एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। शारदीय नवरात्र के अष्टमी को लोकसभा सांसद सुखदेव भगत श्री मनोकामना दुर्गा पूजा समिति पतरा टोली लोहरदगा पहुंचकर आरती में शामिल हुए और भव्य भंडारा का शुभारंभ किया। मौके पर सांसद ने वहां पर उपस्थित सभी लोगों को दुर्गा पूजा का बधाई देते हुए कहा कि मां की शक्ति हमारे अंदर के आसुरी शक्ति को संहार करें। दुर्गा पूजा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और हमें अपने भीतर के नकारात्मक विचारों को हराने के लिए प्रेरित करती है। मां दुर्गा सभी पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें जिससे हमारे क्षेत्र पूरे देश में खुशहाली समृद्धि और शांति बनी रहे।
हनुमान क्लब, दुर्गा पूजा समिति, बड़ागांई, रांची।=========प्रेस विज्ञप्ति ========= महाष्टमी के पावन बेला में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्र मंत्री डॉ बिरेन्द्र साहु, पूर्व विधायक समरी लाल ने किया पूजा अर्चना।============प्रातः काल से संध्या तक गांव के समस्त माताएं-बहने पारंपरिक व भक्तिभाव से माता दुर्गा का किये पूजा अर्चना।=============30 सितंबर 2025, रांची : हनुमान क्लब, दुर्गा पूजा समिति के द्वारा श्री श्री पंचदेव मंदिर, बेल टंगरा बड़ागांई, रांची में हो रहे दुर्गा पूजन महोत्सव का महाष्टमी के पावन बेला में आज पूर्वाह्न 11:00 बजे केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्र मंत्री डॉ बिरेन्द्र साहु, पूर्व विधायक समरी लाल सहित सैकड़ो ग्रामीण महिला-पुरुषों ने अपनी पारंपरिक पूजा-अर्चना कर माता भगवती का आशीर्वाद लिए। इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने श्रद्धालुओं को शुभ मंगलकामना देते हुए कहा माता दुर्गा शक्ति स्वरुपा है। माता जगत कल्याण के लिए असुरों का नाश कर धर्म की स्थापना की थी। उन्होंने कहा राष्ट्र को मजबूत करने के लिए स्वदेशी वस्तुओं को अपनायें। विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्र मंत्री डॉ बिरेन्द्र साहु ने कहा शक्ति के पूजन हमें अधर्म को नाश करने एवं धर्म के विजय पताका लहराने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा अधर्मी प्रवृत्तियों को नाश करने के लिए शास्त्र के साथ-साथ शस्त्र की भी आवश्यकता होती है, यह माता दुर्गा के स्तुति से हमें सीख मिलती है। इस अवसर पर समिति के संरक्षक डॉ जीवाधन प्रसाद, अध्यक्ष राजेश साहू, मंत्री बस कुमार साहू, कोषाध्यक्ष अजय महतो, श्री महावीर मंडल के कोषाध्यक्ष मनोज साहू प्रवक्ता शेखर साहू, बालशाय महतो, मनीष साहू, रणधीर सिंह, प्रेम कुमार, विकास कुमार, बबिता देवी,आनंद साहू, साहू सहित दर्जनों श्रद्धालुगण उपस्थित थे। उक्त जानकारी हनुमान क्लब, दुर्गा पूजा समिति, बड़ागांई, रांची के प्रवक्ता शेखर साहू (6206429575) ने दी।
15 अक्तूबर को माओवादी करेंगे झारखंड-बिहार और बंगाल बंद,होमशहर और राज्यदेशकारोबारमनोरंजनशब्द खोजक्रिकेटसब्सक्राइबAsia CupBihar Polls 2025DelhiGaza Peace PlanBusiness Roundupबरेली बवालPopular Indian CelebritiesKarur StampedeIND vs WIRBIHindi News › Jharkhand › Jharkhand News: Maoists will close Jharkhand, Bihar and Bengal on October 15, announced by issuing a letter.Jharkhand News: 15 अक्तूबर को माओवादी करेंगे झारखंड-बिहार और बंगाल बंद, पत्र जारी कर किया एलानन्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: शबाहत हुसैन Updated Tue, 30 Sep 2025 05:25 PM ISTविज्ञापनसार1857 Followersझारखण्डJharkhand: पूर्वी रीजनल ब्यूरो ने घोषणा की है कि 8 अक्तूबर से 14 अक्तूबर तक पूरे बिहार-झारखंड सहित उत्तरी छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और असम में प्रतिरोध सप्ताह मनाया जाएगा। इसके बाद 15 अक्तूबर को इन राज्यों में पूर्ण बंद रहेगा।Jharkhand News: Maoists will close Jharkhand, Bihar and Bengal on October 15, announced by issuing a letter.सांकेतिक - फोटो : अमर उजालाReactionsविज्ञापनविस्तारवॉट्सऐप चैनल फॉलो करेंनक्सलियों के खिलाफ अर्धसैनिक बलों की कार्रवाई आवर फर्जी मुठभेड़ करार देते हुए भाकपा माओवादियों ने बहुत एलान किया है। माओवादियों ने पत्र जारी कर आने वाले 15 अक्तूबर को झारखंड-बिहार और बंगाल में बंद करने का ऐलान किया है। वहीं ऑपरेशन कगार के तहत संगठन ने 8-14 अक्तूबर तक प्रतिरोध सप्ताह मनाने का निर्णय लिया है।पत्र जारी कर माओवादियों ने कहा है कि पुलिस ने एक प्लानिंग के तहत उनके बड़े बड़े नेताओं को मुठभेड़ में मार डाला है। माओवादियों ने केन्द्रीय पुलिस के कोबरा बटालियन पर अधिक तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि 15 सितंबर 2025 को हजारीबाग जिले के गोरहर थाना क्षेत्र के पांतीतेरी जंगल में पुलिस और कोबरा बल ने फर्जी मुठभेड़ दिखाकर पार्टी के शीर्ष नेताओं सहदेव सोरेन उर्फ अनुज, रघुनाथ हेम्ब्रम उर्फ चंचल और रामखेलावन गंझू उर्फ वीरसेन की हत्या कर दी। संगठन का कहना है कि इन नेताओं को साजिश के तहत पकड़ा गया और बाद में मार गिराया गया।7 सितंबर को रांची में रेडियो प्रसारण केंद्र से प्रसारित खबर में जोनल कमांडर अमित हांसदा उर्फ अपटन की मुठभेड़ में मौत की सूचना दी गई, जबकि संगठन का कहना है कि पुलिस ने उन्हें 4 सितंबर को ही गिरफ्तार कर तीन दिन तक यातनाएं दीं और बाद में गोली मार दी। 13 अगस्त को नीलेश उर्फ अरुण को भी घायल अवस्था में पकड़कर हत्या कर दी गई। वहीं, जयकांत, गुरु चरण और बासमती समेत कई अन्य कार्यकर्ताओं को गुप्त रूप से हिरासत में रखे जाने का भी आरोप लगाया गया है।माओवादी संगठन ने आरोप लगाया कि हाल की सभी घटनाओं में मारे गए अधिकांश लोग आदिवासी या मूलवासी समुदाय से हैं। संगठन ने इसे सरकार की दमनकारी नीति बताते हुए कहा कि माओवादी आंदोलन को खत्म करने के नाम पर निर्दोष ग्रामीणों तक को निशाना बनाया जा रहा है।
निवर्तमान मुख्य सचिव अलका तिवारी ने राज्य प्रशासन को एक नई दिशा दी : सीएमटीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त हो रही वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अलका तिवारी को विदाई दी।इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि निवर्तमान मुख्य सचिव अलका तिवारी ने अपने कार्यकाल के दौरान बेहतर प्रशासनिक क्षमता का परिचय देते हुए राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं नीतियों के क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके मार्गदर्शन से राज्य सरकार की कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने में मदद मिली है। सीएम ने कहा कि उनके सेवा काल की सराहना करते हुए कहा कि श्रीमती तिवारी ने सदैव ईमानदारी, निष्ठा और कर्तव्यपरायणता के साथ कार्य किया।उन्होंने राज्य प्रशासन को एक नई दिशा दी और प्रशासनिक परंपराओं को मजबूती दी। मुख्यमंत्री ने उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए आशा व्यक्त की कि आगे भी वे अपने अनुभव और मार्गदर्शन से समाज को लाभान्वित करती रहेंगी।मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त मुख्य सचिव अविनाश कुमार को पदभार ग्रहण करने पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अविनाश कुमार की कार्यकुशलता, दूरदर्शिता एवं प्रशासनिक अनुभव से राज्य प्रशासन को और अधिक मजबूती मिलेगी।राज्य सरकार की विकास की योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी आएगी। इस अवसर पर राज्य के नए विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव, सचिव सहित वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा 2 अक्टूबर, गुरुवार को विजयादशमी के पावन अवसर पर श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर, पुंदाग में भव्य देवी शक्ति सामूहिक शस्त्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।इस पावन कार्यक्रम की जानकारी देते हुए ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि 2 अक्टूबर विजयादशमी के दिन अपराह्न- 2 बजे मंदिर परिसर में विधिवत वैदिक मंत्रोच्चारण एवं पूजन-अर्चना के साथ शक्ति स्वरूपा देवी मां के विविध अस्त्र-शस्त्रों की आराधना की जाएगी। सामूहिक शस्त्र पूजन के उपरांत हनुमान चालीसा व सुंदरकांड पाठ एवं महाआरती का आयोजन किया गया है। पूजन उपरांत श्रद्धालुओं को प्रतीकात्मक रूप से 151 तलवारों का वितरण किया जाएगा, जो धर्म, साहस और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश देगा। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर खिचड़ी भोग महाप्रसाद का भी आयोजन किया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का अनुरोध किया है। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।
विजयादशमी भारतीय संस्कृति के मूल्यों-धर्म, सत्य, शक्ति और नैतिकता का है प्रतीक : संजय सर्राफटीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग व श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि भारतवर्ष विविधता में एकता का देश है, जहां हर पर्व एक गहरी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से जुड़ा होता है। इन्हीं पर्वों में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है विजयादशमी, जिसे आमजन दशहरा के नाम से भी जानते हैं। यह पर्व अश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष विजयदशमी पर्व 2 अक्टूबर दिन गुरुवार को मनाया जा रहा है।यह नवरात्रि के समापन के साथ जुड़ा हुआ है। विजयादशमी के पर्व के पीछे दो प्रमुख पौराणिक कथाएँ प्रचलित हैं, जो इसे अत्यंत महत्व प्रदान करती हैं।रामायण की कथा के अनुसार, भगवान श्रीराम ने इसी दिन अधर्म, अन्याय और अहंकार के प्रतीक रावण का वध कर सत्य, धर्म और मर्यादा की विजय सुनिश्चित की थी। यह घटना अयोध्या लौटने से पहले की है और इसी कारण इसे विजय की दशमी कहा जाता है। एक अन्य मान्यता के अनुसार, माँ दुर्गा ने महिषासुर नामक असुर का वध कर शक्ति की विजय को स्थापित किया था। नवरात्रि के नौ दिनों तक साधना और उपासना के बाद दशमी के दिन शक्ति की पूर्णता का उत्सव मनाया जाता है। विजयादशमी का पर्व पूरे भारत में भिन्न-भिन्न तरीकों से मनाया जाता है। उत्तर भारत में रामलीला का मंचन किया जाता है, जिसमें राम, रावण, लक्ष्मण, सीता और हनुमान के चरित्रों को जीवंत किया जाता है। दशहरे के दिन रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाता है। पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड असम और उड़ीसा में यह दिन दुर्गा पूजा का अंतिम दिन होता है, जिसे विजया दशमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन माँ दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है और नारी शक्ति को प्रणाम किया जाता है। महाराष्ट्र में यह दिन शस्त्र पूजन और विजया अभिवादन का अवसर होता है।दक्षिण भारत में इसे आयुध पूजन और सरस्वती पूजन के रूप में मनाया जाता है, जहां ज्ञान, कला और शस्त्रों की पूजा की जाती है। विजयादशमी केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि एक जीवन-दर्शन है। यह पर्व हमें सिखाता है कि कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अधर्म और अन्याय का अंत सुनिश्चित है। यह आत्मबल, साहस, संयम और सत्कर्मों की प्रेरणा देता है। यह दिन यह भी याद दिलाता है कि हर व्यक्ति के भीतर रावण रूपी अहंकार, क्रोध, लोभ, मोह और ईर्ष्या को नष्ट करना ही असली विजय है। विजयादशमी का पर्व भारतीय संस्कृति के मूल्यों-धर्म, सत्य, शक्ति और नैतिकता-का प्रतीक है। यह पर्व हर वर्ष हमें अपने भीतर की बुराइयों को पहचानने और उन्हें समाप्त करने की प्रेरणा देता है। यह पर्व न केवल पौराणिक महत्व रखता है, बल्कि आज के सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन में भी इसकी प्रासंगिकता अत्यंत गहन है। इसलिए विजयादशमी केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि मानवता के उत्थान का संदेश है, एक ऐसा पर्व जो हर वर्ष हमें याद दिलाता है कि सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं।
टीम एबीएन, ईटखोरी। दुर्गा पूजा के शुभ अवसर पर ग्राम परोका कला (हरिजन टोला, पगार) ईटखोरी में विधवा महिलाओं को छोटा सा उपहार के रूप में अंग वस्त्र (साड़ी और मिठाई) देखकर सम्मानित किया गया। इसमें समाजसेवी सह शिक्षक विशेश्वर यादव, मुख्य अतिथि भद्रकाली महाविद्यालय ईटखोरी के प्राचार्य डॉक्टर दुलार ठाकुर, विशिष्ट अतिथि शहीद भगत सिंह उच्च विद्यालय झापा विसनपुर चौपारण के प्राचार्य महादेव प्रजापति, इंद्रदेव महतो बड़ा बाबू रोमी इंटर महाविद्यालय ईटखोरी, प्राचार्य इमामुद्दीन, सूरज सिंह , मनोज भुइयां, पंचायत समिति सदस्य धनखेरी, आदित्य पासवान समाजसेवी परोकाकला के ग्रामीण लोग उपस्थित थे।
आदिवासी बोले- उग्र आंदोलन करेंगे, जवाब में कुड़मी बोले- यह संरक्षण की लड़ाई... टीम एबीएन, रांची। झारखंड में आदिवासी और कुड़मी समुदाय के बीच तनातनी अब और तेज हो गयी है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर बयानबाजी और कानूनी कार्रवाई करके अपनी-अपनी बात मजबूती से रख रहे हैं। फिलहाल विवाद शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। मामला दर्ज करवाने से शुरू हुआ नया दौर रविवार को आदिवासी समाज की प्रमुख और पूर्व खो-खो खिलाड़ी ज्योत्सना करकेटा ने जेएलकेएम की नेत्री बेबी महतो पर एसटी थाना में मामला दर्ज करवाया। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में यह सिलसिला और बढ़ेगा तथा राज्य के हर जिले के एसटी थाने में इसी तरह के मुकदमे दर्ज कराये जायेंगे। जेएलकेएम के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र महतो ने आदिवासी पक्ष की आपत्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि हमारी मांग पूरी तरह संवैधानिक है। हम भारत सरकार से अपने हक की बात कर रहे हैं। इसमें आदिवासियों को क्यों तकलीफ हो रही है, यह समझ से बाहर है। उन्होंने दावा किया कि कुर्मी समाज पहले से आदिवासी सूची में शामिल था, लेकिन केंद्र सरकार ने बाद में उन्हें गैर-सरकारी सूची में डाल दिया। हाल ही में कुर्मी समाज ने रेल रोको आंदोलन किया था, जिसे महतो ने पूरी तरह सफल बताया। उनका कहना है कि यह लड़ाई आरक्षण के लिए नहीं, बल्कि संरक्षण के लिए है। आदिवासी नेताओं का कड़ा विरोध इधर, आदिवासी मूलवासी बचाओ संघ के कार्यकारी अध्यक्ष सूरज टोप्पो ने स्पष्ट चेतावनी दी कि कुर्मियों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) में शामिल करने की किसी भी कोशिश का जोरदार विरोध होगा। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज अपने आरक्षण और पहचान की रक्षा के लिए सड़क पर उतरेगा। टोप्पो ने घोषणा की कि जल्द ही उग्र आंदोलन की तैयारी पूरी कर ली जाएगी। साथ ही कुर्मी समाज से अपील की कि वे अपनी मांगें संवैधानिक दायरे में ही रखें। विवाद का मूल कारण कुर्मी समाज का दावा है कि वे पहले से ही आदिवासी सूची में थे, लेकिन उन्हें बाहर कर दिया गया। वे केंद्र सरकार से फिर से एसटी में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। वहीं आदिवासी समाज का मानना है कि यदि कुर्मी समुदाय को एसटी सूची में शामिल किया गया तो उनका आरक्षण और अधिकार प्रभावित होगा। राजनीतिक और सामाजिक असर झारखंड की राजनीति में यह विवाद अब बड़ा मुद्दा बन चुका है। कुर्मी समाज जहां आंदोलन तेज करने की रणनीति बना रहा है, वहीं आदिवासी समाज भी आरक्षण बचाओ के नारे के साथ सड़क पर उतरने को तैयार है। दोनों पक्षों के बीच यह संघर्ष आने वाले दिनों में राज्य के सामाजिक और राजनीतिक माहौल को और गरमा सकता है।
एसएसपी के निर्देश पर निकाला गया फ्लैग मार्च टीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजधानी रांची में दुर्गा पूजा को लेकर बीते रविवार को एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर रांची पुलिस और केंद्रीय बलों ने शहर के सभी संवेदनशील इलाकों में एक साथ फ्लैग मार्च किया। इसका मकसद न केवल सुरक्षा का परिचय देना था, बल्कि समाज में एकता, भाईचारे और धार्मिक सहिष्णुता का संदेश भी देना था। फ्लैग मार्च अल्बर्ट एक्का चौक से शुरू होकर मेन रोड होते हुए कर्बला चौक तक पहुंचा। इसके बाद कर्बला चौक से चर्च रोड, काली मंदिर रोड होते हुए उन सभी जगहों से पुलिस का काफिला गुजरा जहां पहले कभी सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनी थी। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने रुककर थानेदारों को सुरक्षा के लिए जरूरी निर्देश दिये और आसपास के इलाकों की व्यवस्था का भी जायजा लिया। जिला प्रशासन ने जनता से साफ संदेश दिया कि दुर्गा पूजा प्रेम, शक्ति और संस्कृति का पर्व है, जो सभी धर्मों और समुदायों में सौहार्द बढ़ाने का अवसर है। किसी भी हाल में यदि कोई व्यक्ति सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे शहर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। संवेदनशील इलाकों में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और कंट्रोल रूम सक्रिय रखा गया है ताकि किसी भी असामाजिक गतिविधि पर तुरंत नियंत्रण पाया जा सके। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें, शांति बनाये रखें और त्योहार को मिलकर मनायें। प्रशासन ने यह भी कहा कि दुर्गा पूजा केवल देवी की शक्ति की आराधना ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, प्रेम और मानवता का भी उत्सव है। इसलिए हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह त्योहार को सम्मान और सुरक्षा के साथ मनायें।
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