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युवा झारखंड को अग्रणी राज्य बनाने के सपने लेकर आया हूं दावोस : सीएम
Published / 2026-01-20 21:04:46
युवा झारखंड को अग्रणी राज्य बनाने के सपने लेकर आया हूं दावोस : सीएम

टीम एबीएन, रांची। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि युवा झारखंड को अग्रणी राज्य बनाने के सपने लेकर दावोस आया हूं। हमारे पुरखों और बाबा दिशोम गुरुजी के सपनों को पूरा करने के लिए मैं यहां वैश्विक मंच में अपने राज्य की तरफ से आया हूं। पहले दिन विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बहुत सकारात्मक बैठकें हुई। झारखंड आगे बढ़ेगा, तो हमारे राज्यवासी भी आगे बढ़ेंगे। इसी कड़ी में दावोस विश्व आर्थिक मंच पहुंच रहा हूं। आशा है आज के दिन भी झारखंड में निवेश की संभावनाओं पर कई ग्लोबल लीडर्स से विस्तृत चर्चा होगी। विश्व आर्थिक मंच ने कल दावोस में मुझे व्हाइट बैज का जो सम्मान दिया है वो वास्तव में मेरे राज्यवासियों का सम्मान है, मेरे झारखंड का सम्मान है। आप सभी राज्यवासियों को इस अवसर पर हार्दिक बधाई और जोहार...।

श्री धोली सती दादी जी का महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया
Published / 2026-01-19 21:13:57
श्री धोली सती दादी जी का महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया

धोली सती मैया, कर दो सबका बेड़ा पार... टीम एबीएन, रांची। मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर रांची रातू रोड स्थित कृष्णा अपार्टमेंट में भक्ति और श्रद्धा के अद्भुत रंगों से सराबोर हो उठा, जब श्री धोली सती दादी महिला समिति द्वारा संदीप सर्राफ के आवास में श्री धोली सती दादी जी उत्सव का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। पूरे वातावरण में भजनझ्रकीर्तन की मधुर ध्वनि, दीप-प्रकाश की ज्योति और भक्तिमय आस्था की सौंधी सुगंध व्याप्त रही। कार्यक्रम की शुरुआत दादी जी के विशेष श्रृंगार के साथ हुई। पीले-लाल आभूषणों और फूलों से सजे दादी के दिव्य स्वरूप का दर्शन करते ही श्रद्धालुओं के चेहरों पर उमंग और भक्ति झलक उठी। इसके बाद सामूहिक मंगल पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें  महिलाओं ने पूरी निष्ठा के साथ दादी जी की महिमा का गुणगान किया। समिति की सक्रिय सदस्या सविता सर्राफ शशि सर्राफ, सहित अन्य महिलाओं ने अपनी मधुर आवाज में कई भावपूर्ण भजन प्रस्तुत किए। इन भजनों ने वातावरण में आध्यात्मिक उत्साह को और भी दैदीप्यमान कर दिया। गाये गये कुछ प्रमुख भजनों में दादी जी के दर पर आये, मन को मिला विश्राम, धोली सती मैया, कर दो सबका बेड़ा पार, आज अमावस री दिन दादी, तुम घरझ्रघर दीप जलाओ, भजनों की सुरीली लहरों के बीच उपस्थित महिलाओं ने दादी जी के श्रीचरणों में आराधना एवं वंदन करते हुए सुख-समृद्धि की कामना की। भजन-कीर्तन के पश्चात सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। पूरे आयोजन के दौरान महिलाओं की सहभागिता अत्यन्त उत्साहपूर्ण रही हर चरण में भक्तिभाव, अनुशासन, सादगी और आनंद का सुंदर समन्वय देखने को मिला। कार्यक्रम का समापन दादी जी की आरती और सभी के उत्तम स्वास्थ्य एवं कल्याण की प्रार्थना के साथ हुआ। दादी जी का महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक समृद्धि का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सबों के हृदय में अविस्मरणीय स्मृतियां छोड़ गया। इस अवसर पर-सविता सर्राफ ,मंजू सर्राफ, सत्यभामा सर्राफ, शशि सर्राफ, मधु सर्राफ,आशू सर्राफ,आशा सर्राफ, अनुराधा सर्राफ, रजनी सर्राफ, रेनू सर्राफ, राजकुमारी राजगढ़िया, रितु सर्राफ,मनीषा सर्राफ, के अलावा बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं। श्री धोली सती दादी प्रचार समिति के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा कि धोली सती दादी जी नारी शक्ति, साहस और संरक्षण की प्रतीक हैं। उनकी आराधना से परिवार में शांति, सुख और समृद्धि का वास होता है। ऐसे सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम समाज में एकता, पारस्परिक प्रेम और आध्यात्मिकता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

गुमला : 70 लाख के गांजे के साथ चार गिरफ्तार
Published / 2026-01-19 21:12:06
गुमला : 70 लाख के गांजे के साथ चार गिरफ्तार

गुमला में नशे के सौदागरों पर पुलिस का शिकंजा एबीएन न्यूज नेटवर्क, गुमला। जिले में रविवार को करीब 70 लाख रुपये मूल्य के गांजे के साथ चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। ओडिशा से झारखंड में नशीले पदार्थों की तस्करी की सूचना मिलने पर पुलिस ने वाहन जांच अभियान चलाया और पालकोट पुलिस थाना क्षेत्र के भीतर दातली बांध के पास संदिग्धों को रोका। गुमला एसपी हारिस बिन जमान ने कहा कि हमने चार नशीले पदार्थों के तस्करों को गिरफ्तार किया है और उनके द्वारा चार पहिया वाहनों में ले जायी जा रही कुल 132 किलोग्राम गांजा जब्त की है।  एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब्त किये गये नशीले पदार्थों का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 70 लाख रुपये है। पुलिस ने उनके पास से दो वाहन और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। सभी आरोपी गुमला के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं। पुलिस ने बताया कि पालकोट पुलिस थाना में एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है।

ओरमांझी : 61 दिनों बाद आखिरकार सुरक्षित लौटा कन्हैया...
Published / 2026-01-19 21:09:37
ओरमांझी : 61 दिनों बाद आखिरकार सुरक्षित लौटा कन्हैया...

बच्चा चोर गिरोह पर पुलिस की कार्रवाई तेज; अंकित अब भी लापता टीम एबीएन, रांची। रांची और आसपास के इलाकों में सक्रिय बच्चा चोर गिरोह के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ओरमांझी थाना क्षेत्र से 61 दिनों से लापता 12 वर्षीय कन्हैया कुमार को रांची पुलिस ने कोडरमा से सकुशल बरामद कर लिया है। बच्चे की सुरक्षित वापसी से परिजनों ने राहत महसूस की है, लेकिन यह घटना शहर में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ाती है। जानकारी के अनुसार, कन्हैया कुमार 22 नवंबर 2025 की शाम अपनी मां की फुचका दुकान से यह कहकर निकला था कि वह थोड़ी देर में लौट आयेगा। उसके वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने आसपास के इलाकों में खोजबीन की और रिश्तेदारों व परिचितों से पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद मामला पुलिस के पास पहुंचा और जांच शुरू की गयी। जांच के दौरान रांची पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि कन्हैया को कोडरमा में छिपाकर रखा गया है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कोडरमा पुलिस के सहयोग से त्वरित छापामारी की और बच्चे को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। इस कार्रवाई को पुलिस की सजगता और सक्रियता का परिणाम माना जा रहा है। इससे पहले भी अंश और अंगिका जैसे मामलों में पुलिस बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचा चुकी है। गौरतलब है कि हाल ही में रांची पुलिस ने बच्चा चोर गिरोह के 12 सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। ये आरोपी बच्चों को बहला-फुसलाकर दूसरे राज्यों में बेचने का संगठित धंधा चला रहे थे। कन्हैया की बरामदगी को इसी कार्रवाई की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। इसी बीच एक और गंभीर मामला सामने आया है। हटिया थाना क्षेत्र का 16 वर्षीय अंकित मंडल 18 जनवरी से लापता है। वह डॉन बॉस्को स्कूल, हेसाग का मैट्रिक छात्र है। अंकित 18 जनवरी 2026 को अपराह्न 4:30 बजे अपने पिता की स्कूटी लेकर घर से निकला था। अंतिम बार वह अपने मित्र उत्कर्ष खलखो से मिला था, इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल पाया है। परिजनों ने एयरपोर्ट थाना में इसकी सूचना दी है और सोमवार को रांची एसएसपी कार्यालय में भी आवेदन सौंपा गया। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे बच्चों पर विशेष नजर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

बोकारो : कार से खींच हाथियों ने सब्जी विक्रेता को कुचल डाला
Published / 2026-01-19 21:08:30
बोकारो : कार से खींच हाथियों ने सब्जी विक्रेता को कुचल डाला

बोकारो में हाथियों का तांडव, कार से खींचकर सब्जी विक्रेता को कुचला; मौके पर तोड़ा दम एबीएन न्यूज नेटवर्क, बोकारो। जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आयी है। यहां एक सब्जी विक्रेता को हाथियों ने कार से खींचकर बुरी तरह से कुचल दिया। वहीं इस घटना ने लोगों में दहशत का माहौल कायम कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार, घटना रविवार रात गोमिया थाना क्षेत्र की है। मृतक की पहचान चंद्र दांगी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि हाथियों ने पहले कार को नुकसान पहुंचाया और फिर चंद्र दांगी को अपनी सूंड से जकड़ कर गाड़ी से बाहर खींच लिया। इसके बाद हाथियों ने उन्हें बेरहमी से कुचला, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं इतने भयावह मंजर को देख लोगों की रुह कांप गयी। सूचना मिलते ही गोमिया थाना पुलिस और वन विभाग मौके पर पहुंचे। मृतक का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। चंद्र दांगी की मौत से उनके परिवार और पूरे गांव में गहरा शोक है। परिजन घटना से गहरे सदमे में हैं।

शिक्षक बिशेश्वर यादव ने किया आरसीसी बाउंड्री वॉल प्लांट का उद्घाटन
Published / 2026-01-19 21:05:13
शिक्षक बिशेश्वर यादव ने किया आरसीसी बाउंड्री वॉल प्लांट का उद्घाटन

एबीएन न्यूज नेटवर्क, चौपारण/ हजारीबाग। चौपारण स्थित सरदारपुर बेहरा आश्रम मोड़ के पास एसके आरसीसी बाउंड्री वॉल प्लांट का उद्घाटन किया गया। मुख्य अतिथि शिक्षक सह समाजसेवी विशेश्वर यादव ने फीता काटकर उद्घाटन किया। मौके पर संचालक लखन प्रजापति ने अतिथियों को अंग वस्त्र देकर और माला पहनाकर स्वागत किया। सम्मानित अतिथि समाजसेवी सुनील राणा ने विधिवत पूजा अर्चना की। मौके पर मंटू बर्मा, बिट्टू कुमार, राजकुमार बिहार के लाल एस के प्रजापति समेत कई अन्य लोग उपस्थित थे।

लालपुर के नवनिर्मित गिरजाघर का उद्घाटन सह आशीष समारोह सम्पन्न
Published / 2026-01-18 22:40:45
लालपुर के नवनिर्मित गिरजाघर का उद्घाटन सह आशीष समारोह सम्पन्न

लालपुर के नवनिर्मित गिरजाघर का उद्घाटन एवं आशीष समारोह सम्पन्नटीम एबीएन, रांची। राँची काथलिक महाधर्मप्रांत के लालपुर पल्ली में आज महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद के करकमलों द्वारा नए गिरजाघर के आशीष की धर्मविधि एवं उद्घाटन समारोह सम्पन्न की गई। राँची काथलिक महाधर्मप्रांत एवं विशेष कर लालपुर के विश्वासियों के लिए एक ऐतिहासिक दिन रहा क्योंकि आज लालपुर पल्ली परिसर में नवनिर्मित गिरजाघर की आशीष की धर्मविधि पूरी की गई। इस संत जेम्स गिरजाघर के आशीष के समारोही मिस्सा बलिदान अर्पित किया जिसकी अगुवाई राँची काथलिक महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद ने की। इस विशिष्ठ दिवस पर महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद को नाचते गाते हुए पल्ली परिसर तक स्वागत किया गया। तत्पश्चात गिरजे के मुख्य द्वार पर फीता काटा गया एवं कॉन्ट्रैक्टर द्वारा गिरजे घर की चाभी महाधर्माध्यक्ष को सौंपा गया।महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद ने स्मारक पट्ट का अनावरण कर समारोही जुलूस के साथ नवनिर्मित गिरजाघर में प्रवेश किया। मुख्य अनुष्ठाता के रूप महाधर्माध्यक्ष ने जल की आशीष की एवं पवित्र जल का छिड़काव विश्वासियों एवं गिरजे घर में किया। उन्होंने अपने धर्मोपदेश में कहा कि संत वही है जो प्रभु के प्रकाश को अपने जीवन में समाहित कर ले एवं उसी प्रभु के प्रकाश को दूसरों तक पहुंचाने में माध्यम बने। आज जब लालपुर पल्ली में नए गिरजाघर का उद्घाटन हो रहा है हम स्मरण रखें कि यह गिरजाघर हमारे विश्वास का चिन्ह मात्र है लेकिन वास्तविक गिरजा हम सभी विश्वासी ही हैं। हमारी एकता, प्रेम एवं विश्वास द्वारा ही इस गिरजाघर का इतिहास स्वर्णिम अक्षर में लिखा जाएगा। आशीष की धर्मविधि को आगे बढ़ाते हुए क्रिस्म तेल से महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद ने पवित्र वेदी का अभ्यांजित किया।परम प्रसाद की धर्मविधि के पश्चात पवित्र संदूक जहां पवित्र साक्रामेंत रखा जाता है, महाधर्माध्यक्ष ने पवित्र जल में धूप अर्पित कर आशीष किया। गिरजेघर के निर्माण कार्य विश्वासियों की उदारता द्वारा प्राप्त धनराशि से ही संभव हो सका है। संत जेम्स गिरजाघर के आशीष एवं उद्घाटन समारोह के अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन रहा। बच्चों एवं पल्ली वासियों की प्रस्तुति ने इस कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया।संक्षिप्त इतिहासलालपुर पल्ली राँची डायसिस के अंतर्गत आने वाली पल्लियों में सबसे छोटी पल्ली है, लालपुर पल्ली का क्षेत्रफल अन्य पल्लियों की अपेक्षा बहुत छोटा है। इस पल्ली में लगभग 400 परिवार है एवं पंजीकृत पल्लीवासियों की संख्या 2200 से 2300 के करीब है।पल्ली घोषित होने के पूर्व यहाँ के विश्वासीगण रविवार एवं जन्मपर्व और पास्का पर्व का मिस्सा पूजा हॉली क्रॉस स्कूल के प्रांगण में किया करते थे। उसके बाद राँची डायसिस की ओर से सन् 1992 में श्रद्धेय फा. लियो मिंज को लालपुर भेजा गया, और उसी वर्ष लालपुर की कलीसिया को एक पल्ली के रूप में घोषित किया गया, इस तरह एवं श्रद्धेय फा. लियो मिंज लालपुर पारिश के प्रथम पल्ली पुरोहित के रूप में अपना कार्यभार संभाला।धर्मविधियों के लिए उपयुक्त स्थान न होने के कारण होली क्रॉस निस्सा पूजा एवं अन्य धार्मिक गतिविधियों होने लगी, और इसी वर्ष 1992 में लालपुर पल्ली में पहला परमप्रसाद संस्कार की धर्मविधि संपन्न हुई। यहीं से इस पल्ली में विभिन्न प्रकार के दस्तावेजों का संचय किया जाने लगा और आज भी जारी है। और इन सभी जिम्मेदारियों को श्री इमिल लकड़ा, प्रथम प्रचारक ने भली-भांति वहन किया।आज तक एक प्रचारक के रूप में इस कार्य को पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं। श्रद्धेय फा. लियो मिंज ने 2004 तक इस लालपुर पल्ली में पल्ली पुरोहित के रूप में अपना योगदान दिया। आज हम उनके प्रति नतमस्तक है। सन् 2004 में लालपुर पल्ली के संचालन का जिम्मा क्लारेशियन धर्मसमाज को दिया गया और श्रद्धेय फा. जोसेफ डेविड सी.एम.एफ. ने लालपुर के पल्ली पुरोहित के रूप में कार्यभार संभाला।सन् 2007 तक लालपुर पल्लीवासियों के आध्यात्मिक उत्थान के कार्यों में लगे रहे। तत्पश्चात् श्रद्धेय फा. अगस्तुस कुजूर सी.एम.एफ. ने लालपुर पल्ली का कार्यभार संभाला। और सन् 2010 तक अपनी सेवायें प्रदान की। उसी वर्ष सन् 2010 में श्रद्धेय फा. अनीम प्रकाश इंदवार, सी.एम.एफ लालपुर के नये पल्ली पुरोहित नियुक्त किये गये जिन्होंने विभिन्न संघों के गठन में अपनी अहम भूमिका निभाई। उनकी सहायता से काथलिक सभा, महिला संघ, युवा संघ एवं पारिश काउंसिल का गठन हुआ। आज हमें गर्व है कि लालपुर पल्ली राँची डायसिस का एकमात्र ऐसा पल्ली है जिसमें पारिश काउंसिल है, जो पल्ली के पुरोहितों और चर्च को हर कार्य में मदद करता है।1 सितम्बर 2013 को श्रद्धेय फा. अनिम प्रकाश इंदवार सी.एम.एफ. ने नये पल्ली पुरोहित श्रद्धेय फा. फुलजेन्स केरकेट्टा सी.एम.एफ. को लालपुर पल्ली का कार्यभार सौंप दिया। फा. फुलजेन्स पल्ली पुरोहित के रूप में सभी के प्रिय थे. वे मृदुभाषी होने के साथ-साथ सख्त अनुशासन प्रिय व्यक्ति के रूप में भी जाने जाते थे। उन्होंन मई 2017 तक पल्ली पुरोहित के रूप में अपना योगदान दिया।इनके बाद श्रद्धेय फा. देवसहाय मिंज सी.एम.एफ. ने 11 सितंबर 2017 से पल्ली पुरोहित के रूप में अपना कार्यभार संभाला। फा. देवसहाय के कार्यकाल में लालपुर पल्ली में अनेकों विकास के कार्य हुए। उन्होंने लालपुर पल्ली को ऊँचाईयों तक पहुँचाया। सभी जगहों पर लालपुर पल्ली की एक पहचान बनी। जून 2025 में फा. देवसहाय का तबादला हो गया और पुनः फा. अनिम प्रकाश इदवार पल्ली पुरोहित नियुक्त किये गये।श्रद्धेय फा. फुलजेन्स ने सन् 2017 में हम लालपुर पल्लीवासियों को एक सपना दिखाया था. एक सुन्दर सपना। एक बार पारिस काउंसिल की मिटिंग में उन्होंने कहा था-हम एक पल्ली हैं. जहाँ विश्वासियों की संख्या अच्छी है। इस पल्ली से लालपुर वासियों के सभी कार्य होते हैं पर यहाँ गिरजाघर नहीं है, इसलिए यहाँ गिरजाघर का होना बहुत जरूरी है। अनेकों बार पारिश काउंसिल की बैठकें हुई, और चर्च निर्माण कमिटी का गठन हुआ। इस तरह फैसला लिया गया कि पल्लीवासी चंदा जमा करें, नौकरी वाले एक दिन का वेतन देंगे, लोगों से स्वेच्छादान की अपील की गयी, और पैसा इकट्ठा होना प्रारंभ हुआ। इसी बीच फा. फुलजेन्स का तबादला हो गया, और चर्च निर्माण कार्य की जिम्मेदारी फा. देवसहाय के कंधों पर आ गयी, इस जिम्मेदारी को उन्होंने तब से लेकर आज तक बखुबी निभाया है। इनके अथक प्रयास और लगन से लालपुर का नया गिरजाघर बन कर तैयार है एवं हम सभी इसके उद्घाटन के लिए उपस्थित हैं। इस चर्च के निर्माण के लिए लालपुर पल्ली के हर घर के एक-एक सदस्यों की भागीदारी है। उनके निःस्वार्थ सहयोग के बिना निर्माण कार्य संभव नहीं था।लालपुर के संत जेम्स गिरजाघर के उद्घाटन एवं आशीष के अवसर पर रांची काथलिक महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद, फाo आंनद डेविड खलखो, फ़ा० मनोज वेंगतनम, फाo अनिम प्रकाश, फ़o अगस्तुस, अन्य मेहमान पुरोहितगण, धर्मबहनें, एवं पल्ली के विश्वासी हज़ारों की संख्या में शामिल रहे।

लातेहार : ओरसा बंगलादारा घाटी के भीषण सड़क हादसे में सात की मौत, 50 से ज्यादा घायल
Published / 2026-01-18 21:08:03
लातेहार : ओरसा बंगलादारा घाटी के भीषण सड़क हादसे में सात की मौत, 50 से ज्यादा घायल

ओरसा बंगलादारा घाटी में भीषण सड़क हादसा छत्तीसगढ़ से महुआडांड़ आ रही बस पलटी, सात की मौत, 87 घायल लोटा-पानी (शादी समारोह) में शामिल होने जा रहे थे यात्री, ब्रेक फेल होने से हुआ हादसा एबीएन न्यूज नेटवर्क, महुआडांड़ (लातेहार)। महुआडांड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ओरसा बंगलादारा घाटी में रविवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। घटना रविवार शाम 3;30 बजे शाम की है। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से झारखंड के महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत लोध गांव लोटा-पानी (शादी समारोह) में शामिल होने आ रही एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे चार महिलाओं एवं एक पुरुष की मौके पर ही जबकि कुल सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गयी, जबकि 87 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गये। कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जतायी जा रही है। घाटी में ब्रेक फेल, बस बनी मौत का कारण प्राप्त जानकारी के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त बस (सीजी 15 एबी 0564) में करीब 100 यात्री सवार थे। यात्रियों ने बताया कि घाटी में उतरते समय अचानक बस का ब्रेक फेल हो गया, जिससे चालक नियंत्रण खो बैठा और बस पलट गयी। हादसा इतना भयावह था कि बस में सवार बच्चे, महिलाएं, वृद्ध और पुरुष सभी बुरी तरह घायल हो गए। कई यात्रियों के हाथ-पैर टूट गये, तो कई के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आयी हैं। चीख-पुकार से गूंज उठी घाटी, ग्रामीण बने सहारा दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गयी। कई घायल बस के अंदर फंसे रहे। शोर सुनते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बिना किसी भेदभाव के घायलों को बाहर निकालकर एंबुलेंस तक पहुंचाया। ग्रामीणों की तत्परता से कई घायलों की जान बचायी जा सकी। प्रशासन और पुलिस ने संभाली मोर्चा घटना की सूचना मिलते ही महुआडांड़ एसडीपीओ शिवपूजन बहेलिया एवं थाना प्रभारी मनोज कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। प्रशासन द्वारा तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया और घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजा गया। स्वास्थ्य विभाग पर भारी पड़ा घायलों का सैलाब घायलों की संख्या अत्यधिक होने के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महुआडांड़ एवं कार्मेल हॉस्पिटल में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महुआडांड़ में 60 से अधिक घायलों का इलाज किया गया। कार्मेल हॉस्पिटल में 27 घायलों का उपचार हुआ  घायल बचाने में जुटे डॉक्टर, डॉ. अमित खलखो के माथे से बहता रहा पसीना घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अमित कुमार खलखो के नेतृत्व में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम पूरी तरह अलर्ट मोड में रही। लगातार आ रहे घायलों के इलाज में जुटे डॉ. खलखो के माथे से पसीना बहता रहा, लेकिन उन्होंने बिना थके हर घायल को संभालने का प्रयास किया। घायलों की भीड़ के कारण अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सीमित संसाधनों के बावजूद डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों ने अथक प्रयास कर स्थिति को नियंत्रित किया। बेहतर इलाज के लिये 32 घायल को  सदर अस्पताल गुमला रेफर किया गया। कई घायलों की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा हेतु सदर अस्पताल, गुमला रेफर किया गया। मृतकों की पहचान, एक की शिनाख्त बाकी हादसे में मृतकों की पहचान छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के पिपरसोट गांव निवासी रेसंती देवी, प्रेमा देवी, सीता देवी एवं सुखना सुईयां के रूप में की गई है। वहीं एक मृत महिला की पहचान समाचार लिखे जाने तक नहीं हो सकी है। जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक, सहायता में जुटे इस हृदयविदारक घटना पर चतरा सांसद कालीचरण सिंह एवं स्थानीय विधायक रामचंद्र सिंह ने गहरी संवेदना व्यक्त की। घायलों के इलाज एवं व्यवस्था में महुआडांड़ अनुमंडल सांसद प्रतिनिधि संजय जायसवाल, प्रखंड उपप्रमुख सह कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष अभय मिंज, भाजपा मंडल पूर्वी अध्यक्ष प्रशांत सिंह, पश्चिमी मंडल अध्यक्ष अमित कुमार जायसवाल, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष नुरुल अंसारी, कांग्रेस नेता अजीत पाल कुजूर, रामनरेश ठाकुर, युवा कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष आमिर सुहैल, सीताराम प्रसाद सहित कई जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। एसडीएम एसडीपीओ, थाना प्रभारी पहुंचे अस्पताल, मदद की अपील घटना की जानकारी मिलते ही महुआडांड़ एसडीएम बिपिन कुमार दुबे, एसडीपीओ शिवपूजन बहेलिया, थाना प्रभारी मनोज कुमार, अनुमंडल सांसद प्रतिनिधी संजय जायसवाल आदि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और घायलों से मुलाकात की। उन्होंने स्थानीय लोगों से कंबल दान कर मदद करने की अपील की। ठंड को देखते हुए अनुमंडल सांसद प्रतिनिधि संजय जायसवाल ने घायलों के बीच चार कंबलों का वितरण किया। मानवता बनी उम्मीद की किरण इस भीषण हादसे में ग्रामीणों की मदद, डॉक्टरों की निष्ठा, प्रशासन की तत्परता और सामाजिक सहयोग से कई घायलों की जान बचायी जा सकी। संकट की इस घड़ी में महुआडांड़ ने मानवता और सामूहिक जिम्मेदारी की मिसाल पेश की।

तीन दिवसीय मारवाड़ महोत्सव 2026 भव्यता के साथ हुआ संपन्न
Published / 2026-01-18 21:05:49
तीन दिवसीय मारवाड़ महोत्सव 2026 भव्यता के साथ हुआ संपन्न

तीसरे दिन नानी बाई को मायरो मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा टीम एबीएन, रांची। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन एवं मारवाड़ी सहायक समिति के संयुक्त तत्वावधान में हरमू रोड स्थित मारवाड़ी भवन रांची में आयोजित तीन दिवसीय मारवाड़ महोत्सव 2026 का भव्य और भावनात्मक समापन अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस महोत्सव ने न केवल मारवाड़ी समाज बल्कि संपूर्ण झारखंडवासियों को राजस्थान की राजसी परंपराओं, जीवंत लोक संस्कृति और समृद्ध विरासत से साक्षात्कार कराया। तीन दिनों तक चला यह सांस्कृतिक उत्सव जनसैलाब का केंद्र बना रहा, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लेकर कार्यक्रमों का आनंद लिया। महोत्सव के अंतिम दिन प्रस्तुत की गयी नानी बाई को मायरो की जीवंत नृत्य-नाटिका ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। पारंपरिक संगीत, भावपूर्ण अभिनय और लोकनृत्य के समन्वय से सजी इस प्रस्तुति ने श्रद्धा, करुणा और सामाजिक मूल्यों को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से मंच पर जीवंत कर दिया। दर्शकों ने इसे खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा। राजस्थान से पधारे लगभग 40 ख्यातिप्राप्त लोक कलाकारों ने तीन दिनों तक लोककला, लोकगीत, घूमर, कालबेलिया नृत्य, कठपुतली नृत्य, लोकनाट्य, हास्य प्रस्तुतियों और पारंपरिक रंगों के माध्यम से राजस्थान की जीवित संस्कृति को सजीव रूप में प्रस्तुत किया। कलाकारों की पारंपरिक मारवाड़ी वेशभूषा, सजीव अभिव्यक्तियां और सुमधुर संगीत ने पूरे वातावरण को राजस्थानी रंग में रंग दिया। महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण चोखी धाणी रहा, जहां हजारों लोगों ने 30 से अधिक पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों का स्वाद लिया। दाल-बाटी-चूरमा, गट्टे की सब्जी, केर-सांगरी, मठा, बाजरे की रोटी सहित अनेक स्वादिष्ट व्यंजनों ने लोगों की जीभ को राजस्थानी स्वाद से परिचित कराया। इसके अतिरिक्त महोत्सव में हस्तकला प्रदर्शनी, मेहंदी रचनी, वो अपनी संस्कृति ने जाणो कार्यक्रम, मारवाड़ी परंपरा एवं विरासत की प्रस्तुति, मारवाड़ री मंच पर लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां, रंग भरो राजस्थान के अंतर्गत रंगों की रचनात्मक छटा, अपणी माटी रो गीत के माध्यम से मिट्टी से जुड़े मधुर लोकगीत, पगड़ी रो पेंच द्वारा पगड़ी बांधने की कला और हंस लो सा जैसे हास्य से भरपूर कार्यक्रमों ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर एवं विशिष्ट अतिथि विधायक सीपी सिंह रहे। दोनों अतिथियों ने इस आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नयी पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। मारवाड़ महोत्सव मारवाड़ी गौरव, संस्कृति और परंपरा का ऐसा भव्य संगम सिद्ध हुआ, जिसने रांची की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं और लंबे समय तक स्मृतियों में जीवित रहने वाला उत्सव बन गया। यह जानकारी झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने दी।इस अवसर पर रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री, गोवर्धन प्रसाद गाड़ोदिया, ओम प्रकाश अग्रवाल, सुरेश चंद्र अग्रवाल, विनोद कुमार जैन, ललित कुमार पोद्दार, पवन कुमार शर्मा, कमल कुमार केडिया, अरुण भरतीया अनुज अग्रवाल, विकास मोदी, संजीव विजयवर्गीय, विजय अग्रवाल, अभिषेक झाझरिया, डॉली केजरीवाल, शशांक बजाज, विनीता सिंघानिया, कुणाल जालान, शैलेश अग्रवाल, रमन बोड़ा, अशोक नारसरिया, मनोज चौधरी,कौशल राजगढ़िया, सज्जन पाड़िया, निर्मल बुधिया, अनिल अग्रवाल, किशन पोद्दार, कमलेश संचेती, संजय सर्राफ, प्रमोद सारस्वत, सुनील पोद्दार, अमर अग्रवाल, राजेंद्र केडिया, अजय डीडवानिया, किशन पोद्दार, विजय खोवाल,अजय बजाज, प्रकाश धेलिया, प्रमोद बगड़िया, पद्म चंद्र जैन, आनंद जालान, नारायण विजयवर्गीय, अरुण बुधिया, रवि शर्मा, भरत बगड़िया, राजेश भरतिया, राजेश कौशिक, रिंकू अग्रवाल, नरेश बंका, रमाशंकर बगड़िया, अजय भरतिया, कमल शर्मा सहित दोनों संस्था के सदस्यगण उपस्थित थे। 

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