बाबूलाल मरांडी बोले- घाटशिला उपचुनाव झारखंड को दलालों और बिचौलियों से बचाने का चुनाव है एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने रविवार को घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के गुड़ाबांदा मैदान में आयोजित बूथ स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया। इस मौके पर जमशेदपुर सांसद विद्युत वरण महतो, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिनेशानंद गोस्वामी, पूर्व विधायक राम कुमार पाहन सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। यह चुनाव झारखंड को बचाने का चुनाव है मरांडी ने अपने संबोधन में कहा कि घाटशिला उपचुनाव सिर्फ एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं है, बल्कि यह झारखंड को दलालों, बिचौलियों और भ्रष्टाचारियों से बचाने का चुनाव है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हेमंत सरकार कहने को अबुआ सरकार है, लेकिन आज आदिवासी और मूलवासी सबसे ज्यादा पीड़ित हैं। राज्य में माफियाओं का बोलबाला, भ्रष्टाचार चरम पर भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि राज्य में बिचौलिये, माफिया और दलालों का बोलबाला है। विकास के काम ठप पड़े हैं और आम जनता को घर बनाने के लिए बालू तक नहीं मिल पा रहा। उन्होंने कहा कि जब हमारी सरकार थी, तो जनता के लिए बालू को फ्री किया गया था। लेकिन 2013 में जब हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री बने, तो उन्होंने बालू घाटों को बाहरी राज्यों के दलालों को सौंप दिया। मरांडी ने कहा कि आज गरीब जब नदी से बालू उठाता है, तो पुलिस उस पर कार्रवाई करती है, जबकि बड़े माफिया खुलेआम बालू की लूट में लगे हैं। घाटशिला उपचुनाव देगा राज्य को नयी दिशा मरांडी ने कहा कि घाटशिला की जनता आगामी उपचुनाव में ऐसा संदेश देगी जो झारखंड को दलालों और बिचौलियों से मुक्त करने का प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा कि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों की लूट हो रही है और अब राज्य की जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) भी बदल रही है। बांग्लादेशी घुसपैठियों को संरक्षण दे रही सरकार श्री मरांडी ने जनगणना के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 1951 में आदिवासियों की आबादी 36% थी, जो अब 26% पर सिमट गयी है। इसी तरह, सनातनी हिंदू आबादी 88% से घटकर 81% रह गई है, जबकि मुस्लिम आबादी 8.9% से बढ़कर 14.3% तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि यह सामान्य वृद्धि नहीं, बल्कि बांग्लादेशी घुसपैठियों के कारण हो रही जनसांख्यिकीय बदलाव का परिणाम है, जिसे मौजूदा सरकार संरक्षण दे रही है। राज्य की माटी, रोटी और बेटी की रक्षा को भाजपा संकल्पित बाबूलाल मरांडी ने कहा कि भाजपा झारखंड की माटी, रोटी और बेटी की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव राज्य की अस्मिता और सुरक्षा का सवाल है। मरांडी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर जीत का संकल्प पूरा करने का आह्वान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चाकुलिया जैसे गांव, जहां कभी मुस्लिम आबादी नहीं थी, अब वहां भी लोग आधार कार्ड बनवा रहे हैं। यह सब एक सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा है।
झारखंड में थम नहीं रहा नक्सलियों का आतंक... मोबाइल टावर को उड़ाया, इलाके में की नारेबाजी; दहशत में ग्रामीण एबीएन न्यूज नेटवर्क, पश्चिमी सिंहभूम। झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड अंतर्गत कोलबोंगा गांव में नक्सलियों ने एक निजी मोबाइल टावर को निशाना बनाते हुए भारी नुकसान पहुंचाया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि करीब दर्जनों की संख्या में हथियारबंद नक्सली कल देर रात गांव पहुंचे और टावर के पास रखे जनरेटर, बैटरी सेट और विद्युत तारों में आग लगा दी। देखते ही देखते आग इतनी भयानक हो गयी कि कुछ ही मिनटों में पूरा उपकरण जलकर राख हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नक्सलियों ने पहले पूरे टावर इलाके को घेर लिया ताकि कोई ग्रामीण उन्हें रोक न सके। इसके बाद उन्होंने डीजी सेट, बैटरी बैंक समेत सभी आवश्यक संचार उपकरणों को जलाना शुरू कर दिया। आगजनी के दौरान नक्सलियों ने इलाके में दहशत फैलाने के लिए नारेबाजी भी की और ग्रामीणों को चेतावनी दी कि सुरक्षाबलों के सहयोगियों को बख्शा नहीं जायेगा। घटना की सूचना मिलते ही मनोहरपुर थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और आग पर काबू पाया गया। हालांकि तब तक टावर के सारे उपकरण जल चुके थे। प्रारंभिक जांच में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। पुलिस ने पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है और नक्सलियों की पहचान में जुटी है। इस घटना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण रातभर घरों से बाहर नहीं निकले। प्रशासन ने क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती कर दी है ताकि दोबारा इस तरह की घटना न हो सके।
*प्रेस विज्ञप्ति**असहाय मंदबुद्धि व्यक्ति को लाया गया सद्गुरु कृपा आश्रम**आश्रम में निराश्रितों की संख्या 41 हुई*श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के अंतर्गत काम कर रही सामाजिक संस्था श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवा धाम पुंदाग में चल रहे मंदबुद्धि, दिव्यांग, निराश्रितों लोगों की निःशुल्क सेवा संस्था जनवरी 2024 से लगातार कर रही है। सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि रविवार को एक मंदबुद्धि व्यक्ति को आश्रम में लाया गया। जो मानसिक रोगी है आश्रम की टीम को सूचना मिली कि हेहल बुकरू में एक लावारिस अवस्था में मंदबुद्धि व्यक्ति घूम रहा है। आश्रम की टीम ने उसे बुकरू से रेस्क्यू करके आश्रम लाया। टीम में आश्रम के सेवा साथी परमेश्वर साहू, सूरज कुमार और सत्यम कुमार शामिल थे। उसके बाद अस्पताल में उसकी मेडिकल जांच कराई गई। बाद में सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम(सत्य प्रेम सभागार) मे लाया गया। उस व्यक्ति का नाम और पते की कोई जानकारी नहीं मिली है। आश्रम कमेटी ने इसका नाम माधव प्रभु रखा है। आश्रम की टीम को सूचना मिलने पर समय-समय पर जरूरतमंदों को रेस्क्यू किया जाता है आश्रम में रह रहे इन सभी निराश्रितो को गुरुजी सदानंद जी महाराज के सहयोग से घर जैसा माहौल देने की कोशिश की जाती है। प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि अभी सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में 40 दिव्यांग और निराश्रितों का समुचित देखभाल और सेवा की जा रही है। अब निराश्रितों की संख्या 41 हो गया है। उन्होंने कहा कि मानव सेवा से बढ़कर कोई कार्य नहीं है। उक्त जानकारी सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी प्रेस प्रकाशनार्थसंजय सर्राफ।
टीम एबीएन, रांची। शिक्षिका-सह-कवयित्री रीना प्रेम दुबे रचित काव्य-संग्रह करुण पुकार का लोकार्पण मेदिनीनगर के होटल ब्लू बर्ड में हिंदी साहित्य भारती, पलामू द्वारा आयोजित लोकार्पण समारोह में प्रथम विधानसभा अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी, समकालीन जवाबदेही के सम्पादक डॉ सुरेंद्र प्रसाद मिश्र, पलामू के जिला शिक्षा अधीक्षक संदीप कुमार,औरंगाबाद के शिक्षाविद शंभु नाथ पाण्डेय, महोत्सव पुरुष सिद्धेश्वर विद्यार्थी, डॉ रामाधार सिंह, छंदशास्त्री श्रीधर प्रसाद द्विवेदी, कुमार मनीष अरविंद, सुरेन्द्र कुमार मिश्र, प्रेम प्रकाश भसीन, धनंजय जयपुरी और बलराम पाठक के कर कमलों से संपन्न हुआ। समारोह की अध्यक्षता छंदशास्त्री श्रीधर प्रसाद द्विवेदी एवं संचालन कवि राकेश कुमार ने किया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि इंदर सिंह नामधारी ने कहा कि अंधकार है वहां जहां आदित्य नहीं है। मुर्दा है वह देश जहां साहित्य नहीं है।। यह कहते हुए उन्होंने कवयित्री रीना प्रेम दुबे की कविताओं की सराहना करते हुए उनके एक गीत का पाठ किया।आगे कहा कि पलामू में नियमित साहित्य सृजन होना इस बात का द्योतक है कि पलामू साहित्य के क्षेत्र में अग्रणी और जीवंत है। विशिष्ट अतिथि डॉ सुरेन्द्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि साहित्य के माध्यम से व्यक्ति मानव बनता है। रीना प्रेम दुबे की कविताएं महादेवी वर्मा और जयशंकर प्रसाद की याद दिलाती हैं। करुण पुकार की रचनाएं पढ़ने से लगता है कि कवयित्री ने लोगों के दर्द को शिद्दत से महसूस किया है तथा उसकी सफल अभिव्यक्ति की है। पलामू के जिला शिक्षा अधीक्षक संदीप कुमार ने कहा कि मुझे यह देखकर गर्व की अनुभूति हो रही है कि एक शिक्षिका के द्वारा उत्कृष्ट काव्य रचना किया गया है। संवेदनाओं का पुट एवं भाषा का प्रवाह इनकी रचनाओं को पठनीय व सार्थक बनाता है। साहित्यकार कुमार मनीष अरविंद ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष बाद भी देश की राष्ट्रभाषा हिंदी का नहीं होना विचारणीय है। हमें अपनी भाषा के शुद्ध रूप का प्रयोग करना चाहिए। रीना प्रेम दुबे ने अपनी रचनाओं में शुद्धता का प्रयास किया है।इनकी कविता में भावों की अभिव्यक्ति मन को छूती है। औरंगाबाद के शिक्षाविद शंभुनाथ पांडेय ने कहा कि हमें साहित्य के अतिरिक्त अन्य क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी साहित्य से जोड़ना चाहिए क्योंकि साहित्य समाज का मार्गदर्शन करता है और समाज के प्रत्येक लोगों तक साहित्य को पहुंचाने की कोशिश होनी चाहिए। महोत्सव पुरुष सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने कहा कि करुण पुकार बेशक एक पढ़ने योग्य कृति है जिसके लिए निश्चित रूप से रीना प्रेम दुबे को साहित्य में स्थान मिलेगा। ख्यात साहित्यकार सुरेंद्र कुमार मिश्र ने कहा कि रीना प्रेम दुबे की रचनाओं में भावों की भूख दिखाई देती है और करुण पुकार में भावों की बौछार है।वह जिस तरह से जनमानस के दर्द को अपने से जोड़ती हैं वह खास है। अध्यक्षता करते हुए श्रीधर प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि विधाता ने क्षमा, दया, करुणा आदि समस्त भावों को साकार करने के लिए नारी का सृजन किया। और नारी के रूप में रीना प्रेम दुबे ने करुण पुकार में इन समस्त भावों को सफलतापूर्वक निरूपित किया है। समारोह को डॉ रामाधार सिंह, प्रेम प्रकाश भसीन, धनंजय जयपुरी, बलराम पाठक, उमेश कुमार पाठक रेणु, प्रभात मिश्र सुमन, सुरेश विद्यार्थी, अनुज कुमार पाठक, नीरज कुमार पाठक, डॉ नीरज कुमार द्विवेदी ने भी कवयित्री रीना प्रेम दुबे को बधाई देते हुए करुण पुकार काव्य-संग्रह की सराहना की। समारोह में डॉ राम प्रवेश पण्डित ने सरस्वती वंदना की जबकि अतिथियों का स्वागत सत्येन्द्र चौबे सुमन ने किया। पुस्तक का परिचय कराते हुए प्रखर वक्ता परशुराम तिवारी ने कहा कि करुण पुकार काव्य संग्रह में सिर्फ करुण पुकार ही नहीं है बल्कि करुणा की धार भी है। कवयित्री अपनी रचनाओं में सिर्फ करुण पुकार ही नहीं करती वरन समस्या समाधान के लिए स्वयं जूझती हुई दिखती हैं। धन्यवाद ज्ञापन मार्गदर्शक रमेश कुमार सिंह ने किया। मौके पर राम लखन दुबे, विनोद तिवारी, लालदेव प्रसाद, धनंजय पाठक, प्रेम प्रकाश दुबे, प्रियरंजन पाठक समर्पण, प्रेमकांततिवारी, उदयभानु तिवारी, पीयूष राज, रिशु प्रिया, एम जे अजहर, अमीन रहबर, गणेश पांडेय, मनीष मिश्र नंदन, पंकज श्रीवास्तव, शीला श्रीवास्तव, सरोज देवी, माया देवी, सुकृति, बॉबी, आर एन झा, ममता झा, रमेश पांडेय, अनुपमा तिवारी, वंदना श्रीवास्तव सहित कई साहित्यकार व साहित्यप्रेमी उपस्थित हुए। उक्त जानकारी हिंदी साहित्य भारती के जिला अध्यक्ष बलराम पाठक ने दी।
रांची में आदिवासी संगठनों की आक्रोश महारैली, कुड़मियों को एसटी में शामिल करने की मांग का किया पुरजोर विरोध टीम एबीएन, रांची। झारखंड के कुड़मी समाज की ओर से उन्हें एसटी में शामिल करने की मांग के खिलाफ आदिवासियों का विरोध जारी है। इसी कड़ी में आदिवासी संगठन ने महाजुटान कर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया और पारंपरिक हथियारों के साथ आक्रोश महारैली में शामिल होकर चेतावनी दी कि वह अपने हक और अधिकार के लिए पूरी तरह सजग और जागरूक है। दरअसल राज्य के अलग अलग जिलों से पारंपरिक लिबास और तीर धनुष, भाला, हंसिया, दाब लेकर आदिवासी समुदाय के लोगों में जेएलकेएम विधायक जयराम महतो, देवेंद्रनाथ महतो के खिलाफ ज्यादा नाराजगी देखी गयी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अंग्रेजों के शासनकाल में हम आदिवासियों को नीच दृष्टि से देखने वाला कुड़मी समाज, अंग्रेज के शासनकाल में खुद आदिवासी से अलग हो गया और जब आजादी के बाद बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने संविधान में हम अनुसूचित जाति, जनजाति के उन्नयन के लिए विशेष प्रावधान कर दिया तो इन्हें अब लालच आ गया है। कुड़मी, खुद आदिवासी बनकर हमारे हक को मारना चाहते हैं, जिसे कभी राज्य का आदिवासी समुदाय स्वीकार नहीं करेगा।
विश्व ब्राह्मण संघ के पूर्व राष्ट्रीय चेयरमैन मांगे राम शर्मा की द्वितीय पुण्यतिथि पर याद किये गये : प्रदीप शर्मा टीम एबीएन, रामगढ़। विश्व ब्राह्मण संघ सह विप्र फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में विश्व ब्राह्मण संघ एवं विप्र फाउंडेशन ने मांगे राम शर्मा बाबू जी को श्रद्धांजलि के रूप में नि:शुल्क मेगा चेकअप कैंप लगाया। आज दिनांक 12 अक्तूबर 2025 दिन रविवार को ज्ञान मंदिर स्कूल के सभागार में सर्व प्रथम मुख्य अतिथियों को झारखंड प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार शर्मा एवं डॉक्टर अभिषेक कुमार, अंजलि प्रसाद व विशिष्ट अतिथि झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष इला रानी पाठक व महेश मिश्रा, डॉक्टर राम नीलेख दुबे सभी ने संयुक्त रूप से विधिवत रूप से दीप प्रज्ज्वलित किया। उसके उपरांत मंत्रोच्चारण किया गया। फिर सभी अतिथियों को अंग वस्त्र एवं पुष्पों गुच्छे दे कर, जिलाध्यक्ष अशोक कुमार पांडेय, ज्ञान ब्रह्म पाठक तथा कीर्ति गौरव ने सभी को सम्मानित किया। कार्यक्रम सुबह 9 बजे से अपराह्न 3 बजे तक लगातार चला। विश्व ब्राह्मण संघ के पूर्व राष्ट्रीय चेयरमैन मांगे राम शर्मा, बाबु जी की दूसरी पुण्यतिथि पर कुल 278 बड़े एवं स्कूल के छात्रों ने लाभ उठाया। दांतों के डॉक्टर अभिषेक कुमार व डॉक्टर अंजलि प्रसाद तथा शुगर व बीपी के राम नीलेख दुबे, बबलू दुबे एवं उनकी टीम ने शुगर तथा बीपी जांच किया। साथ में सभी डॉक्टरों ने फ्री परामर्श दिये एवं दवाइयां इत्यादि बिल्कुल नि:शुल्क दी गयी। झारखंड प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार शर्मा ने कहा कि आगे भी इसी तरह का फ्री हेल्थ चेकअप कैंप लगाया जायेगा। मांगे राम शर्मा बाबु जी को शत शत नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि एवं सहयोग के लिये सभी को बहुत-बहुत आभार जताया गया। अंत में जिला महासचिव अरुण बनर्जी ने सभी का धन्यवाद व्यक्त किये।
श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर पुंदाग में भव्य भजन-सत्संग प्रवचन एवं संत देवचंद्र जी महाराज का जन्म दिवस कार्यक्रम संपन्नसच्चा दीपोत्सव वही है जो हमारे अंतर्मन में जागरूकता, प्रेम, सद्भाव और आत्मज्ञान का प्रकाश फैलाएं : स्वामी सदानंद महाराजटीम एबीएन रांची। श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर, पुंदाग में श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के संस्थापक परमहंस संत डॉ० श्री श्री 108 स्वामी सदानंद जी महाराज के पावन सान्निध्य में एक भव्य भजन-सत्संग एवं प्रवचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रणामी समाज के महान संत देवचंद्र जी महाराज का जन्म दिवस अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संत देवचंद्र जी महाराज की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई। गुरुजी सदानंद जी महाराज एवं सभी शिष्यों, भक्तों एवं श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से दीप जलाकर संत श्री को श्रद्धासुमन अर्पित किए। दीपों की लौ के प्रकाश में संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। इस अवसर पर स्वामी सदानंद जी महाराज ने अपने प्रेरणादायक सत्संग एवं प्रवचन के माध्यम से जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संत देवचंद्र जी महाराज ने समाज को सत्य, सेवा और साधना का मार्ग दिखाया है। उनका जीवन हम सभी के लिए एक आदर्श है। उन्होंने यह भी कहा कि सच्चा दीपोत्सव वही है जो हमारे अंतर्मन में जागरूकता, प्रेम, सद्भाव और आत्मज्ञान का प्रकाश फैलाए। गुरुजी ने उपस्थित सभी भक्तगणों को दीपावली, भाई दूज एवं गोपाष्टमी की शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि ये पर्व केवल बाह्य उल्लास नहीं, बल्कि आत्मिक प्रकाश और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाएं और समाज में सकारात्मक योगदान दें। कार्यक्रम में भजन-कीर्तन की अमृत वर्षा भी हुई। ट्रस्ट के भजन गायको द्वारा प्रस्तुत भक्तिगीतों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। प्रभु का नाम ही जीवन का सार है, दीप जले अंतर में जैसे भजनों पर उपस्थित जनसमूह झूम उठा।मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया तथा श्री राज श्यामा कृष्ण जी का आभूषणों से दिव्य आलौकिक श्रृंगार किया गया और दीपों की रौशनी से पूरा वातावरण एक दिव्य आभा से आलोकित हो गया। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। सभी ने गुरुजी के पावन चरणों में नमन कर उनके आशीर्वाद से आत्मिक शांति और प्रेरणा प्राप्त की। गुरुजी ने सभी को प्रसाद वितरण किया। मौके पर डूंगरमल अग्रवाल, विजय कुमार अग्रवाल, निर्मल छावनिका, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, निर्मल जालान, पूरणमल सर्राफ, शिव भगवान अग्रवाल,संजय सर्राफ, नवल अग्रवाल, डॉ एचपी नारायण, नंदकिशोर चौधरी, सुरेश अग्रवाल, मधुसूदन जाजोदिया, सुनील पोद्दार, प्रमोद सारस्वत, अशोक लाठ,पुजारी अरविंद पांडे, विष्णु सोनी, सचिन मोतीका, वेकंठ गाड़ोदिया, विमला जालान, प्रमिला पुरोहित सुनीता अग्रवाल, कविता गाड़ोदिया, शकुंतला केजरीवाल, सरिता अग्रवाल, सुधा सुल्तानिया, सुमीता लाठ, सीमा बाजोरिया पूनम अग्रवाल, मनीष सोनी, आनंद अग्रवाल, विद्या देवी अग्रवाल, उर्मिला पाड़िया, शोभा जालान, सविता अग्रवाल, सहित बड़ी संख्या भक्तगण उपस्थित थे। उक्त जानकारी देते हुए श्री कृष्ण प्रणामी ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा कि यह कार्यक्रम दीपोत्सव की आध्यात्मिक परंपरा को सुदृढ़ करते हुए समाज में प्रेम, शांति और आध्यात्मिकता के संदेश को प्रसारित करने में सफल रहा।
आईईडी विस्फोट में घायल सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल महेंद्र शहीद, दो जवानों का इलाज जारी; सर्चिंग तेज एबीएन न्यूज नेटवर्क, पश्चिमी सिंहभूम। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सरांडा जंगल में शुक्रवार शाम आईईडी विस्फोट हुआ था। नक्सलियों के द्वारा रची गयी इस साजिश में सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल महेंद्र लस्कर घायल हो गए थे। उनका राउरकेला के एक अस्ताल में उपचार चल रहा था। जहां शनिवार को वो शहीद हो गये। घटना में दो अन्य सुरक्षा कर्मी एक इंस्पेक्टर और एक सहायक उप-निरीक्षक भी घायल हुए थे। इनका अभी इलाज चल रहा है। इस घटनाक्रम के बाद जवानों ने अपना सर्च अभियान घने जंगलों में तेज कर दिया है। इनका अभी इलाज अस्पताल में जारी है पुलिस के अनुसार, इन विस्फोटों में इस्तेमाल आईईडी संभवत: प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) ने लगाये थे, जो झारखंड में 8 अक्टूबर से प्रतिरोध सप्ताह मना रहा है। इस अवधि के दौरान माओवादी सुरक्षा बलों को निशाना बना रहे हैं। हेड कांस्टेबल महेंद्र लस्कर असम के निवासी थे। उनके साथ घायल हुए इंस्पेक्टर और सहायक उप-निरीक्षक का इलाज अस्पताल में जारी है। संगठन ने 15 अक्तूबर को बंद की भी घोषणा की घटना शुक्रवार शाम बाबुदिह क्षेत्र, सरांडा जंगल, जाराइकेला थाना क्षेत्र में हुई थी, जब तीनों सीआरपीएफ कर्मी विस्फोट में घायल हो गये थे प्रतिबंधित माओवादी संगठन के प्रतिरोध सप्ताह के मद्देनजर झारखंड पुलिस ने पूरे राज्य में सुरक्षा कड़ी कर दी है। संगठन ने 15 अक्तूबर को बंद की भी घोषणा की है।इंस्पेक्टर जनरल (आपरेशन्स) माइकल राज ने बताया कि सुरक्षा मजबूत करने के लिए 12 सीआरपीएफ बटालियन और 20 झारखंड आर्म्ड पुलिस (जैप) एवं इंडिया रिजर्व बटालियन (आईआरबी) की टीमें पूरे राज्य में तैनात की गई हैं।
सच्चा दीपोत्सव वही है जो हमारे अंतर्मन में जागरूकता, प्रेम, सद्भाव और आत्मज्ञान का प्रकाश फैलायें : स्वामी सदानंद महाराज टीम एबीएन, रांची। श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर, पुंदाग में श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के संस्थापक परमहंस संत डॉ श्री श्री 108 स्वामी सदानंद जी महाराज के पावन सान्निध्य में एक भव्य भजन-सत्संग एवं प्रवचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रणामी समाज के महान संत देवचंद्र जी महाराज का जन्म दिवस अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया।कार्यक्रम की शुरुआत संत देवचंद्र जी महाराज की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। गुरुजी सदानंद जी महाराज एवं सभी शिष्यों, भक्तों एवं श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से दीप जलाकर संत श्री को श्रद्धासुमन अर्पित किए। दीपों की लौ के प्रकाश में संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। मौके पर स्वामी सदानंद जी महाराज ने अपनेप्रेरणादायक सत्संग एवं प्रवचन के माध्यम से जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संत देवचंद्र जी महाराज ने समाज को सत्य, सेवा और साधना का मार्ग दिखाया है। उनका जीवन हम सभी के लिए एक आदर्श है। उन्होंने यह भी कहा कि सच्चा दीपोत्सव वही है जो हमारे अंतर्मन में जागरूकता, प्रेम, सद्भाव और आत्मज्ञान का प्रकाश फैलायें। गुरुजी ने उपस्थित सभी भक्तगणों को दीपावली, भाई दूज एवं गोपाष्टमी की शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि ये पर्व केवल बाह्य उल्लास नहीं, बल्कि आत्मिक प्रकाश और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं।उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाएं और समाज में सकारात्मक योगदान दें। कार्यक्रम में भजन-कीर्तन की अमृत वर्षा भी हुई। ट्रस्ट के भजन गायको द्वारा प्रस्तुत भक्तिगीतों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। प्रभु का नाम ही जीवन का सार है, दीप जले अंतर में... जैसे भजनों पर उपस्थित जनसमूह झूम उठा। मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया तथा श्री राज श्यामा कृष्ण जी का आभूषणों से दिव्य आलौकिक श्रृंगार किया गया और दीपों की रौशनी से पूरा वातावरण एक दिव्य आभा से आलोकित हो गया। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। सभी ने गुरुजी के पावन चरणों में नमन कर उनके आशीर्वाद से आत्मिक शांति और प्रेरणा प्राप्त की। गुरुजी ने सभी को प्रसाद वितरण किया। इस अवसर पर-डूंगरमल अग्रवाल, विजय कुमार अग्रवाल, निर्मल छावनिका, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, निर्मल जालान, पूरणमल सर्राफ, शिव भगवान अग्रवाल, संजय सर्राफ, नवल अग्रवाल, डॉ एचपी नारायण, नंदकिशोर चौधरी, सुरेश अग्रवाल, मधुसूदन जाजोदिया, सुनील पोद्दार, प्रमोद सारस्वत, अशोक लाठ, पुजारी अरविंद पांडे, विष्णु सोनी, सचिन मोतीका, वेकंठ गाड़ोदिया, विमला जालान, प्रमिला पुरोहित सुनीता अग्रवाल, कविता गाड़ोदिया, शकुंतला केजरीवाल, सरिता अग्रवाल, सुधा सुल्तानिया, सुमीता लाठ, सीमा बाजोरिया पूनम अग्रवाल, मनीष सोनी, आनंद अग्रवाल, विद्या देवी अग्रवाल, उर्मिला पाड़िया, शोभा जालान, सविता अग्रवाल, सहित बड़ी संख्या भक्तगण उपस्थित थे। उक्त जानकारी देते हुए श्री कृष्ण प्रणामी ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा कि यह कार्यक्रम दीपोत्सव की आध्यात्मिक परंपरा को सुदृढ़ करते हुए समाज में प्रेम, शांति और आध्यात्मिकता के संदेश को प्रसारित करने में सफल रहा।
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