मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पीवीएनएल के सीईओ ने की शिष्टाचार भेंट, 800 मेगावाट की एक यूनिट से व्यवसायिक बिजली उत्पादन शुरू होने में राज्य सरकार से मिले सहयोग के लिए मुख्यमंत्री का जताया आभार मुख्यमंत्री ने कहा - ऊर्जा क्षेत्र का विकास सरकार की प्राथमिकता, बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक और सुदृढ़ करने के लिए उठा रहे ठोस कदम मुख्यमंत्री ने पीवीएनएल के वरीय अधिकारियों कहा- युवाओं के कौशल विकास के लिए करें ठोस पहल टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आज पतरातु विद्युत निगम लिमिटेड (पीवीएनएल) के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (सीईओ) अशोक कुमार सहगल, ह्यूमन रिसोर्स प्रमुख जेड रहमान, वरीय प्रबंधक पंकज कुमार सिंह एवं डीजीएम जे. महापात्र ने शिष्टाचार मुलाकात की। मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि 5 नवंबर 2025 से पीवीएनएल के 800 मेगावाट की क्षमता वाली एक यूनिट से बिजली का व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका है। उन्होंने इस यूनिट के चालू होने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के द्वारा हर स्तर पर मिले सहयोग का परिणाम है कि इस यूनिट से बिजली का व्यवसायिक उत्पादन तय समय पर शुरू हो सका है। वहीं, इस यूनिट के चालू हो जाने से झारखंड अब बिजली के मामले में आत्मनिर्भर हो चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पतरातु विद्युत निगम लिमिटेड का भ्रमण करने के लिए भी आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र सरकार की प्राथमिकता में है। इस दिशा में बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक और सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठाये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने पीवीवीएनएल से कहा कि वह युवाओं के कौशल विकास के लिए भी ठोस पहल करे।
300 प्रगतिशील किसानों को बाँटे गए दलहान तिलहन के उन्नत बीजटीम एबीएन, रांची। रबी मौसम मे भारतीय कृषि अनुसंधान केंद्र, बरही, हज़ारीबाग के मदद से अनुसूचित जनजातिय उपयोजना अंतर्गत 4 जिला के 300 आदिवासी किसानों को बाँटे गए पूसा के चना, मसूर, सरसो और सब्जी के बीज. बीज वितरण कार्यक्रम राँची के पसंद फाउंडेशन के सहयोग से सुनियोजित ढंग से संपन्न हो सका।इस वर्ष रबी मौसम मे संस्था द्वारा परियोजना अंतर्गत रांची, खूंटी, सिमडेगा और गुमला के जनजातिय किसानो के बीच दलहन/ तिलहन की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पूसा के उन्नत किस्म के दल्हन, तिलहन के बीज पा कर सभी किसानो मे उत्साह है।पसंद फाउंडेशन के कार्यकारी प्रबंधक कीर्तिमान नाथ ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान केंद्र, बरही, हज़ारीबाग की कृषि वैज्ञानिक डॉ. शिल्पी केरकेट्टा का विशेष सहयोग मिला और किसानो को निःशुल्क बीज के साथ खेती की विधी भी बताई गई जिस्से की किसानो को खेती से अधिकतम लाभ मिल सके।कार्यक्रम को सफल बनाने मे तारुप पंचायत रातू के उप मुखिया बंधु महतो, कर्रा के प्रेम प्रकाश हेरेंज, सिसई के बुचनु ओराउन, सिमडेगा के जगन्नाथ बड़ाइक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
देबूका नर्सिंग होम में मनाया गया क्रिसमस गैदरिंगटीम एबीएन, रांची। आज देबूका नर्सिंग होम राँची में क्रिसमस गैदरिंग मनाया गया। इस अवसर पर महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद भी उपस्थित रहे जिन्होंने चरनी का अनावरण एवं आशीष किया।क्रिसमस का माहौल चारों ओर फैला हुआ है। चारों ओर क्रिसमस के धुन सुनाई दे रहे हैं। ऐसा ही माहौल आज राँची में स्थित देबूका नर्सिंग होम में रहा, जहां सभी डॉक्टर, नर्सेस और स्टाफ सभी ने मिल कर क्रिसमस गैदरिंग मनाया। इस अवसर पर महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद भी उपस्थित रहे जिन्होंने चरनी का अनावरण एवं आशीष किया। उन्होंने अपने संबोधन में क्रिसमस का संदेश देते हुए कहा कि उन्होंने देबुका नर्सिंग होम में हमेशा प्रेम का अनुभव किया है और जो भी रोगी इस नर्सिंग होम में आते हैं वे सिर्फ़ दवाई से सुस्वास्थ्य नहीं होते बल्कि प्रेम, सेवा और सहानुभूति के भाव के कारण ही शीघ्र स्वस्थ होते हैं। इसीलिए नर्सों एवं सभी स्टाफ सदस्यों को ऐसी ही आत्मीयता रखने का संदेश उन्होंने दिया। राँची येसु धर्म संघ के प्रोविंशियल फ़ाo अजित कुमार खेस मानव भी उपस्थित रहे जिन्होंने क्रिसमस का संदेश देते हुए कमज़ोर और बीमार लोगों में ईश्वर को देखने और उनकी सेवा में आनंद और संतुष्टि ढूंढने का आह्वान किया। देबूका नर्सिंग होम के प्रमुख डॉक्टर श्री प्रसाद देबूका जी ने सभी का धन्यवाद किया एवं आशीर्वाद बनाए रखने और प्रार्थना का आह्वान किया। डॉ श्री एकांश देबूका ने महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद को क्रिसमस उपहार दे कर क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। देबूका नर्सिंग होम के इस क्रिसमस गैदरिंग में राँची काथलिक महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद, रांची येसु धर्म संघ के प्रोविंशियल फाo अजित कुमार खेस, देबूका नर्सिंग होम के प्रमुख डॉक्टर श्री प्रसाद देबूका जी, डॉo श्री एकांश देबूका जी, डॉo श्री ठाकुर जी, श्री क्रिस्टोफर, नर्सिंग होम के नर्सेस एवं सभी स्टाफ शामिल रहे।
आपरेशन आहट! हटिया स्टेशन पर आरपीएफ ने मानव तस्करी की कोशिश की नाकाम, दो नाबालिगों की बचायी जिंदगीटीम एबीएन, रांची। रांची रेल मंडल अंतर्गत हटिया रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग बच्चियों को सुरक्षित बरामद किया है, जबकि एक संदिग्ध व्यक्ति मोहम्मद मुस्तफा अंसारी को गिरफ्तार किया गया है।मानव तस्करी के खिलाफ आपरेशन आहट रांची रेल मंडल के कमांडेंट पवन कुमार के निर्देश पर आरपीएफ मानव तस्करी के विरुद्ध लगातार सक्रिय अभियान चला रही है। इसी क्रम में 16 दिसंबर को आपरेशन आहट के तहत आरपीएफ पोस्ट हटिया की एएचटीयू टीम एवं डीएनएफटी टीम, रांची मंडल द्वारा स्टेशन परिसर में सघन जांच की जा रही थी। जांच के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-01 पर वीआईपी गेट के पास दो नाबालिग बच्चियों के साथ एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा गया। पूछताछ में बच्चियों की उम्र क्रमश: 12 और 13 वर्ष पायी गयी।दो बच्चियों को चेन्नई ले जा रहा था मानव तस्करजांच में सामने आया कि आरोपी उन्हें काम दिलाने के बहाने चेन्नई ले जा रहा था। आरोपी ने बच्चियों से घरेलू काम कराने के बदले प्रति माह 10 हजार रुपये दिलाने का लालच दिया था। साथ ही उसने बच्चियों की तस्वीरें अपने मोबाइल फोन से व्हाट्सएप पर भेजी थीं और चेन्नई जाने के लिए टिकट भी खरीदे थे।आरपीएफ टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों नाबालिग बच्चियों को सुरक्षित बचा लिया और आरोपी मोहम्मद मुस्तफा अंसारी को गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में आज एएचटीयू/ कोतवाली थाना, रांची में मामला दर्ज कर आरोपी को आगे की कानूनी कारर्वाई के लिए सौंप दिया गया है। बचाई गई दोनों नाबालिग बच्चियों को संरक्षण एवं देखभाल के लिए प्रेमाश्रय, रांची भेजा गया है। इस सफल अभियान में निरीक्षक रूपेश कुमार (आरपीएफ पोस्ट हटिया), महिला निरीक्षक एसआर कुजूर, उपनिरीक्षक सूरज राजबंशी, सुनीता तिर्की सहित स्टाफ पी पान, निधि, सुभालक्ष्मी स्वायन और रेनू की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आरपीएफ ने आमजन से अपील की है कि मानव तस्करी या संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत रेलवे सुरक्षा बल या पुलिस को दें, ताकि नाबालिगों को सुरक्षित बचाया जा सके।
केंद्र सरकार के पास प्रदूषित वातावरण को दूर करने के लिए कोई रोड मैप नहीं हैएबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से, वे जो कुछ भी करते हैं और जो नीति लागू करते हैं वह नेहरू गांधी के इर्द-गिर्द घूमती है, स्थिति यह है कि वे सच्चाई के साथ नहीं चलते इसलिए वे ऐसे है। हमारी राष्ट्रीय विरासत देश के पास ही रहेगा। संसद में वायु प्रदूषण पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा यह कोई नई बात नहीं है लेकिन लोग इस प्रदूषण वातावरण में रहने को मजबूर है और सरकार ने इस पर कभी कोई चिंता नहीं व्यक्त नहीं की है। क्या यह सरकार आज भी यही रहेगी कि इस स्थिति के लिए नेहरू जिम्मेदार है? मुझे लगता है कि सरकार उसी राह पर चलेगी। आज हमारे पास एक रोडमैप और योजना होनी चाहिए कि हमें क्या उपाय करने होंगे ताकि हम इसे नियंत्रित कर सके और भविष्य में लोगों के लिए बेहतर वातावरण सुनिश्चित कर सके।वायु प्रदूषण पर केंद्र सरकार विफल, हर सवाल का जवाब नेहरू पर थोप रही है सरकार : सुखदेव भगतलोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र सरकार की नीतियों और पर्यावरण संरक्षण को लेकर उसकी कार्यशैली पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से अब तक सरकार जो भी नीति बनाती है या निर्णय लेती है, उसका केंद्र बिंदु नेहरू-गांधी परिवार ही बना रहता है। सच्चाई और वर्तमान चुनौतियों का सामना करने के बजाय सरकार आज भी हर समस्या के लिए पूर्ववर्ती सरकारों को जिम्मेदार ठहराने की राजनीति कर रही है। सांसद सुखदेव भगत संसद में वायु प्रदूषण पर हुई चर्चा के दौरान बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण कोई नई समस्या नहीं है, लेकिन आज हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि देश की बड़ी आबादी प्रदूषित वातावरण में रहने को मजबूर है। इसके बावजूद केंद्र सरकार की ओर से इस दिशा में कोई ठोस चिंता, स्पष्ट नीति या प्रभावी कार्य योजना सामने नहीं आई है।उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या आज भी सरकार यह मानती है कि प्रदूषण जैसी गंभीर समस्या के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू जिम्मेदार हैं? यदि ऐसा है तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को अतीत के बहानों से बाहर निकलकर वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। सांसद भगत ने जोर देते हुए कहा कि आज देश को एक स्पष्ट और ठोस रोडमैप की आवश्यकता है, जिसमें यह तय हो कि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कौन-कौन से उपाय किए जाएंगे। उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषण, वाहनों के धुएं, शहरी क्षेत्रों में बढ़ती आबादी और जंगलों की कटाई जैसे मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमारी राष्ट्रीय विरासत और प्राकृतिक संसाधन देश की अमूल्य धरोहर हैं और इन्हें सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। यदि आज प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा। अंत में सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर प्रदूषण जैसी ज्वलंत समस्या पर गंभीरता से विचार करे और भविष्य में देशवासियों को स्वच्छ, स्वस्थ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए ठोस नीति और योजना तैयार करे।
बिनोद बाबू ने झारखंड अलग राज्य आंदोलन को अंजाम तक पहुंचाया : टाइगर जयराम महतोबिनोद बाबू की जीवनी से संघर्ष, शिक्षा और सामाजिक न्याय की प्रेरणा मिलती है : देवेंद्र नाथ महतोटीम एबीएन, रांची। झारखंड राज्य आंदोलन के पुरोधा, प्रखर राजनीतिज्ञ, विद्वान, सांस्कृतिक प्रेमी विनोद बिहारी महतो जी की 34 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर पूरे झारखंड प्रदेश में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए माल्यार्पण किया गया। जेएलकेएम सुप्रीमो सह डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो के साथ जेएलकेएम केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो एवं अन्य पदाधिकारियों ने धनबाद के बलियापुर स्थित बिनोद धाम पहुंचकर बिनोद बाबू को नमन किया।मौके पर टाइगर जयराम महतो ने कहा कि बिनोद बिहारी महतो सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि उस पारस पत्थर की कहानी हैं, जिसने संघर्ष की धूल को सोने में बदल दिया। बिनोद बाबू ने समाज में हजारों साल से जड़ें जमाए कुरीतियों, अंधविश्वास और शोषण के खिलाफ ऐसी जंग छेड़ी, जिसकी गूंज आज भी सुनाई देती है। उन्होंने अलग झारखंड राज्य के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ी। उनके मार्ग पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।मौके पर देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि इतिहास केवल तारीखों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि कुछ ऐसे नामों की गाथा है जो खुद एक युग बन जाते हैं। आज यदि हम झारखंड की धरती और उसके आकाश की ओर देखें, तो बिनोद बिहारी महतो का नाम सितारे की तरह चमकता है। आज सियासत के बड़े-बड़े दिग्गज उन्हें अपना गुरु मानते हैं और झारखंड के लोग सम्मान से उन्हें भीष्म पितामह कहते हैं। बिनोद बाबू जानते थे कि गुलामी की जंजीरें अज्ञान की आग में गल जाती हैं और उन्हें तोड़ने का एकमात्र हथियार शिक्षा है। उन्होंने इस समाज की जड़ों में शिक्षा का बीज बोया जिसके साथ पढ़ो और लड़ो का नारा जन्मा - पढ़ो ताकि हक को जान सको और लड़ो ताकि हक को पा सको। बिनोद बाबू की जीवनी से संघर्ष, शिक्षा और सामाजिक न्याय की प्रेरणा मिलती है।मौके पर धनबाद जिलाध्यक्ष शक्ति महतो, उषा महतो, आशीष कुमार, कुमार राजा, भारती महतो, केंद्रीय सचिव दीपक रवानी, पंचम एक्का, गुणा भगत, मनीष साहू के अलावा अन्य पदाधिकारी और गण मान्य लोग उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। आर्चबिशप हाउस, रांची में में आज क्रिसमस प्रेस कॉन्फ्रेंस सह गैदरिंग सम्पन्न हुआ। इस मौके पर महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद ने मीडिया कर्मियों को क्रिसमस संदेश दिया तथा क्रिसमस केक वितरण कर क्रिसमस एवं नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। क्रिसमस का आगाज हो चुका है। दुकानें श्रृंगार की चीजों से सजी हुईं, लोग घरों की साफ सफाई, रंग रोगन कर रहे हैं। विभिन्न स्थानों में क्रिसमस गैदरिंग का आयोजन किया जा रहा है। लोग एक दूसरे को क्रिसमस का उपहार दे रहे हैं। ऐसे ही मौके पर महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद की अगुवाई में आर्चबिशप हाउस राँची में आज क्रिसमस प्रेस कॉन्फ्रेंस सह गैदरिंग का आयोजन रहा।महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद क्रिसमस का संदेश देते हुए कहा क्रिसमस शांति का राजा है। और जब प्रभु येसु का जन्म गौशाला हुआ तब इसका समाचार सबसे पहले स्वर्ग दूतों ने चरवाहों को दिया। येसु के काल में चरवाहे तुच्छ समझे जाते थे लेकिन ईश्वर उन्हें भी मूल्यवान समझते हैं। इसलिए हम भी इस क्रिसमस, मानवता का भाव एक दूसरे के साथ रखें। विशेषकर जो गरीब और हाशिए पर रहने वाले लोगों के साथ सहानुभूति एवं प्रेम का भाव रखें। साथ ही उन्होंने सभी मीडिया कर्मियों को उनके समाज और देश निर्माण में योगदान हेतु उनकी सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।क्रिसमस के इस माहौल में महाधर्माध्यक्ष ने केक दे कर क्रिसमस और नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं। इस क्रिसमस प्रेस कॉन्फ्रेंस सह गैदरिंग में रांची एवं आसपास के क्षेत्रों में कार्यरत मीडिया कर्मी, समाचार पत्रों के संवाददाता, न्यूज रीडर्स, संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित रहे।
आपरेशन नार्कोस के तहत आरपीएफ को मिली बड़ी सफलता, रांची रेलवे स्टेशन पर 14 किलो गांजा बरामद; 3 गिरफ्तार टीम एबीएन, रांची। रांची रेलवे स्टेशन पर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाये जा रहे आपरेशन नारकोस के तहत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को बड़ी सफलता मिली है। कमांडेंट पवन कुमार के निर्देश पर आरपीएफ पोस्ट रांची और फ्लाइंग टीम ने संयुक्त रूप से स्टेशन परिसर और ट्रेनों में विशेष जांच अभियान चलाया, जिसमें 14 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित बाजार कीमत करीब सात लाख रुपये बतायी जा रही है।आरपीएफ से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को रांची रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म संख्या एक पर खड़ी ट्रेन संख्या 15027 के कोच एस-3 की गहन तलाशी ली गयी। जांच के दौरान तीन बैग संदिग्ध अवस्था में पाये गये, जिनके पास दो पुरुष और एक महिला बैठे हुए थे। जब आरपीएफ कर्मियों ने तीनों से पूछताछ की तो उन्होंने बैग अपना होने की बात स्वीकार की, लेकिन बैग में रखे सामान के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। लगातार पूछताछ के बाद आखिरकार एक व्यक्ति ने बैग में गांजा होने की बात कबूल कर ली। इसके बाद आरपीएफ टीम ने तीनों संदिग्धों को उनके बैग सहित ट्रेन से उतार लिया और ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। प्लेटफॉर्म पर की गयी विस्तृत जांच में बैग से कुल 14 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। मादक पदार्थ की पुष्टि के बाद आरपीएफ ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आज आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मामले को संबंधित विभाग को सौंप दिया गया है। आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि रेलवे परिसर को नशा मुक्त बनाने के लिए इस तरह के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
लोहरदगा में सजेगा क्रिकेट का महाकुंभ, सहवाग–हरभजन की मौजूदगी से बढ़ेगा रोमांचएबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। जिले में क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक बड़ी सौगात के रूप में बलदेव साहू मेमोरियल टी-20 क्रिकेट महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है। इस बहुप्रतीक्षित टूर्नामेंट को लेकर जिलेभर में जबरदस्त उत्साह का माहौल है और तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। यह भव्य आयोजन 10 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक आयोजित होगा, जबकि इसका शानदार उद्घाटन समारोह 9 फरवरी 2026 को किया जायेगा।पूर्व राज्यसभा सांसद एवं लोहरदगा क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष धीरज प्रसाद साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि यह टूर्नामेंट आईपीएल की तर्ज पर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देशभर के नामी खिलाड़ी और क्रिकेट जगत की बड़ी हस्तियां शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि लोहरदगा जैसे छोटे जिले में इस स्तर का आयोजन होना यहां के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा।टूर्नामेंट की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग और हरभजन सिंह अपनी-अपनी टीमों के साथ मैदान पर उतरेंगे। दोनों दिग्गज खिलाड़ियों की टीमों के बीच होने वाले मुकाबले दर्शकों के लिए रोमांच से भरपूर होंगे। क्रिकेट प्रेमियों को इन सितारों को एक बार फिर मैदान में खेलते देखने का अवसर मिलेगा।9 फरवरी को आयोजित उद्घाटन समारोह पूरी तरह भव्य और यादगार होगा। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के रशियन बैंड द्वारा रंगारंग प्रस्तुति दी जायेगी, वहीं स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। संगीत, नृत्य और रोशनी के इस अनूठे संगम से लोहरदगा की धरती उत्सवमय हो उठेगी।चार दिवसीय इस टी-20 टूर्नामेंट के दौरान हर मैच में दर्शकों के मनोरंजन का विशेष ध्यान रखा गया है। मैचों के दौरान चीयर गर्ल्स और बॉलीवुड सिने कलाकारों की मौजूदगी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। इससे न सिर्फ खेल का रोमांच बढ़ेगा, बल्कि दर्शकों को एक संपूर्ण मनोरंजन पैकेज भी मिलेगा।टूर्नामेंट का समापन समारोह भी बेहद खास होगा। इस अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री स्वयं विजेता और उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान करेंगे, जिससे खिलाड़ियों का उत्साह और मनोबल और अधिक बढ़ेगा।धीरज प्रसाद साहूने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि लोहरदगा और झारखंड में क्रिकेट को नई पहचान देना, स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मंच प्रदान करना और युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करना है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस क्रिकेट महाकुंभ को ऐतिहासिक बनाने में सहयोग करें।कुल मिलाकर, बलदेव साहू मेमोरियल टी-20 टूर्नामेंट लोहरदगा के खेल, संस्कृति और उत्सव का एक ऐसा संगम साबित होगा, जो लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बना रहेगा।
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