रत्नेश कुमार ने ट्वीट कर किया कार्रवाई की मांग एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। कतरास के रामकनाली क्षेत्र में कथित अवैध कोयला कारोबार और अवैध उत्खनन का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिलाध्यक्ष रत्नेश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, झारखंड पुलिस, धनबाद पुलिस और सीआईएसएफ को टैग कर क्षेत्र में कथित रूप से चल रहे अवैध कोयला कारोबार पर रोक लगाने की मांग की है। रत्नेश कुमार का आरोप है कि रामकनाली क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन किया जा रहा है। जंगलों के बीच अवैध तरीके से निकाले गए कोयले का भंडारण किया जाता है और फिर रात के अंधेरे में ट्रकों पर लोड कर उसे भट्ठों तक पहुंचाया जाता है। उन्होंने यह भी कहा है कि क्षेत्र में कई अवैध मुहाने बनाकर कोयले का उत्खनन किया जा रहा है। सीआईएसएफ की सख्ती के बावजूद अवैध खनन कैसे? रत्नेश कुमार ने सीआईएसएफ की कथित सख्ती के बावजूद रामकनाली क्षेत्र में अवैध खनन और कोयले के भंडारण का खेल धड़ल्ले से जारी है। उनका कहना है कि फोटो और वीडियो में जंगलों के बीच कोयला जमा किए जाने और रात में उसकी ढुलाई किए जाने के संकेत दिखाई देते हैं। आखिर कोयला तस्करों पर किसका आशीर्वाद प्राप्त है जो खुलेआम अवैध कोयला कारोबार बड़े पैमाने पर चलाया जा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने, कथित अवैध खनन स्थलों की पहचान करने और अवैध कोयला कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
डांडिया उत्सव पर झूम उठे पंडाल, उमंग और उल्लास से सराबोर हुआ कार्यक्रम स्थल पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू रहे मुख्य अतिथि, आयकर आयुक्त निशा उरांव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुई आॅफिशियल लोहरदगा डांस एकेडमी के आयोजन में संस्कृति, भक्ति और नारी शक्ति का दिखा अद्भुत संगम एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर आॅफिशियल लोहरदगा डांस एकेडमी के तत्वावधान में शहर के पार्क के समीप स्थित जिला परिषद परिसर में भव्य डांडिया एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डांडिया की लयबद्ध थाप, पारंपरिक संगीत की सुरमयी धुन और रंग-बिरंगे परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने पूरे परिसर को उमंग, उल्लास और उत्सव के रंग में सराबोर कर दिया। कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए। अतिथियों के आगमन पर आयोजन समिति एवं अकादमी के सदस्यों ने आत्मीय स्वागत करते हुए माता की चुनरी भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इसके बाद मुख्य अतिथि धीरज प्रसाद साहू, विशिष्ट अतिथि निशा उरांव सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। तत्पश्चात मां दुर्गा की पूजा-अर्चना एवं माता की आरती की गयी। आरती के दौरान पूरा परिसर भक्तिभाव से ओत-प्रोत हो उठा। इसके बाद अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने डांडिया की मनोहारी प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। संगीत की धुन पर थिरकते कदम, डांडिया की खनक और दर्शकों की तालियों से पूरा परिसर जीवंत हो उठा। नवरात्रि हमारी सांस्कृतिक चेतना और नारी शक्ति का महापर्व : धीरज प्रसाद साहू मुख्य अतिथि धीरज प्रसाद साहू ने नवरात्रि एवं दुगार्पूजा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नवरात्रि केवल धार्मिक अनुष्ठान का पर्व नहीं, बल्कि शक्ति, भक्ति, आस्था, संस्कार और सामाजिक समरसता की जीवंत अभिव्यक्ति है। मां दुर्गा की आराधना हमें सत्य, न्याय और साहस के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि डांडिया और गरबा जैसे सांस्कृतिक आयोजन भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव को सुदृढ़ करते हैं। धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूप नारी शक्ति, साहस, आत्मसम्मान और सामर्थ्य के प्रतीक हैं। नारी के सम्मान और सशक्तीकरण के बिना समृद्ध समाज की कल्पना पूर्ण नहीं हो सकती। उन्होंने आॅफिशियल लोहरदगा डांस एकेडमी के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक प्रयास समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। सांस्कृतिक आयोजन हमारी विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ते हैं : निशा उरांव विशिष्ट अतिथि आयकर आयुक्त निशा उरांव ने सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और विरासत को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डांडिया जैसे कार्यक्रम युवाओं एवं बच्चों को अपनी संस्कृति से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने आयोजन के लिए आॅफिशियल लोहरदगा डांस एकेडमी की सराहना की। कार्यक्रम में मुख्य संरक्षक विधायक प्रतिनिधि निशिथ जायसवाल, एसडीपीओ श्रद्धा केरकेट्टा, परिवहन पदाधिकारी जया शंखी पुष्पी, अंजना दास, रिया दास, शशि गुप्ता, कुणाल वर्मा, निश्चय वर्मा, वार्ड पार्षद कुमार अभिषेक, रंजीत महली, रूपेश कुमार सहित अनेक गणमान्य नागरिक, महिलाएं, युवा एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन तक जिला परिषद परिसर डांडिया की थाप, भक्ति संगीत और उल्लास से गूंजता रहा। आयोजन ने नवरात्रि की आध्यात्मिक गरिमा को सांस्कृतिक उल्लास से जोड़ते हुए लोहरदगा की सांस्कृतिक जीवंतता, सामाजिक एकता और उत्सवधर्मिता का भव्य परिचय प्रस्तुत किया।
टीम एबीएन, रांची। लायंस क्लब आॅफ रांची ग्लोबल प्रत्येक शनिवार को सदर अस्पताल, रांची में नियमित रूप से खिचड़ी वितरण करता है। इसी क्रम में आज भी जरूरतमंदों एवं अस्पताल में उपस्थित लोगों के बीच खिचड़ी का वितरण किया गया। क्लब का यह सेवा कार्य मानवता, सामाजिक सरोकार और सेवा भावना का प्रतीक बन चुका है। इस अवसर पर क्लब के चार्टर प्रेसिडेंट लायन शैलेश अग्रवाल ने कहा कि क्लब की स्थापना के समय से ही खिचड़ी वितरण सहित विभिन्न सेवा कार्य निरंतर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, हमारा उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाना और समाज में सेवा एवं मानवता की भावना को मजबूत करना है। हमारा यह सेवा अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा। क्लब के वर्तमान अध्यक्ष लायन अरुण भारतीय ने कहा कि जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना अत्यंत सुखद और आत्मिक संतुष्टि देने वाला अनुभव है। किसी भूखे व्यक्ति को भोजन उपलब्ध कराने से मिलने वाली खुशी अनमोल होती है। क्लब आगे भी समाज के जरूरतमंद वर्गों की सेवा के लिए समर्पित भाव से कार्य करता रहेगा। क्लब की सचिव लायन डॉ खुशबू अग्रवाल ने कहा कि इस तरह के सेवा कार्यों में भाग लेकर उन्हें अत्यंत आनंद और संतोष मिलता है। क्लब का प्रयास है कि यह सेवा नियमित रूप से जारी रहे और अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई जा सके। क्लब की कोषाध्यक्ष लायन मोनिका गोयनका ने कहा कि सेवा समाज को जोड़ने का सबसे सुंदर माध्यम है। जरूरतमंदों की सहायता करने से समाज में आपसी सहयोग, संवेदना और अपनत्व की भावना मजबूत होती है। आज के खिचड़ी वितरण कार्यक्रम की स्पॉन्सरशिप अंकुर भाटिया एवं रिंकी भाटिया, भाटिया एंटरप्राइजेज द्वारा की गयी। क्लब ने इस पुनीत कार्य में सहयोग देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर लायन अल्तमस आलम, लायन राजीव चौधरी तथा क्लब के जॉइंट ट्रेजरर लायन सुमित अग्रवाल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने सेवा कार्य में सक्रिय सहभागिता निभायी। लायंस क्लब आॅफ रांची ग्लोबल भविष्य में भी मानव सेवा, जरूरतमंदों की सहायता और सामाजिक कल्याण के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
महानवमी एवं विजयादशमी शक्ति की साधना और सत्य की विजय का महापर्व एबीएन सोशल डेस्क। विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग एवं श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि भारत की सनातन संस्कृति में महानवमी एवं विजयादशमी का पर्व धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक गौरव का अनुपम प्रतीक है। शारदीय नवरात्र के नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना के बाद महानवमी और दशहरा पूरे देश में श्रद्धा, उल्लास एवं उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। ये महापर्व हमें सत्य, धर्म, साहस और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को महानवमी मनायी जाती है। इस दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि मां सिद्धिदात्री अपने भक्तों को सुख, समृद्धि, ज्ञान और सिद्धियां प्रदान करती हैं। मंदिरों एवं घरों में दुर्गा सप्तशती का पाठ, मंत्रोच्चार, हवन और विशेष पूजन आयोजित किये जाते हैं।महानवमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व है। नौ कन्याओं को मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतीक मानकर उनका पूजन किया जाता है। उन्हें भोजन कराकर उपहार एवं दक्षिणा दी जाती है। यह परंपरा नारी शक्ति के सम्मान, बालिकाओं के प्रति आदर और समाज में समानता की भावना को सुदृढ़ करती है। अनेक श्रद्धालु इस दिन नवरात्र व्रत का पारण भी करते हैं। आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी अथवा दशहरा मनाया जाता है।रामायण की मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीराम ने इसी दिन रावण का वध कर अधर्म पर धर्म की विजय स्थापित की थी। इसी की स्मृति में देशभर में रामलीला का मंचन और रावण, कुंभकर्ण तथा मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है। विजयादशमी का संबंध मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय से भी है। मान्यता है कि मां दुर्गा ने नौ दिनों तक युद्ध करने के बाद दसवें दिन महिषासुर का संहार किया। इस प्रकार यह पर्व शक्ति, साहस, न्याय और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का संदेश देता है। दशहरे के दिन श्रद्धालु भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमानजी और मां दुर्गा की पूजा करते हैं। अनेक स्थानों पर शस्त्र पूजन, वाहन पूजन तथा कार्य में प्रयुक्त उपकरणों की पूजा की जाती है। शमी वृक्ष की पूजा भी शुभ मानी जाती है। दुर्गा पूजा के समापन पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन श्रद्धा और भावुकता के साथ किया जाता है। लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं देकर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।महानवमी एवं विजयादशमी केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और सामाजिक सद्भाव के महापर्व हैं। रावण दहन हमें अपने भीतर के अहंकार, क्रोध, लोभ, ईर्ष्या और अन्य बुराइयों को समाप्त करने की प्रेरणा देता है। मां दुर्गा की आराधना नारी सम्मान तथा अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का संदेश देती है। आज आवश्यकता है कि हम इन पर्वों के आदर्शों को अपने आचरण में उतारें तथा समाज में प्रेम, एकता, भाईचारे और नैतिक मूल्यों को मजबूत करें। सत्य की विजय, असत्य का अंत और मानवता की प्रतिष्ठा ही महानवमी एवं विजयादशमी का वास्तविक संदेश है।
देवेंद्र नाथ महतो को समाज के प्रति समर्पण, और निडरता के साथ अन्याय के विरुद्ध संघर्ष के प्रतीक के रूप में दर्शाया गया है झारखंड के छात्र आंदोलन को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने वाले देवेन्द्र नाथ महतो दिशुम वीर बाबू, युवा आइकॉन, सोशल रिफॉर्मर, अनशनकर्ता, झारखंड के सोनम वांगचुक, छात्र आंदोलनकारी के नाम से प्रसिद्ध हैनामकुम के जय माता दी क्लब की अनूठी पहल, माता-पिता के सम्मान, संस्कार और संघर्ष का संदेश दे रहा पूजा पंडाल टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची के नामकुम रेलवे स्टेशन के समीप स्थित जय माता दी क्लब का दुर्गा पूजा पंडाल इस वर्ष विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। राजस्थान के प्रसिद्ध हवा महल की तर्ज पर निर्मित भव्य पंडाल में मां दुर्गा के दर्शन के साथ सामाजिक, पारिवारिक और मानवीय मूल्यों को भी खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया है। पंडाल परिसर में स्थापित आठ प्रतिमाओं के माध्यम से माता-पिता के सम्मान, माँ की ममता, बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा और संस्कारों को दर्शाया गया है।इन प्रतिमाओं के बीच झारखंड के चर्चित छात्र आंदोलनकारी नेता, जेएलकेएम के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष, सोशल रिफॉर्मर, युवा आइकॉन, अनशनकर्ता, दिशुम वीर बाबू देवेन्द्र नाथ महतो की प्रतिमा विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। उनकी प्रतिमा को देखने के लिए लोग भारी संख्या में उत्सुकता के साथ पूजा पंडाल पहुंच रहे हैं और प्रतिमाओं के माध्यम से प्रस्तुत सामाजिक संदेशों को समझ रहे हैं। एक ओर मां दुर्गा की आराधना हो रही है, तो दूसरी ओर समाज के प्रति समर्पण, जनसेवा और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा भी दी जा रही है। छात्र आंदोलन से राष्ट्रीय पहचान तक का सफर देवेन्द्र नाथ महतो झारखंड में छात्र हितों, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और युवाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले प्रमुख चेहरा हैं। जेपीएसससी जेएसएससी भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर उनके नेतृत्व में चला आंदोलन व्यापक चर्चा में रहा। लगातार संघर्ष करते हुए उन्होंने 26 दिनों तक सत्याग्रह, 16 दिनों तक भूख हड़ताल तथा 24 जिलों में भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा किया। इस आंदोलन की खास विशेषता शांतिपूर्ण, संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें उठाने पर विशेष जोर दिया गया। इस आंदोलन को भारी संख्या में देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों ने भारी संख्या में समर्थन दिया, उनके समर्थक उन्हें स्नेहपूर्वक दिशुम वीर बाबू और झारखंड के सोनम वांगचुक अनशनकर्ता, सोशल रिफॉर्मर, युवा आइकॉन, छात्र आंदोलनकारी के नाम से संबोधित करते हैं। छात्रों के साथ-साथ वे मजदूरों के वेतन, बोनस और कार्यस्थल पर अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर भी आवाज उठाते रहे हैं। जनसमस्याओं को लेकर संबंधित पक्षों से संवाद करना और समाधान के लिए प्रयास करना उनकी सार्वजनिक गतिविधियों का हिस्सा रहा है। देवेन्द्र नाथ महतो की संघर्ष की प्रमुख विशेषता यह रहती है कि वे जन समस्याओं को केवल बयानबाजी तक सीमित रखने के बजाय संघर्ष तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं। नामकुम के पूजा पंडाल में देवेंद्र नाथ महतो का प्रतिमा स्थापित होना उनकी सार्वजनिक पहचान और संघर्ष की यात्रा को कलात्मक रूप में प्रस्तुत करने का एक प्रयास है। एक ही परिसर में संस्कार से संघर्ष तक का संदेश जय माता दी क्लब के अध्यक्ष विनोद सिंह ने अपने माता-पिता रामा देवी और कैलास सिंह की प्रतिमाएं स्थापित कर माता-पिता के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का संदेश दिया है। वहीं, देवेन्द्र नाथ महतो की प्रतिमा संघर्ष, समर्पण और जनसेवा की भावना को दर्शाती है। इसके माध्यम से यह संदेश उभरता है कि परिवार से मिलने वाले संस्कार व्यक्ति को समाज के प्रति जिम्मेदार बना सकते हैं और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा दे सकते हैं। रांची के गलियारों में में चर्चा है कि नामकुम रेलवे स्टेशन के समीप स्थित जय माता दी क्लब का यह पूजा पंडाल धार्मिक आस्था के साथ साथ सामाजिक सरोकारों को जोड़ने का प्रयास कर रहा है। देवेंद्र नाथ महतो की प्रतिमा इस वर्ष लोगों के बीच विशेष चर्चा का विषय बनी हुई है। माता- पिता के सम्मान से लेकर जनहित के लिए संघर्ष तक की यात्रा को एक ही परिसर में प्रस्तुत करने वाला यह प्रयास दुर्गा पूजा को सामाजिक संदेश से जोड़ने की एक उल्लेखनीय पहल है। यह पूजा पंडाल केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि समाज को परिवार, संस्कार, शिक्षा और जनहित के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देने का भी प्रयास है। दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर देवेन्द्र नाथ महतो की प्रतिमा का आकर्षण लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यह पहल दशार्ती है कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन सामाजिक सरोकारों तथा जनसेवा की प्रेरणा का माध्यम भी बन सकते हैं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। धनबाद जिला खाद्य सुरक्षा विभाग ने त्योहारों पर बाजार में पनीर की बढ़ती मांग को देखते हुए मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग की टीम ने शनिवार को गुप्त सूचना पर शहर में एक साथ चार ठिकानों पर छापेमारी कर करीब 1400 किलो मिलावटी पनीर जब्त किया। मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है फूड सेफ्टी आॅफिसर डॉ राजा कुमार के नेतृत्व में टीम ने धनबाद पुलिस लाइन के समीप और कार्मिक नगर समेत चार स्थानों पर छापेमारी की। विभाग को सूचना मिली थी कि दूसरे राज्य से पनीर लाकर शहर के विभिन्न ठिकानों पर जमा किया जा रहा है। इसके बाद टीम ने एक साथ कार्रवाई करते हुए घरों में स्टॉक किये गये पनीर को जब्त किया। घरों में जमा था पनीर का स्टॉक, गुणवत्ता पर संदेह छापेमारी के दौरान अलग-अलग ठिकानों से भारी मात्रा में पनीर बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में पनीर की गुणवत्ता को लेकर संदेह जताया गया है। हालांकि पनीर में किन सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया है और इसमें किस तरह के रासायनिक पदार्थ की मिलावट हुई है इसकी पुष्टि प्रयोगशाला में जांच के बाद ही हो सकेगी। कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिये गये तीन लोगों और जब्त पनीर को धनबाद थाना भेज दिया गया है। विभाग मामले की जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी। त्योहारों में आपकी थाली तक पहुंच सकता है मिलावटी सामान त्योहारों के दौरान मिठाई, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ उनकी गुणवत्ता पर निगरानी भी जरूरी हो जाती है। इसी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट के संदेह में जांच अभियान तेज किया है। धनबाद में एक साथ चार ठिकानों से 1400 किलो संदिग्ध पनीर की बरामदगी ने खाद्य पदार्थों की आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये हैं।
चांडिल में 85 लाख की डकैती पर मारवाड़ी सम्मेलन ने जताई चिंतापुलिस महानिदेशक से अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी एवं राज्य में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांगटीम एबीएन, रांची। चांडिल निवासी झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के सदस्य श्री सुरेश कुमार चौधरी के आवास पर हुई भीषण डकैती की घटना पर झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन ने गहरी चिंता एवं आक्रोश व्यक्त किया है। सम्मेलन ने झारखंड के पुलिस महानिदेशक से घटना में शामिल सभी अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी तथा लूटे गए लगभग 85 लाख रुपये मूल्य के गहनों एवं नकद राशि की बरामदगी की मांग की है।झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल ने पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर इस दुस्साहसिक घटना की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराने तथा अपराधियों के पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने का आग्रह किया है। पत्र में कहा गया है कि रात्रि के समय घर में घुसकर पूरे परिवार को बंधक बनाना और लूटपाट कर फरार हो जाना अत्यंत गंभीर एवं चिंताजनक है। इस घटना से न केवल पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।सम्मेलन ने मांग की है कि अपराधियों की गिरफ्तारी एवं लूटे गए सामान की बरामदगी के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की जाए। साथ ही, चांडिल सहित राज्य के संवेदनशील क्षेत्रों में रात्रिकालीन पुलिस गश्त बढ़ाई जाए तथा सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। सम्मेलन ने कहा कि नागरिकों के जीवन एवं संपत्ति की रक्षा करना पुलिस प्रशासन का सर्वोपरि दायित्व है। ऐसी गंभीर घटनाओं पर त्वरित एवं कठोर कार्रवाई आवश्यक है,ताकि अपराधियों में कानून का भय और आम जनता में सुरक्षा का विश्वास कायम हो सके। उक्त जानकारी झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने दी। सम्मेलन ने विश्वास व्यक्त किया कि पुलिस प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्रवाई करेगा तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाएगा।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। सनातन धर्म समिति के तत्वाधान में बौली बगीचा महादेव टोली दुर्गा मंदिर के प्रांगण में डांडिया महोत्सव का आयोजन किया गया। आयोजनकर्ता जय श्री राम समिति के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल एवं समिति के पदाधिकारियों ने आए हुए अतिथियों को चुनरी भेंट कर सम्मानित किया। इस आयोजन में अतिथि के रूप में आजसू पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता डॉक्टर देवशरण भगत, नगर परिषद अध्यक्ष अनिल उरांव,अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार मुख्य रूप से उपस्थित थे। अतिथियों ने मां दुर्गा के प्रतिमा पर आरती कर एवं डांडिया खेलकर कार्यक्रम की शुभारंभ की सैकड़ो की संख्या में आए हुए माता रानी के भक्तों ने डांडिया कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।कार्यक्रम में आजसू पार्टी के केंद्रीय सचिव सूरज अग्रवाल, महेंद्र महतो, बबलू महतो, समाजसेवी राजेश महतो, सरना सनातन के कई समाजसेवी एवं रांची से आए हुए आजसू पार्टी के कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।
सांसद सुखदेव भगत का केंद्र पर बड़ा हमला, बोले - हम गांधीवादी तरीके से विरोध कर रहे हैं, सरकार हमें कानून तोड़ने वाला बता रही हैएबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोकसभा के सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। प्रशांत भूषण और सत्ता परिवर्तन पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार लोकतांत्रिक विरोध को भी सहन नहीं कर पा रही है।जब भी महात्मा गांधी ने कोई आंदोलन शुरू किया, अंग्रेजों ने उन्हें हमेशा गिरफ्तार कर लिया या उन्हें कानून तोड़ने वाला मान लिया। हम भी संवैधानिक और गांधीवादी तरीके से सरकार के समक्ष अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।अब यह सरकार के नजरिए पर निर्भर करता है; उनकी नजर में हम हमेशा कानून तोड़ने वाले ही रहेंगे। सच्चाई यह है कि जब भी आप कोई आंदोलन शुरू करते हैं या विरोध प्रदर्शन करते हैं, तो आप स्वाभाविक रूप से सरकार के स्थापित मानदंडों के विपरीत कार्य कर रहे होते हैं।सांसद भगत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा गांधीवादी और संवैधानिक तरीके से जनता की आवाज उठाती रही है, लेकिन केंद्र सरकार हर विरोध को देशद्रोह और कानून उल्लंघन के चश्मे से देखती है। यह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन और संविधान की रक्षा के लिए लड़ रही है।
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