एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के पूर्व कप्तान विराट कोहली हालांकि खराब दौर से गुजर रहे हैं लेकिन उन्होंने शुक्रवार को इतिहास रचते हुए आईपीएल में अपने 6500 रन पूरे किये। वह ऐसा करने वाले पहले खिलाड़ी बने हैं। कोहली के ठीक पीछे पंजाब किंग्स के शिखर धवन हैं जिन्होंने आईपीएल में 6186 रन बनाये हैं। इस सीजन से पहले कोहली को यह कीर्तिमान रचने के लिये 217 रन की आवश्यकता थी। खराब फॉर्म से जूझ रहे किंग कोहली को यह रन बनाने में कुल 13 मैच लगे।इस सीजन में कोहली तीन बार पहली गेंद पर आउट हो चुके हैं। 2010 से अब तक कोहली ने हर आईपीएल सीजन में 300+ रन बनाये हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2016 में आया था जब उन्होंने चार शतकों की मदद से 973 रन जड़कर आरसीबी को पांच साल बाद फाइनल मे पहुंचाया था।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय गोल्फर दीक्षा डागर ने बधिर ओलंपिक की गोल्फ प्रतियोगिता के फाइनल में अमेरिका की एशलिन ग्रेस को हराकर स्वर्ण पदक जीता। दीक्षा का बधिर ओलंपिक में यह दूसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने 2017 में रजत पदक जीता था। वह इन खेलों में दो पदक जीतने वाली पहली गोल्फर बन गई है। यूरोपीय टूर में खेलने वाली 21 वर्षीय दीक्षा ने महिला गोल्फ प्रतियोगिता के मैच प्ले वर्ग के फाइनल में पांच और चार से जीत दर्ज की। इसका मतलब है कि जब दीक्षा ने पांच होल में जीत दर्ज की तब चार होल का खेल बचा था। बधिर ओलंपिक में 2017 में जब पहली बार गोल्फ को शामिल किया गया था तो दीक्षा ने आसानी से फाइनल में जगह बनाई थी लेकिन अमेरिका की योस्ट केलिन ने उन्हें हराकर स्वर्ण पदक जीता था और भारतीय खिलाड़ी को रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। दीक्षा ने पिछले साल तोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था और वह लेडीज यूरोपीय टूर पर व्यक्तिगत खिताब जीत चुकी हैं। वह लेडीज यूरोपीय टूर पर टीम प्रतियोगिता जीतने वाली टीम का भी हिस्सा रह चुकी हैं। इस बीच फ्रांस की मार्गो ब्रेजो ने बेहद संघर्षपूर्ण मुकाबले में 2017 की कांस्य पदक विजेता नॉर्वे की आंद्रिया होव्सटीन हेलेगेर्डे को तीसरे प्लेआॅफ में हराकर कांसे का तमगा जीता। इस तरह से आंद्रिया का दूसरा पदक जीतने का सपना पूरा नहीं हो पाया।
एबीएन डेस्क। डेनिस शापोवालोव ने इटालियन ओपन टेनिस के पहले दौर में संहिता का उल्लंघन किया लेकिन लोरेंजो सोनेगो को 7-6, 3-6, 6-3 से हराने में कामयाब रहे। दूसरे सेट में चेयर अंपायर को लाल क्लेकोर्ट पर विरोधी खिलाड़ी की साइड दिखाने के लिये वह नेट के ऊपर से कूद गए थे जो खेलभावना के विपरीत आचरण माना जाता है। अंपायर ने शापोवालोव की सर्विस को बाहर करार दिया था जिससे उनके डबलफाल्ट पर सोनेगो को ब्रेक प्वाइंट मिला। शापोवालोव वह सेट हार गए। उन्होंने हालांकि बाद में अपने आचरण के लिए अंपायर से माफी मांगी। अब उनका सामना जॉर्जिया के निकोलोज बासिलाश्विली से होगा जिन्होंने डेनियल इवांस को 7-6, 6-2 से हराया। तीन बार के ग्रैंडस्लैम चैंपियन स्टान वावरिंका ने रीली ओपेलका को 3-6, 7-5, 6-2 से मात दी। डोमिनिक थियेम को इटली के फेबियो फोगनिनी ने 6-4, 7-6 से हराया। अब उनका सामना हमवतन जानिक सिनेर से हो सकता है। महिला वर्ग में 2020 की चैम्पियन सिमोना हालेप ने एलिजे कोर्नेत को 6-4, 6-4 से हराया जबकि विक्टोरिया अजारेंका ने विक्टोरिया गोलुबिच को 6-3, 6-0 से मात दी। कोको गॉ ने एंजेलिक कर्बर को 6-1, 6-4 से हराया। यूक्रेन की अनहेलिना कालिनिना ने मेडिसन की को 6-4, 6-4 से मात दी।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। टोक्यो ओलंपिक-2020 में कांस्य पदक जीतने वाली भारत की लवलीना बोरगोहेन ने इस्तांबुल में जारी आईबीए महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के 12वें संस्करण में भारत को विजयी आगाज दिलाया है। लवलीना ने सोमवार देर रात हुए अपने पहले मुकाबले में चीनी ताइपे की पूर्व विश्व चैंपियन चेन निएन-चिन को परास्त किया। टोक्यो ओलंपिक के बाद अपना पहला टूर्नामेंट खेल रहीं लवलीना 70 किग्रा भार वर्ग के अपने पहले मुकाबले में 3-2 के विभाजित फैसले के साथ अंतिम-16 दौर में पहुंचने में सफल रहीं, जहां उनका सामना शुक्रवार को फेयर चांस टीम की सिंडी नगाम्बा से होगा। दोनों मुक्केबाजों ने सावधानी के साथ शुरुआत की। शुरूआती एक मिनट तक तो किसी ने एक भी प्रहार नहीं किया। पूरे संयम के साथ खेल रहीं लवलीना ने पहले राउंड में कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई और जब सही मौका आया तभी अपने लम्बे हाथ पसारे। दूसरे राउंड में दोनों के बीच मुक्कों के कुछ अच्छे आदान-प्रदान हुए। इस दौरान चेन ने आक्रमण करने की कोशिश की, लेकिन तेज-तर्रार भारतीय अच्छी रक्षा तकनीक के साथ ब्लॉक करने में सफल रहीं और कांटे के मुकाबले के परिणाम को अपने पक्ष में करने में सफलता हासिल की। मैच के बाद लवलीना ने कहा, ओलंपिक के बाद ये मेरा पहला मैच था। ओलंपिक में बहुत कुछ सीखने को मिला था तो उस सबके ऊपर काम किया था। मुझे देखना था कि ओलंपिक के बाद अपनी कमियों पर काम करने के बाद मैं कहां तक पहुंची हूं और कैसा कर रही हूं। ये मैच मेरे लिए थोड़ा टफ था लेकिन सबके सपोर्ट की वजह से मैं अच्छा कर पाई और अच्छा बाउट दे पाई। मेरी यही कोशिश रहेगी कि आने वाले टाइम में और अच्छा कर पाऊं और इंडिया को गोल्ड दे पाऊं। इस जीत के साथ लवलीना ने विश्व चैंपियनशिप में 2018 और 2016 में क्रमश: स्वर्ण और कांस्य पदक जीतने वाली चीनी ताइपे की इस मुक्केबाज के खिलाफ अपना व्यक्तिगत रिकार्ड 2-3 कर लिया है। चिन के खिलाफ लवलीना की यह लगातार दूसरी जीत है। उल्लेखनीय है कि चिन को ही लवलीना ने टोक्यो ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल में हराया था और फिर सेमीफाइनल में पहुंचकर अपने लिए कांस्य पदक पक्का किया था। इससे पहले के तीन मुकाबलों में हालांकि चिन ने बाजी मारी थी। टूर्नामेंट के दूसरे दिन मंगलवार को भारत की नीतू अपना मुकाबला खेलती नजर आएंगी। नीतू 48 किग्रा भार वर्ग के शुरूआती दौर में रोमानिया की स्टेलुटा डूटा से भिड़ेंगी। चार भारतीय खिलाड़ियों- शिक्षा (54 किग्रा), मनीषा (57 किग्रा), अंकुशिता (66 किग्रा) और नंदिनी (+81 किग्रा) को अपने-अपने शुरूआती दौर के मुकाबलों में बाई मिली है। यह साल खास है क्योंकि 73 देशों की 310 मुक्केबाज इस चैम्पियनशिप में भाग ले रही हैं। यह साल खास इसलिए भी है क्योंकि यह इस प्रतिष्ठित आयोजन की 20वीं वर्षगांठ का प्रतीक है। आईबीए महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप का पिछला संस्करण 2019 में रूस में आयोजित किया गया था। उस समय भारतीय मुक्केबाजों ने एक रजत और तीन कांस्य पदक जीते थे। भारतीय खिलाड़ियों ने इस प्रतिष्ठित वैश्विक आयोजन के 11 संस्करणों में अब तक नौ स्वर्ण, आठ रजत और 19 कांस्य सहित 36 पदक हासिल किए हैं। रूस (60) और चीन (50) के बाद भारत के नाम सबसे अधिक पदक हैं।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। 12वीं हॉकी इंडिया राष्ट्रीय सीनियर महिला हॉकी चैंपियनशिप 2022 में हॉकी झारखंड की महिला टीम ने सोमवार को अपने दूसरे मैच में आंध्र प्रदेश को 10-0 गोल से पराजित किया। इस मैच के बाद क्वार्टर फाइनल में झारखंड की टीम प्रवेश कर गई। यह प्रतियोगिता 6 से 17 मई तक मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित की जा रही है। हॉकी झारखंड ने अभी तक इस प्रतियोगिता के दो मैच में कुल 46 गोल कर चुकी है। अपने दूसरे मुकाबले में झारखंड टीम की प्रमिला सोरेंग ने मैच के 30वें सेकेंड में ही पहला गोल कर विपक्षी टीम पर दबाव बना दिया। झारखंड की ओर से प्रमिला सोरेंग ने खेल के पहले और 30वें मिनट में गोल दागे। वहीं अलबेला रानी टोप्पो 38 और 40वें मिनट में 2 गोल किए। रोशनी डुंगडुंग ने भी 41 और 44वें मिनट में 2 गोल दागे। जबकि सुभासी हेमरोम ने 34वें मिनट, वेतन डुंगडुंग 11वें मिनट, एडलिन बागे 52वें मिनट और फुलमनी भेंगरा ने 60वें मिनट में एक-एक गोल कर टीम को विजय दिलाई है। झारखंड टीम की इस ताबड़तोड़ गोल के कारण मध्य प्रदेश की टीम को करारी हार का सामना करना पड़ा। झारखंड हॉकी टीम ने पिछले मैच में हॉकी पांडुचेरी को 36-0 गोल से पराजित किया था। अभी तक झारखंड की टीम ने प्रतियोगिता के अपने मात्र दो मैच में कुल 46 गोल कर चुकी है। इस तरह गोल की तालिका में झारखंड सबसे ऊपर नजर आ रही है। झारखंड टीम के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने पर अध्यक्ष भोला नाथ सिंह, शशिकांत प्रसाद, विजय शंकर सिंह रजनीश कुमार मनोज कोनबेगी, माइकल लाल, प्रतिमा बरवा, असरिता लकड़ा, विजय सनातन सहित हॉकी झारखंड के समस्त पदाधिकारियों ने बधाई दी है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। मैक्स वेरस्टाप्पन ने क्वालीफाइंग में की गई गलती से उबरकर यहां मियामी ग्रां प्री फार्मूला वन रेस का खिताब जीता। रेडबुल के ड्राइवर वेरस्टाप्पन क्वालीफाइंग की गलती के कारण आगे की कतार से शुरूआत नहीं कर पाए लेकिन मौजूदा विश्व चैंपियन ने इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा और चैंपियनशिप में अभी शीर्ष चल रहे फेरारी के चार्ल्स लेकरेक को पीछे छोड़कर रेस जीती। फेरारी के कार्लोस सेंज तीसरे, रेडबुल के सर्जियो पेरेज चौथे और मसीर्डीज के जार्ज रसेल पांचवें स्थान पर रहे। वेरस्टाप्पन की यह इस सत्र की पांच रेस में तीसरी जीत है। अपने करियर की 23वीं जीत से वह अब लेकरेक से केवल 19 अंक पीछे रह गये हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अभिनव देसवाल ने पुरुष 10 मीटर एयर पिस्टल में खिताब के साथ ब्राजील के केक्सियास डो सुल में चल रहे 24वें बधिर ओलंपिक में भारत को निशानेबाजी में दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया। उत्तराखंड के रुड़की के 15 साल के अभिनव और रजत पदक जीतने वाले यूक्रेन के ओलेक्सी लाजेबनिक के 24 शॉट के फाइनल के बाद समान 234.2 अंके थे। अभिनव ने इसके बाद शूट आफ में अपने प्रतिद्वंद्वी के 9.7 अंक के मुकाबले 10.3 अंक जुटाकर स्वर्ण पदक जीता। चीनी ताइपे के सु मिंग जुई को कांस्य पदक मिला। अभिनव ने 60 शॉट के क्वालीफेशन दौर में 600 में से 575 अंक जुटाकर दूसरे स्थान पर रहते हुए आठ निशानेबाजों के फाइनल में जगह बनाई थी। यहां भी उनके और किम किहयिओन के समान अंक थे लेकिन कोरियाई खिलाड़ी ने अंदरूनी 10 अंक पर अधिक निशाने लगाकर शीर्ष स्थान हासिल किया। स्पर्धा में हिस्सा ले रहे एक अन्य भारतीय शुभम वशिष्ठ ने भी 563 अंक के साथ छठे स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई। वह फाइनल में भी छठे स्थान पर रहते हुए बाहर हो गए। फाइनल में अभिनव ने धीमी शुरुआत की। पांच शॉट की पहली सीरीज के बाद वह पांचवें स्थान पर रहे थे लेकिन 10 शॉट के बाद चौथे स्थान पर पहुंच गए। उनके प्रदर्शन में हालांकि निरंतरता दिखी और लगातार अच्छे निशाने लगाकर वह आगे बढ़ते रहे और अंत में ओलेक्सी के साथ शीर्ष दो स्थान पर रहे। अंतिम दो शॉट में अभिनव ओलेक्सी से 0.6 अंक से पिछड़ रहे थे लेकिन भारतीय निशानेबाज ने धैर्य कायम रखते हुए जीत दर्ज की। भारत के अब निशानेबाजी स्पर्धा में चार पदक हो गए हैं। धनुष श्रीकांत ने पुरुष 10 मीटर एयर राइफल में स्वर्ण पदक जीता था। शौर्या सैनी ने इसी स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया। गुरुवार को वेदिका शर्मा ने महिला 10 मीटर एयर पिस्टल में कांस्य पदक जीता। भारत ने बधिर ओलंपिक के लिए 65 सदस्यीय दल भेजा है जिसमें 10 निशानेबाज शामिल हैं।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। चीन में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के कारण इस साल सितंबर में हांगजो में होने वाले एशियाई खेलों को शुक्रवार को स्थगित कर दिया गया। सरकारी समाचार चैनल सीजीटीएन टीवी के अनुसार एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) ने 19वें एशियाई खेलों को स्थगित कर दिया है जिसे ओलंपिक के बाद दूसरा सबसे बड़ा खेल आयोजन माना जाता है। पूर्व कार्यक्रम के अनुसार इन खेलों का आयोजन शंघाई से लगभग 175 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में स्थित झेजियांग प्रांत की राजधानी हांगजो में 10 से 25 सितंबर के बीच किया जाना था। खेलों की आधकारिक वेबसाइट पर बयान में कहा गया है, एशियाई ओलंपिक परिषद ने घोषणा की है कि 10 से 25 सितंबर, 2022 तक हांगजो, चीन में होने वाले 19वें एशियाई खेलों को स्थगित कर दिया जाएगा। यह फैसला इसलिए किया गया क्योंकि चीन अभी कोविड-19 से जूझ रहा है। शंघाई में प्रत्येक दिन रिकॉर्ड संख्या में मामले आ रहे हैं जो कि मेजबान शहर हांगजो से अधिक दूर नहीं है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड की हॉकी का हुनर एक बार जूनियर स्तर तहलका मचाने को तैयार नजर आ रहा है। रांची के बरियातू हॉकी प्रशिक्षण केंद्र में राष्ट्रीय महिला सब जूनियर और राष्ट्रीय पुरुष जूनियर चैपियनशिप के लिए कैंप लगा है। यहां से झारखंड की टीम का एलान किया जाना है। इस कैंप में 12वीं राष्ट्रीय सब जूनियर महिला हॉकी चैंपियनशिप के लिए लड़कियां भाग ले रही हैं। इसका आयोजन मणिपुर में 11 मई से 22 मई तक होना है। वहीं, लड़कों के लिए तमिलनाडु में राष्ट्रीय जूनियर हॉकी पुरुष चैंपियनशिप का 17 से 28 मई के बीच आयोजन होना है। इस कैंप से बेस्ट 18 लड़कों और लड़कियों का चयन झारखंड की टीम के लिए किया जाएगा। कोच करुणा पूर्ति की मानें तो कैंप में पेनाल्टी कॉर्नर समेत तमाम कमियों को दूर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने का रिकॉर्ड सुधारना है। कोच बताती हैं कि जूनियर स्तर पर खिलाड़ियों को खुद को साबित करने का यह बड़ा मौका है। वहीं, राष्ट्रीय पुरुष जूनियर चैपियनशिप में झारखंड की टीम में शामिल होने को बेताब नजर आ रहे लव लाइट कुजूर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि लंबे समय से झारखंड के किसी पुरुष खिलाड़ी का नाम राष्ट्रीय स्तर पर नहीं आया है। इस बार इस कमी को पूरा करने की कोशिश की जाएगी। बरियातू हॉकी प्रशिक्षण केंद्र के कैंप में शामिल होने वाली रीना कुमारी ने बताया कि उसे भी निक्की प्रधान और सलीमा टेटे की तरह अपनी पहचान बनानी है। रीना ने बताया कि जूनियर स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने का फायदा सीनियर स्तर पर मिलता है। राष्ट्रीय जूनियर स्तर पर होने वाली इस सबसे बड़ी चैंपियनशिप के लिए खिलाड़ी झारखंड की टीम में शामिल होने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते क्योंकि यहीं से उनके सीनियर स्तर पर नेशनल टीम में खेलना का रास्ता खुलता है।
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