एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। महिला विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वीटी बूरा ने भी स्वर्ण पदक जीत लिया है। उन्होंने इस प्रतियोगिता में देश को दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया है। स्वीटी से पहले नीतू घणघस ने 45-48 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। इसके बाद स्वीटी ने 75-81 किलोग्राम भारवर्ग में देश को सोना दिलाया है। हालांकि, स्वीटी के लिए विश्व चैंपियन बनना आसान नहीं था। पढ़िये फाइनल मुकाबले में उन्होंने कैसे जीत हासिल की। स्वीटी का मुकाबला चीन की लिना वोंग के साथ था। लिना दुनिया की नामी मुक्केबाज हैं और उनके अनुभव से पार पाना स्वीटी के लिए आसान नहीं था। मुकाबला शुरू हुआ और स्वीटी ने पहले राउंड से आक्रामक खेल दिखाया। पहले राउंड के बाद 3-2 से आगे थीं। दूसरे राउंड में चीनी मुक्केबाज ने उन्हें काफी परेशान किया और स्वीटी जमीन पर भी गिरीं। हालांकि, दूसरे राउंड के बाद भी वह 3-2 से आगे रहीं, लेकिन उनकी बढ़त कम हो चुकी थी। तीसरे राउंड में दोनों पहलवानों के बीच कांट की टक्कर हुई। इस बीच चीनी मुक्केबाज ने स्वीटी को किनारे में ले जाकर भी फंसाया। हालांकि, स्वीटी चतुराई के साथ चीनी मुक्केबाज की पहुंच से दूर रहते हुए किनारे से बाहर आयीं और फिर चीनी खिलाड़ी पर मुक्कों की बरसात कर दी। तीसरे राउंड के बाद फैसला रिव्यू के लिए गया। यहां पर भी स्वीटी के पक्ष में नतीजा आया और भारत को प्रतियोगिता में दूसरा स्वर्ण पदक मिल गया। अब नीतू और स्वीटी के बाद निकहत जरीन और लवलीना बोरगोहेन से स्वर्ण पदक की उम्मीद है। ये दोनों मुक्केबाज भी फाइनल में पहुंच चुकी हैं।
विश्व चैंपियनशिप में किया कमाल, पहली बार में ही मंगोलियाई बॉक्सर को 5-0 से हराया एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। हरियाणा की युवा बॉक्सर नीतू घणघस ने महिला विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में इतिहास रच दिया। उन्होंने शनिवार (25 मार्च) को 45-48 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। वह पहली बार विश्व चैंपियन बनी हैं। नीतू ने मंगोलिया की लुत्साइखान को मात दी। जजों ने सर्वसम्मति से नीतू के पक्ष में फैसला सुनाया। भारतीय मुक्केबाज ने 5-0 से मुकाबले को अपने नाम कर लिया। यह मुकाबला काफी रोमांचक था और दर्शकों के लिए आखिरी तक विजेता का अंदाजा लगामा मुश्किल था। मैच के नतीजे का एलान होने से पहले तक दोनों खिलाड़ी जीत का जश्न मनाने के लिए तैयार दिख रही थीं, लेकिन अंत में भारतीय पहलवान ने जीत हासिल की और मंगोलिया की पहलवान को निराशा हाथ लगी।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। आईपीएल 2023 शुरू होने में कुछ ही दिन बाकी रह गये हैं। 31 मार्च से आईपीएल के 16वें सीजन का आगाज होना है, लेकिन फैंस अभी से इसे लेकर काफी उत्साहित हैं। वहीं इस सीजन का पहला मुकाबला पिछले साल की विजेता टीम गुजरात जायंट्स और चेन्नई सुपर किंग्स) खेला जायेगा। पिछले साल एमएस धोनी ने सीएसके की कप्तानी छोड़ दी थी, जिसके बाद रवींद्र जडेजा की टीम की कमान सौंपी गयी। लेकिन फिर जडेजा को बीच में ही सीएसके की कप्तानी से हटाकर वापस धोनी को टीम की जिम्मेदारी दी गयी।पिछले साल आईपीएल के बाद से एमएस धोनी और रवींद्र जडेजा के बीच सबकुछ ठीक नहीं है ऐसी अफवाह थी, लेकिन जब दोनों खिलाड़ियों चेन्नई सुपर किंग्स के कैंप में प्रैक्टिस के लिए पहुंचे, तो दोनों के बीच वहीं पुरानी बॉन्डिंग देखने को मिला को मिला। दोनों एक दूसरे के साथ काफी हंसी मजाक करते नजर आये।सीएसके ने दोनों का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें धोनी और जडेजा को एक साथ नेट्स पर हंसी-मजाक करते देखा गया। वहीं फैंस पीछे से सीएसके के नारे लगा रहे थे। सीएसके ने कैप्शन में लिखा है- मजा बा, मजा बा...!
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। अर्जेंटीना और पनामा के बीच खेले गये मुकाबले में लियोनल मेसी ने अपने करियर में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। पनामा के खिलाफ 89वें मिनट में फ्री किक पर लाजवाब गोल कर मेसी अपने करियर का 800वां गोल दागा। वह ऐसा मुकाम हासिल करने वाले दुनिया के महज दूसरे फुटबॉलर हैं। इससे पहले पुर्तगाल के स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो सबसे पहली बार 800 गोल दागने वाले खिलाड़ी बने थे।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। निकहत जरीन लगातार दूसरी बार और हरियाणा की नीतू पहली बार विश्व चैंपियन बनने से एक कदम दूर हैं। निकहत ने बृहस्पतिवार को ओलंपिक पदक विजेता और पिछली विश्व चैंपियनशिप में रजत जीतने वाले कोलंबिया की विक्टोरिया वेलेंसिया इंगरित को 5-0 से हराया तो नीतू ने एशियाई चैंपियन और पिछली विश्व चैंपियनशिप में रजत जीतने वाली कजाखस्तान की अलुआ बालकिबेकोवा 5-2 से हराकर फाइनल में जगह बनायी। नीतू ने अलुआ से बीते वर्ष विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में मिली हार का बदला लिया। निकहत के लिए यह चैंपियनशिप खास बन गयी है। उन्होंने बताया कि उनकी मां पहली बार किसी चैंपियनशिप में उन्हें पहली आंखों के सामने खेलने देखने आयी हैं। निकहत कहती हैं कि पहले तो मां रिंग में उतरने की बात पर ही परेशान हो जाती थीं, लेकिन पिछली विश्व चैंपियनशिप के स्वर्ण के बाद वह थोड़ा मजबूत हुई हैं। यही कारण है कि वह इस चैंपियनशिप में उन्हें खुद खेलते देखने आयी हैं। मार पड़ती है तो मां थोड़ा परेशान होती हैं, लेकिन अब वह समझ गयी हैं। निकहत कहती हैं कि वह चाहती हैं कि यहां स्वर्ण जीतकर एक बार फिर इसे अपनी मां के गले में डालें।चार साल पहले की रणनीति अपनायी : निकहत कहती हैं कि यह उनका टूर्नामेंट में अब तक सर्वश्रेष्ठ बाउट था। इंगरित को वह 2019 में बिग बाउट में हरा चुकी हैं। उन्होंने उसके खिलाफ अपना चार साल पहले की रणनीति यहां अपनाई जो एक बार फिर काम कर गयी। यह चैंपियनशिप उनकेलिए एशियाई खेलों की तैयारियों का बड़ा हिस्सा है। निकहत फाइनल में एशियाई चैंपियन न्यून थी ताम से खेलेंगी।हर हाल में अलुआ को हराने की ठान कर आयीं नीतू : सेमीफाइनल में उतरने से पहले नीतू के दिमाग में बीते वर्ष इस्तांबुल (तुर्किए) में हुई विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल रह-रहकर घूम रहा था। उन्हें याद आ रहा था कि बुखार में तपने के बावजूद वह इसी कजाखस्तान के अलुआ बालकिबेकोवा से बेहद नजदीकी मुकाबले में हार गयी थीं। वरना विश्व चैंपियनशिप का पदक उसी वक्त उनके हाथ में होता। नीतू को कोचेज ने उस दौरान खेलने से भी मना किया था, लेकिन वह खेलीं और जीत के कगार पर पहुंचकर हार गयी। नीतू यहां ठान कर आयी थीं, उन्हें यह मुकाबला हर हाल में जीतना है।प्रशिक्षकों की रणनीति के अनुसार उन्होंने फैसला लिया कि बालकिबेकोवा से वह दूर होकर नहीं खेलेंगी। उसके नजदीक जाकर हमले करेंगीं। नीतू कहती हैं कि बालकिबेकोवा दूर से खेलने में माहिर हैं। वह भी दूर से खेलती हैं, लेकिन आज उन्होंने ऐसा नहीं किया, जिसका फायदा उन्हें मिला।फाइनल में मंगोलियाई बॉक्सर से खेलेंगी नीतू : पहला दौर 2-3 से हारने के बाद नीतू ने दूसरे दौर में जबरदस्त वापसी कर 4-1 से जीत हासिल की। तीसरे दौर में भी वह अलुआ के नजदीक जाकर उन पर आक्रमण करती रहीं। वह रिंग में पांच गिरी भीं, लेकिन उन्होंने अलुआ से पिछली हार का बदला ले ही लिया। नीतू फाइनल में मंगोलिया की लुतसाइखान से भिड़ेंगी।
महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिपएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भारतीय मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। निकहत जरीन, नीतू घणघस, लवलीना बोरगोनहेन और स्वीटी बोहरा ने फाइनल में जगह बना ली है। 50 किलोग्राम भारवर्ग में निकहत जरीन ने सेमीफाइनल मैच में कोलंबिया की इनग्रिड वैलेंसिया को हराया।वहीं, नीतू घणघस ने कजाखस्तान की अलुआ बल्किबेकोवा को मात दी। लवलीना ने 75 किग्रा भारवर्ग के सेमीफाइनल में चीन की ली कुआन को मात दी। स्वीटी ने 81 किलोग्राम भारवर्ग के सेमीफाइनल में आस्ट्रेलिया की एमा ग्रीनटी को पराजित किया।इस प्रतियोगिता में कम से कम चार भारतीय मुक्केबाजों ने अपने पदक पक्के कर लिए हैं। निकहत, लवलीना नीतू और स्वीटी ने फाइनल में जगह बनाकर कम से कम रजत पदक पक्का किया है। नीतू घणघस 48 किग्रा भारवर्ग, निकहत जरीन 50 किग्रा भारवर्ग, लवलीना बोरगोनहेन 75 किग्रा और स्वीटी बूरा 81 किग्रा भारवर्ग में भाग ले रही हैं।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। निखत जरीन, लवलीना बोरगोहेन, नीतू घंघास और स्वीटी बूरा की दमदार चौकड़ी ने बुधवार को महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में अपने-अपने क्वार्टरफाइनल मुकाबले जीतकर भारत के लिए चार पदक सुनिश्चित कर लिये। इंदिरा गांधी स्टेडियम पर जारी प्रतियोगिता में लवलीना (75 किग्रा) ने शानदार फॉर्म जारी रखते हुए पिछले साल की कांस्य पदक विजेता मोजांबिक की रेडी ग्रामाने को 5-0 से हराया।निखत ने 50 किग्रा वर्ग के क्वार्टरफाइनल में थाईलैंड की छूतामत रक्षत को 5-2 से मात दी। नीतू ने 48 किग्रा वर्ग में जापान की मदोका वाडा को आरएससी (रेफरी द्वारा मैच को रोका जाना) पद्धति से हराया, जबकि स्वीटी (81+ किग्रा) ने बेलारूस की विक्टोरिया केबिकावा को 5-0 की करारी शिकस्त दी।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन वनडे मैचों की सीरीज का तीसरा मुकाबला खेला जा रहा है। दोनों टीमें चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में आमने-सामने हैं। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 270 रन का लक्ष्य रखा है। भारत की नजर सीरीज जीतने पर है। उसने मुंबई में पहला वनडे पांच विकेट से जीता था। उसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने विशाखापट्टनम में दूसरा वनडे 10 विकेट से अपने नाम किया था। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन वनडे मैचों की सीरीज का तीसरा मुकाबला ऑस्ट्रेलिया ने 21 रन से जीत लिया है। इसके साथ ही कंगारू टीम ने सीरीज भी 2-1 से अपने नाम की। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 270 रन का लक्ष्य रखा। इसके जवाब में टीम इंडिया 248 रन पर सिमट गयी और मुकाबला गंवा दिया।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। महिला वर्ल्ड बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में भारत के लिए अच्छी खबर है। स्पर्धा में अब भारत का एक मेडल पक्का हो गया है। इवेंट भारत में ही आयोजित किया जा रहा है। नीतू घणघस ने 48 किलोग्राम भाग वर्ग में सेमीफाइनल तक का सफर तय कर लिया है। इसका मतलब यही है कि भारत को अब निश्चित रूप से एक मदक मिलेगा। क्वार्टर फाइनल में नीतू ने रेफरी स्टॉप कॉन्टेस्ट के जरिये जापान की मुक्केबाज मडोका वाडा को पराजित करते हुए बाहर कर दिया। भारतीय बॉक्सर ने आक्रामक अंदाज में खेलते हुए विपक्षी मुक्केबाज पर ताबड़तोड़ पंच बरसाये और कोई मौका नहीं दिया। नीतू के पंच इतने मजबूत और भारी थे कि रेफरी को बीच में आना पड़ा। रेफरी ने आकर इस बाउट को रुकवा दिया। इसके बाद नीतू को विजेता घोषित कर दिया गया। इस तरह के निर्णय को ही रेफरी स्टॉप कॉन्टेस्ट कहा जाता है। भारत से कुछ और मुक्केबाज भी अंतिम चार में जगह बनाने की दौड़ में शामिल हैं। उनमें निकत जरीन, और साक्षी चौधरी क्रमशः 50 और 52 किलोग्राम भारवर्ग के क्वार्टर फाइनल में हैं। मनीषा मौन 57 किलोग्राम भार वर्ग में हैं। लवलीना बोरगोहेन भी 75 किलोग्राम भार वर्ग में खेलेंगी। जैसमीन लाम्बोरिया, स्वीटी बूरा, नुपुर श्योराण आदि मुक्केबाज भी टॉप चार में जाने के लिए प्रयास करेंगे।
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