पांचवें प्रयास में नीरज के गोल्डन आर्म ने दिखाया जादू; 87.66 मीटर दूर भाला फेंक जीता गोल्डएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। मांसपेशियों के खिचाव से उबरने के बाद नीरज चोपड़ा एक बार फिर हाथ में भाला उठाकर कीर्तिमान रचा है। उन्होंने प्रतिष्ठित डायमंड लीग श्रृंखला के लुसान चरण में पुरुषों की भाला फेंक प्रतियोगिता का खिताब जीत लिया है। नीरज ने 87.66 मीटर थ्रो के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। वहीं, जर्मनी के जूलियन वीबर 87.03 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर हैं। तीसरे स्थान पर 86.13 मीटर थ्रो के साथ चेक गणराज्य के याकूब वादलेज्चे रहे। बता दें कि भारतीय जेवलिन स्टार नीरज का इस साल में यह दूसरा गोल्ड है। वे दोहा डायमंड लीग में भी गोल्ड मेडलिस्ट रहे थे। नीरज चोपड़ा ने पहले राउंड में फाउल के साथ शुरूआत की। वहीं, जर्मनी के जूलियन वेबर ने 86.20 मीटर थ्रो के साथ बढ़त बनाई। पहले दौर के अंत में, नीरज शीर्ष तीन एथलीटों में भी नहीं थे। इसके बाद दूसरे प्रयास में, नीरज ने 83.52 मीटर का थ्रो किया। हालांकि, दूसरे राउंड के अंत में जूलियन अभी भी बढ़त में रहे। बावजूद इसके नीरज की रैंकिंग में सुधार हुआ और वह तीसरे नंबर पर पहुंच गए। तीसरे प्रयास में नीरज ने 85.02 मीटर का स्कोर किया। इस थ्रो के साथ वह दूसरे नंबर पर पहुंच गये। हालांकि जूलियन ने तब भी 86.20 मीटर थ्रो के साथ बढ़त बना रखी थी। ऐसे में चौथे प्रयास में नीरज फाउल कर बैठे। पांचवें प्रयास में नीरज की गोल्डन आर्म ने अपना जादू चलाया और 87.66 मीटर का थ्रो हासिल किया। इसके साथ ही वह पहले स्थान पर पहुंच गये। छठे और अंतिम प्रयास में, नीरज ने 84.15 मीटर का थ्रो हासिल किया।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) फंतासी स्पोर्ट्स गेमिंग मंच ड्रीम 11 को तीन साल के लिए अपना मुख्य प्रायोजक बनाया है। बोर्ड ने शनिवार को इसकी घोषणा की। बीसीसीआई ने एक विज्ञप्ति में कहा- वेस्ट इंडीज के विरुद्ध शुरू होने वाली टेस्ट शृंखला से ड्रीम-11 भारतीय टीम की जर्सी पर दिखेगा। बीसीसीआई के अध्यक्ष रॉजर बिन्नी ने कहा- बीसीसीआई के आधिकारिक प्रायोजक होने से लेकर मुख्य प्रायोजक बनने तक, बीसीसीआई-ड्रीम-11 की साझेदारी मजबूती से बढ़ी है। यह भारतीय क्रिकेट से मिलने वाले विश्वास, मूल्य, क्षमता और विकास का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
फाइनल में ईरान को 42-32 से दी शिकस्तएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए आठवीं बार एशियाई चैंपियनशिप को अपने नाम कर लिया है। भारत ने शुक्रवार (30 जून) को कोरिया के बुसान में खेले गये फाइनल मुकाबले में ईरान को 42-32 के बड़े अंतर से हरा दिया। इस टूर्नामेंट के नौ संस्करणों में यह भारत का आठवां खिताब है।शुरुआती पांच मिनट में ईरान के खिलाफ भारतीय टीम की स्थिति ठीक नहीं थी, लेकिन 10वें मिनट में सबकुछ बदल गया। ईरान की टीम ऑल आउट हो गय8। भारतीय डिफेंस द्वारा कुछ टैकल पॉइंट हासिल करने के बाद पवन सहरावत और असलम इनामदार ने सफल रेड करके ईरान पर दबाव बना दिया।भारत ने ईरान को दो बार ऑलआउट कियाभारतीय टीम ने एक बार गति पकड़ने के बाद जबरदस्त ऑल-अराउंड खेल दिखाया। मौजूदा चैंपियन भारत के खिलाफ ईरान को कुछ आसान बोनस अंक मिले, लेकिन 19वें मिनट में भारत ने ईरान को दूसरी ऑलआउट कर दिया। हाफ टाइम में भारत 23-11 से आगे रहा। इसके बाद ईरान के कप्तान मोहम्मदरेजा शादलूई चियानेह ने 29वें मिनट में दो पॉइंट रेड और एक सुपर रेड के साथ भारत को पहली बार ऑलआउट किया।आखिरी मिनटों में भारत ने किया बेहतर प्रदर्शनजब मैच में दो बाकी था तो ईरान की टीम सिर्फ सात अंक पीछे थी। भारत 38-31 से आगे थे। खेल तनावपूर्ण हो गया, लेकिन भारतीय टीम ने दबाव मे बेहतर प्रदर्शन करते हुए मैच को 42-32 से अपने नाम कर लिया। इससे पहले दिन में भारत ने टूर्नामेंट के लीग चरण को हॉन्ग कॉन्ग को 64-20 से हराया था। वह लीग राउंड में एक भी मैच नहीं हारा।
भारत के खिलाफ हारकर भी अगर वर्ल्ड कप जीत जाते हैं तो... पाकिस्तान के उप-कप्तान का बड़ा बयानएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। जिस दिन से 2023 विश्व कप कार्यक्रम की घोषणा हुई है, उसी दिन से सभी की निगाहें भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर टिकी हुई हैं। यह मैच 15 अक्तूबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जायेगा। टूर्नामेंट की शुरुआत पांच अक्तूबर को अहमदाबाद में दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच मैच के साथ होगी, जो फाइनल की भी मेजबानी करेगा। पाकिस्तान ने पहले भारत की यात्रा करने से इनकार कर दिया था। इसी वजह से आईसीसी ने कई हफ्तों की देरी के बाद कार्यक्रम की घोषणा की थी। आईसीसी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से एक एग्रीमेंट भी किया है, जिससे वह अब पीछे नहीं हट सकता।भारत से भिड़ंत पर पाकिस्तान के उपकप्तान शादाब खान की दिलचस्प राय है। शादाब व्हाइट बॉल क्रिकेट में पाकिस्तान टीम के उपकप्तान हैं। उन्होंने कहा- भारत के खिलाफ खेलने से एक अलग ही खुशी मिलती है। इस मैच में दबाव भी अलग होता है। अब जब हमें वहां जाना है, तो हमें पता है कि उनका घरेलू मैदान होगा। लोग हमारे खिलाफ होंगे। हालांकि, हम वहां विश्व कप खेलने के लिए जा रहे हैं। इसलिए हमें पूरे टूर्नामेंट के बारे में सोचना चाहिए, न कि केवल भारत के खिलाफ मैच के बारे में, क्योंकि अगर हम भारत के खिलाफ जीतते हैं और विश्व कप हार जाते हैं, तो इसका कोई फायदा नहीं है।शादाब ने कहा कि मेरी राय में, भले ही हम भारत के खिलाफ हार जायें, लेकिन विश्व कप जीत जायें, यह जीत, जीत होगी क्योंकि यही हमारा मुख्य उद्देश्य है। पाकिस्तान की टीम सात साल बाद भारत आयेगी। पिछली बार टीम ने 2016 टी-20 विश्व कप के दौरान भारत की यात्रा की थी। तब पाकिस्तान और भारत को धर्मशाला में मैच खेलना था। हालांकि, पाकिस्तान धर्मशाला में नहीं खेलना चाहता था। ऐसे में सुरक्षा कारणों से भारत-पाकिस्तान मैच को कोलकाता शिफ्ट कर दिया गया था। इस साल वनडे विश्व कप में 46 दिनों में कुल 48 मैच खेले जायेंगे। विश्व कप के मैच भारत के 10 शहरों में खेले जायेंगे। हैदराबाद, अहमदाबाद, धर्मशाला, दिल्ली, चेन्नई, लखनऊ, पुणे, बेंगलुरु, मुंबई और कोलकाता में मुकाबले हैं। हैदराबाद के अलावा गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम 29 सितंबर से 3 अक्तूबर तक अभ्यास मैचों की मेजबानी करेंगे। कुल 10 टीमें भाग लेंगी।इस विश्व कप में एक टीम बाकी नौ टीमों के साथ राउंड रॉबिन फॉर्मेट में खेलेगी। इनमें से अंक तालिका में शुरुआती चार स्थान पर रहने वाली चार टीमें सेमीफाइनल में जगह बनायेंगी और यहां जीतने वाली टीमें फाइनल में भिड़ेंगी। पिछली बार इंग्लैंड में भी इसी फॉर्मेट में विश्व कप का आयोजन हुआ था। तब इंग्लिश टीम ने फाइनल में न्यूजीलैंड को हराया था।आठ टीमें पहले ही इस टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई कर चुकी हैं और बाकी दो स्थानों के लिए जिम्बाब्वे में क्वालिफायर राउंड खेला जा रहा है, जिसमें सुपर सिक्स में छह टीमें पहुंच चुकी हैं। इनमें से दो टीमें भारत में होने वाले विश्व कप के मुख्य राउंड में भाग लेंगी।
इंटरकॉन्टिनेंटल कप जीतने का मिला फायदाएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय फुटबॉल फैंस के लिए गुरुवार (29 जून) का दिन खुशखबरी लेकर आया। टीम इंडिया फीफा की ओर से जारी ताजा रैंकिंग में टॉप-100 में शामिल हो गयी है। भारतीय टीम की इससे पहले रैकिंग 101 थी। वह पांच साल में पहली बार टॉप-100 में शामिल होने में सफल हुई है। भारतीय टीम को भुवनेश्वर में हुए इंटरकॉन्टिनेटल कप जीतने का फायदा मिला। उसने इस टूर्नामेंट के फाइनल में लेबनान को 2-0 से हराया था।
वीरेंद्र सहवाग का भारतीय खिलाड़ियों को संदेश, बोले- इस दिग्गज बैटर के लिए जीतो यह विश्व कपएबीएन सेंट्रल डेस्क। आईसीसी वनडे विश्व कप के लिए उलटी गिनती शुरू हो गयी है। 10 अंतरराष्ट्रीय टीमें भारत के 10 मैदानों पर इस खिताब के लिए लड़ेंगी। यह विश्व कप पांच अक्तूबर से 19 नवंबर के बीच खेला जायेगा। विश्व कप 2011 भारत में हुआ था और महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत आखिरी बार विश्व विजेता बना था। वह महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का आखिरी विश्व कप भी था, इसलिए सभी भारतीय खिलाड़ी सचिन के लिए विश्व कप जीतना चाहते थे। इस साल भी भारत से कुछ ऐसी ही उम्मीद लगायी जा रही है कि टीम विश्व कप जीतकर आईसीसी ट्रॉफी के 10 वर्षों के लंबे इंतजार को खत्म करेगी। पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का मानना है कि भारतीय टीम को इस बार विराट कोहली के लिए विश्व कप जीतना चाहिए। चौथा वनडे विश्व कप खेलेंगे विराट कोहली इस साल विराट कोहली अपना चौथा वनडे विश्व कप खेलेंगे। वह वनडे वर्ल्ड कप 2011 में भी टीम इंडिया का हिस्सा रहे थे और वह उनका पहला विश्व कप था। अपने पहले ही आईसीसी टूर्नामेंट में उन्हें ट्रॉफी उठाने का मौका मिला था। हालांकि, इसके बाद भारतीय टीम 11 आईसीसी टूर्नामेंट खेल चुकी है और इसमें से सिर्फ एक (2013 चैंपियंस ट्रॉफी) में जीत मिली है। धोनी के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट छोड़ने के बाद से तो आईसीसी टूर्नामेंट्स में भारत को जूझना पड़ा है। ऐसे में सहवाग चाहते हैं कि युवा खिलाड़ी कोहली के लिए यह विश्व कप खेलें। सहवाग ने की विराट की तारीफ सहवाग ने कहा कि सभी को यह विश्व कप विराट कोहली के लिए जीतना चाहिए। वह एक महान इंसान और खिलाड़ी हैं। वह हमेशा ही दूसरे खिलाड़ियों की मदद करते हैं। कोहली बहुत हद तक सचिन तेंदुलकर की तरह हैं, जिस तरह से वह खेलते हैं, बात करते हैं और खेल के प्रति जिस तरह का उनका नजरिया है। सचिन की तरह ही कोहली क्रिकेट के लिए बेहद जूनूनी हैं। उनका खेल के प्रति समर्पण भी अविश्वसनीय है। वह हर मैच में अपना 100 प्रतिशत देते हैं। विराट हर तरह से महान हैं। जब सहवाग से पूछा गया कि क्या विराट विश्व कप में सचिन के सबसे ज्यादा शतक के रिकॉर्ड को तोड़ पायेंगे? इस पर सहवाग ने जवाब दिया- हां, यह बिल्कुल हो सकता है। मैं हमेशा ही युवाओं और अपने बच्चों तक को कहता हूं कि विराट से सीखो। वह हमेशा अंत तक खेलते हैं और अपना विकेट यूं ही नहीं गंवा देते। हमेशा की तरह इस बार भी विराट विश्व कप के लिए उत्साहित होंगे। वह चाहेंगे की एक बार फिर ऐसे बड़े मंच पर प्रदर्शन कर वह अपनी टीम को जीत दिलायें।
हमने आखिरी मिनटों में उन्हें गोल करने दिया एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय पुरुष फुटबॉल टीम के कप्तान सुनील छेत्री ने कहा है कि सैफ चैंपियनशिप 2023 के आखिरी ग्रुप-ए मैच में कुवैत के साथ खेला गया ड्रॉ उन्हें हार जैसा प्रतीत हुआ। छेत्री ने अपना 92वां अंतरराष्ट्रीय गोल जमाया लेकिन अनवर अली के आत्मघाती गोल की बदौलत भारत और कुवैत के बीच मंगलवार को मुकाबला 1-1 की बराबरी पर छूटा। आखिरी बार भारत ने कुवैत के साथ 2010 में एक अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच खेला था, जहां ब्लू टाइगर्स को 9-1 की करारी हार मिली थी। उस परिणाम के बाद कुवैत को बराबरी पर रोकना निश्चित रूप से एक सुधार रहा, हालांकि छेत्री इस नतीजे से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने कहा- मेरे मन में जो भावना आती है वह हार की है, क्योंकि हमने आखिरी मिनटों में उन्हें गोल करने दिया। मुझे यकीन है कि हमने बहुत सारी अच्छी चीजें कीं। जब हम वीडियो विश्लेषण देखेंगे, तो हमें बेहतर पता चलेगा। उन्होंने कहा- हम काफी हद तक वह कर सकते हैं जिसके लिए हमने प्रशिक्षण लिया था। वे कोई आसान टीम नहीं है। यह टीम खेलना जानती है और हम यह देख सकते हैं। मुझे लगता है कि हमने अधिकांश समय अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन अभी मैं इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं कह सकता। एक बार जब हम वीडियो देखेंगे तो शायद हम इसे बेहतर तरीके से जान पायेंगे। कुवैत के खिलाफ मैच उद्दंडता से भरा रहा, जिसमें भारत के मुख्य कोच इगोर स्टिमाच को असहमति के लिये लाल काडर् देखना पड़ा। यह टूर्नामेंट में स्टिमाच का दूसरा लाल कार्ड था, जबकि इससे पहले उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ भी लाल कार्ड मिला था। जब स्टिमाच को 81वें मिनट में लाल कार्ड मिला तब तक छेत्री को स्थानापन्न किया जा चुका था। यह पूछे जाने पर कि वास्तव में वहां क्या हुआ, छेत्री ने कहा कि मुझे कोई अंदाजा नहीं है। मैं वहां देर से पहुंचा। हमने इसके बारे में बात नहीं की है। हम आम तौर पर मैच के तुरंत बाद खेल के बारे में बात नहीं करते हैं। हम आराम करेंगे और फिर देखेंगे। भारत के सहायक कोच महेश गवली ने कुवैत मैच के दौरान रेफरी के बर्ताव की कड़ी आलोचना की और सैफ से रेफरियों के मानक को बढ़ाने का आग्रह किया था। छेत्री हालांकि कोचिंग के स्तर पर बात करने से बचते नजर आये। छेत्री ने कहा- मैं हमेशा कुछ भी कहता हूं तो परेशानी में पड़ जाता हूं। इसलिए अगर सहायक कोच ने कुछ कहा है, तो आप उनकी बात मान लीजिये।
एमएस धोनी का जो फैसला 12 साल से बना था रहस्य, मुथैया मुरलीधरन ने उठाया उससे पर्दाएबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। एमएस धोनी ने इंटरनेशलनल क्रिकेट खेलने के दिनों में कई महत्वपूर्ण फैसले लिये। वो अपने फैसलों से कभी क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीतते, तो कभी उन्हें हैरान कर छोड़ देते। उनके कुछ फैसले तो आज भी राज की तरह हैं। मतलब उसके बारे में सिर्फ वही बता सकते हैं कि उन्होंने वैसा क्यों किया होगा? या उस फैसले को मौजूदा हालातों में लेने की क्या वजह रही होगी?धोनी ने ऐसा ही एक फैसला 12 साल पहले यानी 2011 के वर्ल्ड कप में भी लिया था। साल 2011 में श्रीलंका के खेले वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में धोनी ने दुनिया को तब चौंका कर रख दिया जब उन्होंने बैटिंग क्रम में बड़ा बदलाव करते हुए युवराज सिंह से ऊपर खुद को प्रमोट किया।धोनी के इस फैसले की वजह क्या थी, इसका जिक्र कम ही मिलता है। हाल ही में श्रीलंका के पूर्व स्पिनर और 2011 वर्ल्ड कप के फाइनल में खेलने वाले मुथैया मुरलीधरन ने धोनी के उस फैसले को डिकोड करने की कोशिश की है।मुरली ने धोनी के फैसले के पीछे का बताया सचमुरलीधरन ने एक इंटरव्यू में धोनी के 12 साल पहले लिये उस फैसले पर प्रकाश डाला है। धोनी ने क्या सोचकर खुद को युवराज से ऊपर भेजा होगा, इस बड़े सवाल का जवाब दुनिया के सामने लाने की कोशिश की है। उनके मुताबिक धोनी के उस सोच के पीछे की वजह वो खुद हैं।मुरलीधरन ने कहा कि वो जानते हैं कि युवराज से ऊपर बल्लेबाजी करने धोनी क्यों आये थे? मुरली के मुताबिक युवराज सिंह का रिकॉर्ड उनके खिलाफ अच्छा नहीं था, जो कि धोनी का था। इसके अलावा आईपीएल के नेट्स पर साथ अभ्यास करने के चलते धोनी को मुरली की गेंदों को खेलने का अच्छा तजुर्बा भी था। बता दें कि उस वक्त मुरलीधरन भी आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा थे।धोनी के फैसले से भारत को मिली कामयाबी2011 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 275 रन का लक्ष्य रखा था। जवाब में भारत ने सहवाग, सचिन और विराट के बेशकीमती विकेट 22वां ओवर खत्म होने से पहले ही 114 रन पर गंवा दिये थे। मैच में ये वो वक्त था जब मुरलीधरन भी अटैक पर थे।मुरली ने जो कहा उससे यही लगता है कि धोनी ने मैच से जुड़े इन्हीं हालातों को भांपते हुए खुद को प्रमोट करने का फैसला लिया होगा। अब फैसले की यही वजह थी या नहीं, ये तो सिर्फ धोनी बता सकते हैं। लेकिन सोलह आने सच बात तो यही है कि धोनी का वो फैसला वो हिंदुस्तान की उम्मीदों को पूरा करने वाला रहा।
भारत में होने वाले वनडे विश्व कप का शेड्यूल जारी एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। आईसीसी ने वनडे विश्व कप 2023 का शेड्यूल जारी कर दिया है। यह टूर्नामेंट पांच अक्तूबर से 19 नवंबर के बीच भारत में खेला जायेगा। पहला मैच इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच होगा। यही दोनों टीमें 2019 विश्व कप के फाइनल में आमने-सामने थीं। यही दोनों टीमें अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में पांच अक्तूबर को टूर्नामेंट का पहला मैच खेलेंगी। वहीं, भारत का पहला मैच आठ अक्तूबर को चेन्नई के मैदान में आॅस्ट्रेलिया के साथ होगा। ड्रॉफ्ट शेड्यूल में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है और भारतीय 15 अक्तूबर को अहमदाबाद के मैदान में पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगी। इस विश्व कप में कुल 10 टीमें भाग लेंगी। आठ टीमें पहले ही इस टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई कर चुकी हैं और बाकी दो स्थानों के लिए जिम्बाब्वे में क्वालिफायर राउंड खेला जा रहा है, जिसमें सुपर सिक्स में छह टीमें पहुंच चुकी हैं। इनमें से दो टीमें भारत में होने वाले विश्व कप के मुख्य राउंड में भाग लेंगी। फिलहाल शुरुआती दो विश्व कप जीतने वाली वेस्टइंडीज की टीम इस विश्व कप से बाहर होने की कगार पर है। श्रीलंका और जिम्बाब्वे के मुख्य दौर में खेलने की संभावना सबसे ज्यादा है। नौ जुलाई को विश्व में शामिल होने वाली बाकी दो टीमों का भी फैसला हो जायेगा।इस विश्व कप में सभी टीमें बाकी नौ टीमों के साथ राउंड रॉबिन फॉर्मेट में खेलेंगी। इनमें से अंक तालिका में शुरुआती चार स्थान पर रहने वाली टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी और यहां जीतने वाली टीमें फाइनल में भिड़ेंगी। ग्रुप स्टेज का आखिरी मैच 12 नवंबर को खेला जायेगा। इसके बाद सेमीफाइनल मैच 15 नवंबर को मुंबई और 16 नवंबर को कोलकाता में होंगे। फाइनल मैच 19 नवंबर को अहमदाबाद में होगा। दोनों सेमीफाइनल मुकाबलों के लिए एक रिजर्व डे रखा गया है। वहीं फाइनल मैच के लिए भी 20 नवंबर रिजर्व डे के रूप में रहेगा। सभी नॉकआउट मैच डे-नाइट मैच होंगे और स्थानीय समय के अनुसार दोपहर दो बजे शुरू होंगे। कुल 10 मैदानों पर होंगे मैच: हैदराबाद, अहमदाबाद, धर्मशाला, दिल्ली, चेन्नई, लखनऊ, पुणे, बेंगलुरु, मुंबई और कोलकाता। हैदराबाद के अलावा गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम 29 सितंबर से तीन अक्तूबर तक अभ्यास मैचों की मेजबानी करेंगे।
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