टीम एबीएन, रांची। वार्ड पार्षद मुलाकात कार्यक्रम के तहत अब तक कुल 53 में से 47 वार्ड पार्षदों से उनके वार्ड क्षेत्र में जाकर मिला रांची सिटीजन फोरम का प्रतिनिधिमंडल और उनको अंगवस्त्र देकर उनके निर्वाचित होने पर बधाई दी तथा क्षेत्र की समस्याओं पर उनको ज्ञापन सौंपा। मुलाकात के क्रम में वार्ड पार्षदों ने बताया कि 3 महीना से अधिक हो गया है उनके निर्वाचन को, लेकिन अभी तक उनको मानदेय तक नहीं मिला है और फंड की कमी बताकर विकास योजनाओं को रोक दिया गया है, वार्ड में छोटा-छोटा विकास कार्य भी नहीं करवा पा रहे हैं। रांची सिटीजन फोरम का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष दीपेश निराला की अध्यक्षता में कुल 53 वार्ड पार्षदों से मुलाकात कर रहा है, जिसके तहत अब तक कुल 53 में से 47 वार्ड पार्षदों से मुलाकात हो चुका है, जिस क्रम में आज वार्ड 23 की वार्ड पार्षद फरहा नाज, वार्ड 36 वार्ड पार्षद निहारिका कुमारी, वार्ड 33 की वार्ड पार्षद पुष्पा टोप्पो और वार्ड 45 के वार्ड पार्षद नसीम गद्दी से मुलाकात हुआ और उनको अंगवस्त्र देकर उनके निर्वाचन के लिए बधाई दिया गया। साथ ही वार्ड क्षेत्र में व्याप्त अनेकों समस्याओं जैसे स्ट्रीट लाइट की समस्या, नाली सफाई की समस्या, टूटी फूटी सड़कें और क्षतिग्रस्त नाली तथा बड़े खुले नाले की समस्या और खासकर जल जमाव, इत्यादि मुद्दों पर उनको ज्ञापन देकर समाधान का मांग किया गया, जिस पर उन्होंने रांची सिटीजन फोरम के प्रतिनिधिमंडल को बताया कि वर्तमान में रांची नगर निगम में फंड का कमी बताया जा रहा है और हमें इस कारण कोई भी नया कार्य करने नहीं दिया जा रहा है, यहां तक की निर्वाचन के बाद से लेकर अभी तक हमें मानदेय भी नहीं भुगतान हुआ है, अब तक मात्र एक बोर्ड का मीटिंग हुआ है, जिसमें भीषण गर्मी को देखते हुए पांच बोरिंग करने की अनुशंसा पर बात हुई थी लेकिन अभी बरसात आ गया है अभी तक उक्त पांच बोरिंग नहीं दिया गया है और इसी प्रकार 50 स्ट्रीट लाइट का भी बात हुआ था, वह भी अभी तक नहीं मिला है। अध्यक्ष दीपेश निराला ने चिंता व्यक्त की कि वर्तमान समय में झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 का अक्षरश: अनुपालन नहीं हो पा रहा है और नियमानुसार विभिन्न समितियों जैसे वार्ड समिति, क्षेत्रीय समिति, संयुक्त समिति, तदर्थ समिति, विषय समिति, स्टेट चैंबर आॅफ म्युनिसिपल काउंसिल का अभी तक गठन नहीं हुआ है और न ही नगरपालिका लोकपाल की नियुक्ति हो पाई है। कुछ पुराने दोबारा निर्वाचित वार्ड पार्षदों ने बताया कि सरकार ने हाल के वर्षों में निगम में अपने कई अफसरों और कर्मियों को पदस्थापित कर दिया है, जिसका वेतन रांची नगर निगम अपने नगरपालिका निधि से भुगतान कर रहा है, जबकि पहले रांची नगर निगम में इतने अफसर और कर्मचारी नहीं थे, लेकिन विगत 3 वर्षों में अफसर और कर्मचारी कई गुना बढ़ गये हैं। फंड की कमी पर रांची सिटीजन फोरम के प्रतिनिधिमंडल ने पूछा कि पिछले वर्ष का 100 करोड़ रुपए से अधिक का होल्डिंग टैक्स और इस त्रैमासिक में कलेक्ट 48 करोड रुपए होल्डिंग टैक्स, यूजर चार्ज का कलेक्शन, रेन वाटर हार्वेस्टिंग का डेढ़ गुना पेनल्टी का करोड़ों रुपए, रांची के सभी बस स्टैंड, टैक्सी स्टैंड, आॅटो स्टैंड का बंदोबस्ती का करोड़ों रुपए, रांची के सभी पार्किंग स्थलों का बंदोबस्ती का करोड़ों रुपए, इनफोर्समेंट आफिसरों के द्वारा वसूला गया जुर्माना, नक्शा पास करने के एवज में मिला रुपए, ट्रेड लाइसेंस बनाने और विभिन्न प्रमाण पत्र बनाने के एवज में मिला शुल्क, पूरे रांची शहरी क्षेत्र में लगे विज्ञापन और होर्डिंग से प्राप्त टैक्स का करोड़ों रुपये, आॅटो इत्यादि से प्रतिदिन वसूला जा रहा चुंगी टोल के रुपए तथा रांची शहरी क्षेत्र के 53 वार्ड के विभिन्न सैरातों से आने वाला कमाई का अरबों रुपये कहां है? इस पर वार्ड पार्षदों ने बताया कि इसकी पूरी जानकारी हमारे पास नहीं है अगला बोर्ड मीटिंग में इस बात को रखेंगे। रांची सिटीजन फोरम के प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष दीपेश निराला, सचिव रेणुका तिवारी, कोषाध्यक्ष विनोद जैन बेगवानी, उपाध्यक्ष उमाशंकर सिंह, सदस्य कुमार अभिषेक दुबे, सुजीत कुमार पांडेय, रविंद्र मेहता, इत्यादि उपस्थित थे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष के रूप में डॉ. प्रदीप कुमार बालमुचू की नियुक्ति पर कांग्रेस के युवा नेता निश्चय वर्मा ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. बालमुचू के नेतृत्व में झारखंड इंटक नयी ऊर्जा, नयी दिशा और मजबूत संगठनात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेगा तथा राज्य के मजदूरों की आवाज को और अधिक प्रभावी ढंग से उठायेगा। निश्चय वर्मा ने कहा कि डॉ. प्रदीप कुमार बालमुचू लंबे राजनीतिक एवं सामाजिक अनुभव के धनी हैं। उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है। उनका अनुभव, संघर्षशील व्यक्तित्व और श्रमिक हितों के प्रति समर्पण निश्चित रूप से झारखंड इंटक को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में संगठन गांव से लेकर उद्योगों तक अपनी मजबूत पकड़ बनायेगा और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी ढंग से संघर्ष करेगा। उन्होंने कहा कि आज के समय में असंगठित एवं संगठित क्षेत्र के मजदूरों के सामने अनेक चुनौतियां हैं। ऐसे दौर में एक अनुभवी और संवेदनशील नेतृत्व की आवश्यकता थी, जिसकी पूर्ति डॉ. बालमुचू की नियुक्ति से हुई है। उनके नेतृत्व में मजदूरों को उनका उचित सम्मान, अधिकार और न्याय दिलाने की दिशा में इंटक और अधिक मजबूती से कार्य करेगा। मौके पर निश्चय वर्मा ने भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरज प्रसाद साहू तथा केंद्रीय नेतृत्व के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे श्रमिक बहुल राज्य के लिए अनुभवी नेतृत्व का चयन संगठन को नयी गति देने वाला निर्णय है। इसके लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय नेतृत्व बधाई के पात्र हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. प्रदीप कुमार बालमुचू के नेतृत्व में झारखंड इंटक संगठनात्मक रूप से और अधिक सशक्त होगा, मजदूरों के हितों की प्रभावी पैरवी करेगा तथा श्रमिकों के अधिकार, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक भूमिका निभायेगा। उन्होंने एक बार फिर डॉ. बालमुचू को नयी जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल एवं जनहितकारी कार्यकाल की कामना की।
भाजपा ध्रुवीकरण के लिए लाती है ऐसे मुद्दे: श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद पर सांसद सुखदेव भगत का पलटवार एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद पर कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। लोहरदगा लोकसभा से सांसद कहा कि भाजपा सरकार असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए धार्मिक मुद्दों को हवा दे रही है। श्रीभगत ने कहा मैं समझता हूं कि जब से भाजपा की सरकार आई है, वह केवल उन मुद्दों को देख रही है जिससे ध्रुवीकरण किया जा सके और हिंदू जनमानस का वोट लिया जा सके। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि नीट परीक्षा में गड़बड़ी, महंगाई, उपभोक्ताओं की समस्या और इथेनॉल जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के विषय लाये जा रहे हैं। सांसद ने कहा, क्या भगवान को भी मुक्ति की आवश्यकता है? यह तो अहंकार वाली बात हो जाती है। जिसके बदौलत हम हैं, उन्हें हम मुक्त करें, यह हास्यास्पद लगता है। मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद को लेकर संत समाज और विहिप लगातार आंदोलन की बात कर रहे हैं। विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने इस मुद्दे सरकार चिट्ठी भी लिखी है। सुखदेव भगत ने कहा, देश के सामने ठएएळ, बेरोजगारी, महंगाई जैसी कठिनाइयां हैं। सरकार को उन्हें प्राथमिकता से लेना चाहिए। धार्मिक भावनाओं को राजनीतिक एजेंडे के लिए इस्तेमाल करना देश के हित में नहीं है। सांसद का यह बयान संसद सत्र से ठीक पहले आया है, जहां विपक्ष सरकार को नीट और महंगाई के मुद्दे पर घेरने की तैयारी में है।
छह का फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा इलाज एबीएन न्यूज नेटवर्क, दुमका। जिला में शिकारीपाड़ा के खाड़ुकदमा गांव में जहरीले फल का बीज खाने से एक दर्जन बच्चे की हालत बिगड़ गयी है। पहले उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में इनमें से छह को बेहतर इलाज के लिए दुमका स्थित फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया। अभी बच्चों की स्थिति खतरे से बाहर है। क्या है पूरा मामला शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के खाड़ुकदमा गांव के करीब एक दर्जन बच्चों ने खेल खेल में जहरीले फल के बीज खा लिये, जिस कारण सभी की तबीयत बिगड़ गयी। सभी बच्चों को इलाज के लिए शिकारीपाड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया। इनमें छह बच्चे की हालत ज्यादा बिगड़ने पर समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए दुमका फुलो-झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। इलाज के बाद सभी की हालत में सुधार है। परिजनों ने बताया कि सभी बच्चे एक साथ स्कूल गए थे। वापस लौटने के दौरान बच्चों ने काजू का फल समझकर जहरीले फल को तोड़ा और उसके अंदर के बीज को निकालकर खा लिया। जहरीला फल खाने के साथ ही सभी की तबीयत बिगड़ गयी। सभी बच्चे अपने-अपने घर पहुंचकर पेट दर्द और शरीर में ऐंठन की शिकायत की और अर्धबेहोशी की हालत में गिर पड़े।परिजनों ने आनन-फानन में पहले शिकारीपाड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में इलाज के लिए भर्ती कराया पर छह की हालत नाजुक होने पर दुमका अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। बीमार बच्चे सभी अलग-अलग परिवार के हैं। बीमार पड़े बच्चों में अमीनुल अंसारी (8 वर्ष), शहनबाज अंसारी (7 वर्ष), जुनेद अंसारी (5 वर्ष), मो। वसीर आलम (8 वर्ष), रिजवान अंसारी (8 वर्ष) शामिल है। बाकी बच्चों का इलाज शिकारीपाड़ा के अस्पताल में चल रहा है।
सूचना के अधिकार पर हुआ संवाद टीम एबीएन, रांची। झारखंड के नवनियुक्त सूचना आयुक्त एवं वरिष्ठ पत्रकार अनुज कुमार सिन्हा का रांची प्रेस क्लब की ओर से रविवार को अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर सूचना का अधिकार : पारदर्शिता, जवाबदेही और पत्रकारिता विषय पर संवाद का आयोजन किया गया, जिसमें सूचना के अधिकार कानून की उपयोगिता, पारदर्शिता और लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार एवं पद्मश्री सम्मानित बलबीर दत्त ने की। उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार शासन-प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्वीडन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां पिछले लगभग 250 वर्षों से सूचना तक पहुंच की व्यवस्था और परंपरा रही है, जिसके कारण वह दुनिया के सबसे पारदर्शी और न्यूनतम भ्रष्टाचार वाले देशों में गिना जाता है। उन्होंने कहा कि अनुज कुमार सिन्हा के पास पत्रकारिता का लंबा और समृद्ध अनुभव है। ऐसे में उनसे अपेक्षा है कि वे सूचना आयुक्त के रूप में अपने दायित्वों और चुनौतियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे। पूर्व सूचना आयुक्त बैजनाथ मिश्र ने सूचना का अधिकार अधिनियम की विभिन्न धाराओं और उसकी व्यावहारिक उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस कानून के प्रति केवल पत्रकारों ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों में भी व्यापक जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सूचना का अधिकार नागरिकों को सशक्त बनाता है और प्रशासन को अधिक जवाबदेह एवं पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अपने संबोधन में सूचना आयुक्त अनुज कुमार सिन्हा ने कहा कि उन्हें मिली नयी जिम्मेदारी केवल उनका व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरी पत्रकार बिरादरी का सम्मान है। उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार कानून की मूल भावना के अनुरूप पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करने का उनका प्रयास रहेगा। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार रजत गुप्ता, किसलय, दीपक अंबष्ठ, प्रकाश सहाय, प्रमोद झा और अजय कुकरेती सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे। रांची प्रेस क्लब की ओर से अध्यक्ष शंभु नाथ चौधरी, सचिव अभिषेक सिन्हा, सह सचिव चंदन भट्टाचार्य, कोषाध्यक्ष कुबेर सिंह, कार्यकारिणी सदस्य संतोष कुमार सिन्हा, राजन बॉबी, प्रतिमा कुमारी, चंदन वर्मा और सौरभ शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत किया। इसके अलावा प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र सोरेन, पूर्व सचिव अमरकांत, पूर्व सचिव अखिलेश सिंह, पूर्व उपाध्यक्ष पिंटू दुबे, पूर्व उपाध्यक्ष धर्मेंद्र गिरि, पूर्व कोषाध्यक्ष सुशील कुमार सिंह, भारत भूषण प्रसाद, दीपक ओझा, वेदप्रकाश, देवेंद्र सिंह, मृदुला संतोष, सुनील गुप्ता, संतोष गुप्ता, हिमांशु शेखर, जगदीश सिंह, राकेश सिंह, अशोक द्विवेदी, मनोज शर्मा, मनीष झा, अंकुर सिन्हा सहित अनेक पत्रकार समारोह में उपस्थित रहे।
जेपीएससी की 14वीं पीटी परीक्षा परिणाम में गंभीर अनियमितताओं की उच्चस्तरीय सीबीआई जांच हो बिना कट-आॅफ मार्क्स एवं आयोग के सदस्यों के हस्ताक्षर के जारी 14वीं जेपीएससी का परीक्षाफल असंवैधानिक है, रद्द किया जाये ओएमआर शीट का आयोग से बाहर आना अत्यंत गंभीर मामला है, इसकी सीबीआई जांच करायी जाये टीम एबीएन, रांची। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष एवं छात्र आंदोलनकारी नेता देवेन्द्र नाथ महतो ने आज मोराबादी स्थित आॅक्सीजन पार्क में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा जारी 14 वीं संयुक्त असैनिक सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2025 के परिणाम पर गंभीर सवाल उठाये। उन्होंने कहा कि जिस परीक्षा से झारखंड के लाखों युवाओं का भविष्य जुड़ा हो, उस परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पूर्णत: पारदर्शी, निष्पक्ष एवं संवैधानिक होनी चाहिए। किंतु हाल में जारी परिणाम ने अनेक गंभीर संदेह उत्पन्न कर दिये हैं। देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि समाचारों के अनुसार परिणाम पर आयोग के संवैधानिक सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं हैं तथा आयोग के भीतर मतभेद की बातें सामने आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर-1 की एक ओएमआर शीट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें कथित रूप से केवल 48 प्रश्नों के उत्तर अंकित होने के बावजूद अभ्यर्थी को सफल घोषित किए जाने का दावा किया जा रहा है। यदि यह वायरल ओएमआर शीट और उससे जुड़े दावे सही पाए जाते हैं, तो यह अत्यंत गंभीर मामला है तथा परीक्षा की गोपनीयता और पूरी चयन प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। इसके अतिरिक्त आयोग द्वारा श्रेणीवार कट-आॅफ अंक भी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, जिससे चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर संदेह और गहरा हो गया है। उन्होंने कहा कि परिणाम जारी होने के तुरंत बाद 18, 19 एवं 20 जुलाई 2026 को मुख्य परीक्षा निर्धारित कर दी गई है। अभ्यर्थियों को आवेदन एवं तैयारी के लिए अत्यंत कम समय दिया गया है, जिससे विशेषकर ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के अभ्यर्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। देवेन्द्र नाथ महतो ने यह भी कहा कि 19 जुलाई 2026 को खररउ की झारखंड क्षेत्रीय कार्यकर्ता प्रतियोगिता परीक्षा-2024, यूपीएससी सीएपीएफ परीक्षा तथा सीएसआईआर- यूजीसी नेट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाएं भी निर्धारित हैं। ऐसे में अनेक अभ्यर्थी एक साथ कई परीक्षाओं में शामिल होने से वंचित हो सकते हैं, जो समान अवसर के सिद्धांत के विपरीत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जेएलकेएम किसी भी राज्य अथवा किसी अभ्यर्थी के विरुद्ध नहीं है। संगठन की लड़ाई केवल पारदर्शी, निष्पक्ष एवं संविधानसम्मत भर्ती प्रक्रिया के लिए है। यदि चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष है, तो उसकी स्वतंत्र जांच कराने में किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। देवेन्द्र नाथ महतो ने मांग की कि 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा की संपूर्ण चयन प्रक्रिया की उच्चस्तरीय सीबीआई जांच करायी जाये। जांच पूरी होने तथा श्रेणीवार कट-आॅफ सार्वजनिक किये जाने तक मुख्य परीक्षा तत्काल स्थगित की जाये। साथ ही वायरल ओएमआर शीट एवं उससे जुड़े सभी तथ्यों की भी निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाये। उन्होंने कहा कि जेएलकेएम झारखंड के युवाओं के अधिकार, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था एवं न्यायपूर्ण चयन प्रक्रिया के लिए सदैव संघर्ष करता रहेगा। यदि अभ्यर्थियों के हितों की अनदेखी की गयी तो संगठन लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन चलाने को बाध्य होगा।
आज कुडू के रूद्र गांव में होगा अंतिम संस्कार एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोहरदगा शांति नगर निवासी सेवानिवृत्ति प्रधानाध्यापक राज किशोर भारती का निधन चार जुलाई की शाम को इलाज के दौरान हृदय गति रुक जाने के कारण रांची में हो गया। वह 72 वर्ष के थे। उन्होंने अपने पीछे अजय भारती बंटी, अभय भारती पम्मी और निर्भय भारती चंकी समेत तीन पुत्र और पत्नी समेत भरा पूरा परिवार छोड़ गये हैं। राज किशोर भारती 2014 में लोहरदगा प्रखंड के मन्हो मिडिल स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक के पद से सेवानिवृत हुए थे। इसके पूर्व वह किस्को प्रखंड के सुदूरवर्ती गांव छोटचोरगाई मिडिल स्कूल में अपनी सेवा दी थी। मृदुभाषी, मिलनसार और सबों के साथ समभाव रखने वाले राजकिशोर भारती के निधन से पूरे शहर में शोक किला है। उनके पुत्र अभय भारती न केवल हिंडालको के कनीय अधिकारी हैं, बल्कि पतंजलि योग समिति के जिला अधिकारी और जिला स्तरीय योग शिक्षक भी हैं। उनकी पोती खुशी भारती जिला स्तरीय योग प्रशिक्षिका है। राजकिशोर भारती के निधन पर हिंडालको के कंट्री हेड बिजेश कुमार झा, एच आर अधिकारी नीरज कुमार, श्रीमती मोहंती लाल, लालनवल किशोर नाथ शाहदेव,बालकिशोर नाथ शाहदेव,शिक्षक विजय शंकर दुबे, शैलेंद्र कुमार सुमन, गुरुकुल शांति आश्रम के आचार्य शरच्चंद्र आर्य, वैद्यनाथ मिश्र, राजू गुप्ता, विनोद सिंह, अरुण बर्मा,राजेश साहू, रामनारायण प्रसाद,प्रभात भगत,आशीष आर्य, भूषण प्रसाद, ओमप्रकाश सिंह, मनोज गुप्ता मन्ना,निधिकांत प्रसाद, प्रवीण भारती, शिव शंकर सिंह, कृपा प्रसाद सिंह, अजय मधुर, संजय मधुर सावित्री मधुर समेत तमाम लोगों ने शोक व्यक्त किया है। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार रविवार को सुबह नौ बजे लोहरदगा शांति नगर से अंतिम यात्रा कुडू प्रखंड के रूद्र गांव में के लिए निकलेगी। उनका अंतिम संस्कार रूद्र गांव में किया जायेगा।
आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबोले के बयान पर लोहरदगा सांसद का पलटवार एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत ने आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा और आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाये। उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोग इस पूरे मामले में दबाव में बयान दे रहे हैं और वास्तविक दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि भाजपा से जुड़े लोग आरएसएस से जुड़े हैं और उन्होंने जो बयान दिए हैं, वे पूरी तरह सरकार के दबाव में दिए गए हैं। वे राम का नाम तो लेते हैं, लेकिन राम से ज्यादा दाम (पैसे) पर भरोसा करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस मामले में निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी, उसमें अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उनके अनुसार, जिन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए थी और जो इस पूरे प्रकरण के मुख्य दोषी हैं, उन्हें जानबूझकर बचाया जा रहा है। भाजपा उन्हें संरक्षण दे रही है और पाल-पोस रही है। सुखदेव भगत ने कहा कि उपलब्ध तथ्यों से यह स्पष्ट होता है कि यह कोई एक-दो दिन की घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से योजनाबद्ध और व्यवस्थित तरीके से चलाया गया मामला है। इसलिए इसकी गहन और निष्पक्ष न्यायिक जांच आवश्यक है ताकि पूरे सच का खुलासा हो सके और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि यदि सरकार वास्तव में पारदर्शिता और जवाबदेही में विश्वास करती है, तो जांच किसी एक संस्थान या ट्रस्ट तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। देश के उन सभी धार्मिक स्थलों और ट्रस्टों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, जहां भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोगों का नियंत्रण या प्रभाव है। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए समान होना चाहिए और किसी भी व्यक्ति या संगठन को राजनीतिक संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। सांसद ने केंद्र सरकार से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करायी जाये, मुख्य आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज हो तथा राजनीतिक प्रभाव से ऊपर उठकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाये।
राज अस्पताल ने मरीज राजू कुमार रंजन के इलाज को लेकर जारी किया आधिकारिक स्पष्टीकरण टीम एबीएन, रांची। राज अस्पताल, रांची ने सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल मरीज राजू कुमार रंजन के उपचार को लेकर लगाये जा रहे लापरवाही के आरोपों पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। अस्पताल का कहना है कि मरीज का उपचार स्थापित चिकित्सा मानकों के अनुरूप किया गया और चिकित्सकीय टीम ने उसकी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किये। अस्पताल के अनुसार, राजू कुमार रंजन को 24 मई 2026 को एक गंभीर सड़क दुर्घटना के बाद पॉलीट्रॉमा की स्थिति में भर्ती कराया गया था। अस्पताल ने बताया कि जांच में मरीज के मस्तिष्क में गंभीर रक्तस्राव (एसडीएच और आईवीएच), सिर की गंभीर चोट, गर्दन एवं रीढ़ की हड्डियों में फ्रैक्चर, दोनों फेफड़ों में गंभीर चोट तथा बाएं पैर सहित शरीर के विभिन्न हिस्सों में कई जटिल फ्रैक्चर पाए गए। अस्पताल के मुताबिक, मरीज को तत्काल आईसीयू में भर्ती कर वरिष्ठ न्यूरोसर्जन, आॅर्थोपेडिक सर्जन, क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों तथा अन्य विभागों की बहु-विषयक टीम की निगरानी में उपचार शुरू किया गया। बयान में कहा गया है कि इलाज के दौरान समय-समय पर आवश्यक जांचें कराई गईं तथा मरीज की स्थिति के अनुसार वेंटिलेटर सपोर्ट, आईसीयू प्रबंधन, दवाइयां, रक्त आधान (ब्लड ट्रांसफ्यूजन), आॅपरेशन, डिब्राइडमेंट सहित सभी आवश्यक उपचार किये गये। अस्पताल का दावा है कि उपचार के प्रत्येक चरण में मरीज के परिजनों को उसकी स्थिति, संभावित जटिलताओं, उपचार की योजना और उससे जुड़े जोखिमों की जानकारी दी जाती रही तथा नियमित काउंसलिंग की गयी। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उपचार के दौरान मरीज के बायें पैर में गंभीर रक्त संचार अवरोध (वैस्कुलर कॉम्प्रोमाइज), संक्रमण और उससे उत्पन्न जटिलताओं को देखते हुए चिकित्सकों ने पिछले चार दिनों के दौरान कई बार पैर काटने (एम्प्यूटेशन) की सलाह दी थी। अस्पताल का कहना है कि मरीज के परिजनों ने इस प्रक्रिया के लिए सहमति देने से इनकार कर दिया, जिसका उल्लेख अस्पताल के अभिलेखों में दर्ज है। अस्पताल ने अपने बयान में कहा है कि मरीज की वर्तमान गंभीर स्थिति दुर्घटना में लगी गंभीर चोटों और उनसे उत्पन्न चिकित्सीय जटिलताओं का परिणाम है, न कि अस्पताल, चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ या प्रशासन की किसी लापरवाही का। अस्पताल ने लापरवाही के आरोपों को निराधार, तथ्यहीन और उपलब्ध चिकित्सीय अभिलेखों के विपरीत बताया है। राज अस्पताल ने यह भी आरोप लगाया कि उपचार के दौरान मरीज के परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध-प्रदर्शन और हंगामा किया, जिससे कई घंटों तक अस्पताल की सामान्य कार्यप्रणाली प्रभावित हुई और अन्य मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं में व्यवधान उत्पन्न हुआ। अस्पताल के अनुसार, इस दौरान ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों का घेराव भी किया गया।अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उसने परिजनों से कई बार शांतिपूर्ण व्यवहार बनाए रखने और अस्पताल की सेवाओं में बाधा नहीं डालने का अनुरोध किया, लेकिन इसका पालन नहीं किया गया। इसके बावजूद, अस्पताल का दावा है कि मरीज के उपचार में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी गयी और चिकित्सकीय टीम लगातार इलाज में जुटी रही। अस्पताल ने यह भी जानकारी दी कि 4 जुलाई को मामले की जांच के लिए सरकारी टीम अस्पताल पहुंची। अस्पताल के अनुसार, जांच के दौरान इलाजरत चिकित्सकों ने जांच दल को पूरा सहयोग दिया तथा मांगे गये सभी दस्तावेज और चिकित्सकीय रिकॉर्ड उपलब्ध कराये।
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