टीम एबीएन, मेदिनीनगर। पलामू जिला व्यवहार न्यायालय के चतुर्थ जिला व सत्र न्यायाधीश सह स्पेशल जज पोक्सो एक्ट के पीएन पांडेय की अदालत ने मनातू थाना कांड संख्या 45/2016 के तीन के तीन आरोपियों को 20 वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।अर्थदंड की राशि नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। सजा पाने वालों में अफजल अंसारी, बबलू सिंह उर्फ बिक्रम राजा व नौशाद अनवर अंसारी शामिल है। वहीं इसी थाना कांड संख्या के आरोपी गूंजा बीबी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है और 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड की राशि नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। इस इस मामले में मनातू थाना के रहेया ग्राम की तबस्सुम खातून ने 16 दिसंबर 2016 को तीन लोगों के विरुद्ध मनातू थाना में नामजद प्राथमिकी मनातू थाना कांड संख्या 45/2016 दर्ज कराई थी। वह प्राथमिकी में आरोप लगाई थी कि उसकी शादी उसके गांव के ही अफजल अंसारी से हुई थी। उसका पति अफजल अंसारी बदमाश किस्म का लड़का है ।14 दिसंबर 2016 को रात 8 बजे उसके पति अफजल अंसारी अपने साथ दो लड़का बबलू सिंह व टूनु को लाया और डरा धमका कर उसके साथ बलात्कार किया। मोबाइल से वीडियो बनाया। उसके पति अफजल अंसारी मदद कर रहे थे। जब वह इसका विरोध की तो जान मारने की धमकी दी एवं हथियार दिखाया। पीड़िता का घर का रास्ता एक तरफ है। जाड़े की रात रहने के कारण सुनसान था। इसके बाद तीनों अभियुक्त वहां से चले गए। सुबह में उसका पति बोला किया यह बात किसी को नहीं बताना। लेकिन पीड़िता अपने घर में पिता को बताई व मनातू थाना गए। वहां लिखित शिकायत दर्ज कराई। अदालत ने पोक्सो 57/2017 के आरोपी अफजल अंसारी को 376(d) में दोषी पाते हुए 20 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड की राशि नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। वहीं पोक्सो 57 ए 2017 के आरोपी बबलू सिंह उर्फ विक्रम राजा को भी 376(d) में दोषी पाते 20 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा व 20 हजार रुपए अर्थदंड लगाया है। अर्थ दंड की राशि नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। वही पोक्सो 57 बी / 2017 के आरोपी नौशाद अनवर अंसारी को भी 376(d) के तहत 20 वर्ष सश्रम कारावास की सजा 20 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।अर्थदंड की राशि नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। वहीं पोक्सो 57ए 2017 के आरोपी गुंजा बीवी को धारा 6 के तहत दोषी पाते हुए 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है व 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना की राशि नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। विदित हो कि चारों आरोपी पूर्व से ही केंद्रीय कारा मेदिनीनगर में बंद हैं।
कोडरमा। कोडरमा में खेल प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यहां के खिलाड़ी लगातार इस बात को प्रमाणित करते रहे हैं। इसी कड़ी में कोडरमा के शाद रजा का चयन नेशनल कबड्डी के लिए राज्य कबबड्डी टीम में हुआ है। रांची में आयोजित पूर्व प्रतियोगिता में प्रदर्शन के आधार पर शाद का चयन किया गया है। शाद की इस सफलता पर इसका चयन हुआ है। इस बारे में मिली जानकारी के अनुसार उतराखंड में 28 से 31 दिसंबर तक आयोजित 31वीं सब जूनियर कबड्डी प्रतियोगिता में शाद रजा झारखंड की ओर से अपनी खेल प्रतिभा का परिचय देगा। इसकी इस सफलता पर झारखंड कबड्डी एसोसिएशन के जेनरल सेके्रटरी विपीन सिंह, जिला खेल पदाधिकारी प्रवीण कुमार,जिला कबड्डी संघ के सचिव धर्मेंद्र सिंह, संयुक्त सचिव जयगोपाल शर्मा, संदीप सिन्हा, उपाध्यक्ष तौफिक हुसैन, विजय कुमार, कोषाध्यक्ष विशाल सिंह, कोच सुनील साव, प्रवीण कुमार दास ने बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
गुमला। आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम की श्रंख्ला में आज जिले के सभी सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त मध्य, उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में आज जिला मुख्यालय स्थित एस.एस. बालक प्लस टू उच्च विद्यालय गुमला में शिक्षक अभिभावक संगोष्ठी का आयोजन में किया गया। संगोष्ठी का शुभारंभ उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा, जिला शिक्षा पदाधिकारी सुरेंद्र पाण्डेय, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी देवेंद्रनाथ भादुड़ी एवं एसएमपीओ रेचल जोजोवार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। मौके पर उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा ने शिक्षक-अभिभावक सगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य बच्चों को आत्मनिर्भर बनाते हुए उनके अंदर उस विश्वास को जागृत करना है जिससे वे अपना भविष्य उज्जवल कर सकें। इसमें अभिभावकों की भूमिका अति महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी में अभिभावकों की सहभागिता अति आवश्यक है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों को भी आगे आना होगा। उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद, साफ-सफाई, स्वच्छता, अनुशासन आदि का भी ज्ञान देना होगा। अभिभावकों को अपने बच्चों के शिक्षण गतिविधियों का सतत अनुश्रवण करना होगा ताकि वे अपने लक्ष्य को प्राप्त करने से न चूकें। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए हुए कहा कि वे शिक्षा के अलावा चरित्र निर्माण पर भी विशेष ध्यान दें। पढ़ाई के साथ-साथ अपने जीवन में स्वच्छता एवं साफ-सफाई की आदतों को भी अपनाएं। उन्होंने वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रसार को देखते हुए 15 जनवरी 2022 तक पूरे गुमला जिले को शत-प्रतिशत टीकाकरण से आच्छादित करने के लक्ष्य की जानकारी देते हुए कहा कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। इस वैश्विक महामारी से बचाव का एकमात्र उपाय टीकाकरण ही है। अतः विद्यालय के सभी 18 वर्ष से अधिक आयु वाले विद्यार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर कोरोना का टीका लगवाने हेतु प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने संगोष्ठी में शामिल अभिभावकों को भी कोरोना के दोनों टीके लगवाने की अपील की। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर मास्क पहनने, हाथों को धोने तथा सामाजिक दूरी का अनुपालन करने की भी अपील की। जिला शिक्षा पदाधिकारी सुरेंद्र पाण्डेय ने शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को स्वावलंबी बनाने की दिशा में अभिभावकों की सहभागिता महत्वपूर्ण है। अभिभावकों का नाता विद्यालय के साथ होना चाहिए, ताकि शिक्षकों के साथ रूबरू होकर शिक्षा के क्षेत्र में होने वाली कमियों को दूर किया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि अभिभावकों का दायित्व केवल विद्यालयों में बच्चों का दाखिला कराना ही नहीं है, अपितु बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए सदैव उनका मार्गदर्शन करना, पढ़ने-लिखने के लिए प्रोत्साहित करना तथा शिक्षकों के साथ समन्वय स्थापित कर बच्चों की अभिरूची के क्षेत्र में उन्हें आगे बढ़ने के लिए उनका सहयोग करना भी है। संगोष्ठी में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका शुभ्रा भारती ने शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी की विशेषता पर प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी में अभिभावकों की उपस्थिति को अति महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि एक विद्यार्थी के भविष्य को उज्जवल बनाने में शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों की भी भूमिका महत्वपूर्ण होती है। अभिभावकों को अपने बच्चों के साथ अधिक से अधिक समय व्यतीत करना चाहिए ताकि बच्चे अपनी भावनाओं को व्यक्त कर पाएं। बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं उज्जवल भविष्य के लिए शिक्षकों एवं अभिभावकों को परस्पर एवं आपसी सम्नवय स्थापित कर शैक्षणिक शैली में विकास, पठन-पाठन में उन्नयन, पाठ्येतर गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में अपना सहयोग देना होगा। उन्होंने विद्यालय के सभागार की जर्जर अवस्था की जानकारी देते हुए सभागार के जीर्णोद्धार की अपील की। जिसपर उपायुक्त ने अगले दो–से-तीन दिनों के अंदर सभागार के जीर्णोद्धार/ मरम्मती हेतु स्वीकृति प्रदान किए जाने का आश्वासन दिया। संगोष्ठी में कक्षा नवमी के छात्र देवनाथ नगेशिया द्वारा देश-भक्ति गीत प्रस्तुत की गई। वहीं बालिकाओं द्वारा ऊंचा-नीचा पहाड़-पर्वत गीत पर सामूहिक नृत्य (झारखंडी नृत्य) की प्रस्तुति दी गई। वहीं कक्षा बारहवीं की छात्रा आलिया फलक द्वारा विद्यार्थी के जीवन में शिक्षक-अभिभावक के महत्व पर भाषण प्रस्तुत किया गया। उपायुक्त द्वारा वर्ष 2021 में कक्षाओं में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करनेवाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित एवं पुरस्कृत भी किया गया। शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी में उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा, जिला शिक्षा पदाधिकारी सुरेंद्र पाण्डेय, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी देवेंद्रनाथ भादुड़ी, एसएमपीओ रेचल जोजोवार, प्रधानाध्यापिका शुभ्रा भारती सहित शिक्षक विंद, अभिभावक, विद्यार्थी व अन्य उपस्थित थे।
नौडीहा बाजार। गुप्त सूचना के आधार पर थाना प्रभारी नौडीहा बाजार रंजीत प्रसाद यादव के नेतृत्व में नौडीहा पुलिस के छापेमारी दल ने अमवा में बड़े पैमाने पर चल रहे शराब भट्ठी को ध्वस्त किया। शराब निर्माण में प्रयुक्त जावा महुआ, ड्रम को आग के हवाले कर नष्ट कर दिया गया।विदित हो कि अमवा से बिहार में अबैध शराब की तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही थी। जिसकी खबर लगातार नौडीहा पुलिस को मिल रही थी। इसी सूचना के आधार पर नौडीहा पुलिस ने अप्रत्याशित कदम उठाई।
मेदिनीनगर। झारखंड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन, झारखंड के अध्यक्ष सह झामुमो नेता अविनाश देव ने मंत्री मिथिलेश ठाकुर की गरिमामयी उपस्थिति में प्राथमिक विद्यालय खोलने से संबंधित मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने मुख्यमंत्री से निवेदन करते हुए कहा कि विगत 22 मार्च 2020 के जनता कर्फ़्यू से आज तक हम सबने कोरोना वायरस के प्रकोप को देखा और समझा। इन 22 महीनों में निम्न व मध्यम वर्ग के लोगों की हालत उन ज़ख़्मों की जैसी हो गई है, जिसे न तो हम देख सकते हैं और न ही किसी को दिखा सकते हैं। भविष्य का भारत अब तबाही के क़गार पर है, जिसे बिना विलंब किए शिक्षा व रोज़गार के द्वारा नये सिरे से गढ़ने की ज़रूरत है। आपके ही कथनानुसार अब आप जीवन भी, जीविका भी, झारखंड भी, झारखंडी भी को धरातल पर उतार दीजिए, ताकि शिक्षक वर्ग एवं शिक्षकेत्तर कमर्चारी अपनी जीविका निर्बाध रूप से चला सकें, क्योंकि जैसे-जैसे शैक्षणिक सत्र निकट आ रहा है, हर मां-बाप अपने बच्चों की तालीम को लेकर चिंतित हैं, इसलिए महोदय आपसे विनम्र अपील है कि कोरोना के इस नाज़ुक दौर से शिक्षा और शिक्षित वर्ग को अविलंब बाहर करने की कृपा करें। ज्ञापन के अंत में उन्होंने कहा कि हम प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन, झारखंड माननीय मुख्यमंत्री महोदय से यह मांग करता है कि यथाशीघ्र प्राथमिक विद्यालय खोलने का कष्ट करें। इस पुनीत कार्य के लिए हम सभी विद्यालय के शिक्षक एवं अभिभावकगण आपका सदा आभारी रहेंगे। वहीं ज्ञापन ग्रहण करने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा कि हम यथाशीघ्र इस दिशा में सार्थक क़दम उठाएंगे। ताकि शिक्षा का स्तर ऊंचा हो सके, वहीं विद्यालय से जुड़े हुए शिक्षक एवं कर्मचारियों को जीवनोपार्जन के लिए भटकना न पड़े।
रांची। कड़ाके की ठंड को देख मख मंदरो पेरिश में कैथोलिक चैरिटीज रांची ने कंबल बांटे। यह समय क्रिसमस का भी है तो जरूरत की चीजें बैठकर क्रिसमस की खुशियां भी मनाई जाती है। मौके पर फादर बिपिन किशोर बिलुंग ने कहा कि क्रिसमस खुशी बांटने का त्योहार है। हम उसी खुशी को आपके साथ बांटने आये हैं। आज येसु शारीरिक रूप से खुशी देने के लिये जन्म नहीं लेंगे पर हमारे सेवा के कार्य से, हमारे अच्छे आचरण से, हमारे प्रेम के कार्य के माध्यम से हमारे बीच जन्म लेंगे। इसलिए इस क्रिसमस के अवसर पर हम उसी खुशी और प्रेम को एक छोटे से उपहार से बांट रहे हैं। फादर अनिल कुजूर ने कहा कि ये उपहार किसी की उदारता का चिह्न है। हम आपसे निवेदन करते हैं कि उन उदार ब्यक्तियों के लिए प्रार्थना कर दीजिए जिन्होंने इस ठंड के समय आप के बारे में सोचा।
बुढ़मू। मंगलवार को आदिवासी लोहरा समाज, बुढ़मू प्रखंड समिति की बैठक प्रखंड अध्यक्ष राम सुंदर लोहरा की अध्यक्षता में बुढ़मू प्रखंड परिसर में हुई। जिसका संचालन दिनेश लोहरा ने किया। इसके मुख्य अतिथि समाज के झारखंड प्रदेश के धार्मिक प्रकोष्ठ अध्यक्ष अभय भुटकुंवर, महासचिव प्रीतम सांड लोहरा, रांची जिला अध्यक्ष बैजनाथ कुमार लोहरा शामिल हुए। सभा को सम्बोधित करते हुए अभय भुटकुंवर ने कहा कि लोहरा अनुसूचित जनजाति प्रकृति पूजक हैं। मूर्ति पूजक नहीं हैं। सरना और सनातन एक नहीं है। इसलिए, घर वापसी जरूरी है। बैठक में सर्वसम्मति से निम्नलिखित निर्णय लिया गया जिसमें निम्न प्रस्ताव पारित किया गया। आदिवासी लोहरा समाज, बुढ़मू प्रखंड समिति का पुनर्गठन 7 जनवरी 2022 को किया जाएगा। इसके लिए एक 15 सदस्यी तैयारी समिति का गठन किया गया है। बैठक में बालेश्वर लोहरा, महावीर लोहरा, विवेक लोहरा, बंधु लोहरा, विजय लोहरा, राज किशोर लोहरा, बलदेव लोहरा, रंथू लोहरा, चंदन लोहरा, करण लोहरा, विष्णु लोहरा, संजय लोहरा, लक्ष्मी लोहरा, रमेश लोहरा, रामेश्वर लोहरा, ज्ञानी लोहरा, प्रदीप लोहरा, तुलसी लोहरा, अनिल लोहरा, तारकेश्वर लोहरा, गणपत लोहरा, सुदर्शन लोहरा, बासुदेव लोहरा के अलावे दर्जनों लोगों शामिल हुए।
रांची। मंगलवार को एचईसी फैक्ट्री के नाम पर ली गई भूमि में गैरकानूनी स्मार्ट सिटी निर्माण रद्द करने, एचईसी की सरप्लस भूमि रैयतों को वापस करने एवं विस्थापितों के संपूर्ण पुनर्वास की मांग के साथ 11 बजे बिरसा चौक में संयुक्त विस्थापित जनसंगठनों ने मानव शृंखला बनायी। इस दौरान हेमंत सरकार से कहा कि पूर्व की सरकार के गलत निर्णय को सुधार कर नये सिरे से हेमंत सरकार जनता की हित में काम करे। पिछली सरकार ने अपने चहेते लोगों के लिए जबरन फैक्ट्री एरिया में शिलान्यास किया। स्मार्ट सिटी बनाने पर तत्काल रोक लगायी जाए। सरकार कारखाना की जमीन को छोड़ कहीं अन्यंत्र शहर के बाहर रिंग रोड एरिया में स्मार्ट सिटी का निर्माण करे, ताकि पूरे इलाके का विकास हो। एचईसी में नौकरी और रोजगार की संभावना नहीं है। विस्थापित रैयतों को उनकी जमीन वापस कर दी जाए, ताकि लोग आराम से खेती कर अपने परिवार का भरण पोषण कर सकें। साथ ही एयरपोर्ट के विस्थापित, रेलवे, सेना एवं अन्य विस्थापितों को संपूर्ण पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध करायी जाये। इसी सत्र में विस्थापित आयोग के गठन की घोषणा सदन से पारित हो। झारखंड की नौकरी में विस्थापितों के लिए 30 प्रतिशत स्थान उपलब्ध करायी जाए। सभी लोग विस्थापितों के हक में प्ले कार्ड लेकर खड़े दिखे, जिसमें स्मार्ट सिटी का निर्माण बंद करो, विस्थापितों का संपूर्ण पुनर्वास करो, सरकार जमीन दलाली बंद करो, बची जमीन वापस करो, विस्थापितों को नौकरी दो, विस्थापन आयोग का गठन करो, उद्देश्य के अनुसार काम करो, वादाखिलाफी बंद करो, जमीन की दलाली बंद करो आदि नारे लिखे थे। उक्त प्ले कार्ड लेकर विस्थापित, महिला-पुरुष मानव शृंखला में शामिल हुए। आज के कार्यक्रम का सामूहिक नेतृत्व, झारखंड पड़हा समिति के अध्यक्ष अजीत उरांव, एचईसी विस्थापित जन कल्याण समिति के सचिव मोखतार अंसारी एयरपोर्ट विस्थापित मोर्चा के प्रकाश तोप्पो, निकोलस एक्का ने किया। उक्त कार्यक्रम में पड़हा राजा बुधवा मुंडा, सुभाष मुंडा, मनोज तिवारी, लाल तार्केश्वर शाहदेव, सुरेश गोप, प्रकाश तोप्पो, मंजूर आलम, इमरांन होदा, अनवारुल हक, सफीउल्लाह अंसारी, सरिता मिंज, सुमिता सांगा, सबनम कछप, कर्मा लिनडा, इब्रहिम अंसारी, कोल्हा अंसारी, एहतेशाम अली, राजेश लिंडा, पूनम लिंडा, डेविड आइंद्, सोमा सांगा, पी पी एक्का उपस्थित थे।
कोडरमा। उपायुक्त आदित्य रंजन अपने कार्यालय कक्ष में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आये आम-जनों की समस्याओं से रुबरु हुए। उपायुक्त द्वारा सभी के शिकायतों को बारी-बारी से सुना जा रहा था...ऐसे में रोती बिलखती महिला उपायुक्त के पास आयी और अपनी गुमशुदा बेटी की खोजबीन करने को लेकर गुहार लगायी। रामनगर वार्ड नं-24 झुमरी तिलैया की रहने वाली बंसती देवी ने बताया कि मेरी बेटी डोली कुमारी, जिसकी उम्र 18 वर्ष है, पिछले 15 दिसंबर 2021 को सुबह करीब 10.15 बजे घर से टियुशन पढ़ने को बोल कर गयी और फिर वापस लौट कर नहीं आयी है। हमलोगों के द्वारा अपने आस-पड़ोस और रिश्तदोरों में खोज की गयी लेकिन युवती का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। युवती के न आने से परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस मामले को उपायुक्त ने गंभीरता से लेते हुए झुमरी तिलैया थाना प्रभारी से फोन पर वार्ता कर युवती को तत्काल खोजबीन करने का निर्देश दिया। साथ ही जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी को सामाजिक संगठनों से समन्वय स्थापित करते हुए युवती को ढंढूने की बात कही। उपायुक्त ने जिलावासियों से अपील करते हुए कहा कि उक्त युवती के बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी मिलने पर जिला प्रशासन को सूचित करें ताकि उस बच्ची को ढूंढ कर सुरक्षित उसके अभिभावक को सौंपा जाये। सूचना देने वाले को जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जायेगा। इसके अतिरिक्त अवैध निर्माण, खतियानी जमीन को जबरन कब्जा करने, जमीन विवाद, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुकों का नाम पुन: जोड़ने के संबंध में आवेदन प्राप्त हुए। उपायुक्त ने प्राप्त आवेदनों पर संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए प्रतिवेदन उपलब्ध करने का निर्देश दिया गया।
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