एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। यानिक सिनर के शानदार प्रदर्शन की बदौलत इटली ने फाइनल मुकाबले में आस्ट्रेलिया को हराकर 47 साल बाद डेविस कप 2023 का खिताब जीत लिया। स्पेन के मलागा में रविवार को टेनिस में दुनिया की चौथी वरीयता प्राप्त सिनर ने एलेक्स डि मिनोर को फाइनल के दूसरे एकल मुकाबले में 6-3, 6-0 से हराकर इटली की 2-0 से जीत सुनिश्चत की। मातियो अर्नाल्डी ने पहले एकल मुकाबले में एलेक्सेई पोपिरिन को 7-5, 2-6, 6-4 से हराकर इटली को 1-0 की बढ़त दिलायी थी।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय टी-20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा कि सभी खिलाड़ियों के अच्छा खेलने से कप्तान के रूप में मेरे ऊपर दबाव नहीं बनने दे रहे हैं।सूर्यकुमार यादव ने कल टी-20 श्रृंखला का दूसरा मुकाबला जीतने के बाद कहा- सभी खिलाड़ी काफी अच्छा कर रहे हैं। साथ ही वह मेरे ऊपर एक कप्तान के तौर पर ज्यादा दबाव नहीं बनने दे रहे हैं। मैंने पहले ही अपने खिलाड़ियों से कह दिया था कि पहले बल्लेबाजी करने के लिए तैयार रहें और उसी हिसाब से तैयार करें। पिछले मैच में भी हमने रिंकू सिंह को देखा था और इस मैच में भी उन्होंने काफी अच्छा खेला।
एक बार फिर झारखंड के खिलाड़ियों ने लहराया तिरंगा, स्वर्ण पदक के साथ स्वदेश वापसी भूटान में आयोजित भारत-भूटान पैरा थ्रो बॉल प्रतियोगिता में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में भारत ने जीता स्वर्ण पदक एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भूटान के थिंफू (भूटान) में आयोजित पारा थ्रो बॉल प्रतियोगिता में भारत ने भूटान को 25-15, 23-25 , 25-19 से हराया। वहीं महिला वर्ग ने 25-18, 25-20, 25-23 तीनों सेट से भूटान को पराजित किया। ज्ञात हो कि प्रतियोगिता में झारखंड के पुरुष दल में कप्तान मुकेश कंचन सहित सनोज महतो शामिल थे। इसी प्रकार महिला वर्ग में महिमा उरांव और असुंता टोपो भारतीय टीम में शामिल थी। कप्तान के बेहतरीन प्रदर्शन से भारतीय टीम विजय हुई। सनोज महतो का भी शानदार प्रदर्शन रहा। मुकेश कंचन रांची के कोकर निवासी मुकेश कंचन, पिता मुन्ना प्रसाद सिन्हा के लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय दल (पुरुष वर्ग) का कप्तान बनाया गया था। मुकेश ने एक बार फिर से मेडल दिला कर अपने आप को साबित किया है। मुकेश कंचन इससे पहले भी टीम का हिस्सा रहते हुए गोल्ड मेडल प्राप्त किया है, जिसमें फरवरी माह में आयोजित भारत नेपाल एवं जून में मलेशिया में आयोजित प्रतियोगिता में गोल्ड प्राप्त किया है। मुकेश किसी परिचय का मोहताज नहीं है। यह खुद में परिचय है और यह न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी है। बल्कि यह बहुत सारे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी को तैयार किया है और भारतीय टीम को दिया है। उसी में से तीन खिलाड़ी जो भूटान गये थे। खेलने के लिए वह इन्हीं की देन है। तीनों ही खिलाड़ियों को मुकेश ने खुद ही तैयार किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच कर उन्हें गोल्ड मेडल का रास्ता प्रशस्त किया है। मुकेश कंचन बताते हैं कि झारखंड राज्य में ऐसे सैकड़ो प्रतिभा है किंतु थोड़ी सी सुविधा होने के कारण खिलाड़ी सामने नहीं निकल पा रहे हैं। परंतु सरकार जिस प्रकार से अब दिव्यांग खिलाड़ियों के समर्थन और सहायता से जुड़ी है। निश्चित तौर पर आने वाले कल में और भी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकाल कर सामने आयेंगे। मुकेश ने इन सभी खिलाड़ियों को एक साधारण मैदान सर उठाकर आज अंतरराष्ट्रीय फलक तक पहुंचने में अपनी भूमिका अदा की है। मुकेश मानते हैं कि वह एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी है वह उनकी बहुत बड़ी सफलता नहीं है। बल्कि आज वह खुद खेलते हुए कई खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया है उसे वह बड़ा मानते हैं। सनोज महतो पहले भी इनके बारे में बताया गया है। फिर से एक बार इनके बारे में बताते हैं कि किस तरह से इनका सफर रहा है। ये रांची जिला के कांके ब्लॉक स्थित पंचायत हूंदुर ग्राम चारी निवासी सनोज महतो पिता राजेंद्र महतो का चयन अंतरराष्ट्रीय थ्रो बॉल चैंपियनशिप भूटान के लिए हुआ है। यह दोनों ही पैरों से दिव्यांग है और हाथ के सहारे चलते हैं, इसी अवस्था में ही उनकी पढ़ाई की शुरूआत अपने गांव के बगल प्राथमिक विद्यालय हुजीर में पांचवी तक हुई। इसके बाद आगे की पढ़ाई संत मदर टेरेसा उच्च विद्यालय नेवरी विकास कांके से हुई और रांची कॉलेज रांची से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की। कहा जाता है कि सनोज महतो जी अपने हाथो के बल पर दो से तीन किलोमीटर पैदल चल कर अपनी पढ़ाई को किए है। अभी सनोज महतो कांके प्रखंड के हूंदुर पंचायत में कृषक मित्र के पद पर कार्यरत है। सनोज महतो ने बताया कि उनकी खेल में रुचि बचपन से ही था। उन्होंने बॉलीबोल एवं थ्रो बोल जैसे खेल की प्रारंभिक शिक्षा ले रखी है। प्रारंभिक दिनों में शारीरिक रूप से दिव्यंता के कारण काफी समाजिक दंश झेलना पड़ा। लेकिन भी कई लोगों की बातों को नकारकर वह आगे बढ़ते चले गए और दोबारा पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा अभी की स्थिति यह है कि सनोज जी राष्ट्रीय स्तर के खेलों में अच्छा प्रदर्शन किया तो उन्हें अप्रैल 2023 में आयोजित भारत नेपाल अंतरराष्ट्रीय बॉलीबॉल खेलने नेपाल गये, वहां कांस्य मेडल प्राप्त किये। जून 2023 में अंतरराष्ट्रीय थ्रो बॉल चैंपियनशिप खेलने के लिए मलेशिया गये। वहां बहुत ही शानदार प्रदर्शन करते हुए वे स्वर्ण पदक प्राप्त किये। इसके देखते हुए थ्रो बॉल एसोसिएशन आॅफ इंडिया ने सनोज महतो को भूटान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पारा थ्रो बॉल चैंपियनशिप के लिए चयन किया। भूटान में भी आयोजित अंतरराष्ट्रीय थ्रो बॉल प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन कर अपने देश को स्वर्ण पदक दिलाये। सनोज महतो को इस मुकाम तक पहुंचने में उनके माता-पिता, तीनों बहनों एवं दोस्तों काफी सहयोग रहा है। और कोच मुकेश कंचन जी से 2018 में मुलाकात हुआ और उन्होंने ही इस खेल के विषय में बताया और 2018 से मुकेश कंचन के नेतृत्व में प्रैक्टिस करते हैं और उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन रहा है। महिमा उरांवमहिमा उरांव पिता सेमोन उरांव माता सुशांती उरांव गांव सौदाग बगीचा टोला जिला रांची झारखंड के रहने वाली है मेरा चार भाई एवं हम दो बहने हैं जिसमें मैं भाई बहनों में सबसे बड़ी हूं मेरा दायां पैर पोलियोग्रस्त है। मैं डोरंडा कॉलेज रांची से एमए की पढ़ाई कर रही हूं पिता की नौकरी नहीं है। मां एक गृहणी है। मैं पढ़ाई पूरी करने के लिए एवं घर चलाने के लिए सिलाई का काम कर रही हूं। 2018 में मैं पैरा ओलंपिक एसोसिएशन आफ झारखंड द्वारा चयन हुआ वॉलीबॉल में ब्रांच आथर बोल में सिल्वर मेडल जीते। बचपन से ही खेल दिलचस्पी थी गांव एवं स्कूल में भी खेल में लेती थी परंतु कुछ दिनों तक ही खेला। लेकिन 2018 में पर झारखंड पैरालंपिक संगठन के व्यवस्थापक मुकेश कंचन से मुलाकात हुई और खेलने की तमन्ना जाग उठी इस तरह प्रत्येक सप्ताह मोराबादी स्टेडियम में वालीबाल एवं थ्रो बॉल का अभ्यास प्रारंभ हुआ मैं गांव से ही होने के कारण अभ्यास के लिए 5 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है फिर मुझे दो-तीन आटो बदलकर मोराबादी स्टेडियम जाना पड़ता है। अभ्यास एवं संघर्ष रंग लाया एवं राष्ट्रीय खेल में चुनी गई इस तरह अभ्यास एवं संघर्ष के बारात आगे बढ़ते हुए 2023 फरवरी में मुकेश कंचन कर के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका मिला एवं थ्रो बॉल में गोल्ड मेडल जीता। भूटान में इनका भी बेहतर प्रदर्शन रहा। असुंता टोप्पोगुमला के चैनपुर छतरपुर के निवासी दिव्यांग आशूंटा तोपों के माता-पिता की मृत्यु बचपन में ही हो गई थी। थोड़ी बहुत पुस्तैनी जमीन की आमदनी और दिव्यांग पेंशन से अपना गुजारा करने वाली असुंता ने संघर्ष कर के पढ़ाई पूरी की पर पैसे की कमी के कारण पढ़ाई करने का सपना अधूरा ही रह गया खेल के प्रति जुनून और मेहनत से भारत के थ्रो बोल और वॉलीबॉल टीम में अपनी जगह बनायी। फरवरी में नेपाल में आयोजित थ्रो बॉल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत को जीत हासिल कराया और गोल्ड मेडल दिलाया और जब दूसरी बार मलेशिया में थ्रो बॉल का आयोजन हुआ वहां भी प्रतियोगिता में भाग लिए और पदक हासिल किया इस बार भूटान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पैरा थ्रो बॉल में उनकी जगह सुनिश्चित हुई थी। प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन से भारतिय टीम विजय रहा। पैरालंपिक एसोसिएशन आफ झारखंड के अध्यक्ष राहुल मेहता, सचिव सरिता सिन्हा, पारा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल अग्रवाल, सृजन हेल्प के सचिव गुंजन गुप्ता, समाजसेवी कमलेश राम, पतरस तिर्की एवं कई सामाजिक संगठनों ने इस जीत के लिए मुकेश कंचन, सनोज महतो, महिमा उरांव असुंता टोपो को बधाई और शुभकामनाएं दी। झारखंड के खिलाड़ीगण 28 नवम्बर को रांची स्टेशन सुबह 8 बजे पहुंचेगे।
टीम एबीएन, रांची। रॉयल चेंजलर्स, देवघर प्रीडेटर और कंप्यूटर सुपर किंग्स ने अपने लीग मैच जीते हैं मैच-1, चैलेंजर्स बनाम ब्लास्टर्स, टॉस-चैलेंजर्स जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण करने का फैसला किया है।स्कोर कार्ड- ब्लास्टर 12 ओवर में 81/8, मनोज-24 रन और राणा 17 रन बनाकर आउट हुए। चैलेंजर्स के लिए एन.के.सिंह ने 2 विकेट लिये। जवाब में 11.1 ओवर में रॉयल चैलेंजर्स का स्कोर -82/3 है। चंचल ने 28 रन और आकाश -25 रन बनाये प्लेयर ऑफ द मैच चंचल हैं।मैच 2- मैकेनिकल बनाम देवघर प्रीडेटर्सटॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरीटीममेकेनिकल ऑल आउट हुए और 10.2 ओवर में सिर्फ 45 रन बनाए।देवघर के लिए रामकिशोर और मनोज ने दो-दो विकेट लिए। जवाब में देवघर ने 7.1 ओवर में 46 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द मैच रामकिशोर रहे।मैच 3-कंप्यूटर सुपर किंग्स बनाम रॉयल एडमिन टॉस - किंग्स और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। सुपर किंग्स ने 12 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर 115 रन बनाए। श्रीधर -35 रजनीश-26 रन। दुर्गा-27 और जितेंदर-17 रन बनाकर नाबाद रहे।जवाब में एडमिन ने 12 ओवर में 7 विकेट खोकर 77 रन बनाए। नंदलाल ने 32 रन बनाए। किंग्स की ओर से जितेंदर ने दो विकेट लिए। श्रीधर को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया
इमाद वसीम ने लिया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यासएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। पाकिस्तान के आलराउंडर इमाद वसीम ने तत्काल प्रभाव से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। इमाद ने सोशल मीडिया के जरिए अपने संन्यास की घोषणा की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि हाल के दिनों में मैं अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के बारे में काफी सोच-विचार करते हुए इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा करने का सही समय है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक उनका समर्थन करने वाले पीसीबी को धन्यवाद...। पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करना वास्तव में सम्मान की बात है।
इशान किशन का दावा... विश्वकप के दौरान किया गया अभ्यास काम आया एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। आस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 मुकाबले में कप्तान सूर्य कुमार यादव के साथ शतकीय साझीदारी निभाने वाले इशान किशन ने कहा कि विश्वकप के दौरान नेट पर कड़े अभ्यास का नतीजा है कि वह अपने बल्लेबाजी को निखार सके, जो आखिरकार कड़े प्रतिद्वंदी के खिलाफ जीत में मददगार साबित हुआ। भारत ने गुरुवार को आस्ट्रेलिया को पांच मैचों की टी20 श्रखंला के पहले मैच में दो विकेट से हरा दिया था। मैच के बाद आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में इशान ने कहा- यह सच है कि मुझे शुरुआती मैचों के बाद विश्व कप में अंतिम एकादश में खेलने का मौका नहीं मिला। मगर इस दौरान मैंने नेट में कड़ा अभ्यास किया और बल्लेबाजी में की जा रही गलतियों में सुधार किया। इसका नतीजा है कि आज मैं अपने कप्तान के साथ बड़ी साझीदारी बनाने में सफल रहा। आस्ट्रेलियाई स्पिनर तनवीर संघा की पिटाई के बारे में पूछे गये सवाल पर उन्होने कहा कि लेग स्पिनर के खिलाफ बायें हाथ का बल्लेबाज होने के नाते मैं अच्छी स्थिति में था।मैंने सोच लिया था कि मैं संघा के खिलाफ बड़े शॉट खेलूंगा, फिर वह चाहे जहां भी गेंदबाजी करे। इसका मकसद हमें तेज गति से स्कोरबोर्ड को चलाना था। हम पुछल्ले बल्लेबाजों के लिए बड़ा लक्ष्य छोड़ने के बारे में कतई नहीं सोच रहे थे। हमें खुद पर भरोसा था जो हमने किया।विकेटकीपर बल्लेबाज ने मात्र 39 गेंदों में 58 रन बनाये थे। उन्होंने सूर्यकुमार (80) के साथ मिल कर शतकीय साझीदारी निभायी, जिसकी बदौलत भारत ने 209 रन के लक्ष्य को रोमांचक मुकाबले में हासिल कर श्रृंखला को 1-0 कर दिया। इशान ने स्वीकार किया कि आस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबला हमेशा से तनाव भरा होता है मगर कल का दिन हमारा था जिसमें हम सफल भी हुए हैं।
30 करोड़ प्रशंसकों ने टीवी पर देखा था विश्व कप का फाइनलएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम विश्व कप के फाइनल में आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ हार गयी थी। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 19 नवंबर को खेले गये मुकाबले में कंगारू टीम ने उसे छह विकेट से हरा दिया था। इस हार के बाद भारतीय टीम का तीसरी बार विश्व कप जीतने का सपना टूट गया। बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने बताया कि इस मुकाबले को टीवी पर 30 करोड़ लोगों ने देखा। यह भारतीय टेलीविजन इतिहास में किसी भी तरह का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला कार्यक्रम बन गया। भारतीय टीम विश्व कप के फाइनल में लगातार 10 मैच जीतकर पहुंची थी। वह ट्रॉफी उठाने की प्रबल दावेदार थी, लेकिन टीम अंतिम बाधा को पार नहीं कर सकी। आॅस्ट्रेलिया ने छठी बार विश्व कप जीत लिया। वह 1987, 1999, 2003, 2007 और 2015 में भी चैंपियन बना था।
गुजरात जाएंट्स को मिली तीन रनों से रोमांचक जीतटीम एबीएन, रांची। लेंडल सिमंस की 99 सहासिक पारी के बावजूद भी गुजरात जाएंट्स ने जेएससीए क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे लीजेंड्स लीग क्रिकेट (एलएलसी) के चौथे मैच में भीलवाड़ा किंग्स पर तीन रनों की रोमांचक जीत दर्ज की। पहली पारी में क्रिस गेल के ताबड़तोड़ अर्धशतक की जवाबी कार्यवाही में उन्हीं के पूर्व कैरिबियाई टीममेट लेंडल सिमंस ने भी तूफानी पारी खेली जोकि अंत में नाकाम साबित हुई। लीग में गुजरात जाएंट्स की यह दूसरी जीत है। इससे पूर्व भीलवाड़ा किंग्स ने टॉस जीत कर पहले फील्डिंग का फैसला किया । 33 के स्कोर पर चौथे ओवर में जैक कालिस (14) रनो की रफ्तार बढ़ाने की एवज में राहुल शर्मा द्वारा रन आउट हुये । आठवें ओवर तक 91 रन बना चुकी टीम को दूसरा झटका क्रिस गेल (27 गेंदों पर 52) के आउट होने पर मिला जो कि राहुल शर्मा द्वारा एलबीडब्ल्यू आउट हुये। अगले ही ओवर में जेसल करिया ने रिचर्ड लेवी को आउट कर गुजरात जाएंट्स को बैकफुट पर धकेल दिया जिससे स्कोर 97/3 हुआ। 119 के टीम स्कोर पर आईरिश बल्लेबाज केविन ओ ब्रायन (11) इस बार भी बडा स्कोर बनाने में नाकाम रहे जब शर्मा ने उन्हें अपना शिकार बनाया। इसके बाद पार्थिव पटेल (8) के आउट होने के साथ ही आधी टीम 121 रनों पर पॅव्हिलियन लौट चुकी थी। अभिषेक झुनझुनवाला और नाबाद चिराग खुराना की 29 रनों की साझेदारी ने टीम का स्कोर 150 तक लगाया। अभिषेक ने 24 रन बनाये। नाबाद चिराग खुराना (24) और रजत भाटिया (7) के साथ गुजरात जाएंट्स ने निर्धारित बीस ओवर्स में 172/6 रन बनाये। जेसल करिया (2/16) और राहुल शर्मा (2/25) ने दो दो विकेट लिये। लक्ष्य का पीछा करते हुये भीलवाड़ा किंग्स के दोनो सलामी बल्लेबाज - सोलोमन मायेर (8) और तिलकरत्ने दिलशान (1), रायद इमरिट की भेंट चड़े जिससे स्कोर 14/2 हुआ। दोनों नये बल्लेबाज - लेंडल सिमंस और रोबिन बिस्ट ने दूसरे विकेट के लिये 45 रनों की साझेदारी करते हुये नुकसान की भरपाई की। आठवें ओवर में सर्बजीत लड्डा ने जाऐंट्स को तीसरी सफलता रोबिन बिष्ट (18) के रुप में दिलाई जिससे स्कोर 59/3 हुआ। इसी बीच सिमंस ने 34 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया परन्तु दूसरे छोर पर विकेटकीपर बल्लेबाज पिनल शाह (16) सेट बल्लेबाज का साथ ज्यादा साथ नहीं निभा पाये और स्कोर 93/4 हुआ। अगले ही ओवर में अपने फार्म से जूझ रहे युसुफ पठान (5) इस बार भी निराश लौटे जिन्हें श्रीसंथ ने अपना शिकार बनाया। इस विकेट के गिरने से आधी टीम 110 रनों पर ढेर हो चुकी थी। पिछले मैच के हीरो रहे टीम के कप्तान ईरफान पठान (9) इस बार अपने बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं कर सके और भाटिया द्वारा बोल्ड हुये और 140/6 पर टीम संघर्ष करती नजर आई। अगले ही ओवर में ईश्वर चौधरी ने क्रिस बर्नवाल (1) का विकेट लेकर मैच लगभग अपने पाले में कर लिया। परन्तु सिमंस और जेसल करिया की 28 रनों की साझेदारी खेल को मैच के अंतिम गेंद तक ले गयी।अंतिम ओवर में जीत के लिये चाहिये 14 रनों को गेंदबाज श्रीसंथ ने बखूबी डिफेंड किया और भीलवाड़ा किंग्स 167/7 रन ही जुटा पायी। नाबाद सिमंस ने 61 गेंदों पर 12 चौके और तीन छक्के जड़कर अपने शतक से मात्र एक रन चूके जबकि जेसल ने 10 रन जोड़े। रायद इमरिट (2/30) और ईश्वर चौधरी (2/32) ने दो दो विकेट चटकाये।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। हॉकी झारखंड के अध्यक्ष का कार्यभार भोलानाथ सिंह के संभालने के बाद झारखंड वॉलीबॉल संघ के शेखर बोस पहली बार हॉकी झारखंड के कार्यालय पहुंचे। हॉकी झारखंड के कार्यालय पहुंचने पर अध्यक्ष श्री सिंह ने आज उन्हें एशियन चैंपियनशिप ट्रॉफी का शुभंकर जूही और स्टिक देकर सम्मानित किया। उनके साथ ही झारखंड एथलेटिक्स संघ के सचिव सीडी सिंह, एसके पांडे राजेंद्र सिंह, ओलंपियन हरभजन सिंह सहित कई खेल प्रशासक भी हॉकी झारखंड के कार्यालय पहुंचे थे। सभी खेल प्रशासकों को हॉकी झारखंड के अध्यक्ष भोलानाथ सिंह ने एशियाई चैंपियनशिप ट्रॉफी के शुभंकर जूही और हॉकी स्टिक भेंट कर स्वागत किया।
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