एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमृतसर में बार्डर सिक्योरिटी फोर्स के खासा हेडक्वार्टर में रविवार सुबह ड्यूटी से नाराज एक जवान ने अपने ही साथियों पर फायरिंग कर दी। अपने साथियों पर फायरिंग करने के बाद जवान ने खुद को भी गोली मार ली। गोलीबारी में आरोपी समेत पांच जवानों की मौत हो गई है। हालांकि इस संबंध में बल के अधिकारी किसी भी तरह की जानकारी नहीं दे रहे हैं। सीमा सुरक्षा बल ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक अमृतसर से करीब 13 किलोमीटर दूर स्थित बीएसएफ खासा हेडक्वार्टर में बीएसएफ की 144 बटालियन तैनात है। सीमा पर ड्यूटी को लेकर कांस्टेबल सत्तेप्पा अपने अधिकारियों के साथ नाराज चल रहा था। रविवार सुबह मेस में उसने अपनी सर्विस राइफल के साथ अंधाधुंध फायरिंग कर दी। अपने साथियों पर फायरिंग करने के बाद उसने खुद को भी गोली मार दी। गोलीबारी में सत्तेप्पा समेत पांच जवानों की मौत हो गई। वहीं बल के आधा दर्जन जवान घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल करवाया गया है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। राष्ट्रीय राजधानी की तिहाड़ जेल में बंद दो बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार अपने साथी कैदियों को कुश्ती और शारीरिक तंदरुस्ती के गुर सिखाएंगे। जेल अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी एवं जेल परिसर में कोविड-19 के मामलों में गिरावट के बाद यह कदम उठाया जा रहा है। तिहाड़ जेल प्रशासन का कहना है कि पहले उसने कुमार को खेलकूद गतिविधियों में शामिल करने की योजना बनायी थी, लेकिन दिल्ली में कोविड-19 की तीसरी लहर के मद्देजनर इसे स्थगित करनी पड़ी। महानिदेशक (दिल्ली जेल) संदीप गोयल ने कहा, हमने पहले ही इसकी अनुमति देने का फैसला किया था, लेकिन कोविड की तीसरी लहर के कारण हम ऐसा कर नहीं पाये। अब स्थिति सामान्य हो गयी है, ऐसे में जेलों में नियमित गतिविधियां बहाल की जा रही हैं। हम सुशील कुमार को इच्छुक कैदियों को कुश्ती एवं अन्य शारीरिक गतिविधियों पर प्रशिक्षण की अनुमित देंगे। जेल अधिकारियों का कहना है कि चूंकि कुमार प्रशिक्षित पेशेवर पहलवान हैं, ऐसे में फिटनेस एवं कुश्ती से संबंधित उनके कोचिंग क्लास से उन कैदियों को फायदा होगा जो कुछ नया खेल सीखना चाहते हैं, साथ ही वह (कुमार) उन्हें फिट एवं तंदरुस्त रखने में भी मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि इससे कैदी व्यस्त रहेंगे और उनके अंदर ऐसी सकारात्मक सोच आएगी कि उनकी ऊर्जा सही दिशा में इस्तेमाल हो रही है। उन्होंने कहा कि इससे कैदियों को अपने रोजमर्रा के कामकाज पर भी ध्यान देने में मदद मिलेगी। सितंबर, 2021 में कोविड-19 की तीसरी लहर से पहले दिल्ली जेल विभाग ने तिहाड़ के कैदियों को विभिन्न खेलों में पेशेवर प्रशिक्षण देने की पहल शुरू की थी। इसके तहत इंडियन आॅयल कॉरपोरेशन लिमिटेड की सीएसआर परियोजना के अंतर्गत कैदियों को छह खेलों- खो-खो, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, शतरंज और कैरम में प्रशिक्षण दिया जा रहा था। कुमार को छत्रसाल स्टेडियम कांड के सिलसिले में पिछले साल 23 मार्च को सह-आरोपी अजय कुमार के साथ गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वह जेल में ही हैं। कुमार एवं उनके साथियों ने पहलवान सागर धनखड़ एवं उनके दोस्तों के साथ चार-पांच मई की दरम्यानी रात को कथित तौर पर मारपीट की थी और धनखड़ ने बाद में दम तोड़ दिया था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर मोदी सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने शनिवार को कहा कि अभी जो राहत मिल रही है वह भाजपा सरकार का चुनावी आॅफर है और अब चुनाव खत्म हो रहे हैं इसलिए तेल की कीमतों मे कमी का यह आॅफर भी खत्म हो जाएगा। गांधी ने ट्वीट किया, फटाफट पेट्रोल टैंक फुल करवा लीजिए। मोदी सरकार का चुनावी आॅफर खत्म होने जा रहा है। कांग्रेस लगातार सरकार पर हमला कर रही है कि उसने चुनाव में लोगों को भ्रमित करने के लिए तेल की कीमत घटाई थी और अब चुनाव खत्म होे रहे हैं इसलिए पेट्रोल डीजल तथा रसोई के दाम बढ़ना शुरू हो गए हैं।
टीम एबीएन, मुंबई (सुनिल ज्ञानदेव भोसले)। उपनगर मलाड पश्चिम में गुजरे जमाने के अभिनेता स्व जवाहर कौल की स्मृति में महाविकास अघाड़ी सरकार के कैबिनेट मंत्री असलम शेख ने भाजपा अध्यक्ष मंगल प्रभात लोढ़ा, फिल्म अभिनेता सुनील शेट्टी और भाजपा सांसद गोपाल शेट्टी की उपस्थिति में अभिनेता जवाहर ताराचंद कौल चौक का उद्घाटन किया। विदित हो कि अभिनेता जवाहर ताराचंद कौल 1947 से 1989 तक फिल्मों में काफी एक्टिव रहे। रईस (1947), खिलाड़ी (1948), आजादी की राह पर (1948), खिड़की (1948), भिखारी (1949), गरीबी (1949), शीश महल (1950), अपनी छाया (1950), घायल (1951), दाग (1952), पहली झलक (1955), एक शोला (1956), लाल बत्ती(1957), कठपुतली (1957), देख कबीरा रोया (1957), भाभी (1957), एक झलक (1957), अदालत(1958), साहब बीबी गुलाम (1962), पापी (1977), मुक्ति (1977), द नक्सलाईट (1980), बंटवारा (1989), आखरी बदला (1989) और गीता गोविन्दम (2018) जैसी सुपर हिट फिल्मों में काम कर चुके अभिनेता जवाहर ताराचंद कौल का जन्म 27 सितंबर 1927 को काश्मीरी पंडित परिवार में हुआ था। भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के परिवार से जुड़े अभिनेता जवाहर ताराचंद कौल जवाहर कौल एक अच्छे अभिनेता ही नहीं समाज सेवक भी थे। उनका निधन 15 अप्रैल 2019 को 91 वर्ष की उम्र में हो गया था। स्व कौल ने अपने जीवनकाल में हमेशा समाज की चिंता की और शिक्षा को बढ़ावा दिया। आज उनके पुत्र प्राचार्य अजय कौल उसी मुहीम को आगे बढ़ाते हुए कार्य कर रहे है। अजय कौल अपने एन जी ओ एकता मंच व चिल्ड्रेन वेल्फेअर सेंटर व हाईस्कूल के माध्यम से समाज और देश हित में कार्य करते हुए शिक्षा को हर वर्ग तक पहुंचाने में लगे हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन से 67 प्रतिशत लड़कियां पढ़ाई से वंचित रहीं। 67 प्रतिशत को स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं नहीं मिल सकीं और 56 प्रतिशत घरों में बंद होकर रह गई। अध्ययन के अनुसार बदली हुई परिस्थितियों में ज्यादातर माताओं ने स्वीकार किया कि कोरोना के कारण लड़कों के मुकाबले लड़कियों की शादी जल्दी करने की संभावना अधिक हो गई है। शहरी झुग्गियों में रहने वाली लड़कियों पर कोरोना के प्रभाव पर एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि शहरी झुग्गियों में अधिकतर किशोरियां-लड़कियां महामारी के दौरान लड़कों की तुलना में मूलभूत स्वास्थ्य एवं शिक्षा सेवाओं से वंचित रहीं। 68 प्रतिशत किशोरियों-लड़कियों को स्वास्थ्य और पोषण की सेवाएं प्राप्त करने में चुनौतियां आईं। इसके अलावा आर्थिक तनाव और घरेलू परिस्थितियों के कारण 67 प्रतिशत लड़कियां लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन कक्षाओं में उपस्थित नहीं रहीं। अध्ययन के अनुसार 56 प्रतिशत लड़कियों को लॉकडाउन के दौरान आउटडोर खेल एवं रिक्रिएशन के लिए समय नहीं मिला। वे ज्यादातर समय घरों में बंद रहीं। अध्ययन में शामिल आधी से ज्यादा माताओं ने स्वीकार किया कि कोरोना के कारण आर्थिक दबाव बढ़ गया है। इससे लड़कों के मुकाबले लड़कियों की शादी जल्दी करने की संभावना ज्यादा है। रिपोर्ट में देश में महामारी के कारण लगे लॉकडाउन के दौरान और उसके बाद लड़कियों की स्थिति का विश्लेषण किया है। इसमें स्वास्थ्य और पोषण की बढ़ती असुरक्षाओं, पढ़ाई के अवसरों में आई अचानक गिरावट, जल्दी शादी करने का दबाव, खेल और मनोरंजन की सीमित सुविधाओं के साथ परिवारों के व्यवहारों को समझना शामिल है। प्रभावशाली और विस्तृत परिवर्तन लाने के उद्देश्य से यह अध्ययन चार राज्यों-दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार और तेलंगाना में किया गया। ये देश के चार भौगोलिक क्षेत्रों पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण का प्रतिनिधित्व करते हैं। अध्ययन में दिल्ली के बारे में कहा गया है कि सबसे बड़ा प्रभाव बालिकाओं के पोषण सूचकांक पर पड़ा। दिल्ली में पांच में से चार परिवार (79 प्रतिशत) भोजन की अपर्याप्तता से पीड़ित रहे। तीन में से दो माताओं (63 प्रतिशत) ने बताया कि उनकी किशोरियों-बच्चियों को इस अवधि में सैनिटरी नैपकिन मिलने में मुश्किलें आईं। दस में से नौ किशोरियों-लड़कियों (93 प्रतिशत) ने बताया कि उन्हें कोई स्वास्थ्य और पोषण सेवा नहीं मिल पाई। दो किशोरियों-लड़कियों में से एक (45 प्रतिशत) को लाकडाउन के दौरान यौन और प्रजनन स्वास्थ्य अधिकारों की जानकारी नहीं मिल सकी। स्कूलों के बंद होने से अध्ययन की निरंतरता में बड़ी बाधा आई। दस माताओं में से नौ (89 प्रतिशत) ने बताया कि महामारी ने उनकी बेटी की पढ़ाई पर बहुत बुरा असर डाला। माताओं के अनुसार महामारी के दौरान स्कूल बंद हो जाने के बाद पांच में से एक लड़की (20 प्रतिशत) को स्कूल ने संपर्क नहीं किया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूपी का चुनावी सफर अब अपने उत्तर काल में आ गया है। आज छठे चरण की वोटिंग है। आज की सियासी जंग में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू की किस्मत का फैसला भी होना है। मतदान शुरू हो गया है। हंडिया के एक बूथ पर दोबारा मतदान : प्रयागराज की हंडिया विधानसभा सीट के बूथ नंबर 311 मानिकपुर प्राथमिक विद्यालय पर आज दोबारा वोट डाले जाएंगे। यहां 27 फरवरी को मतदान हुआ था लेकिन मतदान संबंधी दस्तावेज गुम हो गए थे, जिसके चलते यहां दोबारा मतदान हो रहा है। बलिया में शुरू हुई वोटिंग बलिया में आज सात विधानसभा सीटों के लिए वोट डाले जा रहे हैं। इन सीटों पर कुल 82 प्रत्याशियों की किस्मत दांव पर लगी है। इनमें मंत्री उपेंद्र तिवारी, आनंद स्वरूप शुक्ला के अलावा सपा से नारद राय, राम गोविंद चौधरी, जियाउद्दीन रिजवी, उमाशंकर सिंह, सुरेंद्र सिंह जैसे नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार और राज्य सरकार के प्रयास से यूक्रेन में फंसे 17 लोग आज देर शाम झारखंड पहुंच गए। राज्य सरकार अंतर्गत संचालित कंट्रोल रूम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यूक्रेन में फंसे झारखण्ड के लोगों से लगातार सम्पर्क स्थापित कर उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा रही है तथा केंद्र सरकार से लोगों को वापस लाने के लिए भी जानकारी साझा की जा रही है। कंट्रोल रूम में अब तक आये 134 फ़ोन कॉल्स के माध्यम से तकरीबन 181 लोगों की जानकारी मिली है, इनमें 67 महिला और 114 पुरुष हैं। यूक्रेन और रूस के युद्ध कारण बिगड़े हालात का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। दिन-ब-दिन बिगड़ते कारण जंग की शुरुआत से अब तक भारी जान-माल का नुकसान हो चुका है। रूसी सेना के यूक्रेन पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं। इन सबके बीच हजारों भारतीय नागरिक व छात्र यूक्रेन में फंसे हुए थे, जिन्हें वापस देश लाने के लिए भारत सरकार ने ऑपरेशन गंगा चलाया, जिसके तहत हजारों छात्र और नागरिक अपने वतन और अपने परिवारजनों के पास वापिस पहुंचाए जा चुके हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में अमीरों की संख्या में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में अल्ट्रा एचएनआई (3 करोड़ डॉलर या करीब 226 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति) वाले लोगों की संख्या में 2021 में 11 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया है। इस बढ़ोतरी के साथ ही विश्व स्तर पर भारत अरबपतियों की संख्या के मामले में दूसरे देशों से कहीं आगे निकल चुका है। अमेरिका-चीन के बाद भारत : संपत्ति सलाहकार फर्म नाइट फ्रैंक के अनुसार, भारत 2021 में विश्व स्तर पर अरबपतियों की आबादी में तीसरे स्थान पर है। रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों पर नजर डालें तो अमेरिका 748 अरबपतियों के साथ नंबर एक मौजूद है। इसके बाद 554 अरबपतियों के साथ चीन दूसरे स्थान पर काबिज है। वहीं इस मामले में लंबी छलांग लगाते हुए अमेरिका और चीन के बाद अब 145 अरबपतियों के साथ भारत तीसरे पायदान पर काबिज हो गया है। वैश्विक स्तर पर भी बढ़ोतरी : द वेल्थ रिपोर्ट 2022 में कहा गया कि वैश्विक स्तर पर अल्ट्राएचएनआई की संख्या 2021 में 9.3 प्रतिशत बढ़कर 6,10,569 हो गई, जो पिछले साल समान अवधि में 5,58,828 से थी। नाइट फ्रैंक के मुताबिक, भारत में अरबपतियों की संख्या में लगातार तेजी आ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में इनकी संख्या 2021 में बढ़कर 13,637 हो गई, जो कि इससे पिछले वर्ष 2020 में 12,287 थी। बेंगलुरु में सबसे ज्यादा अमीर : रिपोर्ट के मुताबिक, अमीरों के मामले में प्रमुख भारतीय शहरों की बात करें तो इस पायदान में बेंगलुरु अव्वल है। 226 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति वाले अमीरों की संख्या वाले शहरों में सबसे अधिक 17.1 प्रतिशत के साथ बेंगलुरु, दूसरे नंबर पर दिल्ली 12.4 प्रतिशत और मुंबई 9 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहा। नाइट फ्रैंक ने ऐसे अमीरों की संख्या 2026 तक 39 प्रतिशत बढ़कर 19,006 होने का अनुमान लगाया है। 2016 में इनकी संख्या 7,401 थी। अमीरों की संपत्ति में आएगा उछाल : नाइट फ्रैंक इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा कि इक्विटी बाजार और डिजिटलीकरण को बढ़ावा मिलना भारत में यूएचएनडब्ल्यूआई की वृद्धि में प्रमुख कारक रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 69 प्रतिशत अति धनी व्यक्तियों की संपत्ति में इस साल 10 प्रतिशत से अधिक के उछाल की संभावना है।
एबीएन डेस्क। बॉलीवुड सितारों ने अपने प्रशंसकों को महाशिवरात्रि की शुभकामनायें दी है। देशभर में आज महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। बॉलीवुड सितारों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर फैंस को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दी हैं। बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी ने पोस्ट शेयर कर लिखा, आप सभी को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं। यह वार्षिक उत्सव भगवान शिव का आशीर्वाद पाने वाले सभी भक्तों द्वारा बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है, जिनमें से कुछ तो कुल निर्जल उपवास भी रखते हैं, जो अगले दिन शुभ घड़ी में ही टूटता है। प्रियंका चोपड़ा और उनके पति निक जोनस ने फैमिली मेंबर्स के साथ लॉस एंजेलिस स्थित अपने घर में महाशिवरात्रि पर पूजा की है। जिसकी फोटो प्रियंका ने सोशल मीडिया स्टोरी पर शेयर कर लिखा, महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं। हर हर महादेव। उन सभी लोगों को हैप्पी महाशिवरात्रि, जो सेलिब्रेट कर रहे हैं। ओम नम: शिवाय। अजय देवगन ने भगवान शिव का एक मोशन फोटो शेयर कर लिखा, ओम नम: शिवाय। अभिषेक बच्चन ने लिखा, हर हर महादेव। महाशिवरात्रि। मौनी रॉय ने अपनी फोटोज शेयर कर लिखा, करपूर गौरम करूणावतारम। संसार सारम भुजगेन्द्र हारम। सदा वसंतम हृदयारविंदे। भवम भवानी सहितं नमामि। आप सभी को महाशिवरात्री की हार्दिक शुभकामनाएं। कंगना रणौत भगवान शिव की बहुत बड़ी भक्त हैं। वह अक्सर शिव की पूजा-अर्चना करती हुई नजर आती हैं।कंगना ने अपनी इंस्टा स्टोरी पर एक वीडियो शेयर किया है, जिस पर शिवरात्रि की शुभकामनाएं लिखा हुआ है। आशुतोष राणा ने शिव तांडव स्रोत गाते हुए अपना एक वीडियो शेयर कर लिखा, शिव तांडव स्तोत्र का उसी लय और ताल में प्रिय आलोक के द्वारा हिन्दी में किया गया सरल भावानुवाद निश्चित ही करोड़ों-करोड़ शिवानुरागियों के आनंद का कारण बनेगा। महादेव से प्रार्थना है की वे संसार में व्याप्त विकृति का संहार कर प्रकृति का रक्षण एवं संवर्धन करें, हर हर महादेव।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.