सुखदेव भगत बोले- बाबा कार्तिक उरांव के पदचिन्हों पर चलकर ही होगा समाज का विकास आदिवासियों के मसीहा बाबा कार्तिक उरांव की जयंती हिरही ग्राम में धूमधाम से मनी एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। आदिवासियों के मसीहा, दूरदर्शी नेता, श्रेष्ठ शिक्षाविद् और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अभियंता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोहरदगा के पूर्व सांसद स्वर्गीय कार्तिक उरांव की जयंती आज हिरही ग्राम में बड़े ही हर्षोल्लास और पारंपरिक तरीके से मनायी गयी। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोहरदगा लोकसभा के सांसद सह छत्तीसगढ़ राज्य के प्रभारी सुखदेव भगत थे। कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर आयोजन समिति और ग्रामीणों ने सांसद श्री भगत का पारंपरिक ढंग से ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया। सबसे पहले सांसद सुखदेव भगत ने स्वर्गीय कार्तिक उरांव की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया। मौके पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव जी बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के थे। एक साधारण गरीब आदिवासी परिवार में जन्म लेकर भी अपनी कड़ी मेहनत और लगन के बल पर उन्होंने विदेश में जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त की। फिर देश सेवा के लिए उन्होंने राजनीति के क्षेत्र में कदम रखा और इस क्षेत्र से सांसद भी रहे।उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन आदिवासी समाज के उत्थान और विकास के लिए समर्पित कर दिया। देश भर के आदिवासियों को एक सूत्र में बांधने के लिए उन्होंने अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद का गठन किया था, जो आज भी आदिवासियों की आवाज बुलंद कर रहा है।श्री भगत ने जोर देते हुए कहा कि शिक्षा हमारे लिए सबसे जरूरी है। आदिवासी समाज हो या किसी भी समाज या क्षेत्र का विकास, उसमें शिक्षा का सबसे बड़ा योगदान होता है। हमें कार्तिक उरांव के विचारों को आत्मसात करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। तभी आज के दिन यह उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर भव्य जतरा का भी आयोजन किया गया था, जिसमें दर्जनों खोड़हा नृत्य दलों के लोग शामिल हुए थे। पारंपरिक वेशभूषा में आदिवासी नृत्य दलों ने मनमोहक प्रस्तुति दी। सांसद स्वयं खोड़हा नृत्य दलों में शामिल हुए और उनके साथ नृत्य कर उनका हौसला बढ़ाया। सांसद के इस आत्मीय व्यवहार से ग्रामीणों में काफी खुशी देखी गयी। मौके पर संरक्षक सुनील भगत ,अध्यक्ष वाजी उरांव, राजेश उरांव, महावीर उरांव, प्रेम रंजन उरांव, नीरू शांति भगत, आलोक साहू, वीरेंद्र यादव, कुलदीप शाखा, किशोर उरांव सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।
70 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों तथा सेविका, सहायिका और सहिया दीदियों को कार्ड बनवाने की सुविधा मोरहाबादी मैदान, रांची में आयोजित जसोवा मेला-2026 में झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी की ओर से नि:शुल्क टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री अबुआ/ आयुष्मान कार्ड और वय वंदना कार्ड बनाने की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। मेला परिसर स्थित स्टॉल संख्या जी-12 पर 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों का वय वंदना कार्ड बनाया जा रहा है। वहीं, राज्य की सेविका, सहायिका एवं सहिया दीदियों के लिए भी नि:शुल्क मुख्यमंत्री अबुआ/ आयुष्मान कार्ड बनाने की व्यवस्था की गयी है। वय वंदना योजना के अंतर्गत कार्ड बनवाने के लिए पात्र बुजुर्गों को अपना आधार कार्ड और आधार से जुड़ा मोबाइल लेकर स्टॉल पर पहुंचना होगा। इसी प्रकार, सेविका, सहायिका एवं सहिया दीदियां अपना आधार कार्ड लेकर स्टॉल संख्या जी-12 पर आयुष्मान कार्ड बनवा सकती हैं। झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी की ओर से आम लोगों से अपील की गयी है कि वे अपने परिवार के 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों का वय वंदना कार्ड बनवाने के लिए उन्हें मेला परिसर स्थित स्टॉल तक लाएं। साथ ही, सेविका, सहायिका एवं सहिया दीदियां भी इस सुविधा का लाभ उठाकर अपना आयुष्मान कार्ड बनवा लें। यह सुविधा मेला अवधि के दौरान उपलब्ध रहेगी।
धनबाद में कथित अवैध गर्भपात का मामला : डीसी से सिविल सर्जन तक सवाल, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की जवाबदेही कहां तक? एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। गर्भ में बेटी होने की कथित जानकारी, गर्भपात की योजना और फिर महिला की मौत! धनबाद के कतरास में किरण देवी की मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। कतरास के सेंट्रल डायग्नोस्टिक सेंटर से भ्रूण जैसे अवशेष मिलने के दावे के बाद अब सवाल सिर्फ एक सेंटर का नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य निगरानी तंत्र का है। आखिर धनबाद जिले में हो क्या रहा है? क्या अल्ट्रासाउंड केंद्रों और कथित अवैध गर्भपात की गतिविधियों पर निगरानी रखने वाला तंत्र केवल कागजों पर चल रहा है? किरण देवी की मौत से जुड़े मामले में परिजनों ने आरोप लगाया है कि धनबाद के एक अल्ट्रासाउंड केंद्र में जांच के दौरान गर्भ में लड़की होने की जानकारी दी गयी थी। इसके बाद गर्भपात की योजना बनाये जाने की बात सामने आयी। हालांकि, संबंधित केंद्र की पहचान और इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच का विषय है। जानकारी के मुताबिक, 28 अक्टूबर को कतरास थाना क्षेत्र स्थित सेंट्रल डायग्नोस्टिक सेंटर में कथित गर्भपात के दौरान किरण देवी की मौत हो गयी। परिजनों के अनुसार, उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां वह मृत अवस्था में थीं। मामले की जांच के दौरान सेंटर से भ्रूण जैसे कुछ अवशेष मिलने की जानकारी भी सामने आयी है। थाना प्रभारी प्रवीण कुमार के मुताबिक, बरामद सामग्री को एफएसएल जांच के लिए भेजा जायेगा। पोस्टमार्टम और वैज्ञानिक जांच से ही मौत के कारणों तथा बरामद सामग्री की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से सवाल: आखिर निगरानी व्यवस्था कहां है? झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के सामने भी इस मामले ने स्वास्थ्य विभाग की जवाबदेही का सवाल खड़ा किया है। जिले में अल्ट्रासाउंड केंद्रों के पंजीकरण, निरीक्षण और पीसीपीएनडीटी कानून के पालन की निगरानी कैसे होती है? क्या संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई की जाती है? यदि जांच में अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण या अनधिकृत गर्भपात की पुष्टि होती है, तो संबंधित केंद्रों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी किसकी होगी? मंत्री से यह सवाल पूछना जरूरी है कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और अवैध भ्रूण लिंग जांच पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है। हालांकि, इस मामले में मंत्री या विभाग की किसी प्रत्यक्ष भूमिका अथवा पूर्व जानकारी का अभी कोई प्रमाण सामने नहीं आया है। डीसी और सिविल सर्जन से भी जवाबदेही तय करने की मांग धनबाद के उपायुक्त और सिविल सर्जन को स्पष्ट करना चाहिए कि जिले में अल्ट्रासाउंड केंद्रों और गर्भपात कराने वाले संस्थानों की जांच कब और कैसे की जाती है। क्या सेंट्रल डायग्नोस्टिक सेंटर के पास संबंधित प्रक्रिया के लिए जरूरी अनुमति और सुविधाएं थीं? गर्भपात किसने किया? क्या संबंधित चिकित्सक योग्य और पंजीकृत था? कथित भ्रूण लिंग जांच किस केंद्र में हुई?इन सवालों के जवाब केवल बयान से नहीं, बल्कि दस्तावेजों, निरीक्षण रिपोर्ट और निष्पक्ष जांच से सामने आने चाहिए। कानून सख्त, फिर भी उल्लंघन के आरोप क्यों? पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत भ्रूण का लिंग बताना प्रतिबंधित है। पहली बार दोषसिद्ध होने पर तीन साल तक की कैद और 10 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। गैर-पंजीकृत चिकित्सक द्वारा गर्भपात कराने पर एमटीपी एक्ट के तहत दो से सात साल तक कठोर कारावास हो सकता है। यदि लापरवाही से मौत की पुष्टि होती है, तो परिस्थितियों के अनुसार भारतीय न्याय संहिता के तहत भी कार्रवाई हो सकती है। जवाब चाहता है कोयलांचल किरण देवी की मौत ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है कि कथित अल्ट्रासाउंड केंद्र से लेकर गर्भपात की प्रक्रिया तक हर कड़ी की जांच हो। एफएसएल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और चिकित्सकीय दस्तावेजों के आधार पर सच्चाई सामने लायी जाये तथा दोष साबित होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, धनबाद डीसी और सिविल सर्जन के सामने अब बड़ा सवाल है—क्या इस मामले की निष्पक्ष जांच कर स्वास्थ्य व्यवस्था की कमियों को दूर किया जायेगा, या महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा यह गंभीर मामला भी कार्रवाई के इंतजार में रह जायेगा? धनबाद को जवाब चाहिए, जवाबदेही चाहिए और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम चाहिए।
छावनी परिषद के नामित सदस्य बनने पर परिषद ने जताया हर्ष कहा- कैंट क्षेत्र के विकास को मिलेगी नयी गति एबीएन न्यूज नेटवर्क, रामगढ़। भारत विकास परिषद, रामगढ़ द्वारा कल देर रात होटल शिवम इन के सभागार में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में भारत सरकार द्वारा भारत विकास परिषद के पूर्व अध्यक्ष एवं रामगढ़ छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष सरदार अनमोल सिंह को छावनी परिषद का नामित सदस्य बनाए जाने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत एवं सम्मान किया गया। इस उपलब्धि पर उपस्थित सभी सदस्यों ने हर्ष व्यक्त करते हुए इसे रामगढ़ के लिए गौरव का विषय बताया। मौके पर भारत विकास परिषद के जिलाध्यक्ष अनिल गोयल, जिला सचिव प्रदीप कुमार शर्मा सहित परिषद के पूर्व अध्यक्षों, पूर्व सचिवों, पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सरदार अनमोल सिंह को अंगवस्त्र भेंट कर तथा पुष्पगुच्छ प्रदान कर सम्मानित किया। उपस्थित सदस्यों ने विश्वास व्यक्त किया कि उनके अनुभव, कार्यकुशलता एवं जनसेवा के प्रति समर्पण से छावनी क्षेत्र में विकास कार्यों को नयी दिशा और गति मिलेगी। जिलाध्यक्ष अनिल गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि सरदार अनमोल सिंह का छावनी परिषद का नामित सदस्य बनना भारत विकास परिषद, रामगढ़ के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि अनमोल सिंह जी पूर्व में छावनी परिषद के उपाध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। छावनी क्षेत्र की समस्याओं, विकास संबंधी आवश्यकताओं एवं जनहित के मुद्दों पर उनका अनुभव निश्चित रूप से लाभकारी सिद्ध होगा। हमें पूर्ण विश्वास है कि उनके नेतृत्व, अनुभव एवं सक्रिय सहभागिता से कैंट क्षेत्र में विकास कार्यों को और अधिक गति मिलेगी तथा जनसमस्याओं के समाधान की दिशा में सार्थक पहल होगी। समारोह में उपस्थित सदस्यों ने सरदार अनमोल सिंह को इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। सभी ने आशा व्यक्त की कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ करते हुए रामगढ़ छावनी क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इस सम्मान समारोह में परिषद के संस्थापक अध्यक्ष गोविंद मेवाड़, पूर्व अध्यक्ष अमित साहू, पूर्व अध्यक्ष उमेश राजगढ़िया, जिलाध्यक्ष अनिल गोयल, जिला सचिव प्रदीप कुमार शर्मा, पूर्व अध्यक्ष सरदार अनमोल सिंह, कोषाध्यक्ष नीलेश गुप्ता, उपाध्यक्ष मनमोहन सिंह लांबा, उपाध्यक्ष रामप्रवेश गुप्ता, अखिलेश कुमार सिंह, सिटु सिंह सलूजा, सत्येंद्र नारायण सिंह, भरत गोयल, विशाल अग्रवाल, आदर्श चौधरी, सूरज अग्रवाल, विजय जायसवाल, रोहित पंसारी, अजय अग्रवाल, प्रकाश अग्रवाल सहित परिषद के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में जिला सचिव प्रदीप कुमार शर्मा ने सभी अतिथियों एवं सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। भारत विकास परिषद, रामगढ़ ने सरदार अनमोल सिंह को नयी जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई देते हुए उनके सफल कार्यकाल की मंगलकामना की।
नवयुग सृजन अभियान व गायत्री दीपयज्ञ के सूत्रों पर प्रकाश डाल व स्वस्तिक स्वरूप में दीपयज्ञ विधान हुआ टीम एबीएन, रांची। अखिल विश्व गायत्रीपरिवार शान्तिकुञ्ज तत्वावधान व मार्गदर्शन में नई दिल्ली इन्दिरा गांधी स्टेडियम में त्रिदिवसीय त्रिसंयोग संगम जन्म शताब्दी वर्ष समारोह 31 अक्टूबर से होने जा रहा है। इस आयोजन में झारखंड प्रांत से रांची, टाटानगर सहित अन्य जिलों से सौ से अधिक सक्रिय कर्मठ नवयुग दल युवा प्रकोष्ठ सदस्यगण, झारखंड सांस्कृतिक कार्यक्रम टीम और समन्वयक प्रभारी प्रतिनिधिगण भाग लेने जा रहे हैं। इस क्रम में रांची शक्तिपीठ से प्रभारी समन्वयक, प्रतिनिधिगण भी कल दिल्ली पहुंचेंगे। इस बीच रांची शक्तिपीठ के परिव्राजक प्रमोद कुमार के गुरुभाई मित्र के आवास वाराणासी पहुंचने पर मित्र परिवार जनों द्वारा वहां सायंकाल दीपयज्ञ विधान कराया गया। दीपयज्ञ कार्यक्रम दौरान प्रमोद कुमार ने युग निर्माण योजना अभियान अंतर्गत सद्भाव, सद्विचार व सत्कर्म का विकास एवं विस्तार- संवर्धन के लिए गायत्री यज्ञीय प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। बताया कि नवयुग सृजन अभियान में पूज्यवर श्रीगुरुदेव वेदमूर्ति- तपोनिष्ठ पं श्रीराम शर्मा आचार्य ने अपने प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में एक जन अभियान प्रारंभ किया था। यह अभियान दैवी अनुशासन, अनुसरण, निर्देशन एवं निष्ठापूर्वक पालन से आश्चर्यजनक गतिशील प्रगतिशील कदम में बढ़ता गया।यह यज्ञीय अनुष्ठान विधान-प्रक्रिया अधिक सक्रिय सुगम व्यापक तथा जन-जीवन में यज्ञीय भावना का प्रवेश करते, हितकारी बनते हुए पर्याप्त सफलता लोकप्रिय और प्रभावशाली सिद्ध हुए। बताया कि गायत्री परिवार की यज्ञीय प्रक्रिया व कार्यक्रम में सभी वर्गो के लोग बिना किसी झिझक के यज्ञीय विधान हवन-यज्ञ व दीपयज्ञ में सम्मिलित व लाभान्वित होते गये। क्योंकि इनमें कम समय, कम श्रम, कम संसाधन में तथा संस्कृत के सरल हिन्दी सूत्र व मंत्र के अर्थ भावार्थ बड़ी सुगम सरल और बोधगम्य हैं। 21वी सदी उज्जवल भविष्य केनवसृजन पर पूज्यवर श्रीगुरुदेव के योजनाबद्ध विषय व सूत्रों का संक्षिप्त प्रकरण पर प्रकाश डालकर दीपयज्ञ के प्रत्येक सूत्र पर तथा गायत्री उपासना युग निर्माण योजना अंतर्गत गायत्री मंत्र की महिमा, गरिमा, शुचिता, पवित्रता, विशेषता, गायन-वादन, चालीसा पाठ, आरती गायन पर समझाया और उपासना साधना आराधना समयदान और अंशदान पर प्रकाश डाला। यज्ञीय अनुष्ठान विधान उपरांत, शांतिकुञ्ज के भारतीय व वैश्विक स्तर पर हो रहे त्रिसंयोग संगम शताब्दी वर्ष समारोह कार्यक्रम के उद्देश्य पर चर्चा कर शांति-पाठ व मंगल कलश जल का अभिसिंचन व आशीर्वचन पाठ कर समापन किया। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के मीडिया प्रचारक जय नारायण प्रसाद ने दी।
संगठन ने वृद्धाश्रम में बांटे कंबल बुजुर्गों के बीच पत्रकारों ने बिताया समय, झालसा की मेंबर सेक्रेटरी ने दी कानूनी अधिकारों की जानकारी टीम एबीएन, रांची। इंडियन फेडरेशन आॅफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (आईएफडब्ल्यूजे) का 76वां स्थापना दिवस बुधवार को रांची स्थित वृद्धाश्रम में सेवा और सामाजिक सरोकार के साथ मनाया गया। मौके पर वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों के बीच कंबल वितरित किये गये और उन्हें भोजन कराया गया।पत्रकारों ने बुजुर्गों के साथ समय बिताकर उनके बीच खुशियां बांटीं। कार्यक्रम के दौरान वृद्धाश्रम की बुजुर्ग महिलाओं ने गीत गाकर महिला पत्रकारों का स्वागत किया। इस आत्मीय पहल से कार्यक्रम का माहौल भावुक और खुशनुमा हो गया। पत्रकारों ने बुजुर्गों से बातचीत कर उनके अनुभवों को सुना और उनके साथ खुशियों के पल साझा किये। कार्यक्रम का नेतृत्व आईएफडब्ल्यूजे के अध्यक्ष भरत भूषण प्रसाद ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में झालसा की मेंबर सेक्रेटरी कुमारी रंजना अस्थाना उपस्थित रहीं। उन्होंने पत्रकारों का उत्साहवर्धन किया तथा बुजुर्गों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। साथ ही उन्हें कानूनी अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी दी। कार्यक्रम में रांची के कई वरिष्ठ पत्रकारों के अलावा कोडरमा, धनबाद, पाकुड़ समेत झारखंड के विभिन्न जिलों से आये पत्रकारों ने भाग लिया। आईएफडब्ल्यूजे के 76वें स्थापना दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम ने पत्रकारिता के सामाजिक दायित्व और मानवीय संवेदनाओं को रेखांकित किया। पत्रकारों ने सेवा, सहयोग और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए बुजुर्गों के बीच स्थापना दिवस मनाया।
धनबाद टुण्डी प्रखण्ड एवं अंचल चरककला गांव के कुरहवा में मिट्टी में दबकर 63 वर्षीय महिला चमेली देवी की हुई मौत, परिजनों में छाया मातम!एबीएन न्यूज नेटवर्क, टुंडी (धनबाद)। मंगलवार को पश्चिमी टुण्डी प्रखण्ड एवं अंचल भाग के मनियाडीह थाना क्षेत्र के जाताखुंटी अन्तर्गत चरककला गांव के कुरहवा टोला में मिट्टी के घरों में लिपाई पुताई हेतु मिट्टी लाने के क्रम में 63 वर्षीय चमेली देवी की मिट्टी से दबकर मृत्यु हो गई।मृतक के परिजनों के अनुसार दीपावली कै लेकर लिपाई पुताई हेतु मिट्टी लाने के क्रम में मिट्टी में गड्ढे हो गए थे! मिट्टी में बालू का अंश होने के कारण धंस गया और वह महिला दब गई। उसकी बहु जब दुबारा मिट्टी लाने पहुंची तों हो-हल्ला करने लगीं ग्रामीणों ने वहां से किसी तरह घर लाया! महिला वृद्ध और कमजोर होने के कारण कुछ क्षणों के उपरान्त सांस थम गई।मृतक 63 वर्षीय चमेली देवी के पति स्वर्गीय बीरबल भोक्ता 12 वर्ष पूर्व ही निधन हो गया था। मृतक चमेली देवी अपने पीछे दो पुत्री एवं एवं पुत्र सभी विवाहित तथा भरा-पूरा परिवार को छोड़कर सदा के लिए मृत्युलोक से चल बसी।
दामोदर नदी तट पर श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का शुभारंभ, भक्ति रस में डूबे श्रद्धालु एबीएन न्यूज नेटवर्क, सिंदरी। दामोदर नदी के तट पर आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ हुआ। काशी से पधारे वैदिक आचार्य पं. मुकेश पुरोहित, डॉ. महेश कुमार तिवारी, दीपक दूबे, धनंजय पांडेय, अनिल पांडेय एवं चंदन पांडेय ने प्रधान यजमान गीता देवी तथा उनके पुत्र शशिकांत सिंह, श्रीकांत सिंह और कृष्णकांत सिंह की उपस्थिति में गणेश पूजन, पंचांग पूजन, मंडप पूजन एवं समस्त देवी-देवताओं का आवाहन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद श्रीमद्भागवत महापुराण का पूजन कर मूल पाठ का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अयोध्या से पधारीं अंतरराष्ट्रीय कथा प्रवक्ता पूज्या पं. गौरांगी गौरी ने अपने प्रवचन में श्रीमद्भागवत महापुराण के महात्म्य का वर्णन किया। उनकी अमृतमयी वाणी सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। क्षेत्र के ग्रामीणों ने उत्साह और श्रद्धाभाव के साथ कथा का श्रवण कर भागवत रस का आनंद लिया। पूरे आयोजन स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा। कथावचक गौरंगी गौरी ने बताया कि श्रीमद्भागवत में भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के माध्यम से मानव जीवन को सही दिशा और मोक्ष का मार्ग दिखाती है। अगर मनुष्य अपने मन को शांत कर अपने विचारों पर काबू कर कर्म एवं धर्म पर ध्यान केंद्रित रखे तो जीवन स्वर्ग से सुन्दर हो जायेगा।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, झरिया (धनबाद)। जिले में साइबर अपराधियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। झरिया थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां मोबाइल गुम होने के बाद एक 71 वर्षीय बुजुर्ग के दो बैंक खातों से 67,179 की अवैध निकासी कर ली गयी है। पीड़ित बुजुर्ग ने झरिया थाने में लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगायी है। जानकारी के अनुसार पीड़ित उत्तम कुमार दत्ता, निवासी नियर उषा टॉकीज, थाना रोड, झरिया के रहनेवाले हैं। 21 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 से 10:30 बजे के बीच झरिया में उनका मोबाइल फोन गुम हो गया था। समझदारी दिखाते हुए उन्होंने उसी दिन सुबह 11:30 बजे जियो कार्यालय जाकर अपना नंबर 93080 का सिम ब्लॉक करा दिया और 22 अक्टूबर को नया सिम लेकर दूसरे फोन में चालू भी कर लिया। उन्हें लगा कि अब सब सुरक्षित है। लेकिन ठगों ने अपना खेल पहले ही कर दिया था। 24 अक्टूबर 2026 को जब उन्होंने बैंक से आये मैसेज की जांच की, तो उनके होश उड़ गये। उनके दोनों खातों से पैसे निकाले जा चुके थे। जानकारी के अनुसार कैनरा बैंक झरिया शाखा में उनके खाते में 21 अक्टूबर को 30,216.61 थे जो घटकर 24 अक्टूबर को सिर्फ 42.61 रह गये। यानी 30,174 की निकासी कर ली गयी। वहीं बैंक आॅफ इंडिया झरिया शाखा में 37,716.91 से घटकर 711.01 रह गये, यानी 37,005.90 की निकासी। कुल मिलाकर दोनों खातों से 67,933.52 में से 67,179.90 निकाल लिये गये और खाते में सिर्फ 753.62 बचे। पीड़ित ने बताया कि ये लेन-देन उन्होंने स्वयं नहीं किये हैं और न ही किसी को अनुमति दी थी। इसके बाद 24 अक्टूबर को ही उन्होंने दोनों बैंकों के ग्राहक सेवा केंद्र पर फोन कर अपने खाते लॉक करवा दिये और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करायी, जिसका एक्नॉलेजमेंट नंबर 33410260019845 है। पीड़ित ने झरिया थाना प्रभारी से मांग की है कि 21 से 24 अक्टूबर के बीच हुए संदिग्ध लेन-देन की जांच की जाये और उनकी राशि वापस दिलाने में सहायता की जाये। 71 वर्ष की उम्र में हुई इस घटना से उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है। पुलिस क्या कहती है और सीख क्या है फिलहाल शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गयी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल गुम होते ही सबसे पहले सिम ब्लॉक के साथ-साथ बैंक खाते को भी तुरंत ब्लॉक करायें और 1930 पर शिकायत करें, क्योंकि आजकल मोबाइल में यूपीआई और बैंकिंग एप से ठग मिनटों में खाता खाली कर देते हैं।
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