टीम एबीएन, रांची। झारखंड में तेज गर्मी के बीच मौसम अब करवट लेने वाला है। मौसम केंद्र रांची के अनुसार, पिछले 24 घंटों में डाल्टनगंज राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
हालांकि अगले 24 घंटों के बाद राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना जतायी गयी है। राज्य के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान गर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई। सबसे अधिक 16 मिमी वर्षा पाकुड़ के पकुरिया में दर्ज की गयी।
वहीं आमरापाड़ा में 14.4 मिमी, महेशपुर में 8.6 मिमी, मेहगावां में 8.2 मिमी, बोआरीजोर में 6.4 मिमी और पत्थरगामा में 6.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गयी। दुमका राज्य का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 21.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
राज्य के प्रमुख शहरों में रांची और जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस रहा। चाईबासा में 41 डिग्री, सरायकेला में 40.9 डिग्री, बोकारो थर्मल में 40.5 डिग्री और लोहरदगा में 40.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग ने 28 मई के लिए अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार को छोड़कर राज्य के अधिकांश हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
इसके साथ वज्रपात की भी आशंका जतायी गयी है। 28 मई से 31 मई के बीच रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, रामगढ़, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, देवघर, गिरिडीह और धनबाद समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
रांची में अगले कुछ दिनों तक आंशिक बादल छाये रहने और मेघ गर्जन के साथ बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, 27 मई को रांची का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है, जो 30 मई तक घटकर 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, गढ़वा। जिले के नगर उंटारी थाना क्षेत्र अंतर्गत कुंबा गांव में तालाब में डूबने से दो मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत हो गयी। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गयी है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पतरिहा कलां गांव के हरिजन टोला निवासी राजू राम की बेटी प्रियांशु कुमारी (8) और परमेश्वर राम की बेटी रेशमा कुमारी (10) मंगलवार सुबह करीब नौ बजे घर से बहवा पहाड़ की ओर लकड़ी चुनने निकली थीं। शाम तक दोनों बच्चियां घर नहीं लौटीं तो परिजनों की चिंता बढ़ गयी। इसके बाद ग्रामीणों और परिजनों ने रातभर आसपास के इलाकों में उनकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
बुधवार सुबह करीब छह बजे गांव के कुछ बच्चों की नजर तालाब में दोनों बच्चियों पर पड़ी। बच्चों ने तत्काल इसकी सूचना ग्रामीणों को दी। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गयी। ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चियों के शव तालाब से बाहर निकाले गये। घटना की सूचना मिलते ही नगर उंटारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि दोनों बच्चियां लकड़ी चुनने के लिए गयी थीं। भीषण गर्मी के कारण वे तालाब में नहाने उतर गयीं। इसी दौरान दोनों गहरे पानी में चली गईं और डूबने से उनकी मौत हो गयी। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी इस तालाब में डूबने की कई घटनाएं हो चुकी हैं।
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से तालाब के चारों ओर घेराबंदी कराने, सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और चेतावनी बोडर् लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। वहीं एसडीपीओ सतेंद्र सिंह ने बताया कि तालाब में डूबने से दो बच्चियों की मौत हुई है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है।
टीम एबीएन, रांची। गुरु मां के आगमन के साथ पूरे सभागार में लोगों ने खड़े होकर अभिनंदन किया एवं तालियों से स्वागत किया। आपका सभी का शुकराना, रांची में आज स्वर्णभूमि हॉल का वातावरण केवल एक सभागार नहीं रहा, बल्कि एक जीवंत अनुभव बन गया जहां शब्दों से अधिक मौन बोला और विचारों से अधिक भीतर की अनुभूति जागी। आधुनिक जीवन की तेज रफ्तार, निरंतर प्रतिस्पर्धा और उपलब्धियों की दौड़ के बीच आयोजित यह आध्यात्मिक कार्यक्रम रूबरू लोगों के लिए स्वयं से मिलने की एक गहरी और शांत यात्रा सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम का आयोजन हरि ओम स्माइल्स की संस्थापिका डॉ. मोनिका सिंघल (जिन्हें प्यार से सभी गुरु मां कहते हैं) के सान्निध्य में हुआ। इस कार्यक्रम में रांची, मारवाड़ी युवा मंच का भी भरपूर सहयोग बना रहा। गुरु मां ने सहज, सरल और अत्यंत हृदयस्पर्शी शैली में यह संदेश दिया कि जीवन की वास्तविक शांति किसी बाहरी उपलब्धि, भूमिका या पहचान में नहीं, बल्कि भीतर की सजगता, स्वीकार और मौन में निहित है।
तीन घंटे से अधिक चले इस आत्मिक संवाद में रूबरू केवल एक कार्यक्रम नहीं रहा बल्कि एक ऐसा स्थान बन गया, जहां लोग अपने भीतर उतरते चले गये, जहां भय धीरे-धीरे समझ में बदला, तनाव हल्केपन में बदला और अकेलापन अपनी ही उपस्थिति में विलीन होने लगा। इस संवाद में जीवन की मानसिक उलझनों को विज्ञान और आध्यात्मिकता के संतुलित दृष्टिकोण से समझने का प्रयास किया गया, जिससे उपस्थित जनमानस को एक नया आंतरिक दृष्टिकोण प्राप्त हुआ।
गुरु मां ने कहा कि आज का मनुष्य बाहर सब कुछ पाने के बाद भी भीतर खाली महसूस करता है, क्योंकि उसने स्वयं को सुनना और समझना धीरे-धीरे छोड़ दिया है। उन्होंने बताया कि युवा पीढ़ी लगातार प्रदर्शन, तुलना और भविष्य की अनिश्चितता के दबाव में जी रही है, वहीं कॉपोर्रेट जीवन में व्यक्ति लक्ष्य और समय की दौड़ में स्वयं से दूर होता जा रहा है। गृहिणियां भी निरंतर जिम्मेदारियों के बीच अपनी आंतरिक शांति को पीछे छोड़ देती हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि तनाव कोई बाहरी घटना नहीं, बल्कि भीतर के असंतुलन की अभिव्यक्ति है और इसका समाधान भी भीतर ही है। उन्होंने सभागार में हवन भी किया एवम हवन से लाभ की उपलब्धि भी बतायी। बच्चों से शांति पाठ रोज कराना चाहिए। हाथों से ताली बजाने से शरीर को निरोग बनाया जा सकता है घरों से लेकर सभी कार्यक्रमों में तालियां अवश्य बजायें।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि आधुनिक विज्ञान भी अब इस तथ्य को स्वीकार कर रहा है कि मन की अवस्था शरीर, तंत्रिका तंत्र और हार्मोनल संतुलन को सीधे प्रभावित करती है। ध्यान, श्वास जागरूकता, मौन और सजगता जैसी सरल साधनाएं मस्तिष्क की तरंगों को शांत कर व्यक्ति को पुन: अपने केंद्र से जोड़ सकती हैं। इसी को आध्यात्मिक दृष्टि से आत्म जागरण कहा गया, एक ऐसा लौटना जहां व्यक्ति बाहर से भीतर की ओर यात्रा करता है।
इस अवसर पर गुरु मां ने जीवन परिवर्तन के लिए कुछ अत्यंत सरल किंतु गहन प्रभावशाली साधनाएं साझा कीं, सब्र, स्क्रिप्ट (अपने विचारों और जीवन दृष्टि को सचेत रूप से दिशा देना), शुक्राना, माफी मांगना और माफ करना। उन्होंने कहा कि ये साधारण दिखने वाली प्रक्रियाएं वास्तव में भीतर जमी हुई भावनात्मक गांठों को खोलने और मन को हल्का करने की अद्भुत क्षमता रखती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जब मनुष्य जीवन को बदलने की दौड़ से हटकर स्वयं को देखने लगता है, तब परिवर्तन स्वाभाविक रूप से घटित होने लगता है। जागरूकता ही वह स्थान है जहां संघर्ष समाप्त होता है और शांति आरंभ होती है। कार्यक्रम के अंत में वातावरण अत्यंत शांत, हल्का और भावनात्मक रूप से गहरा हो गया। उपस्थित लोगों ने गहन शांति, भावनात्मक हल्केपन, आंतरिक स्पष्टता और एक प्रकार की सूक्ष्म आंतरिक हीलिंग का अनुभव साझा किया।
कई प्रतिभागियों ने अपने व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किए, जिनमें उन्होंने बताया कि कैसे इस संवाद ने उनके भीतर लंबे समय से चले आ रहे तनाव, उलझन और मानसिक बोझ को धीरे-धीरे हल्का कर दिया तथा जीवन को देखने का एक नया, अधिक शांत और स्वीकारपूर्ण दृष्टिकोण प्रदान किया। अनेक लोगों ने इसे सिर्फ कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मिक पुनर्जन्म और भीतर से जागने जैसा अनुभव बताया।
बाहर की दुनिया बदलने से पहले भीतर की दृष्टि बदलना आवश्यक है, क्योंकि वही वास्तविक परिवर्तन का आरंभ है। कार्यक्रम का समापन इस सार्वभौमिक मंगल भावना के साथ हुआ, सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया:, जहां सभी के सुख, स्वास्थ्य और आंतरिक शांति की मंगलकामना के साथ एक सामूहिक सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण निर्मित हुआ।
कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ मोनिका सिंघल की उपस्तिथी में दीप प्रज्वलित किया। मारवाड़ी युवा मंच, रांची के अध्यक्ष विकास अग्रवाल सहित सभी पदाधिकारियों व सदस्यों ने गो माता का स्मृति चिह्न देकर अभिनंदन किया। गुरु मां कल रांची से मानसरोबर की यात्रा पर निकल रही हैं।
आयोजन में मारवाड़ी युवा मंच, रांची के सदस्यों का भरपूर सहयोग रहा। समाज की विभिन्न संस्थाओं सहित कई गणमान्य प्रबुद्ध लोगों की उपस्तिथी आयोजन में रही। सफल आयोजन के लिए हरि ओम स्माइल्स के सदस्यों ने सभी लोगो का आभार व्यक्त किया।
टीम एबीएन, रांची। गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि अब सिर्फ दिन ही नहीं, बल्कि रात में भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है। लगातार बढ़ते तापमान और उमस ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया है, जिसके कारण रातें भी गर्म बनी हुई हैं।
रांची समेत कई शहरों में सुबह से ही गर्म हवाएं चलने लगी हैं। सुबह 9 बजे के बाद ही लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जा रहा है। दोपहर होने से पहले ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है। जहां आम दिनों में वाहनों की भीड़ रहती थी, वहां अब इक्का-दुक्का वाहन ही नजर आ रहे हैं। पैदल चलने वाले लोग सिर और चेहरे को गमछे से ढंककर धूप और लू से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
डालटनगंज राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यहां न्यूनतम तापमान भी 28.4 डिग्री तक पहुंच गया है। बोकारो थर्मल में न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.2 डिग्री ज्यादा है। रांची में अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि जमशेदपुर में पारा 41.6 डिग्री तक पहुंच गया।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण बिहार और आसपास बने साइक्लोनिक सकुर्लेशन का असर झारखंड पर पड़ रहा है। इसके कारण पलामू, गढ़वा और चतरा समेत उत्तर-पश्चिमी जिलों में हीट वेव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई है, लेकिन इससे उमस और बढ़ गयी है।
भीषण गर्मी का असर लोगों की सेहत पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
गर्म हवाओं की चपेट में आने से बुखार, उल्टी-दस्त और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। रिम्स के मेडिसिन ओपीडी में बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार ओपीडी में आने वाले करीब 40 फीसदी मरीज मौसमी बीमारी से पीड़ित हैं। इनमें उल्टी-दस्त के मरीज सबसे ज्यादा हैं।
अस्पतालों में हार्ट, किडनी और शुगर के मरीजों की परेशानी भी बढ़ गयी है। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को एहतियातन भर्ती करना पड़ रहा है। बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए रिम्स फामेर्सी में ओआरएस और मौसमी बीमारियों से जुड़ी दवाओं का अतिरिक्त स्टॉक रखा गया है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तेज हवा और वज्रपात की संभावना जतायी है। विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद 3 से 4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। रांची समेत कई जिलों में 27 मई से बादल छाने और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गयी है। इस बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा ने चुनाव आयोग से निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित कराने की मांग की है। पार्टी के केंद्रीय महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने चुनाव आयोग को पत्र भेजकर केंद्रीय एजेंसियों की निगरानी सुनिश्चित करने की अपील की है।
झामुमो की ओर से भेजे गये पत्र में कहा गया है कि राज्यसभा चुनाव में संख्या बल स्पष्ट नहीं होने के बावजूद भाजपा नेताओं द्वारा उम्मीदवार उतारने को लेकर लगातार सार्वजनिक बयान दिये जा रहे हैं। पार्टी का आरोप है कि इससे राजनीतिक माहौल प्रभावित हो सकता है और विधायकों पर अनैतिक दबाव बनाने की कोशिश की जा सकती है। पत्र में यह भी आशंका जताई गई है कि चुनाव के दौरान विधायकों को आर्थिक प्रलोभन, भयादोहन और केंद्रीय एजेंसियों के जरिए प्रभावित करने का प्रयास हो सकता है।
जेएमएम ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की शुचिता बनाये रखने के लिए इस तरह की गतिविधियों पर सख्त निगरानी जरूरी है। पार्टी ने चुनाव आयोग से विशेष रूप से सीबीआई, ईडी, आईबी और एसीबी जैसी केंद्रीय एजेंसियों को निगरानी में रखने की मांग की है, ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष ढंग से संपन्न हो सके।
जेएमएम ने दावा किया कि गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं, जबकि राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 वोटों की आवश्यकता होती है। वहीं भाजपा के पास केवल 21 विधायकों का समर्थन है। ऐसे में गठबंधन दोनों सीटें आसानी से जीत सकता है। पार्टी ने चुनाव आयोग से पूरे मामले पर गंभीरता से संज्ञान लेने और किसी भी प्रकार की खरीद-फरोख्त, दबाव या राजनीतिक प्रभाव को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
राज्यसभा चुनाव को लेकर बढ़ी सरगर्मियों के बीच भाजपा ने एक उम्मीदवार उतारने का फैसला लिया है। भाजपा की राज्य चुनाव समिति की बैठक के बाद पार्टी के प्रदेश महासचिव अमर कुमार बाउरी ने कहा कि पार्टी केवल चुनाव लड़ने के लिए नहीं, बल्कि जीत सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उम्मीदवार उतार रही है। उन्होंने दावा किया कि 81 सदस्यीय विधानसभा में जीत के लिए जरूरी 28 वोट भाजपा हासिल कर लेगी।
टीम एबीएन, रांची। भारतीय जनता पार्टी की झारखंड इकाई ने सोमवार को घोषणा की कि वह राज्य में होने वाले राज्यसभा चुनाव में उतरेगी और संसद के उच्च सदन की एक सीट के लिए अपना उम्मीदवार खड़ा करेगी। झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा।
राज्यसभा की एक सीट पर उम्मीदवार उतारने का निर्णय भाजपा की प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने की। पार्टी के प्रदेश महासचिव अमर कुमार बाउरी ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, बैठक के दौरान पार्टी ने झारखंड में खाली हो रही दो राज्यसभा सीटों में से एक पर अपना उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है।
निर्वाचन आयोग ने 22 मई को 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की घोषणा की थी, जिसमें झारखंड की दो सीटें भी शामिल हैं, जिनपर 18 जून को मतदान होना है। झारखंड की इन दो सीटों में से एक सीट झामुमो के वरिष्ठ नेता शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली हुई थी, जबकि दूसरी सीट पर वर्तमान में भाजपा नेता दीपक प्रकाश का कब्जा है, जिनका छह साल का कार्यकाल 21 जून को पूरा हो रहा है।
वर्तमान में, 81-सदस्यीय झारखंड विधानसभा में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पास 24 सदस्य हैं और इंडिया गठबंधन के पास 56 सदस्य हैं। बाउरी ने दावा किया, 81 वोटों में से जीत के लिए हमें 28 वोट हासिल करने की जरूरत है और हम उन्हें निश्चित रूप से प्राप्त कर लेंगे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत झारखंड के पूर्व मंत्री स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद सिंह की पुण्यतिथि पर ढोरी स्थित स्टाफ क्वार्टर, बेरमो पहुंचे। वहां उन्होंने स्व. राजेंद्र बाबू के प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके ज्येष्ठ पुत्र विधायक कुमार जयमंगल, बहू अनुपमा सिंह, पत्नी एवं अन्य परिजनोंसे मुलाकात कर अपनी ओर से संवेदना व्यक्त किये।
मौके पर सांसद भगत ने कहा, राजेंद्र बाबू झारखंड की राजनीति के एक मजबूत स्तंभ थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन मजदूरों, किसानों और आम जनता की सेवा में लगा दिया। मंत्री रहते हुए उन्होंने झारखंड के विकास के लिए ऐतिहासिक काम किए। उनकी सादगी, ईमानदारी और जनसरोकारों से जुड़ाव हम सबके लिए प्रेरणा है।
सांसद ने कहा कि स्व. राजेंद्र प्रसाद सिंह ने हमेशा शोषित-पीड़ित वर्ग की आवाज बुलंद की। ट्रेड यूनियन से लेकर विधानसभा तक, उन्होंने मजदूर हितों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को बेरमो सहित झारखंड की जनता कभी नहीं भूल सकती।
राजेंद्र बाबू केवल नेता नहीं, बल्कि हमारे अभिभावक थे। उनके बताये रास्ते पर चलकर ही हम सच्ची श्रद्धांजलि उन्हें दे सकते हैं। मौके पर राजेश रुद्रा, शाहिद अहमद वेलू एवं अन्य लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
टीम एबीएन, रांची। मारवाड़ी युवा मंच रांची शाखा एवं हरि ओम स्माइल्स के संयुक्त तत्वावधान में 27 मई 2026 को शाम 4:00 बजे से डंगरा टोली स्थित स्वर्णभूमि बैंक्वेट में आयोजित होने वाले प्रेरणादायी एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम रूबरू के अंतर्गत प्रसिद्ध स्प्रूच्अल हीलर, लाइफ कोच एवं मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. मोनिका स्घिंल का रांची आगमन पर भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया गया।
डॉ. मोनिका स्घिंल दोपहर 1:30 बजे बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचीं, जहां हरि ओम स्माइल्स की पूरी टीम एवं मारवाड़ी युवा मंच रांची शाखा के पदाधिकारियों व सदस्यों ने पुष्पगुच्छ एवं पारंपरिक स्वागत के साथ उनका अभिनंदन किया।
उनके आगमन से मंच परिवार में हर्ष एवं उत्साह का वातावरण बना रहा। स्वागत अवसर पर बड़ी संख्या में समाजसेवी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इसके उपरांत डॉ. मोनिका स्घिंल डोरंडा स्थित प्रसिद्ध कल्पतरु वृक्ष पहुंचीं, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सभी के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।
पूजन कार्यक्रम के पश्चात डॉ. मोनिका स्घिंल ने मारवाड़ी युवा मंच रांची शाखा द्वारा संचालित जल सेवा अभियान की हृदय से सराहना की। उन्होंने मंच द्वारा समाजहित में किये जा रहे इस पुनीत कार्य की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि जल सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं होती। इस प्रकार की सेवाएं समाज के लिए प्रेरणादायक एवं अनुकरणीय हैं।
उनके प्रेरणादायी शब्दों ने उपस्थित सभी सदस्यों एवं कार्यकर्ताओं को सेवा कार्यों के प्रति और अधिक उत्साहित किया। मारवाड़ी युवा मंच रांची शाखा के पदाधिकारियों ने बताया कि 27 मई को आयोजित होने वाला रूबरू कार्यक्रम लोगों को मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा एवं आत्मिक संतुलन प्रदान करने का एक विशेष प्रयास है।
कार्यक्रम के दौरान शाखा अध्यक्ष विकास अग्रवाल, सचिव मुकेश शर्मा, नीरज अग्रवाल, पिंकेश खंडेलवाल, रोहित सारडा, अमित शर्मा, शैंकी रायका, रवि अग्रवाल, शुभम मोदी, वार्ड पार्षद परमजीत सिंह टिंकू सहित हरि ओम स्माइल्स की टीम उपस्थित रही। उक्त जानकारी मारवाड़ी युवा मंच रांची शाखा के प्रवक्ता अमित शर्मा ने दी।
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