कांग्रेस नेता धीरज प्रसाद साहू से मिला ट्रक आँनर एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडलएबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। आज दिनांक 27. 9.2026 को लोहरदगा गुमला ट्रक आँनर एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने संरक्षक सह पुर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू के आवास पर उनसे मुलाकात की।मुलाकात करके बताया गया कि अभी भी टाइमिंग को लेकर ट्रक मालिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए संरक्षक ने हिंडाल्को कंपनी के भीपी से बात की और कहा कि आप अविलंब टाइमिंग सुधार का कार्य पूरा करवाए ,ताकि ट्रक मालिकों को परेशानी ना हो अन्यथा इस स्थिति में ट्रक मालिक लाचार हो जाएंगे, वहीं दूसरी ओर माननीय संरक्षक महोदय ने तीनों जिला के आला पदाधिकारियों से भी बात की। कहा कि इस व्यवसाय से गरीबों का चूल्हा जलता है ,इसलिए इन लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए और यह हमारा दायित्व भी बनता हैं और कल लोहरदगा गुमला ट्रक आँनर एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल हिंडाल्को कंपनी से यह लिखित मांग करेगा कि अविलंब टाइमिंग में सुधार किया जाए, वरना ट्रकों का परिचालन अनिश्चितकाल के लिए भी बंद किया जा सकता है। आज के प्रतिनिधि मंडल में एसोसिएशन के अध्यक्ष कवलजीत सिंह, सचिव मुद्रिका यादव, कोषाध्यक्ष अभय कुमार सिंह, उपाध्यक्ष इम्तियाज उर्फ बबलू, मोहम्मद गुड्डू, महेंद्र प्रसाद साहू, सहसचिव बरज सिंह, रहमत अंसारी, मीडिया प्रभारी राजेश कुमार शर्मा, तारिक खान, प्रदीप कुमार एवं नीरज साहू, विधायक प्रतिनिधि निशीत जायसवाल एवं उदय कुमार गुप्ता सहित सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
भारी बारिश से प्रभावित परिवारों के साथ खड़े हैं सांसद : आलोक साहूजिले में भारी-वारिश से सैकड़ो कच्चे मकान ध्वस्त एवं हजारों एकड़ में लगे फसल हुआ बर्बादएबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। जिले में विगत चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने लोहरदगा जिले में भारी तबाही मचाई है। जिले के सभी प्रखंडों में सैकड़ों कच्चे मकान गिर गए हैं, वहीं हजारों किसानों की आलू, ईख सब्जी सहित अन्य फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। किसानों के सामने भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।मामले को गंभीरता से लेते हुए लोहरदगा के माननीय सांसद एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी सुखदेव भगत के निर्देश पर आज उनके निजी सचिव सह इंटक जिला अध्यक्ष आलोक कुमार साहू भंडरा प्रखंड पहुंचे। उन्होंने सांसद प्रतिनिधियों के साथ पहाड़ टोली के आयता उरांव, प्रदीप राम, बृजेंद्र मल्हार, भंडरा सहित विभिन्न गांवों में ध्वस्त घरों का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान श्री साहू ने आपदा प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि इस संकट की घड़ी में सांसद सुखदेव भगत आपके साथ खड़े हैं। हर प्रभावित परिवार को सरकारी मुआवजा दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। मौके पर ही श्री साहू ने जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी सुषमा नीलम सोरेंगसे दूरभाष पर वार्ता कर स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि लोहरदगा, भंडरा सहित पूरे जिले में सैकड़ों कच्चे घर ध्वस्त हुए हैं और हजारों एकड़ फसल बर्बाद हुई है। एक ओर महंगाई से किसान परेशान है, दूसरी ओर प्रकृति आपदा ने उनकी कमर तोड़ दी है। उन्होंने जल्द से जल्द क्षति का आकलन कर मुआवजा दिलाने को कहा।इस पर आपदा प्रबंधन पदाधिकारी ने आश्वासन दिया कि सभी अंचल अधिकारियों (सीओ) को तुरंत कार्रवाई कर क्षतिपूर्ति रिपोर्ट जिला भेजने का निर्देश दिया जा रहा है, ताकि शीघ्र मुआवजा दिलाया जा सके। श्री साहू ने भंडरा के अंचल अधिकारी से भी वार्ता कर क्षति का शीघ्र आकलन कर रिपोर्ट जिला भेजने को कहा। अंचल अधिकारी ने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया। मौके पर जिला निगरानी समिति सदस्य फूलदेव उरांव, सांसद प्रतिनिधि विजय चौहान, राधेश्याम साहू, मोहम्मद अख्तर, मोहम्मद इदरीश सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित थे।
रांची जिला स्कूल परिसर में सजेगा वाराणसी के स्वर्वेद महामंदिर का भव्य प्रारूप, गर्भगृह में विराजेंगी मां दुर्गा टीम एबीएन, रांची। श्री राम लला पूजा समिति, रांची अपने तृतीय वर्ष में प्रवेश के साथ इस बार श्रद्धालुओं को भक्ति, आध्यात्मिकता और भारतीय संस्कृति से जुड़ा एक भव्य अनुभव कराने की तैयारी में है। समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि रांची जिला स्कूल परिसर में इस वर्ष वाराणसी स्थित स्वर्वेद महामंदिर के भव्य प्रारूप को पूजा पंडाल के रूप में तैयार किया जायेगा। पंडाल की भव्यता के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम दर्शन को भी विशेष प्राथमिकता दी जायेगी। समिति के अध्यक्ष अशोक चौधरी ने बताया कि वाराणसी के उमरहा क्षेत्र में स्थित स्वर्वेद महामंदिर अपनी विशाल स्थापत्य शैली और आध्यात्मिक स्वरूप के लिए जाना जाता है। इसका निर्माण कार्य दिसंबर 2004 में प्रारंभ हुआ था तथा 18 दिसंबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया था। मंदिर आध्यात्मिक साधना, ध्यान, योग एवं अध्ययन का प्रमुख केंद्र है और इसका संबंध विहंगम योग परंपरा से है। उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य केवल पूजा पंडाल का निर्माण करना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को भारतीय आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना भी है। इसी उद्देश्य के तहत इस वर्ष स्वर्वेद महामंदिर के प्रारूप को रांची में भव्य रूप दिया जा रहा है। लगातार तीसरे वर्ष श्रद्धालुओं के लिए अनूठी थीम अशोक चौधरी ने बताया कि श्री राम लला पूजा समिति द्वारा वर्ष 2024 में श्री राम मंदिर के प्रारूप को पूजा पंडाल के रूप में प्रस्तुत किया गया था। इस दौरान झारखंड के अलावा विभिन्न राज्यों से आये श्रद्धालुओं ने पंडाल का अवलोकन किया। वहीं वर्ष 2025 में गुजरात के भुज स्थित स्वामीनारायण मंदिर के प्रारूप को रांची जिला स्कूल परिसर में तैयार किया गया था। उन्होंने कहा कि समिति प्रत्येक वर्ष श्रद्धालुओं के सामने धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़े अलग-अलग भव्य प्रारूप प्रस्तुत करने का प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में इस बार स्वर्वेद महामंदिर को चुना गया है। समिति के महासचिव कुणाल अजवानी ने बताया कि इस वर्ष प्रस्तावित पूजा पंडाल की चौड़ाई लगभग 150 फीट और ऊंचाई 100 फीट होगी। पंडाल के मध्य में बनाये जा रहे गर्भगृह की ऊंचाई लगभग 30 फीट रखी गयी है। गर्भगृह में मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जहां श्रद्धालुओं को मां के दर्शन का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि पंडाल निर्माण में भव्यता के साथ-साथ कलात्मकता और आध्यात्मिक वातावरण का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। समिति की कोशिश है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के साथ एक यादगार धार्मिक एवं सांस्कृतिक अनुभव प्राप्त हो। बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गयी। समिति के अध्यक्ष अशोक चौधरी एवं महासचिव कुणाल अजवानी ने सभी सदस्यों से पूजा आयोजन को सफल बनाने के लिए तन, मन और धन से सहयोग करने का आह्वान किया। समिति की ओर से बताया गया कि झारखंड के विभिन्न जिलों के साथ-साथ दूसरे राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूजा पंडाल परिसर में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का प्रयास किया जायेगा। दर्शन व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा और आयोजन को व्यवस्थित रखने के लिए सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां भी दी जायेंगी। बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने पूजा आयोजन को और अधिक भव्य एवं व्यवस्थित बनाने को लेकर अपने सुझाव रखे जिसमे कोषाध्यक्ष प्रकाश धेलिया, मनोज नरेड़ी, रवि प्रकाश टुन्ना, मुकेश अग्रवाल, राजू पोद्दार, विकास सिंह, निर्मल जालान, उमंग सुल्तानिया, प्रवीण सिंह, सुनील जायसवाल एवं दीपक पाठक सहित अन्य सदस्यों ने आयोजन से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे। बैठक के दौरान कई नये सदस्यों ने समिति की आजीवन सदस्यता ग्रहण की, जबकि पुराने सदस्यों ने अपनी सदस्यता का नवीकरण कराया। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष अशोक चौधरी ने की। इस दौरान महासचिव कुणाल अजवानी एवं कोषाध्यक्ष प्रकाश धेलिया ने भी आयोजन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। बैठक का संचालन समिति के प्रवक्ता प्रमोद सारस्वत ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रवक्ता बादल सिंह ने किया। मौके पर धीरज तनेजा, सुमित कक्कड़, अनिल चौधरी, दीपक चौधरी, मनीष लोधा, अनिल गोयल, विजय चौधरी, शुभम मित्तल, बंटी चौधरी, राजीव सिंह, अमन प्रकाश, शुभम शर्मा, कृष्णा अग्रवाल, मनोज सिंघानिया, सोनू भारद्वाज, उमेश प्रसाद, कमलेश शर्मा, भावेन राठौर, प्रदीप कुमार, विवेक आर्य, प्रथम भाला, विवेक शर्मा एवं यश शर्मा सहित बड़ी संख्या में समिति के सदस्य उपस्थित थे। समिति का कहना है कि इस वर्ष रांची जिला स्कूल परिसर में बनने वाला भव्य पंडाल श्रद्धा, आध्यात्मिकता, संस्कृति और कला का ऐसा संगम प्रस्तुत करेगा, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा। उक्त जानकारी प्रवक्ता प्रमोद सारस्वत और बादल सिंह ने दी।
विरोध करने पर मारपीट और धमकी का दावा; पूर्व पार्षद ने कार्रवाई की मांग की महिला से कथित अभद्रता के मामले में पूर्व पार्षद ने उठायी आवाज, कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी वीडियो बनाने के विरोध पर विवाद का आरोप, पति को भी धमकी देने का दावा कतरास में महिला से कथित दुर्व्यवहार का मामला गरमाया, पूर्व पार्षद ने थाना स्तर पर कार्रवाई की मांग की एबीएन न्यूज नेटवर्क, कतरास। वार्ड संख्या पांच से जुड़ा एक विवाद अब सार्वजनिक रूप से सामने आया है। पूर्व पार्षद एवं समाजसेवी राजेंद्र प्रसाद भूययां ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक महिला के साथ कथित अभद्र व्यवहार, मारपीट और बाद में उसके पति को धमकी दिए जाने का आरोप लगाया।उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। राजेंद्र प्रसाद भूययां के अनुसार, 24 सितंबर की दोपहर करीब 12 बजे रूबी देवी शौच के लिए बाहर गई थीं। आरोप है कि इसी दौरान वार्ड पांच की पार्षद निरुपमा देवी के देवर चंदन कुमार पासवान ने महिला का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। महिला द्वारा इसका विरोध करने पर कथित तौर पर उसके साथ अभद्र व्यवहार और हाथापाई की गयी। बताया गया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद महिला के पति गुड्डू भूययां मौके पर पहुंचे। गुड्डू का आरोप है कि उनके साथ भी हाथापाई की गई। मामले को लेकर उन्होंने कतरास थाना में लिखित शिकायत दी। गुड्डू भूययां ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में कतरास बाजार जाने के दौरान चंदन कुमार पासवान ने उन्हें रोककर केस वापस लेने की धमकी दी और ऐसा नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजेंद्र प्रसाद भूययां ने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की। इसी दौरान उन्होंने थाना प्रभारी के स्वागत को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी अपनी सफाई दी। राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि थाना प्रभारी के पदस्थापन के बाद उन्होंने और समाजसेवी वशिष्ठ चौहान ने उन्हें गुलदस्ता देकर स्वागत किया था। उनके अनुसार यह सामाजिक एवं शिष्टाचार की परंपरा के तहत किया गया था। राजेंद्र प्रसाद ने एक तस्वीर दिखाते हुए कहा कि यदि थाना प्रभारी को गुलदस्ता देकर स्वागत करना गलत माना जा रहा है, तो अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा इसी प्रकार स्वागत किए जाने पर भी सवाल उठना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल स्वागत करने के आधार पर किसी को थाना का दलाल कहना उचित नहीं है। अंत में राजेंद्र प्रसाद भूययां और गुड्डू भूययां ने कहा कि यदि मामले में नियमानुसार कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जनआंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, खूंटी। अखिल भारतीय सांस्कृतिक विकास महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फिल्म कार तपन कुमार घोष ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के कार्यशैली प्रति रोष व्यक्त करते हुए कहा कि वह एड़ा बन कर भारत की जनता को पेड़ा खिलाने का कोशिश कर रहा है। विदेशी मिश्रण संतान कभी पप्पू नहीं बल्कि एक षड्यंत्रकारी, शातिर और देश द्रोही होता है, यही बात राहुल गांधी अपनी कार्यशैली, भाषण, विचार से साबित कर दिया है। वह भारत में दंगे और अराजकता फैलाकर सत्ता में बैठना चाह रहा है। इसके लिए वह देश द्रोहीयों, विदेशी ताकतों से हाथ मिला लिया है। उसने कहा कि वर्ष 2014 से अभी तक संसद में जितने भी कानून पास हुआ है या भारत सरकार द्वारा अध्यादेश जारी कर जितनी नियम लागू हुआ एवं नियुक्ति हुआ है वह अवैध है। अर्थात जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाना, राम मंदिर का निर्माण, टाडा कानून को लागू करना, एस आई आर के तहत भारत से अवैध बांग्लादेशी और रोहंगिया मुसलमानों को करना, पाकिस्तान के आतंकी के खिलाफ हमला करना आदि अवैध है। देश की जनता को उपरोक्त काम के खिलाफ सड़क से संसद तक अराजकता एवं दंगे फैलाने के लिए भड़काने की काम कर रहा है। यह भारत की लोकतंत्र को एक चुनौती देने की काम कर रहा है। मोदी सरकार से आग्रह है कि समय रहते दोहरी नागरिकता के लिए राहुल गाँधी पर कानूनी कार्रवाई कर उसे उसके औकात बता दे। नहीं तो भारत में गृहयुद्ध होने से कोई रोक नहीं सकता है।
पितृपक्ष विशेष : कर्म और सेवा से अमर हुए व्यक्तित्व डॉ दीपक कुमार घोष एबीएन न्यूज नेटवर्क, खूंटी। सनातन धर्म में पितृपक्ष का विशेष महत्व है। आश्विन कृष्ण पक्ष के ये 15 दिन पितरों को याद करने, उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और तर्पण-श्राद्ध करने के दिन हैं। मान्यता है कि इस दौरान हमारे पूर्वज पितृलोक से धरती पर आते हैं और तर्पण से प्रसन्न होकर परिवार को सुख-समृद्धि और शांति का आशीर्वाद देते हैं। मुरहू के समाजसेवी डॉ धर्मेंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि पितृपक्ष केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि उन संस्कारों को याद करना है जो हमारे पितरों ने हमें दिये। पिता ही परिवार की नींव होते हैं। ग्रामीण सह पड़ोसी विष्णु देव चौधरी ने कहा कि स्वर्गीय वशिष्ठ मुनि तिवारी जी का जीवन आज प्रेरणा बन गया है। उन्होंने कहा कि वशिष्ठ मुनि तिवारी ने जीवन भर समाजसेवा, शिक्षा और धार्मिक मूल्यों को आगे बढ़ाया। वे कहते थे - जीवित रहते माता-पिता की सेवा और जाने के बाद सच्चे कर्मों से उनका तर्पण ही सबसे बड़ा श्राद्ध है। उनके दोनों पुत्रों धर्मेंद्र और सत्येन्द्र और परिजनों द्वारा पितृपक्ष में किया गया पिंडदान, ब्राह्मण भोज और गरीबों को दान उनके बताये आदर्शों का ही प्रतीक है। ग्रामीणों का कहना है कि तिवारी जी ने अपने जीवन से सिखाया कि पितर तभी प्रसन्न होते हैं जब उनके वंशज समाज के लिए कुछ अच्छा करते हैं। धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि आज पितृपक्ष पर पिताजी को जल तर्पण कर श्रद्धांजलि दी गयी। परिजनों ने संकल्प लिया कि उनके सेवा, सादगी और परोपकार के मार्ग पर चलते रहेंगे। उन्होंने कहा कि पिता जी अपने पिता स्वर्गीय रामप्यारे तिवारी को तर्पण किया करते थे। वे कहा करते थे कि पितरों का तर्पण जल से ही नहीं, उनके आदर्शों को जीवन में उतारने से भी होता है।
विश्व पर्यटन दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम एबीएन न्यूज नेटवर्क, खूंटी। विश्व पर्यटन दिवस के उपलक्ष्य में रविवार वार को भागीरथी पर्यटन विकास मित्र संघ के तत्वावधान में भगत सिंह चौक पर पर्यटन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भागीरथी पर्यटन विकास मित्र संघ के अध्यक्ष डॉ दीपक कुमार घोष ने कहा कि हर व्यक्ति प्रकृति प्रेमी होता है। झारखंड प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर राज्य है। यहां जलप्रपात, घने जंगल और पहाड़ पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। यहां के जंगलों में मयूर,रंग बिरंगी जल पक्षी यहां के आने वाले पर्यटकों का मन मोह लेते हैं। मुरहू के समाजसेवी डॉ धर्मेंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि प्राकृतिक छटाओं से परिपूर्ण कश्मीर से कन्याकुमारी तक पर्यटन के लिए पूरा भारत है।झारखंड में भी खूंटी एवं अन्य जिलों के कई स्थलों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें विकसित करने की जरूरत है। अखिल भारतीय सांस्कृतिक विकास महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष तपन घोष ने कहा कि युवाओं को अपने क्षेत्र के पर्यटन स्थलों को साफ-सुथरा रखने, अतिथियों का सम्मान करने और भारतीय कला-संस्कृति को बढ़ावा देने की जरूरत है। युवा सामाजिक कार्यकर्ता ध्रुवेंद्र भास्कर ने कहा कि बताया कि पर्यटन से न सिर्फ मनोरंजन होता है, बल्कि रोजगार बढ़ता है, हमारी संस्कृति भी देश-दुनिया तक पहुंचती है। इस साल विश्व पर्यटन दिवस की थीम पर्यटन और शांति है। अनुप राय, तुलसी प्रजापति, किशोर ठाकुर सहित अन्य ने भी पर्यटन को बढ़ावा देने पर अपने विचार व्यक्त किए।
एबीएन न्यूज नेटवक, खूंटी। उपायुक्त मो० जावेद हुसैन के निदेर्शानुसार जिला परिवहन पदाधिकारी, खूंटी के नेतृत्व में जिले में सघन वाहन जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान प्रमुख मार्गों पर अनाधिकृत रूप से खड़े वाहनों को हटवाते हुए सुरक्षित स्थान पर लगवाया गया। जांच के क्रम में विभिन्न वाहनों के टैक्स, इंश्योरेंस, परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य आवश्यक कागजातों की जांच की गयी। मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कुल 81,000 रुपये का चालान किया गया। वहीं, मोटर यान निरीक्षक, खूंटी एवं सहयोगी कर्मियों द्वारा भी वाहन जांच अभियान चलाया गया। सड़क पर अनाधिकृत रूप से खड़े वाहनों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 37,650 रुपये का ई-चालान किया गया तथा वाहनों को सड़क से हटवाकर सुरक्षित स्थान पर लगवाया गया।
डॉ दीपक कुमार घोष एबीएन न्यूज नेटवर्क, खूंटी। मुरहू प्रखंड के मनु साव आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। एक साधारण परिवार से आने वाले मनु ने अपने कर्म, सेवा भाव और दान से समाज में योगी जैसी प्रतिष्ठा हासिल की है। स्नेही डॉ धर्मेंद्र नाथ तिवारी के अनुसार, स्वर्गीय मनु साव बचपन से ही परिश्रमी और दूसरों की मदद करने वाले रहे हैं। उन्होंने कभी बड़े पद या नाम की चाह नहीं की, बल्कि अपने छोटे-छोटे कामों से लोगों का दिल जीता। कभी अकेले चाय तक नहीं पी, हमेशा परहित का भाव रखते थे। धर्मस्थलों पर लोगों को खुद गरीब रहने के बावजूद निशुल्क ले जाना, धार्मिक जगहों का जीर्णोद्धार, पूजा पाठ कराना, गरीबों -ब्राह्मणों को दान देना,उनकी दिनचर्या रही। खूंटी के अधिवक्ता राखोहरि चौधरी, अधिवक्ता प्रफुल्ल भगत, काशीनाथ महतो, जिप उपाध्यक्ष मंजु देवी, प्रियांक भगत, महावीर राम, मुकेश जायसवाल आदि इनके व्यवहार से परिचित थे। मनु साव सात बहनों में एक भाई थे। अभी दो बहनें जिवित हैं। मुरहू में सबसे अधिक जर्जर भवन, असफल व्यवसाय और स्वास्थ्य संबंधी समस्या से जूझ रहे मनु को पैतृक संपत्ति के चलते भी परेशानी थी।।दो पुत्र और एक विवाहिता पुत्री है। पत्नी भी अस्वस्थ रहती हैं, किसी तरह अपने जीवन को चला रही हैं। जिला प्रशासन इनके परिजनों को खासकर भुमि के विवाद, गृह निर्माण और आर्थिक स्थिति के सुधार हेतु ईमानदारी से हल कर दें। भविष्य के लिए सरकार और समाज को भी इस परमार्थी योगी मनु साव का ध्यान रखना चाहिए। मनु साव ने यह साबित कर दिया है कि योगी बनने के लिए जंगल जाने की जरूरत नहीं, सच्चे कर्म और निस्वार्थ दान से भी व्यक्ति महान बन सकता है।
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