झारखंड : ठेले-खोमचे से चार सितारा होटल तक खाद्य सामग्री की होगी सघन जांचअपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग का कड़ा रूख सभी जिलों में बुधवार से विशेष अभियानसंयुक्त खाद्य सुरक्षा अधिकारी स्वयं करेंगे जांच खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर होगी जांचगड़बड़ी मिलने पर दोषियों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई के निर्देशटीम एबीएन, रांची। राज्य में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और लोगों के स्वास्थ्य को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। अब ठेले-खोमचे पर बिकने वाले गोलगप्पे, समोसे सहित अन्य खाद्य पदार्थों से लेकर चार सितारा होटलों में परोसे जाने वाले खाद्य उत्पादों तक की सघन जांच की जायेगी। खाद्य पदार्थों के नमूने लिये जायेंगे और जांच में मिलावट अथवा किसी प्रकार की गड़बड़ी पाये जाने पर संबंधित दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी।इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार ने राज्य के सभी जिलों के अभिहित पदाधिकारियों एवं खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। बैठक में विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, अपर सचिव संदीप कुमार दोराईबुरू, संयुक्त सचिव अनुज कुमार प्रसाद, उप सचिव ध्रुव प्रसाद सहित सभी जिलों के संबंधित पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव ने खाद्य पदार्थों की जांच की पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से यह जाना कि खाद्य पदार्थों के नमूने किस प्रकार लिए जाते हैं, उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला तक कैसे भेजा जाता है तथा जांच में गड़बड़ी पाये जाने के बाद संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के विरुद्ध किस प्रकार कार्रवाई की जाती है।अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि खाद्य पदार्थों की जांच केवल मिठाई, पनीर या कुछ चुनिंदा खाद्य उत्पादों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। राज्य में बिकने वाले सभी प्रकार के खाद्य पदार्थों की जांच के लिए व्यापक अभियान चलाया जाये।उन्होंने कहा कि ठेले और खोमचे पर बिकने वाले गोलगप्पे, समोसे और अन्य खाद्य पदार्थों से लेकर बड़े होटलों एवं प्रतिष्ठानों में परोसे जाने वाले खाद्य उत्पादों तक के नमूने लिये जायें। जांच में किसी भी प्रकार की मिलावट, दूषण या गुणवत्ता संबंधी कमी पाये जाने पर संबंधित दोषियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा संबंधी प्रावधानों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाये।आगामी त्योहारों को देखते हुए खाद्य पदार्थों की जांच को और महत्वपूर्ण बताते हुए अपर मुख्य सचिव ने कहा कि त्योहारों के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में बड़ी संख्या में ठेले और खोमचे लगते हैं तथा खाद्य पदार्थों की बिक्री भी बढ़ जाती है। ऐसे में दूषित अथवा मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से लोगों के बीमार पड़ने की आशंका रहती है।उन्होंने सभी जिला अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारियों, अभिहित पदाधिकारियों और खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाये कि बाजार में कोई भी मिलावटी या दूषित खाद्य सामग्री बिक्री के लिए उपलब्ध न हो।अपर मुख्य सचिव ने खाद्य पदार्थों की त्वरित जांच के लिए आवश्यक रसायनों और अन्य संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही रांची स्थित फूड सेफ्टी लैब में सभी तरह की सुविधायें उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।उन्होंने कहा कि जांच में प्रयुक्त होने वाले केमिकल और आवश्यक सामग्री की खरीद मेला एवं त्योहारों से पहले ही कर ली जाये, ताकि अभियान के दौरान किसी प्रकार की कमी न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खाद्य पदार्थों की जांच का सघन अभियान तत्काल शुरू किया जाये और बुधवार से पूरे राज्य में व्यापक स्तर पर जांच की जाये।अपर मुख्य सचिव ने संयुक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त श्री अनुज कुमार प्रसाद को निर्देश दिया कि वे स्वयं फील्ड में जायें, खाद्य पदार्थों के सैंपल लें, जांच की प्रक्रिया का निरीक्षण करें और गड़बड़ी पाये जाने पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करायें।उन्होंने जिलों के अधिकारियों से खाद्य पदार्थों की विभिन्न श्रेणियों के नमूने लेने और उनकी जांच की प्रक्रिया पर विस्तृत विचार-विमर्श करने को कहा। साथ ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के निर्धारित नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।अपर मुख्य सचिव ने तत्काल जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तीन चलंत जांच वाहनों को लगाने का निर्देश दिया है। इनमें एक वाहन धनबाद और दो वाहन रांची में लगाये जायेंगे। इन वाहनों के माध्यम से आवश्यकता पड़ने पर मौके पर ही खाद्य पदार्थों की प्राथमिक जांच की जा सकेगी।उन्होंने कहा कि अभियान की नियमित समीक्षा की जायेगी। दुर्गा पूजा से पहले एक बार फिर बैठक कर जिलों में चल रहे जांच अभियान की स्थिति, लिये गये सैंपल, जांच के परिणाम और की गई कार्रवाई की जानकारी ली जायेगी। अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाये और राज्य में लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाये।
अब एडटेक आधारित शिक्षा प्रणाली का रोडमैप तैयारसरकारी स्कूलों में तकनीक से बदलेगी पढ़ाई की तस्वीरटीम एबीएन, रांची। झारखंड के सरकारी विद्यालयों में अब तकनीक आधारित शिक्षा व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू हो गयी है। राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में पठन-पाठन को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने के लिए शिक्षा प्रौद्योगिकी (एडटेक) आधारित प्रणाली का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य कक्षाओं में डिजिटल संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देना, शिक्षकों को नयी तकनीकों के अनुरूप दक्ष बनाना तथा विद्यार्थियों की सीखने की आवश्यकताओं के अनुसार शिक्षण पद्धति को अधिक उपयोगी बनाना है।इस महत्वाकांक्षी योजना पर झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद यूनिसेफ इंडिया के सहयोग से कार्य कर रही है। नई शिक्षा व्यवस्था की रूपरेखा तैयार करने के लिए बेंगलुरु की परामर्शदाता संस्था आईटी फॉर चेंज को जिम्मेदारी सौंपी गयी है। संस्था के विशेषज्ञ राज्य में वर्तमान शिक्षण व्यवस्था और तकनीक के उपयोग की संभावनाओं का व्यापक आकलन कर रहे हैं। रोडमैप तैयार करने के लिए विभिन्न जिलों में फीडबैक सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें शिक्षकों, झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) तथा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डाइट) के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इन बैठकों में स्कूलों में तकनीक के वर्तमान उपयोग, जमीनी चुनौतियों और शिक्षकों के अनुभवों पर चर्चा हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि एडटेक आधारित व्यवस्था से सरकारी विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा अधिक व्यवस्थित, जवाबदेह और साक्ष्य आधारित बनेगी। डिजिटल उपकरणों के माध्यम से विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का आकलन किया जा सकेगा और उनकी आवश्यकता के अनुसार शिक्षण पद्धति में बदलाव संभव होगा।एडटेक के तहत कंप्यूटर, इंटरनेट, टैबलेट, डिजिटल सामग्री, इंटरैक्टिव व्हाइटबोर्ड और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित उपकरणों का उपयोग किया जायेगा। इससे कठिन विषयों को सरल और रुचिकर तरीके से पढ़ाया जा सकेगा तथा शिक्षकों को विद्यार्थियों की प्रगति पर बेहतर निगरानी रखने में सहायता मिलेगी।
धनबाद : एक सप्ताह में निपटायी जायेंगी उपायुक्त के जनता दरबार में आयी समस्याएंधनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन ने जनता दरबार में कई मामलों का एक सप्ताह के भीतर निपटारा सुनिश्चित करने का दिया निर्देशएबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। मंगलवार को धनबाद उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने जनता दरबार का आयोजन किया। इसमें बड़ी संख्या में आम नागरिकों और फरियादियों ने भाग लिया। जनता दरबार में लगभग 100 से अधिक लोग अपनी विभिन्न समस्याएं एवं शिकायतें लेकर उपस्थित हुए। उपायुक्त ने सभी आवेदनों को गंभीरता से सुनते हुए उनके त्वरित समाधान की दिशा में संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किये।जनता दरबार में भू-माफिया द्वारा जबरन कब्जा करके जमीन हड़पने, दोहरी जमाबंदी में सुधार करने, लंबित राशन कार्ड को लाल कार्ड में परिवर्तित करने, भू-माफियाओं द्वारा जमीन का अतिक्रमण करने, सड़क निर्माण में अनियमितता बरतने, जालसाजी कर पुश्तैनी जमीन की अवैध बिक्री करने सहित अन्य मामले प्राप्त हुए। उपायुक्त ने सभी मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया।उपायुक्त ने बताया कि जनता दरबार में बीमा राशि के भुगतान हेतु लंबित मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने, दिव्यांग पेंशन एवं वर्षों से अटकी पारिवारिक पेंशन से जुड़े मामले, राशन कार्ड में संशोधन या त्रुटि में सुधार, गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों को माननीय मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना अंतर्गत चिकित्सा सहायता लाभ दिलाना सहित अन्य मामले आये।ऐसे सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर अलग कर उसी दिन या अगले जनता दरबार से पहले हर हाल में निष्पादित करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया है। ताकि जनता का प्रशासन और सरकार की कार्यशैली पर विश्वास बना रहे।जबकि भूमि विवाद, पुलिस प्राथमिकी, जांच एवं आपसी विवादों से जुड़े ऐसे मामले जिनमें विस्तृत अनुसंधान और कानूनी प्रक्रिया की आवश्यकता होती है, उन्हें विशेष मॉनिटरिंग डैशबोर्ड के माध्यम से ट्रैक किया जा रहा है। इन मामलों में भी समयबद्ध निष्पादन हेतु संबंधित अंचल और पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।उन्होंने कहा कि जनता दरबार के निर्धारित दिन के अलावा भी सप्ताह के अन्य छह दिन जरूरतमंद लोगों की समस्याओं को सुनने और उनके निराकरण का पूरा प्रयास किया जाता है। ब्लॉक व अंचल स्तर पर भी व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है ताकि लोगों को मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें और उनके उचित हक का लाभ उन्हें समय पर मिल सके।
खूँटी : उपायुक्त ने कल्याण विभाग अंतर्गत छात्रवृत्ति की अनुमोदन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक कीएबीएन न्यूज नेटवर्क, खूँटी। समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त मो० जावेद हुसैन की अध्यक्षता में आज कल्याण विभाग अंतर्गत प्री/पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति की अनुमोदन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति उपलब्ध कराने से संबंधित प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में समिति को अवगत कराया कि प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए कुल 17,122 नए आवेदन ई-कल्याण पोर्टल पर प्राप्त हुए हैं, जिनका संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों द्वारा भौतिक सत्यापन के उपरांत अनुमोदन किया गया है।समिति द्वारा सभी आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई।वहीं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए प्राप्त 1,656 पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति उपलब्ध कराने से संबंधित प्रस्तावों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। समिति द्वारा सभी पात्र आवेदनों को अनुमोदन प्रदान किया गया।बैठक में उप विकास आयुक्त श्री प्रवीण कुमार प्रकाश, जिला कोषागार पदाधिकारी, डीआईओ, डीपीएम JSLPS सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
खूंटी : उपायुक्त ने इलाजरत बच्चों का हाल-चाल जानाएबीएन न्यूज नेटवर्क, खूँटी। कर्रा प्रखंड क्षेत्र के तिलमी स्थित उच्च विद्यालय के कुछ बच्चों के अस्वस्थ होने की जानकारी पर उपायुक्त मो० जावेद हुसैन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कर्रा पहुंचकर इलाजरत बच्चों एवं उनके अभिभावकों से मुलाकात की। उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की तथा मौके पर चिकित्सकों एवं संबंधित अधिकारियों को बच्चों का बेहतर इलाज सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये।उपायुक्त ने चिकित्सकों को बच्चों की समुचित जांच के उपरांत आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने चिकित्सकों की टीम से बच्चों के स्वास्थ्य एवं उपचार के संबंध में जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।उपायुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को विद्यालय के अन्य बच्चों से भी जानकारी लेने का निर्देश दिया, ताकि यदि किसी अन्य बच्चे में भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या के लक्षण पाए जाते हैं तो समय रहते उसकी जांच कर आवश्यक उपचार सुनिश्चित कराया जा सके।
धनबाद सपनों का महल या बदहाल आशियाना?बेलगड़िया में पुनर्वास की हकीकत पर विजय कुमार झा ने उठाये सवालएबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। झरिया के अग्नि प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थान पर बसाने के लिए बनाए गए बेलगड़िया टाउनशिप में पुनर्वास की जमीनी हकीकत पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गये हैं। पूर्व बियाडा अध्यक्ष विजय कुमार झा सोमवार को बेलगड़िया पहुंचे और विस्थापित परिवारों से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। विस्थापित परिवारों ने बिजली, पानी और जर्जर आवास की समस्याओं को लेकर अपनी परेशानी सामने रखी। लोगों का आरोप है कि जिन परिवारों को बेहतर और सुरक्षित जीवन का सपना दिखाकर यहां बसाया गया, उन्हें कई जगह बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। कई आवासों के दरवाजे और अन्य हिस्से भी खराब स्थिति में बताये गये।विजय कुमार झा ने मौके पर संबंधित प्रभारी से मुलाकात कर लोगों की समस्याएं उनके सामने रखीं। बिजली-पानी की समस्या पर ट्रांसफॉर्मर से जुड़ी परेशानी की बात सामने आयी। इस पर झा ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पुनर्वास का मतलब सिर्फ परिवारों को एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट करना है, तो फिर इसे विकास और पुनर्वास कैसे कहा जायेगा?उन्होंने अधिकारियों को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। विजय कुमार झा ने कहा कि अधिकारियों को कम से कम 15 दिन बेलगड़िया में रहकर दिखाना चाहिए। अगर अधिकारी खुद यहां रहेंगे तो उन्हें पता चलेगा कि विस्थापित परिवार किन परिस्थितियों में अपना जीवन गुजार रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी जिस दिन यहां रहेंगे, उसी दिन बिजली, पानी और दूसरी मूलभूत सुविधाओं की वास्तविक स्थिति भी सामने आ जायेगी। उन्होंने कहा कि विस्थापन सिर्फ मकान देने का नाम नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीवन जीने की सुविधा देने का नाम है। सरकार और संबंधित एजेंसियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पुनर्वासित परिवारों को किसी भी मूलभूत सुविधा के लिए परेशान न होना पड़े।दौरे के दौरान वार्ड नंबर-2 के पार्षद खास जानकारी मोहम्मद शहाबुद्दीन समाजसेवी गौतम मंडल, बंटी दत्ता समेत करीब 50 लोग मौजूद रहे। बेलगड़िया की जमीनी स्थिति ने एक बार फिर झरिया पुनर्वास व्यवस्था की गुणवत्ता और मूलभूत सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, खूंटी। 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के अवसर पर जिला समाज कल्याण विभाग, खूंटी के तत्वावधान में समाहरणालय परिसर में जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त मो० जावेद हुसैन ने हरी झंडी दिखाकर पोषण रथ को रवाना किया। पोषण रथ जिले के विभिन्न प्रखंडों में भ्रमण कर आमजनों को संतुलित आहार, कुपोषण उन्मूलन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा सुपोषित समाज के निर्माण में जनभागीदारी के प्रति जागरूक करेगा।कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारियों एवं कर्मियों द्वारा पोषण शपथ भी ली गयी। इस अवसर पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अनिशा कुजूर, सिविल सर्जन ललित रंजन पाठक, सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग आनंद कुमार, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, तोरपा पूजा कुमारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जेएसएलपीएस मनीषा सांचा सहित अन्य विभागीय कर्मी, महिला पर्यवेक्षिकाएं एवं आंगनबाड़ी सेविकाएं उपस्थित रहीं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, रामगढ़। राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत आज समाहरणालय स्थित सभागार कक्ष में उपायुक्त रामगढ़ ऋतुराज की अध्यक्षता में पोषण पोटली वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें उपायुक्त के द्वारा जिले के 38 इलाजरत टीबी मरीजों के बीच बेहतर पोषण, इम्युनिटी बढ़ाने और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के उद्देश्य से पोषण पोटली का वितरण किया गया। इस अवसर पर उपस्थित मरीजों एवं उनके परिजनों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि टीबी एक पूरी तरह साध्य बीमारी है, बशर्ते मरीज बिना कोई खुराक छोड़े समय पर नियमित दवा का सेवन करें और बीच में इलाज न छोड़ें, क्योंकि अधूरी दवा लेने से बीमारी और गंभीर रूप ले सकती है। इसके साथ ही उन्होंने संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढंकने, सार्वजनिक स्थानों पर न थूकने तथा दवा के साथ-साथ संतुलित व पौष्टिक आहार लेने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, जिले को पूर्णत: टीबी मुक्त बनाने और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उपायुक्त ने सभी उपस्थित पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्र के आसपास टीबी बीमारी से ग्रसित मरीजों को सामर्थ्य अनुसार गोद लें, ताकि उन्हें निक्षय मित्र योजना के तहत नियमित रूप से पोषण व नैतिक सहयोग मिल सके। उपायुक्त ने रामगढ़ को टीबी मुक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि जिला प्रशासन निक्षय मित्र योजना के तहत मरीजों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है। कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ स्वराज, जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी इंदु प्रभा खलखो, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी अंचल अधिकारी सहित अन्य पदाधिकारीगण एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर वियतनाम में मृत राजा कुमार वर्मा का पार्थिव शरीर लाया जा रहा रांची टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश एवं श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के सतत प्रयासों के फलस्वरूप वियतनाम में सड़क दुर्घटना में मृत रांची निवासी राजा कुमार वर्मा का पार्थिव शरीर शनिवार को भारत वापस लाया गया। मुख्यमंत्री के निदेर्शानुसार राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए विदेश मंत्रालय एवं भारतीय दूतावास से निरंतर समन्वय स्थापित कर पार्थिव शरीर को रांची स्थित उनके पैतृक आवास पहुंचाने की व्यवस्था की गयी। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री के निर्देश पर श्रम विभाग द्वारा मृतक के आश्रित को मुख्यमंत्री झारखंड अंतरराष्ट्रीय प्रवासी श्रमिक अनुदान योजना के अंतर्गत 5 लाख की वित्तीय सहायता राशि उपलब्ध करायी जायेगी। मालूम हो कि रांची के कैलाश नगर निवासी राजा कुमार वर्मा वियतनाम में योग प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत थे। वियतनाम में एक सड़क दुर्घटना में वे गंभीर रूप से घायल हो गये थे, जिसके पश्चात इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। परिजनों द्वारा राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष से पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने हेतु गुहार लगायी गयी थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने तत्काल भारत सरकार के विदेश मंत्रालय, हनोई स्थित भारतीय दूतावास एवं संबंधित वियतनामी प्राधिकारियों से संपर्क साधा। इसके बाद प्रक्रियाएं पूर्ण कराते हुए पार्थिव शरीर को हनोई से कोलकाता हवाई अड्डा लाया गया।कोलकाता हवाई अड्डे पर परिजनों द्वारा आवश्यक दस्तावेजी औपचारिकताएं पूर्ण किए जाने के पश्चात पार्थिव शरीर को रांची स्थित पैतृक निवास तक सकुशल पहुंचाने के लिए रांची जिला प्रशासन द्वारा एम्बुलेंस की व्यवस्था की गयी है।
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