टीम एबीएन, रांची। डी ए वी गांधीनगर ने सी बी एस ई क्लस्टर तीन, जो डी पी एस गया में आयोजित किया गया, जिसमें बिहार और झारखंड के चालीस विद्यालय के 200 सौ से ज्यादा खिलाड़ियो ने भाग लिया। इसमें डी ए वी गांधीनगर ने बालक वर्ग में अंडर 14 और 17 में विजेता (गोल्ड मेडल) बनकर दोहरी सफलता पाई।सी बी एस ई नेशनल के लिए क्वालीफाई किया। इस प्रतियोगिता में सफलता प्राप्त करने हेतु विधालय के प्रभारी प्राचार्य एन आचार्या, मनोज कुमार, स्वाति शिप्रा, गोविंद झा, अमित दता, पुष्प झा, सन्त कुमार , ब्रजेश सिन्हा आदि ने बहुत बहुत बधाई दी।
भारत को चैंपियन बनाने वाले गुकेश ने किया पत्रकारों को संबोधितएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने हाल ही में संपन्न शतरंज ओलंपियाड को व्यक्तिगत स्पर्धा के रूप में लिया और नवंबर में होने वाली बहुप्रतीक्षित विश्व चैंपियनशिप से पहले अपने प्रदर्शन पर संतोष जताया। विश्व चैंपियनशिप के चैलेंजर 18 वर्षीय गुकेश की भारत की ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका रही जिससे पुरुष टीम ने टूर्नामेंट में पहली बार स्वर्ण पदक जीता। बुडापेस्ट से मंगलवार सुबह चेन्नई पहुंचे गुकेश ने हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से कहा, ओलंपियाड को मैंने व्यक्तिगत स्पर्धा के रूप में लिया। मैं सिर्फ इस विशिष्ट टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करना चाहता था। मैं अपने प्रदर्शन और टीम के प्रदर्शन से बहुत खुश हूं।गुकेश ने भारत के लिए शीर्ष बोर्ड पर शानदार प्रदर्शन किया और अपनी 10 बाजियों में नौ अंक हासिल किए। उन्होंने आठ बाजी जीती जबकि दो ड्रॉ रहीं। इस प्रदर्शन की बदौलत उन्होंने व्यक्तिगत स्वर्ण पदक भी जीता। उन्होंने कहा, परिणाम इस बात का सबूत है कि हम कई चीजें सही कर रहे थे और हम सही भावना के साथ खेल रहे थे। बुडापेस्ट में जो कुछ भी हुआ उससे मैं बेहद खुश हूं। अब गुकेश का ध्यान नवंबर-दिसंबर में गत चैंपियन चीन के ग्रैंडमास्टर डिंग लिरेन के खिलाफ होने वाले महत्वपूर्ण विश्व चैंपियनशिप मुकाबले पर है। भारतीय खिलाड़ी ने अप्रैल में कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीता था और 17 साल की उम्र में विश्व खिताब के लिए सबसे कम उम्र के चैलेंजर बन गये थे। मई में वह 18 साल के हुए। गुकेश और लिरेन 20 नवंबर से 15 दिसंबर तक सिंगापुर में प्रतिष्ठित खिताब और 25 लाख डॉलर की पुरस्कार राशि के लिए भिड़ेंगे। उन्होंने कहा, विश्व चैम्पियनशिप में जाने से पहले फॉर्म अच्छा है और अभी मैं काफी खुश हूं। अभी कुछ महीने बाकी हैं और मैं कड़ी मेहनत करूंगा और पूरी तरह से तैयार रहूंगा। अगर यह किशोर सफल होता है तो वह दिग्गज विश्वनाथन आनंद के बाद यह खिताब जीतने वाला पहला भारतीय बन जायेगा। आनंद ने अपने शानदार करियर में पांच बार विश्व खिताब जीता।
कार्तिक उरांव महाविद्यालय गुमलाएबीएन न्यूज नेटवर्क, गुमला। आज कार्तिक उरांव महाविद्यालय गुमला के प्रांगण में रांची विश्वविद्यालय अंतर महाविद्यालय फुटबॉल टूर्नामेंट का भव्य उद्घाटन समारोह संपन्न हुआ। यह टूर्नामेंट खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और स्थानीय जनता के बीच भारी उत्साह का केंद्र बना हुआ है। इस टूर्नामेंट में रांची विश्वविद्यालय के 11 महाविद्यालयों के खिलाड़ियों ने अभी तक भाग लिया है। उद्घाटन समारोह में क्षेत्र के गणमान्य अतिथियों और प्रमुख खेल हस्तियों ने शिरकत की। मुख्य अतिथि कार्तिक उरांव महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य अमर ज्योति खलखो, विशिष्ट अतिथि सदर अस्पताल के डॉ शारिब, पुग्गू पंचायत की मुखिया जेने विभा लकड़ा एवं कॉलेज के गण्यमान्य प्रोफेसरों ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं और खेल की भावना को बनाए रखने पर जोर दिया। वही कॉलेज की प्राचार्या डॉ शमशुन निहार ने खिलाड़ियों को संदेश देते हुए कहा कि खेल हमें अनुशासन सिखाती है, आपस में तालमेल और सामंजस स्थापित करने का हुनर बताती है। वहीं उन्होंने बताया कि यह टूर्नामेंट चार दिवसीय जो आज से शुरू होकर 27 सितंबर को समापन समारोह मनाया जायेगा। जिसमें 16 महाविद्यालयों के खिलाड़ियों को भाग लेने का अवसर प्रदान किया गया है। समारोह की शुरुआत रांची विश्वविद्यालय का खेल ध्वज फहराकर एवं मार्च पास्ट से हुई, जिसमें विभिन्न टीमों ने अपने-अपने ध्वज के साथ मैदान में प्रवेश किया। खिलाड़ियों के बीच अद्भुत जोश और उत्साह देखने को मिला। इसके बाद, खेल के इतिहास और महत्व पर पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर अमर ज्योति खलखो के द्वारा एक प्रेरणादायक भाषण दिया गया, जिसमें फुटबॉल को अनुशासन, समर्पण और एकजुटता का प्रतीक बताया गया। मुख्य अतिथि ने कहा, फुटबॉल सिर्फ एक खेल नहीं है, यह एक ऐसा माध्यम है जो युवाओं को टीम भावना और नेतृत्व का पाठ सिखाता है। उद्घाटन मैच (टीम ए कार्तिक उरांव महाविद्यालय) और (टीम बी जे एन महाविद्यालय धुर्वा) के बीच खेला गया, जिसमें दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कार्तिक उरांव महाविद्यालय 1- 0 से आगे चल रही है। मैदान में खिलाड़ियों की चुस्ती और खेल कौशल ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पहले ही मैच से यह साफ हो गया कि इस टूर्नामेंट में रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।समारोह के अंत में आयोजकों ने सभी खिलाड़ियों और टीमों को शुभकामनाएं दीं और खेल प्रेमियों से अपील की कि वे खेल को खेल भावना से देखें और टीमों का मनोबल बढ़ाएं। टूर्नामेंट का यह पहला दिन बेहद सफल और प्रेरणादायक रहा, और सभी की नजरें अब आगामी रोमांचक मुकाबलों पर टिकी हैं। वहीं आज इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्रोफेसर संकाय सदस्य डॉ सतीश कुमार गुप्ता, डॉ बी एन मिश्रा, डॉ प्रसनजीत मुखर्जी, आयोजक सचिव प्रेमचंद उरांव, अमिताभ भारती, संजय कुमार, डॉ संजय कुमार भोक्ता, डॉ शोएब अंसारी, डॉ राकेश प्रसाद, डॉ दीपक प्रसाद, नीलम प्रतिमा मिंज, निपेंद्र कुमार सेठ, मंती कुमारी, अनुतलन मिंज, एवं शिक्षा संकाय के सभी शिक्षक, तेतरु तिर्की, ईशा बेला हीरो, डॉ आशुतोष कुमार, डॉ अभिनय कुमार, जिभवानी रजक, एवं महाविद्यालय के सभी संकाय के संकायाध्यक्ष एवं प्रोफेसर इस उपलक्ष पर मौजूद थे वहीं यूनिवर्सिटी से आये हुए सदस्य श्री विजय वर्मा, धीरज महतो, अनिल वीरेंद्र कुजूर, कुमुद रंजन, श्री राम मुर्मू, यह जानकारी आयोजन समिति के मीडिया प्रभारी डॉ दीपक प्रसाद ने दी।
आइपीएल 2025 में क्या फिर से दिखेगा धोनी का जलवा? नीलामी से पहले कर सकते हैं बड़ा ऐलानएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। इंडियन प्रीमियर लीग ने 17 सीजन पूरे कर लिये हैं। वहीं सभी टीमों ने अब 18वें सीजन की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं 18वें सीजन से पहले इस बार मेगा आक्शन होने वाला है। ऐसे में आक्शन से पहले आईपीएल की सबसे सफल टीम चेन्नई सुपर किंग्स में कुछ बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। बता दें कि अस साल के अंत में आईपीएल 2025 के आक्शन संभावित है। ऐसे में हर कोई ये जानना चाहता है कि कौन सी टीम किस खिलाड़ी को रिटेन कर रही है और किसे रिलीज करने वाली है, क्योंकि आक्शन से पहल सभी टीमों को कुछ ही खिलाड़ियों के रिटेन करने की छूट होगी। ऐसे में चेन्नई सुपर किंग्स की निगाहें धोनी के फैसले पर टिकी है। ऐसी संभावना जतायी जा रही है कि आईपीएल 2025 से ठीक पहले चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी तीन बड़ी घोषणाएं कर सकती हैं। ये घोषणाएं सीधे-सीधे टीम की रणनीति और धोनी के करियर को लेकर हो सकती है। खबरों की मानें तो आईपीएल का अगला सीजन शुरू होने से पहले धोनी ये ऐलान कर सकते हैं कि ये उनका आखिरी आईपीएल सीजन होगा। बता दें कि धोनी के सन्यास की अटकलें पिछले दो सीजनों से लगाई जा रही है। हालांकि ये भी मुमकिन है कि धोनी इस सीजन के कुछ मैचों में ही मैदान पर नजर आयें। पिछले सीजन धोनी घुटने के चोट से भी काफी परेशान दिखे थे। धोनी और चेन्नई सुपर किंग्स के टीम प्रबंधन ने ये पहले ही साफ कर दिया है कि रुतुराज गायकवाड़ टीम के कप्तान होंगे। धोनी इस बार भी चेन्नई की पुरानी परंपरा को बरकरार रखने मूड में हैं किसी भी खिलाड़ी को बेमतलब किसी पद या टीम से हटाया नहीं जाता। आईपीएल के लिए नीलामी के दौरान चेन्नई सुपर किंग्स टीम के हर फैसले पर धोनी की मुहर होती है। ऐसे में धोनी की करियर जब अंतिम पड़ाव पर है तो अपना विकल्प खुद चुनने के मूड में हैं। नीलामी में या उससे पहले टीम के लिए किसी ऐसे विकेटकीपर बल्लेबाज के नाम का ऐलान संभव है जो धोनी के संयास के बाद जिम्मेदारी संभालेगा।
पारा थ्रो बॉल नेशनल टूर्नामेंट का उद्घाटनएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। झारखंड की दोनों वर्गों की टीम ने पारा थ्रो बॉल नेशनल टूर्नामेंट में 2-0 की धमाकेदार जीत से अगले चरण में स्थान बनायी। जबकि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, तमिलनाडु और राजस्थान को प्रथम चरण में एक जीत एवं एक हार का सामना करना पड़ा। आज देर रात कॉर्टर फाइनल के मैच आयोजित किये जायेंगे, जबकि फाइनल मैच कल अपराह्न होंगे। प्रतियोगिता में मेजबान झारखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, राजस्थान, उत्तराखंड, तमिलनाडु, पुडुचेरी, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर के 20 टीमें (10 पुरुष 10 महिला) भाग ले रही हैं। सामान्य लोगों के लिए दिव्यांगजन तभी तक बेचारा हैं जब तक वे उनके योग्यता और हुनर से रूबरू नहीं होते। इस वर्ष दिव्यांगजन खिलाड़ियों ने पारा ओलिम्पिक में बेहतर प्रदर्शन किया है। बचपन से संघर्ष और विपरीत परिस्थितियों कस सामना उन्हें मानसिक संबल प्रदान करती है। आम व्यक्ति एवं खिलाड़ी भी उनसे हौसला न खोने का जज्बा हासिल करना सीख सकते हैं। यह उद्गार बीसीसीएल के निदेशक कार्मिक मुरली कृष्ण रमैया ने पारा थ्रो बाल फेडरेशन आफ इंडिया के तत्वाधान में पारा ओलंपिक एसोसिएशन आफ झारखण्ड के द्वारा हरिवंश टानाभगत इंडोर स्टेडियम खेलगांव में तीसरे पारा थ्रो बॉल राष्ट्रीय प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुए बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में बीसीसीएल ऐसे आयोजन को प्रायोजित कर गौरान्वित महसूस करेगी। मौके पर निर्मला रावत, निदेशक पारा थ्रो बाल फेडरेशन आफ इंडिया ने कहा कि हाल के वर्षों में झारखण्ड, जम्मू एवं कश्मीर, पुडुचेरी, उत्तराखण्ड जैसे राज्यों ने पारा खेलों में उल्लेखनीय प्रगति की है। अगर सरकार का साथ मिले तो अगले ओलिम्पिक में हम पदक भी ला सकते हैं। फेडरेशन के अध्यक्ष डॉक्टर अल्बर्ट प्रेम कुमार, उदयवीर, सुधा लील्हा, मुकेश कंचन ने भी खिलाड़ियों को संबोधित किया। संस्था के अध्यक्ष राहुल मेहता ने स्वागत करते हुए बताया कि आयोजन के लिए बीसीसीएल, सीसीएल, सीएमपीडीआई, एनटीपीसी, दराद, दीपशिखा, यंग इंडिया, एनबीजेके, लीड्स, आशा आदि संस्थाओं का सहयोग मिला है। उद्घाटन समारोह में कमल कुमार अग्रवाल, जगदीश सिंह जग्गू, दीपा चौधरी, मुन्ना प्रसाद, सुद्धा लील्हा, अमरदीप, राकेश तिवारी विशेष अतिथि स्वरूप उपस्थित थे। प्रतियोगिता के आयोजन मे सचिव सरिता सिन्हा, मुकेश कंचन तथा दीपशिखा के विद्यार्थियों का विशेष योगदान रहा। उक्त जानकारी सरिता सिन्हा- 7004714994 ने दी।
6 साल के टेस्ट करियर में धोनी को पछाड़ गये ऋषभ पंत, बनाये यह 5 विशेष रिकॉर्डएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने करीब दो साल बाद टेस्ट क्रिकेट में अपनी मजबूत वापसी कर ली है। बांग्लादेश के खिलाफ पहली पारी में 39 रन बनाने वाले पंत ने दूसरी पारी में शानदार प्रदर्शन किया और 109 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। पंत ने अपनी पारी में 128 गेंदों पर 13 चौके और 4 छक्कों की मदद से 109 रन बनाये। 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डैब्यू करने वाले पंत का यह छठा शतक रहा। उन्होंने इतने कम वक्त में ही धोनी के टेस्ट शतकों का रिकॉर्ड बराबर कर लिया है। भारतीय विकेटकीपरों द्वारा सर्वाधिक टेस्ट शतक 6 - ऋषभ पंत (58 पारियां) 6 - एमएस धोनी (144 पारियां) 3 - रिद्धिमान साहा (54 पारियां) पंत के साथ जुड़े विशेष आंकड़े यादगार पारियां : सिडनी में 159*, एजबेस्टन में 146, ओवल में 114 रन, चेपॉक में 109, अहमदाबाद में 101, न्यूलैंड्स में 100*, 89* गाबा में, मीरपुर में 93, सिडनी में 97, चिनास्वामी में 96, राजकोट में 92, हैदराबाद में 92 और चेपक में 91 रन। नंबर 5 पर : टेस्ट फार्मेट में नंबर 5 पर खेलना पंत को हमेशा से रास आता रहा है। उन्होंने इस नंबर पर 12 पारी में 79 की औसत से 869 रन बनाए हैं। जबकि उनकी स्ट्राइक रेट 91.8 रही है। उनके बल्ले से 2 शतक और 6 अर्धशतक भी निकल चुके हैं।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने बांग्लादेश के खिलाफ चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के दूसरे दिन एक खास उपलब्धि अपने नाम दर्ज कर ली है। बुमराह ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 400 विकेट पूरे कर लिए हैं और वह यह उपलब्धि अपने नाम करने वाले भारत के 10वें गेंदबाज हैं। इसके अलावा बुमराह ऐसे छठे भारतीय तेज गेंदबाज जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 400 विकेट पूरे करने की उपलब्धि हासिल की है।बुमराह ने हसन महमूद को आउट करने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 400 विकेट पूरे किए। बुमराह ने बांग्लादेश के खिलाफ पहली पारी में शानदार प्रदर्शन किया और 11 ओवर में 50 रन देकर चार विकेट झटके। बुमराह ने घरेलू मैदान पर वापसी कर अपना दम दिखाया और बांग्लादेश की पारी को लड़खड़ा दिया। बुमराह ने पहले ही ओवर में बांग्लादेश के सलामी बल्लेबाज शादमान इस्लाम को बोल्ड कर पवेलियन भेजा। इसके बाद उन्होंने मुशफिकुर रहीम, हसन महमूद और तस्कीन अहमद के विकेट झटके।
अश्विन-जडेजा के नाम रहा पहले दिन का खेलस्टंप्स तक भारत का स्कोर 339/6पहले दिन का खेल समाप्तएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत और बांग्लादेश के बीच चेन्नई में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के पहले दिन का खेल समाप्त हो गया है। भारत ने स्टंप्स तक छह विकेट खोकर 339 रन बनाये। भारत के लिए ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने बेहतरीन बल्लेबाजी की और सातवें विकेट के लिए 195 रनों की साझेदारी कर ली है। बांग्लादेश के कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का निर्णय लिया था, जिसे तेज गेंदबाज हसन महमूद ने सही साबित करने में ज्यादा देर नहीं लगाई। महमूद ने चार विकेट झटके और भारतीय शीर्ष क्रम को लड़खड़ा दिया।भारत के स्टार बल्लेबाज जहां रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे, वहीं जडेजा और अश्विन ने बेहतरीन पारी खेल भारत को मुश्किल से उबारा और सुखद स्थिति में ला खड़ा किया। अश्विन ने इस दौरान अपने टेस्ट करियर का छठा शतक भी पूरा किया। दिन के खेल की समाप्ति तक अश्विन 112 गेंदों पर 10 चौके और दो छक्कों की मदद से 102 रन और जडेजा 117 गेंदों पर 10 चौके और दो छक्कों के सहारे 86 रन बनाकर नाबाद क्रीज पर मौजूद थे। बांग्लादेश के लिए महमूद के अलावा नाहिद राणा और मेहदी हसन मिराज ने एक-एक विकेट अपने नाम किये।इससे पहले, यशस्वी जायसवाल को छोड़कर भारत का शीर्ष क्रम पूरी तरह विफल साबित हुआ। कप्तान रोहित शर्मा छह रन, विराट कोहली छह रन और लंबे समय बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी करने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत 39 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जबकि शुभमन गिल का बल्ला एकदम फ्लॉप रहा और वह खाता भी नहीं खोल सके। वहीं, केएल राहुल भी पहली पारी में प्रभावित नहीं कर सके और 16 रन बनाकर छठे बल्लेबाज के रूप में आउट हुए। हालांकि, अश्विन और जडेजा के अलावा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने भी बल्ले से अपना दम दिखाया और 118 गेंदों पर नौ चौकों की मदद से 56 रन बनाये।
भारत ने जारी रखी ओलंपिक की लय, एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी खिताब का किया बचाव, जानें कब-कब बना विजेताएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। हरमनप्रीत सिंह की अगुआई वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने पेरिस ओलंपिक की लय बरकरार रखते हुए एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब सफलतापूर्वक अपने नाम किया। गत चैंपियन भारत ने फाइनल में चीन को 1-0 से हराया और टीम की जीत के नायक जुगराज सिंह रहे जिन्होंने निर्धारित समय खत्म होने से नौ मिनट शेष रहते हुए निर्णायक गोल दागा। भारतीय टीम पिछले महीने पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने में सफल रही थी, लेकिन एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में खिताब के प्रबल दावेदार के रूप में उतरी और स्वर्ण पदक जीतने में सफल रही। पहली बार इस टूर्नामेंट का फाइनल खेल रही चीन ने खिताबी मुकाबले में भारत को कड़ी टक्कर दी। भारतीय टीम को गोल करने के मौके मिले, लेकिन चीन का डिफेंस प्रभावित करने में सफल रहा और उसने भारत को बढ़त लेने का मौका नहीं दिया। शुरुआती तीन क्वार्टर तक दोनों टीमें गोलरहित बराबरी पर चल रही थी और ऐसा लग रहा था कि विजेता का फैसला पेनल्टी शूटआउट के जरिये ही निकलेगा। हालांकि, जुगराज ने 51वें मिनट में मैदानी गोल कर भारत को बढ़त दिलाई और फिर चीन को अंतिम सीटी बजने तक बराबरी का गोल करने से रोका। इस मैच में कप्तान हरमनप्रीत भले ही गोल नहीं कर सके, लेकिन उन्होंने जुगराज को गोल दागने में मदद की।
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