एबीएन डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजधानी दिल्ली के करियप्पा ग्राउंड में राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) की रैली को संबोधित करेंगे। PMO ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 जनवरी को दोपहर 12 बजे दिल्ली के करियप्पा ग्राउंड में NCC की पीएम रैली को संबोधित करेंगे। देश के 17 प्रदेश महानिदेशालयों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से 380 लड़कियों एवं 500 सहायक स्टॉफ सदस्यों समेत लगभग 1000 कैडेट्स करियप्पा ग्राउंड स्थित NCC कैम्प में भाग ले रहे हैं। इसका समापन शुक्रवार को रैली के साथ होगा। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण और मार्च पास्ट की समीक्षा करेंगे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। बॉलीवुड की जानी-मानी सिंगर लता मंगेशकर पिछले कुछ समय से अस्पताल में भर्ती हैं। कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद से उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें तुरंत मुंबई के ब्रीच कैंड अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। आए दिन लता मंगेशकर के परिवार की ओर से उनकी हेल्थ से जुड़ी जानकारी सामने आ रही है क्योंकि कई लोग उनके निधन की अफवाह सुनकर परेशान हैं। लता मंगेशकर का परिवार उनकी हालत से जुड़ी लेटेस्ट अपडेट लगातार दे रहा है ताकि उनके फैंस राहत की सांस ले सकें। ताजा जानकारी की मानें तो 92 साल की लता मंगेशकर की हालत में अब और भी सुधार आने लगा है और उन्हें वेंटिलेटर से हटा दिया गया है। लता की देखरेख में स्पेशल टीम : लता मंगेशकर की देखभाल के लिए अस्पताल में डॉक्टर्स की एक स्पेशल टीम बनाई गई है जो समय-समय पर उनका चेकअप कर रही है। लता मंगेशकर के इंस्टाग्राम अकाउंट पर परिवार ने उनकी हेल्थ अपडेट दी है। लेटेस्ट पोस्ट में लिखा गया है, मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल के आईसीयू में लता दीदी का ट्रीटमेंट चल रहा है। आज की सुबह ही उन्हें वेंटिलेटर से हटाकर ट्रायल करवाया गया था और अब उनकी हालत में सुधार भी आ रहा है। कुछ दिन के लिए वो डॉक्टर प्रतीत समदानी की निगरानी में रहने वाली हैं। आप लोगों की प्रार्थना के लिए तहेदिल से शुक्रिया...
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केरल में कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इसी बीच स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने कहा कि राज्य में ओमिक्रॉन संक्रमण की लहर चल रही है, क्योंकि कोरोना के इस उच्च संक्रमण वाले मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट कहा कि केरल में तीसरी लहर ओमिक्रॉन की लहर है। मंत्री ने कहा कि राज्य में निगरानी के लिए कोविड-19 के जितने संक्रमित रोगियों के नमूनों की जांच की गयी है, उनमें से 94 प्रतिशत रोगी ओमिक्रॉन स्वरूप के संक्रमण वाले पाये गए हैं, जबकि छह प्रतिशत रोगियों में डेल्टा स्ट्रेन पाया गया है। उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को राज्य में कोरोनावायरस के 51,739 मामले दर्ज किये गए हैं और अन्य स्थानों से केरल पहुंचने वाले कोरोना संक्रमित रोगियों के नमूनों के अनुक्रमण से पता चलता है कि उनमें से 80 प्रतिशत ओमीक्रोन स्वरूप से संक्रमित थे, जबकि 20 प्रतिशत डेल्टा स्वरूप से। केरल में बृहस्पतिवार को दर्ज किये गये 51,739 मामलों के साथ ही राज्य में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 58.26 लाख तक पहुंच गयी है। जॉर्ज ने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में विभिन्न विभागों की गतिविधियों में तालमेल के लिए उनके कार्यालय में कोविड निगरानी प्रकोष्ठ शुरू किया गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने गुरुवार को कहा कि हमारा उद्देश्य एक ही है कि कृषि उन्नत और लाभप्रद हो, उत्पादकता बढ़े व किसानों के जीवन स्तर में बदलाव आएं, जिसके लिए नई ईजाद किस्मों का उपयोग भी राज्यों को योजनाबद्ध तरीके से करना चाहिए। ग्रीष्मकालीन अभियान के लिए राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन तोमर की अध्यक्षता में हुआ। इसमें तोमर ने कहा कि ग्रीष्मकालीन फसलें न केवल अतिरिक्त आय प्रदान करती हैं बल्कि रबी से खरीफ तक किसानों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करती हैं और फसल की तीव्रता में भी वृद्धि होती है। सरकार ने दलहन, तिलहन व पोषक-अनाज जैसी ग्रीष्मकालीन फसलों की खेती के लिए विभिन्न कार्यक्रमों के जरिये नई पहल की है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारे देश की विविध भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियां है, जिन्हें ध्यान में रखते हुए ग्रीष्म ऋतु की फसलें ज्यादा से ज्यादा ली जाना चाहिए। ये किसानों को कम लागत तथा कम समय में अतिरिक्त आमदनी देने वाली होती है, राज्यों और किसानों के सहयोग से जायद फसलों का रकबा बढ़ रहा है। किसानों के सहयोग व सरकारी प्रयासों से चावल सहित जायद फसलों का रकबा 2017-18 में 29.71 लाख हेक्टेयर से 2.7 गुना बढ़कर 2020-21 में 80.46 लाख हेक्टेयर हो गया है। तोमर ने कहा कि देश में कृषि व किसान कल्याण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है और राज्यों के साथ पूरी गंभीरता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि गत सीजन में उवरर्कों के मामले में कुछ जगह एकाएक परिस्थितियां पैदा हुई और कुछ लोगों ने अनावश्यक तूल दिया पर केंद्र और राज्य सरकारें पहले से सजग थी, इसलिए सबने मिलकर सूझबूझ से समस्या पर नियंत्रण पाने में सफलता हासिल की। कृषि मंत्री ने कहा कि देश को जितने फटिर्लाइजर की आवश्यकता थी, वह पूरी मात्रा केंद्र सरकार ने उपलब्ध कराने का भरपूर प्रयत्न किया है, आगामी सीजन के लिए भी राज्य सरकारें आवश्यक कार्यवाही कर एडवांस में पर्याप्त उर्वरक ले लें। किसानों को फटिर्लाइजर की कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है। सम्मेलन में उर्वरक सचिव यह बात स्पष्ट कर चुके हैं। तोमर ने फटिर्लाइजर के अन्य विकल्पों का अधिकाधिक उपयोग करने पर जोर देते हुए कहा कि केमिकल फटिर्लाइजर का इस्तेमाल कम होना चाहिए, जिसके लिए एडवांस प्लानिंग की जरूरत है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोविड की विषम परिस्थितियों के बावजूद किसानों ने अथक परिश्रम किया, जिससे वर्ष 2020-21 में 3086.47 लाख टन खाद्यान्न (चौथे अग्रिम अनुमान अनुसार) का उत्पादन हुआ, जो एक सर्वकालिक रिकॉडर् है। दलहन व तिलहन का उत्पादन क्रमश: 257.19 और 361.01 लाख टन के अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। कपास का उत्पादन 353.84 लाख गांठ होने का अनुमान है जिसके कारण भारत का विश्व में पहले स्थान पर पहुंचना तय है। उत्पादन और उत्पादकता के मोर्चे पर, बागवानी क्षेत्र ने पारंपरिक खाद्यान्न फसलों से भी बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने प्राकृतिक खेती पद्धति अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने इस पर फोकस किया है। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्रों के साथ योजनाबद्ध ढंग से लक्ष्य तय करते हुए निचले स्तर तक किसानों को ट्रेनिंग देने की भी बात कही। उन्होंने, प्रधानमंत्री की संकल्पना के अनुसार, किसानों के डाटाबेस को पूर्ण करने में राज्यों से विशेष रूचि लेने का आग्रह किया, ताकि इससे किसान लाभान्वित हों।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। एयर इंडिया की कमान पूरी तरह से टाटा समूह को सौंप दी गई। इसके साथ ही एयर इंडिया के विनिवेश की प्रक्रिया पूरी हो गई यानी 69 साल बाद एयर इंडिया की घर वापसी हो गई। इसके साथ ही एयर इंडिया के विनिवेश की प्रक्रिया पूरी हो गई। दीपम सचिव तुहीन कांत पांडेय ने कहा कि एयर इंडिया में सरकार की पूरी हिस्सेदारी टाटा संस की सब्सिडियरी कंपनी टैलेस प्राइवेट लिमिटेड को ट्रांसफर कर दी गई है। अब से एयर इंडिया का नया मालिक टाटा ग्रुप है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले एन चंद्रशेखरन : इस आधिकारिक हैंडओवर से पहले टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद चंद्रशेखरन सीधे नई दिल्ली में एयर इंडिया के आॅफिस पहुंचे। इस मौके पर टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी हो गई है। एयर इंडिया की घर वापसी से हम काफी खुश हैं। अब हमारी कोशिश इस एयरलाइन को वर्ल्ड क्लास बनाने की है। गौरतलब है कि सरकार ने प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के बाद आठ अक्तूबर को 18,000 करोड़ रुपये में एयर इंडिया को टैलेस प्राइवेट लिमिटेड को बेच दिया था। बता दें कि यह टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी की अनुषंगी इकाई है। टाइम मैनेजमेंट पर होगा विशेष ध्यान: इससे पहले गुरुवार को मुंबई से संचालित होने वाली चार उड़ानों में उन्नत भोजन सेवा शुरू करके एयर इंडिया में अपना पहला कदम उठाया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चार उड़ानों एआइ864 (मुंबई-दिल्ली), एआइ687 (मुंबई-दिल्ली), एआइ945 (मुंबई-अबू धाबी) और एआइ639 (मुंबई-बेंगलुरु) में उन्नत भोजन सेवा दी गई। नई सेवाओं के संबंध में टाटा समूह की ओर से केबिन क्रू के सदस्यों को एक मेल भी भेजा गया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कमान संभालने के बाद ही टाटा समूह सबसे पहले एयर इंडिया के लेट लतीफी वाले दाग को साफ करेगा। टाटा समूह की पहली कोशिश होगी कि एयर इंडिया की फ्लाइट का संचालन समय पर हो सके। आने वाले सात दिन बेहद महत्वपूर्ण : केबिन क्रू सदस्यों को भेजे गए मेल में कहा गया है कि अगले सात दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण होंगे क्योंकि हम अपनी छवि, दृष्टिकोण और धारणा को बदल देंगे। टाटा के संदीप वर्मा और मेघा सिंघानिया द्वारा कहा गया कि केबिन क्रू सदस्य ब्रांड/छवि निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले महत्वपूर्ण ब्रांड एंबेसडर हैं। वे यात्रियों का स्वागत करेंगे, मेहमानों को संबोधित करेंगे और उनकी सेवा करेंगे। उन्होंने कहा कि चालक दल नियमों का पालन करते हुए स्मार्ट ड्रेस पहने नजर आएंगे। इसके साथ ही ग्रूमिंग सहयोगी चालक दल का निरीक्षण करेंगे। 1932 में भरी थी एयर इंडिया ने पहली उड़ान : एयर इंडिया के इतिहास की बात करें तो इसकी शुरुआत अप्रैल 1932 में हुई थी। इसकी स्थापना उद्योगपति जेआरडी टाटा ने की थी। उस समय एयरलाइन का नाम टाटा एयरलाइंस था। इसके साथ ही आपको बता दें कि एयरलाइन की पहली कॉमर्शियल उड़ान 15 अक्तूबर 1932 को भरी गई थी। तब सिर्फ सिंगल इंजन वाला हैवीलैंड पस मोथ हवाई जहाज था, जो अहमदाबाद-कराची के रास्ते मुंबई गया था। प्लेन में उस वक्त एक भी यात्री नहीं था बल्कि 25 किलो चिट्ठियां रखी गई थीं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। मुंबई पुलिस ने जाली मुद्रा छापने और उसका वितरण करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करने के बाद सात लोगों को गिरफ्तार किया और उनके पास से सात करोड़ रुपए मूल्य के नकली भारतीय नोट बरामद किए। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गोपनीय सूचना के आधार पर, मुंबई अपराध शाखा की इकाई-11 ने मंगलवार शाम को दहिसर चेक पोस्ट पर एक कार को रोका। अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने कार में बैठे चार लोगों को पकड़कर उनसे पूछताछ की। कार की तलाशी में अपराध शाखा के अधिकारियों को एक बैग मिला जिसमें (दो हजार के) नकली नोटों के 250 बंडल थे जिनका मूल्य पांच करोड़ रुपये है। अधिकारी ने कहा कि कार में सवार चार लोगों से पूछताछ में पुलिस को उनके तीन और साथियों का पता चला। इसके बाद पुलिस ने अंधेरी (पश्चिम) में एक होटल में छापेमारी की और तीनों को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारी ने कहा कि उनके पास से (दो हजार के) नकली नोटों के सौ और बंडल मिले जिनका मूल्य दो करोड़ है। नकली नोटों के अतिरिक्त आरोपियों के पास से पुलिस ने एक लैपटॉप, सात मोबाइल फोन, 28,170 रुपए की असली मुद्रा और अन्य चीजें बरामद की। डीसीपी संग्राम सिंह निशानदार (डिटेक्शन-1) ने कहा कि जांच में पता चला कि नकली नोट छापने और उनके वितरण में एक अंतरराज्यीय गिरोह काम कर रहा था। पुलिस ने अब तक इस मामले में सात करोड़ रुपये मूल्य के नकली नोट बरामद किये और सात लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें 31 जनवरी तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार उताव-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। भारत में कल के मुकाबले मामूली वृद्धि हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पिछले 24 घंटे में देश में 2.86 लाख नए मामले सामने आए हैं। रोजाना संक्रमण दर भी 16.1 प्रतिशत से ऊपर 19.5 प्रतिशत हो गया है। देश में पिछले 24 घंटे में 573 मरीजों की मौत भी कोरोना से हुई है। इसके साथ ही कोरोना से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 4 लाख 91 हजार 700 हो गई है। राहत की बात ये है कि लगातार तीसरे दिन कोरोना के देश में तीन लाख से कम नए केस सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी अपडेट के अनुसार देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना से 306357 मरीज कोरोना से ठीक हुए हैं। ऐसे में कोरोना से ठीक होने वालों की कुल संख्या बढ़कर अब 3 करोड़ 76 लाख 77 हजार 328 हो गई है। वहीं, एक्टिव केस भी देश में पिछले 24 घंटे में कम हुए हैं। देश में अब कुल एक्टिव मरीज 2202472 हैं। इस बीच देश में कोरोना वैक्सीन की 163 करोड़ से ज्यादा डोज लगाई जा चुकी है। कल 22 लाख 35 हजार 267 डोज लगाए गए। साथ ही 14 लाख 62 हजार 261 कोरोना सैंपल के टेस्ट भी बुधवार को किए गए।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बृहस्पतिवार को वर्चुअल प्रारूप में प्रथम भारत-मध्य एशिया शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे। इस दौरान संबंधों को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने और उभरती क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर चर्चा किए जाने की उम्मीद है। वर्चुअल सम्मेलन में पांच देशों के राष्ट्रपतियों की भागीदारी देखने को मिलेगी, जिनमें कजाखस्तान के काजयम जोमार्त तोकायेव, उज्बेकिस्तान के शावकत मिजियोयेव, ताजिकिस्तान के इमोमाली रहमान, तुकमेनिस्तान के जी बर्डीमुहामेदोव और किर्गिज गणराज्य के सदयर जापारोव शामिल हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह भारत और मध्य एशियाई देशों के बीच नेताओं के स्तर पर अपनी तरह का पहला सम्मेलन होगा। यह सम्मेलन, भारत और मध्य एशियाई देशों के नेताओं द्वारा एक व्यापक और टिकाऊ भारत-मध्य एशिया साझेदारी को महत्व देने का प्रतीक है। यह सम्मेलन गणतंत्र दिवस समारोह के एक दिन बाद हो रहा है, जिसमें मुख्य अतिथि के तौर किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या शासन प्रमुख को शामिल नहीं किया गया। पांच मध्य एशियाई देशों के नेताओं के मुख्य अतिथि होने की संभावना थी, लेकिन देश में कोविड-19 के मामले बढ़ने के चलते गणतंत्र दिवस समारोहों को बगैर मुख्य अतिथि के मनाया गया। विदेश मंत्रालय ने हाल में एक बयान में कहा था कि प्रथम भारत-मध्य एशिया शिखर सम्मेलन मध्य एशियाई देशों के साथ भारत के बढ़ते जुड़ाव का प्रतिबिंब है, जो भारत के "विस्तारित पड़ोस" का हिस्सा हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने 2015 में इन सभी मध्य एशियाई देशों की ऐतिहासिक यात्रा की थी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रख्यात कथकली नृत्यांगना मिलेना सलविनी के निधन पर शोक जताया और कहा कि भारतीय संस्कृति के प्रति उनके जज्बे को हमेशा याद रखा जाएगा। मिलेना सलविनी को भारत सरकार ने कला के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए वर्ष 2019 में पद्मश्री से सम्मानित किया था। मोदी ने एक ट्वीट में कहा, मिलेना सलविनी को भारतीय संस्कृति के प्रति जज्बे के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने कथकली को और लोकप्रिय बनाने के लिए पूरे फ्रांस में कई प्रयास किए। उनके निधन से दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ है।
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