टीम एबीएन, रांची। रविवार को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित एशियाई ओलंपिक परिषद् की 44वीं आमसभा में योगासन खेल को एशियाई खेलों में शामिल करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। यह निर्णय भारतीय खेल विशेषत: योगासन खिलाड़ियों के लिए गर्व का विषय है। इस आमसभा में परिषद के अधिकारियों और कई सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। भारत सरकार और योगासन भारत ने इस निर्णय के लिए विशेष प्रयास किये, जिसके परिणामस्वरूप योगासन को एक खेल के रूप में मान्यता दी गई और इसे एशियाई खेलों में स्थान मिला। योगाचार्य महेश पाल ने बताया कि आमसभा में भारत के राजा रणधीर सिंह को डउअ के अध्यक्ष के रूप में चुना गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में जापान के नागोया में होने वाले एशियाई खेलों का कैलेंडर पूर्व में ही तैयार कर लिया गया है, इसलिए 2026 के एशियाई खेलों में योगासन को प्रदर्शन खेल के रूप में सम्मिलित किये जाने का निर्णय लिया गया। राजा रणधीर सिंह जी ने कहा कि अन्य खेलों में चोट लगने का खतरा रहता है, लेकिन योगासन खेल में ऐसा नहीं है, योगासन खेल न केवल शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देता है बल्कि मानसिक संतुलन को भी प्रोत्साहित करता है। इसे एशियाई खेलों में शामिल करना एशिया की प्राचीन विरासत को सम्मान देने का एक महत्वपूर्ण कदम है। भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा ने जून में परिषद अध्यक्ष को योगासन को एशियाई खेलों में शामिल करने हेतु प्रस्ताव पत्र के माध्यम से भिजवाया था, जिस हेतु योगासन खेल से जुड़े सभी अधिकारी, कर्मचारी, विशेषत: खिलाड़ी आभार ज्ञापित करते हैं। भारत के खेल मंत्री मनसुख मांडविया जी ने भी इस मौके पर अपनी खुशी जाहिर की और कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि योग, जो भारत की सांस्कृतिक धरोहर है, अब योगासन के रूप में एशियाई खेलों का हिस्सा बनेगा। यह कदम योगासन को वैश्विक खेल के रूप में स्थापित करेगा। आमसभा में हरियाणा, गुजरात एवं महाराष्ट्र के योगासन खिलाड़ियों द्वारा योगासन खेल में सम्मिलित अलग-अलग इवेंट्स का अद्भुत प्रदर्शन किया गया। मौके पर वर्ल्ड योगासन के महासचिव डॉ जयदीप आर्य, योगासन भारत के अध्यक्ष उदित सेठ, एशियन योगासन के अध्यक्ष डॉ संजय मालपानी, महासचिव उमंग डॉन, कोषाध्यक्ष उमेश नारंग एवं योगासन भारत के कोषाध्यक्ष रचित कौशिक उपस्थित रहे। वर्ल्ड योगासन के महासचिव डॉ जयदीप आर्य ने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ी प्रत्येक खेल में अव्वल रहते हैं और प्रदेश के साथ-साथ सम्पूर्ण देश का नाम रोशन करते हैं और हमें पूर्ण विश्वास है कि योगासन खेल में भी हरियाणा न० 1 पर रहेगा और अपने हुनर का लोहा मनवायेगा। अब जब योगासन को एशियाई खेलों में जगह मिल गयी है, तदर्थ योगासन खेल को देश-विदेश में प्रचलित करने के लिए हरियाणा के योगासन खिलाड़ियों को विदेश भेजा जायेगा। अब देश-दुनिया में योगासन कोच एवं टेक्निकल आफिसियल की भी आवश्यकता अनुभव की जा रही है। भारत की प्राचीन धरोहर को जीवंत रखने के लिए योगासन भारत निरंतर प्रयासरत है। योगासन के अंतर्राष्ट्रीय खेल स्वरूप की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।
टीम एबीएन, रांची। डॉ करमा उरांव स्मृति अंतर आदिवासी छात्रावास फुटबॉल टूर्नामेंट 2024 का आज दूसरे दिन कुल 10 मैच पुरुष वर्ग एवं महिला वर्ग का खेला गया। फुटबॉल मैदान में आज अतिथि के रूप में डॉ प्रकाश चंद्र उरांव, पूर्व निदेशक, जनजातीय शोध संस्थान एवं डॉ हरि उरांव पूर्व समन्वयक, जनजातीय क्षेत्रीय भाषा विभाग विशेष रूप से उपस्थित थे। साथ ही डॉक्टर ज्योति टोप्पो, डॉक्टर मीणा तिर्की, डॉ मृदुला खेस, शिक्षक मौजूद थे। कार्यक्रम को सफल बनाने में जॉन मिंज, राम उरांव, सुभाष उरांव आदि कई कमेटी के मेंबर्स का भरपूर योगदान था। पूरे मैदान में दर्शकों की अच्छी खासी संख्या थी। फाइनल मैच 7 सितंबर दिन शनिवार को दिन के 3 बजे होगी साथ ही समापन समारोह भी किया जायेगा। जिसमें मुख्य संरक्षक बंधु तिर्की, पूर्व शिक्षा मंत्री सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। दलीप ट्रॉफी 2024 का आयोजन 5 सितंबर से शुरू हो रहा है, जिससे भारत के घरेलू क्रिकेट सीजन 2024-25 की शुरुआत भी होगी। टूर्नामेंट के पहले दौर के मुकाबले कर्नाटक के बेंगलुरु और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में खेले जायेंगे। शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारत ए टीम बेंगलुरु में पहले मैच में अभिमन्यु ईश्वरन की भारत बी टीम से भिड़ेगी, जबकि टीम सी और टीम डी के बीच अनंतपुर में दूसरा मुकाबला खेला जायेगा। दलीप ट्रॉफी के लिए बीसीसीआई ने पिछले महीने सभी टीमों के स्क्वॉड की घोषणा की थी, लेकिन टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले कुछ बदलाव किये गये हैं। ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव और प्रसिद्ध कृष्णा को पहले दौर से बाहर कर दिया गया है। इनकी जगह, ईशान किशन की जगह इंडिया डी टीम में संजू सैमसन को शामिल किया गया है। दलीप ट्रॉफी के अपडेटेड स्क्वॉड टीम ए : शुभमन गिल (कप्तान), मयंक अग्रवाल, रियान पराग, ध्रुव जुरेल, केएल राहुल, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, तनुश कोटियन, कुलदीप यादव, आकाश दीप, खलील अहमद, आवेश खान, विदवथ कावेरप्पा, कुमार कुशाग्र, शास्वत रावत। टीम बी : अभिमन्यु ईश्वरन (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, सरफराज खान, ऋषभ पंत, मुशीर खान, नितीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा, यश दयाल, मुकेश कुमार, राहुल चाहर, आर साई किशोर, मोहित अवस्थी, एन जगदीसन (विकेटकीपर)। टीम सी : ऋतुराज गायकवाड़ (कप्तान), साई सुदर्शन, रजत पाटीदार, अभिषेक पोरेल (विकेटकीपर), बी इंद्रजीत, रितिक शौकीन, मानव सुथार, विशाल विजयकुमार, अंशुल खंबोज, हिमांशु चौहान, मयंक मारकंडे, आर्यन जुयाल (विकेटकीपर), संदीप वारियर। टीम डी : श्रेयस अय्यर (कप्तान), अथर्व तायडे, यश दुबे, देवदत्त पडिक्कल, संजू सैमसन, रिकी भुई, सारांश जैन, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, आदित्य ठाकरे, हर्षित राणा, तुषार देशपांडे, आकाश सेनगुप्ता, केएस भरत (विकेटकीपर), सौरभ कुमार।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। परम श्रद्धेय योग ऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज, अध्यक्ष वर्ल्ड योगासन एवं योगाचार्य डॉ जयदीप आर्य जी, महासचिव वर्ल्ड योगासन एवं योगासन भारत के मार्गदर्शन में खेलो इंडिया नॉर्थ जोन अस्मिता महिला योगासन लीग 2024 का भव्य समापन आज दिनांक 03 सितंबर 2024 को दिल्ली पब्लिक स्कूल, गोरखपुर में दो वर्गों—12 से 18 वर्ष एवं 18 से 55 वर्ष के आयु वर्ग में सम्पन्न हुआ।आज के समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. जयदीप आर्य जी, महासचिव वर्ल्ड योगासन एवं योगासन भारत का सानिध्य व आशीर्वाद प्राप्त हुआ। मुख्य अतिथि का स्वागत अश्वनी शर्मा, प्रधानाचार्य दिल्ली पब्लिक स्कूल, रोहित कौशिक, सचिव यूपीवाइएसए, ऋषि पाल सिंह, अध्यक्ष यूपीवाइएसए एवं पीयूष कांत मिश्र, नेशनल आॅर्गनाइजिंग डायरेक्टर, योगासन भारत ने पुष्प गुच्छ, स्मृति चिह्न और अंगवस्त्र देकर किया।आज के कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में रचित कौशिक, कोषाध्यक्ष योगासन भारत का स्वागत किया गया। विशिष्ट अतिथि महंत महेश योगी, अयोध्या महंत हनुमान गढ़ी का स्वागत रोहित कौशिक, सचिव यूपीवाइएसए ने किया। अन्य गणमान्य अतिथियों में अश्वनी शर्मा, प्रधानाचार्य डीपीएस गोरखपुर, अमर चौहान, यश पाराशर, सचिन राठी, ओएसडी, प्रो वाइस चेयरमैन डीपीएस गोरखपुर आदि शामिल रहे।मुख्य अतिथि डॉ जयदीप आर्य जी ने करो योग, रहो निरोग के माध्यम से प्रतिदिन योगासन और प्राणायाम को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के दौरान स्कूल की छात्राओं ने नाट्य प्रस्तुति प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। योगाचार्य महैश पाल ने जानकारी देते हुए बताया की इस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश योगासन स्पोर्ट एसोसिएशन द्वारा दिल्ली पब्लिक स्कूल, गोरखपुर में आयोजित नॉर्थ जोन के नौ राज्यों—उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, जम्मू एवं कश्मीर, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख—के लगभग 400 महिला योगासन खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के पांच प्रकार के इवेंट्स—ट्रेडिशनल, आर्टिस्टिक पेयर, आर्टिस्टिक सिंगल, रिदमिक पेयर, और आर्टिस्टिक ग्रुप इवेंट्स—में प्रतिभागियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता का आयोजन डीपीएस गोरखपुर के प्रो वाइस चेयरमैन श्री विशाल सिंह, प्रधानाचार्य श्री अश्वनी शर्मा एवं विद्यालय की पूरी टीम के सहयोग से किया गया, जो सफलता के नए आयाम छू रहा है। आज के परिप्रेक्ष्य में भारत सरकार द्वारा महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं, जिससे उन्हें आर्थिक, सामाजिक और व्यवहारिक लाभ प्राप्त हो रहे हैं। इस संपूर्ण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान उत्तरप्रदेश, दूतीय स्थान हरियाणा को प्राप्त हुआ एवं त्रित्य स्थान उत्तराखंड को प्राप्त हुआ। इन सभी ट्राफी को योगाचार्य डॉ जयदीप आर्य जी मुख्य अतिथि ने दिया। जोनल स्तर पर विजयी योगासन खिलाड़ियों को राष्ट्र स्तर पर आइजीआइ स्टेडियम नई दिल्ली मे 1 अक्टूबर से 3अक्टूबर 2024 को अपनी प्रतिभा को पुन: दिखाने का अवसर प्राप्त होगा। समापन पर सचिव रोहित कौशिक ने सभी अतिथियों, खिलाड़ियों और आयोजन समिति का धन्यवाद ज्ञापित किया एवं राष्ट्रगान के साथ प्रतियोगिता को संपन्न किया गया।
पैरालंपिक 2024भारत को दिलाया नौवां पदक, बेथेल को हरायाएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी नितेश कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सोमवार को पेरिस पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने ब्रिटिश पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी डैनियल बेथेल को पुरुष एकल एसएल3 वर्ग के पदक मुकाबले में 21-14, 18-21, 23-21 के स्कोर से हरा दिया। इस मुकाबले का पहला गेम नितेश ने 21-14 से जीता।हालांकि, वह दूसरे गेम में पिछड़ गये और बेथेल ने यह गेम 18-21 से अपने नाम किया। तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच काफी कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने मिली और एक समय स्कोर 20-20 पर पहुंच गया था। हालांकि, नितेश ने 23-21 से यह गेम जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किया। भारत का पेरिस पैरालंपिक में यह कुल नौवां और दूसरा स्वर्ण पदक है। नितेश से पहले महिला निशानेबाज अवनि लेखरा भी स्वर्ण जीतने में सफल रही थीं। नितेश की जीत के साथ एसएल3 वर्ग का स्वर्ण पदक भारत के पास बरकरार रहा। टोक्यो में तीन साल पहले जब पैरा बैडमिंटन ने पदार्पण किया था, तो प्रमोद भगत ने इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था।
अवनि लेखरा का संघर्ष 12 साल की उम्र में हो गई थीं लकवाग्रस्त, नहीं मानी हार, भारत की सबसे कामयाब शूटर बनीं एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। पेरिस पैरालंपिक में भारत की अवनि लेखरा ने शूटिंग में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने महिलाओं की स्टैंडिंग 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा एसएच-1 में यह स्वर्ण पदक जीता। पेरिस पैरालंपिक में भारत का यह पहला पदक है और वह भी स्वर्ण के रूप में आया है। आपको बता दें कि अवनि को यह जीत इतनी आसानी से नहीं मिली है। इस मुकाम पर पहुंचने के लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा है। आइए जानते हैं अवनि के संघर्ष की कहानी... वर्ष 2012 में महज 12 साल की उम्र में अवनि लेखरा की जिंदगी उस समय बदल गयी, जब एक दुर्घटना के चलते उन्हें पैरालिसिस का शिकार होना पड़ा और चलने के लिए व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ गया। लेकिन अवनि ने हार नहीं मानी और आगे बढ़ने को ठान लिया। दुर्घटना के महज तीन साल बाद ही अवनी ने शूटिंग को अपनी जिंदगी बनाया और महज पांच साल के भीतर ही अवनी ने गोल्डन गर्ल का तमगा हासिल कर लिया। अब अपने लगातार दूसरे पैरालंपिक में उन्होंने स्वर्ण जीतकर इतिहास तो रचा ही, साथ ही भारत की सबसे कामयाब शूटर भी बन गईं। ओलंपिक हो या पैरालंपिक भारत की किसी महिला एथलीट ने दो स्वर्ण नहीं जीते हैं।दुर्घटना के बाद हो गयी थीं बेहद कमजोरअवनि के पिता प्रवीण बताते हैं कि दुर्घटना के बाद गुमसुम रहने लग गयी थी। किसी से बात नहीं करती थी, पूरी तरह डिप्रेशन में चली गयी थी। उन्होंने कहा कि भीषण दुर्घटना के कारण इसकी पीठ पूरी तरह काटनी पड़ी। इतनी कमजोर हो गयी थी कि कुछ कर नहीं पाती थी। यहां तक की कोई हल्का सामान भी उठाना मुश्किल हो रहा था।पैरालिसिस के बाद काफी टूट गयी थीं अवनिअवनि के माता-पिता ने कहा कि 12 साल की उम्र में जब अवनि को पैरालिसिस हुआ तो वह काफी टूट गयी थीं। उस समय सोचा कि अवनी को किसी खेल से जोड़ा जाये और काफी सोच-विचार के बाद मैंने इसे शूटिंग में हाथ आजमाने को कहा। अवनि के पिता ने कहा कि शूटिंग में पहली बार तो इससे गन तक नहीं उठी थी, मगर आज इसकी वजह से टोक्यो पैरालिम्पिक के पोडियम पर राष्ट्रगान गूंजेगा। खेल के साथ ही अवनी पढ़ाई में भी काफी होशियार हैं। इसके साथ ही अन्य क्रियाकलाप में भी अवनी सबसे अव्वल रहती हैं।
भारत के लिए खुशखबरी! आईसीसी के चेयरमैन बन गये बीसीसीआई सचिव एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव जय शाह अब वर्ल्ड क्रिकेट के बॉस बन गये हैं। उन्होंने आईसीसी चेयरमैन पद का चुनाव निर्विरोध रहकर जीत लिया है। जय शाह अब आईसीसी के नये चेयरमैन होंगे। आईसीसी के चेयरमैन ग्रेग बार्कले ने अपने तीसरे कार्यकाल के नामांकन नहीं भरने का फैसला किया था। उनके इस फैसले के बाद यह पद खाली हो गया था। बार्कले का कार्यकाल 30 नवंबर को पूरा हो जायेगा। जय शाह 1 दिसंबर को अपना कार्यभार संभालेंगे। आईसीसी चेयरमैन के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 27 अगस्त थी। जय शाह ने आवेदन भरकर अपनी चुनौती पेश की। उनके सामने किसी और ने चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं दिखायी। वह निर्विरोध रहकर चुनाव जीत गये। 35 साल की उम्र में वह आईसीसी के इतिहास में सबसे कम उम्र के बॉस बन गये।
जेएससीए से जा सकती है महेंद्र सिंह धौनी की सदस्यता पांच एजीएम में शामिल नहीं होने पर जा सकती है सदस्यता, इससे पहले जा चुकी है कई लोगों की सदस्यता टीम एबीएन, रांची। रांची टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी 2019 से जेएससीए के आजीवन सदस्य है, लेकिन पिछले चार एजीएम में वो किसी भी एजीएम में शामिल नहीं हो पाये हैं। अगर वो पांचवें एजीएम में भी शामिल नहीं होते हैं तो उनकी सदस्यता जा सकती है। इस संबंध में जेएससीए प्रेसीडेंट संजय सहाय का कहना है कि एजीएम की तारीख अभी तय नहीं की गयी है। लेकिन ये नियम तो है कि पांच एजीएम में शामिल नहीं होने पर सदस्य की सदस्यता जा सकती है। धौनी आजीवन सदस्य है, लेकिन उनपर फैसला हाउस लेगी। हाउस अगर उनकी सदस्यता को बहाल रखने पर सहमति देती है तो सदस्य बने रहेंगे। पहले भी जा चुकी है कई अहम लोगों की सदस्यता इससे पहले भी कई ऐसे सदस्य रहे हैं जो पांच साल तक बैठक में शामिल नहीं होने पर अपनी सदस्यता गवां चुके हैं। इसमें 2013 में पूर्व क्रिकेटर सबा करीम व प्रदीप खन्ना शामिल है। इनके अलावा कई क्रिकेटरों की सदस्यता भी इस नियम के तहत जा चुकी है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। बांग्लादेश ने रावलपिंडी में खेले गए दो मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में 10 विकेट से हरा दिया है। बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने पहली पारी में छह विकेट पर 448 रन बनाकर पारी घोषित की थी। जवाब में बांग्लादेश ने 565 रन बनाए और 117 रन की बढ़त हासिल की। बांग्लादेश ने दूसरी पारी में पाकिस्तान को 146 रन पर समेट दिया। 30 रन के लक्ष्य को बांग्लादेश ने 10 विकेट रहते हासिल कर लिया। बांग्लादेश की टीम ने पहली बार 29 अगस्त 2001 को पाकिस्तान के खिलाफ खेला था। करीब 23 साल में यह पहली बार है जब बांग्लादेश ने पाकिस्तान को टेस्ट में हराया है। इस बीच दोनों देशों के बीच 14 टेस्ट खेले गए हैं और 12 टेस्ट पाकिस्तान ने जीते हैं। एक बांग्लादेश ने जीता है और एक टेस्ट ड्रॉ रहा है। वहीं, पाकिस्तान की यह अपने घर में एक और शर्मनाक हार है। टीम चार मार्च 2022 के बाद अपने घर में नौ टेस्ट खेल चुकी है और पांच मुकाबले हार चुकी है। चार टेस्ट ड्रॉ रहे हैं। अब अपने घर में पाकिस्तान को बांग्लादेश के खिलाफ शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है।यह बांग्लादेश में अस्थिरता के बाद उनकी क्रिकेट टीम का पहला विदेशी दौरा था और उसी में टीम ने इतिहास रच दिया है। नजमुल शांती की अगुआई में गजब का प्रदर्शन करते हुए 10 विकेट से जीत हासिल कर अपने देश के लोगों को खुशी दी है।
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