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आपरेशन सिंदूर के दौरान क्रिटिकल मिनरल से बने ब्रह्मोस ने पड़ोसी देश को सिखायी थी सबक : सतीश चंद्र दुबे
Published / 2026-01-17 21:41:24
आपरेशन सिंदूर के दौरान क्रिटिकल मिनरल से बने ब्रह्मोस ने पड़ोसी देश को सिखायी थी सबक : सतीश चंद्र दुबे

पलामू के राजहरा कोलियरी में कोयले का उत्पादन शुरू  एबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। पलामू की लाइफ लाइन राजहरा कोलियरी में शनिवार से कोयला का उत्पादन शुरू हो गया है। इसका उद्घाटन केंद्रीय कोयला खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने किया। मौके पर श्री दुबे ने कहा कि भारत मां सोना, हीरा, कोयला सहित काफी उपयोगी मिनरल्स सहित देश के लिए जो भी आवश्यकता है वह देती है। क्रिटिकल मिनरल का ही देन ब्रह्मोस है जो आपरेशन सिंदूर के दौरान पड़ोसी देश पाकिस्तान को सबक सिखायी। कोल से जो बिजली बनती है जिससे सभी आवश्यक सुविधाएं देती है। उन्होंने कहा कि विश्व में नरेंद्र मोदी ही एक ऐसा लीडर हैं जो कहते हैं वह करते हैं। पहले ही सरकारें सिर्फ कोयला उत्पादन कर धरती मां को जैसे तैसे छोड़ देती है। लेकिन देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में माइंस को प्लान बनाकर चलाया जा रहा है। धरती मां से कोयला निकाल कर उसे पुन: बराबर कर उस धरती को हरा-भरा बनाती है यदि माइंस ज्यादा गहरा होता है तो उसे पर्यटन स्थल के रुप में विकसित करतीं हैं। उन्होंने कहा कि कोयला निकालने के दौरान ओबी में भी कुछ मिनरल निकलता है, जिसकी पहचान कर उसका सदुपयोग किया जाता है। केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार पर्यावरण संरक्षण करते हुए ही आवश्यकताओं की पूर्ति करतीं हैं। उन्होंने कहा देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित, शिक्षित व आत्मनिर्भर भारत बनाने का जो सपना देखा है वह पूरा होता जा रहा है। आज स्थिति ऐसी बन गयी है कि कोल इंडिया इतना कोयला उत्पादन शुरू कर दी है। अब कोल इंडिया विदेशों में भी कोयला निर्यात करने की स्थिति में आ गयी है। समारोह का संचालन संजीव कुमार ने किया।धन्यवाद ज्ञापन परियोजना पदाधिकारी विनोद कुमार दीपक ने किया। मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष अमित तिवारी, माइंस मैनेजर एम एम चतुर्वेदी, फेयर माइंस कार्बन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक राजीव कुमार सिंह, जीएम सुभाष सिन्हा, विभाकर पांडेय, सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य रविंद्र तिवारी, किशोर पांडेय, केएन पांडेय, सीसीएल के मनु राम, जन्मेजय पांडेय, सत्येंद्र पांडेय, अशोक मिश्रा, शशांक सिंह सहित कई लोग मौजूद थे। पांच लाख लोगों को देती है रोजगार  केंद्रीय राज्यमंत्री सतीश चन्द्र दुबे ने कहा कि सीसीएल प्रत्यक्ष रूप से पांच लाख लोगों को रोजगार देती है। इसके साथ ही 25 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार देने का काम करती हैं। उन्होंने कहा कि सीसीएल केवल कोयला निकाल कर व्यवसाय नहीं करती है बल्कि डीएफएमटी के फंड से इलाके में विकास कार्य करती है। साथ ही सीएसआर के तहत इलाके के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार उपलब्ध कराती है। मंत्री ने कहा कि कोल इंडिया दस लाख तक का इलाज लोगों को कराती है इसके साथ ही प्रतिभा को भी सम्मान देते हुए मेधावी छात्रों को आर्थिक रूप से मदद करती है। खिलाड़ियों को भी आगे बढ़ाने में सीसीएल सहयोग करती है। अपने वादा को निभाने का काम किया : बीडी राम  सांसद बीडी राम ने कहा कि वर्ष 2014 में चुनाव प्रचार के दौरान इस इलाके के लोगों ने राजहरा कोलियरी के बंद होने की जानकारी दी थी। उसी समय मैंने वादा किया था कि राजहरा कोलियरी में कोयले का उत्पादन जरूर शुरू कराउंगा और आज वह वादा पूरा हुआ। सांसद ने सीसीएल प्रबंधन से कहा कि रैयतों की जो भी समस्या है उसे दूर करने के लिए एक कर्मी को जिम्मा दिया जाए। जो भी विस्थापित हुए हैं आपके नियम व शर्तों को पूरा करते हैं तो तत्काल उन्हें नौकरी दिया जाये। अब राजहरा का होगा निरंतर विकास : सीएमडी  सीसीएल के सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह ने कहा कि राजहरा पलामू की लाइफ लाइन है। यह इलाके की एक पहचान है जो कुछ समय से धुमिल होते जा रही थी लेकिन अब पुन: इसमें चमक आ जायेगी। राजहरा कोलियरी में पुरानी रौनक लौट गयी है। अब राजहरा कोलियरी निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढेगी। उन्होंने कहा कि सांसद बीडी राम ने कोयला मंत्रालय और राजहरा कोलियरी के बीच सेतु का काम किया जिसके परिणामस्वरूप आज राजहरा कोलियरी उत्पादन शुरू हुआ। देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी राजहरा : जीएम  राजहरा क्षेत्र के महाप्रबंधक मनीष कुमार ने कहा कि राजहरा कोलियरी में कोयले का उत्पादन शुरू होना इस इलाके के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी। इससे औद्योगिक वातावरण कायम होगा। रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। यह राजहरा कोलियरी कोयला उत्पादन कर देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी। फेयर माइंस से मिली प्रेरणासीसीएल के सीएमडी निलेन्दु कुमार सिंह ने कहा कि राजहरा कोलियरी के बगल में संचालित फेयर माइंस कार्बन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा माइंस चालू कर दिये जाने से मुझे काफी प्रेरणा मिली। फेयर माइंस कार्बन प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों ने भी कहा कि सर आप राजहरा कोलियरी को शुरू करेंगे तो पलामू में औद्योगिक वातावरण बनेगा और पलामू का विकास होगा। जिसके बाद हमलोगों का भी हौसला बढ़ा और आज परिणाम सामने है।

दावोस में वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम के लिए है तैयार झारखंड
Published / 2026-01-17 21:36:49
दावोस में वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम के लिए है तैयार झारखंड

झारखंड पवेलियन का हुआ भ्रमण और निरीक्षण टीम एबीएन, रांची। झारखंड राज्य के 25 वर्ष पूरे होने के बाद  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में पहली बार झारखण्ड सरकार का प्रतिनिधिमंडल वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम फोरम-2026 में भाग लेने के लिए दावोस की यात्रा पर है। इस प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को इंडियन पवेलियन परिसर स्थित झारखंड पवेलियन का भ्रमण और निरीक्षण किया। मालूम हो कि वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम- 19 से 23 जनवरी 2026 तक दावोस में आयोजित है। झारखण्ड की भागीदारी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण, वन और जैव-अर्थव्यवस्था एवं महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित होगी, ताकि राज्य को सतत विकास, न्यायसंगत परिवर्तन औरु समावेशी विकास के रास्तों पर वैश्विक चचार्ओं में स्थान मिल सके।

वैश्विक साझेदारों के साथ उड़ान भरने में जुटा झारखंड
Published / 2026-01-16 17:52:58
वैश्विक साझेदारों के साथ उड़ान भरने में जुटा झारखंड

वैश्विक साझेदारों के साथ जुड़ने के लिए उत्सुक है झारखंडटीम एबीएन, रांची। झारखंड की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व में विश्व आर्थिक सम्मेलन में झारखंड की पहली आधिकारिक भागीदारी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। सीएम ने कहा है कि प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण विकास के आदर्शों से प्रेरित होकर, झारखंड दावोस में वैश्विक साझेदारों के साथ जुड़ने के लिए उत्सुक है।स्विटजरलैंड में भारत के राजदूत मृदुल कुमार ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को विश्व आर्थिक सम्मेलन 2026 में उनकी भागीदारी के बारे में जानकारी दी। यह झारखंड का दावोस में पहला आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल है, जो राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है।दावोस में झारखंड की भागीदारी प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण विकास के विषय पर आधारित है, जो सतत विकास, लचीलापन, विश्वास और दीर्घकालिक आर्थिक परिवर्तन पर केंद्रित विश्व आर्थिक सम्मेलन 2026 के उद्देश्य से पूरी तरह मेल खाता है।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बनायी शांतिपूर्ण निकाय चुनाव की रणनीति
Published / 2026-01-16 17:50:24
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बनायी शांतिपूर्ण निकाय चुनाव की रणनीति

नगर निकाय चुनावराज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने अधिकारियों को दिए निर्देश, हो शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष चुनावटीम एबीएन, रांची। नगर निकाय चुनाव की तैयारी को अंतिम रूप देने में राज्य निर्वाचन आयोग जुटा हुआ है। शुक्रवार को राज्यभर के सभी 48 नगर निकायों के निर्वाची पदाधिकारी और सह निर्वाची पदाधिकारियों के साथ बैठक की गयी।आयोग कार्यालय में आयोजित बैठक सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में चुनाव के हर विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने कहा कि चुनाव की घोषणा होते ही निर्वाची पदाधिकारी और सह निर्वाचन प्रभारी की भूमिका अहम हो जाती है।चुनाव के दौरान नियम संगत कार्य करें पदाधिकारी: राज्य चुनाव आयुक्तराज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि नामांकन के वक्त प्रत्याशियों के द्वारा भरे जाने वाले फॉर्म और चुनाव चिन्ह आवंटन के समय निर्वाचन पदाधिकारी की अहम भूमिका होती है। जिसे बड़े ही सतर्कता के साथ निभानी चाहिए। उन्होंने निर्वाचन से जुड़े पदाधिकारियों को सलाह दी।साथ ही कहा कि आयोग के द्वारा जारी निर्वाचन पुस्तिका का अध्ययन जरूर कर लें। क्योंकि उसी के अनुरूप निकाय चुनाव संपन्न कराने में अपनी भूमिका का निर्वहन किया जाएगा। छोटी-छोटी बातों से कई बार विवाद बढ़ जाता है, इसलिए नियम संगत चुनाव के दौरान कार्य करें। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो, इसकी जिम्मेदारी सभी पदाधिकारियों पर होगी।इसके लिए पूरी सतर्कता के साथ निर्वाचन के दौरान काम करने की आवश्यकता है। अलका तिवारी ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण काउंटिंग होती है, जो अच्छे ढंग से और निष्पक्ष रूप से संपन्न हो, इस पर जरूर ध्यान रखने की जरूरत है। चुनाव के दौरान प्रत्याशियों एवं उनके समर्थकों पर पदाधिकारियों को पूरी तरह से नजर रखने का निर्देश दिए हैं।राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि हर हाल में चुनाव शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष ढंग से संपन्न हो इसके लिए सभी प्रशासनिक तैयारी रखी जाए। उन्होंने कहा कि चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही आदर्श आचार संहिता लागू होगी। इसका पालन कराने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए. इसके अनुपालन की जिम्मेदारी सभी पदाधिकारियों पर होगी।इस मौके पर निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने चुनाव कार्य की तैयारियों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पदाधिकारियों को चुनाव पूर्व उन्हें दी गई जिम्मेदारी से अवगत कराया गया है। आवश्यकता पड़ने पर आने वाले समय में वीडियो कॉफ्रेसिंग से भी निर्देशित किया जायेगा।

शीतलहर को लेकर रांची डीसी ने जारी किया बुलेटिन
Published / 2026-01-14 23:13:02
शीतलहर को लेकर रांची डीसी ने जारी किया बुलेटिन

टीम एबीएन, रांची। रांची जिले में पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण शीतलहर एवं अत्यधिक ठंड के मौसम को देखते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), रांची द्वारा जारी विशेष बुलेटिन के आधार पर जिला प्रशासन द्वारा जनसुरक्षा एवं स्वास्थ्य की दृष्टि से आवश्यक सावधानियां बरतने हेतु अपील की जाती है।  वर्तमान में जिले में न्यूनतम तापमान 8-10 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है तथा शीतलहर की स्थिति येलो जोन में बनी हुई है। ऐसी स्थिति में ठंड से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं (जैसे सर्दी-खाँसी, निमोनिया, हाइपोथर्मिया आदि) से बचाव अत्यंत आवश्यक है। सामान्य जनता के लिए अपील एवं सावधानियां ठंड से बचाव हेतु गर्म कपड़े, स्वेटर, जैकेट, मफलर, टोपी, दस्ताने एवं मोजे अवश्य पहनें।सुबह-शाम एवं रात्रि में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें, विशेषकर घने कोहरे के समय।  घर के अंदर ही रहें तथा गर्म पेय पदार्थ (जैसे अदरक वाली चाय, सूप आदि) का सेवन करें।  बुजुर्गों, छोटे बच्चों एवं गंभीर बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें।  खुले में आग जलाकर सीधे गर्म होने से बचें, इससे सांस संबंधी समस्या एवं आग लगने का खतरा रहता है। अभिभावकों के लिए विशेष अपीलअभिभावक अपने बच्चों को ठंड से बचाने के लिए अतिरिक्त सतर्क रहें। बच्चों को मोटे गर्म कपड़े पहनाकर ही घर से बाहर भेजें। यदि बच्चा बीमार महसूस करे तो तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें। स्कूल जाने वाले बच्चों को समय से पहले घर से निकालने से बचें, क्योंकि सुबह का समय सबसे अधिक ठंडा होता है।स्कूल जा रहे छात्र-छात्राओं के लिए अपीलस्कूल जाते समय पूर्ण रूप से गर्म कपड़ों में रहें तथा मुंह-नाक को मफलर या स्कार्फ से ढकें।ठंड से बचाव के सभी निर्देशों (जैसे गर्म पानी पीना, व्यायाम करना आदि) का पालन करें।यदि ठंड के कारण अस्वस्थ महसूस हो तो तुरंत शिक्षक/अभिभावक को सूचित करें। जिला प्रशासन द्वारा स्थिति की निरंतर निगरानी की जा रही है। आवश्यकतानुसार आगे के निर्देश जारी किए जाएंगे।

टुसू में गवर्नर की उपस्थिति ने बढ़ायी कार्यक्रम की गरिमा
Published / 2026-01-14 20:38:33
टुसू में गवर्नर की उपस्थिति ने बढ़ायी कार्यक्रम की गरिमा

टीम एबीएन, रांची। कुरमाली भाषा परिषद, रांची ने मोरहाबादी मैदान में आयोजित टुसू महोत्सव में राज्यपाल संतोष गंगवार की गरिमामयी उपस्थिति से इस बार का टुसू महोत्सव और भी भव्य बनाया। राज्यपाल के आगमन से महोत्सव की रौनक बढ़ गयी और कार्यक्रम में उत्साह का माहौल देखने को मिला। वैसे तो केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची सांसद संजय सेठ, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, जमशेदपुर के पूर्व सांसद शैलेंद्र महतो आदि भी महोत्सव में शामिल हुए। लेकिन महोत्सव में पहली बार राज्यपाल की उपस्थिति से महोत्सव में चार चांद लग गया। मौके पर राज्यपाल श्री गंगवार ने कुरमाली भाषा एवं लोक संस्कृति की सराहना करते हुए कहा कि टुसू पर्व झारखंड की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने ऐसी परंपराओं को संरक्षित और प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इस तरह का आयोजन करने के लिए कुरमाली भाषा परिषद परिवार बधाई के पात्र हैं। महोत्सव के दौरान पारंपरिक टुसू गीत, नृत्य और लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कलाकार, समाजसेवी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कुरमाली भाषा परिषद के अध्यक्ष डॉ राजा राम महतो ने तहे दिल से राज्यपाल का सम्मान कर आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि झारखंड की राजधानी रांची शहर में टुसू महोत्सव आयोजित करने का श्रेय कुरमाली भाषा परिषद और परिषद के अध्यक्ष डॉ राजा राम महतो को जाता है। डॉ राजाराम महतो ने टुसू पर्व को गांव से शहर में लाने का कार्य किया। सबसे पहले झारखंड बनने के बाद बर्ष 2001 में रांची के के के कॉलोनी में कुरमाली भाषा परिषद के तत्वावधान में टुसू महोत्सव का अयोजन किया गया था। बाद टुसू पर्व की पूर्व संध्या पर प्रति वर्ष मोरहाबादी मैदान में टुसू महोत्सव वृहत पैमाने पर मनाया जाता है। कुरमाली भाषा परिषद की ओर से महोत्सव में आने वाले टुसू दलों, कलाकारों और पीठा प्रतियोगिता में भाग लेने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित किया जाता रहा है।

झारखंड : राज्यपाल ने मोरहाबादी में किया टुसू महोत्सव का शुभारंभ
Published / 2026-01-13 21:18:43
झारखंड : राज्यपाल ने मोरहाबादी में किया टुसू महोत्सव का शुभारंभ

रांची में टुसू महोत्सव की धूम, राज्यपाल संतोष गंगवार ने मोरहाबादी मैदान में किया शुभारंभ टीम एबीएन, रांची। मकर संक्रांति से एक दिन पहले झारखंड की लोक परंपरा से जुड़े टुसू महोत्सव का भव्य आयोजन राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में आरंभ हो गया है। प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी इस महोत्सव की शुरुआत उत्साह, लोकगीत और पारंपरिक रंगों के साथ हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस आयोजन का दायित्व कुरमाली भाषा परिषद द्वारा निभाया जा रहा है। टुसू महोत्सव झारखंड की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक माना जाता है। यह पर्व न केवल झारखंड, बल्कि पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। हर साल मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर मोरहाबादी मैदान में इसका आयोजन किया जाता है। जिसमें झारखंड के कोने-कोने से लोग पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-नगाड़ों और बाजा-गाजा के साथ शामिल होते हैं। इस अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने भी पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार टुसू की पूजा-अर्चना की। आयोजन स्थल पर उनका स्वागत गुड़ पीठा, झारखंड के पारंपरिक व्यंजनों और विभिन्न प्रकार के मिष्ठानों से किया गया। राज्यपाल ने झारखंड की लोक संस्कृति की सराहना की। साथ ही कहा कि ऐसे आयोजन नयी पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाते हैं।

रांची : लापता बच्चों के परिजनों से मिलीं केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी
Published / 2026-01-12 21:09:49
रांची : लापता बच्चों के परिजनों से मिलीं केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी

टीम एबीएन, रांची। रांची के धुर्वा से लापता बच्चों के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सोमवार को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी धुर्वा स्थित लापता बच्चों के आवास पर पहुंचीं और पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। उन्होंने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने परिजनों से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली और उनकी पीड़ा को गंभीरता से सुना। बातचीत के दौरान बच्चों की मां भावुक हो उठीं और अपने बच्चों की जल्द व सकुशल बरामदगी की गुहार लगायी। इस दौरान माहौल बेहद संवेदनशील हो गया, जिसे देखते हुए मंत्री ने परिवार को ढांढस बंधाया और भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। केंद्रीय मंत्री ने मौके पर ही झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा से दूरभाष पर बातचीत की। उन्होंने न केवल स्थिति की जानकारी ली, बल्कि लापता बच्चों की मां और परिजनों की भी सीधे डीजीपी से बात करवायी, ताकि उनकी आवाज शीर्ष स्तर तक पहुंचे और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जायेगी। अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि संबंधित प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को लगातार समन्वय बनाकर बच्चों की जल्द से जल्द तलाश और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध करायी जायेगी और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी लगाये जायेंगे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि यदि घटना के पहले 24 घंटे में स्थानीय पुलिस ने गंभीरता और तत्परता दिखाई होती तो शायद आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। उन्होंने दो टूक कहा कि लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है और इस मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। मंत्री ने यह भी कहा कि जिस स्थान पर यह घटना हुई है, वहां से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर राज्य का पुलिस मुख्यालय स्थित है। इसके अलावा राज्य के सभी मंत्री और मुख्यमंत्री भी चंद मिनटों की दूरी पर कार्य करते हैं। इसके बावजूद राजधानी में इतनी गंभीर घटना हो जाना और लंबे समय तक किसी ठोस कार्रवाई का न होना, राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे। सभी ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और बच्चों की शीघ्र बरामदगी की मांग की। लोगों का कहना था कि यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।

स्वामी विवेकानंद की 164वीं जयंती पर सीएम हेमंत ने किया नमन...
Published / 2026-01-12 21:02:59
स्वामी विवेकानंद की 164वीं जयंती पर सीएम हेमंत ने किया नमन...

आज स्वामी विवेकानंद की 164 वीं जयंती, सीएम हेमंत ने किया नमन टीम एबीएन, रांची। 12 जनवरी को भारत के महान आध्यात्मिक गुरु और सबसे बड़े युवा आइकन स्वामी विवेकानन्द जी की जयंती है। स्वामी विवेकानंद को करोड़ों युवा अपना आदर्श मानते हैं और उनके जोशीले विचारों से प्रेरणा लेते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वामी विवेकानंद को नमन किया है। सीएम हेमंत ने राष्ट्रीय युवा दिवस की दी बधाई मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लिखा, युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर सादर नमन। आज राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं, जोहार।         राज्यपाल ने भी किया नमन राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सोशल मीडिया पर लिखा, युगपुरुष एवं महान दार्शनिक स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन तथा राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। भारतीय संस्कृति को विश्व-पटल पर गौरव दिलाने वाले स्वामी विवेकानंद जी के विचार और आदर्श युवाओं के लिए सदैव प्रेरणास्रोत हैं।  विवेकानन्द का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता के एक बंगाली परिवार में हुआ था। उनके पिता विश्वनाथ दत्त कलकत्ता के उच्च न्यायालय में एक वकील थे। विवेकानंद के जन्म के समय उनका नाम नरेंद्र नाथ दत्त रखा गया था। 25 साल की आयु में विवेकानंद ने स्वामी रामकृष्ण परमहंस से प्रेरित हो कर अपना घर छोड़ दिया था और एक सन्यासी की तरह अपना जीवन बिताने लगे थे। स्वामी विवेकानंद की 39 वर्ष की आयु में 4 जुलाई 1902 को मृत्यु हो गयी थी। उनकी मृत्यु का कारण रात 9 बजे ध्यान करते समय मस्तिष्क में रक्त वाहिका का टूटना बताया गया था।

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