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झारखंड : अबुआ बजट में महिलाओं, युवाओं और विकास पर पूरा फोकस
Published / 2025-03-03 18:58:46
झारखंड : अबुआ बजट में महिलाओं, युवाओं और विकास पर पूरा फोकस

वित्त मंत्री ने पेश किया 1.45 लाख करोड़ का बजट टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 1,45,400 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट पेश किया। वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए इसे अबुआ बजट करार दिया, जो झारखंड की जनता के समग्र विकास के लिए समर्पित है। यह बजट शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, ग्रामीण विकास और महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर देता है। इस बजट में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी मईंया सम्मान योजना को 13,363 करोड़ 36 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को 2500 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जायेगी। वित्त मंत्री ने इसे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दूरदर्शी सोच का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं के भविष्य को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभायेगी। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि 22,023 करोड़ 33 लाख 85 हजार रुपये सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए आवंटित किये गये हैं, जिससे गरीब और वंचित वर्गों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा ग्रामीण विकास के लिए 9,000 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गयी है, जिससे गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और रोजगार सृजन में मदद मिलेगी। अपने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने झारखंड के हिस्से की 1,36,000 करोड़ रुपये की बकाया राशि का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि यह झारखंड के हक का पैसा है और हम इसे लेकर रहेंगे। हेमंत सरकार सत्ता में आने के बाद से लगातार केंद्र सरकार से इस राशि की मांग कर रही है, जिसे लेकर राजनीतिक तनाव भी बना हुआ है। वित्त मंत्री ने झारखंड को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए 2029 तक 10 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था विकसित करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य में निवेश को बढ़ावा दिया जायेगा, स्थानीय संसाधनों का उपयोग किया जाएगा और पर्यटन, उद्योग और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में नई योजनाएं शुरू की जायेंगी।

जनता पर बिना किसी आर्थिक बोझ दिये हमने पेश किया संतुलित बजट : हेमंत सोरेन
Published / 2025-03-03 18:47:47
जनता पर बिना किसी आर्थिक बोझ दिये हमने पेश किया संतुलित बजट : हेमंत सोरेन

टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा में आज बजट पारित होने के बाद सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि जनता पर बिना किसी तरह का आर्थिक बोझ दिये हमने एक संतुलित बजट पेश किया है। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में विकास के लिए राशि का प्रावधान किया है और कोई भी क्षेत्र इससे अछूता नहीं है। ये सबको जोड़ने वाला बजट है सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि हमने पिछली सरकार में विकास की गति को बनाये रखा और हमारा खर्च भी आगे बढ़ा है, लेकिन किसी तरह का बोझ किसी नागरिक पर नहीं डाला गया। सीएम ने कहा कि ये सबको जोड़ने वाला बजट है और जो इससे छूटेंगे उनको या उस क्षेत्र का आने वाले समय में जोड़ेंगे।झारखंड एक पिछड़ा राज्य होते हुए भी अपनी वित्तीय व्यवस्थाओं को मजबूती प्रदान कर रहा है। सोरेन ने आगे कहा, मैंने किसी अखबार में पढ़ा है कि अपनी वित्तीय व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में हमारा राज्य देश में चौथे स्थान पर है। बता दें कि वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2025-2026 का 1,45, 000 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। बजट पेश के दौरान वित्त मंत्री ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया।  झारखंड बजट 2025 में हुए ये 10 बड़े ऐलान 1. झारखंड में शिक्षा के लिए एलान वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़े ऐलान किये हैं। प्रदेश में शिक्षा में इनोवेशन हब बनेगा। जमशेदपुर, गुमला तथा साहिबगंज में नए विश्वविद्यालय की स्थापना की जायेगी। राजधानी रांची, खूंटी, गिरिडीह, जमशेदपुर, धनबाद, देवघर और जामताड़ा में मेडिकल कॉलेज की स्थापना होगी जमशेदपुर, पलामू, रांची, धनबाद और देवघर में स्कूल आॅफ बिजनेस एंड मास कम्युनिकेशन की स्थापना का प्रस्ताव। 2. बाल बजट का भी प्रस्ताव झारखंड के बजट में पहली बार बाल बजट का ऐलान किया गया है। इसके लिए सरकार ने 9411.27 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। 3. झारखंड के किसानों के लिए एलान वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के लिए 255 करोड़ रुपये का ऐलान किया है। फसल बीमा के लिए 350 करोड़, किसानों को कृषि यंत्रों के लिए 140 करोड़, कृषि उपज भंडारण के लिए 259 करोड़, कृषि क्षेत्र का कुल बजट 4 हजार 587 करोड़ 66 लाख 24 हजार रुपये का एलान किया गया है। ग्रामीण विकास का कुल बजट 9841 करोड़ रुपये का है। जल संसाधन के लिए 2257 करोड़ 45 लाख, तालाब- डीप बोरिंग के लिए 203 करोड़, उद्यान विकास योजना के लिए 304 करोड़, पंचायती राज के लिए 2144 करोड़ 78 लाख 14 हजार रुपये का एलान किया गया है। चास, गिरिडीह, धनवार, कपाली, गुमला, लोहरदगा, विश्रामपुर, बरहरवा, श्रीवंशीधरनगर, छत्तरपुर एवं हरिहरगंज में जलापूर्ति परियोजनाओं का एलान किया गया है। 4. झारखंड के कारोबारियों के लिए एलान उद्यमियों के लिए एमएसएमई डायरक्टरेड या एमएसएमई सेल का बजट में एलान किया गया है। इसके साथ ही बोकारो, गिरिडीह, कांड्रा, सिंदरी, आदित्यपुर, जसीडीह, देवीपुर औद्योगिक क्षेत्र में आधारभूत संरचना का विकास किया जायेगा। 5. मंईया सम्मान योजना के लिए एलान मंईया सम्मान योजना के लिए बजट में बड़ा ऐलान किया गया है। बजट में मंईयां सम्मान योजना के लिए 13363 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं। 6. पर्यटक स्थलों के लिए एलान वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पर्यटन के क्षेत्र में झारखंड में असीम संभावनाएं को देखते हुए प्रमंडल स्तर (डिवीजन लेवल) पर पर्यटन सर्किट बनाने की घोषणा की। इससे राज्य में रोजगार के अवसर और राजस्व दोनों में इजाफा होगा। 7. परामर्शदात्री समिति की स्थापना राज्य में टीएसी की तर्ज पर अनुसूचित जाति के लिए परामर्शदात्री समिति की स्थापना की जायेगी। 8. पेंशन के लिए सर्वजन पेंशन योजना के तहत 3 हजार 850 करोड़ 66 लाख रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। 9. आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण प्रदेश में वर्ष 2025 में 2500 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराया जायेगा। इसके लिए 250 करोड़ 17 लाख रुपये आवंटित किये गये हैं। 10. कौशल विकास मिशन कौशल विकास मिशन के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 585 करोड़ 99 लाख रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। 

नेता प्रतिपक्ष के बिना रिकॉर्ड बनाती झारखण्ड विधानसभा
Published / 2025-03-02 17:16:17
नेता प्रतिपक्ष के बिना रिकॉर्ड बनाती झारखण्ड विधानसभा

बिना नेता प्रतिपक्ष के कल सदन में पेश होगा बजट चेहरे को लेकर भाजपा असमंजस में; जानें कब लगेगी मुहरटीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव को लगभग तीन महीने से ज्यादा का समय हो चुका है। इसके बाद भी अब तक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष का चयन नहीं कर पाई है। प्रदेश में बजट सत्र की शुरुआत भी हो चुकी है और कल (3 मार्च) हेमंत सोरेन की सरकार विधानसभा में बजट पेश करेगी।वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा बजट पेश किया जाएगा, लेकिन विडंबना की बात ये है कि इस बार बिना नेता प्रतिपक्ष के बजट पेश किया जाएगा। कई बैठकें होने के बावजूद भी नेता प्रतिपक्ष को चुना ही नहीं गया है। हालांकि सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि अप्रैल तक नया प्रदेश अध्यक्ष मिलेगा, इसके बाद नेता प्रतिपक्ष चुना जाएगा।बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष का न होना राज्य की राजनीति में बयानबाजी का कारण भी बन गया है। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि विधानसभा को सुचारु रूप से चलाने में नेता प्रतिपक्ष का भी अहम योगदान रहता है। संवैधानिक नियम के अनुसार विधानसभा की कार्यवाही में नेता प्रतिपक्ष का होना अनिवार्य है। भाजपा की केंद्रीय कमेटी भी प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष को चुनने में देरी कर रही है। विधानसभा चुनाव के संपन्न होने के बाद झारखंड में कई केंद्रीय नेता आ चुके हैं, लेकिन नेता प्रतिपक्ष का चयन अब तक नहीं हो पाया है।

सीएजी की रिपोर्ट ने गरमायी झारखंड की राजनीति
Published / 2025-03-01 20:38:03
सीएजी की रिपोर्ट ने गरमायी झारखंड की राजनीति

झारखंड में सीएजी रिपोर्ट से मचा हड़कंप, कोरोना फंड घोटाले के आरोपों पर गरमायी राजनीति टीम एबीएन, रांची। झारखंड को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट ने राज्य में बड़ा राजनीतिक भूचाल ला दिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कोरोना महामारी के दौरान केंद्र सरकार द्वारा झारखंड सरकार को भेजी गयी राशि में से केवल 32% ही खर्च हुई। शेष राशि का कोई ठोस लेखा-जोखा नहीं है, जिससे कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजनाएं अधूरी रह गयीं। रिपोर्ट के सार्वजनिक होते ही झारखंड की राजनीति गरमा गयी है। विपक्ष ने तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाये हैं। वहीं, सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे विपक्ष की साजिश बताया है। सीएजी की रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड राहत और चिकित्सा व्यवस्था के लिए केंद्र सरकार ने झारखंड को जो आर्थिक सहायता दी थी, उसका सही तरीके से उपयोग नहीं हुआ। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि इस फंड का केवल 32% हिस्सा ही खर्च किया गया, जबकि बाकी राशि के उपयोग का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं है। इन खुलासों के बाद राज्य में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। इसका नतीजा यह हुआ कि राज्य में कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजनाएं पूरी नहीं हो पायीं, जिनमें शामिल हैं : जिला स्तर पर आरटी-पीसीआर प्रयोगशालाओं की स्थापना नहीं हो पायी रांची में शिशु चिकित्सा उत्कृष्टता केंद्र नहीं बन सका सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र), पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) और एचएससी (स्वास्थ्य उपकेंद्र) में बुनियादी संरचनाएं विकसित नहीं हुईं तरल चिकित्सा आक्सीजन संयंत्रों की स्थापना नहीं हो पायी 

झारखंड : विधानसभा में 5,508 करोड़ का अनुपूरक बजट पारित
Published / 2025-03-01 20:32:47
झारखंड : विधानसभा में 5,508 करोड़ का अनुपूरक बजट पारित

झारखंड विधानसभा में 5,508 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित, विपक्ष ने उठाये सवाल टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा ने बीते शुक्रवार को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 5,508 करोड़ रुपये के तीसरे अनुपूरक बजट पर चर्चा के बाद इसे पारित कर दिया। वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने बृहस्पतिवार को तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया। इसमें ऊर्जा विभाग को अधिकतम 971.80 करोड़ रुपये, ग्रामीण कार्यों के लिए 873.29 करोड़ रुपये और गृह, कारा और आपदा प्रबंधन के लिए 502.61 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया। कृषि क्षेत्र में सरकार सिर्फ 20-22 प्रतिशत ही खर्च कर सकती है बहस में हिस्सा लेते हुए भाजपा के राज सिन्हा ने कहा कि 2025-26 के मुख्य बजट से महज 2 दिन पहले 5,508 करोड़ रुपये के तीसरे अनुपूरक बजट की जरूरत उनकी समझ से परे है। सिन्हा ने आरोप लगाया कि सरकार 2024-25 के लिए कुल बजट आवंटन का सिर्फ 60-65 प्रतिशत ही खर्च कर सकती है। उन्होंने दावा किया, कृषि क्षेत्र में सरकार सिर्फ 20-22 प्रतिशत ही खर्च कर सकती है। भाजपा के धनबाद से विधायक ने यह भी दावा किया कि पिछले दो साल में करीब 2.07 लाख सरकारी नौकरियां कम हुई हैं और अब सरकार के पास सिर्फ 1.59 लाख नौकरियां बची हैं। उन्होंने आरोप लगाया, सरकार अपने सभी वादों पर विफल रही है। झारखंड में पलायन बहुत ज्यादा है क्योंकि युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है। वित्त मंत्री ने कहा कि झारखंड में लगातार दो चुनाव - संसदीय और विधानसभा हुए, जिसके कारण वित्त वर्ष के लगभग पांच महीने आदर्श आचार संहिता के अंतर्गत चले गए। तीसरे अनुपूरक बजट की जरूरत पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इससे राजस्व व्यय और उत्पादन पर असर पड़ा है। कई विभागों ने कहा कि वे 2024-25 के लिए आवंटित बजट खर्च नहीं कर पायेंगे। इसलिए हमने ऐसे विभागों से कहा है कि वे अपना कोष लौटा दें ताकि इसे दूसरे विभागों को दिया जा सके। बहस के बाद अनुपूरक बजट को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

झारखण्ड विधानसभा : कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित
Published / 2025-02-28 18:01:16
झारखण्ड विधानसभा : कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित

सत्र के चौथे दिन सदन में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट हुआ पेशकार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगितटीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का आज चौथा दिन है। कल पेश हुए वित्तीय वर्ष 2024-25 की तृतीय अनुपूरक व्यय विवरणी पर आज सदन में वाद विवाद होगा। वहीं मतदान के बाद विनियोग विधेयक को टेबल किया जायेगा। बता दें कि कल वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने तृतीय अनुपूरक व्यय विवरणी सभा पटल पर रखा।वहीं सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा हुई। विपक्ष के सवालों के बाद सीएम हेमंत सोरेन ने सदन में जवाब पेश किया। वहीं हजारीबाग में हुई हिंसा को लेकर भी सदन का माहौल गर्म रहा। 3 मार्च को सदन में सत्र 2025-26 का वित्तीय बजट पेश किया जायेगा।

झारखण्ड : अब राज्यकर्मियों को मिलेगा स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ
Published / 2025-02-28 17:34:03
झारखण्ड : अब राज्यकर्मियों को मिलेगा स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ

मुख्यमंत्री हेमंत स्वास्थ्य बीमा योजना का करेंगे शुभारंभदिव्यांग और आश्रितों को मिलेगा 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाजटीम एबीएन, रांची। झारखंड के कर्मियों और उनके आश्रितों को प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा। आज यानी शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड राज्य स्वास्थ्य बीमा योजना का शुभारंभ करेंगे।झारखंड के दिव्यांग-आश्रितों को मिलेगा 5 लाख तक का फ्री इलाजविधानसभा सभागार में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड राज्य स्वास्थ्य बीमा योजना का शुभारंभ करेंगे। इस योजना का लाभ दिव्यांग और आश्रितों को आजीवन मिलेगा। योजना के तहत गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 5 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि दी जाएगी, जिससे कुल 10 लाख रुपये तक की चिकित्सा सुविधा मिलेगी। अगर इलाज का खर्च बीमा राशि से अधिक होता है, तो कॉरपस फंड से इसका भुगतान किया जाएगा। विशेष परिस्थितियों में मरीज को एयर एंबुलेंस और हवाई यात्रा की सुविधा दी जायेगी। ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। किसको मिलेगा योजना का लाभस्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ राज कर्मियों के अलावा विधानसभा के सदस्यों झारखंड के सभी सेवानिवृत कर्मियों के साथ साथ रिटायर पदाधिकारी, विश्वविद्यालयों में कार्यरत टीचर, निबंधित अधिवक्ताओं, सरकार के अलग अलग बोर्ड के कर्मियों और नगर निगम के कर्मचारियों को मिलेगा।

सीएम हेमंत ने प्राइमरी स्कूलों के 29 हजार शिक्षकों को दिया टैबलेट
Published / 2025-02-28 17:29:05
सीएम हेमंत ने प्राइमरी स्कूलों के 29 हजार शिक्षकों को दिया टैबलेट

स्टूडेंट्स को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने का है सरकार का उद्देश्यटीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के प्राइमरी स्कूलों को टैबलेट वितरण किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची में आयोजित समारोह में राज्य के 28945 प्राइमरी स्कूलों में टेबलेट वितरण किया।CM हेमंत ने शिक्षकों के लिए सतत क्षमता विकास कार्यक्रम की भी की शुरुआतकार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुणवत्ता युक्त शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विद्यालय रिपोर्ट कार्ड और शिक्षकों के लिए 50 घंटे का अनिवार्य समेकित- सतत क्षमता विकास कार्यक्रम का ऑनलाइन शुभारंभ किया।जो अब स्कूलों की प्रदर्शन रिपोर्ट को डिजिटल रूप में उपलब्ध करायेगा। इसके अलावा, शिक्षकों के लिए सतत क्षमता विकास कार्यक्रम की शुरुआत भी की गई, जिससे उनकी कार्यकुशलता और शिक्षा के प्रति समर्पण को बढ़ावा मिलेगा। शिक्षा के क्षेत्र में भी हमने डिजिटल साधनों का इस्तेमाल किया है।इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में डिजिटलाइजेशन ने हर क्षेत्र में अपना प्रभाव छोड़ा है। खेती-बाड़ी से लेकर अन्य व्यवसायों तक, लोग डिजिटल माध्यमों से जुड़ रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी हमने डिजिटल साधनों का इस्तेमाल किया है, जिससे बच्चों को स्मार्ट क्लास और स्मार्ट बोर्ड की सहायता से शिक्षा मिलती है।उन्होंने आगे कहा कि हर चीज के सकारात्मक और नकारात्मक पहलू होते हैं और यह हम पर निर्भर करता है कि हम किस पहलू को चुनते हैं। वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन, मुख्य सचिव अलका तिवारी, विभाग सचिव और अन्य अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

पलामू जिले के 23 लाभुकों को मिलेगा वेद व्यास आवास
Published / 2025-02-28 17:25:21
पलामू जिले के 23 लाभुकों को मिलेगा वेद व्यास आवास

उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित चयन समिति की बैठक में लिया गया निर्णयएबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। उपायुक्त शशि रंजन की अध्यक्षता में आज मत्स्य कृषकों को वेद व्यास आवास आवंटित किए जाने को लेकर लाभुकों के चयन हेतु चयन समिति के सदस्यों की बैठक हुई। बैठक में 23 लाभुकों को वेद व्यास आवास आवंटित किए जाने का निर्णय लिया गया। वित्तीय वर्ष 2024-25 में वेद व्यास आवास निर्माण योजना अंतर्गत सामान्य कैटेगरी में 20 एवं अनुसूचित जाति कैटेगरी में 3 का लक्ष्य प्राप्त था। इस आलोक में लाभुकों से आवेदन पत्र प्राप्त किया गया था। चयन समिति द्वारा लक्ष्य के अनुरूप सभी लाभुकों का चयन किया गया। वहीं अनुसूचित जनजाति को भी सामान्य कैटेगरी से आवास निर्माण का निर्णय लिया गया। उपायुक्त शशि रंजन ने कहा कि मत्स्य कृषकों को आवास योजना का लाभ सहजता से देना सुनिश्चित करें। योजनाओं का लाभ देने में लाभुकों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।जिला मत्स्य पदाधिकारी मो. कमरू जमां ने बताया कि वेद व्यास आवास निर्माण योजना अंतर्गत जिला मत्स्य कार्यालय को लाभुकों आवेदन प्राप्त हुआ था। जिले में मत्स्य पालन से जुड़े मत्स्य कृषक, जिनके पास पक्का आवास नहीं है, उन्हें वेद व्यास आवास आवंटित किए जाने का प्रावधान है। आवास का निर्माण कम-से-कम दस के कलस्टर में किया जाना है। सक्रिय अथवा परंपरागत मत्स्य पालक/मछुआ जो मत्स्य उत्पादन/मत्स्य बीज उत्पादन/प्राकृतिक जल संसाधनों में मछली पकड़ने/मत्स्य बिक्री में सक्रिय हैं और गरीबी रेखा के नीचे कच्चे मिट्टी से बने अथवा फूस के मकान में रहते हैं आदि सरकार के द्वारा विभिन्न निर्धारित अहर्ता को पूर्ण करने वाले मत्स्य कृषकों को आवास आवंटित किये जाने हेतु लाभुकों का चयन किया गया है। इसके लिए लाभुकों से आवेदन आमंत्रित किये गये थे।बैठक में विधायक के प्रतिनिधिगण, जिला मत्स्य पदाधिकारी मो. कमरू जमां, कोषागार पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी दीपक कुमार, जिला उद्यान पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।

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