साबू थंडर स्ट्राइकर्स बने एमपीएल सीजन 12 के विजेता; राठी रॉयल्स रहे उपविजेताटीम एबीएन, रांची। माहेश्वरी प्रीमियर लीग (एमपीएल) सीजन 12 का समापन उत्साह और रोमांच के साथ हुआ, जहां साबू थंडर स्ट्राइकर्स, जिसके मालिक आयुष साबू की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। उपविजेता राठी रॉयल्स टीम जिसे गौतम राठी के नेतृत्व में खेला गया, पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। रांची जिमखाना क्लब में आयोजित इस टूर्नामेंट में 10 से 12 जनवरी के बीच 8 टीमों ने हिस्सा लिया। फाइनल मुकाबले में खिलाड़ियों का जुनून और दर्शकों का जोश अपने चरम पर था। इस ऐतिहासिक आयोजन में माहेश्वरी समाज के सभी सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में झारखंड बिहार प्रदेश माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष राज कुमार मारू और झारखंड बिहार माहेश्वरी युवा संगठन के अध्यक्ष विवेक साबू की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और भव्य बना दिया। इसके अलावा, रांची माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष किशन साबू और सचिव नरेंद्र लखोटिया, महिला समिति की अध्यक्ष भारती चितलांगिया और सचिव बिमला फलोर सहित कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे। साबू थंडर स्ट्राइकर्स के हर खिलाड़ी ने फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जबकि राठी रॉयल्स ने अपनी रणनीतियों और टीम भावना से सबका दिल जीता। पूरे टूर्नामेंट के दौरान समाज के सदस्यों की सहभागिता और चौंपाल समिति के सहयोग से यह आयोजन समाज के लिए प्रेरणादायक बन गया। माहेश्वरी प्रीमियर लीग का यह सीजन समाज में खेल और एकता का प्रतीक बनकर उभरा। इस आयोजन ने न केवल खिलाड़ियों को एक मंच दिया, बल्कि समाज के हर वर्ग को जोड़ने का भी काम किया। एमपीएल सीजन 12 की सफलता सभी की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। विजेता और उपविजेता टीमों को बधाई देते हुए समाज के सभी सदस्यों ने इस आयोजन को माहेश्वरी समाज का गौरव बताया।
रांची में शुरू होने जा रही हॉकी इंडिया लीग, दिग्गजों का होगा जुटानटीम एबीएन, रांची। हॉकी की नर्सरी कहे जाने वाले राज्य झारखंड में पहली बार महिला हॉकी इंडिया लीग (ऌकछ) होने जा रहा है। इसका आयोजन राजधानी रांची के मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम में होगा। इसको लेकर भव्य तैयारियां की जा चुकी हैं। आज यानी रविवार की शाम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी और गांडेय से विधायक कल्पना सोरेन हॉकी लीग का उद्घाटन करेंगी। उद्घाटन मैच में दिल्ली सीजी पाईपर्स और उड़ीसा वारियर्स के बीच मुकाबला होगा। दर्शकों के लिए मजे की बात ये हैं कि स्टेडियम में एंट्री के लिए उन्हें कोई फीस नहीं दी जाएगी। आज शाम 5 से ही दर्शकों के लिए स्टेडियम का गेट खोल दिया जाएगा। स्टेडियम में सीट फुल होते ही दर्शकों की एंट्री बंद कर दी जाएगी। महिला हॉकी लीग को लेकर लोगों में भारी उत्सुकता देखी जा रही है।
मोहम्मद शमी की वापसी, टीम इंडिया को मिला नया उपकप्तान, टी20 सीरीज के लिए स्क्वॉड का ऐलान एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। उम्मीद की जा रही थी कि इंग्लैंड के खिलाफ टी20 और वनडे सीरीज के अलावा चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भी एक साथ स्क्वॉड का ऐलान होगा लेकिन सेलेक्शन कमेटी ने वनडे सीरीज और चैंपियंस ट्रॉफी के स्क्वॉड सेलेक्शन को फिलहाल कुछ दिनों के लिए टाल दिया है। काफी इंतजार के बाद आखिरकार इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान हो गया है। बीसीसीआई की सीनियर सेलेक्शन कमेटी ने कप्तान सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व में इंग्लैंड के खिलाफ इस महीने के अंत में शुरू हो रही टी20 सीरीज के लिए स्क्वॉड का ऐलान किया। सेलेक्शन कमेटी ने स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को टीम में जगह देकर सबको चौंका दिया है। पिछले एक साल से भी ज्यादा वक्त से बाहर चल रहे शमी टी20 क्रिकेट से टीम में लौट रहे हैं। हालांकि सेलेक्शन कमेटी ने फिलहाल वनडे सीरीज और चैंपियंस ट्रॉफी के सेलेक्शन को कुछ दिनों के लिए टाल दिया है। दो साल बाद शमी की टी20 में वापसी शनिवार 11 जनवरी को बीसीसीआई हेडक्वार्टर में मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति की मीटिंग हुई, जिसमें टीम का चयन हुआ और फिर चुने गए खिलाड़ियों के नाम का ऐलान कर दिया गया। सबसे चौंकाने वाली एंट्री इसमें शमी की रही है, जो वर्ल्ड कप 2023 के बाद से ही इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर चल रहे थे। चौंकाने वाली बात इसलिए क्योंकि शमी ने 2022 में वर्ल्ड कप के बाद से कोई भी टी20 इंटरनेशनल नहीं खेला है। हालांकि उनकी इस वापसी ने वनडे सीरीज और फिर चैंपियंस ट्रॉफी में उनके सेलेक्शन की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। भारत और इंग्लैंड के बीच 5 टी20 सीरीज की शुरूआत 22 जनवरी से कोलकाता के ईडन गार्डन्स में होगी। इस सीरीज के लिए सेलेक्शन कमेटी ने शमी के अलावा कोई बड़ा चौंकाने वाला फैसला नहीं लिया है। हालांकि टीम को नया उप-कप्तान जरूर मिल गया है। स्पिन-आॅलराउंडर अक्षर पटेल इस सीरीज में टीम इंडिया के उप-कप्तान होंगे। सीरीज में ज्यादातर वही खिलाड़ी चुने गए हैं, जो नवंबर में साउथ अफ्रीका दौरे पर टीम का हिस्सा थे। उनके अलावा नीतीश कुमार रेड्डी, ध्रुव जुरेल और हर्षित राणा भी टीम में लौटे हैं, जो इससे पहले बांग्लादेश के खिलाफ टी20 सीरीज में खेल रहे थे लेकिन आस्ट्रेलिया दौरे के कारण पिछली टी20 सीरीज के लिए उपलब्ध नहीं थे। ऋषभ पंत-अय्यर को नहीं मिला मौका उधर सेलेक्शन कमेटी ने टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे दो प्रमुख खिलाड़ी, ऋषभ पंत और शिवम दुबे को इस सीरीज में मौका नहीं दिया है। ये साफ नहीं है कि पंत को वनडे सीरीज और चैंपियंस ट्रॉफी को देखते हुए रेस्ट दिया गया है या टीम से ड्रॉप किया गया है। दुबे हालांकि जगह बनाने में नाकाम रहे हैं। वहीं मुंबई को अपनी कप्तानी में सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी का खिताब जिताने वाले श्रेयस अय्यर भी जगह नहीं बना सके हैं। हालांकि, अय्यर का भी वनडे सीरीज में खेलना तय नजर आ रहा है। टी20 सीरीज के लिए भारतीय स्क्वॉड सूर्यकुमार यादव (कप्तान), संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल (उप-कप्तान), हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, मोहम्मद शमी, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, वॉशिंगटन सुंदर, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर)।
टूर्नामेंट की शुरुआत 12 जनवरी को शाम 7:30 बजे एक छोटे उद्घाटन समारोह के साथ होगी यह कार्यक्रम झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर और हॉकी की भावना को मनाने के लिए आयोजित किया गया है टीम एबीएन, रांची। रांची में भारतीय हॉकी के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए महिला हीरो हॉकी इंडिया लीग का उद्घाटन संस्करण रविवार 12 जनवरी 2025 को मारंग गोमके जयपाल सिंह एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में शुरू होगा। यह आयोजन न केवल खेल के प्रति उत्साह का प्रतीक है, बल्कि महिला सशक्तिकरण और खेल के प्रति झारखंड की प्रतिबद्धता का भी जश्न है। जानकारी के अनुसार यह टूर्नामेंट 12 से 26 जनवरी 2025 तक चलेगा, जिसमें अंतरराष्ट्रीय और भारतीय महिला हॉकी की शीर्ष प्रतिभाएं हिस्सा लेंगी। इस लीग में एफआइएच महिला खिलाड़ी यिब्बी जेनसन, लिली ओस्ले और मारिया वर्चूर जैसे अंतरराष्ट्रीय सितारे खेलते नजर आयेंगे। इनके साथ सविता, वंदना कटारिया, सुशीला चानू, लालरेम्सियामी और भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे जैसे दिग्गज खिलाड़ी भी मैदान में अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगी।
महिला हीरो हॉकी इंडिया लीग 12 जनवरी से रांची मेंटीम एबीएन, रांची। महिला हीरो हॉकी इंडिया लीग (एच आईएल) का उद्घाटन 12 जनवरी को रांची के मारंग गोमके जयपाल सिंह एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में होगा। यह टूर्नामेंट 12 से 26 जनवरी 2025 तक चलेगा, इसमें एच आईएल महिला खिलाड़ी यिब्बी जेनसन, लिली ओस्ले और मारिया वर्चूर जैसे अंतरराष्ट्रीय सितारे शामिल होंगे। साथ ही सविता, वंदना कटारिया, सुशीला चानू, लालरेम्सियामी और भारतीय कप्तान सलीमा टेटे जैसे भारतीय दिग्गज भी शामिल होंगे। इस उद्घाटन संस्करण में चार टीमें प्रतिस्पर्धा करेंगी: ओडिशा वारियर्स, नेहा गोयल के नेतृत्व में। शराची रार बंगाल टाइगर्स, उदिता दुहान की कप्तानी में। दिल्ली एसजी पाइपर्स, नवनीत कौर के नेतृत्व में। जेएसडब्ल्यू सोरमा हॉकी क्लब, सविता और सलीमा टेटे की सह-कप्तानी में।
5 जनवरी से 2 फरवरी तक खिलाड़ी एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। 68वें नेशनल स्कूल गेम्स को लेकर राजधानी रांची में खेल प्रेमियों का उत्साह चरम पर है। पहली बार झारखंड को नेशनल स्कूल गेम्स प्रतियोगिता की मेजबानी मिली है। राज्य सरकार का शिक्षा विभाग इसे भव्य और आकर्षक बनाने में लगा हुआ है। इसके लिए मोरहाबादी और खेलगांव स्थित स्टेडियम सज-धज कर तैयार हो गये हैं। यहां 5 जनवरी से 2 फरवरी तक देशभर के स्कूली बच्चे अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवायेंगे। 5 जनवरी से रांची में आयोजित होने वाली खेल प्रतियोगिताओं में अंडर 19 और अंडर 14 बालक और बालिका वर्ग एथलेटिक्स, अंडर 19 बालक और बालिका वर्ग टेनिस, अंडर 14/17/19 बालक और बालिका वर्ग ट्रैक साइकिलिंग और अंडर 19 बालक और बालिका वर्ग हॉकी प्रतियोगिता शामिल हैं। अंडर 19 एथलेटिक्स का आयोजन 5 जनवरी से 8 जनवरी तक किया जायेगा, अंडर 14 एथलेटिक्स में लड़के/लड़कियां और आफिशियल्स समेत कुल 2044 प्रतिभागी भाग लेंगे। 17 जनवरी से 19 जनवरी तक टेनिस प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। 17 जनवरी से 20 जनवरी तक ट्रैक साइकिलिंग का आयोजन किया जायेगा, जिसमें 1540 प्रतिभागी भाग लेंगे। अंडर 19 हॉकी का आयोजन 29 जनवरी 2025 से 2 फरवरी 2025 तक किया जायेगा। इसमें कुल 1760 प्रतिभागी भाग लेंगे।
राष्ट्रीय जिम्नास्टिक चैंपियनशिप, सूरत, गुजरातएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। सूरत, गुजरात झ्र राष्ट्रीय जिम्नास्टिक चैंपियनशिप के चौथे दिन झारखंड के लिए गौरवपूर्ण पल आया, जब जूनियर खिलाड़ी दिवास ने अपनी शानदार प्रदर्शन क्षमता का प्रदर्शन करते हुए पैरालल बार स्पर्धा के व्यक्तिगत मुकाबले में स्वर्ण पदक हासिल किया। यह जीत झारखंड जिम्नास्टिक के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। कठिन प्रतिस्पर्धा और उच्च स्तरीय प्रतिभागियों के बीच दिवास ने अपने आत्मविश्वास, तकनीकी कौशल और संतुलित प्रदर्शन के दम पर शीर्ष स्थान प्राप्त किया। ज्ञात हो कि झारखंड में जिम्नास्टिक खिलाड़ियों को रेलवे स्टेडियम, चक्रधरपुर में प्रशिक्षण की सुविधा है। खिलाड़ियों के अभिभावकों के द्वारा व्यक्तिगत रूप से दिलचस्पी लेकर अपने बच्चों को राज्य के बाहर प्रशिक्षण हेतु भेजा जाता रहा है। राज्य में सुविधाओं से युक्त खेलगांव के गणपत राय स्टेडियम में सामान्य खिलाड़ियों को अभ्यास हेतु अनुमति नहीं रहने के बावजूद भी खिलाड़ियों द्वारा समय समय पर पदक जीता जा रहा है। गत वर्ष भी झारखंड के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एरोबिक्स प्रतियोगिता के दो स्पर्धा में कांस्य पदक जीत राज्य का मान बढ़ाया है, जो काफी सराहनीय है। यह सफलता दिवास की कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है। इस जीत से न केवल दिवास को, बल्कि पूरे झारखंड को गर्व है। झारखंड जिम्नास्टिक संघ के अध्यक्ष ने दिवास को बधाई देते हुए कहा, यह जीत झारखंड के खिलाड़ियों की बढ़ती क्षमताओं और राष्ट्रीय स्तर पर उनके प्रभावशाली प्रदर्शन को दर्शाती है।चैंपियनशिप में दिवास की इस सफलता ने राज्य के अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का काम किया है। दिवस को स्वर्ण पदक प्राप्त करने पर झारखंड ओलंपिक संघ के अध्यक्ष आर के आनंद, कार्यकारी अध्यक्ष, शेखर बोस, महासचिव मधुकांत पाठक, कोषाध्यक्ष शिवेंद्र दुबे, खेल सचिव मनोज कुमार, खेल निदेशक संदीप कुमार, जिला खेल पदाधिकारी शिवेंद्र कुमार सहित जिम्नास्टिक संघ उपाध्यक्ष तुलिका श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष गोविंद झा, संयुक्त सचिव लक्ष्मण विष्ट, कार्यकारी सचिव, राजीव, प्रशासनिक सचिव दीपक कुमार, प्रशिक्षक जितेन्द्र कुमार, विकास, हेमा, दीप कुमारी मांझी सहित सभी सदस्यों ने बधाई दी।
सिडनी टेस्ट से रोहित शर्मा ड्रॉप! किस के हाथ में भारतीय टीम की कमान? कोहली या बुमराह!एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का पांचवां और आखिरी टेस्ट मैच शुक्रवार 3 जनवरी से सिडनी में खेला जायेगा। इस मैच के नतीजा से यह भी कन्फर्म हो जायेगा कि भारत विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की दौड़ में बना रहेगा या नहीं। अगर भारत यह टेस्ट जीत जाता है तो वो फ़ाइनल की दौड़ में बना रहेगा, लेकिन अगर वह यह टेस्ट हारता है तो भारत इस दौड़ से बाहर हो जायेगा। इससे पहले भारतीय टीम के कैंप से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि भारत के टेस्ट कप्तान रोहित शर्मा को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट के लिए आराम दिया जाना तय है और उनकी जगह तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भारतीय टीम की कमान संभाल सकते हैं।इसके अलावा शुभमन गिल की प्लेइंग 11 में वापसी भी तय है और केएल राहुल पारी की शुरुआत करेंगे जबकि चोटिल आकाश दीप की जगह प्रसिद्ध कृष्णा को प्लेइंग इलेवन में चुना जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार रोहित ने कोच गौतम गंभीर और चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर को अपने बाहर होने के फैसले के बारे में सूचित कर दिया है और दोनों ने इस पर सहमति भी जतायी है।वहीं दूसरी ओर मैच प्रैक्टिस के दौरान कोच गंभीर को बुमराह के साथ लंबी बातचीत करते देखा गया। जबकि रोहित ने नेट अभ्यास के लिए आने वाले आखिरी लोगों में से थे। रोहित में टेस्ट में संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में खेले गये पिछले तीन टेस्ट मैचों में मात्र 6.2 और पिछले नौ टेस्ट मैचों में 10.93 की औसत से रन बनाये हैं।
खेल रत्न पुरस्कारों के बीच खेल रत्न लौटाने की प्रक्रिया चर्चा में क्यों... जानें जब सम्मान बना बोझएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत में खेल रत्न पुरस्कार देश के सर्वोच्च खेल सम्मान के रूप में जाना जाता है। यह पुरस्कार खिलाड़ियों को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए दिया जाता है। हालांकि, कुछ मामलों में यह गौरवपूर्ण सम्मान विवादों में आ जाता है, जिससे खिलाड़ियों को इसे वापस करने की नौबत आती है।कैसे लौटाया जाता है खेल रत्न पुरस्कार?खेल रत्न पुरस्कार लौटाने की प्रक्रिया सरकार द्वारा तय की गयी है। यदि किसी खिलाड़ी को अपना पुरस्कार वापस करना हो या सरकार द्वारा रद्द किया जाये, तो उसे अपने पदक और प्रमाण पत्र को संबंधित मंत्रालय को सौंपना पड़ता है।क्यों रद्द हो सकता है पुरस्कारडोपिंग, अनुशासनहीनता, या नैतिकता से जुड़ी अन्य गंभीर आरोपों के कारण सरकार किसी भी खिलाड़ी का पुरस्कार रद्द कर सकती है। इसके अतिरिक्त, किसी भी अनियमितता या विवादास्पद गतिविधि के चलते भी पुरस्कार वापस लिये जा सकते हैं। हालांकि, यदि खिलाड़ी अपनी बेगुनाही साबित कर देता है या मामला सुलझ जाता है, तो सरकार इस पुरस्कार को फिर से बहाल कर सकती है।ऐतिहासिक उदाहरण डी जयदेव का मामलासाल 2010 में प्रसिद्ध पहलवान डी. जयदेव का नाम उस समय सुर्खियों में आया, जब उन पर डोपिंग का आरोप लगा और उन्हें अपना खेल रत्न पुरस्कार वापस करना पड़ा। हालांकि, बाद में उन्होंने कानूनी लड़ाई लड़ी और खुद को निर्दोष साबित किया। इसके बाद सरकार ने उनका पुरस्कार पुनः बहाल कर दिया।क्या कहते हैं विशेषज्ञखेल विश्लेषकों का मानना है कि पुरस्कारों की गरिमा बनाये रखने के लिए यह प्रक्रिया जरूरी है। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि केवल योग्य और ईमानदार खिलाड़ी ही इस सम्मान के हकदार रहें।
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