एबीएन डेस्क। सरकार की तमाम कोशिशों के बाद पाम तेल की कीमतों में मिली राहत एक बार फिर खत्म होती दिखाई दे रही है। आने वाले समय में किचन और उद्योगों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले पाम तेल के दाम बढ़ सकते हैं। इससे उपभोक्ताओं को एक बड़ा झटका लग सकता है। दरअसल, भारत को पाम तेल का सबसे ज्यादा निर्यात करने वाले देश इंडोनेशिया ने अपना शिपमेंट घटाने का फैसला किया है। इससे देश में पाम तेल की आवक घटेगी जिसका सीधा असर घरेलू बाजार व उपभोक्ताओं पर होगा। खाद्य तेल उद्योग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि हम इंडोनेशिया से कम आपूर्ति की भरपाई मलेशिया से आयात बढ़ाकर करना चाहते हैं लेकिन दिक्कत ये है कि वहां से इतना पाम तेल आना संभव नहीं है। इंडोनेशिया ने एक घरेलू बिल के जरिए अपना पाम तेल निर्यात घटाने की बात कही है, ताकि वहां घरेलू कीमतें नीचे लाई जा सकें। 60% आयात इंडोनेशिया से : भारत अपनी कुल जरूरत का 60 फीसदी पाम तेल आयात इंडोनेशिया से करता है। यही कारण है कि इंडोनेशिया से कम तेल आने पर भारतीय घरेलू बाजार और उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ेगा। भारत सालाना अपनी कुल जरूरत का दो तिहाई खाद्य तेल आयात करता है, जो करीब 1.5 करोड़ टन होता है। इंडोनेशिया के बाद मलेशिया दूसरा बड़ा निर्यातक है, जो भारत की खपत का 40 फीसदी पाम तेल निर्यात करता है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि खाद्य तेल की बढ़ती कीमतों से उपभोक्ताओं को राहत दिलाने के लिए आयात रणनीति में बदलाव करेंगे। हम अपनी जरूरतों को पाम तेल के बजाए सोयाबीन, सूरजमुखी जैसे तेलों से पूरी करेंगे। अमेरिका सोया तेल का बड़ा निर्यातक है। खाद्य तेल उद्योग के जानकारों का कहना है कि पाम तेल का आयात 50 साल बाद सोयाबीन और सूरजमुखी के मुकाबले नीचे आएगा। फरवरी में पाम तेल का कुल आयात 5 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि सूरजमुखी और सोयाबीन का आयात 6 लाख टन पहुंच जााएगा। इस बीच उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर ये है कि बुआई का रकबा बढ़ने से रिकॉर्ड 120 लाख टन सरसों उत्पादन का अनुमान है। इससे घरेलू बाजार में सरसों तेल के दाम घटने की पूरी उम्मीद है। 2021 में सरसों तेल की कीमतें 200 रुपए लीटर तक पहुंच गई थी। 2020-21 में करीब 87 लाख टन सरसों का उत्पादन हुआ था। इस साल सरसों का रकबा 90.5 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है, जो पिछले साल 61.5 लाख हेक्टेयर था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 14 जनवरी को समाप्त सप्ताह में 2.229 अरब डॉलर बढ़कर 634.965 अरब डॉलर हो गया। भारतीय रिजर्व बैंक के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार इससे पहले सात जनवरी को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 87.8 करोड़ डॉलर घटकर 632.736 अरब डॉलर हो गया था। जबकि तीन सितंबर, 2021 को समाप्त सप्ताह में यह रिकार्ड 642.453 के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। आरबीआई के साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार 14 जनवरी को समाप्त समीक्षाधीन सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में उछाल आने की वजह कुल मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा माने जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियों (एफसीए) तथा स्वर्ण आरक्षित भंडार में वृद्धि है। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, सप्ताह के दौरान एफसीए 1.345 अरब डॉलर बढ़कर 570.737 अरब डॉलर हो गया। डॉलर में अभिव्यक्त किए जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे यूरो, पौंड और येन जैसे गैर-अमेरिकी मुद्रा के घट-बढ़ को भी शामिल किया जाता है। इस दौरान स्वर्ण भंडार का मूल्य 27.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 39.77 अरब डॉलर हो गया। आलोच्य सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के पास विशेष आहरण अधिकार 12.3 करोड़ डॉलर बढ़कर 19.22 अरब डॉलर हो गया। अंतररराष्ट्रीय मुद्राकोष में देश का मुद्रा भंडार भी 3.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 5.238 अरब डॉलर हो गया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में कोरोना वायरस इन दिनों अपनी पीक पर है। पिछले कुछ दिनों से लगातार नए मामले 3 लाख से भी ज्यादा सामने आ रहे हैं। वहीं देश में एक बार फिर से कोरोना ने स्पीड पकड़ ली है। पिछले 24 घंटे में 3.37 लाख केस सामने आए हैं। लगातार ये तीसरा दिन है, जब कोरोना के देश में तीन लाख से ज्यादा केस सामने आए हैं। देश में एक्टिव मामले बढ़कर 21 लाख हो गए हैं। पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना से 488 लोगों ने कोरोना से जान गंवाई। अब तक देश में कोरोना से 4,88,884 लोगों की मौत हो गई। देश में 5 सबसे संक्रमित राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र टॉप पर है। महाराष्ट्र में कोरोना के 48,270 केस सामने आए हैं। इसके बाद कर्नाटक में (48,049 केस), केरल में (41,668 केस), तमिलनाडु में 29,870 केस, गुजरात में 21,225 केस सामने आए हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। मुंबई में शनिवार को सुबह-सुबह बड़ा हादसा हो गया। यहां के तारदेव इलाके में भाटिया अस्पताल के पास एक इमारत में भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि आग 20 मंजिला कमला बिल्डिंग नामक इमारत में लगी। इस घटना में अब तक दो लोगों की मौत की सूचना है। वहीं छह बुजुर्गों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने बताया कि छह लोगों को ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत थी, जिन्हें पास के अस्पताल में भेजा गया है। उन्होंने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन धुएं के कारण लोगों को सांस लेने में समस्या हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि इमारत में लेवल थ्री की आग लगी थी। आग इतनी भीषण थी कि दमकल विभाग की 13 गाड़ियों की मदद से इसे काबू किया जा सका। हालांकि, इमारत में रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है। अधिकारियों ने बताया कि इमारत के पास पांच एंबुलेंस को तैनात किया गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। इंडिया गेट पर नेता जी सुभाष चंद्र बोस की मूर्ति लगाई जाएगी। इस बात की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके दी है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि ऐसे समय जब पूरा देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मना रहा है, मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि ग्रेनाइट से बनी उनकी भव्य प्रतिमा इंडिया गेट पर स्थापित की जाएगी। यह उनके प्रति भारत के ऋणी होने का प्रतीक होगा। पीएम ने आगे कहा कि जब तक नेताजी बोस की भव्य प्रतिमा पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनकी होलोग्राम प्रतिमा उसी स्थान पर मौजूद रहेगी। मैं नेताजी की जयंती 23 जनवरी को होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण करूंगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कठुआ जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर टनल मिली है। गणतंत्र दिवस से ठीक पहले भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे करोल कृष्णा बॉर्डर आउटपोस्ट के नजदीक सुरंग मिली है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की तस्दीक करने में जुटी है कि यह सुरंग नई है या पुरानी। सूत्रों के अनुसार टनल अंतरराष्ट्रीय सीमा के 200 मीटर भीतर पाई गई है और पिल्लर नंबर 88-89 के बीच मिली है। आशंका जताई जा रही है कि इस सुरंग के रास्ते आतंकियों को भेज कर गणतंत्र दिवस पर खलल डालने की कोशिश की जा सकती थी। मौके पर सुरक्षाबल पहुंचे हैं और पूरे इलाके में सर्च अभियान चलाया जा रहा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में कोरोना अपनी पीक पर है। बता दें कि पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 3,17,532 नए कोरोना मरीज मिले हैं, इसके साथ ही ओमिक्रॉन के मरीजों की संख्या बढ़कर 9,287 हो गई है। कल के मुकाबले नए मामले 12 प्रतिशत अधिक हैं। वहीं संक्रमण दर भी 15.13 प्रतिशत से ऊपर उठकर 16.41 प्रतिशत हो गया है। इस बीच पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना से 491 लोगों की मौत भी हुई है। वहीं देश में कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 4 लाख 87 हजार 693 हो गई है। एक्टिव मामले 19 लाख से ऊपर पहुंच गए हैं। देश में अबतक कोरोना की 159.67 करोड़ खुराक लगाई जा चुकी हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि 19 जनवरी तक देश में 70,93,56,830 कोविड सैंपल की जांच की गई है। इनमें से 19,35,180 सैंपल की जांच देश में कल की गई थी।
नयी दिल्ली। दिलीप संघानी को भारतीय किसान उर्वरक सहकारी (इफको) संस्था का चेयरमैन चुना गया है। इफको ने एक बयान में कहा कि चुनाव बुधवार को हुआ था। 11 अक्टूबर, 2021 को इफको के चेयरमैन बलविंदर सिंह नकई का निधन हो गया था, जिसकी वजह से ये चुनाव कराने पड़े हैं। इफको के निर्वाचित निदेशक मंडल ने सर्वसम्मति से दिलीप संघानी को सहकारिता का 17वां अध्यक्ष चुना। वह पहले इफको के वाइस-चेयरमैन के रूप में कार्यरत थे। संघानी को वर्ष 2019 में इफको का वाइस-चेयरमैन चुना गया था। निर्वाचित होने के बाद संघानी ने कहा कि इफको किसानों और सहकारिता के लिए प्रतिबद्ध है और हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहकार से समृद्धि के दृष्टिकोण की तर्ज पर किसानों के लिए काम करना जारी रखेंगे। इफको के प्रबंध निदेशक यू एस अवस्थी ने कहा, ह्यह्यकिसानों की आय दोगुनी करने के सपने को पूरा करने के लिए हम प्रधानमंत्री के आत्मानिर्भर कृषि और आत्मानिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप प्रदर्शन करना जारी रखे हैं। दिलीप भाई संघानी गुजरात राज्य सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (गुजकोमासोल) के अध्यक्ष भी हैं। वह इस पद पर 2017 से हैं। वह गुजरात सरकार के मंत्रिमंडल में कृषि, सहकारिता, पशुपालन, मत्स्य पालन, गाय-प्रजनन, जेल, उत्पाद शुल्क कानून और न्याय, विधायी और संसदीय मामलों के पूर्व मंत्री रहे हैं। वर्ष 2021 में, संघानी को भारत में सहकारी समितियों के शीर्ष निकाय, भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ (एनसीयूआई) के अध्यक्ष के पद के लिए चुना गया था। इफको देश की प्रमुख उर्वरक कंपनियों में से एक है। इसने नैनो यूरिया को लिक्विड (तरल) रूप में भी देश में पेश किया है।
एबीएन डेस्क। देश के किसानों को आठ माह तक आलू भंडारण में अब दिक्कत नहीं आएगी। केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) के वैज्ञानिकों ने खाद्य तेलों से छिड़काव की नई कारगर विधि ईजाद कर ली है। अब आलू में आठ माह तक अंकुर नहीं आएंगे और न ही आलू का स्वाद बिगड़ेगा। संस्थान ने इस विधि का पेटेंट कराने को आवेदन भी कर लिया है। वैज्ञानिक स्प्रे को लेकर कई अन्य पहलुओं का अध्ययन करे रहे हैं। इसके बाद यह नई विधि आलू उत्पादकों के लिए उपलब्ध कर दी जाएगी। अभी तक आलू भंडारण के लिए उपयोग में लाए जा रहे पुराने स्प्रे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माने गए हैं। विश्व के कई देशों ने पुरानी विधि से आलू भंडारण के लिए छिड़काव पर प्रतिबंध लगाया है। इस कारण से सीपीआरआई के वैज्ञानिकों ने आलू को अधिक समय तक भंडारण के लिए स्वास्थ्य के दृष्टिगत नई विधि से स्प्रे तैयार किए हैं। संस्थान के वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी तक 40 दिन तक आलू को सही तरीके से भंडारित किया जा सकता था। नई विधि से सिर्फ एक बार ही स्प्रे करके भोज्य (खाने योग्य) और बीज आलू को आठ माह तक कोल्ड स्टोर में सुरक्षित रखा जा सकेगा। सीपीआरआई के स्प्रे की विधि में भले ही खर्चा ज्यादा है, लेकिन स्वास्थ्य संबंधित खतरे नहीं हैं। पुरानी स्प्रे की विधि में खर्चा तो कम है, लेकिन स्वास्थ्य संबंधित जोखिम ज्यादा है। नई विधि से स्प्रे का खर्चा डेढ़ रुपये प्रति किलो आता है, जबकि पुरानी विधि में 20 पैसे प्रति किलो खर्चा आता है। नया स्प्रे एक बार और पुराना स्प्रे दो बार करना पड़ता है। संस्थान के वैज्ञानिक डॉ अरविंद जायसवाल कहते हैं कि वैज्ञानिकों ने खाद्य तेलों से स्प्रे तैयार किया है और यह आलू को आठ माह तक भंडारण करने में मदद करेगा। अभी तक जो स्प्रे आलू भंडारण के लिए किया जाता है, उसे विदेशों में प्रतिबंध किया है। इस स्प्रे से आलू का स्वाद भी नहीं बदलेगा और न ही लंबे समय तक अंकुर आएंगे।
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