Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
होम देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन

झारखंड

View All
शरद पूर्णिमा को मंदिर में 101 किलो दूध का खीर का लगेगा भोग
Published / 2025-10-05 21:17:46
शरद पूर्णिमा को मंदिर में 101 किलो दूध का खीर का लगेगा भोग

टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर पुंदाग मे शरद पूर्णिमा का पावन पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि 6 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा के अवसर पर संध्या मंदिर में भजन- कीर्तन का कार्यक्रम होगा। तथा 101 किलो दूध का खीर का भोग लगाया जाएगा। मंदिर में खीर को रात्रि में चंद्रमा की रोशनी में रखा जाएगा। तथा दूसरे दिन 7 अक्टूबर दिन मंगलवार को सुबह 11 बजे खीर का विधिवत भोग लगाकर श्रद्धालुओं के बीच बांटा जाएगा। उन्होंने कहा कि शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है और उसकी करने से औषधिय गुणों का संचार होता है। इसलिए खीर को चांदनी में रखने की परंपरा है। इसलिए खीर को अमृत के समान माना जाता है। उन्होंने सभी भक्तों से अधिक से अधिक संख्या में पधार कर खीर भोग प्रसाद लेने की अपील की है। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।

भारतीय किसान संघ की कार्यकारिणी बैठक संपन्न
Published / 2025-10-05 21:13:24
भारतीय किसान संघ की कार्यकारिणी बैठक संपन्न

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 5.10.2025 दिन रविवार को भारतीय किसान संघ के झारखंड प्रदेश कार्यकारिणी के बैठक का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन प्रदेश अध्यक्ष जय कुमार सिंह, क्षेत्र संगठन मंत्री हेमराज जी ने किया। उनके साथ प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष छत्रधारी जी, संगठन मंत्री अचल जी, प्रदेश मंत्री श्रीराम पांडे, प्रदेश महामंत्री दीपक जी, गुमला जिला अध्यक्ष वीर साहू, चतरा जिला कोषाध्यक्ष सरिता जी एवं सभी गणमान्य सदस्य उपस्थित थे।

भगवान महावीर आई हॉस्पिटल के शिविर में 150 का इलाज
Published / 2025-10-05 17:25:36
भगवान महावीर आई हॉस्पिटल के शिविर में 150 का इलाज

टीम एबीएन, रांची। भगवान महावीर आई हॉस्पिटल के तत्वाधान में आज़ पंजाबी भवन में निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। जिसमें आँखों में खुजली, मोतियाबिंद, आंखों से पानी गिरना, चोट, काला मोतिया और आंखों का लाल होना आदि की जांच की गई। जिन मरीजों को भी चश्मा पहनने की सलाह दी गई, तो उन्हें पंजाबी हिंदू बिरादरी ने निशुल्क प्रदान किया। शिविर में 14 मरीजों में मोतियाबिंद पाया गया। इनका इलाज़ अस्पताल में किया जायेगा। इस शिविर में सौ मरीजों की सीमा निर्धारित की गई थी। परंतु 150 से भी ज़्यादा लोगों ने इसका लाभ उठाया। शिविर प्रारंभ होने से पूर्व भगवान महावीर आई हॉस्पिटल के पूर्व अध्यक्ष पूरणमल जैन को पुष्पगुच्छ देकर पंजाबी हिंदू बिरादरी के अध्यक्ष सुधीर उग्गल और राजेश खन्ना ने शॉल पहनाकर स्वागत किया। पूनम केरकेट्टा, पूजा मुंडा और सोमारी देवी, शावी को अंगरखा चंद्रकांत रायपत ने स्वागत किया। सुधीर उग्गल और राजेश मेहरा को एलके जैन ने अंगरखा पहनाकर सम्मानित किया। मंच संचालन अरुण चावला ने किया।इस अवसर पर नागरमल मोदी सेवा सदन के अध्यक्ष अरुण छावछरिया, भगवान महावीर हॉस्पिटल के पूर्व अध्यक्ष पूरणमल जैन, अजय भंडारी, विनोद अग्रवाल, अजय दधीच, विनोद तुलस्यान, आदित्य लखोटिया, गोविंद मोदी, सुनील गुप्ता, सुरेश अग्रवाल, अरुण खेमका, पंजाबी हिंदू बिरादरी के अध्यक्ष सुधीर उग्गल, राजेश मेहरा, राजेश खन्ना, अरुण चावला, अशोक माकन, अजय सखूजा, अनिल वर्मा, रवि पराशर, रणदीप आनंद, राहुल सेठ, पूनम आनंद, विजय खन्ना, दीपक खोसला सहित बड़ी संख्या में उपस्थित सदस्यों ने शिविर को सफ़ल बनाने में हरसंभव सहयोग दिया।

वरिष्ठ पत्रकार अशोक द्विवेदी को पितृशोक
Published / 2025-10-05 17:20:51
वरिष्ठ पत्रकार अशोक द्विवेदी को पितृशोक

वरीय पत्रकार अशोक द्विवेदी के पिता का स्वर्गवासटीम एबीएन, रांची। हिंदी दैनिक एक संदेश के वरीय संवाददाता अशोक द्विवेदी के पिता फूलन द्विवेदी का आज बेंगलुरु के एक अस्पताल में निधन हो गया।वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनका अंतिम संस्कार बेगलुरु में आज ही  सम्पन्न होगा। अन्य कार्यक्रम बिहार के भभुआ (कैमूर) स्थित पैतृक निवास पर सम्पन्न होगा। वे BAU में कृषि अभियंत्रण विभाग में HOD के रूप में लंबे समय तक सेवा देने के बाद सेवानिवृत हुए थे। वे अपने पीछे दो पुत्र एक पुत्री सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

लोकतांत्रिक नेतृत्व क्षमता व स्वीकार्यता वाली प्रतिभा को दिया जाएगा दायित्व : ऑब्जर्वर सुखदेव भगत
Published / 2025-10-05 17:18:24
लोकतांत्रिक नेतृत्व क्षमता व स्वीकार्यता वाली प्रतिभा को दिया जाएगा दायित्व : ऑब्जर्वर सुखदेव भगत

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोकसभा सांसद सह राजस्थान के एआईसीसी पर्यवेक्षक श्री सुखदेव भगत और दूसरे दिन ब्यावर जिला के अनेक प्रखंडों का दौरा कर एक-एक कार्यकर्ता से बात कर रहे हैं। प्रखंडों में पहुंचने पर ऑब्जर्वर सुखदेव भगत का कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया। मौके पर ऑब्जर्वर सुखदेव भगत ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को लेकर गंभीर है इसको लेकर कांग्रेस मजबूती से काम कर रही है। श्री भगत ने कहा कि नेताओं और कार्यकर्ताओं की बात व भावना जानकार पारदर्शी तरीके से रायशुमारी  आलाकमान तक पहुंचाएंगे। आम कार्यकर्ता की बात आलाकमान तक पहुंच सके इसके लिए पारदर्शी तरीके से पैनल तैयार किया जाएगा। पैनल में 6 जनों का नाम शामिल किए जाएंगे। श्री भगत ने कहा कि जमीनी स्तर पर मजबूत कार्यकर्ता लोकतांत्रिक नेतृत्व क्षमता व स्वीकार्यता वाली प्रतिभा को ही  दायित्व मिलेगा।

हिंडाल्को की शोषण नीति के खिलाफ आंदोलन शुरू
Published / 2025-10-05 17:16:18
हिंडाल्को की शोषण नीति के खिलाफ आंदोलन शुरू

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। गुमला ट्रक आँनर एसोसिएशन लोहरदगा गुमला ट्रक आँनर एसोसिएशन की एक बैठक एसोसिएशन के अध्यक्ष कवलजीत सिंह की अध्यक्षता में लोहरदगा पतरा टोली, बिजली ऑफिस के समीप संपन्न हुई। जिसमें विमरला माइंस के संबंध में विस्तृत चर्चा करते हुए सभी ट्रक मालिकों ने कहा कि आदर से विमरला सड़क की स्थिति बिल्कुल दयनीय है। पिछले लगभग डेढ़ महीने से लगातार हिंडाल्को कंपनी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों एवं प्रबंधन को लिखित एवँ मौखिक सूचना देने के बावजूद सड़क को नहीं बनाया गया है, जिसके कारण आए दिन दुर्घटना भी हो रही है। ट्रकों को भारी नुकसान हो रहा है एवं ग्रामीणों को भी आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है और कंपनी के अधिकारी भी दूसरे रूट से आ जा रहे हैं।किंतु कंपनी के द्वारा सड़क नहीं बनाया जा रहा है। माइंस पहुंचने से पहले ऊपर मे एक मोड़ पर ऐसी सड़क है जिसमें पिछले एक- डेढ़ साल से लगातार ट्रक मालिकों का टायर खराब हो रहा है और टायर उड़ जा रहे हैं, उसको भी कंपनी मरमत नहीं करवा रही है।इसके अलावा रिचूघूटा साइडिंग जहां विमरला के ट्रक माल खाली करते हैं, रिचूघूटा के साईडिँग इंचार्ज गुड्डू तिवारी के द्वारा ट्रक चालकों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है एवं वहां लाइन कटने पर चालान नहीं दिया जाता है और जनरेटर स्टार्ट नहीं किया जाता है। सवेरे अगर कोई ट्रक सवेरे पहुंच जा रहा है और लाइट नहीं है तो 12 घंटे तक भूखे प्यासे वहां ड्राइवर खड़े रहते हैं।इसके अलावा साईडिँग इंचार्ज का व्यवहार सभी के प्रति बहुत खराब है और वह बिहार से आकर यहां के लोगों का शोषण कर रहे हैं। गरीब आदिवासी गार्ड जो कंपनी रखी है उन गार्डो से अपने बच्चों को दिनभर खेलवाते  हैं और रिचूघूटा में जब ट्रक कांटा करके वजन करते हैं तो वहां के वजन से पेमेंट नहीं चढ़ाया जाता है। जहां का वजन कम होगा चाहे वह ऊपर पाट का हो या यहां का कम वजन हो, कम वजन का भुगतान ओनर को किया जा रहा है। जिसको एसोसिएशन बर्दाश्त नहीं करेगी और अभी तक जितना कम भुगतान किया गया है उसका कंपनी एरियर जोड़कर भुगतान करें। इस तरह का शोषण कंपनी के द्वारा किया जा रहा है ,दूसरी ओर हिंडाल्को हेड ऑफिस लोहरदगा में कुछ कर्मचारी अपने चंद लोगों से पीछा नहीं छुड़ा पा रहे हैं और एसोसिएशन की बातों को नजरअंदाज कर रहे हैं ,इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है कि परसों एसोसिएशन के द्वारा चंदवा के  ट्रक मालिको का अकाउंट ट्रांसफर जो कि 6 महीना से कंपनी रोक कर बैठी हैं,उसकी जब लिखित सूचना दी गई तो कंपनी ने जो उनके चंद चिन्हित अपने लोग है उनको ऑफिस में बुलाकर उनकी एक गाड़ी का ट्रांसफर कर दिया। किंतु एसोसिएशन ने जो लिख कर दिया उसका अकाउंट ट्रांसफर आज तक नहीं किया गया। कंपनी कहीं ना कहीं फूट डालो और राज करो और आपस में लोगों को लडवा कर यहां पर राज करना चाहती है, जिसको एसोसिएशन कभी बर्दाश्त नहीं करेगी, एसोसिएशन ने स्पष्ट घोषणा की है कि जब तक विमरला की सड़क नहीं बनेगी तब तक विमरला माइंस की गाड़ियां अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेंगी। इसके अलावा जब तक रिचूघूटा साइडिंग की भी सड़क नहीं बनेगी तब तक भी गाड़ियों का परिचालन नहीं होगा, इसके अलावा एसोसिएशन हिंडाल्को कंपनी को सीधी  चेतावनी देते हुए कहा है कि हेसल साइडिंग की सड़क की स्थिति दयनीय है। आए दिन वाहन ट्रक फँस जा रहे हैं ट्रकों को भारी नुकसान हो रहा है अगर हेसल साईडिँग की सड़क नहीं बनाई गई तो तमाम माईन्सोँ से आने वाले ट्रकों का परिचालन बंद किया जाएगा।एक सप्ताह के अंदर अगर विमरला की सड़क नहीं बनाई गई तो दूसरे सप्ताह हिंडाल्को गेट के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। दूसरी और गुरदरी माइंस की स्थिति काफी दयनीय है वहां गाड़ियों को ट्रिप नहीं दिया जा रहा है। कँपनी को लगातार बोलने के बावजूद सुधार नहीं किया जा रहा है, एक सप्ताह के अंदर अगर गुरदरी माइंस की स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो गुरूदरी ट्रक मालिकों की बैठक बुलाकर अनिश्चितकालीन गुरदरी माइंस को भी बंद किया जाएगा।वहीं सेरंगदाग ट्रक मालिकों के बारे कंपनी को लगातार कहा जा रहा है कि आप उन ट्रक मालिकों के लिए क्या सोच रहे हैं ?क्या कर रहे हैं ? किंतु कंपनी एसोसिएशन से वार्ता से भाग रही है। इसलिए कंपनी को एसोसिएशन हिदायत करती है कि एसोसिएशन किसी भी ट्रक मालिक के साथ, किसी भी माइन्स में अन्याय नहीं होने देगी अगर सही काम नहीं होता है तो कंपनी इसका अंजाम भुगतने को तैयार रहेगी।आज की बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष कवलजीत सिंह, सचिव रहमान अंसारी, कोषाध्यक्ष अभय सिंह, उपाध्यक्ष बरज सिंह, रहमत अंसारी, मनीष सिंह, राजेश विश्वकर्मा, मोहम्मद बबलू,  मिडिया प्रभारी प्रदीप कुमार, राजेश शर्मा, उपाध्यक्ष शशिकांत दास, शह संजीव शर्मा, सदस्य अजमल कुरैशी, मनोज साहू, साकेत कुमार, गोपाल सिंह, प्रेम नाथ  उरांव, संतोष कुमार, आदिल कुमार यादव, रामायण प्रजापति, शंकर प्रजाति, स्रवण कुमार गुप्ता, मो एकबाल, अनाम, रामचरण साहू राकेश, नंद किशोर प्रसाद, बीरेन्द्र महतो,  मुन्ना  मो ज़ाहिद मोहम्मद बबलू, सलाहकार    समिति के सदस्य अवधेश मित्तल सहित सैकड़ो आँनर उपस्थित थे। सभी आँनरों ने एक स्वर से विमरल माइंस मे  ट्रक बंद करने की सहमति प्रदान की। उक्त जानकारी रहमान अंसारी, सचिव -लोहरदगा गुमला ट्रक आँनर एसोसिएशन ने दी।

झारखंड में सारंडा जंगल पर चल रहा महासंग्राम
Published / 2025-10-04 22:48:08
झारखंड में सारंडा जंगल पर चल रहा महासंग्राम

ग्रामीणों के विरोध से मंत्रियों का दौरा स्थगित, 75 हजार लोगों का भविष्य दांव परटीम एबीएन, रांची। झारखंड का एशिया का प्रसिद्ध सारंडा जंगल इन दिनों सरकार और ग्रामीणों के बीच संघर्ष का केंद्र बन गया है। सरकार की ओर से इसे वन्यजीव अभयारण्य घोषित करने की पहल जारी है, लेकिन ग्रामीणों के तीखे विरोध ने इस प्रक्रिया को संकट में डाल दिया है। इसी विरोध के कारण शनिवार को प्रस्तावित ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स का नंदपुर दौरा स्थगित करना पड़ा।करीब 75 हजार आदिवासी और अन्य ग्रामीण सारंडा जंगल और उसके आसपास रहते हैं। उनकी आजीविका मुख्य रूप से जंगल आधारित संसाधनों लकड़ी, पत्ते, चारा, शिकार, लघु वनोपज और खेती-किसानी  पर निर्भर है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जंगल को अभयारण्य घोषित कर दिया गया तो न केवल उनकी रोज़ी-रोटी पर संकट आएगा बल्कि उन्हें अपने पैतृक भूमि से विस्थापन का भी सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों का साफ कहना है, जंगल है तो हम हैं। अगर जंगल नहीं रहेगा तो हम भी नहीं रहेंगे।सारंडा जंगल को लेकर यह पहल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हो रही है। अदालत ने सरकार से कहा है कि वह यहां वन्यजीव संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए और इस सिलसिले में सभी वर्गों से राय भी ली जाए। इसी आदेश के तहत सरकार ने पांच सदस्यीय ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स का गठन किया है। इस ग्रुप की अध्यक्षता वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर कर रहे हैं। अन्य मंत्रियों में दीपिका सिंह पांडेय, संजय प्रसाद यादव, सुदिव्य कुमार सोनू और दीपक बीरूआ शामिल हैं। अब तक टीम दो इलाकों का दौरा कर चुकी है और 4 अक्टूबर को नंदपुर में आमसभा करने का कार्यक्रम तय था। लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण यह दौरा स्थगित कर दिया गया।गौरतलब है कि 30 सितंबर को भी जब मंत्रियों की टीम सारंडा पहुंची थी, उस समय ग्रामीणों ने जोरदार विरोध किया था। उस दौरान भी ग्रामीणों ने अभयारण्य बनाए जाने का पुरजोर विरोध जताते हुए कहा था कि यह उनकी संस्कृति और जीवनशैली पर हमला है।इस मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 8 अक्टूबर को निर्धारित है। उससे पहले सरकार को ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और समाज के अन्य वर्गों से राय लेकर रिपोर्ट पेश करनी है। लेकिन लगातार हो रहे विरोध से सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सारंडा जंगल न केवल एशिया का सबसे बड़ा साल वन है, बल्कि यह झारखंड और देश की जैव-विविधता की धरोहर भी है। यहां अनेक दुर्लभ वन्यजीव, पक्षी और वनस्पतियां पाई जाती हैं। यही कारण है कि इसे संरक्षण क्षेत्र में बदलने की कवायद हो रही है। हालांकि, यह सवाल भी उतना ही गंभीर है कि क्या संरक्षण की कीमत पर हजारों लोगों की आजीविका और जीवन उजड़ जाएंगे। यह मुद्दा अब राज्य की राजनीति और आदिवासी अस्मिता से भी जुड़ता जा रहा है। एक तरफ सरकार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करना है, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीणों की ज़िंदगी और भविष्य की सुरक्षा भी चुनौती बन गयी है।

रांची : सात सेवानिवृत्त शिक्षक डीसी के हाथों सम्मानित
Published / 2025-10-04 20:35:24
रांची : सात सेवानिवृत्त शिक्षक डीसी के हाथों सम्मानित

रांची डीसी ने सात सेवानिवृत्त शिक्षकों को किया सम्मानित टीम एबीएन, रांची। समाहरणालय ब्लॉक-ए में आज सेवानिवृत्ति विदाई सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने की। इस अवसर पर जिले के 7 सेवानिवृत्त शिक्षकों को मोमेंटो और शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। उपायुक्त ने बताया कि अब शिक्षकों को सेवानिवृत्ति के दिन ही सभी लाभ दिये जा रहे हैं, जिसे उन्होंने बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों को भविष्य में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े रहने और अपने अनुभवों को विभाग के साथ साझा करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, उन्हें उज्ज्वल भविष्य, लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की शुभकामनाएं दीं। उपायुक्त ने इस आयोजन के लिए जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज को विशेष धन्यवाद दिया। सम्मानित सेवानिवृत्त शिक्षक राजू कुमार उपाध्याय : सशि, राउमवि गागी, कांके सरोज लकड़ा : सशि, रामवि सुकुरहुद्ध, कांके अनिल कुमार : सशि, रामवि टांगर, चान्हो विनोद कुमार : सशि, रामवि लुन्दरी, चान्हो अजय कुमार : सशि, रामवि लालगुटुवा, नगड़ी सुमन किस्पोट्टा : सशि, सेंट जोसेफ मध्य विद्यालय, हुलहुंडू जीवानी बागे : सशि, गोस्नर मध्य विद्यालय, रांची-2

पर्यावरण और पारिस्थितिकी के महान संरक्षक थे सैंट फ्रांसिस : बिशप विंसेंट
Published / 2025-10-04 20:33:24
पर्यावरण और पारिस्थितिकी के महान संरक्षक थे सैंट फ्रांसिस : बिशप विंसेंट

फ्रैंसिस्कन धर्मसभा जिमों ने मनाया प्रकृति के संरक्षक संत फ्रांसिस आफ असीसी का पर्व संत फ्रांसिस आफ असीसी का पर्व धूमधाम से मना टीम एबीएन, रांची। फ्रांसिस्को टी ओ आर धर्म समाज के धर्म समाजियों ने आज अपने धर्म के संस्थापक और प्रकृति के संरक्षक संत फ्रांसिस आॅफ असीसी का पर्व धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर सेंट फ्रांसिस चर्च हरमू में समारोही मिस्सा चढ़ा कर इस शुभ दिन के लिए प्रभु का धन्यवाद किया गया।  आर्च बिशप विंसेंट आईंद बतौर मुख्य अनुष्ठाता रहे। जबकि उनके साथ बतौर सह अनुष्ठाता  फ्रैंसिस्कन धर्मसंध रांची के प्रोविंशियल फादर मनोज वेंगाथानम टीओआर, फादर हिलारियस बरला, फादर इसीदोर केरकेट्टा, फादर मथियस कंडुलना, फादर जसमन टोप्पो समेत अन्य पुरोहित गण शामिल थे।मुख्य अनुष्ठाता बिशप विंसेंट ने अपने समारोही संदेश में कहा कि हजारों वर्ष पूर्व इटली के असीसी में जन्मे संत फ्रांसिस पर्यावरण और परिस्थिति के महान संरक्षक थे उन्होंने सूरज चांद तारे पहाड़ पर्वत पेड़-पौधे नदी झरने समुद्र पशु पक्षी छोटे जीव जंतु से लेकर विशाल जानवरों से प्रेम किया उनके साथ सह अस्तित्व में रहे तथा उनका संरक्षण कियाऔर उनकी सेवा में ईश्वरीय प्रेम को अनुभव किया। उनकी  दूरदर्शिता थी कि हजारों वर्ष पूर्व उनकी जल संरक्षण वन संरक्षण वायु संरक्षण पर जोर दिया इस कारण  1979 में पोप जॉन पॉल द्वितीय ने उन्हें पर्यावरण और पारिस्थितिकी का महान संरक्षक संत घोषित किया था साथ ही उन्हें जानवरों के संरक्षक संत के रूप में भी सम्मानित किया था। पूरे विश्व में मौजूदा पर्यावरणीय संकट और पारिस्थितिकी संकट को देखते हुए न सिर्फ फ्रांसिस्कन धर्म समाज और उनके अनुसरणारथी बल्कि हर एक व्यक्ति चाहे वह किसी भी धर्म समुदाय का क्यों ना हो आज संत असीसी के संत फ्रांसिस के  पर्यावरण संरक्षण के सिद्धांत को स्वीकारने वह अपनाने को बाध्य है। उन्होंने कहा कि एक संपन्न और धनी परिवार में जन्मे फ्रांसिस ने विलासिता के जीवन का परित्याग कर ईश्वरीय सेवा में निर्धनता शुद्धता और विनम्रता का जीवन अपनाया। प्रकृति में सभी को सम्मान दिया। लोगों को उन सभी का महत्व समझाया प्रकृति और पर्यावरण के प्रति अपने गहरे प्रेम तथा ईसा मसीह के प्रति अपने समर्पण और गरीब एवं बीमारी की सेवा के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया।असीसी के संत फ्रांसिस ही थे जिन्होंने यीशु मसीह के जन्म के दृश्य को बतौर जीवन चरनी  सबसे पहले जीवंत प्रस्तुत किया था। रोमन कैथोलिक इतिहास में हुए सबसे सम्मानित धार्मिक हस्तियों में से एक है तथा ना के की सेंट कैथरीन इटली के संरक्षक संत है। उनके इंजन उत्साह गरीबों के प्रति समर्पण दान और व्यक्तिगत करिश्मा ने हजारों अनुयायियों को उनकी ओर आकर्षित किया। वर्ष 1209 में उन्होंने अपने अनुयायियों के साथ मिलकर फ्रांसिस्का धर्म समाज की स्थापना की जो निर्धनता और आगे कार्यकारिता के साथ आज भी पूरे विश्व में लोगों को शिक्षक सेवा स्वास्थ्य सेवा और नैतिक शिक्षा देते हुए समाज के निर्माण में समर्पित है वर्ष 1226 में उनका निधन हो गया और वर्ष 1228 में उन्हें संत घोषित किया गय। फ्रांसिस धर्म समाज त्यौहार के असम के पुरोहित आज पूरी दुनिया के विभिन्न देश में गरीब दुखियों और शिक्षितों की सेवा में समर्पित है।  दो कामिल बुल्के पथ स्थित फ्रांसिस धर्म समाज के फ्रांसिस ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट में आज इस अवसर पर विभिन्न धर्म समाज के पुरोहितों धर्म बहनों धर्म बांधो और नव शिष्याओं ने सामूहिक रूप से उनकी आराधना की और फ्रांसिस धर्म समझो को उनके इस विशेष पर्व की शुभकामनाएं दी साथ ही सब होने एक स्वर में संत फ्रांसिस के पर्यावरण संरक्षण के सिद्धांत को अपने और व्यक्तिगत जीवन में जीने एवं दूसरों को वैसाजीवन जीने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.