एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर दर्जनों लोगों को ठगने वाला पंकज गुप्ता पुलिस की गिरफ्त में धनबाद सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर दर्जनों लोगों को ठगने वाला नटवरलाल पंकज गुप्ता धनबाद पुलिस के शिकंजे में।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, चौपारण (हजारीबाग)। प्रखंड के शहीद भगत सिंह 10 + 2 विद्यालय झापा बिसनपुर में शहीद ए आजम भगत सिंह की जयंती बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान बच्चों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। मौके पर मुख्य अतिथि विद्यालय के संस्थापक सचिव सह बरही विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक रामलखन सिंह, विद्यालय के अध्यक्ष सेवानिवृत्त शिक्षक बीरेंद्र सिंह, विद्यालय के प्राचार्य महादेव प्रजापति समेत कई गणमान्य और विद्यालय के शिक्षक, अभिभावक व विद्यार्थी उपस्थित थे। इस दौरान मुख्य अतिथि ने कहा कि भगत सिंह ने कम उम्र में जो कर दिखाया, वो आज के हालात में संभव नहीं है। उन्होंने देश को आजादी दिलाने में जो भूमिका निभायी, आज हम उसका लाभ ले रहे हैं। लेकिन आज के राजनेताओं की करतूतों ने हमें शर्मसार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। आज देश की गतिविधियां ट्रंप समेत विदेशी राजनयिकों के अधीन है। हमारे देश के मुखिया उनके सामने नतमस्तक हैं। देश की सारी संपत्तियां अंबानी-अडाणी के पास गिरवी है। ऐसे में देश की आजादी को खतरा है। आज भगत सिंह समेत आजादी के सभी नायकों की आत्मा ऐसे राजनेताओं की करतूतों पर कुहक रही होगी। मैं नहीं चाहता कि लोग कहें- भगत सिंह की मां रो रही है उन्होंने कहा कि आज ही के दिन यानी 23 मार्च 1931 को शाम 7 बजकर 33 मिनट पर ब्रिटिश सरकार ने भगत सिंह और उनके दो साथियों सुखदेव व राजगुरू को फांसी दी थी। फांसी 24 मार्च 1931 की सुबह दी जानी थी, लेकिन ब्रिटिश सरकार को माहौल बिगड़ने का डर था, इसलिए नियमों को दरकिनार कर एक रात पहले ही तीनों क्रांतिकारियों को चुपचाप लाहौर सेंट्रल जेल में फांसी पर चढ़ा दिया गया। कहा जाता है कि भगत सिंह ने अपनी मां विद्यावती से कहा था, मेरा शव लेने आप नहीं आना और कुलबीर (छोटा भाई) को भेज देना, क्योंकि यदि आप आएंगी तो रो पड़ेंगी और मैं नहीं चाहता कि लोग यह कहें कि भगत सिंह की मां रो रही है। फांसी से पहले 22 मार्च 1931 को भगत सिंह ने अपने साथियों को एक पत्र भी लिखा था जिससे पता चलता है कि देश की आजादी के लिए वह अपनी कुर्बानी देने को कितना उत्सुक थे। आखिरी खत में उन्होंने लिखा था- मुझे फांसी होने के बाद देश की खातिर कुर्बानी देने वालों की तादाद बढ़ जायेगी। ठहरो! पहले एक क्रांतिकारी दूसरे से मिल तो ले फांसी पर जाने से पहले भगत सिंह लेनिन की नहीं बल्कि राम प्रसाद बिस्मिल की जीवनी पढ़ रहे थे। जेल के अधिकारियों ने जब उन्हें यह सूचना दी कि उनकी फांसी का वक्त आ गया है तो उन्होंने कहा था- ठहरिए! पहले एक क्रांतिकारी दूसरे से मिल तो ले। फिर एक मिनट बाद ही किताब छोड़ कर बोले- ठीक है अब चलो। भगत सिंह जेल में भूख हड़ताल के दौरान इतने प्रसिद्ध हो गये थे कि 30 जून 1929 को पूरे देश में भगत सिंह दिवस मनाया गया था। शहीद-ए-आजम भगत सिंह की फांसी की सजा पर अंतिम मुहर 14 फरवरी, 1931 को लगी थी। कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष मदन मोहन मालवीय ने वॉयसराय लॉर्ड इरविन के समक्ष दया याचिका लगाई थी जिसे इस दिन खारिज कर दिया गया था। भगत सिंह पर अंग्रेज पुलिस अधिकारी जेपी सॉन्डर्स की हत्या का आरोप था। मुकदमे की सुनवाई 5 मई 1930 को शुरू हुई थी। 7 अक्तूबर 1930 को तीनों देशभक्तों को फांसी की सजा सुनायी गयी और 23 मार्च 1931 को फांसी दे दी गयी। ब्रिटिश सरकार की बर्बरता ब्रिटिश सरकार ने फांसी के बाद उनके शवों को परिवार को सौंपने के बजाय शवों के टुकड़े-टुकड़े करवाकर सतलुज नदी के किनारे स्थित हुसैनीवाला के पास जलवाने की कोशिश की थी। उसी दौरान वहां लाला लाजपत राय की बेटी पार्वती देवी और भगत सिंह की बहन बीबी अमर कौर सहित हजारों की संख्या में लोग पहुंच गए। इससे वहां मौजूद अंग्रेज पुलिसकर्मी शवों को अधजला छोड़कर भाग गए। लोगों ने तीनों शहीदों के अधजले शवों को आग से निकाला और फिर उन्हें लाहौर ले जाया गया, जहां 24 मार्च की शाम हजारों की भीड़ ने पूरे सम्मान के साथ उनकी शव यात्रा निकाली। उनका अंतिम संस्कार रावी नदी के किनारे उस जगह के पास किया गया जहां लाला लाजपत राय का अंतिम संस्कार हुआ था। एफआईआर में नाम ही नहीं! भगत सिंह को जिस केस में फांसी की सजा सुनाई गई थी, उस केस में दर्ज एफआईआर में उनके नाम का उल्लेख नहीं मिलने का दावा भी किया गया है। दरअसल, अदालत के आदेश पर जब लाहौर पुलिस ने अनारकली थाने के रिकॉर्ड की गहन छानबीन की तो उसे 1928 में सॉन्डर्स की हत्या के मामले में दर्ज एफआईआर में भगत सिंह के नाम का उल्लेख नहीं मिला। मामले का खुलासा भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन के अध्यक्ष इम्तियाज राशिद कुरैशी की याचिका से हुआ, जिसमें भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू के खिलाफ सॉन्डर्स की हत्या के मामले में दर्ज एफआईआर की सत्यापित प्रति मांगी गई थी। सॉन्डर्स की हत्या भूलवश हो गई थी। भगत सिंह और उनके साथी लाला लाजपत राय की मृत्यु का बदला लेना चाहते थे, इसके लिए उन्होंने बड़े अंग्रेज पुलिस अधिकारी स्कॉट को मारने की योजना बनाई थी, लेकिन वह उसे पहचानते नहीं थे, लिहाजा उसकी जगह सॉन्डर्स मारा गया। असेंबली में बम फेंक अंग्रेजी हुकूमत को हिला दिया था भगत सिंह ब्रिटिश सरकार की मजदूर विरोधी नीति से नाराज थे और इसे सेंट्रल असेंबली में पारित नहीं होने देना चाहते थे। सरकार को चेतावनी देने और उस तक अपनी आवाज पहुंचाने के मकसद से ही उन्होंने 8 अप्रैल 1929 को बटुकेश्वर दत्त के साथ मिलकर सेंट्रल असेंबली में बम फेंका। दोनों ने इस बात का ख्याल रखा कि घटना में कोई घायल न हो, लिहाजा बम खाली जगह फेंका गया। पूरा हाल धुएं से भर गया था। भगत सिंह चाहते तो भाग सकते थे, पर उन्होंने खुद को गिरफ्तार करवाना बेहतर समझा। बम फटने के बाद उन्होंने इंकलाब जिन्दाबाद, साम्राज्यवाद मुदार्बाद के नारे भी लगाए और अपने साथ लाए हुए पर्चे हवा में उछाल दिए। इसके कुछ ही देर बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। 13 और 23 का था अलग महत्व शहीद-ए-आजम का नाम भागां वाला (किस्मत वाला) होने के कारण भगत सिंह पड़ा। उन्हें यह नाम उनकी दादी जयकौर ने दिया था, क्योंकि जिस दिन उनका जन्म हुआ, उसी दिन उनके पिता किशन सिंह और चाचा अजित सिंह जेल से छूट कर आए थे। भगत सिंह का जन्म 27 सितंबर, 1907 को पंजाब प्रांत के ल्यालपुर जिले के बांगा गांव में हुआ था। करतार सिंह सराबा को अपना आदर्श मानने वाले भगत सिंह की जिंदगी में 13 और 23 तारीख का बड़ा महत्व रहा। 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग नरसंहार ने उन्हें क्रांतिकारी बनाने का काम किया। उनके परिवार के सदस्यों के मुताबिक भगत सिंह द्वारा लिखे गये ज्यादातर पत्रों पर 13 या 23 तारीख अंकित हैं। 23 मार्च को 23 साल की उम्र में ही वह देश की खातिर फांसी के फंदे पर झूल गये।
विश्व पर्यटन दिवस पर न्यू मित्तल ट्रेवल्स को मिला झारखंड का प्रतिष्ठित बेस्ट ट्रैवल एजेंट अवॉर्डटीम एबीएन, रांची। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर झारखंड के पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए लोहरदगा के न्यू मित्तल ट्रेवल्स को राज्य के प्रतिष्ठित बेस्ट ट्रैवल एजेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान 27 सितंबर 2026 को शाम 5 बजे रांची स्थित आद्रे हाउस में आयोजित विशेष समारोह में प्रदान किया गया।झारखंड सरकार के Department of Tourism, Arts, Culture, Sports & Youth Affairs की ओर से आयोजित समारोह में पूरे झारखंड से केवल दो ट्रैवल एजेंटों का चयन किया गया, जिसमें न्यू मित्तल ट्रेवल्स, लोहरदगा का चयन होना जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है।यह प्रतिष्ठित सम्मान पर्यटन विभाग के सचिव मुकेश कुमार, निदेशक प्रियेश नमन लकड़ा, जनरल मैनेजर राजीव कुमार तथा IHM रांची के प्रिंसिपल डॉ. भूपेश के कर-कमलों से न्यू मित्तल ट्रेवल्स के डायरेक्टर कौशल मित्तल को प्रदान किया गया। लोहरदगा के पर्यटन क्षेत्र के लिए गौरव का क्षणन्यू मित्तल ट्रेवल्स के डायरेक्टर कौशल मित्तल लंबे समय से झारखंड के पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटकों को बेहतर यात्रा सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा लोहरदगा के पर्यटन स्थलों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए उनके प्रयासों को इस सम्मान के माध्यम से विशेष पहचान मिली है।न्यू मित्तल ट्रेवल्स द्वारा एयर टिकट, रेल टिकट, टूर पैकेज, होटल बुकिंग, हेलीकॉप्टर टिकट सहित विभिन्न यात्रा एवं पर्यटन सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। संस्था की सक्रियता और पर्यटन क्षेत्र में योगदान के चलते राज्य स्तर पर यह सम्मान मिलना लोहरदगा के लिए भी बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।सम्मान प्राप्त करने के बाद कौशल मित्तल ने झारखंड सरकार एवं पर्यटन विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि न्यू मित्तल ट्रेवल्स की पूरी टीम, लोहरदगा के पर्यटन क्षेत्र और जिले के तमाम पर्यटन हितधारकों का सम्मान है।उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें झारखंड के पर्यटन स्थलों को देश और दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करने तथा पर्यटकों को बेहतर सेवाएं देने के लिए नई ऊर्जा प्रदान करेगा। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर मिला यह प्रतिष्ठित सम्मान न्यू मित्तल ट्रेवल्स के साथ-साथ पूरे लोहरदगा जिले के लिए गौरव और उपलब्धि का विषय बना हुआ है।
पहले गांधी नाम से अंग्रेज कांपते थे, आज राहुल गांधी से पूरी भाजपा कांपती हैभाजपा को हो गया है गांधी-फोबिया : छत्तीसगढ़ प्रभारी सुखदेव भगत का तीखा हमलाएबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर दिए गए बयान पर कांग्रेस ने जोरदार पलटवार किया है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी एवं लोहरदगा के सांसद सुखदेव भगत ने कहा है कि मुख्यमंत्री की भाषा उनकी बौखलाहट को दर्शाती है।श्री भगत ने कहा कि भाजपा की पूरी राजनीति और स्ट्रैटेजी अब सिर्फ राहुल गांधी जी के इर्द-गिर्द घूमती है। राहुल जी ने उनकी दुखती रग पर हाथ रख दिया है। वोट चोरी का मामला हो, या संविधान से छेड़छाड़ का मामला, सच्चाई जनता के सामने आ गई है। जब चोरी पकड़ी जाती है, तो चोर बौखलाहट में अनाप-शनाप बोलने लगता है, वही हाल आज भाजपा का है।उन्होंने कहा कि मुझे दुख है कि एक मुख्यमंत्री ने ऐसे व्यक्ति पर सवाल उठाया जो शहीदों के परिवार से आता है। राहुल गांधी जी ने अपनी दादी और पिता को इस देश के लिए शहीद होते देखा है। जिन लोगों ने आजादी की लड़ाई के समय अंग्रेजों से माफी मांगी और देश के साथ गद्दारी की, उनके वंशज आज भी उसी मानसिकता से ग्रस्त हैं। उन्हें गांधी फोबिया हो गया है। श्री भगत ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि इतिहास गवाह है, पहले गांधी शब्द से अंग्रेजी हुकूमत डरती थी, आज उसी गांधी नाम से पूरी भारतीय जनता पार्टी डरती है।राहुल गांधी जी गरीब, किसान, मजदूर और संविधान की आवाज बन गए हैं, इसलिए भाजपा उन्हें बदनाम करने के लिए रोज नए हथकंडे अपनाती है, लेकिन देश की जनता सब समझती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल गांधी के सिपाही हैं और भाजपा के झूठ का जवाब सड़क से लेकर सदन तक दिया जाएगा।
झारखंड चैंबर की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को दी गई हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएंखेल एवं व्यापार जगत के आपसी सहयोग से झारखंड के विकास को मिलेगी नई गति : तुलसी पटेलटीम एबीएन, रांची। झारखंड स्टेट बॉक्सिंग एसोसिएशन के महासचिव प्रकाश कुमार मंडल एवं कोषाध्यक्ष संतोष अग्रवाल ने झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स के नवनिर्वाचित अध्यक्ष तुलसी पटेल एवं नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के सभी सम्मानित सदस्यों से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें स्मृति चिन्ह एवं श्रीमद्भगवद्गीता भेंट करते हुए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।इस अवसर पर प्रकाश कुमार मंडल एवं संतोष अग्रवाल ने तुलसी पटेल के नेतृत्व में नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के सफल एवं गौरवपूर्ण कार्यकाल की मंगलकामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि चैंबर राज्य के व्यापार एवं उद्योग जगत के हितों के साथ-साथ सामाजिक एवं विकासात्मक गतिविधियों में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को और सशक्त करेगा। मुलाकात के दौरान झारखंड में खेलों के विकास एवं खेल प्रतिभाओं को उचित मंच उपलब्ध कराने को लेकर विशेष रूप से सार्थक चर्चा हुई। झारखंड स्टेट बॉक्सिंग एसोसिएशन की ओर से राज्य में बॉक्सिंग को और अधिक मजबूत करने, युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने तथा प्रतिभावान खिलाड़ियों को बेहतर अवसर एवं सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर श्री तुलसी पटेल जी ने आश्वस्त किया कि झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से खेलों एवं खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव सहयोग एवं सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य की युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में समाज के सभी वर्गों की सकारात्मक भागीदारी आवश्यक है तथा खेलों के विकास के लिए मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। तुलसी पटेल ने विशेष रूप से बॉक्सिंग सहित अन्य खेलों में झारखंड की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने एवं खेल गतिविधियों के विस्तार में सहयोग की भावना व्यक्त की।बैठक के दौरान इस बात पर भी जोर दिया गया कि व्यापार जगत एवं खेल जगत के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग से राज्य के युवाओं को नई दिशा एवं अवसर प्रदान किए जा सकते हैं। इस प्रकार के प्रयास न केवल खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाएंगे, बल्कि झारखंड की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में भी सहायक होंगे।झारखंड स्टेट बॉक्सिंग एसोसिएशन ने आशा व्यक्त की कि तुलसी पटेल के नेतृत्व में चैंबर की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का कार्यकाल झारखंड के व्यापार, उद्योग, सामाजिक सरोकार एवं खेल विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों से परिपूर्ण रहेगा।इस अवसर पर दोनों संस्थाओं के बीच भविष्य में खेल एवं युवा प्रतिभाओं के विकास के लिए मिलकर कार्य करने की संभावनाओं पर भी सकारात्मक चर्चा हुई।
धनबाद में बढ़ते भू-धसान को लेकर केंद्रीय कोयला मंत्री को पत्रअवैध कोयला खनन की उच्चस्तरीय जांच की मांगएबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। धनबाद जिले में लगातार सामने आ रही भू-धसान और जमीन धंसने की घटनाओं को लेकर अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने केंद्रीय कोयला मंत्री को पत्र लिखकर मामले की उच्चस्तरीय जांच और अवैध कोयला खनन पर रोक लगाने की मांग की है।पत्र में रत्नेश कुमार ने कहा कि धनबाद के विभिन्न कोयला क्षेत्रों में आए दिन भू-धसान की घटनाएं सामने आ रही हैं। बारिश के मौसम में ऐसी घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है, जिससे आबादी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना हुआ है।उन्होंने बताया कि धनबाद के कई क्षेत्रों में पूर्व में बीसीसीएल की भूमिगत खदानों से कोयला उत्पादन किया गया था, जिसके कारण कुछ स्थानों की जमीन के नीचे खोखली हो चुकी है। वहीं, आउटसोर्सिंग परियोजनाओं में भारी मशीनों और ब्लास्टिंग के जरिए होने वाले खनन से भी भूगर्भीय स्थिति प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।पत्र में बंद भूमिगत खदानों और पुराने खनन क्षेत्रों में कथित अवैध मुहाने बनाकर कोयला निकालने का भी आरोप लगाया गया है। रत्नेश कुमार का कहना है कि ऐसी गतिविधियों के कारण जमीन के नीचे खोखलापन बढ़ता जा रहा है और भू-धसान का खतरा उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने केंदुआडीह क्षेत्र में NH-32 सड़क के भू-धसान से प्रभावित होने का भी उल्लेख करते हुए मामले की जांच की मांग की है। ओर रोड पर जल्द पुनः चालू कराने की मांग की है। रत्नेश कुमार ने केंद्रीय कोयला मंत्री से धनबाद जिले में भू-धसान की घटनाओं और इनके संभावित कारणों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच, संवेदनशील क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण, कथित अवैध खनन और अवैध मुहानों की जांच तथा पुराने भूमिगत खनन क्षेत्रों की सुरक्षा स्थिति का आकलन कराने की मांग की है।उन्होंने कहा कि आबादी वाले और संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए, ताकि लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और भविष्य में संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
धनबाद : निरसा जमीन विवाद में दो पक्ष भिड़े, जमकर चले लाठी-पत्थरनिरसा खटाल में मारपीट और पथराव से मचा हड़कंप, कई घायल; पुलिस ने कैंप कर संभाला मोर्चाएबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। निरसा थाना क्षेत्र के निरसा खटाल इलाके में रविवार की सुबह जमीन विवाद को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों ओर से जमकर लाठी-पत्थर चलने लगे। अचानक हुए पथराव से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना में कई लोगों के घायल होने की सूचना है, जिनमें महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और युवक शामिल बताए जा रहे हैं। वहीं, कई घरों में तोड़फोड़ किए जाने की भी बात सामने आई है।बताया जाता है कि निरसा खटाल और बिजली विभाग कार्यालय के समीप स्थित जमीन के एक टुकड़े को लेकर दो पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई। इसके बाद विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर पथराव करने लगे। कुछ ही देर में सड़क पर पत्थर बिखर गए और इलाके में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई।घटना की सूचना मिलते ही भमांला पंचायत के मुखिया जोगिंदर यादव, भाजपा नेता मन्नू तिवारी समेत निरसा पुलिस की गश्ती टीम मौके पर पहुंची। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया। पुलिस ने दोनों पक्षों को नियंत्रित करते हुए हालात पर काबू पाया।घटना के बाद तनाव को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल पर कैंप कर दिया है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद कुछ लोग मौके से फरार हो गए, जबकि दोनों पक्षों के लोग शिकायत दर्ज कराने के लिए निरसा थाना पहुंचे हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार, जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले भी विवाद और झड़प की घटनाएं हो चुकी हैं। रविवार की घटना के बाद इलाके में तनाव बना हुआ है। हालांकि पुलिस की मौजूदगी में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना के कारणों तथा इसमें शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
धनबाद : नेताजी सुभाष चंद्र बोस समिति द्वारा रक्तदान शिविर का हुआ आयोजन लोगों ने उत्साह पूर्वक किया रक्तदान!एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। नेताजी सुभाष चंद्र बोस समिति वर्ष 2017 से निरंतर समाज सेवा एवं रक्तदान के क्षेत्र में समर्पित भाव से कार्य करती आ रही है। जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने तथा मानव जीवन की रक्षा के उद्देश्य से समिति द्वारा समय-समय पर रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाता रहा है।इसी क्रम में आज 27 सितंबर 2026 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस समिति द्वारा श्याम नगर भूली धनबाद मे रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साह पूर्वक हिस्सा लिया और स्वेच्छा से रक्तदान कर मानव सेवा के इस पुनीत कार्य में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। समाचार प्रेषित किए जाने तक शिविर में कुल 32 यूनिट रक्तदान किया जा चुका था।समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कहा कि रक्तदान महादान है और किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने में एक रक्तदाता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। समिति भविष्य में भी समाज के जरूरतमंद लोगों की सहायता एवं रक्तदान के क्षेत्र में निरंतर कार्य करती रहेगी।रक्तदान शिविर में समिति के अध्यक्ष राकेश कांति विश्वास, संयोजक राजेंद्र प्रसाद साहू, सचिव दिलबाग सिंह, कोषाध्यक्ष राजीव बनर्जी, रोटी बैंक यूथ क्लब के अध्यक्ष रवि शेखर सिंह, मीडिया प्रभारी नीलकमल खवास सहित संदीप साव, सोनू दास, प्रदीप श्रीवास्तव, राजेश साव एवं मुस्कान उपस्थित रहें और शिविर को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।समिति की ओर से शिविर में रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं, सहयोगियों, स्वयंसेवकों एवं उपस्थित सदस्यों के प्रति हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया गया।
कतरास : जीएनएम में अरुण टेंपल की तर्ज पर बनेगा 150 फीट ऊंचा भव्य दुर्गा पूजा पंडाल52 लाख की लागत से पंडाल व लाइटिंग की तैयारी, 200 वालंटियर और 32 CCTV से होगी सुरक्षाएबीएन न्यूज नेटवर्क, कतरास (धनबाद)। श्री श्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति, जीएनएम हाई स्कूल मैदान की ओर से इस वर्ष दुर्गापूजा को लेकर भव्य तैयारियां की जा रही हैं। समिति द्वारा थाईलैंड के प्रसिद्ध अरुण टेंपल की तर्ज पर आकर्षक पूजा पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है। रविवार को पूजा पंडाल परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में समिति ने आयोजन से जुड़ी तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी।समिति के सचिव अमन कुमार जायसवाल ने बताया कि इस वर्ष पंडाल की ऊंचाई लगभग 150 फीट और चौड़ाई करीब 140 फीट होगी। पंडाल निर्माण की जिम्मेदारी पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर के डेकोरेटर को दी गई है। वहीं, आकर्षक विद्युत सज्जा का कार्य बोकारो के मनीष लाइट द्वारा किया जा रहा है। मां दुर्गा की प्रतिमा का निर्माण चितरंजन में कराया जा रहा है।समिति के अनुसार पंडाल और लाइटिंग पर करीब 50 से 52 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। समिति ने बताया कि पिछले वर्ष जिले में पंडाल एवं लाइटिंग के क्षेत्र में उसे प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था। इस वर्ष आयोजन को और भव्य रूप देते हुए जिला ही नहीं, बल्कि राज्य स्तर पर अलग पहचान बनाने का लक्ष्य रखा गया है।200 वालंटियर और 32 CCTV से निगरानीदुर्गापूजा मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। समिति के अनुसार पुलिस-प्रशासन के सहयोग के अलावा करीब 200 वालंटियर, 32 CCTV कैमरे और 100 वॉकी-टॉकी के माध्यम से पूरे मेला परिसर पर निगरानी रखी जाएगी।श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, महिलाओं के लिए अलग शौचालय और मेडिकल टीम की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। मेला परिसर में झूला, तारामाची, मीना बाजार के साथ विभिन्न प्रकार के खान-पान के स्टॉल भी लगाए जाएंगे।प्रेस वार्ता में समिति के अध्यक्ष पंकज सिन्हा, सचिव अमन कुमार जायसवाल, कोषाध्यक्ष चंद्रकांत कुमार सहित निगरानी समिति के बिनोद रजक, शंकर जायसवाल, बबलू चौरसिया, मुकेश भट्ट, शैलेंद्र सिन्हा, अशोक शर्मा, दिलीप तर्वे, कुलदीप सिंह, प्रीतम रवानी, मोनू सिंह, सरोज विश्वकर्मा, सोनू शर्मा, प्रदीप लाला, गणेश मोदक, मनोज राय, अमित रजक, गोपाल बोस, प्रभाकर दत्त, ईश्वर शर्मा, कौशल ठाकुर, शिवम दसौधी, टिंकू खंडेलवाल, नकुल सिंह, अजय स्वर्णकार, अंकित जायसवाल, राहुल रजक, निखिल राय, सुनील यादव, रोनित मोदक, अप्पू साहू, राजेंद्र ठाकुर, भोला मोदक, राकेश प्रमाणिक, तप दे, सचिन मोदक, सुजल चौरसिया, आयुष चौरसिया, बिट्टू शर्मा, अभिषेक शरण, प्रकाश पटवा, अभिषेक मोदक, अमन सिंह, दीपू रवानी, सुमित सिंह, सागर कुमार, कौशल सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।
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