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महाराजा अग्रसेन प्रेम, सेवा, दया, समरसता, स्वावलंबन और समाजोत्थान के अग्रदूत : संजय सर्राफ़
Published / 2025-09-19 13:06:10
महाराजा अग्रसेन प्रेम, सेवा, दया, समरसता, स्वावलंबन और समाजोत्थान के अग्रदूत : संजय सर्राफ़

*प्रकाशनार्थ*महाराजा अग्रसेन जयंती 22 सितंबर कोटीम एबीएन, रांची। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि भारतभूमि संतों, महापुरुषों और महान शासकों की भूमि रही है, जिन्होंने अपने विचारों, कर्मों और आदर्शों से समाज को नई दिशा दी।ऐसे ही एक महान युगपुरुष थे महाराजा अग्रसेन, जिनकी जयंती शारदीय नवरात्रि के पहले दिन, यानी आश्विन शुक्ल प्रतिपदा को मनाई जाती है। इस वर्ष महाराजा अग्रसेन जयंती 22 सितंबर दिन सोमवार को मनाई जा रही है।महाराजा अग्रसेन का जन्म द्वापर युग के अंत और कलियुग के प्रारंभ में हुआ माना जाता है। वे सूर्यवंशी क्षत्रिय राजा श्री वल्लभ सेन के पुत्र थे। उन्होंने युवावस्था से ही राजकाज में गहरी रुचि ली और बहुत ही न्यायप्रिय, दयालु तथा दूरदर्शी शासक के रूप में प्रसिद्ध हुए। महाराजा अग्रसेन का राज्य प्राचीन अग्रोहा नगरी में था, जो वर्तमान हरियाणा राज्य के हिसार जिले में स्थित है। उन्होंने अहिंसा परमो धर्म: के सिद्धांत पर चलते हुए किसी भी युद्ध में भाग नहीं लिया, बल्कि शांति और सौहार्द से राज्य का संचालन किया। महाराजा अग्रसेन ने अग्रवाल वंश की स्थापना की,जो आज देश-विदेश में व्यापार, समाजसेवा, शिक्षा और विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। महाराजा अग्रसेन की पत्नी का नाम महारानी माधवी था। उन्होंने कुल 18 गोत्रों की रचना की, प्रत्येक गोत्र एक विशेष गुण विचारधारा या कर्म क्षेत्र को दर्शाता है यह व्यवस्था गोत्रों में बदल गई जो आज भी अग्रवाल समाज में प्रचलित है।ऐरन, बंसल, बिंदल, भंदल, धारण, गर्ग, गोयल, गोयनका, जिंदल, कंसल, कुच्छल, मधुकुल, मंगल, मित्तल, नागल, सिंघल, तायल, तिंगल, 18 गोत्र के नाम है। महाराजा अग्रसेन पर अनगिनत पुस्तकें लिखी जा चुकी है सुप्रसिद्ध लेखक भारतेंदु हरिश्चंद्र जो स्वयं भी अग्रवाल समुदाय से थे। उन्होंने 1871 में अग्रवालों की उत्पत्ति नामक प्रामाणिक ग्रंथ लिखा है जिसमें विस्तार से उनके जीवन के बारे में बताया गया है। महाराजा अग्रसेन के शासन में कोई गरीब नहीं था। उन्होंने एक अद्भुत व्यवस्था लागू की थी। जब कोई नया परिवार अग्रोहा में बसता, तो प्रत्येक परिवार उसे एक रूपया और एक ईंट देता। यह प्रतीक था आर्थिक मदद और घर बनाने के लिए सामग्री का। यह नीति समाजवाद, सहयोग और स्वावलंबन की मिसाल बन गई।उनके जीवन के मूल रूप से तीन आदर्श है लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था, आर्थिक समरूपता, और सामाजिक समानता, आज जब विश्व असमानता, जातिगत भेदभाव और आर्थिक विषमता से जूझ रहा है।महाराजा अग्रसेन का  जीवन-दर्शन और नीतियां पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। वे सामाजिक समरसता, आर्थिक समानता और मानव कल्याण के प्रतीक हैं। भारत सरकार ने भी उनकी स्मृति में डाक टिकट जारी किया है और कई राज्य सरकारें उनकी जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करती हैं।महाराजा अग्रसेन केवल एक शासक नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं। जो प्रेम, सेवा, दया, स्वावलंबन और समाजोत्थान की प्रेरणा देते हैं। उनकी जयंती पर हमें उनके सिद्धांतों को आत्मसात करने का संकल्प लेना चाहिए और एक ऐसे समाज के निर्माण की दिशा में अग्रसर होना चाहिए जहाँ कोई भूखा, असहाय या उपेक्षित न हो।

महाराजा अग्रसेन जयंती समारोह 22 सितंबर को
Published / 2025-09-19 13:03:06
महाराजा अग्रसेन जयंती समारोह 22 सितंबर को

*प्रेस विज्ञप्ति**महाराजा अग्रसेन जयंती समारोह 22 सितंबर को**महाराजा अग्रसेन जी की भव्य शोभायात्रा 20 सितंबर को*अग्रवाल सभा रांची के तत्वाधान में श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव के सुअवसर पर दिनांक 20 सितंबर दिन शनिवार को एक विशाल शोभा यात्रा का आयोजन किया गया है।शोभा यात्रा महाराजा अग्रसेन भवन से अपराह्न 3 बजे निकलेगी अग्रवाल युवा सभा के संचालन में निकाली जाने वाले शोभा यात्रा नगर के विभिन्न मार्गो महाराजा अग्रसेन भवन से बंशीधर आडुकिया रोड, बड़ा लाल स्ट्रीट ,साबू रिक्शा चौक, जैन मंदिर रोड ,शहीद चौक, सुभाष कुंज ,कुंज लाल स्ट्रीट, गांधी चौक, मारवाड़ी टोला, नॉर्थ मार्केट रोड, ईस्ट मार्केट रोड चुरूवाला चौक, कार्ट सराय रोड, बंशीधर आडुकिया रोड से भ्रमण करके पुनः महाराजा अग्रसेन भवन पहुंचेगी l 22 सितंबर को अग्रसेन जयंती समारोह बड़े ही धूमधाम से मनाई जाएगी। प्रातः 6:30 बजे प्रभात फेरी एवं अग्रसेन चौक में महाराजा अग्रसेन को पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी , तत्पश्चात प्रातः 10 बजे से महाराजा अग्रसेन भवन में हवन एवं कुलदेवी पूजन का कार्यक्रम होगा। अपराह्न 3 बजे से महाराजा अग्रसेन भवन में आम सभा एवं पुरस्कार वितरण व भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। अध्यक्ष प्रमोद कुमार अग्रवाल, मंत्री अनिल अग्रवाल, जयंती संयोजक अमर अग्रवाल, अग्रवाल युवा सभा के अध्यक्ष रौनक झुनझुनवाला एवं समस्त कार्यकारिणी सदस्यों  ने समाज के समस्त लोगों से सभी कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आग्रह किया है। उक्त जानकारी अमर अग्रवालजयंती संयोजक

रांची में स्वदेशी उपयोग का बिगुल फूंक गये भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह
Published / 2025-09-18 23:30:12
रांची में स्वदेशी उपयोग का बिगुल फूंक गये भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह एक दिवसीय दौरे पर रांची, कार्यकर्ताओं ने किया स्वागतटीम एबीएन, रांची। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह गुरुवार को अपने एक दिवसीय झारखंड दौरे पर रांची पहुंचे। श्री सिंह सुबह सेवा विमान से बिरसा मुंडा एयरपोर्ट रांची पहुंचे, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।रांची एयरपोर्ट पर संवाददाताओं से बातचीत में अरुण सिंह ने केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में की गई जीएसटी दरों में कटौती की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का यह कदम आम जनता को सीधी राहत देगा और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में सहायक होगा। सिंह ने लोगों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की भी अपील की और कहा कि यह देश की आर्थिक मजबूती की कुंजी है।

तेतुलमारी क्षेत्र में धड़ल्ले से जारी है कोयला का अवैध कारोबार
Published / 2025-09-18 21:13:55
तेतुलमारी क्षेत्र में धड़ल्ले से जारी है कोयला का अवैध कारोबार

आखिर कब लगेगा अवैध कोयला पर पुन: विराम एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ ने झारखंड डीजीपी को पत्र लिखकर कहा कि तेतुलमारी क्षेत्र में खुलेआम चल रहा है कोयला का अवैध कारोबार। दिन के उजाले में कोढ़ीया हॉस्पिटल के पीछे मुखिया के बाउंड्री वाल के अंदर अवैध कोयला को जमा किया जाता है ओर फिर उस कोयला को रात्रि में ट्रकों एवं हाइवा में कोयला लोड कर भट्टे में भेजा जा रहा है ओर यह कोयला का गोरखधंधा (पी०सिंह) के द्वारा चलाया जा रहा है।इस अवैध कारोबार में स्थानीय सीआईएफ की भी। मिली भगत से इनकार नहीं किया जा सकता है, (पी०सिंह) द्वारा खुलेआम धड़ल्ले से चलाया जा रहा है कोयला का अवैध कारोबार लेकिन फिर भी नहीं किया जा रहा है कोई कार्रवाई आखिर पी०सिंह के ऊपर किसका हाथ है जो बेखौफ होकर चला है कोयला का अवैध कारोबार। कोयला तस्कर प्रशासन की आंखों में धूल झोकर कर रहे कोयला का अवैध कारोबार जिससे तेतुलमारी थाना प्रभारी की भी छवि को धूमिल। किया जा रहा है इसलिए आपसे अनुरोध है कि अपने स्तर से संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने का कृपा करेंगे ताकि भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सके।

श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर पुंदाग में डांडिया-गरबा महोत्सव की तैयारियां जोरों पर
Published / 2025-09-18 21:13:02
श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर पुंदाग में डांडिया-गरबा महोत्सव की तैयारियां जोरों पर

75 महिलाओं ने वर्कशॉप में लिया भाग, गरबा की धुनों पर थिरकीं कदम टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के तत्वावधान में एवं नृत्य श्री डांस स्टूडियो कटहल मोड़ के सौजन्य से आगामी 25 सितंबर को श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर, पुंदाग परिसर में भव्य डांडिया एवं गरबा डांस महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस रंगारंग सांस्कृतिक उत्सव की तैयारी को लेकर मंदिर परिसर में एक विशेष डांडिया-गरबा वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र की लगभग 75 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस वर्कशॉप का उद्देश्य डांडिया और गरबा नृत्य की परंपरागत शैली को प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों तक पहुंचाना था, जिससे महोत्सव के दिन गरबा की प्रस्तुतियां और भी मनमोहक बन सकें। प्रशिक्षण सत्र का संचालन नृत्य श्री डांस स्टूडियो की संयोजिका श्रीमती पिंकी सिंह और नृत्य प्रशिक्षक श्री राम सोनी द्वारा किया गया। दोनों ने महिलाओं को गरबा की मूलभूत मुद्राओं, ताल, लय और समूह समन्वय का गहन अभ्यास करवाया। वर्कशॉप के दौरान प्रतिभागियों में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने लायक था। रंग-बिरंगे परिधानों में सजी महिलाओं ने जब गरबा की पारंपरिक धुनों पर तालबद्ध कदमों से अभ्यास किया, तो मंदिर परिसर सांस्कृतिक रंग में सराबोर हो उठा। संयोजिका पिंकी सिंह ने बताया कि इस वर्कशॉप का उद्देश्य केवल नृत्य सिखाना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक जागरूकता, महिला सशक्तिकरण और सामूहिक सहभागिता को भी प्रोत्साहित करना है। गरबा और डांडिया जैसे लोकनृत्य समाज में एकता और समरसता के प्रतीक हैं। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं प्रवक्ता संजय सर्राफ ने इस आयोजन को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की और बताया कि 25 सितंबर को होने वाला यह गरबा महोत्सव सभी आयु वर्ग के श्रद्धालुओं एवं नागरिकों के लिए खुला रहेगा। महोत्सव में पारंपरिक वेशभूषा, लाइव म्यूजिक और गरबा प्रतियोगिताओं के साथ कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी होंगी। कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु नृत्य श्री डांस स्टूडियो एवं ट्रस्ट के सदस्यगण, स्थानीय महिलाएं और युवा वर्ग पूरी निष्ठा और समर्पण से तैयारियों में जुटे हैं। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।

अधिसूचना 3486 का सेवानिवृत्त कर्मियों ने किया बहिष्कार
Published / 2025-09-18 21:11:32
अधिसूचना 3486 का सेवानिवृत्त कर्मियों ने किया बहिष्कार

मदरसा व संस्कृत विद्यालयों के सेवानिवृत्त कर्मियों ने अधिसूचना 3486 का किया बहिष्कार  उच्च न्यायालय के आदेश के मुताबिक पेंशन भुगतान की मांग की टीम एबीएन, रांची। झारखंड के गैर सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों एवं संस्कृत विद्यालयों के सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने राज्य सरकार द्वारा पेंशन से संबंधित जारी अधिसूचना 3486 दिनांक 10।09.25 का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। बुधवार को मदरसों एवं संस्कृत विद्यालयों के सेवानिवृत्त कर्मियों की हुई बैठक में उक्त निर्णय लिया गया है। गोड्डा जिले के महगामा में काजी शफीक कासमी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पूरे झारखण्ड के मदरसा - संस्कृत विद्यालयों के सेवानिवृत्त कर्मी शामिल हुए। बैठक में कहा गया कि शिक्षा विभाग द्वारा हाल ही में जारी अधिसूचना 3486 उच्च न्यायालय के निर्णय का विरुद्ध एवं कर्मियों के साथ अन्याय है। कर्मियों ने कहा कि उच्च न्यायालय ने मदरसों एवं संस्कृत विद्यालयों के सेवानिवृत्त कर्मियों को 2014 में जारी अधिसूचना 2020 के मुताबिक पेंशन व उपादान देने का स्पष्ट आदेश दिया है। सरकार उक्त अधिसूचना के मुताबिक ही हमें पेंशन व उपादान दे। नया अधिसूचना जारी कर हमारे अधिकारों को छीनने का प्रयास हो रहा। इस अधिसूचना के द्वारा अल्पसंख्यक विद्यालयों की तरह मदरसों को दिए जाने वाले सुविधाओं पारिवारिक पेंशन, उपादान, महंगाई भत्ता, पेंशन रूपांतरण एवं कोषागार से भुगतान जैसी सुविधाओं से वंचित रखा गया जिसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। बताया गया कि पेंशन से संबंधित उच्च न्यायालय में दायर याचिका की अगली सुनवाई 26 सितंबर को है, अदालत का जो भी निर्णय होगा उसका सम्मान करेंगे। अदालत का आदेश आने तक सेवानिवृत्त कोई भी शिक्षक पेंशन से संबंधित अभिलेख जिला शिक्षा पदाधिकारी के पास जमा नहीं करेंगे। बैठक में सेवानिवृत्त शिक्षक मो अन्वर, मो ताजुद्दीन कासमी, मौलाना सईद, मो कलीमुद्दीन, मौलाना हदीस सहित अन्य उपस्थित थे।

राज्यपाल और देवेन्द्र नाथ महतो ने किया दुखिया खोरठा उपन्यास का विमोचन
Published / 2025-09-18 21:10:29
राज्यपाल और देवेन्द्र नाथ महतो ने किया दुखिया खोरठा उपन्यास का विमोचन

राज्यपाल दुखिया उपन्यास की सराहना करते हुए कहा कि यह रचना समाज में महिलाओं को मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी दुखिया उपन्यास की लेखिका रांची विश्वविद्यालय रांची क्षेत्रीय व जनजातीय भाषा खोरठा विभागाध्यक्ष एवं प्रसिद्ध शिक्षाविद हैं टीम एबीएन, रांची। झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार और जेएलकेएम केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो ने बुधवार को रांची विश्वविद्यालय की खोरठा क्षेत्रीय जनजातीय भाषा विभागाध्यक्ष प्रख्यात शिक्षाविद्  डॉ कुमारी शशि की कृति दुखिया खोरठा उपन्यास का विमोचन किया। उपन्यास में झारखंड की महिलाओं के समस्याओं और उनके जीवन संघर्ष का सजीव चित्रण किया गया है। साथ ही झारखंड चर्चित लेखक देवकुमार द्वारा रचित मैं हूं झारखंड एवं बिरहोर हिंदी अंग्रेजी शब्दकोश पुस्तक भेंट किया गया। मौके पर महामहिम राज्यपाल संतोष गंगवार ने दुखिया उपन्यास की सराहना करते हुए कहा कि यह रचना समाज में महिलाओं को मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी। मौके पर देवेन्द्र नाथ महतो ने प्रेस संबोधन में कहा कि साहित्य समाज की आईना है, महिलाओं को साहित्य के प्रति रुचि बढ़ाने की आवश्यकता है, 21 वीं सदी में महिलाओं को समाज में उपेक्षा किया जाता किया जाता है, आज महिला प्रताड़ित होती है, संघर्ष करती है। दुखिया खोरठा उपन्यास से महिलाओं में क्रांति जागृत होगी। दुखिया खोरठा उपन्यास लेखिका डॉ कुमारी शशि ने कहा कि इस उपन्यास को हर महिला को पढ़ना चाहिए, इस उपन्यास में महिलाओं के समस्याओं और उनके जीवन संघर्ष का सजीव चित्रण है, ऐसे मनुष्य का जीवन में तो दु:ख और सुख चरखा का पहिया जैसा घूमता रहता है लेकिन इसमें गांव की एक ऐसी महिला के बारे बताया गया है जिसका जीवन में कभी सुख आया ही नहीं है, जिसके घर रहते घर नहीं है।माता-पिता रहते अनाथ जैसा जिंदगी समाज से भी बहिष्कृत की जाती है फिर भी महिला संघर्ष करके आगे बढ़ती है और सपना पूरा करती है। आखिर महिलाओं का कसूर क्या है कि समाज एक आंख में काजल तो दूसरा में धूल लगाती है। मौके पर जेएलकेएम केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो, लेखक अनंत महतो, देव कुमार, सुमार महतो लेखिका डॉ कुमारी शशि एवं छात्र नेता चंदन कुमार रजक उपस्थित रहे।

अवैध कोयला खनन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन
Published / 2025-09-18 21:07:37
अवैध कोयला खनन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन

एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। तेतुलमारी में अवैध कोयला खनन के खिलाफ सैकड़ों महिला-पुरुषों ने जमकर प्रदर्शन किया जिसको लेकर अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ ने एक्स पर हेमंत सोरेन, बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन,  झारखंड पुलिस, धनबाद पुलिस, विधायक रागिनी सिंह को ट्विट कर जांच एवं कार्यवाई की मांग की ओर लिखा की तेतुलमारी में चल रहे अवैध कारोबार पर रोक लगाने की कृपा करे ताकि भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सके।

लातेहार : जतरा मेला में चाउमिन खाकर 35 बच्चे बीमार
Published / 2025-09-18 21:05:40
लातेहार : जतरा मेला में चाउमिन खाकर 35 बच्चे बीमार

जतरा मेले में चाउमीन खाने से 35 बच्चे बीमार, समय पर इलाज से बची जान एबीएन न्यूज नेटवर्क, लातेहार। जिले के सदर थाना क्षेत्र के टेमकी गांव में बुधवार को आयोजित जतरा मेले में अचानक अफरातफरी मच गयी, जब मेले में बिक रही चाउमीन खाने से लगभग 35 बच्चे बीमार पड़ गये। बच्चों को अचानक पेट दर्द, उल्टी और सिर चकराने जैसी समस्याएं होने लगीं। देखते ही देखते स्थिति गंभीर हो गयी और मौके पर मौजूद लोग घबरा उठे। स्थानीय लोगों ने तुरंत पूर्व मुखिया राजेश उरांव और जिला परिषद सदस्य विनोद उरांव को इसकी सूचना दी। दोनों जनप्रतिनिधियों ने तत्परता दिखाते हुए एंबुलेंस की व्यवस्था की और सभी बीमार बच्चों को तुरंत सदर अस्पताल लातेहार भेजा। ग्रामीणों ने भी मिलकर बच्चों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. जय प्रकाश जायसवाल ने बताया कि यह फूड पॉइजनिंग का मामला है। उन्होंने कहा कि मेले में परोसी गई चाउमीन बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मुख्य कारण बनी। डॉक्टर ने कहा कि जैसे ही बच्चे अस्पताल लाए गए, उनका तुरंत इलाज शुरू कर दिया गया। समय पर इलाज मिलने की वजह से अब सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं और उनकी स्थिति स्थिर है। इस घटना के बाद टेमकी गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बन गया। माता-पिता और परिजन अस्पताल में डटे रहे और बच्चों की हालत जानने के लिए बार-बार डॉक्टरों से संपर्क करते रहे। डॉक्टरों ने आश्वस्त किया कि चिंता की कोई बात नहीं है और सभी बच्चे जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ हो जायेंगे। घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया। अधिकारियों ने अस्पताल जाकर बच्चों की स्थिति का जायजा लिया और मेले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की जांच करने का निर्देश दिया। बताया जा रहा है कि जिस स्टॉल पर चाउमीन बेची जा रही थी, वहां स्वच्छता मानकों की गंभीर कमी थी। स्वास्थ्य विभाग अब यह जांच कर रहा है कि भोजन में मिलावट या बासी सामग्री का इस्तेमाल तो नहीं किया गया था। गांव के लोगों ने कहा कि जतरा मेले में बच्चों की सबसे ज्यादा भीड़ रहती है और ऐसे में अगर समय पर इलाज नहीं होता, तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि आगे से ऐसे मेलों में खाद्य सामग्री बेचने वालों की जांच-पड़ताल पहले से की जाए, ताकि इस तरह की घटना दोबारा न हो। फिलहाल, अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों की सतर्कता तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की तत्परता के कारण 35 बच्चों की जान बच गयी और एक बड़ा हादसा टल गया।

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