एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारत के शीर्ष तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह अगस्त में भारत और आयरलैंड के बीच होने वाली टी-20 शृंखला के जरिए मैदान पर वापसी कर सकते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, बुमराह यहां राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में अगले महीने कुछ मैच खेलेंगे। इन मैचों के जरिए बुमराह की स्थिति का आकलन किया जायेगा। बुमराह की देखरेख के जिम्मेदार लोग देखना चाहते हैं कि मैच के अगले दिन वह कैसा महसूस करते हैं।रिपोर्ट के अनुसार, एनसीए के मैचों के बाद ही बुमराह की आयरलैंड शृंखला में खिलाने पर फैसला लिया जायेगा, जिसके मैच 18, 20 और 23 अगस्त को आयोजित होने हैं।बुमराह की वापसी का अंतिम लक्ष्य उन्हें अक्टूबर-नवंबर में होने वाले एकदिवसीय विश्व कप के लिए तैयार करना है। इसके लिए भारतीय टीम पहले टी-20 में उनकी क्षमता का परीक्षण करना चाहता है। आयरलैंड शृंखला भारतीय टीम, चयनकर्ताओं, राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में उनके संचालकों और बीसीसीआई की योजना के अनुरूप है, जो सामूहिक रूप से चाहते हैं कि वह धीरे-धीरे मैच फिटनेस हासिल करें, जिसकी शुरुआत चार ओवर के स्पेल वाले टी-20 मैच से हो।उल्लेखनीय है कि शुरुआत में पीठ की समस्या और बाद में पीठ की सर्जरी के कारण बुमराह पिछले साल सितंबर से मैदान से बाहर हैं। वह वर्तमान में बेंगलुरु में एनसीए में रीहैब प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वह 70 प्रतिशत ठीक हो चुके हैं। आयरलैंड के मैच लगभग दो महीने दूर होने के कारण, थिंक-टैंक को उम्मीद है कि वह डबलिन में होने वाले मुकाबलों के लिए तैयार रहेंगे।
नेपाल से जीत में सुनील छेत्री फिर चमकेएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। सैफ चैंपियनशिप में भारतीय फुटबॉल टीम ने लगातार दूसरी जीत हासिल कर ली है। उसने शनिवार को ग्रुप ए के अपने दूसरे मैच में नेपाल को 2-0 से हरा दिया। इस जीत के साथ ही टीम इंडिया सेमीफाइनल में पहुंच गयी है। इससे पहले उसने अपने शुरुआती मुकाबले में पाकिस्तान को 4-0 से हराया था। इस ग्रुप से कुवैत की टीम पहले ही अंतिम-4 में पहुंच चुकी है। अब दोनों टीमें 27 जून को आमने-सामने होंगी। तब भारत और कुवैत की टीमें सेमीफाइनल की तैयारियों को पुख्ता करने के लिए उतरेंगी। भारत के लिए इस मैच में कप्तान सुनील छेत्री और नाओरेम महेश सिंह ने गोल दागे। सुनील छेत्री ने 61वें मिनट में टीम का खाता खोला। इस टूर्नामेंट में उनका यह चौथा गोल है। पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने तीन गोल दागे थे। छेत्री का यह 91वां अंतरराष्ट्रीय गोल है। उनके गोल को नौ मिनट बाद ही महेश ने टीम की बढ़त को दोगुना कर दिया। उन्होंने 70वें मिनट में शानदार गोल किया।
17 वर्षों में नौ ट्रॉफी जीतने से चूके, फिर दो साल में जीत ली दुनियाएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। बात 17 अक्तूबर 2004 की है। स्पेन में बार्सिलोना और एस्पेनयोल क्लब के बीच ला लिगा (स्पेन में फुटबॉल लीग का नाम) का मैच चल रहा था। मुकाबले के 82वें मिनट में दिग्गज खिलाड़ी डेको को सब्सीट्यूट करने का फैसला किया गया। उनके स्थान पर बार्सिलोना ने एक 17 वर्षीय फुटबॉलर को मैदान पर भेजा। उस समय किसी को हैरानी नहीं हुई। यह खिलाड़ी बार्सिलोना की जूनियर टीमों में तहलका मचा चुका था। सबको यह देखना था कि पहले सीनियर मैच में वह कैसा प्रदर्शन करता है। उसे कुछ ही मिनट खेलने को मिले, लेकिन सबने यह देख लिया कि फुटबॉल को एक नया सितारा मिल गया है। उसने बार्सिलोना क्लब के इतिहास में ही नहीं, बल्कि फुटबॉल इतिहास में अपने नाम को सुनहरे अक्षरों में लिख दिया। वह आज सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में एक माना जाता है। उसका नाम लियोनल आंद्रेस मेसी है। मेसी शनिवार (24 जून) को 36 साल के हो गये।शुरुआत की कहानीअर्जेंटीना के महान क्रांतिकारी नेता चे ग्वेरा के शहर रोजारियो में जन्मे मेसी के फुटबॉलर बनने की कहानी भी रोचक है। जब मेसी 13 साल के थे तब बार्सिलोना की नजरों में आये। दरअसल, बार्सिलोना फुटबॉल क्लब प्रतिभावान खिलाड़ियों के लिए टैलेंट हंट प्रोग्राम चला रहा था। तभी मेसी के पिता को कहीं से इस बात की खबर लगी और उन्होंने बार्सिलोना एफसी से संपर्क किया। फुटबॉल क्लब बार्सिलोना के स्पोर्टिंग निदेशक कार्लेस रेक्सैक ने मेसी की प्रतिभा के चर्चे सुन रखे थे।उन्होंने लियोनेल मेसी के साथ इस शर्त पर कॉन्ट्रैक्ट साइन किया कि वह अपने परिवार के साथ स्पेन में ही आकर रहेंगे। सबसे खास बात यह रही कि मेसी के साथ करार साइन करते वक्त जब कार्लेस रेक्सैक को आस-पास कोई कागज नहीं मिला, तो उन्होंने मेसी से नैपकिन पर ही कॉन्ट्रैक्ट साइन करवा लिया।परिवार की हालत उतनी अच्छी नहीं थी। उनके पिता कारखाने में काम करते थे और मां क्लीनर थी। मेसी बौनेपन के भी शिकार थे। हालत इतनी गंभीर थी कि इलाज के लिए पैसे नहीं थे। यहां तक कि जब वो ट्रायल देने गये थे तब भी लोगों ने उनका मजाक उड़ाया था। इसके बावजूद उन्होंने खुद को कम नहीं आंका और अपनी प्रतिभा के दम पर नाम कमाया।बार्सिलोना के लिए सबकुछ जीतामेसी को बार्सिलोना क्लब से बहुत प्यार है। वह 2004 से 2021 तक इस टीम के साथ खेले। 2021 में भी क्लब नहीं छोड़ना चाहते थे, लेकिन अंत समय में जब बार्सिलोना आर्थिक रूप से कोई रास्ता नहीं निकाल पाया तो मेसी को रोते हुए क्लब से बाहर जाना पड़ा। मेसी ने बार्सिलोना के लिए रिकॉर्ड का अंबार लगा दिया। उन्होंने 778 मैच में 672 गोल दागे।मेसी ने बार्सिलोना के साथ 34 प्रमुख ट्रॉफियां जीतीं, लेकिन उनके दिल में अंतरराष्ट्रीय खिताब नहीं जीतने की टिस थी। अर्जेंटीना के लिए मेसी ने 2004 में डेब्यू किया था। 2021 तक टीम के लिए खेलते हुए उन्हें 17 साल हो गये थे। वह इस दौरान चार बार विश्व कप और पांच कोपा अमेरिका टूर्नामेंट में हार चुके थे। इनमें 2014 विश्व कप का फाइनल शामिल है। तब मेसी ने अपनी कप्तानी में टीम को फाइनल तक तो पहुंचाया, लेकिन वह जर्मनी को नहीं हरा पाये थे। मेसी टूर्नामेंट के बेस्ट प्लेयर चुने गये थे, लेकिन खिताब उनसे दूर रह गया था। वहीं, दक्षिण अमेरिका के प्रतिष्ठित टूर्नामेंट कोपा अमेरिका में वह तीन फाइनल 2021 से पहले हार चुके थे। 2016 के बाद तो उन्होंने संन्यास भी ले लिया था, लेकिन फैंस और राष्ट्रपति के कहने पर वापस लौट आये।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। रोहित शर्मा के नेतृत्व में वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज और तीन वनडे मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा शुक्रवार को कर दी गयी। चेतेश्वर पुजारा को टेस्ट टीम में जगह नहीं मिली है जबकि एक दिवसीय इंडियन प्रीमियर लीग और घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले रुतुराज गायकवाड़, यशस्वी जायसवाल और मुकेश कुमार को टेस्ट टीम में पहली बार शामिल किया गया है।वहीं मध्यम तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को टेस्ट और एक दिवसीय दोनो टीमों में जगह नहीं मिल सकी है। संजू सैमसन की वनडे टीम में वापसी हुई है। अजिंक्य रहाणे पुन: टेस्ट टीम के उपकप्तान बने हैं। बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के शुरूआती दो टेस्ट मैचों तक यह पद केएल राहुल के पास था। मुकेश कुमार को भी एकदिवसीय स्क्वाड में पहली बार शामिल किया गया हैं। नवदीप सैनी फिट होकर टेस्ट टीम में वापस आये हैं। बीसीसीआई ने शमी को शामिल नहीं किये जाने का कोई कारण नहीं दिया, लेकिन ईएसपीएन क्रिकइंफो की एक रिपोर्ट के अनुसार उनका कार्यभार कम करने के लिए आराम दिए जाने की संभावना थी। भारत को पांच टी-20 मैच भी खेलने हैं जिसके लिए टीम की घोषणा बाद में की जाएगी। भारतीय टीम पहला टेस्ट मैच 12 से 16 जुलाई के बीच विंडसर पार्क, डोमिनिका में खेलेगी जबकि दूसरा टेस्ट और अंतिम टेस्ट मैच 20-24 जुलाई के बीच क्वींस पार्क ओवल, त्रिनिदाद में खेला जायेगा। भारतीय टीम मौजूदा दौरे में अपना पहला एक दिवसीय मैच 27 जुलाई से केंसिंग्टन ओवल, बारबाडोस में खेलेगी जबकि दूसरा वन डे केंसिंग्टन ओवल, बारबाडोस और तीसरा वनडे एक अगस्त को ब्रायन लारा क्रिकेट अकादमी, त्रिनिदाद में खेला जायेगा। टेस्ट टीमरोहित शर्मा (कप्तान), शुबमन गिल, रुतुराज गायकवाड़, विराट कोहली, यशस्वी जयसवाल, अजिंक्य रहाणे (उप-कप्तान), केएस भरत (विकेटकीपर), इशान किशन (विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जड़ेजा, शार्दुल ठाकुर, अक्षर पटेल, मो सिराज, मुकेश कुमार, जयदेव उनादकट, नवदीप सैनी। वनडे टीमरोहित शर्मा (कप्तान), शुबमन गिल, रुतुराज गायकवाड़, विराट कोहली, सूर्य कुमार यादव, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या (उपकप्तान), शार्दुल ठाकुर, रवींद्र जड़ेजा, अक्षर पटेल, युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव, जयदेव उनादकट, मो. सिराज, उमरान मलिक, मुकेश कुमार।
कप्तान सुनील छेत्री ने बरसाये गोल, लगायी हैट्रिकएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। सैफ चैंपियनशिप में भारतीय फुटबॉल टीम ने जीत के साथ शुरुआत की है। उसने बेंगलुरु के श्रीकांतीरावा स्टेडियम में बुधवार (21 जून) को चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 4-0 से परास्त कर दिया। भारत के लिए इस मैच के हीरो कप्तान सुनील छेत्री रहे। उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान पर गोलों की बारिश कर दी। छेत्री ने हैट्रिक गोल दागा। उनके अलावा उदांता सिंह ने एक गोल किया।भारतीय टीम ने शुरू से ही पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखा। उसने पहले हाफ में ही दो गोल कर दिए। भारतीय कप्तान सुनील छेत्री ने 10वें मिनट में पहला गोल किया। इसके बाद उन्होंने 16वें मिनट में दूसरा गोल पेनल्टी पर किया। हाफटाइम तक स्कोर भारत के पक्ष में 2-0 रहा। टीम इंडिया इतने पर नहीं रुकी। उसने दूसरे हाफ में शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और पाकिस्तानी खिलाड़ियों को छकाया। 74वें मिनट में छेत्री ने पेनल्टी को नहीं गंवाया। उन्होंने एक और गोल कर अपनी हैट्रिक पूरी कर ली। छेत्री के बाद उदांता सिंह ने 81वें मिनट में गोल कर स्कोर 4-0 कर दिया।मैच में हुआ विवादमैच में पाकिस्तानी खिलाड़ी दबाव का सामना नहीं कर पा रहे थे इसी बीच वह अपना आपा खो बैठे और भारतीय कोच इगोर स्टिमैक से बहस करने लगे। दरअसल, भारतीय कोच के पास जब गेंद गयी तो वह उसे पाकिस्तानी खिलाड़ी से दूर कर रहे थे। इतने में पाकिस्तान के अब्दुल्ला इकबाल आपा खो बैठे और स्टिमैक से बहस करने लगे। देखते-देखते कई पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने स्टिमैक को घेर लिया। इतना ही नहीं खिलाड़ियों के पाकिस्तान के मुख्य कोच शहजाद अनवर भी भारतीय कोच से बहस करने लगे।भारतीय कोच स्टिमैक क्यों हुए नाराजरेफरी ने कड़ा फैसले लेते हुए भारतीय कोच स्टिमैक को रेड कार्ड दिखा दिया और उन्हें मैच से बाहर कर दिया। स्टिमैक पाकिस्तानी टीम को थ्रो देने के फैसले से निराश था। उन्हें लगा कि राइट बैक प्रीतम कोटाल फाउल हुए थे। स्टिमैक के साथ-साथ पाकिस्तान कोच को भी दंडित किया गया। उन्हें यलो कार्ड दिखाया गया। यह उनके लिए आखिरी चेतावनी थी।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। दो सप्ताह पहले फ्रांस के पैरिस सेंट जर्मेन (पीएसजी) क्लब का दामन छोड़ने वाले लियोनेल मेसी 21 जुलाई को मेक्सिको के क्रूज अजुल के खिलाफ लीग्स कप मैच में इंटर मियामी के लिये पदार्पण कर सकते हैं। अमेरिकी मेजर लीग क्लब के सह-मालिक जॉर्ज मास ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मेसी ने आठ मई को पीएसजी छोड़ने के बाद इंटर मियामी से जुड़ने की घोषणा की थी, जिसका आंशिक मालिकाना अधिकार इंग्लैंड के पूर्व कप्तान डेविड बेकहम के पास भी है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। पुडुचेरी के टी विशाल ने 2023 स्पेशल ओलंपिक विश्व खेलों में पावरलिफ्टिंग में रजत जीतकर पदक तालिका में भारत का खाता खोल दिया है। इस 16 वर्षीय भारोत्तोलक ने सोमवार को पुरुषों की स्क्वाट प्रतियोगिता (122.50 किग्रा), डेडलिफ्ट प्रतियोगिता (155 किग्रा), बेंच प्रेस (85 किग्रा) और संयुक्त प्रतियोगिता में रजत जीतकर प्रतियोगिता में भारत को पहला पदक दिलाया।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारतीय पुरुष युगल जोड़ी ने रविवार को इंडोनेशिया ओपन 2023 के फाइनल में गत विश्व चैंपियन मलेशिया के आरोन चिया और सूह वूईयिक को हराकर ऐतिहासिक खिताब जीत लिया। सात्विक-चिराग ने विश्व की नंबर तीन मलेशियाई जोड़ी को 21-17, 21-18 से हराने में सिर्फ 43 मिनट का समय लिया। सात्विक-चिराग इंडोनेशिया ओपन का युगल खिताब जीतने वाले पहले भारतीय हैं। यह बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर बैडमिंटन में इस जोड़ी का पहला सुपर 1000 खिताब भी है। इस ऐतिहासिक जीत के लिये हालांकि भारतीय युगल को संघर्ष करना पड़ा। खिताबी मुकाबले में सात्विक-चिराग की शुरुआत अच्छी नहीं रही, जबकि मलेशियाई जोड़ी ने 7-3 की बढ़त ले ली। सात्विक-चिराग ने जल्द ही लय हासिल करते हुए 7-7 पर बराबरी की और ब्रेक तक 11-9 की बढ़त बना ली। इसके बाद सात्विक-चिराग ने अपने मलेशियाई प्रतिद्वंदियों को वापसी का मौका नहीं दिया और पहला गेम 21-17 से जीतने में सफल रहे। दूसरे गेम में भी आरोन-सूह ने अच्छी शुरूआत की, लेकिन भारतीय युगल ने जल्द ही मुकाबले पर काबू पा लिया। स्कोर 6-6 पर बराबर होने के बाद सात्विक-चिराग ने दो पॉइंट स्कोर किये, जबकि मलेशियाई जोड़ी ने एक पॉइंट अपने पक्ष में किया। आरोन-सूह हालांकि लगातार प्रयासों के बावजूद बढ़त नहीं बना सके। सात्विक-चिराग 20-14 की बढ़त बनाकर चैंपियनशिप जीतने से सिर्फ एक पॉइंट दूर थे। मलेशियाई युगल ने इस समय आक्रामकता दिखाई लेकिन भारतीय जोड़ी को 21-18 से गेम और चैंपियनशिप जीतने से नहीं रोक सके।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। बर्लिन के प्रतिष्ठित ओलंपियास्टेडियन में जोरदार और उत्साही दर्शकों के बीच 255 सदस्यीय भारतीय दल ने शनिवार रात स्पेशल ओलंपिक विश्व खेलों के उद्घाटन समारोह में मार्च किया। जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक-वाल्टर स्टीनमीयर, चांसलर ओलाफ स्कोल्ज और स्पेशल ओलंपिक के अध्यक्ष टिमोथी श्राइवर उद्घाटन समारोह में बतौर अतिथि शामिल हुए।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.