झारखंड के लिए मॉडल बना रांची सदर अस्पताल देश में नंबर 1 बना रांची सदर अस्पताल : मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में रचा इतिहास 44 निजी डॉक्टर, 25 सुपर स्पेशलिस्ट - मरीजों की सेवा में समर्पित टीम बाइक एंबुलेंस से लेकर सुपर स्पेशलिटी तक झ्र स्वास्थ्य क्रांति की ओर झारखंड टीम एबीएन, रांची। सदर अस्पताल ने आयुष्मान भारत - मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन में देशभर में पहला स्थान प्राप्त कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। इस उपलब्धि पर झारखंड के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने आज प्रेस वार्ता कर प्रसन्नता व्यक्त की। डॉ. अंसारी ने कहा कि यह गौरवपूर्ण क्षण है कि रांची सदर अस्पताल ने पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त कर झारखंड को गौरवान्वित किया है। यह अस्पताल इस बात का प्रमाण है कि राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन हो रहा है। सदर से अब अन्य अस्पताल भी प्रेरणा लेंगे और झारखंड को हम निरामय राज्य के रूप में स्थापित करेंगे। प्रेस वार्ता के दौरान अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक अबू इमरान भी उपस्थित रहे। मंत्री ने बताया कि सदर अस्पताल में अब 44 निजी डॉक्टर सेवा दे रहे हैं जो नि:स्वार्थ भाव से मरीजों की सेवा में समर्पित हैं। उन्होंने अस्पताल के समस्त चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को देश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई भी दी। अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि राँची सदर अस्पताल ने अब तक दो लाख से अधिक आयुष्मान कार्डधारकों को नि:शुल्क उपचार प्रदान किया है। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में सुपर स्पेशलिटी सेवाएं प्रारंभ हो चुकी हैं, जिनमें हृदय, छाती, किडनी रोग जैसे गंभीर बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध हैं। वर्तमान में अस्पताल में निम्न विशेषज्ञ कार्यरत हैं: @25 सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर @7 विशेषज्ञ चिकित्सक @12 मेडिकल आॅफिसर : निजी तौर पर इंपैनल्ड आगे मंत्री डॉ. अंसारी ने यह भी बताया कि @राज्य में 104 निजी डॉक्टरों को आयुष्मान योजना के अंतर्गत इंपैनल्ड किया गया है। @बाइक एंबुलेंस सेवा शीघ्र शुरू की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों तक त्वरित स्वास्थ्य सुविधा पहुँचेगी। @सदर अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया पर कार्य हो रहा है। @रिम्स टू परियोजना निश्चित रूप से पूरी होगी और एक विश्वस्तरीय चिकित्सा संस्थान के रूप में विकसित होगी। अंत में मंत्री ने कहा कि झारखंड स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांति के दौर से गुजर रहा है। सदर अस्पताल इसका उदाहरण है और हम पूरे राज्य में इस मॉडल को दोहराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन में देशभर में प्रथम स्थान टीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजधानी रांची स्थित सदर अस्पताल ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। आयुष्मान भारत - मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के सफल क्रियान्वयन में सदर अस्पताल को देश भर में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। यह गौरवपूर्ण उपलब्धि ऐसे समय में मिली है जब देश के तमाम प्रमुख मेडिकल कॉलेज एवं बड़े सरकारी अस्पताल इस योजना के तहत सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं। ये उपलब्धि इसकी दक्षता, कार्यकुशलता एवं समर्पण को दशार्ता है। 2 लाख से अधिक मरीजों को मिला मुफ्त इलाज सदर अस्पताल, रांची ने अब तक दो लाख से अधिक आयुष्मान कार्डधारकों को नि:शुल्क इलाज की सुविधा दी है। इनमें सामान्य बीमारियों से लेकर अत्यंत जटिल सर्जरी और सुपर स्पेशलिटी उपचार शामिल हैं। सुपर स्पेशलिटी सेवाओं की सुनियोजित शुरुआत राज्य सरकार की पहल और अस्पताल प्रशासन की तत्परता से सदर अस्पताल में चरणबद्ध रूप से सुपर स्पेशलिटी सेवाओं की शुरूआत की गई है। वर्तमान में अस्पताल में निम्नलिखित विभाग सक्रिय हैं- हृदय रोग छाती रोग किडनी रोग कैंसर चिकित्सा नेत्र रोग मूत्र रोग न्यूरो साइंसेज हड्डी प्रत्यारोपण प्लास्टिक सर्जरी आईसीयू कार्डियेक केयर यूनिट इनके अतिरिक्त कई अन्य विभागों में भी स्पषलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर सेवारत हैं। आज सदर अस्पताल में घुटना प्रत्यारोपण, टोटल हिप रिप्लेसमेंट, गैस्ट्रो में ईआरसीपी के साथ दूरबीन द्वारा पथरी निकालना और गले के कैंसर में स्टेंटिंग, यूरोलॉजी में रिनल स्टोन, पेषाब की नली के स्टोन की सर्जरी और प्रोस्टेट सर्जरी, न्यूरो सर्जरी में स्पाइन सर्जरी और ब्रेन सर्जरी की जा रही है। इसके साथ बच्चों से जुड़े सभी तरह का आॅपरेषन इस अस्पताल में किया जा रहा है। इन सेवाओं से न केवल रांची, बल्कि आस-पास के ग्रामीण इलाकों के मरीजों को भी बड़ा लाभ मिल रहा है। कई गंभीर रोगों के लिए अब मरीजों को अन्य राज्यों में नहीं जाना पड़ रहा, बल्कि अन्य राज्यों से मरीज अब सदर अस्पताल, रांची में इलाज हेतु आ रहे हैं। अस्पताल में सरकारी फार्मेसी के अतिरिक्त अमृत फामेर्सी एवं जन औषधि केंद्र भी हैं जहां मानक के अनुरूप की दवायें उचित कीमत पर मरीजों को दी जा रही हैं। अस्पताल में सुविधाओं का लगातार विस्तार सदर अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या और जरूरतों को देखते हुए लगातार अधोसंरचना और चिकित्सकीय सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। विषिष्ट सेवा के लिए प्राइवेट डॉक्टरों की सेवा ली जा रही है। वर्तमान में अस्पताल में 850 बेड हैं। 25 सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर, 7 स्पेशलिस्ट, और 12 मेडिकल आॅफिसर निजी तौर पर सेवा दे रहे हैं। 29 सरकारी एमओ अस्पताल में कार्यरत हैं। पिछले वर्ष निजी डॉक्टरों को लगभग 2 करोड़ का इंसेंटिव दिया गया, जबकि वर्ष 2025 में अब तक 69 लाख इंसेंटिव प्रदान किए जा चुके हैं। सरकारी डॉक्टरों को भी प्रोत्साहन स्वरूप विगत वर्ष 6.09 करोड़ एवं इस वर्ष 60 लाख से अधिक की राशि दी जा चुकी है। राज्य सरकार द्वारा अन्य जिलों में भी निजी डॉक्टरों की सेवा ली जा रही है ताकि हर स्तर पर आयुष्मान भारत योजना का समुचित लाभ मरीजों तक पहुँचाया जा सके। राज्य के अन्य जिलों में अब तक 104 डॉक्टरों को इंपैनल्ड किया जा चुका है। गुणवत्ता और समयबद्ध इलाज का संकल्प सुपर स्पेशलिटी विभागों के संचालन के लिए अनुभवी और प्रशिक्षित सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को आयुष्मान योजना से जोड़ा गया है, ताकि रोगियों को समय पर, सटीक और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके। राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई पहचान सदर अस्पताल, रांची की यह ऐतिहासिक उपलब्धि झारखंड राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक मील का पत्थर है। यह केवल एक अस्पताल की सफलता नहीं, बल्कि राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों, प्रभावी कार्यान्वयन, और जनकल्याण की भावना का प्रमाण है।
आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन में देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त कर रचा नया इतिहास टीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजधानी रांची स्थित सदर अस्पताल ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। आयुष्मान भारत - मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के सफल क्रियान्वयन में यह अस्पताल पूरे भारतवर्ष में प्रथम स्थान पर रहा है। यह न केवल झारखंड के स्वास्थ्य तंत्र की क्षमता का प्रतीक है, बल्कि यह पूरे देश के लिए एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करता है कि सरकारी संस्थान भी प्रतिबद्धता और दक्षता से कार्य कर बेहतरीन परिणाम दे सकते हैं। सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली की एक नयी पहचान रांची सदर अस्पताल ने आयुष्मान भारत योजना के तहत नि:शुल्क और समावेशी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावशाली क्रियान्वयन में सभी जिला अस्पतालों को पीछे छोड़ दिया है। मेडिकल कॉलेजों और अन्य सरकारी संस्थानों की श्रेणी में भी इसे चौथा स्थान प्राप्त हुआ है, जो अस्पताल की सेवा गुणवत्ता, दक्षता और व्यवस्था की व्यापक सराहना का प्रमाण है। दो लाख से अधिक मरीजों को मिला लाभ इस योजना के अंतर्गत अब तक 2 लाख से अधिक आयुष्मान कार्डधारी मरीजों को नि:शुल्क इलाज और समुचित चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जा चुकी हैं। चाहे सामान्य बीमारियां हों या जटिल आॅपरेशन, मरीजों को किसी भी प्रकार का आर्थिक बोझ उठाये बिना इलाज की सुविधा मिली है। यह स्वास्थ्य सेवाओं को वास्तविक रूप से गरीब और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं की श्रृंखला में विस्तार बीते वर्षों में रांची सदर अस्पताल में चरणबद्ध ढंग से स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हुआ है। अस्पताल में हृदय रोग, श्वसन तंत्र, नेत्र रोग, मूत्ररोग, अस्थि एवं जोड़ प्रत्यारोपण जैसी सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं शुरू की गयी हैं। इसका सीधा लाभ न केवल रांची बल्कि आसपास के जिलों और दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को भी मिल रहा है। अपर मुख्य सचिव ने जताया गर्व, दी बधाई अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड ने इस उपलब्धि पर गहरा हर्ष जताते हुए कहा कि सदर अस्पताल, रांची ने आयुष्मान भारत योजना के तहत जिस स्तर की सेवाएं प्रदान की हैं, वह राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा के योग्य है। यह पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय है कि एक जिला अस्पताल ने इतना बड़ा मुकाम हासिल किया है। उन्होंने आगे कहा कि यह सफलता चिकित्सा पदाधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों, तकनीकी और प्रशासनिक टीमों की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। उन्होंने सभी को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी और कहा कि इस उपलब्धि से प्रेरित होकर राज्य के अन्य अस्पताल भी इस दिशा में कार्यरत रहेंगे। स्वास्थ्य सेवा सुधार की दिशा में बढ़ता झारखंड सदर अस्पताल, रांची की यह सफलता केवल एक संस्थान की उपलब्धि नहीं, बल्कि झारखंड राज्य के स्वास्थ्य सेवा सुधार प्रयासों की पुष्टि है। यह दर्शाता है कि यदि योजनाओं का समर्पणपूर्वक, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ संचालन किया जाए, तो सरकारी ढांचा भी निजी क्षेत्र की तरह उच्च स्तरीय सेवाएं प्रदान कर सकता है। राज्य सरकार अब इस मॉडल को अन्य जिलों में भी दोहरे स्तर पर दोहराने की योजना बना रही है, ताकि हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिल सके, चाहे वह राज्य के किसी भी कोने में क्यों न रहता हो।
झारखंड हाईकोर्ट के नये मुख्य न्यायाधीश बने तरलोक सिंह चौहान, राज्यपाल ने दिलायी शपथ टीम एबीएन, रांची। जस्टिस तरलोक सिंह चौहान ने झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली। राजभवन रांची स्थित बिरसा मंडप में आयोजित एक सादे समारोह में राज्यपाल संतोष गंगवार ने जस्टिस तरलोक सिंह चौहान को झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ दिलायी। मौके पर झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, अधिवक्ता और अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। जस्टिस चौहान झारखंड हाईकोर्ट के 17वें मुख्य न्यायाधीश बने हैं। शपथ ग्रहण के साथ ही उन्होंने अपने दायित्वों का कार्यभार संभाल लिया है। समारोह के उपरांत वे सीधे झारखंड हाईकोर्ट पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत रूप से पदभार ग्रहण किया। उल्लेखनीय है कि जस्टिस तरलोक सिंह चौहान हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश थे। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा शिमला से पूरी की। इसके बाद पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ से कानून की पढ़ाई की। वर्ष 1989 में उन्होंने हिमाचल प्रदेश स्टेट बार काउंसिल में बतौर अधिवक्ता नामांकन कराया और वकालत शुरू की। उनकी न्यायिक सेवा की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई, जब उन्हें हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया। उसी वर्ष वे स्थायी न्यायाधीश बने।
23-24 जुलाई को ब्रिटेन के दौरे पर रहेंगे पीएम मोदी; मालदीव के आजादी महोत्सव में भी होंगे शामिल एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23-24 जुलाई को ब्रिटेन के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की ब्रिटेन की चौथी आधिकारिक यात्रा होगी। यह प्रधानमंत्री मोदी की चौथी ब्रिटेन यात्रा होगी। ब्रिटेन के बाद पीएम मोदी मालदीव की आधिकारिक यात्रा पर जायेंगे, जो 25-26 जुलाई, 2025 तक होगी। प्रधानमंत्री मोदी मालदीव के राष्ट्रपति डॉ मोहम्मद मोइजु के आमंत्रण पर मालदीव जा रहे हैं। प्रधानमंत्री की यह मालदीव की तीसरी यात्रा होगी। पीएम मोदी की यह मालदीव यात्रा, मालदीव में राष्ट्रपति मोइजु के सत्ता संभालने के बाद पहली बार किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष का दौरा होगा।
झारखंड में मेट्रो रेल परियोजना को लेकर हेमंत सरकार का बड़ा कदम टीम एबीएन, रांची। पड़ोसी राज्य बिहार की राजधानी पटना में मेट्रो रेल परियोजना का पहला चरण अपने अंतिम दौर में है। इस बीच, झारखंड में भी मेट्रो रेल शुरू करने की जनभावना तेज हो रही है। इसे ध्यान में रखते हुए हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य के तीन प्रमुख शहरों रांची, जमशेदपुर और धनबाद में मेट्रो रेल परियोजना शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया है। यह प्रस्ताव केंद्रीय शहरी विकास एवं आवास मंत्री मनोहर लाल खट्टर और विभागीय सचिव को भेजा गया है। 10 जुलाई को रांची में आयोजित पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की 27वीं बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष मेट्रो रेल परियोजना का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव को अब नगर विकास विभाग ने औपचारिक रूप से केंद्र सरकार को सौंप दिया है। राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि मेट्रो रेल परियोजना से न केवल शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राज्य में चतुमुर्खी विकास की गति भी तेज होगी। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बातचीत में कहा कि फिलहाल रांची, जमशेदपुर और धनबाद के लिए मेट्रो रेल परियोजना का प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की सोच इससे कहीं बड़ी है। उनका मानना है कि भविष्य में राज्य के सभी पांच प्रमंडलीय शहरों में मेट्रो रेल की सुविधा शुरू की जा सकती है। उन्होंने कहा, यह परियोजना झारखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
रांची में बनेंगे 3 और फ्लाईओवर, सीएम हेमंत ने दी मंजूरी; रांची वासियों को ट्रैफिक से मिलेगी निजात टीम एबीएन, रांची। रांची में 3 और फ्लाईओवर बनेंगे। जी हां, हेमंत सरकार ने 3 और फ्लाईओवर बनाये जाने की स्वीकृति दे दी है। फ्लाईओवर के बन जाने से राज्यवासियों को ट्रैफिक की समस्या से छुटकारा मिल जायेगा। कहां-कहां बनेगा फ्लाईओवर पहला अरगोड़ा चौक से कटहल मोड़ होते हुए चापू टोली तक एलिवेटेड फ्लाईओवर बनेगा जबकि दूसरा करमटोली-मोरहाबादी से साइंस सिटी तक फ्लाईओवर और साइंस सिटी से रिंग रोड तक फोरलेन सड़क बनेगी। वहीं, रांची रेलवे स्टेशन के पीछे से बिरसा मुंडा एयरपोर्ट तक एलिवेटेड कॉरिडोर और फोरलेन मार्ग तैयार होगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इन परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) जल्द तैयार करने का निर्देश दिया। सीएम हेमंत ने कहा कि जल्द कार्य आरंभ करें, ताकि योजनाएं जल्द धरातल पर उतर सकें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि न केवल रांची, बल्कि राज्य के अन्य शहरी क्षेत्रों में भी यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए दीर्घकालिक और व्यावहारिक समाधान तैयार किये जायें। उन्होंने कहा कि शहरी परिवहन प्रणाली को मजबूत करने के लिए ठोस कार्ययोजना की आवश्यकता है।
भाजपा ने झारखंड को बीमार छोड़ा, हम बना रहे हैं एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल : डॉ इरफान अंसारीमुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का सपना अब ज़मीन पर उतार रहा हूं : डॉ. इरफान अंसारीएशियन डेवलपमेंट बैंक से ₹1000 करोड़ की सहायता, रिम्स-2 को मिलेगी वैश्विक ऊंचाई : अपर मुख्य सचिवझारखंड को मिला एशिया का सबसे बड़ा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल रिम्स-2 का तोहफ़ाटीम एबीएन, रांची। झारखंड की स्वास्थ्य सेवाओं के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दूरदर्शी नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की पहल पर राज्य को एशिया के सबसे बड़े और अत्याधुनिक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल रिम्स-2 की सौगात मिलने जा रही है। राजधानी रांची में बनने वाला यह 2600 बेड का विश्वस्तरीय अस्पताल एक साथ सभी मल्टी-सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं उपलब्ध कराएगा, जो झारखंड को देश के मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में स्थापित करेगा।मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के साथ दिल्ली के फरीदाबाद स्थित अमृता हॉस्पिटल का दौरा कर वहां की चिकित्सा, प्रबंधन और शोध क्षमताओं का गहन अध्ययन किया। उसी आधार पर रिम्स-2 को अमृता मॉडल पर विकसित किया जायेगा। उनके साथ भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री अरवा राजकमल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।रिम्स-2 की प्रमुख विशेषताएं2600 बेड की क्षमता वाला अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटलकार्डियोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स जैसी सभी सुपर स्पेशियलिटी सेवाएंमेडिकल कॉलेज, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल संस्थान, डॉक्टर्स क्वार्टर, हॉस्टल, स्टेडियमअत्याधुनिक रिसर्च सेंटर एवं टेलीमेडिसिन यूनिट की भी व्यवस्थामरीजों को एक ही परिसर में संपूर्ण उपचार और शिक्षण सुविधाएंस्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि यह केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि झारखंड की चिकित्सा व्यवस्था को वैश्विक मंच पर ले जाने वाला परिवर्तनकारी कदम है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में यह परियोजना तीव्र गति से क्रियान्वित होगी। हम मुख्यमंत्री जी के सपनों को धरातल पर उतार रहे हैं। जो कार्य पिछले 20 वर्षों में नहीं हो सका, उसे अब झारखंड में हकीकत बनाया जा रहा है। आने वाले समय में रिम्स-2 पूरे देश के लिए स्वास्थ्य सेवा का नया मानक बनेगा।परियोजना के वित्तीय ढांचे को लेकर अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह ने बताया कि एशियन डेवलपमेंट बैंक से ₹1000 करोड़ का वित्तीय सहयोग प्राप्त होगा, जबकि शेष राशि राज्य योजना मद से व्यय की जायेगी। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद झारखंड न केवल पूर्वी भारत बल्कि पूरे देश का प्रमुख हेल्थकेयर हब और मेडिकल टूरिज्म डेस्टिनेशन बनेगा। यह न सिर्फ़ झारखंडवासियों के लिए बल्कि पूरे देश के मरीजों के लिए आशा की एक नई किरण साबित होगा।इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार,भवन निर्माण विभाग के सचिव अरवा राजकमल और पथ निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार उपस्थित रहे। झारखंड की स्वास्थ्य क्रांति का बिगुल बज चुका है – रिम्स-2 बनेगा बदलाव की पहचान। यह केवल निर्माण नहीं, एक नई सोच, एक नया युग, और झारखंड के उज्जवल स्वास्थ्य भविष्य की नींव है।
झारखंड में ग्राम पंचायतों का रिपोर्ट कार्ड जारी बी राजेश्वरी ने बताया पंचायतों का हाल टीम एबीएन, रांची। केंद्र और राज्य सरकारें ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए नई तकनीकों का सहारा ले रही हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को रांची के बीएनआर होटल में पंचायती राज सूचकांक विषय पर राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य के सभी जिलों के पंचायती राज पदाधिकारी और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी शामिल हुए। कार्यशाला के दौरान पंचायती राज निदेशक राजेश्वरी बी. ने प्रतिभागियों को योजनाओं से जुड़ा पूरा डाटा प्रस्तुत किया और विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में पहली बार पंचायत उन्नति सूचकांक की बेसलाइन रिपोर्ट जारी की गई है, जो राज्य के साक्ष्य आधारित ग्रामीण विकास को दिशा देने में मददगार साबित हो रही है। राज्य के 4345 मान्यता प्राप्त पंचायतों में से 4281 पंचायतों ने अपने आंकड़ों की प्रविष्टि इस सूचकांक में सुनिश्चित की। इन पंचायतों में से 7% को 60-75% स्कोर के साथ प्रदर्शनकर्ता, 57% को 40-60% स्कोर के साथ आकांक्षी, जबकि 36% को 0-40% स्कोर के साथ प्रारंभकर्ता के रूप में वर्गीकृत किया गया है। राज्य सरकार का कहना है कि सतत विकास लक्ष्यों को स्थानीय स्तर पर लागू करने और जमीनी शासन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। पंचायती राज मंत्रालय द्वारा जारी यह सूचकांक देशभर की 2.5 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों की प्रगति को मापने वाला एक परिवर्तनकारी उपकरण बन रहा है। यह स्थानीयकृत एसडीजी के नौ प्रमुख विषयों गरीबी, स्वास्थ्य, बाल अधिकार, जल उपलब्धता, स्वच्छता, आधारभूत संरचना, सामाजिक न्याय, सुशासन और महिला सशक्तिकरण पर पंचायतों के प्रदर्शन का आकलन करता है। जिलेवार प्रदर्शन में लोहरदगा ने 59.37% स्कोर के साथ पहला स्थान प्राप्त किया है। इसके बाद खूंटी (59.27%), पश्चिमी सिंहभूम (56.48%), धनबाद (54.15%) और जामताड़ा (53.91%) का स्थान रहा। विषयवार विश्लेषण में स्वस्थ पंचायत थीम के अंतर्गत झारखंड ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। इसमें 96 पंचायतों (2.24%) ने पूर्ण लक्ष्य हासिल किए, जबकि 1230 (28.73%) अग्रणी, 2520 (58.86%) प्रदर्शनकर्ता, 382 (8.92%) आकांक्षी और 53 (1.24%) पंचायतें शुरूआतकर्ता के रूप में सामने आयी। प्रखंड स्तर पर पश्चिमी सिंहभूम जिले का मंझगांव प्रखंड 65.28% स्कोर के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि पाकुड़ का पाकुड़िया प्रखंड (64.14%) और कुमारडुंगी प्रखंड (63.26%) दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। ग्राम पंचायत स्तर पर कोटगढ़ (नोआमुंडी, पश्चिमी सिंहभूम) ने 68.08% स्कोर के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके बाद चिलारा (पथरगामा, गोड्डा) ने 67.92% और राजपोखर (पाकुड़िया, पाकुड़) ने 67.53% स्कोर के साथ क्रमश: दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया।
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