टीम एबीएन, रांची। रांची में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की लापरवाही अब पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गयी है। शहर में अब तक 13 लाख चालान बकाया है, जिनकी कुल रकम करीब 125 करोड़ रुपये हो चुकी है।
ट्रैफिक पुलिस अब बकाया वसूलने के लिए कॉल सेंटर खोलने जा रही है। यहां से बकायेदार वाहन चालकों को फोन कॉल, एसएमएस और व्हाट्सएप मैसेज भेजकर चालान भरने की जानकारी दी जायेगी।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि अगर कोई वाहन चालक तीन बार से ज्यादा ट्रैफिक नियम तोड़ेगा, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित कर दिया जायेगा। साल 2025 में अब तक 1336 लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं।
कई बार फर्जी नंबर प्लेट की वजह से गलत गाड़ियों पर चालान कट जाता है। इसे रोकने के लिए पुलिस ने सड़क परिवहन मंत्रालय की वेबसाइट से लिंक करने का अनुरोध किया है। इससे फर्जी चालान की समस्या कम होगी।
ट्रैफिक पुलिस का कॉल सेंटर अगले कुछ हफ्तों में काम करना शुरू कर देगा। रोजाना सैकड़ों लोगों से संपर्क कर उन्हें चालान भरने की जानकारी दी जायेगी और समय पर जुमार्ना न भरने पर कार्रवाई की जाये।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार ने बड़े पैमाने पर आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। डीजी स्तर से लेकर जिला स्तर तक 30 आईपीएस का तबादला किया गया है। डीजीपी अनुराग गुप्ता से सीआईडी और एसीबी दोनों ही के डीजी का प्रभार वापस ले लिया गया है। वहीं राकेश रंजन को रांची एसएसपी बनाया गया है जबकि आईपीएस सौरव को देवघर का एसपी बनाया गया है।
30 आईपीएस अफसर के तबादले में सबसे आश्चर्यजनक बात डीजीपी अनुराग गुप्ता को लेकर है। डीजीपी अनुराग गुप्ता को सीआईडी और एसीबी डीजी के प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। लंबे समय से अनुराग गुप्ता सीआईडी और स्पेशल ब्रांच के डीजी के प्रभार में थे। अब अनुराग गुप्ता सिर्फ झारखंड के डीजीपी के पद पर हैं। दूसरी तरफ डीआईजी में प्रमोट हो चुके रांची के एसएसपी चन्दन कुमार सिन्हा को एसीबी में डीआईजी बनाया गया है।
टीम एबीएन, रांची। रिम्स (राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान) की स्थायी वित्त एवं लेखा समिति की अहम बैठक आज अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में कुल 15 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की गयी, जिनमें से अधिकांश को स्वीकृति प्रदान कर दी गयी।
बैठक में सहायक प्राध्यापक और वरीय रेजिडेंट के 9 नये पदों पर नियुक्ति का निर्णय लिया गया। साथ ही, रिम्स में अन्य रिक्त पदों को भरने का भी रास्ता साफ किया गया है। समिति ने रिम्स द्वारा प्रस्तावित कुछ नये पदों के सृजन के अनुरोध पर वेतनमान और शैक्षणिक योग्यता स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। ब्लड मोबाइल ट्रांसपोर्टेशन वैन के लिए उपलब्ध बजट का उपयोग कर वाहन क्रय करने की अनुमति भी प्रदान की गया।
एक बड़े निर्णय में समिति ने एम्स, नई दिल्ली के तर्ज पर रिम्स के एमबीबीएस और बीडीएस छात्रों के स्टाइपेंड में वृद्धि का प्रस्ताव पारित किया।
रिम्स के द्वारा प्रस्तुत 2023-24 के वार्षिक लेखा विवरण को समिति ने सैद्धांतिक रूप से अनुमोदित किया, लेकिन अंतिम मंजूरी के लिए सीएजी से अप्रूवल लेने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा रिम्स को निर्देश दिया गया कि रिमपास की तर्ज पर संस्थान की सभी इमारतों का आधुनिकीकरण किया जाये ताकि मरीजों को कोई असुविधा न हो।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि रिम्स परिसर में स्थित बीएसएनएल भवन की जर्जर स्थिति के कारण उसे ढहाकर वहां ट्रॉमा सेंटर बनाया जायेगा। भवन निर्माण विभाग द्वारा इसे पहले ही कंडम घोषित किया जा चुका है।
बैठक के अंत में अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि कोई भी मामला टेंडर से पहले समिति में लाया जाये। टेंडर प्रक्रिया के बाद किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जायेगा। इसके साथ ही, एचएमआईएस प्रणाली को सीडैक के माध्यम से लागू करने और दो स्थानों पर उच्च गुणवत्ता वाली कैंटीन सेवाएं शुरू करने का निर्णय भी लिया गया।
इसके लिए झारखंड भवन की टेंडर प्रक्रिया को मॉडल के रूप में अपनाया जायेगा। यह बैठक रिम्स के प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों को नयी दिशा देने की दृष्टि से काफी अहम मानी जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में मरीजों और छात्रों—दोनों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त और समग्र बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने राजधानी रांची में मेडिको सिटी के निर्माण की घोषणा की है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) ने 2800 करोड़ की वित्तीय सहायता को मंजूरी दे दी है। यह मेडिको सिटी रिनपास के पास विकसित की जायेगी।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने इस ऐलान को झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक फैसला बताया। उन्होंने कहा कि अब राज्य के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। कड़ी मेहनत और करी लगन से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने में सारी ताकत लगा दिया हूं। रिनपास मेडिकोज सिटी में 12 सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल बनेगा।
हमारे लोगों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी बाहर से कई इन्वेस्टर हॉस्पिटल लेकर झारखंड आ रहे हैं लेकिन झारखंड में विपक्ष के द्वारा निम्न स्तर की राजनीतिक से वो परेशान है। मैं विश्वास दिलाया है मै आपके साथ हूं आप आगे आये हॉस्पिटल खोलिये मैं जमीन बिजली पानी सुरक्षा में दूंगा।
इसकी मैं गारंटी दिया तब वह राजी हुए। मेडिको सिटी में हृदय, किडनी, लीवर सहित अन्य गंभीर रोगों के लिए विशेषज्ञ और अत्याधुनिक उपचार सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। यह परियोजना झारखंड को हेल्थकेयर के क्षेत्र में नई ऊंचाई पर ले जायेगी।
परियोजना के अंतर्गत रांची में एक आधुनिक मेडिको सिटी की स्थापना की जायेगी। राज्य में तीसरी स्वास्थ्य प्रणाली को भी सशक्त किया जायेगा। इसमें क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र, फार्मेसी, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेजों की स्थापना शामिल है।
स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में इस परियोजना को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गयी, जिसमें अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, झारखंड स्टेट सोसाइटी की कार्यकारी निदेशक डॉ. नेहा अरोड़ा और अऊइ की प्रतिनिधि सोनालिनी खेत्रपाल उपस्थित थीं। मंत्री ने बताया कि जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जायेगी और कार्य में तेजी लायी जायेगी।
झारखंड सरकार की यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लायेगी, बल्कि यह राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नयी दिशा देगी। मेडिको सिटी जैसी परियोजनाएं यह सुनिश्चित करेंगी कि हर नागरिक को अपने ही राज्य में बेहतर, सुलभ और सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें।
टीम एबीएन, रांची। भारत के तीनों सेनाओं के प्रमुख चीफ आॅफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान झारखंड दौरे पर गुरुवार को रांची पहुंचे। रांची स्थित बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर सीडीएस अनिल चौहान के पहुंचने पर पूर्व सैनिक संगठनों समेत अन्य गणमान्य लोगों ने उनका जोरदार तरीके से स्वागत किया।
वेटरन आगेर्नाइजेशन आफ झारखंड के सचिव एमपी सिंह ने बताया कि यह दौरा आगामी तीन दिवसीय डिफेंस एक्सपो 2025 के आयोजन से जुड़ा है। यह आयोजन 19 से 21 सितंबर तक रांची के खेलगांव स्थित टाना भगत इंडोर स्टेडियम में होगा। इस एक्सपो में देश की तीनों सेनाएं अपनी ताकत और आधुनिक रक्षा तकनीकों का प्रदर्शन करेंगी।
ज्ञात हो कि बीते बुधवार 17 सितंबर को केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और मेजर जनरल सज्जन सिंह मान ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उनके रांची स्थित आवास पर मुलाकात की थी। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को डिफेंस एक्सपो के बारे मंं जानकारी दी थी। साथ ही मंत्री और सैन्य अधिकारी ने मुख्यमंत्री को तीन दिवसीय डिफेंस एक्सपो में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया था।
टीम एबीएन, रांची। चाईबासा, चांडिल और खूंटी में अधिवक्ताओं को बेहतर सुविधा प्रदान करने की दिशा में झारखंड सरकार ने कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने खूंटी, चाईबासा और चांडिल में बार काउंसिल भवन निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। जिला के कचहरी मैदान से तीनों जिलों में बनने वाले भवन का शिलान्यास किया गया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खूंटी के कचहरी मैदान में आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड के सभी 24 जिलों में अगले तीन साल के अंदर बार भवन का निर्माण कराया जायेगा। न्यायिक व्यवस्था स्वतंत्र रूप से काम करती है और सरकार इसे हर संभव सहयोग देती रही है।
सीएम खूंटी कचहरी परिसर में 3.50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बार भवन के शिलान्यास समारोह में बोल रहे थे। इस मौके पर झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान समेत हाईकोर्ट के अन्य न्यायाधीश भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि आज का दिन खूंटी के लिए ऐतिहासिक है क्योंकि पूरे राज्य में आधुनिक और सुंदर बार भवन बनाने का निर्णय लिया गया है।
न्याय के मंदिर में बिना भेदभाव के सभी को न्याय मिलता है और सरकार न्याय पालिका को सशक्त करने के लिए कटिबद्ध है। सीएम ने बताया कि झारखंड देश का पहला राज्य है, जहां अधिवक्ताओं को पेंशन और स्वास्थ्य बीमा जैसी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को डोरंडा मजार में 218वें उर्स के अवसर पर चादरपोशी की। उन्होंने रिसालदार बाबा की दरगाह पर चादर अर्पित कर राज्यवासियों की खुशहाली और विकास की कामना की।
मौके पर रांची के जिला उपायुक्त और एसएसपी के साथ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष, झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उर्स का यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है और इसके अंतिम दिन बड़ी संख्या में लोग दर्शन और चादरपोशी के लिए पहुंचे।
टीम एबीएन, रांची। दुर्गा पूजा के मद्देनजर झारखंड पुलिस अलर्ट मोड में है। डीजीपी अनुराग गुप्ता ने राज्य में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किये हैं। आगामी पर्व के दौरान किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां 20 सितंबर से 4 अक्टूबर तक रद्द कर दी गई हैं।
पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द करने का फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि दुर्गा पूजा के दौरान राज्य के सभी जिलों में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। कानून और व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाये रखने के लिए, जोनल आईजी, रेंज के डीआईजी, जिले के एसपी और कमांडेंट जैसे वरिष्ठ अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि किसी भी आपात स्थिति में पर्याप्त बल उपलब्ध हो।
जारी निर्देश के अनुसार केवल विशेष परिस्थितियों में ही संबंधित अधिकारी की अनुमति से छुट्टी स्वीकृत की जाएगी। इसके साथ ही पुलिस मुख्यालय ने सभी कार्यालयों में तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मियों (इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही तक) को भी तैयारी हालत में रहने का निर्देश दिया है। इसका मतलब है कि जरूरत पड़ने पर उन्हें तत्काल ड्यूटी पर बुलाया जा सकता है।
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