अंडर-17 बालिका फुटबॉल टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में पहुंची झारखंड की टीम, CM हेमंत ने दी बधाईटीम एबीएन, रांची। नई दिल्ली में 63वीं राष्ट्रीय सुब्रतो कप अंडर-17 बालिका वर्ग फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए झारखंड बालिका टीम ने क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। उनकी इस जीत पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूरी टीम की सराहना करते हुए बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि इन युवा खिलाड़ियों ने न केवल अपने प्रदर्शन से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया है, बल्कि भारतीय महिला फुटबॉल के भविष्य के लिए भी एक उज्ज्वल संकेत दिया है। इन बेटियों के इस उत्कृष्ट प्रदर्शन से पूरा राज्य गर्व महसूस कर रहा है। गौरतलब है कि बीते गुरुवार के मुकाबले में झारखंड की बेटियों ने अरुणाचल प्रदेश को 13-0 से हरा दिया। झारखंड की ओर से चांदनी कुमारी ने सबसे ज्यादा चार गोल किए। चांदनी के अलावा बबीता ने दो गोल और ललिता, नैना, क्रांति, पूजा संगीता, पुनिता और उर्वशी ने एक -एक गोल किया। इससे पहले उन्होंने पहले मुकाबले में नई दिल्ली को 7-0 से और दूसरे मुकाबले में गुजरात को 3-0 से हराया था।
भारत ने स्पेन को हराकर जीता कांस्य पदक, 2-1 से अपने नाम किया मुकाबलाएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने स्पेन को 2-1 से हराकर कांस्य पदक जीता। भारत के लिए कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल किये और भारत को स्पेन के खिलाफ बढ़त दिलायी, जो अंत में निर्णायक साबित हुई। भारत ने टोक्यो ओलंपिक में भी कांस्य पदक जीता था और अब लगातार दूसरी बार टीम पोडियम फिनिश करने में सफल रही है।भारत के अनुभवी गोलकीपर पीआर श्रीजेश का यह आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला था और टीम ने इस दिग्गज खिलाड़ी को शानदार विदाई दी है। भारत की दीवार कहे जाने वाले श्रीजेश टोक्यो और पेरिस ओलंपिक में पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा हैं। भारत ने इस तरह ओलंपिक में हॉकी स्पर्धा में अपना 13वां पदक जीता। भारत और स्पेन के बीच पहला क्वार्टर गोल रहित बराबरी पर रहा था। इसके बाद दूसरे क्वार्टर में स्पेन ने गोल कर बढ़त हासिल कर ली थी। हालांकि, दूसरा क्वार्टर खत्म होने से कुछ समय पहले ही हरमनप्रीत सिंह गोल कर भारत को बराबरी दिलायी। दोनों टीमों के बीच हॉफ टाइम तक मुकाबला 2-2 की बराबरी पर चल रहा था। इसके बाद तीसरे क्वार्टर में हरमनप्रीत सिंह ने भारत को बढ़त दिलायी। चौथे क्वार्टर में दोनों टीमों ने गोल करने की काफी कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। हरमनप्रीत ने जहां भारत को बढ़त दिलायी। वहीं श्रीजेश ने गोल पोस्ट पर शानदार बचाव कर स्पेन को बराबरी करने से रोके रखा। 1968 और 1972 के बाद यह पहली बार है जब भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने लगातार दो ओलंपिक में पदक अपने नाम किया है। इस शानदार प्रदर्शन के बाद पीआर श्रीजेश ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी को अलविदा कह दिया है।
पहलवान विनेश फोगाट ने संन्यास का एलान किया; कहा- मां, मेरी हिम्मत टूट गयी...एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। सबको चौंकाते हुए पहलवान विनेश फोगाट ने संन्यास का एलान कर दिया। उन्होंने समर्थन करने के लिए सबका आभार प्रकट करते हुए कहा कि वे सबकी ऋणी रहेंगी। उन्होंने भावुक सोशल मीडिया पोस्ट में मां को याद करते हुए लिखा कि उनकी हिम्मत टूट चुकी है। इससे पहले पहलवान विनेश ने खेल पंचाट में अपील करते हुए ओलंपिक का रजत पदक संयुक्त रूप से देने की अपील की थी। उनकी अपील पर आज फैसला आने की उम्मीद है। हालांकि, इस फैसले से पहले ही विनेश फोगाट ने संन्यास का एलान करते हुए अपने करोड़ों प्रशंसकों को चौंका दिया।
पहले ही प्रयास में किया क्वालीफाई एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी और टोक्यो ओलंपिक खेलों 2020 में गोल्ड जीतने वाले नीरज चोपड़ा फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया है। उन्होंने पहले ही प्रयास में 89.34 के थ्रो के साथ फाइनल में प्रवेश किया। चोपड़ा ने का सर्वोच्च थ्रो में 89.34 मीटर का है। यह थ्रो उन्होंने 2022 में तुर्की के इस्तांबुल में आयोजित स्पीड मीट इवेंट के दौरान स्थापित किया गया था। भारत के अन्य भाला फेंक खिलाड़ी किशोर जेना स्वत: क्वालीफिकेशन हासिल करने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने 80.21 मीटर के साथ समापन किया। इस पूर्व उन्होंने पहले प्रयास में 80.73 का थ्रो फेंका था और दूसरे में फाउल किया। भाला फेंक मुकाबाला दो ग्रुप चरणों और खिताब के लिए होता है। ग्रुप चरण में 84 मीटर का थ्रो भी क्वालीफाई करने के लिए मान्य होता है, जबकि टॉप 12 खिलाड़ी फाइनल के लिए क्वालीफाई करते हैं।
विनेश फोगाट ने यूक्रेन की ओसाना लिवाच को हराकर सेमीफाइनल में बनायी जगहएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय पहलवान विनेश फोगाट ने पेरिस ओलंपिक के महिला 50 किग्रा कुश्ती के क्वार्टर फाइनल मैच में यूक्रेन की ओसाना लिवाच को हराकर अंतिम चार में जगह पक्की की। शुरुआती दौर में शीर्ष वरीयता प्राप्त जापान की युई सुसाकी को 3-2 हराकर बड़ा उलटफेर करने वाली विनेश ने आठवीं वरीयता प्राप्त पहलवान को 7-5 से शिकस्त दी। उनका सेमीफाइनल मुकाबला आज रात को खेला जायेगा, जिसमें उनके सामने क्यूबा की युस्नेलिस गुजमैन लोपेज की चुनौती होगी। ओसाना के खिलाफ पहले पीरियड में 2-0 की बढ़त बनाने के बाद विनेश ने दूसरे पीरियड की शुरूआत में अपनी बढ़त 4-0 की कर ली। ओसाना ने भी अंक हासिल कर मैच में वापसी करने की कोशिश की और उन्होंने विनेश की बढ़त को दो अंकों (5-3) तक सीमित कर दिया। विनेश पर इस समय थकान हावी हो रही थी और उन्होंने अपने कोच से चैलेंज लेने के लिए कहा। वीडियो रेफरी ने देखने के बाद इसे खारिज कर दिया और विनेश को एक और अंक का खामियाजा भुगतना पड़ा। उन्हें हालांकि इस दौरान खुद को तरोताजा करने के लिए कुछ सेकेंड मिल गये। विनेश ने यूक्रेन की पहलवान को बाहर धकेल कर दो अंक हासिल कर अपनी बढ़त को 7-4 कर लिया। ओसाना इसके बाद एक अंक हासिल करने में सफल रही लेकिन यह विनेश को रोकने के लिए काफी नहीं था। इससे पहले विनेश ने चार बार की विश्व चैम्पियन और तोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता सुसाकी को हारकर बड़ा इन खेलों का सबसे बड़े उलटफेर में से एक किया। जापान की पहलवान के लिए अंतरराष्ट्रीय कुश्ती में यह पहली हार है जिससे विनेश की यह सफलता और भी खास हो जाती है। विनेश के खिलाफ मुकाबले में आखरी कुछ सेकेंड से पहले सुसाकी पास 2-0 की बढ़त थी। अपना तीसरा ओलंपिक खेल रही विनेश ने अपने अनुभव का पूरा इस्तेमाल कर आखिरी पांच सेकेंड में जापान की चैम्पियन पहलवान को टेकडाउन कर दो अंक हासिल करने में सफल रही। जापान की टीम ने इसके खिलाफ अपील भी की लेकिन रेफरी ने वीडियो रीप्ले देखने के बाद उसे खारिज कर दिया जिससे विनेश को एक और अंक मिला और उन्होंने 3-2 से जीत हासिल कर ली। इस 29 साल की पहलवान ने पिछले साल भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृज भूषण सिंह शरण पर यौन दुर्व्यवहार का आरोप लगाने के बाद उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए काफी समय मैट से दूर बिताया था। विनेश पहली बार 50 किग्रा में चुनौती पेश कर रही है। इससे पहले वह 53 किग्रा में खेलती थी।
स्कीट मिश्रित में आ सकता है पदक, महेश्वरी-नरूका कांस्य के लिए खेलेंगेएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय निशानेबाजों महेश्वरी चौहान और अनंत जीत सिंह नरूका ने पेरिस ओलंपिक स्कीट मिश्रित टीम स्पर्धा के कांस्य पदक के मुकाबले के लिये क्वालीफाई कर लिया। भारतीय जोड़ी ने क्वालीफिकेशन में 146 स्कोर किया। अब कांस्य पदक के लिये उनका मुकाबला चीन से होगा। भारतीय जोड़ी क्वालीफिकेशन के पहले चरण के बाद 49 अंक लेकर संयुक्त दूसरे स्थान पर थी। पहले दौर में नरूका ने 25 में से 25 और महेश्वरी ने 24 अंक बनाए। दूसरे दौर में महेश्वरी ने 25 अंक बनाये लेकिन नरूका दूसरी और पांचवीं सीरिज में चूककर 23 अंक ही बना सके। तीसरे दौर में महेश्वरी ने 25 और नरूका ने 24 अंक बनाये।
ओलंपिक में मेडल की हैट्रिक से चूकीं मनु भाकरएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय शूटर मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक 2024 में अपना आखिरी मैच 25 मीटर पिस्टल इवेंट में खेला। इससे पहले उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में हिस्सा लिया था। इन दोनों इवेंट में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। मनु भाकर ने अपनी इस शानदार लय को 25 मीटर पिस्टल इवेंट में बरकरार नहीं रख सकी। इस इवेंट में वह चौथे स्थान पर रहीं। इस इवेंट में कुल 10 सीरीज के शॉट्स लगाये जाने थे। एक सीरीज में कुल पांच शॉट्स थे और तीन सीरीज के बाद एलिमिनेशन का दौर शुरू हुआ। सात सीरीज के बाद मनु दूसरे स्थान पर चल रही थीं, लेकिन इसके बाद उनके कुछ शॉट्स खराब रहे, जिसके चलते वह नीचे आ गयी और वापसी नहीं कर सकीं। उन्होंने 8 सीरीज में कुल 28 शॉट्स सही लगाये।
मनु भाकर ने 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल के लिए क्वालिफाई कियाएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत की स्टार शूटर मनु भाकर ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया है। वह क्वालिफिकेशन राउंड में दूसरे स्थान पर रहीं। उन्होंने प्रिसीजन राउंड में 294 और रैपिड राउंड में 296 का स्कोर बनाया। कुल स्कोर मनु का 590 का रहा और उन्होंने 24 एक्स लगाए। पहले स्थान पर हंगरी की मेजर वेरोनिका रहीं। उन्होंने प्रिसीजन राउंड में 294 और रैपिड राउंड में 298 का स्कोर बनाया। वेरोनिका का कुल स्कोर 592 का रहा और उन्होंने 27 एक्स यानी परफेक्ट 10 लगाये। मनु ने अपने लगातार तीसरे इवेंट के फाइनल के लिए क्वालिफाई किया है। इससे पहले वह महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा और सरबजोत सिंह के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा के फाइनल में पहुंची थीं। दोनों में उन्होंने कांस्य पदक जीता था। मनु के पास पदकों की हैट्रिक लगाने का मौका है। वह एक ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय भी हैं। मनु कल यानी शनिवार को 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा का फाइनल खेलेंगी। मनु प्रिसीजन राउंड के बाद तीसरे स्थान पर थीं। वहीं, इसी स्पर्धा में भारत की एक और शूटर ईशा सिंह 581 के स्कोर के साथ 18वें स्थान पर रहीं। उन्होंने प्रिसीजन राउंड में 291 का स्कोर बनाया, जबकि रैपिड राउंड में ईशा का स्कोर 290 रहा। मनु का फाइनल मुकाबला शनिवार को दोपहर एक बजे से खेला जायेगा।
मेडल जीत रच दिया इतिहासएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। ओलंपिक में भारत के एक और शूटर ने तिरंगा लहरा दिया है। 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस में शूटर स्वप्निल कुसाले ने कांस्य पदक जीता है। स्वप्निल कुसाले की ये जीत ऐतिहासिक है क्योंकि ये इस इवेंट में ओलंपिक पदक जीतने वाले वो पहले भारतीय हैं। 29 साल के कोल्हापुर के इस निशानेबाज का ये पहला ओलंपिक है। पहले ही ओलंपिक में इस खिलाड़ी ने मेडल अपने नाम कर लिया। ये खिलाड़ी 12 सालों से ओलंपिक में क्वालिफाई करने की कोशिश कर रहा था और जब पेरिस में उन्हें मौका मिला तो उन्होंने इतिहास ही रच दिया। स्वपिनल कुसाले ने 451.4 अंकों के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने वर्ल्ड नंबर 1 शूटर को हराकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। स्वपनिल कुसाले भारत के लिए ओलंपिक मेडल जीतने वाले महज 7वें शूटर हैं। पेरिस ओलंपिक में अबतक तीन शूटर्स ने भारत को मेडल दिलाया है। मनु भाकर ने 10 मीटर एयर पिस्टल इंजिविजुअल और मिक्सड इवेंट में कांस्य पदक जीता, उनके साथ सरबजोत ने भी मेडल जीता था। अब 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस में स्वपनिल ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है।
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