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स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे सीएम!
Published / 2025-08-08 21:21:10
स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे सीएम!

15 अगस्त को मोराबादी मैदान में नहीं होंगे सीएम हेमंत सोरेन टीम एबीएन, रांची। रांची के ऐतिहासिक मोराबादी मैदान में इस बार स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बिना आयोजित होगा। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) प्रवक्ता मनोज पांडेय ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री 15 अगस्त को अपने दिवंगत पिता और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के श्राद्धकर्म में व्यस्त रहेंगे। वे 16 अगस्त को रांची लौटेंगे। आमतौर पर मोराबादी मैदान में स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री ही ध्वजारोहण करते हैं और राज्यवासियों को संबोधित करते हैं। लेकिन इस बार उनकी अनुपस्थिति में झंडोत्तोलन की जिम्मेदारी किसी अन्य मंत्री को दी जायेगी। सूत्रों के मुताबिक, यह जिम्मा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू या मंत्री दीपिका पांडेय सिंह को सौंपी जा सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। राज्य सरकार की ओर से मुख्य समारोह की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बरतते हुए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की है। कार्यक्रम में स्कूलों के बच्चे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे, जबकि पुलिस, अर्धसैनिक बलों और एनसीसी की टुकड़ियां परेड में शामिल होंगी। हर साल का परंपरागत आयोजन, इस बार खास वजह से बदलाव मोराबादी मैदान में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह झारखंड की परंपरा का हिस्सा है। हर साल मुख्यमंत्री यहां ध्वजारोहण करते हैं, लेकिन इस बार बाबा शिबू सोरेन के निधन के बाद हो रहे श्राद्धकर्म के कारण मुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी में यह परंपरा एक अपवाद के साथ निभायी जायेगी।

सीएम-स्पीकर ने पौधरोपण कर किया 76वां राज्यव्यापी वन महोत्सव का समापन
Published / 2025-08-01 20:46:37
सीएम-स्पीकर ने पौधरोपण कर किया 76वां राज्यव्यापी वन महोत्सव का समापन

रांची में 76वां राज्यव्यापी वन महोत्सव संपन्नमुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने किया वृक्षारोपणटीम एबीएन, रांची। रांची के जगन्नाथपुर स्थित नवनिर्मित विधायक आवासीय परिसर में शुक्रवार को 76वां राज्यव्यापी वन महोत्सव उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो, विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, विधायक राजेश कच्छप सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत वृक्षारोपण से हुई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और तापमान वृद्धि जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पेड़ लगाना जितना जरूरी है, उतनी ही जरूरी उनकी देखभाल भी है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज के हर नागरिक की जिम्मेदारी है। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने कहा कि वन महोत्सव महज औपचारिकता नहीं, बल्कि यह प्रकृति से जुड़ाव और जन-जागरूकता का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली को सुरक्षित रखने की जरूरत पर जोर दिया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रूप से अधिक से अधिक पेड़ लगाने और पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लिया। इस अवसर पर वनों के महत्व, पर्यावरण संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर भी चर्चा की गई। वन महोत्सव के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि प्रकृति की रक्षा आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और यदि वर्तमान पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण में भूमिका निभाएगी, तो आने वाली पीढ़ियां स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण में जीवन जी सकेंगी।

बाबा नगरी में राज्यपाल ने किया राष्ट्रपति का स्वागत
Published / 2025-07-31 19:33:44
बाबा नगरी में राज्यपाल ने किया राष्ट्रपति का स्वागत

*राज भव@माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार ने आज भारत की माननीया राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित एम्स, देवघर के प्रथम दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति का देवघर में स्वागत करते हुए कहा कि श्रावणी मास की इस पुण्य बेला में बाबानगरी देवघर में उनका आगमन सम्पूर्ण राज्यवासियों के लिए हर्ष एवं उत्साह का विषय है। उन्होंने कहा कि देवघर केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण भारतवर्ष की आस्था का प्रमुख केंद्र है। राष्ट्रपति महोदया का आगमन इस अवसर को और भी ऐतिहासिक तथा स्मरणीय बना देता है।राज्यपाल ने राष्ट्रपति के झारखंड के राज्यपाल के रूप में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सादगी, मृदु स्वभाव एवं जनसरोकारों के प्रति समर्पण ने उन्हें झारखंडवासियों के हृदय में विशिष्ट स्थान दिलाया है। उन्होंने राष्ट्रपति महोदया को देश की लाखों बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य में राज्यपाल महोदय ने कहा कि यह केवल एक शैक्षणिक आयोजन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के लिए एक नई सामाजिक जिम्मेदारी के आरंभ का क्षण है। उन्होंने नवस्नातकों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि चिकित्सा का मार्ग मात्र एक करियर का चयन नहीं है, बल्कि संवेदना, सेवा और नैतिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने एम्स, देवघर की स्थापना के लिए भारत के माननीय प्रधानमंत्री जी का विशेष आभार प्रकट किया और कहा कि यह संस्थान न केवल झारखंड, बल्कि बिहार और बंगाल जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए भी स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बन चुका है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री जी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना से जुड़ा हुआ कदम बताया।राज्यपाल ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने श्वेत कोट को केवल वर्दी न समझें, बल्कि उसे विश्वास, करुणा और सेवा का प्रतीक मानें। हर रोगी केवल बीमारी ही नहीं, बल्कि अपनी उम्मीदें और बीमारियों के प्रति भय भी लेकर चिकित्सक के पास आता है, इसलिए उनके साथ संवेदनशीलता और सम्मान का व्यवहार ही चिकित्सा व्यवस्था की आत्मा है।राज्यपाल ने कहा कि झारखंड में उच्च शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में और अधिक कार्य किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने राज्य भ्रमण के दौरान लोगों से संवाद एवं योजनाओं के प्रचार-प्रसार का अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनका प्रयास यही है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकार की योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ज्ञान की प्राप्ति तभी सार्थक है जब उसका उपयोग जनकल्याण के लिए हो। उन्होंने उपाधिधारकों से ‘विकसित भारत 2047 के निर्माण में भागीदारी का आह्वान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएँ दीं।

झारखंड पुलिस राष्ट्रपति के दौरे को लेकर हाई अलर्ट
Published / 2025-07-31 18:11:20
झारखंड पुलिस राष्ट्रपति के दौरे को लेकर हाई अलर्ट

एबीएन न्यूज नेटवर्क, देवघर। राष्ट्रपति एम्स देवघर के पहले दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी और कल यानी 1 अगस्त को आईआईटी (भारतीय खनि विद्यापीठ), धनबाद के 45वें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। इससे पहले उन्होंने बीते बुधवार को पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में एम्स-कल्याणी के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया था। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए देवघर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।अधिकारियों ने बताया कि देवघर हवाई अड्डे से एम्स तक के रास्ते पर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। वह अपराह्न 3 बजे दीक्षांत समारोह को संबोधित करेंगी। उन्होंने बताया कि रास्ते में सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए बीते बुधवार को एक अभ्यास किया गया। अधिकारियों ने बताया कि काफिले में प्रोटोकॉल के अनुसार वाहन होंगे, जिनमें एक एम्बुलेंस और सामान ले जाने वाली गाड़ी के अलावा अन्य वाहन भी शामिल होंगे। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे सभी वाहनों को अनिवार्य जांच के बाद तैयार रखा गया है। इस बीच, धनबाद शहर भी राष्ट्रपति के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। अपने कार्यक्रम के तहत, मुर्मू एक अगस्त को 99 साल पुराने आईआईटी (भारतीय खनि विद्यापीठ) के 45 वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। इस कार्यक्रम में राज्यपाल संतोष गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के भी मौजूद रहने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, मुर्मू आईआईटी-आईएसएम के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए लगभग 1 घंटे तक धनबाद में रहेंगी। एक अधिकारी ने कहा, उनके दोपहर 12 बजे पहुंचने और समारोह में शामिल होने की उम्मीद है। वह दोपहर 1 बजे तक रवाना होंगी। मुर्मू आईआईटी-आईएसएम, धनबाद में दीक्षांत समारोह में शामिल होने वाली दूसरी राष्ट्रपति होंगी।पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 10 मई, 2014 को संस्थान के 36 वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की थी। आईएसएम धनबाद की स्थापना 1926 में हुई थी और 6 सितंबर, 2016 को इसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) का दर्जा दिया गया था।

फिर पटरी पर वापस लौटी 108 एंबुलेंस सेवा
Published / 2025-07-30 21:15:27
फिर पटरी पर वापस लौटी 108 एंबुलेंस सेवा

हड़ताल खत्म, चालक और ईएमटी कर्मी लौटेंगे काम पर टीम एबीएन, रांची। झारखंड की 108 एंबुलेंस सेवाएं एक बार फिर से सुचारू हो जायेंगी। पिछले दो दिनों से जारी एंबुलेंस चालक एवं ईएमटी कर्मियों की हड़ताल समाप्त हो गई है। झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ ने सरकार से बातचीत के बाद हड़ताल वापस लेने की घोषणा की है। गुरुवार से सभी कर्मचारी पुन: ड्यूटी पर लौटेंगे। यह सहमति बुधवार को अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, अजय कुमार सिंह के साथ हुई बैठक में बनी। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित झारखंड स्टेट हेल्थ सोसाइटी के एमडी शशि प्रकाश झा, झारखंड मेडिकल एंड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के एमडी अबु इमरान, परिवहन विभाग के संयुक्त आयुक्त डॉ प्रवीण प्रकाश एवं 108, 104 और एनजीओ के स्टेट नोडल पदाधिकारी डॉ पंकज कुमार सिन्हा उपस्थित थे। बैठक में कर्मचारी संघ की चार सूत्री मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिनमें कुशल श्रमिक के अनुरूप मानदेय देने, अगस्त माह से ईपीएफ लागू करने तथा ओवरटाइम का नियमानुसार भुगतान शामिल था। सरकार ने की मांगों पर सकारात्मक पहल अपर मुख्य सचिव ने कर्मचारियों को कुशल श्रमिक की श्रेणी के मानदेय व ओवरटाइम भुगतान का निर्देश दिया। अगस्त से ईपीएफ लाभ सुनिश्चित करने तथा 15 हजार से अधिक की राशि पर कर्मियों से कंसेंट लेटर लेने का निर्देश दिया गया। सितंबर माह से ईपीएफ कटौती के साथ वेतन भुगतान करने को कहा गया। जिन कर्मियों को हड़ताल अवधि में हटाया गया था, उन्हें भी पुन: काम पर लेने का आदेश दिया गया। ड्राइवरों को अपने लाइसेंस और ईएमटी कर्मियों को अपने प्रमाण पत्र व्हाट्सएप ग्रुप में अपलोड करने का निर्देश दिया गया। अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि कर्मचारी अनुशासन बनाये रखें, अनुशासनहीनता पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी। संघ ने जताया भरोसा, सेवाएं होंगी बहाल मांगे मान लिए जाने के बाद संघ ने अपनी हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की और सभी कर्मियों को काम पर लौटने के निर्देश दिये। यह निर्णय राज्य भर में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली की दिशा में एक राहतभरी खबर है, जिससे आम जनजीवन को बड़ी राहत मिलेगी।

झारखंड : भारी बारिश को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग का हाई अलर्ट
Published / 2025-07-27 20:45:15
झारखंड : भारी बारिश को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग का हाई अलर्ट

झारखंड में भारी बारिश को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग का हाई अलर्ट, दिशा-निर्देश जारी, लोगों से सतर्क रहने की अपीलBihar Election 2025sensex nifty todaystock marketशेयर बाजार❯ETV Bharat JharkhandझारखंडjharkhandLanguage MenuEnglishहिंदीउत्तर प्रदेशउत्तराखंडछत्तीसगढ़झारखंडदिल्लीबिहारमध्य प्रदेशराजस्थानहरियाणाहिमाचल प्रदेशঅসমীয়াবাংলাગુજરાતીಕನ್ನಡമലയാളംमराठीଓଡିଆਪੰਜਾਬੀதமிழ்తెలుగుఆంధ్రప్రదేశ్తెలంగాణاردوETV Bharat / stateझारखंड में भारी बारिश को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग का हाई अलर्ट, दिशा-निर्देश जारी, लोगों से सतर्क रहने की अपील - JHARKHAND WEATHERझारखंड के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर अलर्ट है. आपदा विभाग की ओर से भी अलर्ट जारी किया गया है.Jharkhand weatherबारिश (ईटीवी भारत)author imgBy ETV Bharat Jharkhand TeamPublished : July 27, 2025 at 6:55 AM ISTरांची। मौसम विभाग ने लो प्रेशन एरिया के कारण अगले कुछ दिनों तक झारखंड के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र, रांची द्वारा जारी चेतावनी के बाद राज्य के स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ इरफान अंसारी भी पूरी तरह सतर्क और सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों से लेकर आपदा विभाग तक की सारी व्यवस्थाओं को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश जारी किए हैं।मंत्री इरफान अंसारी ने बताया कि उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग के प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को अलर्ट मोड पर रहने को कहा है ताकि खराब मौसम, वज्रपात और भारी बारिश से जान-माल की हानि न हो और सभी सुरक्षित रहें। उन्होंने राज्यवासियों को सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर आवश्यक सलाह दी है और उनसे सतर्क रहने तथा स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करने की अपील की है।मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के अनुसार अगले 36 घंटों में डिप्रेशन झारखंड से उत्तरी छत्तीसगढ़, पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगा, जिसके कारण इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। यही वजह है कि रविवार को रांची समेत कई जिलों में आंधी-तूफान, तेज हवाओं के साथ-साथ भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

झारखंड में जनगणना की तैयारी तेज
Published / 2025-07-26 21:14:03
झारखंड में जनगणना की तैयारी तेज

सरना धर्म कोड पर टिकी है सभी की नजर टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार ने 16वीं जनगणना की तैयारियों को लेकर कमर कस ली है। राज्य सरकार 31 जुलाई 2025 तक जनगणना अधिसूचना जारी करने की तैयारी में है। इस अधिसूचना में सरना धर्म कोड को शामिल करने की अनुशंसा की जा सकती है। ज्ञात हो कि झारखंड में सत्तारूढ़ झामुमो और कांग्रेस लंबे समय से जनगणना में सरना धर्म कोड को मान्यता देने की मांग करते रहे हैं। राज्य विधानसभा में भी इस आशय का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। सरना कोड की मांग आदिवासी समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। बता दें कि जनगणना 2027 की तैयारी के लिए भारत सरकार ने झारखंड सहित सभी राज्यों को निर्देश जारी कर दिया है। राज्यों को कहा गया है कि दिसंबर 2025 तक हर हाल में नये जिले के गठन, प्रखंड, निकाय इत्यादि का गठन करना है तो कर लिया जाये इस अवधि के बाद इन कार्यों पर रोक रहेगा। इसके अलावा राज्य सरकार को कहा है कि 31 जुलाई तक हर हाल में जनगणना कार्य से संबंधित संकल्प जारी कर दिया जाये। एक मार्च 2027 से जनगणना कार्य शुरू होगा, देशभर में इस कार्य के लिए 34 लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारी लगायें जायेंगे। इन्हें जनगणना कार्य के पूर्व ट्रेनिंग भी दिया जायेगा। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना दो तरह से आयोजित होगी। पहले पूरे देशभर के घरों की गिनती होगी, इसके बाद प्रत्येक निवासियों की गिनती की जायेगी। इसमें जातीय जनगणना भी की जायेगी। केंद्र सरकार के निर्देश पर भू-राजस्व विभाग झारखंड जनगणना कार्य कराने के लिए तैयारी कर रहा है। अगस्त 2025 में जनगणना से जुड़े कर्मियों का प्री-टेस्ट होगा। नवंबर 2025 से जनवरी 2026 में मास्टर ट्रेनर और फील्ड ट्रेनर को प्रशिक्षण दिया जाएगा। जनवरी 2026 में जनगणना से जुड़े सवालों की अधिसूचना (गजट) प्रकाशित होगी। फरवरी 2026 में जनगणना कर्मियों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होगी। अप्रैल से सितंबर 2026 में घरों के चयन और फील्ड वर्क का काम चलेगा। दिसंबर 2026 में जनगणना पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और 1 मार्च 2027 से देशभर में जनगणना शुरू होगी।

अर्थतंत्र को मजबूत करेगी सहकारिता नीति : शाह
Published / 2025-07-24 22:12:23
अर्थतंत्र को मजबूत करेगी सहकारिता नीति : शाह

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सहकारी नीति 2025 का अनावरण करने के बाद कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है और सहकारिता के मार्ग पर चलने से देश का अर्थतंत्र मजबूत होगा। श्री शाह ने कहा कि पिछले चार वर्षों में सहकारिता मंत्रालय की अनेक उपलब्धियां रही, लेकिन इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि आज देश की छोटी से छोटी सहकारी इकाई का सदस्य गर्व के साथ खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सहकारिता नीति-2025 का शुभारंभ हुआ है। वर्ष 2002 में भारत सरकार ने सहकारिता नीति में बनायी थी उस समय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार थी और आज भाजपा सरकार द्वारा दूसरी सहकारिता नीति लाई गई है। उन्होंने कहा कि जो सरकार के दृष्टिकोण को, जो भारत को, उसके विकास को और भारत के विकास के लिए आवश्यक सभी कारकों को समझता है, वही सहकारी क्षेत्र को महत्व दे सकता है। यदि देश और अर्थव्यवस्था की मूल इकाई समृद्धि रोजगार देने वाली हो तो वह आर्थिक मॉडल कभी विफल नहीं हो सकता। श्री शाह ने कहा कि सहकारिता नीति बनाते समय इस बात का ध्यान रखा गया कि नीति का केंद्र बिंदु व्यक्ति, गाँव, कृषि, गाँव की महिलाएँ, दलित, आदिवासी हों। इसका विजन सहकारिता की समृद्धि के माध्यम से 2047 तक एक विकसित भारत का निर्माण करना है। इसका मिशन पेशेवर, पारदर्शी, तकनीकी, जिम्मेदार और आर्थिक रूप से स्वतंत्र तथा सफल लघु सहकारी इकाइयाँ विकसित करना है। हम हर गाँव में कम से कम एक सहकारी संस्था के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार ने 2027 में भारत को विश्व के तीसरे नंबर का अर्थतंत्र बनाने का लक्ष्य रखा है और मुझे पूर्ण विश्वास है कि हम इस लक्ष्य तक जरुर पहुंच जाएंगे। पिछले चार वर्षों के अंदर सहकारी क्षेत्र को कॉपोर्रेट सेक्टर के समान अधिकार मिले हैं। एक जमाने में अर्थतंत्र के जानकारों ने सहकारिता को डाइंग सेक्टर घोषित कर दिया था। आज वही लोग कहते हैं कि सहकारिता का भी भविष्य है। उन्होंने कहा, मैं सभी को कहना चाहता हूँ कि सहकारिता का भी भविष्य है नहीं, सहकारिता का ही भविष्य है। उन्होंने कहा कि देश के 140 करोड़ लोगों को साथ लेकर देश का समविकास करने की क्षमता केवल सहकारिता में ही है। छोटी-छोटी पूंजी वाले अनेक लोगों को मिलाकर बड़ी पूंजी बनाकर एक उद्यम स्थापित करने की क्षमता केवल सहकारिता में है। श्री शाह ने कहा कि नई नीति तैयार करने के लिए 48 सदस्यीय एक समिति बनी थी, जिसकी अध्यक्षता पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने की। इस समिति में विभिन्न राज्यों और केंद्रीय सरकार के अधिकारी, सहकारी संघों के सदस्य और विशेषज्ञ शामिल थे।

अटल मोहल्ला क्लिीनिक अब हो जायेगा इतिहास
Published / 2025-07-24 22:08:34
अटल मोहल्ला क्लिीनिक अब हो जायेगा इतिहास

टीम एबीएन, रांची। राज्य में संचालित अटल मोहल्ला क्लीनिक अब मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लीनिक के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज 24 जुलाई को हुई कैबिनेट की बैठक में अटल मोहल्ला क्लीनिक योजना का नाम परिवर्तित करने सहित 21 प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया। झारखंड मंत्रालय में हुई इस बैठक कि जानकारी देते हुए कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने कहा कि मंत्रिपरिषद के द्वारा कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इसके तहत राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में उर्दू सहायक शिक्षकों के पूर्व से सृजित 3712 पदों का प्रत्यर्पण करते हुए प्रथम चरण में उर्दू के लिए इंटरमीडिएट प्रशिक्षित सहायक आचार्य के 3287 पद तथा मध्य विद्यालयों में स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य के 1052 पद कुल 4339 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है।इसके अलावे कैबिनेट की बैठक में उग्रवादी घटनाओं अथवा राष्ट्र की सीमा के रक्षार्थ ड्यूटी के दौरान वीरगति प्राप्त होने वाले झारखंड के केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल कर्मियों के आश्रित को विशेष अनुग्रह अनुदान एवं अनुकम्पा के आधार पर सरकारी सेवा में नियुक्ति प्रदान करने स्वीकृति दी गई है।कैबिनेट ने झारखंड राज्य के पुलिस, कक्षपाल, सिपाही, उत्पाद सिपाही संयुक्त भर्ती नियमावली, 2025 गठन के उपरांत पुलिस के पूर्व से प्रकाशित विज्ञापन को रद्द करने, भविष्य के नियुक्ति में पूर्व के आवेदकों को शुल्क भुगतान की छूट, सभी कोटि के आवेदकों को अधिकतम उम्र सीमा में छूट एवं अन्य बिन्दुओं पर निर्णय लिए जाने की स्वीकृति दी गई है। कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय जिसे आपके लिए जानना है जरूरी भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक का मार्च, 2023 को समाप्त हुए अवधि का प्रतिवेदन को झारखंड विधानसभा के पटल पर आगामी सत्र में रखने की स्वीकृति दी गई। झारखंड वित्त (अंकेक्षण एवं लेखा) सेवा नियमावली-2025 की स्वीकृति दी गई। सेवा से नदारद डॉ कुमारी रेखा, चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मुसाबनी, जमशेदपुर को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी गई। सेवा से गायब डॉ रिना कुमारी, चिकित्सा पदाधिकारी (पैथोलॉजिस्ट), सदर अस्पताल, बोकारो को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी गई। डालटनगंज न्यायमंडल में एससी-एसटी केसों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायालय के गठन की स्वीकृति दी गई। डॉ वीणा कुमारी एम, चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, कसमार, बोकारो को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी गई। झारखंड राज्य विधि विज्ञान निदेशालय एवं प्रयोगशाला अधीनस्थ चतुर्थ वर्गीय पद -विसरा कटर एवं प्रयोगशाला वाहक की भर्ती एवं अन्य सेवा शर्त नियमावली, 2025 के गठन की स्वीकृति दी गई। राजकीय श्रावणी मेला- 2025 के मद्देनजर दिनांक- 10 जुलाई से 10अगस्त तक 28 अस्थायी मेला ओपी एवं 19 अस्थायी यातायात ओपी के गठन की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। राज्य के सेवानिवृत्त सरकारी सेवकों को न्यायालय द्वारा जारी सम्मन के क्रम में साक्ष्य देने के लिए किए गए यात्रा पर हुए व्यय की प्रतिपूर्ति की स्वीकृति दी गई। राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में अध्ययनरत विभिन्न प्रकार के दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की समुचित व्यवस्था प्रदान करने के निमित विशेष शिक्षा सहायक आचार्य की नियुक्ति हेतु विशेष शिक्षा सहायक आचार्य संवर्ग (नियुक्ति एवं सेवा शर्त) नियमावली, 2025 की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। झारखंड राज्य आयुष स्वास्थ्य सेवा (भर्ती, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्त) (संशोधन) नियमावली- 2024 का गठन की स्वीकृति दी गई। झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2025 की स्वीकृति दी गई। इसके तहत राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में नियुक्ति के लिए राज्य स्तरीय यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन के गठन का प्रावधान है।

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