टीम एबीएन, रांची। छठ पर्व को लेकर रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री और वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने शहर के कई प्रमुख छठ घाटों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान घाटों की सफाई, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, बैरिकेडिंग और यातायात प्रबंधन की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे केवल सुरक्षित गहराई तक ही जल में प्रवेश करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन सभी सुरक्षा इंतजाम कर रहा है, लेकिन सतर्कता और संयम जरूरी है। उन्होंने लोगों से प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की।
टीम एबीएन, रांची। छठ पर्व को लेकर रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री और वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने शहर के कई प्रमुख छठ घाटों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान घाटों की सफाई, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, बैरिकेडिंग और यातायात प्रबंधन की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे केवल सुरक्षित गहराई तक ही जल में प्रवेश करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन सभी सुरक्षा इंतजाम कर रहा है, लेकिन सतर्कता और संयम जरूरी है। उन्होंने लोगों से प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में संगठित अपराध के खिलाफ हेमंत सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। बीते 10 महीने में राज्य के अलग-अलग जिलों में पुलिस और अपराधियों के बीच 11 मुठभेड़ (एनकाउंटर) की घटनाएं हुई है।
इन कार्रवाइयों में पुलिस की गोली लगने से पांच बड़े और कुख्यात अपराधी मारे गए हैं। जबकि सात अन्य घायल हुए हैं। मारे जाने वालों में अमन साहू, उत्तम यादव और राहुल तूरी जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
आंकड़ों पर गौर करें तो अकेले रांची पुलिस ने सर्वाधिक छह मुठभेड़ों को अंजाम दिया है। झारखंड के नौ जिलों रांची, हजारीबाग, पलामू, रामगढ़, चतरा, लातेहार, गढ़वा, धनबाद और जमशेदपुर में 10 प्रमुख आपराधिक गिरोह सक्रिय हैं, जिनमें कुल 633 अपराधी शामिल हैं।
संगठित अपराध राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। हालांकि, झारखंड एटीएस (एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड) की हाल के महीनों में की गई ठोस और नियोजित कार्रवाइयों से संगठित अपराध की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी देखने को मिली है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार द्वारा घोषित छुट्टियों के चलते अगले सात दिनों में सरकारी कार्यालयों में व्यापक बंद रहेगी। 22 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा, 23 अक्टूबर को भैया दूज व चित्रगुप्त पूजा की छुट्टियां घोषित हैं। इसी तरह, 25 व 26 अक्टूबर को शनिवार-रविवार की वजह से कार्यालय बंद रहेंगे।
मुख्य सचिवालय और संलग्न कार्यालयों में केवल 24 अक्टूबर को ही कामकाज होगा। इसके बाद 27 व 28 अक्टूबर को छठ पर्व के अर्ध्य के कारण छुट्टी रहेगी। एनआई एक्ट के तहत इन दोनों दिनों में राष्ट्रीय स्तर पर भी बंदी रहेगी, जिससे राज्य में केंद्रीय कार्यालय और सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठान भी बंद रहेंगे।
इस कारण सात दिनों तक झारखंड में सरकारी कार्यालयों में व्यापक बंदी का माहौल रहेगा, जिससे नागरिकों को अपने जरूरी कार्य पहले से ही निपटाने की सलाह दी जा रही है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में नगर निकाय चुनाव के लिए आरक्षण तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। जानकारी के अनुसार, रांची और आदित्यपुर नगर निगम में मेयर का पद अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित रहेगा।
वहीं गिरिडीह में मेयर की सीट अनुसूचित जाति (एससी) को और हजारीबाग में पिछड़ी जाति (ओबीसी) को मिलेगी। बाकी के 5 नगर निगम- देवघर, धनबाद, चास, मेदिनीनगर और मानगो- अनारक्षित रहेंगे। राज्य सरकार ने हाल ही में नगरपालिका निर्वाचन नियमावली में संशोधन किया है, जिसके बाद नगर विकास विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य में आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती, इसलिए 9 में से 4 मेयर पदों को ही आरक्षित रखा गया है।
क वर्ग से एक नगर निगम (रांची) आरक्षित किया गया है, जबकि ख वर्ग से तीन निगम आदित्यपुर, गिरिडीह और हजारीबाग को आरक्षण की श्रेणी में रखा गया है। वहीं, जिन वार्डों में किसी वर्ग की आबादी 1% से कम है, वहां उस वर्ग के लिए आरक्षण नहीं होगा।
टीम एबीएन रांची। रांची में दिवाली को लेकर एक तरफ जहां पुलिस की तरफ से विशेष सतर्कता बरती जा रही है, वहीं दूसरी तरफ झारखंड फायर ब्रिगेड टीम भी पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। धनतेरस से लेकर दिवाली तक रांची के सभी थानेदारों को छोटे-बड़े प्रतिष्ठानों के बंद होने तक निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
दिवाली के समय किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए शहर के पांच प्रमुख स्थानों में पुलिस की क्यूआरटी भी प्रतिनियुक्त की गई है। क्यूआरटी अल्बर्ट एक्का चौक, पिस्का मोड़, बिरसा चौक, चांदनी चौक और कांके रोड में तैनात रहेगी।
दिवाली को लेकर झारखंड फायर ब्रिगेड की टीम भी अलर्ट है। फायर सेफ्टी के सभी इंतजामों के साथ फायरमैन पूरी तरह से दीपावली को लेकर तैयार हैं। रांची के सभी फायर स्टेशनों में इस बार फोम वाले अग्निशमन वाहन भी उपलब्ध कराए गए हैं। सुरक्षा का वादा देने के साथ-साथ अग्निशमन विभाग की तरफ से हेल्पलाइन नंबर और कुछ गाइडलाइंस भी जारी किए गए हैं, ताकि लोगों की दीपावली सुरक्षित बीते।
अग्निशमन विभाग की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार रांची के सभी चार फायर स्टेशन डोरंडा, आड्रे हाउस, धुर्वा और पिस्का मोड़ को अलर्ट कर दिया गया है। चारों फायर स्टेशन पर चार-चार दमकल के वाहन, चार छोटे दमकल के वाहन और फोम युक्त फोम टेंडर की तैनाती की गई है।
शहर के प्रमुख चौक-चौराहे और पटाखा दुकानों को केंद्रित करते हुए दमकल वाहनों के अलावा हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म भी तैयार रखा गया है। राजधानी के चार फायर स्टेशनों के अलावा कुल 12 स्थानों पर दमकल वाहन भेजे गए हैं। आपात स्थिति में आग बुझाने के लिए फोम और अन्य संसाधनों का भी इंतजाम फायर बिग्रेड की ओर से किया गया है।
फायर सेफ्टी के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी की गई है। अगर कोई व्यक्ति हेल्पलाइन नंबर भूल जाता है तो वह आग लगने की स्थिति में डायल 112 पर सूचना दे सकता है। इसके अलावा डोरंडा फायर स्टेशन 9304953404, पिस्का मोड़ फायर स्टेशन 9304953405, आड्रे हाउस फायर स्टेशन 9304953406 और धुर्वा फायर स्टेशन 9304953407 के इन नंबरों पर भी सहायता ले सकते हैं।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड के पहले टाइगर सफारी प्रोजेक्ट का प्रेजेंटेशन देखा। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को लातेहार जिले के पुटूवागढ़ क्षेत्र में प्रस्तावित इस परियोजना की विस्तृत जानकारी दी। यह टाइगर सफारी पलामू टाइगर रिजर्व के बाहर बेतला नेशनल पार्क के नजदीक विकसित की जायेगी।
अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के लिए भूमि चिन्हित की जा चुकी है। टाइगर सफारी बनने से डाल्टनगंज, बरवाडीह और मंडल डैम क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीणों को आजीविका के नये अवसर मिलेंगे। यह परियोजना नेतरहाट-बेतला-केचकी से मंडल डैम तक फैले इको-टूरिज्म सर्किट को और सशक्त बनायेगी।
मुख्यमंत्री को बताया गया कि टाइगर सफारी प्रोजेक्ट का निर्माण सभी पर्यावरणीय और वन्यजीव संरक्षण मानकों का पालन करते हुए किया जायेगा। इस पहल से झारखंड में पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और पर्यटकों को बाघों व अन्य वन्यजीवों को नजदीक से देखने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने परियोजना से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से न केवल राज्य के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय समुदाय को रोजगार और आर्थिक मजबूती भी मिलेगी।
मौके पर मंत्री सुदिव्य कुमार, विधायक कल्पना सोरेन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वाइल्डलाइफ परितोष उपाध्याय, पलामू टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर एसआर नाटेश, उप निदेशक प्रजेश जेना, कंसल्टेंट अशफाक अहमद और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों को निलंबन मुक्त किया है। इस संबंध में कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने संकल्प जारी किया है
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