एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय टीम ने पेरिस में चल रही आर्चरी वर्ल्ड कप के तीसरे चरण में कमाल कर दिया है। ज्योति सुरेखा और अभिषेक वर्मा की भारतीय जोड़ी ने कंपाउंड मिक्स्ड टीम का गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। ज्योति का यह सीजन का पहला वर्ल्ड कप था और उन्होंने इसमें शानदार प्रदर्शन किया। कंपाउंड मिक्स्ड टीम के फाइनल में भारतीय जोड़ी ने फ्रांस को करारी शिकस्त देकर भारत को पहला गोल्ड मेडल दिला दिया। खिताबी मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने फ्रांस पर 152-149 के अंतर से जीत हासिल की। भारतीय जोड़ी ने शानदार शुरूआत करते हुए फ्रांस की जोड़ी जीन बौल्च और 48 वर्षीय ओलिंपिक पदक विजेता सोफी डोडेमोंट को करीबी मुकाबले में 152-149 से हराया। यह भारत का कम्पाउंड मिश्रित टीम में पहला विश्व कप का पहला गोल्ड है। भारतीय टीम ने की जबदस्त वापसी : इससे पहले भारतीय स्टार दीपिका कुमारी, अंकिता भगत और सिमरनजीत कौर की तिकड़ी ने रिकर्व वीमंस टीम इवेंट के फाइनल में पहुंचकर पहला मेडल पक्का कर लिया था। इसके बाद भारतीय तींरदाजों ने कंपाउंड में भी अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। पहले क्वालीफिकेशन दौरे में महिला तीरंदाज टॉप 30 से बाहर थी, जिससे उन्हें 13वीं वरीयता मिली थी, मगर उन्होंने इसके बाद टूनार्मेंट में जबरदस्त वापसी की और फाइनल में पहुंची। वीमंस रिकर्व का खिताबी मुकाबला रविवार को खेला जाएगा। भारतीय टीम के सामने चीनी ताइपे की चुनौती होगी। ज्योति ने 7 महीने बाद की वापसी : ज्योति को एशियाई खेलों के ट्रायल में नजरअंदाज कर दिया गया था। उन्होंने 7 महीने से अधिक समय के बाद टीम में वापसी कर जश्न इस पदक के साथ मनाया। विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर काबिज यह तीरंदाज अभी एक और पदक की दौड़ में है। वह व्यक्तिगत सेमीफाइनल में बीजिंग ओलिंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट फ्रांस की दिग्गज सोफी से भिड़ेगी। अभिषेक वर्मा और ज्योति की जोड़ी ने कंपाउंड मिक्स्ड जोड़ी ने एस्टोनिया की रॉबिन जाटमा और लिसेल जाटमा की जोड़ी को रोमांचक मुकाबले में हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी ने 156-151 से जीत हासिल की थी। प्री क्वार्टर फाइनल में भारतीय जोड़ी ने प्यूर्तो रिको को 158-150 से हराया था। क्वार्टर फाइनल में भारतीय जोड़ी को अल सल्वाडोर के रॉबर्टो हर्नांडेज और सोफिया पेज से कड़ी चुनौती मिली थी। भारत ने शूटआॅफ में जीत हासिल की थी।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय महिला टीम में श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में जीत हासिल करके तीन मुकाबलों की सीरीज में अजेय बढ़त हासिल कर ली है। दामबुल्ला में खेले जा रहे दूसरे टी20 मैच भारत ने छह विकेट से जीत हासिल की। टीम इंडिया की स्टार ओपनिंग बल्लेबाज स्मृति मांधना ने 39 और टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 31 रनों की पारी खेली। श्रीलंकाई टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 125 रन बनाए। भारत यह लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया। इसके साथ ही भारतीय टीम अब तीन मैचों की सीरीज में 2-0 से आगे हो गई है। इससे पहले जेमिमा रोड्रिगेज की वापसी पर खेली गयी अहम पारी के बाद गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन से भारतीय टीम ने गुरुवार को श्रीलंका के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 34 रन से जीत दर्ज की थी। महज 139 रन के स्कोर का बचाव करते हुए बायें हाथ की स्पिनर राधा यादव (22 रन देकर दो विकेट) ने पावरप्ले के बाद अपनी मौजूदगी दर्ज करायी और खतरनाक दिख रही श्रीलंकाई कप्तान चामरी अटापट्टू (16 रन) और हर्षिता मादावी (10 रन) को तीन गेंद के अंदर आउट कर दिया।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। ओलंपिक दिवस पर झारखंड को बड़ा तोहफा मिला है। कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारतीय महिला हॉकी टीम में झारखंड की तीन खिलाड़ी निक्की प्रधान, सलीमा टेटे और संगीता कुमारी का चयन किया गया है। हॉकी इंडिया ने गुरुवार को इंग्लैंड के बर्मिंघम में 28 जुलाई से शुरू होने वाले प्रतिष्ठित राष्ट्रमंडल खेलों के लिए 18 सदस्यीय भारतीय महिला हॉकी टीम का चयन किया। इस टीम में झारखंड की तीन खिलाड़ी निक्की प्रधान, सलीमा टेटे और संगीता कुमारी का चयन किया गया है। झारखंड की तीनों ही खिलाड़ी अभी नीदरलैंड में एफआइएच प्रो लीग हॉकी प्रतियोगिता खेल रही हैं। ये सभी खिलाड़ी उधर से ही 1 जुलाई से आयोजित विश्व कप महिला हॉकी प्रतियोगिता में भाग लेंगे। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को इंग्लैंड, कनाडा, वेल्स और घाना के साथ पूल ए में रखा गया है। भारत अपने अभियान की शुरुआत 29 जुलाई को घाना के खिलाफ करेगा।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय महिला टीम ने दाबुला के मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ खेला जा रहा पहलाा टी-20 मुकाबला 34 रन से जीत लिया है। भारत ने पहले खेलते हुए जेमिमा रोड्रिगेज के 27 गेंद में तो शैफाली वर्मा के 31 रनों की बदौलत 138 रन बनाए थे। जवाब में श्रीलंकाई टीम 10 ओवरों में पांच विकेट खोकर 104 रन ही बना पाई। केविशा दिलहारी ने 49 गेंदों में 6 चौकों की मदद से 47 रन बनाए। भारतीय गेंदबाज राधा यादव ने 2 तो दीप्ति, पूजा और शैफाली वर्मा ने 1-1 विकेट लिया। भारत की सभी प्रारूपों की नई कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया लेकिन उनके बजाय श्रीलंका ने स्वप्निल शुरूआत की। भारत ने सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना (01) का विकेट पारी के तीसरे ओवर में ही खो दिया। 25 साल की भारतीय खिलाड़ी हाथ खोलने के प्रयास में अनुभवी ओाशादी का शिकार बनीं। वह शॉट खेलने की कोशिश में गेंद सीधे मिडऑन पर खड़ी चामरी अटापट्टू को कैच दे बैठीं। सभिनेनी मेघना एक भी रन नहीं जोड़ सकीं और अनुभवी राणासिंघे ने उन्हें ड्रेसिंग रूम में भेज दिया। गर्म और उमस भरे हालात में शुरू में ही दो विकेट गंवाने के बाद टीम पर दबाव साफ दिख रहा था। हरमनप्रीत और शेफाली वर्मा की जोड़ी ने इस नाजुक स्थिति को संभाला। शेफाली (31 रन) आउट होने वाली तीसरी खिलाड़ी रही जिन्हें अटापट्टू ने अपना शिकार बनाया जब वह बड़ा शॉट खेलने का प्रयास कर रही थीं। श्रीलंकाई गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी कर सुनिश्चित किया कि उन्हें जल्द ही बड़ा विकेट मिल जाए और ऐसा हुआ भी जब कप्तान हरमनप्रीत (22) 11वें ओवर में स्पिनर इनोका राणावीरा की गेंद पर पगबाधा आउट हुई। राणावीरा ने दो और विकेट अपने नाम किये, उन्होंने विकेटकीपर बल्लेबाज रिचा घोष (11) और पूजा वस्त्राकर (14) के विकेट लेकर मेहमान टीम के 17 ओवर में छह विकेट झटक लिए थे, जबकि उसका स्कोर महज 106 रन था। टीम में वापसी कर रही रोड्रिगेज ने भारत को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी बखूबी निभाई। पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरी रोड्रिगेज दबाव में नहीं आई और उन्होंने टीम के लिए अहम रन जुटाए। उन्होंने तीन चौके और एक छक्का जमाया और दूसरे छोर पर दीप्ति शर्मा ने आठ गेंद में 17 रन जोड़े।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। इंग्लैंड के खिलाफ 1 से 5 जुलाई से बर्मिंघम में पुनर्निर्धारित टेस्ट से पहले भारतीय टीम को एक और बड़ा झटका लगा है। सीनियर ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद वह टीम के साथ यूके ट्रेवल नहीं कर पाए। रिपोर्ट के मुताबिक अब भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली भी कोविड-19 पाए गए थे जो छुट्टियां मनाकर मलदीव से लौटे हैं। एक सूत्र के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि हां, मालदीव से वापस आने के बाद विराट कोहली भी कोविड से प्रभावित थे। लीसेस्टर में सोमवार को कुछ उत्साही समर्थकों ने कोहली के साथ सेल्फी पोस्ट की। इसका मतलब है कि 24 जून को लीसेस्टरशायर के खिलाफ भारत का प्रैक्टिस प्रभावित हो सकता है क्योंकि चिकित्सा सलाह है कि खिलाड़ियों को कोविड-19 का सामना करने के बाद ओवरलोडिंग से बचना चाहिए। सूत्र ने खुलासा किया, टीम में और भी कोविड मामले हो सकते हैं। विराट कोहली ने इंग्लैंड बनाम भारत 2021 टेस्ट सीरीज को पांचवें सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी के रूप में पूरा किया। भले ही भारतीय कप्तान को पहले दो टेस्ट में बल्लेबाजी करनी पड़ी, लेकिन तीसरे और चौथे में उनकी कुछ मजबूत पारियां थीं। 32 वर्षीय एथलीट ने 7 पारियों में 31.14 की औसत से 218 रन बनाए। सीरीज में दाएं हाथ के बल्लेबाज ने दो अर्धशतक भी जड़े। भारत और इंग्लैंड के बीच ये टेस्ट मैच विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के साथ ही 2021 सीरीज का हिस्सा होगा जिसका 5वां टेस्ट कोरोना के कारण रद्द कर दिया गया था। भारत इस समय सीरीज में 2-1 से आगे चल रहा है। वहीं आगामी टेस्ट में भारत की कप्तानी रोहित शर्मा करेंगे। टीम में विराट कोहली, चेतेश्वर पुजारा, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद शमी, हनुमा विहारी और जसप्रीत बुमराह जैसे प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ और पूर्व तेज गेंदबाज इरफान पठान का मानना है कि युवा तेज गेंदबाजों की संख्या को देखते हुए भारतीय क्रिकेट के लिए यह रोमांचक समय है और उम्मीद है कि उनमें से कुछ खिलाड़ी इस साल के अंत में ऑस्ट्रेलिया में होने वाले आगामी आईसीसी टी20 विश्व कप में खेलने के लिए आगे जा सकते हैं। आईपीएल 2022 के समापन के बाद उभरने वाले उल्लेखनीय तेज गेंदबाजों में उमरान मलिक शामिल हैं, जिन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के लिए 157 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकी। जबकि अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप सेन ने भी जबरदस्त प्रदर्शन दिखाया है। द्रविड़ ने भारतीय टीम के साथ अब तक के अपने कोचिंग कार्यकाल के बारे में बात करते हुए और कम समय में कई कप्तानों और तेज गेंदबाजों के साथ काम करते हुए कहा, यह (कोचिंग) काफी रोमांचक रहा है, यह अच्छा रहा है। यह चुनौतीपूर्ण भी रहा है, हमें पिछले आठ महीनों में छह कप्तान मिले हैं जो वास्तव में योजना नहीं था, लेकिन यह हमारे द्वारा खेले जाने वाले खेलों की संख्या की प्रकृति है, यह कोविड की प्रकृति है, इसलिए बहुत से लोगों के साथ काम करना पड़ा है, यह बहुत मजेदार रहा है। कई अन्य को नेतृत्व करने का मौका मिला है, हमें समूह में और अधिक नेता बनाने का अवसर मिला है। द्रविड़ ने आईपीएल को आने वाले वर्षों में भारतीय टीम के लिए खेलने के लिए कई युवा गेंदबाजों को पोषित करने का श्रेय दिया। पूर्व क्रिकेटर ने कहा, हमारे पास (आईपीएल के दौरान) तेज गेंदबाजी प्रतिभा को देखना अविश्वसनीय था, खासकर कुछ गेंदबाजों की ऐसी (तेज) गति को देखा। बहुत सारे युवाओं को अपना कौशल दिखाने का मौका मिला और उनमें से बहुत से अच्छे आए। वे वास्तव में भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छे संकेत हैं, आने वाला समय रोमांचक है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। आयरलैंड के खिलाफ 26 जून से शुरू होने वाली दो मैचों की T20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान हो गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने 17 सदस्यीय टीम की घोषणा की है। इस टीम का चयन अखिल भारतीय चयन समिति ने किया है। नियमित कप्तान रोहित शर्मा, उपकप्तान केएल राहुल और स्टैंड इन कैप्टन ऋषभ पंत की अनुपस्थिति में हार्दिक पांड्या को टीम की कप्तानी सौंपी गई है। आयरलैंड के दौरे के लिए चुनी गई इस टीम में बाकी वही नाम हैं, जो मौजूदा टी20 सीरीज में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेल रहे हैं। हालांकि, इसमें ऋषभ पंत और श्रेयस अय्यर को जगह नहीं मिली है, क्योंकि वे इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच का हिस्सा होंगे। ऐसे में संजू सैमसन और राहुल त्रिपाठी को चुना गया है। इसके अलावा मिडिल ऑर्डर बैटर सूर्यकुमार यादव की वापसी हो गई है, जो आईपीएल 2022 के दौरान चोटिल हो गए थे। हार्दिक पांड्या को कप्तानी की जिम्मेदारी मिली है, जबकि उपकप्तान भुवनेश्वर कुमार हैं। भुवनेश्वर कुमार सबसे सीनियर खिलाड़ी हैं और दिनेश कार्तिक भी सीनियर खिलाड़ियों में शामिल हैं, लेकिन हार्दिक पांड्या को इसलिए टीम का कप्तान बनाया गया है, क्योंकि वे साउथ अफ्रीका के खिलाफ जारी पांच मैचों की टी20 सीरीज में टीम इंडिया के वाइस कैप्टन हैं और उन्होंने अपनी कप्तानी में गुजरात टाइटन्स को आईपीएल जिताया है। टीम : हार्दिक पांड्या (कप्तान), भुवनेश्वर कुमार (उपकप्तान), ईशान किशन, रुतुराज गायकवाड़, संजू सैमसन, सूर्यकुमार यादव, वेंकटेश अय्यर, दीपक हुड्डा, राहुल त्रिपाठी, दिनेश कार्तिक (विकेटकीपर), युजवेंद्र चहल, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, हर्षल पटेल, अवेश खान, अर्शदीप सिंह और उमरान मलिक।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत के सलामी बल्लेबाज ईशान किशन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की बुधवार को जारी टी20 रैंकिंग में बल्लेबाजों की सूची में 68 पायदान की लंबी छलांग लगाकर सातवें स्थान पर पहुंच गए जबकि गेंदबाजों में भुवनेश्वर कुमार और युजवेंद्र चहल भी आगे बढ़ने में सफल रहे। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चल रही घरेलू टी20 श्रृंखला में किशन ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने अब तक तीन मैचों में 164 रन बनाए हैं जिससे वह टी20 में बल्लेबाजों की सूची में शीर्ष 10 में पहुंचने में सफल रहे। किशन शीर्ष 10 में शामिल एकमात्र भारतीय बल्लेबाज हैं। उनके बाद केएल राहुल 14 वें स्थान पर हैं। कप्तान रोहित शर्मा और श्रेयस अय्यर एक-एक पायदान नीचे क्रमश: 16वें और 17वें स्थान जबकि विराट कोहली दो पायदान नीचे 21वें स्थान पर खिसक गए हैं। गेंदबाजों में तेज गेंदबाज भुवनेश्वर सात पायदान ऊपर 11वें जबकि लेग स्पिनर चहल चार पायदान के फायदे से 26वें स्थान पर पहुंच गए हैं। आॅस्ट्रेलिया के जोश हेजलवुड ने टी20 गेंदबाजी रैंकिंग में अपना नंबर एक स्थान फिर से हासिल कर लिया है, जबकि श्रीलंका के महेश तीक्ष्णा 16 पायदान ऊपर आठवें स्थान पर पहुंच गए हैं। टेस्ट रैंकिंग में तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह हमवतन रविचंद्रन अश्विन के बाद तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। अश्विन दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। रविंद्र जडेजा और अश्विन आॅलराउंडर्स की सूची में शीर्ष दो स्थानों पर बने हुए हैं। टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग में रोहित और कोहली क्रमश: सातवें और दसवें स्थान हैं जबकि इंग्लैंड के जो रूट न्यूजीलैंड के खिलाफ मौजूदा आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप श्रृंखला में लगातार दूसरा शतक लगाने के बाद शीर्ष पर पहुंच गए हैं। रूट के अब आस्ट्रेलिया के मार्नस लाबुशेन से पांच रेटिंग अंक अधिक हैं। नॉटिंघम टेस्ट की पहली पारी में 176 रन की पारी खेलने वाले रूट के 897 अंक हैं। रूट के हमवतन जॉनी बेयरस्टो और कप्तान बेन स्टोक्स को भी फायदा हुआ है। बेयरस्टो की 92 गेंदों में 136 रन की पारी की बदौलत इंग्लैंड ने आखिरी दिन में पांच विकेट से जीत हासिल की थी। इस शानदार पारी के दम पर बेयरस्टो 13 पायदान के फायदे से 39वें स्थान पर पहुंच गए जबकि स्टोक्स 27वें से 22वें स्थान पर पहुंचने में सफल रहे। उन्होंने लक्ष्य का पीछा करते हुए 75 रन की नाबाद पारी खेली थी।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। टी20 विश्व कप 2022 से पहले भारत के लगभग 15 मैच रह गए हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के बाद टीम इंडिया को इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैच और वेस्टइंडीज के साथ पांच मैच खेलने हैं। इसके बाद एशिया कप होना है और खबरों के अनुसार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन टी20 मैच की सीरीज हो सकती है, लेकिन अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। विश्व कप में सिर्फ लगभग तीन-चार महीने का समय बाकी है, लेकिन बीसीसीआई इसके लिए गंभीरता से तैयारी नहीं कर रहा है। 2021 टी20 विश्व कप से पहले भी कुछ ऐसा ही हुआ था। इस टूर्नामेंट में जाने से तीन महीने पहले भारत ने कोई टी20 मैच खेला था, जिसमें धवन भारतीय टीम के कप्तान थे। वहीं, विश्व कप की टीम में धवन को ही मौका नहीं दिया गया था। नतीजा यह हुआ कि भारत अपने शुरुआती दोनों मैच हारकर लीग स्टेज से ही बाहर हो गया इसके बाद भारत का कप्तान और कोच दोनों बदल गए। नए कप्तान और कोच ने कहा कि अगले साल होने वाले विश्व कप के लिए वो अभी से तैयारी शुरू कर रहे हैं, लेकिन अब तक ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला है। इस बार भी बीसीसीआई का रवैया पहले की तरह ही है। अफ्रीका के खिलाफ नहीं खेल रहे प्रमुख खिलाड़ी : विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज काफी अहम थी। अफ्रीका जैसी मजबूत टीम को भारत अपने घर में कभी नहीं हरा पाया है। ऐसे में भारत की मुख्य टीम को इस सीरीज में खेलना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। टीम इंडिया के सात मुख्य खिलाड़ी इस सीरीज में नहीं खेल रहे हैं। इनमें कप्तान रोहित शर्मा, केएल राहुल, विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव, रवींद्र जडेजा, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी का नाम शामिल है। इनमें से तीन खिलाड़ी चोटिल हैं और चार को आराम दिया गया है। अब भारत को इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में विश्व कप की तैयारी करने का मौका मिलेगा। अगर दीपक चाहर फिट होते हैं तो वो भी टीम में आएंगे और इस स्थिति में सही टीम का चयन करना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में भारतीय खिलाड़ी टुकड़ो में अच्छा प्रदर्शन करते रह जाते हैं और टीम मैच नहीं जीत पाती। मौजूदा सीरीज में भी ऐसा ही हो रहा है। विश्व कप में हारे तो कौन जिम्मेदार : सीनियर खिलाड़ियों को विश्व कप से पहले साथ में टी20 मैच खेलने का मौका नहीं मिल रहा है। इसके बाद मुख्य टूर्नामेंट में टीम का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा। क्रिकेट के खेल में हर मैच टीम के रूप में खेला और जीता जाता है। ऐसे में खिलाड़ी जब साथ में नहीं खेलेंगे तो उन्हें एक दूसरे के खेल की समझ नहीं होगी और साथ मिलकर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे। इस पर भी हार के बाद सीनियर खिलाड़ियों को दोषी ठहरा दिया जाता है। 2021 विश्व कप के बाद साथ नहीं खेले बड़े खिलाड़ी : बीसीसीआई ने रोहित शर्मा, विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह को ए प्लस कैटेगरी में रखा था। ये तीनों ही भारत के सबसे अहम खिलाड़ी हैं और तीनों फॉर्मेट में मैच जिताऊ प्रदर्शन करते हैं। खास बात यह है कि टी20 विश्व कप के बाद से ये तीनों साथ में सिर्फ दो टेस्ट मैच ही खेले हैं। रोहित और द्रविड़ ने कहा था कि वो विश्व कप की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन उनके कार्यकाल में टीम के तीन सबसे अहम खिलाड़ियों ने अब तक साथ में कोई टी20 मैच ही नहीं खेला है। अब नहीं बन रही सचिन-सहवाग और रोहित-धवन जैसे जोड़ियां : भारतीय क्रिकेट में सचिन-सहवाग और रोहित-धवन की जोड़ियां काफी चर्चित रही हैं। सचिन और सहवाग ने साथ मिलकर काफी मैचों में भारत के लिए पारी की शुरुआत की और कई मैच जिताए। दोनों के बीच कई रिकॉर्ड साझेदारियां हुईं। ये दोनों ही एक दूसरे के खेल को बखूबी जानते थे और रन चुराने से लेकर लक्ष्य का पीछा करने तक हर स्थिति में एक दूसरे का खेल और काम दोनों बखूबी समझते थे। रोहित शर्मा और शिखर धवन की जोड़ी भी कुछ ऐसी ही थी, लेकिन अब भारतीय क्रिकेट में ऐसी जोड़ियां नहीं बन पा रही हैं। भारत की टीम लगातार बदल रही है और खिलाड़ियों को साथ में खेलने का मौका नहीं मिल पा रहा है। इसी वजह से एक टीम के लिए खेलने वाले खिलाड़ी ही एक दूसरे के खेल को ठीक से नहीं जानते हैं और भारत एक टीम के रूप में कमजोर साबित हो रहा है।
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