एबीएन सेंट्रल डेस्क। कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के कारण इस बार बजट सत्र के लिए फिर से राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही अलग अलग समय में होगी। लोकसभा के आज यहां जारी बुलेटिन के अनुसार, बजट सत्र के लिए लोकसभा की कार्यवाही शाम चार बजे से रात नौ बजे तक चलेगी। राज्यसभा की कार्यवाही सुबह नौ बजे से शुरू होगी। यही नहीं कोविड-19 दिशा निर्देश दो फरवरी से लागू होगा। राष्ट्रपति का अभिभाषण 31 जनवरी को होगा जबकि पहली फरवरी को बजट पेश किया जाएगा। कुछ दिन पहले राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दोनों सदनों के महासचिवों को कोरोना महामारी के बीच आगामी बजट सत्र के सुरक्षित संचालन के लिए प्रभावी उपाय सुझाने का निर्देश जारी किए थे। लाला लाजपत राय की जयंती पर 28 जनवरी को संसद के केन्द्रीय कक्ष मंए विशेष कार्यक्रम होगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ब्लॉक चेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (PMRBP 2022) के विजेताओं को डिजिटल सर्टिफिकेट देंगे। पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए PMRBP विजेताओं के साथ संवाद भी करेंगे। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार भारत में रहने वाले बच्चों को मान्यता के रूप में दिया जाता है। इन पुरस्कारों के तहत नवाचार, खेल, कला और संस्कृति, सामाजिक सेवा, स्कूली क्षेत्र और बहादुरी के क्षेत्र में असाधारण क्षमताओं और उत्कृष्ट उपलब्धियों वाले बच्चों को सम्मानित किया जाता है। इस साल पुरस्कार के लिए 29 बच्चों को चुना गया है। प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक मेडल, एक लाख रुपए कैश और सर्टिफिकेट दिया जाता है। यह पुरस्कार राष्ट्रपति भवन में एक समारोह में राष्ट्रपति द्वारा दिए जाते हैं। पिछले साल के बाल पुरस्कार के विजेता, जिन्हें covid-19 के कारण समारोह को ऑनलाइन मोड में आयोजित करने के बाद सर्टिफिकेट नहीं मिल सका, उन्हें भी इस बार डिजिटल सर्टिफिकेट प्राप्त होगा। बता दें पिछले साल 32 बच्चों को इस पुरस्कार के लिए चुना गया था। प्रधानमंत्री हर साल इन पुरस्कार विजेताओं के साथ बातचीत करते हैं। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और राज्य मंत्री डॉ मुंजपारा महेंद्रभाई भी मौजूद रहेंगे। बच्चे अपने माता-पिता और अपने संबंधित जिले के डीएम के साथ जिला मुख्यालय से इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। PMRBP विजेता गणतंत्र दिवस परेड में भी हिस्सा लेते हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। एक पखवाड़े से समय-समय पर हो रही बर्फबारी के कारण केदारनाथ में 14 फीट से अधिक बर्फ जम गई है। वहीं बदरीनाथ धाम में लगभग पांच और हेमकुंड साहिब में छह फीट तक बर्फ जम गई है। केदारनाथ क्षेत्र मंर संचार सेवा ठप होने से संपर्क नहीं हो पा रहा है। केदारनाथ में इन दिनों कुछ साधु रह रहे हैं। उधर, द्वितीय केदार मद्महेश्वर व तृतीय केदार तुंगनाथ सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्र भी बर्फ से लकदक हैं। निचले इलाकों में दिनभर हल्की बूंदाबांदी होती रही। रविवार को केदारनाथ में सुबह से देर शाम तक रुक-रुककर बर्फबारी होती रही। इस दौरान लगभग एक फीट तक नई बर्फ जम गई थी। पिछले एक पखवाड़े के दौरान हुई बर्फबारी के चलते केदारनाथ में करीब 14 फीट बर्फ जमा हो गई है। उधर, द्वितीय केदार मद्महेश्वर व तृतीय केदार तुंगनाथ में भी चार से पांच फीट तक बर्फ जमा हो गई है। वहीं, हरियाली कांठा, द्यूली खरक, कालशिला, चिरबटिया व गौरीकुंड के ऊपरी क्षेत्रों में भी काफी बर्फ गिर चुकी है। बर्फबारी के कारण रुद्रप्रयाग जनपद के गौंडार, तोषी, त्रियुगीनारायण, चिलौंड, चौमासी सहित 30 से अधिक गांवों में लोगों के खेतीबाड़ी, पशुपालन सहित अन्य कार्य प्रभावित हो चुके हैं। इधर, जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग सहित तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, गुप्तकाशी, ऊखीमठ, मयाली, जखोली, बसुकेदार में दिनभर हल्की बूंदाबांदी होती रही। यहां बाजारों में लोगों की चहलकदमी कम रही। लगातार तीसरे दिन भी चमोली जिले में मौसम खराब रहा और बर्फबारी हुई। ऊंचाई वाले क्षेत्रों के गांवों में हुई बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित हुआ है। बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में काफी बर्फ जम गई है। जबकि बर्फबारी से जोशीमठ-औली, बदरीनाथ हाईवे हनुमान चट्टी से आगे और गोपेश्वर-चोपता-ऊखीमठ हाईवे जगह-जगह बंद हो गए हैं। रविवार को भी दिनभर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रुक-रुककर बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश हुई। देर शाम तक भी बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रहा। मौसम खराब होने से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ठंड बढ़ने से बाजारों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। इधर, औली में जमकर बर्फबारी होने से पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं। जोशीमठ-औली मार्ग बंद होने से पर्यटक रोपवे से औली पहुंच रहे हैं। औली सड़क को खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से नमक का छिड़काव किया जा रहा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती वाले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली के इंडिया गेट पर नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण किया। बता दें कि इस वर्ष से, भारत का गणतंत्र दिवस समारोह 24 जनवरी के बजाय 23 जनवरी से मनाया जा रहा है। पीएम मोदी ने रविवार शाम करीब साढ़े 6 बजे प्रतिमा के डिजिटल वर्जन का अनावरण किया। प्रतिमा के अनावरण के बाद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, भारत मां के वीर सपूत, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जन्मजयंती पर पूरे देश की तरफ से कोटि-कोटि नमन। उन्होंने कहा, जिन्होंने भारत की धरती पर पहली आज़ाद सरकार को स्थापित किया था, हमारे उन नेताजी की भव्य प्रतिमा आज डिजिटल स्वरूप में इंडिया गेट के समीप स्थापित हो रही है। जल्द ही इस होलोग्राम प्रतिमा के स्थान पर ग्रेनाइट की विशाल प्रतिमा भी लगेगी। ग्रेनाइट की प्रतिमा का आयाम 28 फीट लंबा और छह फीट चौड़ा होगा। प्रतिमा को उसी स्थान पर रखा जाएगा जहां 1968 तक जॉर्ज पंचम की प्रतिमा थी। पीएम ने कहा, हमारे देश में वर्षों तक आपदा का विषय एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के पास रहा था। इसका मूल कारण ये था कि बाढ़, अतिवृष्टि, ओले गिरना, इनसे बनी स्थितियों से निपटने का जिम्मा कृषि मंत्रालय के पास था। देश में आपदा प्रबंधन ऐसे ही चल रहा था। लेकिन 2001 में गुजरात में भूकंप आने के बाद जो कुछ हुआ, उसने आपदा प्रबंधन के मायने बदल दिए। हमने तमाम विभागों और मंत्रालयों को राहत और बचाव के काम में झोंक दिया। उस समय के जो अनुभव थे, उनसे सीखते हुए ही 2003 में Gujarat State Disaster Management Act बनाया गया। इससे पहले पीएम मोदी ने शुक्रवार को ऐलान किया था कि वह देश के महान सपूत सुभाषचंद्र बोस के प्रति आभार के प्रतीक के रूप में इंडिया गेट पर उनकी ग्रेनाइट की एक प्रतिमा का अनावरण करेंगे। उन्होंने कहा था कि जब तक नेताजी की ग्रेनाइट की प्रतिमा बनकर तैयार नहीं हो जाती, तब तक उस जगह पर उनकी एक होलोग्राम प्रतिमा लगाई जाएगी। सरकार ने आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी बोस की जयंती को "पराक्रम दिवस" के रूप में मनाने की घोषणा की है।
एबीएन डेस्क। झारखंड में मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम में हुए बदलाव की वजह से पूरा राज्य कोहरे की चादर में लिपटा है। इससे विजिबिलिटी बहुत कम हो गई है, जिससे ट्रेनों की स्पीड पर ब्रेक लग गई है। स्थिति यह है कि कई ट्रेनें घंटों की देरी से रांची स्टेशन पहुंच रही है। झारखंड के कई जिलों में रविवार को हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश भी हुई है। हालांकि पिछले दो-तीन दिनों से मौसम बदला है, जिससे सुबह में घना कोहरा छाया रहता था। इस घने कोहरे की वजह से ट्रेनों का परिचालन प्रभावित है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला जिले को छोड़कर अन्य सभी जिलों में बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट भी जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार 26 जनवरी से मौसम साफ होने की संभावना है। झारखंड के रांची, बोकारो, धनबाद और जसीडीह जैसे बड़े स्टेशनों से होकर चलने वाली सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस घंटों लेट चल रही है। वहीं, दक्षिण भारत जाने वाली कई ट्रेनें लेटलतीफी का शिकार है। इसके साथ ही रांची से पटना, रांची से हावड़ा और रांची से अन्य जगहों से आने-जाने वाली ट्रेनों घंटों विलंब से चल रही है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिम बंगाल के भाटपारा में नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 125वीं जयंती पर एक कार्यक्रम के दौरान टीएमसी और बीजेपी समर्थकों के बीच हाथापाई हो गई। इस दौरान दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर जमकर लाठियां भी भांजीं। पुलिस के बीच बचाव करने के बावजूद दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता मानने को तैयार नहीं हो रहे थे। इस घटना की जानकारी देते हुए पुलिस ने कहा कि कोलकाता के पास भाटपारा में रविवार को भाजपा और टीएमसी समर्थकों के बीच उस समय झड़प हो गई जब बैरकपुर के सांसद अर्जुन सिंह पर कथित तौर पर पथराव किया गया। पुलिस ने बाताया कि अर्जुन सिंह नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर एक कार्यक्रम मंल शामिल होने आए थे। पुलिस ने बताया कि उत्तर 24 परगना जिले में राजनीतिक अशांति के गढ़ में हुई झड़पों में एक पुलिस वाहन सहित दो कारों में तोड़फोड़ की गई। संयुक्त पुलिस आयुक्त ध्रुबा ज्योति डे ने कहा कि भाजपा सांसद को बचा लिया गया और उनके आवास पर सुरक्षित भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है। वहीं घटना के बाद भाजपा सांसद अर्जुन सिंह ने कहा कि आज सुबह जब 10:30 बजे हमारे विधायक पवन सिंह नेताजी को श्रद्धांजलि देने गए थे उसी समय टीएमसी के गुंडों ने उन पर हमला किया, उन पर गोलियां चलाईं, ईंटें फेंकीं। मेरे पहुंचने पर उन्होंने मुझ पर भी हमला किया। पुलिस के सामने सब कुछ हो रहा था और मेरी गाड़ी तोड़ दी गई।
एबीएन डेस्क। गायिका लता मंगेशकर कोरोना संक्रमित होने के बाद से अस्पताल में भर्ती हैं। मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उनका इलाज कर रहे डॉ प्रतीत समदानी बताते हैं कि कल से गायिका की तबीयत में सुधार है, लेकिन उन्हें अभी आईसीयू में डॉक्टर्स की निगरानी में रखा गया है। उनके शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना करें।
एबीएन डेस्क। आज देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मना रहा है। मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्रपति कोविंद ने लिखा कि नेताजी के आदर्श और बलिदान हर भारतीय को हमेशा प्रेरित करते रहेंगे। वहीं, इस मौके पर ममता बनर्जी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि देते हुए 23 जनवरी को "देश नायक दिवस" मनाने और नेशनल हॉलिडे घोषित करने की मांग की राष्ट्रपति कोविंद ने ट्वीट किया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर भारत कृतज्ञतापूर्वक श्रद्धांजलि देता है। स्वतंत्र भारत के विचार के प्रति अपनी उग्र प्रतिबद्धता दिखाने के लिए उन्होंने आजाद हिंद के गठन जैसे साहसी कदम उठाए। ये उन्हें राष्ट्रीय प्रतीक बनाते हैं। उनके आदर्श और बलिदान हर भारतीय को हमेशा प्रेरित करते रहेंगे। उधर, पीएम मोदी ने लिखा, सभी देशवासियों को पराक्रम दिवस की ढेरों शुभकामनाएं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर उन्हें मेरी आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। राष्ट्र के प्रति उनके योगदान पर हर भारतीय को गर्व है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में चमकीले स्थानों के साथ कुछ काले धब्बे भी हैं, ऐसे में सरकार को अपने खर्च को सावधानी से लक्षित करने की जरूरत है, ताकि राजकोषीय घाटे को बहुत ऊंचाई पर पहुंचने से रोका जा सके। राजन अपने विचारों को स्पष्ट तरीके से रखने के लिए जाने जाते हैं। प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ने कहा कि सरकार को अर्थव्यवस्था के "के" आकार के पुनरुद्धार को रोकने के लिए और उपाय करने की जरूरत है। सामान्य तौर पर के आकार के पुनरुद्धार में प्रौद्योगिकी और बड़ी पूंजीगत कंपनियों की स्थिति महामारी से अधिक प्रभावित छोटे व्यवसायों और उद्योगों की तुलना में तेजी से सुधरती है। राजन ने कहा, अर्थव्यवस्था के बारे में मेरी सबसे बड़ी चिंता मध्यम वर्ग, लघु एवं मझोले क्षेत्र और हमारे बच्चों को लेकर है। ये सारी चीजें दबी मांग से शुरुआती पुनरुद्धार के बाद "खेल" में आएंगी। उन्होंने कहा कि इन सभी का "लक्षण" कमजोर उपभोक्ता मांग है। विशेषरूप से व्यापक स्तर पर इस्तेमाल वाले उपभोक्ता सामान की मांग काफी कमजोर है। राजन फिलहाल शिकॉगो विश्वविद्यालय के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में प्रोफेसर हैं। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में हमेशा चमकदार स्थानों के साथ गहरे काले धब्बे होते हैं। उन्होंने कहा कि चमकदार क्षेत्रों की बात की जाए, तो इसमें स्वास्थ्य सेवा कंपनियां आती हैं। इनके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और आईटी-संबद्ध क्षेत्र जबर्दस्त कारोबार कर रहे हैं। कई क्षेत्रों में यूनिकॉर्न (एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन) बने हैं और वित्तीय क्षेत्र के कुछ हिस्से भी मजबूत हैं। रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर ने कहा, काले धब्बों की बात की जाए, तो बेरोजगाारी, कम क्रय शक्ति छोटी और मझोले आकार की कंपनियों का वित्तीय दबाव इसमें आता है। इसके अलावा काले धब्बों में ऋण की सुस्त वृद्धि और हमारे स्कूलों की पढ़ाई भी आती है। राजन ने कहा कि कोरोना वायरस का नया स्वरूप ओमीक्रॉन चिकित्सकीय और आर्थिक गतिविधियों दोनों के लिए झटका है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने सरकार को के-आकार के पुनरुद्धार के प्रति आगाह किया।
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