पारा थ्रो बॉल नेशनल टूर्नामेंट का उद्घाटनएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। झारखंड की दोनों वर्गों की टीम ने पारा थ्रो बॉल नेशनल टूर्नामेंट में 2-0 की धमाकेदार जीत से अगले चरण में स्थान बनायी। जबकि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, तमिलनाडु और राजस्थान को प्रथम चरण में एक जीत एवं एक हार का सामना करना पड़ा। आज देर रात कॉर्टर फाइनल के मैच आयोजित किये जायेंगे, जबकि फाइनल मैच कल अपराह्न होंगे। प्रतियोगिता में मेजबान झारखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, राजस्थान, उत्तराखंड, तमिलनाडु, पुडुचेरी, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर के 20 टीमें (10 पुरुष 10 महिला) भाग ले रही हैं। सामान्य लोगों के लिए दिव्यांगजन तभी तक बेचारा हैं जब तक वे उनके योग्यता और हुनर से रूबरू नहीं होते। इस वर्ष दिव्यांगजन खिलाड़ियों ने पारा ओलिम्पिक में बेहतर प्रदर्शन किया है। बचपन से संघर्ष और विपरीत परिस्थितियों कस सामना उन्हें मानसिक संबल प्रदान करती है। आम व्यक्ति एवं खिलाड़ी भी उनसे हौसला न खोने का जज्बा हासिल करना सीख सकते हैं। यह उद्गार बीसीसीएल के निदेशक कार्मिक मुरली कृष्ण रमैया ने पारा थ्रो बाल फेडरेशन आफ इंडिया के तत्वाधान में पारा ओलंपिक एसोसिएशन आफ झारखण्ड के द्वारा हरिवंश टानाभगत इंडोर स्टेडियम खेलगांव में तीसरे पारा थ्रो बॉल राष्ट्रीय प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुए बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में बीसीसीएल ऐसे आयोजन को प्रायोजित कर गौरान्वित महसूस करेगी। मौके पर निर्मला रावत, निदेशक पारा थ्रो बाल फेडरेशन आफ इंडिया ने कहा कि हाल के वर्षों में झारखण्ड, जम्मू एवं कश्मीर, पुडुचेरी, उत्तराखण्ड जैसे राज्यों ने पारा खेलों में उल्लेखनीय प्रगति की है। अगर सरकार का साथ मिले तो अगले ओलिम्पिक में हम पदक भी ला सकते हैं। फेडरेशन के अध्यक्ष डॉक्टर अल्बर्ट प्रेम कुमार, उदयवीर, सुधा लील्हा, मुकेश कंचन ने भी खिलाड़ियों को संबोधित किया। संस्था के अध्यक्ष राहुल मेहता ने स्वागत करते हुए बताया कि आयोजन के लिए बीसीसीएल, सीसीएल, सीएमपीडीआई, एनटीपीसी, दराद, दीपशिखा, यंग इंडिया, एनबीजेके, लीड्स, आशा आदि संस्थाओं का सहयोग मिला है। उद्घाटन समारोह में कमल कुमार अग्रवाल, जगदीश सिंह जग्गू, दीपा चौधरी, मुन्ना प्रसाद, सुद्धा लील्हा, अमरदीप, राकेश तिवारी विशेष अतिथि स्वरूप उपस्थित थे। प्रतियोगिता के आयोजन मे सचिव सरिता सिन्हा, मुकेश कंचन तथा दीपशिखा के विद्यार्थियों का विशेष योगदान रहा। उक्त जानकारी सरिता सिन्हा- 7004714994 ने दी।
6 साल के टेस्ट करियर में धोनी को पछाड़ गये ऋषभ पंत, बनाये यह 5 विशेष रिकॉर्डएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने करीब दो साल बाद टेस्ट क्रिकेट में अपनी मजबूत वापसी कर ली है। बांग्लादेश के खिलाफ पहली पारी में 39 रन बनाने वाले पंत ने दूसरी पारी में शानदार प्रदर्शन किया और 109 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। पंत ने अपनी पारी में 128 गेंदों पर 13 चौके और 4 छक्कों की मदद से 109 रन बनाये। 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डैब्यू करने वाले पंत का यह छठा शतक रहा। उन्होंने इतने कम वक्त में ही धोनी के टेस्ट शतकों का रिकॉर्ड बराबर कर लिया है। भारतीय विकेटकीपरों द्वारा सर्वाधिक टेस्ट शतक 6 - ऋषभ पंत (58 पारियां) 6 - एमएस धोनी (144 पारियां) 3 - रिद्धिमान साहा (54 पारियां) पंत के साथ जुड़े विशेष आंकड़े यादगार पारियां : सिडनी में 159*, एजबेस्टन में 146, ओवल में 114 रन, चेपॉक में 109, अहमदाबाद में 101, न्यूलैंड्स में 100*, 89* गाबा में, मीरपुर में 93, सिडनी में 97, चिनास्वामी में 96, राजकोट में 92, हैदराबाद में 92 और चेपक में 91 रन। नंबर 5 पर : टेस्ट फार्मेट में नंबर 5 पर खेलना पंत को हमेशा से रास आता रहा है। उन्होंने इस नंबर पर 12 पारी में 79 की औसत से 869 रन बनाए हैं। जबकि उनकी स्ट्राइक रेट 91.8 रही है। उनके बल्ले से 2 शतक और 6 अर्धशतक भी निकल चुके हैं।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने बांग्लादेश के खिलाफ चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के दूसरे दिन एक खास उपलब्धि अपने नाम दर्ज कर ली है। बुमराह ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 400 विकेट पूरे कर लिए हैं और वह यह उपलब्धि अपने नाम करने वाले भारत के 10वें गेंदबाज हैं। इसके अलावा बुमराह ऐसे छठे भारतीय तेज गेंदबाज जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 400 विकेट पूरे करने की उपलब्धि हासिल की है।बुमराह ने हसन महमूद को आउट करने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 400 विकेट पूरे किए। बुमराह ने बांग्लादेश के खिलाफ पहली पारी में शानदार प्रदर्शन किया और 11 ओवर में 50 रन देकर चार विकेट झटके। बुमराह ने घरेलू मैदान पर वापसी कर अपना दम दिखाया और बांग्लादेश की पारी को लड़खड़ा दिया। बुमराह ने पहले ही ओवर में बांग्लादेश के सलामी बल्लेबाज शादमान इस्लाम को बोल्ड कर पवेलियन भेजा। इसके बाद उन्होंने मुशफिकुर रहीम, हसन महमूद और तस्कीन अहमद के विकेट झटके।
अश्विन-जडेजा के नाम रहा पहले दिन का खेलस्टंप्स तक भारत का स्कोर 339/6पहले दिन का खेल समाप्तएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत और बांग्लादेश के बीच चेन्नई में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के पहले दिन का खेल समाप्त हो गया है। भारत ने स्टंप्स तक छह विकेट खोकर 339 रन बनाये। भारत के लिए ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने बेहतरीन बल्लेबाजी की और सातवें विकेट के लिए 195 रनों की साझेदारी कर ली है। बांग्लादेश के कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का निर्णय लिया था, जिसे तेज गेंदबाज हसन महमूद ने सही साबित करने में ज्यादा देर नहीं लगाई। महमूद ने चार विकेट झटके और भारतीय शीर्ष क्रम को लड़खड़ा दिया।भारत के स्टार बल्लेबाज जहां रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे, वहीं जडेजा और अश्विन ने बेहतरीन पारी खेल भारत को मुश्किल से उबारा और सुखद स्थिति में ला खड़ा किया। अश्विन ने इस दौरान अपने टेस्ट करियर का छठा शतक भी पूरा किया। दिन के खेल की समाप्ति तक अश्विन 112 गेंदों पर 10 चौके और दो छक्कों की मदद से 102 रन और जडेजा 117 गेंदों पर 10 चौके और दो छक्कों के सहारे 86 रन बनाकर नाबाद क्रीज पर मौजूद थे। बांग्लादेश के लिए महमूद के अलावा नाहिद राणा और मेहदी हसन मिराज ने एक-एक विकेट अपने नाम किये।इससे पहले, यशस्वी जायसवाल को छोड़कर भारत का शीर्ष क्रम पूरी तरह विफल साबित हुआ। कप्तान रोहित शर्मा छह रन, विराट कोहली छह रन और लंबे समय बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी करने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत 39 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जबकि शुभमन गिल का बल्ला एकदम फ्लॉप रहा और वह खाता भी नहीं खोल सके। वहीं, केएल राहुल भी पहली पारी में प्रभावित नहीं कर सके और 16 रन बनाकर छठे बल्लेबाज के रूप में आउट हुए। हालांकि, अश्विन और जडेजा के अलावा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने भी बल्ले से अपना दम दिखाया और 118 गेंदों पर नौ चौकों की मदद से 56 रन बनाये।
भारत ने जारी रखी ओलंपिक की लय, एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी खिताब का किया बचाव, जानें कब-कब बना विजेताएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। हरमनप्रीत सिंह की अगुआई वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने पेरिस ओलंपिक की लय बरकरार रखते हुए एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब सफलतापूर्वक अपने नाम किया। गत चैंपियन भारत ने फाइनल में चीन को 1-0 से हराया और टीम की जीत के नायक जुगराज सिंह रहे जिन्होंने निर्धारित समय खत्म होने से नौ मिनट शेष रहते हुए निर्णायक गोल दागा। भारतीय टीम पिछले महीने पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने में सफल रही थी, लेकिन एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में खिताब के प्रबल दावेदार के रूप में उतरी और स्वर्ण पदक जीतने में सफल रही। पहली बार इस टूर्नामेंट का फाइनल खेल रही चीन ने खिताबी मुकाबले में भारत को कड़ी टक्कर दी। भारतीय टीम को गोल करने के मौके मिले, लेकिन चीन का डिफेंस प्रभावित करने में सफल रहा और उसने भारत को बढ़त लेने का मौका नहीं दिया। शुरुआती तीन क्वार्टर तक दोनों टीमें गोलरहित बराबरी पर चल रही थी और ऐसा लग रहा था कि विजेता का फैसला पेनल्टी शूटआउट के जरिये ही निकलेगा। हालांकि, जुगराज ने 51वें मिनट में मैदानी गोल कर भारत को बढ़त दिलाई और फिर चीन को अंतिम सीटी बजने तक बराबरी का गोल करने से रोका। इस मैच में कप्तान हरमनप्रीत भले ही गोल नहीं कर सके, लेकिन उन्होंने जुगराज को गोल दागने में मदद की।
टीम एबीएन, रांची। सी बी एस ई इस्ट जोन हांकी प्रतियोगिता जो सलूजा इंटरनेशनल स्कूल गिरिडीह में 15 से 19 सितंबर 2024 तक होगी। इस प्रतियोगिता के सफल संचालन हेतु डी ए वी गांधीनगर के शारीरिक प्रशिक्षक गोविंद झा को ऑब्जर्वर बनाया गया है। कोई भी सी बी एस ई इवेंट्स दिल्ली सी बी एस ई के द्वारा आयोजित किया जाता है श्री झा को ऑब्जर्वर बनाये जाने पर टीचर इनचार्ज निराकर आचार्या, सुबोध गुप्ता, सन्त कुमार, कौशल कुमार , स्वाति शिप्रा , के नालिनी, ज्योति सारंगी, अमित कुमार आदि ने बहुत बहुत बधाई दी।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। गत चैंपियन भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में मलयेशिया को 8-1 से रौंद दिया। इस मैच को जीतने के साथ ही भारत ने जीत की हैट्रिक लगा दी है। भारत ने बुधवार को लगातार तीसरी जीत दर्ज करते हुए सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई किया। भारत के लिए पांच अलग-अलग खिलाड़ियों ने आठ गोल दागे। इनमें राज कुमार पाल के तीन गोल, अरिजीत सिंह हुंडल के दो गोल, जुगराज सिंह, कप्तान हरमनप्रीत सिंह और उत्तम सिंह का एक-एक गोल शामिल है। मलयेशिया के लिए अखिमुल्लाह अनुवर ने 34वें मिनट में एक गोल किया। भारत अभी तीन जीत से नौ अंक लेकर तालिका में शीर्ष पर है। छह टीम का टूर्नामेंट राउंड रॉबिन प्रारूप में खेला जा रहा है और शीर्ष पर रहने वाली चार टीमें 16 सितंबर को होने वाले सेमीफाइनल में जगह बनायेंगी, जबकि 17 सितंबर को फाइनल खेला जायेगा। भारतीय टीम के फॉरवर्ड ने शानदार प्रदर्शन किया। राज कुमार पाल ने तीसरे, 25वें और 33वें मिनट में तीन गोल दागे, जबकि अरिजीत सिंह हुंडल ने छठे और 39वें मिनट में दो गोल किये। जुगराज सिंह ने सातवें, हरमनप्रीत सिंह ने 22वें और उत्तम सिंह ने 40वें मिनट में एक एक गोल दागे। भारत फिलहाल अंक तालिका में शीर्ष पर है। तीन जीत के बाद उसके नौ अंक हैं। वहीं, पाकिस्तान पांच अंक लेकर दूसरे और चीन तीन अंक लेकर तीसरे स्थान पर है। दक्षिण कोरिया दो अंक लेकर दूसरे, जापान एक लेकर पांचवें और मलयेशिया एक अंक लेकर छठे स्थान पर है। भारत ने इससे पहले चीन और जापान को हराया है।
पेरिस पैरालंपिक पदक विजेताओं के लिए हुआ नकद पुरस्कार का एलानएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। पेरिस पैरालंपिक में पदक जीतने वाले भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने नकद पुरस्कार का एलान किया गया है। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। भारत ने हाल ही में संपन्न इन खेलों में अपने इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था और सात स्वर्ण सहित कुल 29 पदक अपने नाम किये थे। पेरिस में स्वर्ण जीतने वाले खिलाड़ियों को 75 लाख रुपये, रजत पदक पाने वालों को 50 लाख रुपये और कांस्य पदक विजेताओं को 30 लाख रुपये देने का निर्णय लिया गया है। इनके अलावा मिश्रित टीम में शामिल पदक विजेताओं को 22.5 लाख रुपये दिये जायेंगे। भारत ने अपने शानदार प्रदर्शन के साथ पैरालंपिक खेलों के इतिहास में 50 पदकों का आंकड़ा भी पार कर लिया। पैरालंपिक पदक विजेताओं का मंगलवार को स्वदेश वापस लौटने पर सैकड़ों प्रशंसकों ने फूल-मालाओं और मिठाइयों के साथ जोरदार स्वागत किया गया। भारत ने पेरिस पैरालंपिक में अपने ऐतिहासिक अभियान का समापन 29 पदकों के साथ किया जिसमें सात स्वर्ण के अलावा नौ रजत और 13 कांस्य पदक शामिल हैं। मांडविया ने 2028 लॉस एंजिलिस पैरालंपिक में अधिक पदक जीतने के लिए पैरा खिलाड़ियों को पूर्ण समर्थन और सुविधाएं देने का भी वादा किया। उन्होंने कहा, देश पैरालंपिक और पैरा खेलों में आगे बढ़ रहा है। 2016 में चार पदकों से, भारत ने टोक्यो में 19 पदक और पेरिस में 29 पदक जीते और 18वें स्थान पर रहा। हम अपने सभी पैरा खिलाड़ियों को सभी सुविधाएं प्रदान करेंगे ताकि हम 2028 लॉस एंजिल्स पैरालंपिक में और अधिक पदक तथा स्वर्ण पदक जीत सकें। भारत के लिए पेरिस पैरालंपिक सबसे सफल पैरालंपिक साबित हुआ है। टोक्यो पैरालंपिक 2020 इससे पहले भारत का सबसे सफल पैरालंपिक रहा था। उसमें भारत ने 54 एथलीट्स भेजे थे और 19 पदक जीतने में कामयाब रहे थे। इनमें पांच स्वर्ण, आठ रजत और छह कांस्य पदक शामिल थे। भारत ने 20वां पदक जीतते ही टोक्यो पैरालंपिक का रिकॉर्ड तोड़ दिया था। इसके अलावा सात स्वर्ण जीतकर भारत ने टोक्यो के पांच स्वर्ण के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत ने सोमवार को एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2024 टूर्नामेंट के अपने दूसरे मैच में जापान को 5-1 से हराया। यह टूर्नामेंट में भारत की लगातार दूसरी जीत है और इसी के साथ वह तालिका में छह अंक के साथ शीर्ष पर है। आज यहां मोकी हॉकी ट्रेनिंग बेस में हुये मुकाबले के पहले क्वार्टर से भारतीय टीम ने जापान को दबाव में रखा। भारतीय टीम ने आक्रमक शुरुआत करते हुए लगातार दो गोल किए। दूसरे मिनट में सुखजीत सिंह ने फील्ड गोल करके अपनी टीम का खाता खोला। वहीं, भारतीय फॉरवर्ड खिलाड़ी अभिषेक ने फील्ड गोल करके स्कोर 2-0 कर दिया। इसके बाद जापानी खिलाड़ियों ने लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, लेकिन वह एक भी गोल करने में सफल नहीं हुए।
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