कांग्रेस नेता को पितृशोक, आज होगी अंत्येष्टिटीम एबीएन, रांची। कांग्रेस नेता सुधीर सिंह के पिता बिंदेश्वर सिंह का बुधवार की शाम करीब 4 बजे उनके बैंक कॉलोनी स्थित पर निधन हो गया। वह 84 बर्ष के थे और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से वर्ष 2001 में सेवानिवृत हुए थे। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार की सुबह 10 बजे हरमू स्थित मुक्तिधाम में किया जायेगा। वह अपने पीछे दो पुत्र और एक पुत्री समेच भरापूरा परिवार छोड़ गये हैं। उनकी पत्नी का निधन दो साल पहले ही हो चुका था। उनके निधन पर कांग्रेस नेताओं समेत बैंक अधिकारियों ने शोक व्यक्त किया है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि स्व सिंह काफी सरल एवं स्वच्छ विचार के थे। उनके निधन से समाज को अपूर्णीय क्षति हुई है।
उपायुक्त, लॉएंड आर्डर एडीएम, एसडीओ, ग्रामीण एसपी को सौपा आमंत्रण पत्र टीम एबीएन, रांची। श्री दिगंबर जैन पंचायत की ओर से पांच अप्रैल को प्रात: 7 बजे से 8.30 बजे तक सर्कुलर रोड स्थित बिरसा मुंडा जेल पार्क में विश्व विख्यात संत एवं भवना योग प्रवर्तक मुनि श्री 108 प्रमाण सागर जी के सान्धिय में भावना योग कार्यक्रम का आयोजन होगा। इसमें मन को शांत रखने की कला, जीवन में सकारात्मक उर्जा और संतुलन कैसे लाएं, स्वास्थ को बेहतर बनाने के सरल उपाय, जीवंत अनुभव का दुर्लभ अवशर तन, मन एवं जीवन के उन्नत बनाने का अद्भुत वैज्ञानिक प्रयोग के कला के बारे में बताया जाएगा। कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर एक टीम का गठन किया गया है। इसमें दिगंबर जैन पंचायत के अध्यक्ष प्रदीप वाकलीवाल, मंत्री जितेंद्र छाबड़ा, पूरनमल सेठी, कार्यक्रम संयोजक अनंत जैन, देवेश जैन, पायल सेठी, प्रियंका पाटनी, सरोज पांड्या, रेखा पांड्या को कार्यक्रम संयोजक बनाया गया है। वहीं कार्यक्रम में शामिल होंने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री, एडीएम राजेश्वर नाथ आलोक, एसडीओ कुमार रजत, व ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर से मुलाकात कर निमंत्रण पत्र सौंपा।
टीम एबीएन, रांची। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों को विकसित करने के लिए सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में कई कदम उठाये हैं। इसके तहत राज्य के 4345 पंचायतों में विकास कार्य के लिए बड़े पैमाने पर राशि मुहैया कराई गई है। केन्द्र सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंत तक झारखंड को 15वें वित्त आयोग के तहत करीब 2254 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है। इस राशि को राज्य के पंचायतों को मिलने वाली राशि के नजरिए से आंके तो हरेक पंचायत के हिस्से में पिछले एक साल में करीब 51 लाख 80 हजार रुपये आयेंगे। ये राशि राज्य गठन के बाद से अब तक मिलने वाली सर्वाधिक राशि है। सबसे बड़ी उपलब्धि ये है कि राज्य वित्त आयोग से पहली बार पंचायतों को अनुदान राशि दी गयी है। राज्य की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के अनुसार 15वें वित्त आयोग से झारखंड का हिस्सा लेने में लंबी प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ा है। इसके लिए केंद्र सरकार के साथ लगातार पत्राचार, केंद्रीय सचिव और केंद्रीय मंत्री के साथ बैठक के बाद ये संभव हो पाया है। राज्य गठन के बाद पंचायतों को हिस्से में आयी सबसे ज्यादा राशि 15वें वित्त आयोग के तहत झारखंड के हिस्से में मिलनी वाली राशि पर गौर करें तो वित्तीय वर्ष 2021-22 में 624.50 करोड़, वित्तीय वर्ष 2022-23 में 1271 करोड़, वित्तीय वर्ष 2023-24 में 1300 करोड़, वित्तीय वर्ष 2024-25 में 653.50 करोड़ जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में ये राशि सर्वाधिक 2254 करोड़ रुपए राज्य के पंचायतों को मिला है। राज्य के सभी पांच प्रमंडलों में इस राशि को बांटे तो उत्तरी छोटा नागपुर प्रमंडल को - 767.15 करोड़ रुपये, संथाल परगना प्रमंडल - 520.59 करोड़ रुपये, दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल - 367.78 करोड़ रुपये, कोल्हान प्रमंडल - 300.44 करोड़ और पलामू प्रमंडल को 294.74 करोड़ रुपये मिले हैं। गांव के विकास को मिलेगी रफ्तार- दीपिका पांडे सिंह झारखंड के गांव के विकास में 2254 करोड़ रुपये विभिन्न योजना मद में खर्च होंगे। लंबे इंतजार के बाद पंचायत स्तर पर गांव के विकास की योजना धरातल पर आकार लेती हुई दिखेगी। जहां टाइड मद से पेयजल एवं स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को मिल सकेगा वहीं अन टाइड मद के तहत गांव के विकास और ग्रामीणों की जरूरत से जुड़ी योजनाएं शामिल है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडे सिंह कहती हैं कि इस राशि से गांव के विकास को रफ्तार मिलेगी। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी कथन का जिक्र करते हुआ कहा कि बापू ने कहा था भारत की आत्मा गांवों में बसती है देश का सच्चा विकास तभी संभव है जब गांवों का विकास हो और वो आत्मनिर्भर बनें। झारखंड महात्मा गांधी जी की सोच के साथ गांव की सूरत बदलने की राह पर निकल चुका है। 15वें वित्त आयोग से झारखंड के हिस्से की मिलने वाली राशि के लिए काफी जद्दोजहद करना पड़ा। पिछले एक साल में राज्य के पंचायतों को 2254 करोड़ रुपए का मिलना सचमुच में अप्रत्याशित है। ये पैसा गांव और गांव में रहने वाले लोगों की जिंदगी में बड़ा बदलाव लाने में सफल साबित होगा। इसके लिए पंचायत के जनप्रतिनिधियों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से योजना का चयन करने से लेकर उसे धरातल पर उतारने में अपनी भूमिका अदा करनी होगी।
झारखंड के इस जिले में भू-धंसान से दर्दनाक हादसा: भरभराकर गिरा घर, 3 लोगों के शव बरामद एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जिले में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां भू-धंसान की घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गयी। देर रात तक चले रेस्क्यू आपरेशन के बाद मलबे से शवों को बाहर निकाला गया। तीन लोगों के शव बरामद जिले के कतरास इलाके के सोनारडीह ओपी क्षेत्र के टंडाबार बस्ती में अचानक जमीन धंस गयी, जिससे एक घर पूरी तरह टूटकर गिर गया। इस हादसे में घर के अंदर मौजूद तीन लोग मलबे के नीचे दब गये। रेस्क्यू टीम ने देर रात करीब ढाई से तीन बजे तक अभियान चलाया और मलबे से तीनों के शव बाहर निकाले। मृतकों की पहचान मनोहर उरांव, उनकी बेटी गीता देवी और सरिता देवी के रूप में हुई है। अचानक जमीन धंस गयी और... बताया जा रहा है कि हादसे के समय मनोहर उरांव और उनकी बेटी घर में थे। उसी समय सरिता देवी किसी काम से उनके घर आयी हुई थीं। तभी अचानक जमीन धंस गयी और तीनों को संभलने का मौका नहीं मिला। मनोहर उरांव की पत्नी छोटू देवी ने बताया कि वह घटना के समय घर पर नहीं थीं, बल्कि पड़ोस में गयी हुई थीं। जब हादसा हुआ, तब उनके पति, बेटी और सरिता देवी घर के अंदर ही थे। अगर समय पर बचाव कार्य शुरू होता, तो... सरिता देवी की बेटी ने भी बताया कि उनकी मां मनोहर उरांव के घर गयी थीं और उसी दौरान यह दुर्घटना हो गयी। काफी देर बाद रेस्क्यू आॅपरेशन शुरू हुआ और शवों को बाहर निकाला गया। घटना के बाद परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अगर समय पर बचाव कार्य शुरू होता, तो शायद तीनों की जान बचायी जा सकती थी।
भव्य महाआरती में उमड़ा आस्था का जनसैलाब : उमेश कसकर एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। जिले के गुदरी बाजार स्थित प्रसिद्ध बड़ा हनुमान मंदिर प्रांगण में मंगलवार संध्या 7 बजे भव्य महाआरती का आयोजन श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। महाआरती के दौरान पूरे मंदिर परिसर में मंत्रोच्चार, घंटियों और भजन-कीर्तन की गूंज से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो उठा। इस भव्य आयोजन की विशेषता यह रही कि महाआरती कन्याओं के पवित्र हाथों से संपन्न करायी गयी, जिसने कार्यक्रम को और भी भावनात्मक व आकर्षक बना दिया। इस अनूठी पहल की श्रद्धालुओं ने जमकर सराहना की। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट से सुसज्जित किया गया था, जिससे आयोजन की भव्यता देखते ही बन रही थी।कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान हनुमान की आराधना कर पुण्य लाभ अर्जित किया। आयोजनकर्ता एवं भाजपा कार्यसमिति सदस्य उमेश कसकर ने बताया कि इस तरह के धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य समाज में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता को भी सुदृढ़ करना है। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। मौके पर पूजा अग्रवाल, अंतरा कुमारी, प्रियंका साहू, परी कुमारी, वृष्टि कश्यप, गुंजन अग्रवाल, भावना अग्रवाल, अनिल कुमार गुप्ता, अशोक कसकर, सचिन कुमार साहू, सत्यम कुमार, उमेश सिंह, चंदन गोप सहित हजारों की संख्या में गणमान्य लोग एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
सोनारडीह में अचानक भू-धंसान की घटना घटी है क्या अवैध कोयला खनन का है मामला इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने प्रधानमंत्री, धनबाद डीसी, झरिया विधायक रागिनी सिंह को ट्वीट कर भू-धंसान की घटना की उच्च स्तरीय जांच और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने लिखा कि सोनारडीह ओपी क्षेत्र के टंडावारी बस्ती में मंगलवार को अचानक भू-धंसान की घटना घटी है, जिससे एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गयी। आखिर भू-धंसान कैसे हुआ, क्या अवैध कोयला खनन का मामला है। इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग भी की गयी है। हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। अखिल भू-धंसान होने की वजह क्या है इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और जो भू-धंसान की वजह से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है। कहीं न कहीं अवैध माइनिंग की वजह से ही आज सोनारडीह में भू-धंसान की घटना घटी है इससे इनकार नहीं किया जा सकता है। आये दिन लगातार ऐसे घटना घट रही है लेकिन फिर भी अवैध उत्खन पर रोक नहीं लगाया जा रहा है। खुलेआम कई क्षेत्रों में चलाया जा रहा है अवैध कोयला खनन, इसलिए पीएम से आग्रह किया है कि आने वाले दिनों में ऐसी घटना न घटे, इसलिए अपने स्तर से संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। धनबाद के उपायुक्त से भी अनुरोध किया है कि इसकी उच्च स्तरीय जांच कराकर सच को सामने लाया जाये और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा भी दिया जाये।
झारखंड में वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, 24 घंटे में मांगी गई अंगरक्षकों की रिपोर्ट टीम एबीएन, रांची। झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्यभर में वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रूख अपनाते हुए सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को 24 घंटे के भीतर अंगरक्षकों (बॉडीगार्ड) से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। पुलिस मुख्यालय से जारी निर्देश के अनुसार, सभी जिलों को यह जानकारी देनी होगी कि किन-किन विशिष्ट (वीआईपी), अति विशिष्ट (वीवीआईपी) और अन्य व्यक्तियों को सुरक्षा के तहत अंगरक्षक उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही प्रत्येक व्यक्ति को तैनात अंगरक्षकों की संख्या, उनकी तैनाती की अवधि और उनके पास उपलब्ध हथियारों का पूरा विवरण भी देना अनिवार्य किया गया है। दरअसल, कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के गुर्गे राणा राहुल प्रताप को अंगरक्षक उपलब्ध कराये जाने के खुलासे के बाद पुलिस मुख्यालय हरकत में आया है। इस मामले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब यह जांच की जा रही है कि अपराधियों या उनके सहयोगियों को किन परिस्थितियों में सुरक्षा दी गयी और इसमें कहीं नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ। इसी के आधार पर राज्यभर में वीआईपी सुरक्षा की व्यापक समीक्षा की जायेगी। पुलिस मुख्यालय ने संकेत दिये हैं कि समीक्षा के बाद जरूरत के अनुसार अंगरक्षकों को हटाने, उनकी संख्या में कमी या वृद्धि करने, यहां तक कि तैनाती में बदलाव करने जैसे निर्णय भी लिये जा सकते हैं। इससे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठाये जा रहे हैं।
झारखंड में नहीं थम रहा जंगली हाथियों का आतंक: अब तक 25 लोगों की मौत, दहशत में लोग एबीएन न्यूज नेटवर्क, पश्चिमी सिंहभूम। जिले में जंगली हाथियों के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। सोमवार रात मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बरकुंडिया गांव में एक हाथी के हमले में पुजारी महिला चांदो देवी (56) की मौत हो गयी, जबकि एक अन्य पुजारी गंभीर रूप से घायल हो गया। सूंड से उठाकर महिला को पटका चांदो देवी तांतनगर प्रखंड के कुम्बराम गांव की रहने वाली थीं और पूजा-पाठ का काम करती थीं। सोमवार रात वह बरकुंडिया गांव स्थित मंदिरनुमा झोपड़ी में भोजन करने के बाद सो रही थीं। इसी दौरान जंगल की ओर से आया हाथी झोपड़ी पर टूट पड़ा। उसने चांदो देवी को अपनी सूंड से उठाकर पटक दिया, जिससे उनकी गंभीर चोटें आयीं। साथ में मौजूद पुजारी लखन कुदादा पर भी हाथी ने हमला किया, लेकिन वह झाड़ियों में छिपकर बच निकले। ग्रामीणों ने टॉर्च और मशाल की मदद से हाथी को खदेड़कर जंगल की ओर भेजा। गांव में डर का माहौल चांदो देवी और घायल लखन कुदादा को तुरंत सदर अस्पताल लाया गया। रास्ते में ही चांदो देवी की मौत हो गयी, जबकि लखन कुदादा का इलाज कउव में चल रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, तीनों मिलकर पूजा-पाठ का काम करते थे। घटना से गांव में डर का माहौल बन गया है। मंगलवार सुबह वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी को जंगल की ओर खदेड़ दिया। विभाग ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। पिछले तीन महीनों में पश्चिमी सिंहभूम जिले में हाथियों के हमले से अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य में सबसे ज्यादा हाथी इसी जिले में हैं, इसलिए मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
रांची नगर निगम का पांच वर्षों में दोगुणी हुई राजस्व वसूली, 101 करोड़ का आंकड़ा पार हुआटीम एबीएन, रांची। नगर निगम ने संपत्ति कर संग्रण में रिकार्ड आंकड़ा दर्ज किया है। पिछले पांच वर्षों में यह राशि दोगुणी होकर 101 करोड़ आंकड़ा पार कर गया है। 2020-21 में जहां राजस्व संग्रहण 51.35 करोड़ दर्ज किया गया था, 31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा 101.99 करोड़ जा पहुंचा है। निगम के अधिकारी इसे शहरी वित्तीय प्रबंधन एवं राजस्व सुदृढ़ीकरण को मुख्य कारक बताया है। एक नयी उपलब्धि के रूप में 31 मार्च को नगर निगम का राजस्व संग्रहण 1.59 करोड़ हुआ है, जो विशेष अभियान का हिस्सा रहा। यह भी रांची नगर निगम की बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इसके अलावा 23 करोड़ का राजस्व आनलाइन माध्यम से निगम को प्राप्त हुआ। हालांकि राजस्व वृद्धि के अनुरूप अब आम नागरिकों की नगरीय सुविधा में दोगुणी वृद्धि निगम के दायित्व बोध के रूप में चुनौती के रूप में भी खड़ा है। यहां मालूम हो कि रांची नगर निगम के प्रशासक सुशांत गौरव के नेतृत्व में पिछले 6 माह के दौरान राजस्व वृद्धि को मिशन मोड में लेते हुए कई सशक्त कदम उठाये गये। व्यापक डोर-टू-डोर सर्वे एवं सत्यापन, शहर के सभी वार्डों में विशेष अभियान चलाकर अज्ञात एवं छूटे हुए होल्डिंग्स की पहचान की गयी। संपत्तियों के भौतिक सत्यापन के माध्यम से टैक्स बेस को मजबूत किया गया। वार्ड-स्तरीय लक्ष्य एवं दैनिक मॉनिटरिंग, प्रत्येक वार्ड के लिए स्पष्ट राजस्व लक्ष्य निर्धारित किये गये। दैनिक एवं साप्ताहिक समीक्षा के माध्यम से प्रगति की निरंतर निगरानी की गयी। कम प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में विशेष फोकस ड्राइव चलाये गये। डिजिटल प्रणाली को प्रभावी बनाया गया। बड़े बकायेदारों पर कार्रवाई की गयी। इसके अलावा नागरिक सहभागिता और जागरुकता के साथ साथ फील्ड टीमों की सक्रियता एवं समन्वय को प्रभावी बनाया गया।
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