मंदिर जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग की जा रही है।
अब 31 मार्च तक झारखंड के 61 लाख से अधिक परिवार करवा सकेंगे ई-केवाईसीटीम एबीएन, रांची। झारखंड के राशन धारियों के लिए गुड न्यूज है। अब राज्य के 61,03,667 परिवार 31 मार्च 2025 तक अपने राशन कार्ड का ई-केवाइसी करा सकते हैं। क्योंकि केंद्र सरकार ने राशन कार्डधारकों के लिए ई-केवाईसी कराने की तिथि 31 मार्च तक बढ़ा दी है। ऐसे में राज्य के भी राशन कार्ड धारकों को ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक माह का अतिरिक्त समय मिल जायेगा। इससे पहले झारखंड सरकार ने राज्य में ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 28 फरवरी तक की तिथि तय की थी।झारखंड में 61,03,667 परिवार के 2,63,86,726 सदस्यों का ई-केवाईसी कराना है। अब तक लगभग 65 प्रतिशत राशन कार्डधारियों की ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से श्री शिव बारात आयोजन महासमिति पहाड़ी मंदिर के एक प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में श्री शिव बारात आयोजन महासमिति, पहाड़ी मंदिर रांची के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन को प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने आगामी 26 फरवरी 2025 को महाशिवरात्रि पूजा के अवसर पर आयोजित शिव बारात में सम्मिलित होने हेतु सादर आमंत्रित किया। मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने प्रतिनिधिमंडल से महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित होने वाले शिव बारात के आयोजन को लेकर महासमिति द्वारा की जा रही तैयारियों की जानकारी ली। मौके पर श्री शिव बारात आयोजन महासमिति पहाड़ी मंदिर के सदस्यों ने मुख्यमंत्री से सपरिवार शिवबारात में सम्मिलित होने का विनम्र आग्रह किया। इस अवसर पर श्री शिव बारात आयोजन महासमिति पहाड़ी मंदिर के संस्थापक अध्यक्ष राजेश साहू सहित दयाशंकर शर्मा, राजकुमार तनेजा, दीपक नंदा, राजीव वर्मा, शुभाशीष चटर्जी, राम सिंह, बादल सिंह एवं अन्य उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 24 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। विपक्ष ने अब तक नेता प्रतिपक्ष का चयन नहीं किया है। इसी बीच, रविवार (23 फरवरी) को विपक्षी दलों ने विधायक दल की बैठक बुलायी है। इसमें बजट सत्र की रणनीति तैयार की जायेगी। नेता प्रतिपक्ष का चयन भी इस बैठक में हो सकता है। बजट सत्र के दौरान सदन में जैक पेपर लीक और जैक अध्यक्ष की नियुक्ति पर हंगामा होने के आसार हैं। विपक्ष की अनुपस्थिति पर विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने कहा कि नेता सदन और नेता प्रतिपक्ष दोनों ही जरूरी हैं। उन्होंने सदन के संचालन में विपक्ष के सहयोग की अपील की है। स्पीकर ने कहा कि बिना नेता प्रतिपक्ष सदन चलाना एक पहिये से गाड़ी चलाने के सामान है।
बजट सत्र से पहले विधानसभा में विधायक दल-प्रतिनिधियों की बैठक, सीएम सोरेन रहे मौजूद; भाजपा ने बनायी दूरी टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा का षष्ठम झारखंड विधानसभा का द्वितीय (बजट) सत्र 24 फरवरी से 27 मार्च 2025 तक चलेगा। बजट सत्र के सफल और सुचारु संचालन को लेकर शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो की अध्यक्षता में विधायक दल के नेताओं और प्रतिनिधियों की अहम बैठक आयोजित की गयी। इस बैठक में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित सत्तारूढ़ दल के कई मंत्री और विधायक मौजूद रहे। झारखंड विधानसभा में बजट सत्र से पहले की यह बैठक बेहद अहम मानी जाती है। इस बैठक में चर्चा की गई कि कैसे सभी दलों के सहयोग से इस सत्र को सुचारु रूप से चलाया जाये। सरकार चाहती है कि बजट पर सार्थक बहस हो और राज्य के विकास के लिए ठोस निर्णय लिये जायें। झारखंड में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में महागठबंधन की बड़ी जीत के बाद यह हेमंत सरकार का पहला बजट सत्र है। सत्र को लेकर सत्तारूढ़ दल के विधायक और मंत्री काफी उत्साहित हैं। सरकार का लक्ष्य है कि बजट ऐसा हो जो झारखंड के समग्र विकास के लिए समर्पित हो और हर तबके के लिए कुछ विशेष प्रावधान रखे जायें। इस बार झारखंड सरकार ने बजट बनाने से पहले जनता और विशेषज्ञों से सुझाव लिये थे। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के निर्देश पर अबुआ बजट के तहत आम जनता से उनकी जरूरतों और प्राथमिकताओं पर राय ली गई। सरकार का दावा है कि इस बजट को पूरी तरह समावेशी और विकासोन्मुखी बनाया गया है, जिससे राज्य का हर वर्ग लाभान्वित हो सके। इस अहम बैठक में राज्य के मुख्य विपक्षी दल भाजपा के विधायक अनुपस्थित रहे। भाजपा ने अब तक अपने नेता प्रतिपक्ष का एलान नहीं किया है, जिसके चलते पार्टी की ओर से इस बैठक में कोई प्रतिनिधित्व नहीं किया गया। भाजपा की इस दूरी को लेकर सियासी गलियारों में कई कयास लगाये जा रहे हैं। जहां सरकार इस बजट सत्र को सुचारु रूप से चलाने के लिए तत्पर है, वहीं विपक्षी दलों ने सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। भाजपा खासतौर पर मंईयां सम्मान योजना की राशि को लेकर सरकार पर हमला बोलने की रणनीति बना रही है। भाजपा नेताओं का कहना है कि चुनाव के समय महागठबंधन सरकार ने वादा किया था कि प्रत्येक महिला के खाते में 2500 रुपये की सहायता राशि दी जायेगी, लेकिन अभी तक इस योजना का क्रियान्वयन नहीं हुआ है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार को वादा-खिलाफी के आरोप में घेरने की तैयारी कर रहा है। बजट सत्र में केवल आर्थिक प्रावधानों पर ही नहीं, बल्कि कई अन्य ज्वलंत मुद्दों पर भी तीखी बहस होने के आसार हैं। विपक्षी दल सरकार को रोजगार, किसानों की समस्याओं, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर घेर सकते हैं।
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