रांची में उग्रवादियों की फायरिंग, कारोबारी को पर्चा फेंककर दी धमकी टीम एबीएन, रांची। जिले में अपराध और उग्रवादी गतिविधियों ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कारोबारी लगातार निशाने पर हैं और खुलेआम फायरिंग कर डर का माहौल बनाया जा रहा है। ताजा मामला खलारी थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां टीएसपीसी उग्रवादियों ने हवाई फायरिंग कर दहशत फैला दी। फायरिंग की जिम्मेदारी टीएसपीसी उग्रवादी संगठन ने ली फायरिंग के बाद अपराधी मौके पर पर्चा फेंककर फरार हो गये। प्रत्यक्षदर्शियों और कांटा घर के कर्मचारियों के मुताबिक, अचानक हुई फायरिंग से इलाके में दहशत फैल गयी। सुरक्षा कारणों से कांटा घर का कामकाज तत्काल बंद कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही खलारी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज में बाइक सवार अपराधी फायरिंग करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस फायरिंग की जिम्मेदारी टीएसपीसी उग्रवादी संगठन ने ली है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जायेगा टीएसपीसी की ओर से छोड़े गए पर्चे में सुदर्शन जी के नाम से कोयला और ईंट कारोबारियों को चेतावनी दी गई है। पर्चे में लिखा है कि संगठन की अनुमति और जानकारी के बिना कोई भी कारोबारी काम करेगा तो उसकी जान-माल की जिम्मेदारी खुद उसकी होगी। वहीं खलारी थाना प्रभारी जयदीप टोप्पो ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। अपराधियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जायेगा।
वंदे भारत एक्सप्रेस में लगी आग, धुआं देखकर घबराए लोग; रेलवे की तकनीकी जांच पर उठे सवाल एबीएन न्यूज नेटवर्क, चाईबासा/ चक्रधरपुर। चक्रधरपुर रेल मंडल में हावड़ा-राउरकेला वंदे भारत एक्सप्रेस में तकनीकी खराबी सामने आने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गयी। ट्रेन के पहियों में आग लगने की घटना के बाद रेलवे प्रशासन को आनन-फानन में ट्रेन रोकनी पड़ी और यात्रियों को दूसरी ट्रेन से रवाना किया गया। यात्रियों में अफरा-तफरी दरअसल, चक्रधरपुर रेल मंडल के टुनिया रेलवे स्टेशन के पास हावड़ाझ्रराउरकेला वंदे भारत एक्सप्रेस में उस समय हड़कंप मच गया, जब इंजन से तीसरे कोच के पहियों में हॉट एक्सल के कारण आग लग गई। घटना के बाद पहियों से धुआं उठने लगा, जिसे देखकर ट्रेन में सवार यात्रियों में घबराहट फैल गयी। सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन हरकत में आया और वंदे भारत एक्सप्रेस को टुनिया रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया। मौके पर पहुंची तकनीकी टीम ने आग पर काबू पाया और कोच की मरम्मत की। इस घटना से चक्रधरपुर रेल मंडल मुख्यालय में भी हलचल मच गई। हैरानी की बात यह रही कि टाटानगर और चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की पहले ही जांच की जा चुकी थी, इसके बावजूद चक्रधरपुर से सिर्फ 25 किलोमीटर की दूरी पर यह घटना हो गयी। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए वंदे भारत एक्सप्रेस में सवार सभी यात्रियों को ट्रेन संख्या 12222 हावड़ाझ्रपुणे एसी दुरंतो एक्सप्रेस में शिफ्ट कर राउरकेला भेजा गया। बाद में वंदे भारत एक्सप्रेस के खाली रैक को राउरकेला पहुंचाया गया। इधर, राउरकेला से हावड़ा जाने वाली ट्रेन संख्या 20872 वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए रेलवे प्रशासन ने टाटानगर से एक अलग वंदे भारत रैक राउरकेला मंगाया। इसके बाद यह ट्रेन शाम करीब साढ़े चार बजे राउरकेला के प्लेटफॉर्म नंबर पांच से रवाना हुई। इस पूरी घटना के कारण यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। चक्रधरपुर रेल मंडल में पहले से ही ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्री परेशान हैं। अब वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेन में तकनीकी खराबी की घटना से यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गयी है।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्रीय बजट पर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेश किये गये बजट को गौर से देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कृषि हो या अन्य सेक्टर, बताइए इस बजट में ऐसा क्या है जिससे आम लोगों को राहत मिली हो? सीएम ने आरोप लगाया कि बजट में आम आदमी की जरूरत की चीजों को नजरअंदाज किया गया है। मीडिया द्वारा कोयला, खनिज और लोहा महंगा होने से जुड़े सवाल पर सीएम और अधिक मुखर हो गये। उन्होंने कहा कि आप कोयला, खनिज और लोहा की बात कर रहे हैं, लेकिन क्या रोजमर्रा की चीजें सस्ती हुई हैं? सीएम ने साफ कहा कि इस बजट में तो दाल और चावल तक महंगे हो गये हैं। असम दौरे से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने वहां के चाय बागान मजदूरों की स्थिति का जिक्र किया। कहा कि वहां आज भी गुलामी की स्थिति बनी हुई है। केंद्र और असम सरकार पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने कहा कि असम में एक अजीब स्थिति है, वहां ऐसा लगता है जैसे देश के अंदर ही एक और देश हो। आज भी वहां अंग्रेजी हुकूमत की झलक दिखाई देती है। वहां अब भी ऐसा महसूस होता है कि लोग गुलामी का जीवन जी रहे हैं।
चार से पांच दिन का लग सकता वक्त टीम एबीएन, रांची। राजधानी के ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर के महाकाल मंदिर में बनारस के कारीगर अरघा का सुधार कार्य कर रहे हैं। इसे लेकर कुछ दिनों के लिए मंदिर में आम भक्तोें के लिए पट्ट बंद किये गये हैं। इस क्रम में मंदिर के पुजारी महाकाल बाबा की नित्य पूजा-अर्चना कर रहे हैं। समिति के आनंद गाड़ोदिया, मदन पारीक, जीतेंद्र प्रसाद ने बताया कि चार से पांच दिन का वक्त सुधार कार्य में लगने की संभावना है।
पिछले 6 दिनों से हैं लापता टीम एबीएन, रांची। सोनाहातू प्रखंड के तेलवाडीह पंचायत अंतर्गत डोमाडीह गांव निवासी हरिहर महतो (25) पिछले छह दिनों से लापता हैं। वे सोहन लाल महतो के पुत्र हैं। इस गंभीर घटना की सूचना मिलने पर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूरी जानकारी ली। परिजनों ने बताया कि हरिहर महतो 31 जनवरी 2026 की शाम लगभग 6 बजे घर से निकले थे, जिसके बाद से अब तक उनका कोई पता नहीं चल पाया है। काफी खोजबीन के बाद परिजनों द्वारा 03 फरवरी 2026 को सोनाहातू थाना में लिखित शिकायत दर्ज करायी गयी है। मुलाकात के दौरान देवेंद्र नाथ महतो ने परिजनों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया और सोनाहातू थाना पहुंचकर थाना प्रभारी प्रेम प्रदीप से खोजबीन के करंट स्टेटस की विस्तृत जानकारी ली। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए गंभीरता से खोजबीन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत संवेदनशील मामला है और पुलिस प्रशासन को इसे प्राथमिकता के आधार पर देखना चाहिए। बताते चलें कि लापता हरिहर महतो का 26 दिन का नवजात पुत्र है। उनके अचानक लापता होने से पत्नी और मां का रो-रो कर बेहद बुरा हाल है। पूरा परिवार गहरे सदमे में है और प्रशासन से जल्द से जल्द हरिहर महतो का पता लगाने की गुहार लगा रहा है। श्री महतो ने प्रशासन से अपील की है कि इस मामले में त्वरित कदम उठाये जायें, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय और राहत मिल सके। बताते चलें कि आज पुलिस चौकी में थाना प्रभारी से वार्ता के दौरान अर्जुन महतो, अशोक महतो, प्रदीप महतो आदि पीड़ित परिवार मौजूद रहे।
आठ लोगों ने अध्यक्ष पद के नामांकन परचा किया था दाखिल वार्ड पार्षद पद के 86 नामांकन परचा दाखिल हुआ था, जिसमें आज स्कूटनी में एक वार्ड पार्षद का नामांकन हुआ रद हुसैनाबाद वार्ड 14 सुरक्षित सीट में बिना जाति संलग्न किये भरा गया था नामांकन एबीएन न्यूज नेटवर्क, हुसैनाबाद/ पलामू। नगर निकाय चुनाव को लेकर गुरुवार को अनुमंडल कार्यालय में नगर पंचायत अध्यक्ष पद के नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी की गयी। कार्यालय में एलआरडीसी सह निर्वाची पदाधिकारी गौरांग महतो सभी आठ अध्यक्ष पद के लिए सभी अभ्यर्थियों की नामांकन पत्रों की जांच की गयी। जांच में सभी लोगों के नामांकन पर्चा सही पाया गया। निर्वाची पदाधिकारी गौरांग महतो ने बताया कि 6 फरवरी को नाम वापस लेने की अंतिम तिथि है। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए आठ अभ्यर्थियों ने अपना नामांकन पर्चा दाखिल किया था। सभी नामांकन प्रपत्रों की जांच बारीकी से की गयी। जांच में सभी नामांकन पत्र सही पाय गये हैं। अभ्यर्थियों में शशि कुमार, उषा देवी, रामेश्वर राम, अजय कुमार भारती, मुन्ना कुमार देव, बिरेंद्र राम, पवन कुमार चौधरी, जय किशोर कुमार के नाम शामिल है। वहीं प्रखंड सह अंचल कार्यालय में बीडीओ सह निर्वाची पदाधिकारी सुनील वर्मा ने बताया कि वार्ड 1 से वार्ड 8 तक कुल 42 वार्ड पार्षद के नामांकन पर्चा दाखिल किया था। स्क्रूटनी में सभी पर्चा जांच में सही पाया गया। वहीं वार्ड 9 से वार्ड 16 वार्ड में कुल 44 पार्षद पदों के लिए अपना नामांकन पर्चा दाखिल किया था। सीओ सह निर्वाची पदाधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि 44 वार्ड पार्षदों के नामांकन प्रपत्रों की आज जांच की गयी। जांच के क्रम में वार्ड 14 के वार्ड पार्षद पद के लिए दो अभ्यर्थियों ने पार्षद पद के लिए नामांकन पर्चा दाखिल किया था, जिसमें अजय पासवान, सुनील चौधरी के नाम शामिल थे। आज स्क्रूटनी के दौरान अजय पासवान का जाति प्रमाण पत्र नामांकन प्रपत्र में संलग्न नहीं रहने से नामांकन पर्चा रद्द कर दिया गया। यानी कुल अभ्यर्थी 43 हैं, लेकिन सुनील चौधरी वार्ड में सिर्फ एक उमीदवार ही बच गये। जिसके बाद संभावित उन्हें निर्विरोध साबित किया जा सकता है। अब सुनील के समर्थकों में खुशी की लहर है। हालांकि अभी सीओ सह निर्वाची पदाधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि इस संबंध में अग्रेतर कार्रवाई के उपरांत सर्टिफिकेट दिया जायेगा।
टीम एबीएन, रांची। भारतीय किसान संघ, झारखंड प्रांत का फागुन माह में शहरी क्षेत्र के प्रबुद्ध किसान चिंतक एवं शहर में रहने वाले प्रमुख लोगों का मिलन सह भोज, 07/02/2026, दिन शनिवार को संध्या 7 बजे से गंगा प्रसाद बुधिया सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय मोराबादी, रांची में होगा।भारतीय किसान संघ के झारखंड प्रांत प्रचार प्रमुख प्रकाश कुमार सिंह ने सभी पदधारियों को ससमय उपस्थित होने की अपील की है। बताया कि झारखंड प्रदेश के इस बैठक में प्रदेश के संगठन मंत्री अचल जी की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
नहीं थम रहा इस राज्य में हाथियों का आतंक, हमले में तीन लोगों की गयी जान... एक की हालत गंभीर; इलाके में दहशत का मंजर टीम एबीएन, रांची। झारखंड में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां हाथियों के हमले में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गयी, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गयी। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है और ग्रामीणों में भारी दहशत व्याप्त है। मिली जानकारी के अनुसार, घटना बोकारो जिले के वन प्रक्षेत्र महुआटांड़ अंतर्गत बड़कीपुन्नू गांव का है। मृतकों में गंगा करमाली (65) और उनकी पत्नी कमली देवी (63) और एक अन्य महिला भगिया देवी (65) शामिल है। हमले में करमी देवी (50) गंभीर रूप से घायल हो गयी हैं। बताया जा रहा है कि सभी लोग अपने घर में गहरी नींद में सोये हुए थे। तभी हाथियों का झुंड बड़कीपुन्नू के करमाली टोला में घुस आया। लोगों के घरों पर हमला कर दिया। वहीं इस हमले में तीन लोगों की जान चली गयी, जबकि एक बुरी तरह से घायल हो गयी। घायल का इलाज अस्पताल में चल रहा है। लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के बढ़ते हमलों के बावजूद अब तक कोई ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। लोगों का कहना है कि वे दहशत और भय के माहौल में जी रहे हैं। इधर, घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। फिलहाल प्रशासन और वन विभाग की ओर से हालात पर नजर रखने की बात कही जा रही है।
झारखंड नाम के सूत्रधार और नागपुरी के शिखर पुरुष लाल रणविजय नाथ शाहदेव की जयंती पर उमड़ा साहित्यकार, कलाकार की भीड़ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के सभागार में जुटे राज्य के दिग्गज; जीवन, संघर्ष और रचनात्मक योगदान का हुआ विमर्श टीम एबीएन, रांची। झारखंड आंदोलन के प्रखर वैचारिक स्तंभ, राजनीतिज्ञ और कालजयी साहित्यकार स्व. लाल रणविजय नाथ शाहदेव की जयंती आज श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) के सभागार में श्रद्धा और संकल्प के साथ मनायी गयी। मौके पर राज्य की कला, साहित्य और अकादमिक जगत की विभूतियों ने उन्हें एक ऐसे महानायक के रूप में याद किया, जिन्होंने कलम और वैचारिक संघर्ष के समन्वय से झारखंड को उसकी पहचान दिलायी। वनांचल नहीं झारखंड ही रहेगी पहचान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डीपीएमयू के कुलपति डॉ. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि शाहदेव जी का सबसे बड़ा योगदान राज्य का नामकरण है। विश्वविद्यालयों में इनसे संबंधित और भी अनुसंधान होने चाहिए। कार्यक्रम का स्वागत भाषण विभाग के समन्वयक विनोद कुमार ने देते हुए कहा कि उनकी स्मृतियां आज भी नागपुरी साहित्य में जीवित हैं। पद्मश्री मधु मंसूरी हंसमुख ने भावुक होते हुए कहा कि शाहदेव जी के गीतों में शोषण के विरुद्ध जो तड़प थी, उसी ने जन-आंदोलन को ऊर्जा दी। पद्मश्री महाबीर नायक ने उनके सांस्कृतिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नागपुरी कला संगम के माध्यम से उन्होंने लोक कलाकारों को जो मंच दिया, वह आज भी हमारी धरोहर है। साहित्य और शोध का संगम कार्यक्रम में डॉ. संजय कुमार षाडंगी द्वारा लिखित कविता लाल रणविजय नाथ शाहदेव: जीवन, संघर्ष और रचनात्मक योगदान का स्वर उनके द्वारा पाठ किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. उमेश नंद तिवारी ने उनकी कृति नागपुरी भगवद्गीता उनके भाषाई पांडित्य का अनूठा प्रमाण है। एक अटूट वैचारिक विरासत है। डॉ मालती वागीशा लकड़ा ने उनके संक्षिप्त जीवन परिचय देते हुए कहा कि उनका जन्म: 5 फरवरी 1940, पालकोट राजघराना में हुआ। शिक्षा: राजनीति शास्त्र, इतिहास (एमए) एवं विधि (एलएलबी)। संघर्ष : 1968 का आंदोलन, 1975 का जेपी आंदोलन (मीसा जेल यात्रा)। साहित्य: पूजा कर फूल, जागी जवानी चमकी बिजुरी, नागपुरी भगवद्गीता समेत लगभग 400 रचनाएं। योगदान: झारखंड विधेयक प्रारूप तैयार करने और झारखंड नाम की स्वीकृति दिलाने में निर्णायक भूमिका। लाल रणविजय नाथ शाहदेव की जयंती पर झारखंडी चेतना का विराट स्मरण श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में साहित्य, संघर्ष और राज्य निर्माण पर हुआ ऐतिहासिक विमर्श झारखंड आंदोलन के वैचारिक शिल्पकार, प्रखर राजनीतिक विचारक, वकील, कवि, लेखक और नागपुरी भाषाझ्रसंस्कृति के महान साधक स्व. लाल रणविजय नाथ शाहदेव की जयंती के अवसर पर आज नागपुरी विभाग, श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची के सभागार में एक भव्य श्रद्धांजलि एवं वैचारिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम ने झारखंड के राज्य निर्माण, सांस्कृतिक चेतना और लोकभाषाओं की भूमिका पर गहन विमर्श का रूप लिया। डॉ देवशरण ने कहा की वे व्यक्ति नहीं, एक विचार थे। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि लाल रणविजय नाथ शाहदेव केवल एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि झारखंड आंदोलन की वैचारिक रीढ़ थे। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन संजय कुमार साहू ने किया। मौके पर डॉ. धर्मेंद्र कुमार सिंह, (कुलपति), पद्मश्री मधु मंसूरी हंसमुख, पद्मश्री मुकुंद नायक, पद्मश्री महाबीर नायक, डॉ मनोज कच्छप, डॉ. लाल अदितेंद्र नाथ शाहदेव, क्षितिज कुमार राय, डॉ. उमेश नंद तिवारी, डॉ. शकुंतला मिश्र, डॉ देवशरण भगत, प्रवीण प्रभाकर, डॉक्टर अजय नाथ शाहदेव, ऋतुराज शाहदेव, कर्नल ज्योतिदेव, प्रताप सिंह, ओम वर्मा, बबलू महतो, अमन साहू, शिवम चौबे, आनंद कुमार, राज दुबे, सौरभ यादव, सचिन सिंह, विद्यानंद, राजेश सिंह, अभिषेक महतो सहित कई विश्वविद्यालयों के विद्वान प्राध्यापक, शोधार्थी, छात्र-छात्राएं, साहित्यकार, कलाकार एवं शाहदेव परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। उक्त जानकारी स्व लाल रणविजय नाथ शाहदेव जी के पौत्र ऋतुराज शाहदेव (7903157382) ने दी।
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