चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी, 25-वर्षीय महिला ने दिया बच्चे को जन्म एबीएन सोशल डेस्क। देवघर जिले के मधुपुर रेलवे स्टेशन के नजदीक 25-वर्षीय एक महिला ने शुक्रवार को एक चलती रेलगाड़ी में बच्चे को जन्म दिया। रेलवे के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। मधुपुर रेलवे स्टेशन के अधीक्षक राज शेखर ने बताया कि फराह नशीन नामक महिला अपने भाई आफताब आलम के साथ हावड़ा-नई दिल्ली पूर्वा एक्सप्रेस के वातानुकूलित डिब्बे में सवार होकर हावड़ा से बिहार के जमुई स्थित अपने मायके जा रही थी। रेलवे अधिकारी ने बताया, नशीन को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। जब उनकी हालत बिगड़ने लगी, तो दूसरे यात्रियों ने उनकी निजता और सुरक्षा का ध्यान रखते हुए कपड़ों से एक अस्थायी आड़ बना दी। उन्होंने बताया कि इसके बाद, कोच अटेंडेंट ने रेलवे नियंत्रण कक्ष को मामले की जानकारी दी, जिसने मधुपुर स्टेशन मास्टर को सूचित किया और यात्री के लिए उचित चिकित्सा सुविधा का प्रबंध करने का निर्देश दिया। स्टेशन मास्टर ने मधुपुर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) को सतर्क किया।अधिकारी ने बताया कि जैसे ही रेलगाड़ी स्टेशन पर रुकी, स्वास्थ्यकर्मी डिब्बे में दाखिल हुए। हालांकि, चलती रेलगाड़ी में ही महिला का सुरक्षित प्रसव हो चुका था। उन्होंने बताया कि चिकित्सा दल ने तुरंत मां और नवजात शिशु को आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान की।अधिकारी ने बताया, मधुपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने पर, आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारियों ने चिकित्सा टीम और पैरामेडिक कर्मी के साथ महिला और बच्चे की जांच की और इलाज के लिए दोनों को मधुपुर उपमंडल अस्पताल पहुंचाया।
टीम एबीएन, रांची। इंडियन एसोसिएशन आॅफ लॉयर्स आईएएल झारखंड चैप्टर हॉफमैन लॉ एसोसिएट्स के तत्वावधान में भारतीय संविधान की प्रस्तावना और नागरिक विषय पर एक राज्य स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन करेगा। रविवार पांच जुलाई को आयोजित इस एक दिवसीय सेमिनार में राज्य भर के प्रमुख न्यायविदों को शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह कार्यक्रम कामिल बुल्के पथ पुरुलिया रोड स्थित एक्सआईएसएस के सभागार में सुबह 11 बजे आंरभ होगा। इस कार्यक्रम में नागरिक के अधिकार, संविधान के प्रस्तावना, अधिवक्ताओं के कल्याण, संरक्षण और न्याय तक समान पहुंच विषय पर विमर्श किया जायेगा।
झारखंड इंटक महाधिवेशन में संगठन विस्तार का संकल्प टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची स्थित पुराना विधानसभा सभा भवन में शनिवार को झारखंड प्रदेश इंटक महाधिवेशन सह कार्यकारिणी बैठक का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सर्वप्रथम ध्वजारोहण के साथ हुई। इसके उपरांत इंटक के दिवंगत वरिष्ठ नेता स्वर्गीय चंद्रशेखर दुबे को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गयी। इसके बाद दीप प्रज्वलित कर महाधिवेशन का विधिवत शुभारंभ किया गया। उद्घाटन सत्र के पश्चात सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर भव्य स्वागत किया गया। महाधिवेशन में संगठन की मजबूती, मजदूर हितों की रक्षा, सदस्यता विस्तार और श्रमिकों के अधिकारों को लेकर विस्तृत चर्चा की गयी। मौके पर झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, झारखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, इंटक के राष्ट्रीय महासचिव एनजी अरुण, मणिका विधायक रामचंद्र सिंह, कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी, खिजरी विधायक राजेश कच्छप, इंटक प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आर. एन. चौबे, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सच्चिदानंद चौधरी, छोटानागपुर बॉक्साइड एंड कोल वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष निशीथ जायसवाल, अरुण साहू, कुलदीप रवि सहित झारखंड इंटक के सभी पदाधिकारी, विभिन्न जिलों से आये प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित रहे। महाधिवेशन को संबोधित करते हुए इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि मजदूरों की सेवा और उनके अधिकारों की रक्षा उनके सार्वजनिक जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने बड़े भाई स्वर्गीय शिव प्रसाद साहू के सपनों को मजदूरों के बीच रहकर आगे बढ़ाने का प्रयास किया है और अब उनका संकल्प इंटक के महान नेता स्वर्गीय चंद्रशेखर दुबे के अधूरे सपनों को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि संगठन तभी मजबूत होगा जब हर कार्यकर्ता और हर मजदूर स्वयं को इंटक परिवार का हिस्सा समझे। उन्होंने श्रमिकों से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि उनके अधिकारों, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा के लिए इंटक का संघर्ष लगातार जारी रहेगा। धीरज प्रसाद साहू ने बैठक की अध्यक्षता कर रहे झारखंड इंटक प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू की सराहना करते हुए कहा कि वे केवल उनके मित्र ही नहीं बल्कि उनके विश्वसनीय सलाहकार भी हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में झारखंड इंटक नयी ऊर्जा, नयी सोच और मजबूत संगठनात्मक ढांचे के साथ आगे बढ़ेगा तथा राज्य के प्रत्येक जिले में मजदूरों की आवाज को प्रभावी ढंग से उठायेगा। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने अपने संबोधन में कहा कि मजदूर देश और राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरज प्रसाद साहू हमेशा मजदूरों के हितों की लड़ाई लड़ते रहे हैं और राज्य सरकार हर उस प्रयास में उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी जो श्रमिकों के कल्याण के लिए होगा। उन्होंने कहा कि मजदूरों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है तथा उनके हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जायेगा। झारखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास श्रमिकों और किसानों के संघर्ष से जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि इंटक को जब भी कांग्रेस के सहयोग की आवश्यकता होगी, पार्टी पूरी ताकत के साथ उसके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि धीरज प्रसाद साहू के नेतृत्व में झारखंड इंटक संगठनात्मक रूप से और अधिक सशक्त बनेगा तथा मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा मिलेगी। बैठक के दौरान संगठन के विस्तार, सदस्यता अभियान को तेज करने, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को संगठन से जोड़ने, श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्रत्येक श्रमिक तक पहुंचाने तथा औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों की समस्याओं के समाधान को लेकर विस्तार से चर्चा की गयी। वक्ताओं ने कहा कि इंटक आने वाले समय में राज्य के प्रत्येक जिले में संगठन को मजबूत करते हुए मजदूरों की आवाज को और बुलंद करेगा। महाधिवेशन के अंत में सभी नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकतार्ओं ने एकजुट होकर संगठन को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाने तथा श्रमिकों के अधिकार, सम्मान और हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन संगठन की एकजुटता, मजदूर हितों के प्रति प्रतिबद्धता और झारखंड में इंटक को और अधिक मजबूत बनाने के संकल्प के साथ हुआ।
जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा कान्क्लेव- 2026 में भाषा संरक्षण, संवर्धन एवं उच्च शिक्षा के विकास पर हुआ व्यापक मंथन टीम एबीएन, रांची। रांची विश्वविद्यालय के दीक्षांत मंडप में शनिवार को आयोजित जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा कांक्लेव- 2026 का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन संयोजक एवं पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कांक्लेव में झारखंड की जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन, उच्च शिक्षा, शोध, रोजगार, डिजिटल विकास तथा नयी शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में लगभग 4000 छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों, भाषाविदों, साहित्यकारों, प्राध्यापकों, सहायक प्राध्यापकों, शिक्षकों, विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों तथा भाषा प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे आयोजन के दौरान झारखंड की भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता की जीवंत झलक देखने को मिली। कार्यक्रम का शुभारंभ झारखंड की पारंपरिक संस्कृति के अनुरूप नगाड़ा बजाकर एवं पारंपरिक विधि-विधान के साथ किया गया, जबकि कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ गरिमामय वातावरण में हुआ। मौके पर रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) सरोज शर्मा, डीएसडब्ल्यू प्रो. (डॉ.) सुदेश साहू, कोलेबिरा के विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी, संयोजक एवं पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की सहित झारखंड की नौ जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के विद्वान, साहित्यकार, शिक्षाविद, शोधार्थी एवं भाषा प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कांक्लेव के विभिन्न सत्रों में वक्ताओं ने कहा कि मातृभाषाएं केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की संस्कृति, इतिहास, परंपरा और पहचान की आधारशिला हैं। इनके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सरकार, विश्वविद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और समाज के सभी वर्गों को मिलकर कार्य करना होगा। विशेषज्ञों एवं विद्वानों ने सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे। इनमें जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं में शिक्षकों के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति, विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में विभागों को सुदृढ़ करना, उच्च शिक्षा एवं शोध को बढ़ावा देना, डिजिटल अध्ययन सामग्री एवं ई-लर्निंग संसाधनों का विकास, लोक साहित्य एवं सांस्कृतिक धरोहर का दस्तावेजीकरण तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से भाषाओं के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार जैसे सुझाव प्रमुख रहे। कांक्लेव में उपस्थित सभी विद्वानों, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं छात्र-छात्राओं ने राज्य सरकार से यह भी आग्रह किया कि जिन जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विषयों को क्लस्टर सिस्टम के नाम पर स्नातक नामांकन सूची से बाहर कर दिया गया है, उन्हें पुन: नामांकन प्रक्रिया में शामिल किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सके तथा इन भाषाओं के अस्तित्व, अध्ययन और विकास को नयी गति मिल सके। इसके साथ ही वक्ताओं ने नयी रूप से लागू करने तथा जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं को रोजगार, शोध और तकनीकी विकास से जोड़ने की आवश्यकता पर भी बल दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्वानों, शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं भाषा प्रेमियों ने जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन, प्रचार-प्रसार तथा भावी पीढ़ियों तक उनके प्रभावी हस्तांतरण के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा कांक्लेव- 2026 झारखंड की भाषाई एवं सांस्कृतिक विरासत को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक पहल साबित हुआ।
हिमांशु सिंह की निर्मम हत्या हेमंत सरकार की ध्वस्त कानून-व्यवस्था का सबसे भयावह उदाहरण : आदित्य साहू एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने जमशेदपुर के हरिओम नगर, आदित्यपुर स्थित दिवंगत हिमांशु सिंह के आवास पहुंचकर शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना देते हुए इस हृदयविदारक घटना पर गहरा दु:ख व्यक्त किया। आदित्य साहू ने कहा कि विगत दिनों जमशेदपुर में पुलिस की मौजूदगी में हिमांशु सिंह की निर्मम हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। पुलिस की मौजूदगी में दिनदहाड़े एक युवक हिमांशु सिंह की निर्मम हत्या होना हेमंत सोरेन सरकार की ध्वस्त कानून-व्यवस्था का सबसे भयावह उदाहरण है। वहीं इस घटना में एक अन्य युवक कलकत्ता में जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहा है। जब अपराधी पुलिस के सामने ही हत्या कर फरार हो जायें, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि झारखंड में अपराधियों के मन से कानून का भय समाप्त हो चुका है। ऐसी घटनाएं राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती हैं। इस घटना ने यह भी साबित किया है कि झारखंड में पुलिस-प्रशासन की नहीं बल्कि अपराधियों की समानांतर सरकार चल रही है। राज्य सरकार पूरी तरह सो रही है। दौरे के दौरान प्रदेश अध्यक्ष से स्थानीय नागरिकों एवं क्षेत्रवासियों ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्हें राज्य सरकार और वर्तमान जांच प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है। उन्होंने इस जघन्य हत्याकांड की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच के लिए झारखंड उच्च न्यायालय के माध्यम से जनहित याचिका दायर कर सीबीआई जांच जांच की मांग की, ताकि पूरे मामले का सच सामने आये और दोषियों के साथ-साथ किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वालों पर भी कठोर कार्रवाई हो सके। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा परिवार भी इस मांग का पूर्ण समर्थन करता है और हम मानते हैं कि स्वर्गीय हिमांशु सिंह एवं उनके परिवार को न्याय दिलाने के लिए इस मामले की सीबीआई जांच आवश्यक है। इस मामले को लेकर प्रारंभ से ही जिस प्रकार स्थानीय पुलिस-प्रशासन और राज्य सरकार की मंशा दिखी है, उसे देखते हुए सीबीआई जांच ही मामले में दूध का दूध और पानी का पानी कर सकती है। आदित्य साहू ने कहा कि आखिर पुलिस के सामने अपराधियों की इतनी हिम्मत कहां से आ गयी? पुलिस की कमर में जो पिस्टल है, क्या वह सिर्फ शो के लिए उन्हें दी गयी है? पुलिस केवल हवाई फायरिंग भी करती तो अपराधियों में दहशत होता लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही। कहा जा सकता है कि पुलिस की संरक्षण में, पुलिस की मिलीभगत से अपराधियों ने इस घटना को अंजाम दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा फिर यह मांग दोहराती है कि घटना के समय मौजूद पुलिसकर्मियों पर सरकार द्वारा 302 का मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाये ताकि फिर से कोई पुलिसकर्मी अपने दायित्व से भागने की हिम्मत नहीं कर सके। प्रशासन के लोग दूसरे पर 302 मुकदमा दर्ज कर मामले को डायवर्ट करना चाहते हैं। यह रवैया अनुचित है। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने, शोकाकुल परिवार को शक्ति देने और इलाजरत युवक के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना की। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, प्रदेश मंत्री शैलेंद्र सिंह, द्वय प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह, प्रकाश सिंह, जिला अध्यक्ष हरेकृष्ण प्रधान, संजीव सिन्हा, आदित्यपुर के महापौर संजय सरदार सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रमंडलीय अध्यक्ष बनने के बाद कृष्णा चिक बड़ाइक ने केंद्रीय अध्यक्ष से की औपचारिक मुलाकात टीम एबीएन, रांची। झारखंड की उभरती राजनीतिक पार्टी झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा अपनी सक्रिय राजनीतिक कार्यशैली के कारण राज्य की राजनीति में लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। पार्टी इन दिनों राज्यभर में संगठनात्मक पुनर्गठन एवं विस्तार अभियान को गति दे रही है। इसी क्रम में दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल अध्यक्ष नवनियुक्त होने के बाद कृष्णा चिक बड़ाइक ने आज शुक्रवार को पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सह डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो से उनके आवासीय कार्यालय, तोपचांची में शिष्टाचार एवं औपचारिक मुलाकात की। इस दौरान संगठन की भावी रणनीति, राजनीतिक गतिविधियों तथा संगठन को और अधिक सशक्त बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर केंद्रीय अध्यक्ष जयराम कुमार महतो ने कहा कि झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा संपूर्ण सामाजिक समरसता के सिद्धांत पर आगे बढ़ रहा है। पार्टी सभी जाति, वर्ग एवं समुदाय के सहयोग से झारखंड के अधिकार, सम्मान और जनहित के मुद्दों पर निरंतर संघर्ष करती रहेगी। मुलाकात के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए कृष्णा चिक बड़ाइक ने कहा कि वे केंद्रीय अध्यक्ष के निर्देशों एवं पार्टी के सिद्धांतों का पालन करते हुए रांची, गुमला, खूंटी, लोहरदगा एवं सिमडेगा जिलों में संगठनात्मक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के सहयोग से संगठन को पारदर्शी, मजबूत एवं जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। बताते चलें कि गुमला बिशुनपुर निवासी कृष्णा चिक बड़ाइक पिछले तीन वर्षों से संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने बुटी डॉक्टर हॉस्पिटल, लोहरदगा में पीड़ित मरीज को न्याय दिलाने, हिंडालको पाखर क्षेत्र में रैयतों को नियोजन दिलाने, ज्ञानचंद अग्रवाल माइंस, गुमला में कर्मियों के मुआवजा दिलवाने सहित विभिन्न जनसरोकारों से जुड़े आंदोलनों में सक्रिय योगदान दिया है। आज के शिष्टाचार मुलाकात के दौरान संगठन पदाधिकारी लक्की रामू राज, जयराम महतो, बजरंग महतो, प्रदीप कुमार महतो, खुदीराम महतो, मदन कुशवाहा, केसी मेहता आदि सैकड़ो कार्यकर्ता मौजूद है।
करणी सेना के नेता की हत्या के विरोध में शहर बंद, कई भाजपा नेता हिरासत में एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशेदपुर में चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड और शहर में बढ़ते अपराध के विरोध में शुक्रवार को एनडीए के आह्वान पर जमशेदपुर बंद का व्यापक असर देखने को मिला। शहर के प्रमुख बाजार, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और कई पेट्रोल पंप बंद रहे, जबकि परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित हुई। दूसरी ओर, सरायकेला के आदित्यपुर में बंद के दौरान सड़क पर प्रदर्शन कर रहे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कई इलाकों में बंद रहीं दुकानें जमशेदपुर के साकची, गोलमुरी, बमार्माइंस, टेल्को, टिनप्लेट, सिदगोड़ा, बारीडीह समेत कई इलाकों में दुकानें बंद रहीं। बंद समर्थक विभिन्न बाजारों में घूमकर व्यापारियों से सहयोग की अपील करते नजर आये। भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार के नेतृत्व में कार्यकतार्ओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शहर की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाये। बंद का असर शहर की परिवहन व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दिया। शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली मिनी बसों का परिचालन पूरी तरह ठप रहा, जबकि सड़कों पर इक्का-दुक्का आॅटो ही नजर आये। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम उधर, किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई और लगातार गश्त की जाती रही। वहीं, सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर में भाजपा और समर्थित हिंदूवादी संगठनों द्वारा बुलाए गए बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला। सुबह से ही बंद समर्थक हिमांशु सिंह के हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। आदित्यपुर टोल ब्रिज के समीप प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 40 भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिये गये लोगों में आदित्यपुर नगर निगम के मेयर संजय सरदार, विहिप जिला अध्यक्ष डॉ जेएन दास समेत कई स्थानीय भाजपा नेता शामिल हैं। आदित्यपुर थाना प्रभारी अंजनी कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने यातायात बाधित कर रहे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया।
कांग्रेस ही सबका भला कर सकती है : धीरज प्रसाद साहू एबीएन न्यूज नेटवर्क, चंदवा (लातेहार)। लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड में पंचायत कांग्रेस कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में झारखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सह पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू, झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, मणिका विधायक रामचंद्र सिंह, पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी, अभिलाष साहू, निरंजन पासवान, भीम कुमार, महेश सिंह, दयामनी बारला, कामेश्वर यादव, अमित बरुवा, असगर खान सहित प्रदेश, जिला एवं प्रखंड स्तर के कई कांग्रेस नेता एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य पंचायत एवं बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना तथा आगामी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर कार्यकर्ताओं में नयी ऊर्जा का संचार करना था। कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू सहित सभी अतिथियों का बुके एवं अंगवस्त्र भेंट कर भव्य स्वागत के साथ हुई। स्वागत के बाद उपस्थित नेताओं ने संगठन की मजबूती, जनसंपर्क अभियान और आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों को लेकर अपने विचार व्यक्त किये। बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू ने कहा, कांग्रेस हमारा घर है, हम सब कांग्रेस के सैनिक हैं और कांग्रेस ही सबका भला कर सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक परंपराओं, संविधान और सामाजिक न्याय की विचारधारा को आगे बढ़ाने वाला संगठन है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत मतभेदों को भुलाकर पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं। पंचायत स्तर पर संगठन जितना मजबूत होगा, पार्टी उतनी ही मजबूती से जनता की समस्याओं को उठाने और उनके समाधान के लिए संघर्ष कर सकेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद स्थापित करने, उनकी समस्याओं को सुनने तथा कांग्रेस की नीतियों और जनहितकारी विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। अपने संबोधन के दौरान धीरज प्रसाद साहू ने अपने बड़े भाई स्वर्गीय शिव प्रसाद साहू को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास और कांग्रेस संगठन को मजबूत बनाने में उनका योगदान सदैव याद रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय शिव प्रसाद साहू ने जनसेवा को अपना धर्म मानते हुए पूरे समर्पण के साथ समाज और संगठन के लिए कार्य किया। उनके आदर्श आज भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। बैठक में संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान, पंचायत कांग्रेस कमेटियों को सक्रिय बनाने, बूथ प्रबंधन तथा आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से संगठन की मजबूती को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा कांग्रेस की विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा जनता के बीच कांग्रेस की नीतियों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने का संकल्प लिया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ। इस रूप में सभी प्रमुख अतिथियों का परिचय समाचार के पहले ही अनुच्छेद में आ जाता है, जो अखबारों की सामान्य रिपोर्टिंग शैली के अनुरूप है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोहरदगा-गुमला ट्रक आॅनर एसोसिएशन लोहरदगा गुमला ट्रक आॅनर एसोसिएशन की एक बैठक हिंडाल्को कंपनी के साथ संपन्न हुई। बैठक में हेसल साइडिंग पर चर्चा करते हुए एसोसिएशन ने स्पष्ट कहा है कि आम नागरिकों को परेशानी ना हो, इसकी जिम्मेवारी भी हम लोगों की है। इसलिए कंपनी हेसल मे ट्रकों के लिए पार्किंग की जगह दे और व्यवस्था को सुचारू करे। नहीं तो तब तक हेसल में चलने वाले सभी ट्रकों का परिवहन बंद रहेगा और एसोसिएशन ने दो दिन पूर्व ही अमतीपानी, कुजाम, चिरोड़ीह, भैंसबथान माइंस में चलने वाले ट्रक जो की हेसल साइडिंग में खाली करते थे, सभी का परिचालन बंद कर दिया है। एसोसिएशन ने स्पष्ट कहा है कि हेसल में सड़कों पर ट्रक खड़ा करने के कारण यात्री एवं आम जनता को भी परेशानी होती है। हम लोगों के चालक, उपचालक भी दो से तीन दिन भूखे प्यासे सड़क पर खड़े रहते हैं। ऐसी स्थिति में हम परिवहन नहीं करेंगे, कंपनी इसका वैकल्पिक रास्ता ढूंढे। या तो कंपनी लोहरदगा साइडिंग मैं काफी स्थान है यहीं पर माल गिरवा ले या कंपनी लोहरदगा स्टेशन यार्ड में माल गिरा ले या कंपनी आधा माल हेसल, आधा माल लोहरदगा गिरा ले। कंपनी अपनी व्यवस्था को जैसे भी हो दुरुस्त करें और हेसल में जगह नहीं होने के कारण हेसल प्लांट में जाम लगता है, तो कंपनी हेसल में पार्किंग की जगह बनाएं और नहीं तो कंपनी लोहरदगा साईडिंग के अंदर ट्रकों की लाइन लगाए। यहां से हेसल के लिए में 10-10 ट्रक करके रवाना करें क्योंकि आम जनता भी अपनी है, ट्रक भी अपने हैं, लोग भी अपने हैं, इसलिए किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए। कंपनी से स्पष्ट किया गया है कि समझौते के मुताबिक हमलोगो को ट्रिप नहीं दे रहे हैं और अगर शीघ्र व्यवस्था में आप सुधार नहीं करते हैं तो हम लोग आपसे डिटेंशन चार्ज (हर्जाना) लेंगे। विमरला माइंस के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि पिछले कई महीनो से विमरला माइंस में ट्रिप नहीं हो रहे हैं इसके लिए दोषी रेंजिंग कॉन्टैक्टर को बदली नहीं किया गया तो हम लोग बाकी माइंस में भी चलने वाले ट्रक बंद कर देंगे। क्योंकि विमरला की स्थिति सबसे खराब है। वहां के आॅनर ड्राइवर सब परेशान हैं। इन सब मुद्दों पर कंपनी की ओर से आश्वस्त किया गया कि हम लोगों को सप्ताह से 10 दिन समय दीजिए। हम लोग व्यवस्था को दुरुस्त कर रहे हैं और जिला प्रशासन से भी सहयोग ले रहे हैं और आप लोग की भी सहयोग की अपेक्षा है। इस बैठक में मुख्य रूप से एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष कवलजीत सिंह, सचिव मुंद्रिका यादव, सचिव रहमान अंसारी, कोषाध्यक्ष अभय कुमार सिंह, उपाध्यक्ष इम्तियाज उर्फ बबलू, तबरेज खान, सहसचिव रहमत अंसारी, महताब आलम उर्फ गुड्डू, राजेश विश्वकर्मा, अनिल उरांव, मीडिया प्रभारी राजेश कुमार शर्मा, सलाहकार समिति के वरिष्ठ सदस्य संतोष साहू एवं कंपनी की ओर से महाप्रबंधक राजेश ठाकरे, लॉजिस्टिक्स हेड अभिषेक कुमार सिंह, सिक्योरिटी हेड सतनाम सिंह सहित अन्य लोग शामिल थे। विमरला के मुद्दे पर एसोसिएशन के संरक्षक सह पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू को भी अवगत कराया गया। श्री साहू ने तुरंत वरीय उपाध्यक्ष हिंडालको से दूरभाष पर बात की और कहा कि अविलंब विमरला की स्थिति में आप सुधार करें। वरना 10 दिन के बाद एसोसिएशन अपना फैसला लेगी और हम एसोसिएशन के फैसले के साथ खड़े रहेंगे।
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