एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। आईपीएल के बाद एक बार फिर फैंस को टीम इंडिया मैदान पर नजर आएगी और इस बार टक्कर होगी साउथ अफ्रीका से, जिसके खिलाफ सीरीज का आगाज 9 जून से होगा। पांच मैचों की इस टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का सेलेक्शन आईपीएल 2022 के फाइनल से पहले ही हो जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस सीरीज में टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली को आराम दिया जा सकता है। खराब फॉर्म में चल रहे विराट कोहली के लिए ये आराम जरूरी भी है क्योंकि वो लगातार क्रिकेट खेल रहे हैं और बायो बबल में रहकर मानसिक थकान हो जाती है जिसका असर उनके प्रदर्शन पर भी दिखाई दे रहा है। साथ ही खबरें हैं कि आईपीएल में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले कुछ खिलाड़ियों को टीम इंडिया की कैप मिल सकती है। इनसाइड स्पोर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक उमरान मलिक, पृथ्वी शॉ पर टीम इंडिया के चयनकर्ताओं की नजरें हैं। उमरान मलिक ने अपनी रफ्तार के दम पर सभी को प्रभावित किया है इस बार उन्होंने खबर लिखे जाने तक 15 विकेट भी हासिल किए हैं। साथ ही सनराइजर्स हैदराबाद के ओपनर अभिषेक शर्मा पर भी टीम की नजरें हैं। आने वाले मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन इनके रास्ते टीम इंडिया के लिए खोल सकता है। हार्दिक पंड्या की वापसी तय : गुजरात टाइटंस की कप्तानी कर रहे हार्दिक पंड्या ने आईपीएल 2022 में बल्लेबाजी और कप्तानी से दिल जीत लिया है। साथ ही उन्होंने जितने मुकाबलों में गेंदबाजी की वो बेहद प्रभावी दिखे। ऐसे में रिपोर्ट्स हैं कि हार्दिक की वापसी तय है। वैसे पंड्या की फिटनेस को देखकर ही चयनकर्ता अंतिम फैसला लेंगे। विराट की फॉर्म से चिंतित चयनकर्ता खबर ये भी है कि विराट कोहली की फॉर्म बीसीसीआई चयनकर्ताओं की चिंता का विषय बनी हुई है। इनसाइड स्पोर्ट से बातचीत करते हुए बीसीसीआई के एक अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की। बीसीसीआई अधिकारी ने कहा, उन्होंने भारतीय क्रिकेट की सेवा की है लेकिन उनकी फॉर्म चिंता का विषय है। सेलेक्टर इस मुद्दे पर जरूर बात करेंगे। बीसीसीआई चयन के मुद्दों पर दखल नहीं देती और चयनकर्ता ही विराट पर फैसला लेंगे। बता दें साउथ अफ्रीका और भारत के बीच पहला टी20 9 जून को खेला जाएगा। इसके बाद 12 जून, 14 जून, 17 जून और 19 जून को मुकाबले होंगे। मैच दिल्ली, कटक, वाइजैग, राजकोट और बेंगलुरू में होंगे।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉल खिलाड़ियों में से एक डिएगो माराडोना के द्वारा 1986 विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मैच में पहनी गई जर्सी नीलामी में सबसे अधिक रकम हासिल करने वाली खेल से जुड़ी चीज बन गई। इस जर्सी के लिए बुधवार को खत्म हुई नीलामी में 67.58 करोड़ रुपए (7.1 मिलियन पाउंड) मिले। इस मैच को विवादास्पद हैंड ऑफ गॉड गोल के लिए जाना जाता है। इस मैच में माराडोना हेडर से गोल करना चाहते थे लेकिन गेंद कथित तौर पर उनके हाथ से टकराकर गोल पोस्ट में चली गई थी और मैच रेफरी इसे देखने में विफल रहे थे। उन्होंने हालांकि इस मैच में अपनी ख्याति के अनुरूप इंग्लैंड की लगभग पूरी टीम को अपनी शानदार ड्रिबलिंग से छकाते हुए गोलकर टीम को यादगार जीत दिलाई थी। नीलामीकर्ता सोथबाय ने बुधवार को बताया कि माराडोना की जर्सी के लिए रिकार्ड 7.1 मिलियन पाउंड की बोली लगी। उन्होंने हालांकि इसके खरीदार की जानकारी नहीं दी। मेक्सिको सिटी में 22 जून 1986 को खेले गए इस मैच का महत्व और भी अधिक था क्योंकि इससे चार साल पहले ब्रिटेन और अर्जेंटीना के बीच फॉकलैंड द्वीप को लेकर संघर्ष हुआ था। माराडोना ने बाद में कहा कि यह गोल माराडोना के सिर और भगवान के हाथ (हैंड ऑफ गॉड) के मिश्रण से हुआ था। मैच के उनके दूसरे गोल को 2002 में फीफा के जनमत में सदी का सर्वश्रेष्ठ गोल चुना गया था। अर्जेंटीना इस मैच को 2-1 से जीतने के बाद सेमीफाइनल और फाइनल में जीत दर्ज कर चैम्पियन बना था। इस मैच के बाद माराडोना ने इंग्लैंड के मिडफील्डर स्टीव हॉज के साथ जर्सी की अदला-बदली की। उन्होंने अब तक इसे कभी बेचा नहीं था। यह पिछले 20 वर्षों से मैनचेस्टर में इंग्लैंड के राष्ट्रीय फुटबॉल संग्रहालय के लिए ऋण पर है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। एंडी मरे बीमारी के कारण गुरुवार को मैड्रिड ओपन टेनिस में शीर्ष रैंकिंग के खिलाड़ी नोवाक जोकोविच के खिलाफ अपने मैच से हट गए। यह घोषणा दोनों खिलाड़ियों के बीच तीसरे दौर के मैच के शुरू होने से कुछ समय पहले ही हुई। कूल्हे की दो बार सर्जरी कराकर वापसी करने वाले मरे ने मैड्रिड में अपने शुरुआती दो मैच डोमिनिक थिएम और डेनिस शापोवालोव को हराया था। इस साल जनवरी के बाद यह पहला मौका था जब विश्व रैंकिंग के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी ने लगातार दो मैच जीते है। मरे की बीमारी के बारे में फिलहाल अधिक जानकारी नहीं मिल पाई है। मरे की मौजूदा रैंकिंग 78 हैं और इसमें लगातार सुधार हो रहा है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। नोवाक जोकोविच ने अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में वापसी के संकेत देते हुए गेल मोनफिल्स को सीधे सेटों में करारी शिकस्त देकर मैड्रिड ओपन टेनिस टूर्नामेंट के तीसरे दौर में प्रवेश किया जहां उनका मुकाबला एंडी मर्रे से होगा। जोकोविच ने मोनफिल्स को 6-3, 6-2 से हराने के बाद इसे इस साल का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करार दिया। सर्बियाई खिलाड़ी ने पांच ब्रेक प्वाइंट बचाये जबकि तीन बार फ्रांसीसी खिलाड़ी मोनफिल्स की सर्विस तोड़ी। शीर्ष वरीयता प्राप्त जोकोविच ने कहा, मैं इसे संभवत: साल के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के रूप में देखता हूं। मुझे कोर्ट पर बहुत अच्छा लगा। यह बहुत अच्छा प्रदर्शन था। मैं बहुत खुश हूं। मैड्रिड में तीन बार के विजेता जोकोविच का अगला मुकाबला यहां दो बार के चैंपियन मर्रे से होगा, जिन्होंने डेनिस शापोवालोव पर 6-1, 3-6, 6-2 से हराया। स्पेन के कार्लोस अल्कराज ने निकोलस बेसिलशविली पर 6-3, 7-5 से जीत के साथ अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखा। इससे पहले रूस के आंद्रे रूबलेव ने ब्रिटेन के 20 वर्षीय जैक ड्रेपर को 2-6, 6-4, 7-5 से हराकर तीसरे दौर में प्रवेश किया। मारिन सिलिच ने अल्बर्ट रामोस विनोलस को 6-3, 3-6, 6-4 से हराया, जबकि अमेरिका के फ्रांसेस टियाफो और जेनसन ब्रूक्सबी अपने पहले दौर के मैच सीधे सेटों में हार गए। टियाफो को क्रिस्टियन गारिन ने 6-1, 6-3 से और ब्रूक्सबी को रॉबर्टो बॉतिस्ता आगुट ने 6-0, 6-2 से पराजित किया। एक अन्य मैच में सेबस्टियन कोर्डा ने हमवतन अमेरिकी रीली ओपेल्का को 6-3, 7-5 से हराया। महिलाओं के वर्ग में अमेरिका की जेसिका पेगुला ने बियांका आंद्रीस्कू को 7-5, 6-1 से और स्पेन की सारा सोरिब्स टॉर्मो ने दारिया कसातकिना को 6-4, 1-6, 6-3 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। युवा प्रिया मोहन ने यहां कांतीरवा स्टेडियम में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में 400 मीटर दौड़ का खिताब हासिल करने के एक दिन बाद सोमवार को 200 मीटर दौड़ में अनुभवी दुती चंद को पछाड़ कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। एशियाई खेलों (2018) की रजत पदक विजेता दुती दौड़ के पहले 100 मीटर में सबसे आगे थीं लेकिन 19 साल की प्रिया ने इसके बाद बढ़त हासिल कर 23.90 सेकंड के समय के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। दुती ने 24.02 सेकंड के समय के साथ रजत और रांची विश्वविद्यालय की फ्लोरेंस बारला ने 24.13 सेकंड के साथ कांस्य पदक हासिल किया। प्रिया जीत के बावजूद इस बात से नाखुश थी कि बारिश ने उनके व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की योजना पर पानी फेर दिया। मेजबान जैन विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने वाली मोहन ने कहा, मैंने इसके लिए वास्तव में कड़ी तैयारी की थी और शानदार लय में थी। मौसम ने मेरी योजना को विफल कर दिया।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। युवा प्रिया मोहन ने यहां कांतीरवा स्टेडियम में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में 400 मीटर दौड़ का खिताब हासिल करने के एक दिन बाद सोमवार को 200 मीटर दौड़ में अनुभवी दुती चंद को पछाड़ कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। एशियाई खेलों (2018) की रजत पदक विजेता दुती दौड़ के पहले 100 मीटर में सबसे आगे थीं लेकिन 19 साल की प्रिया ने इसके बाद बढ़त हासिल कर 23.90 सेकंड के समय के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। दुती ने 24.02 सेकंड के समय के साथ रजत और रांची विश्वविद्यालय की फ्लोरेंस बारला ने 24.13 सेकंड के साथ कांस्य पदक हासिल किया। प्रिया जीत के बावजूद इस बात से नाखुश थी कि बारिश ने उनके व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की योजना पर पानी फेर दिया। मेजबान जैन विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने वाली मोहन ने कहा, मैंने इसके लिए वास्तव में कड़ी तैयारी की थी और शानदार लय में थी। मौसम ने मेरी योजना को विफल कर दिया।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम सोमवार को जारी एफआईएच विश्व रैंकिंग में आगे बढ़ते हुए क्रमश: तीसरे और सातवें स्थान पर पहुंच गई। भारत की दोनों टीम की रैंकिंग में सुधार हुआ है। दोनों टीम ने हाल में एफआईएच प्रो लीग के मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन किया था। भारतीय पुरुष टीम इंग्लैंड (3-3 और 4-3) और जर्मनी (3-0 और 3-1) के खिलाफ तीन जीत और एक ड्रॉ की बदौलत नीदरलैंड को पछाड़कर एक स्थान के फायदे से तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। मलेशिया के खिलाफ चार टेस्ट मैच की सफल श्रृंखला के बाद आस्ट्रेलिया पुरुष रैंकिंग में शीर्ष पर बरकरार है। बेल्जियम दूसरे स्थान पर है जबकि उसके बाद भारत, नीदरलैंड, जर्मनी, अर्जेन्टीना, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड का नंबर आता है। महिला रैंकिंग में भारत एफआईएच प्रो लीग में शीर्ष रैंकिंग वाले नीदरलैंड पर जीत की बदौलत सातवें स्थान पर पहुंच गया है। प्रो लीग में अच्छे प्रदर्शन की बदौलत अर्जेन्टीना दूसरे जबकि आस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर है। इंग्लैंड चौथे स्थान पर है जबकि उसके बाद जर्मनी, स्पेन और भारत हैं। बेल्जियम की टीम न्यूजीलैंड और जापान से आगे 8वें स्थान पर हैं।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत की दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु की आंखों में तब आंसू आ गए जब उनका जापान की अकाने यामागुची के खिलाफ सेमीफाइनल मैच के बीच में अंपायर के "अनुचित" फैसले के कारण लय गड़बड़ाने से एशियाई बैडमिंटन चैंपियनशिप (बीएसी) जीतने का सपना चकनाचूर हो गया। सिंधू पहला गेम जीतने के बाद दूसरे गेम में जब 14-11 से आगे थी तो उन पर सर्विस करते हुए बहुत अधिक समय लेने के लिए एक अंक की "पेनल्टी" लगाई गई। हैदराबाद की इस 26 वर्षीय खिलाड़ी की इसके बाद लय गड़बड़ा गई और आखिर में वह 21-13, 19-21, 16-21 से हार गयी। इस तरह से उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा जो इस महाद्वीपीय चैंपियनशिप में उनका दूसरा पदक है। सिंधू ने शनिवार को मैच के बाद कहा कि अंपायर ने मुझसे कहा कि आप बहुत समय ले रही हो लेकिन विपक्षी खिलाड़ी उस समय तैयार नहीं थी। लेकिन अंपायर ने अचानक उसे अंक दे दिया और यह वास्तव में अनुचित था। मुझे लगता है कि यह मेरी हार का एक कारण था। उन्होंने कहा कि मेरा कहने का मतलब है मुझे ऐसा लगता है क्योंकि उस समय स्कोर 14-11 था और वह 15-11 हो सकता था लेकिन इसके बजाय यह 14-12 हो गया। इसके बाद उसने लगातार अंक बनाये। मुझे लगता है कि यह बहुत अनुचित था। हो सकता था कि मैं मैच जीत जाती और फाइनल में खेलती। मैंने मुख्य रेफरी से बात की, वह आये और उन्होंने कहा कि फैसला पहले ही हो चुका है। मुख्य रेफरी के रूप में आपको कम से कम यह सुनिश्चित करने की ज़रूरत है कि गलती क्या थी। उन्हें रीप्ले देखकर इसको लेकर फैसला करना चाहिए था। सिंधु के पिता पीवी रमन्ना ने कहा कि सिंधु इस फैसले से बेहद निराश है। उसे इस बार स्वर्ण जीतने का भरोसा था और इसलिए वह बहुत निराश है। जब उसने मुझसे बात की तो वह रो रही थी लेकिन मैंने उससे कहा कि जो हो गया उसे भूल जाओ। सिंधू को मुख्य रेफरी के साथ चर्चा करते हुए भी देखा गया। अंपायर ने जो किया वह सही नहीं था, अगर वह देरी कर रही थी तो पहले उसे पीला कार्ड दिखाकर चेतावनी दी जानी चाहिए थी। कम से कम एक अंक से दंडित किए जाने पर उसे लाल कार्ड दिखाते, लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया। कयास लगाए जा रहे थे कि सिंधू कांस्य पदक स्वीकार नहीं करेगी क्योंकि उन्होंने पदक समारोह में हिस्सा नहीं लिया था लेकिन इस खिलाड़ी ने पदक के साथ तस्वीर ट्वीट करके इन अटकलबाजियों पर विराम लगा दिया। सिंधू ने ट्वीट किया कि पीड़ादायक अभियान के आखिर में पदक हमेशा विशेष होता है। यह इससे बेहतर हो सकता था। अब निगाह अगली प्रतियोगिता पर है। रमन्ना ने स्पष्ट किया कि पदक वितरण समारोह में उपस्थित नहीं हो पाने के लिए अधिकारियों से अनुमति ली गयी थी। उन्होंने कहा, ऐसा कुछ नहीं है कि वह पदक स्वीकार नहीं करती। उसे स्वदेश के लिए उड़ान पकड़नी थी इसलिए उसने अधिकारियों से अनुमति ली थी।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। रवींद्र जडेजा ने चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी वापस महेंद्र सिंह धोनी को सौंप दी है। आईपीएल 2022 शुरू होने के कुछ दिन पहले एमएस धोनी ने रवींद्र जडेजा को टीम का कप्तान बनाया था। जडेजा के नेतृत्व में सीएसके का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा। उनकी कप्तानी ने सीएसके ने 8 मैच खेले, जिनमें 2 जीते और 6 हारे। चेन्नई सुपर किंग्स ने अपने एक बयान में कहा कि जडेजा ने धोनी को दोबारा कप्तानी सौंपने की पेशकश की जिसे धोनी ने स्वीकार लिया। धोनी ने बतौर कप्तान सीएसके को 4 बार आईपीएल का खिताब दिलाया है। अब एमएस धोनी एक बार फिर से टीम की कमान संभालते दिखेंगे। टीम को रविवार को सनराइजर्स हैदराबाद से भिड़ना है। टीम को मौजूदा सीजन के प्लेऑफ में पहुंचने के लिए सीजन के बचे अपने सभी मैच जीतने होंगे। इसके बाद भी टेबल का समीकरण देखना होगा। लेकिन जडेजा के कप्तानी छोड़ने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि 40 साल के धोनी के बाद टीम की कमान किसे सौंपी जाएगी।
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